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मंत्री भूरिया ने किया राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ

भोपाल  देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के राष्ट्रीय संकल्प के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने रविवार को झाबुआ जिले में तीन दिवसीय 'राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान' का शुभारंभ किया। जिला चिकित्सालय झाबुआ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मंत्री  भूरिया ने फीता काटकर इस राष्ट्रव्यापी अभियान के जिला स्तरीय चरण की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं बच्चों को पोलियो रोधक दवा की दो बूंद पिलाकर आम जनता को जागरूकता का संदेश दिया। महिला एवं बाल विकास मंत्री  भूरिया ने पोलियो उन्मूलन की दिशा में भारत की ऐतिहासिक सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पोलियो उन्मूलन की दिशा में हमारे देश ने दुनिया के सामने एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम की है, लेकिन इस बड़ी सफलता और सुरक्षा चक्र को बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि हर पीढ़ी के प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो रोधक दवा की खुराक मिले। मंत्री  भूरिया ने बल देकर कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और उनका सुरक्षित भविष्य हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी नागरिकों और अभिभावकों से भावुक अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा अवश्य पिलवाएं और इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं। मंत्री  भूरिया द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के तहत झाबुआ जिले में 0 से 5 वर्ष तक के कुल 2,13,504 बच्चों को दवा पिलाने का शत-प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) श्री एम.एल. चोपड़ा ने बताया कि जमीनी स्तर पर एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है, जिसके तहत जिले में कुल 1,185 टीमें मुस्तैद की गई हैं। इन टीमों में निर्धारित केंद्रों पर दवा पिलाने के लिए 424 बूथ टीमें, छूटे हुए बच्चों को कवर करने के लिए 610 घर-घर भ्रमण करने वाली टीमें, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं मुख्य चौराहों पर सक्रिय रहने वाली 44 ट्रांजिट टीमें तथा सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों के लिए 07 मोबाइल टीमें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पूरे अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए विशेष सुपरवाइजरी टीमों का भी गठन किया गया है।  

सावित्रीबाई फुले का सपना नारी बने शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर: मंत्री भूरिया

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार महान समाजसेविका और देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के सपने को पूरा करने का कार्य कर रही है। नारी सशक्तिकरण के लिये प्रदेश में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। भारत के सामाजिक इतिहास में सावित्रीबाई फुले नाम महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की पहली अग्रदूत के रूप में आदर के साथ लिया जाता है। वे देश की पहली महिला शिक्षिका थीं, जिन्होंने ऐसे समय में बालिकाओं की शिक्षा के लिए अलख जगाई, जब समाज में महिलाओं को पढ़ाने की कल्पना भी नहीं की जाती थी। सावित्रीबाई फुले ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए बेटियों को शिक्षा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया और महिलाओं के सम्मान, अधिकार और समानता की नींव रखी। भारत के सामाजिक इतिहास में चुनिंदा ऐसे महान व्यक्तित्व हुए हैं जिन्होंने अपने साहस, दूरदर्शिता और समाज के प्रति समर्पण से देश को नई दिशा दी। ऐसी ही महिला सशक्तिकरण की अग्रदूत थीं सावित्री बाई फुले। उनकी पुण्यतिथि हमें पुण्य स्मरण कराती है कि महिलाओं को शिक्षा के साथ समानता के अधिकार और सम्मान के बिना समाज की वास्तविक प्रगति संभव नहीं है। सावित्रीबाई फुले ने ऐसे समय में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा के लिए संघर्ष किया, जब समाज में महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता था। उन्होंने न केवल देश का पहला बालिका विद्यालय शुरू किया, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ भी आवाज़ बुलंद की। उनके प्रयासों ने महिलाओं को आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की राह दिखाई। आज उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मध्यप्रदेश सरकार भी सावित्रीबाई फुले के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए महिलाओं और बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना के माध्यम से बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह योजना बेटियों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। इसी प्रकार लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत आधार दे रही है, जिससे वे परिवार और समाज में अधिक आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाओं और बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए पोषण अभियान तथा आंगनवाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के समुचित पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और गर्भवती और धात्री माताओं के स्वास्थ्य तथा बालिकाओं के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं, जागरूकता अभियानों और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ कर रही है। स्व-सहायता समूहों और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार और स्व-रोजगार तथा उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सके। महान शिक्षाविद सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर हम उन्हें केवल स्मरण ही न करें, बल्कि उनके स्थापित आदर्शों को अपनाकर अन्य लोगों को भी प्रेरित करें। प्रत्येक बेटी को जब शिक्षा, सम्मान और अवसर मिलेगा, तभी एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव होगा। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना भी है, जहां महिलाएँ आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सकें। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक अवसरों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री सुश्री भूरिया ने सभी से अपील की है कि सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर हम सभी यह संकल्प लें कि महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा और सम्मान के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी और यही एक विकसित और सशक्त भारत की दिशा में हमारा महत्वपूर्ण कदम होगा।