samacharsecretary.com

45 लाख रूपये की लागत के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने मंगलवार को 45 लाख रुपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि जनता की सेवा और क्षेत्र का समग्र विकास ही हमारा मूल मंत्र है। यही कारण है कि क्षेत्र में विकास के कार्य अनवरत जारी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास कार्यों और जन-कल्याण के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। राज्यमंत्री गौर ने 23 लाख रुपये की लागत से विवेकानंद कॉलोनी के पार्क में बाउंड्री वॉल एवं पाथवे का निर्माण और रजत नगर में सड़क के डामरीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया। वहीं राजीव नगर 'ए' सेक्टर में 22 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क निर्माण, शेड निर्माण और पेवर ब्लॉक लगाने के कार्यों का भी भूमि-पूजन किया गया। भूमि-पूजन के इस भव्य कार्यक्रम में पार्षद ममता विश्वकर्मा, छाया ठाकुर, श्री संतोष ग्वाला, श्री मनोज विश्वकर्मा, श्री बृजेश व्यास, श्री प्रदीप लोधी, श्री दलजीत सिंह, श्री संजय जी, श्री प्रतीक पाराशर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

विधानसभा में विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न; नवाचारों और योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमन्तु समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इन वर्गों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने, शिक्षा एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति के साथ कार्य किया जा रहा है। राज्यमंत्री  गौर ने विधानसभा के समिति कक्ष क्रमांक-6 में विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, नवाचारों और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर सागर (बण्डा) विधायक  वीरेंद्र सिंह लोधी, सेंधवा विधायक  मोंटी सोलंकी और विभाग के संचालक  बुद्धेश वैद्य उपस्थित रहे। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि विभाग द्वारा इन समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। शासन की कल्याणकारी योजनाओं के समेकित विकास के लिये प्रथम चरण में प्रदेश के 12 जिलों में 'जन अभियान परिषद' के माध्यम से सर्वेक्षण का कार्य करवाया जा रहा है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, कटनी, धार, सीहोर, विदिशा, मंदसौर, रायसेन, शाजापुर एवं राजगढ़ जिले शामिल हैं। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि राष्ट्रीय विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय कल्याण एवं विकास बोर्ड द्वारा संचालित 'सीड' परियोजना के आवास घटक के तहत प्रदेश में 3047 पात्र हितग्राहियों की सूची स्वीकृति हेतु भेजी गई है। इसके अंतर्गत 7 जिलों के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 100 प्रतिशत अनुदान (केंद्र सरकार) दिलाने के लिए एम.ओ.यू. पर सहमति बन चुकी है। केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा गठित राष्ट्रीय बोर्ड के माध्यम से 'सीड परियोजना' में समुदाय के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जा रही है। 'बडी फॉर स्टडी' संस्था के माध्यम से विद्यार्थी संघ लोक सेवा आयोग, म.प्र. लोक सेवा आयोग, एसएससी, ग्रामीण बैंक, क्लेट, जेईई, नीट और एनडीए जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वर्ष 2024-25 में इस योजना से 94 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कार्यवाही प्रचलन में है। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में निवासरत विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदायों के परिवारों के लिए जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को अत्यधिक सरल कर दिया गया है। अब अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से सुगमता से जाति प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। राज्यमंत्री  गौर ने शासन की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे। बैठक में उपस्थित समिति सदस्यों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए, जिन पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।  

राज्यमंत्री गौर का भरोसा—भारत की प्रगति अजेय, विकास की रफ्तार और तेज़ होगी

भोपाल. भारत सरकार द्वारा 1 फरवरी को संसद में प्रस्तुत बजट 2026-27 को लेकर भोपाल की एल.एन. सिटी यूनिवर्सिटी के आर्यभट्ट ऑडिटोरियम में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजिन किया गया। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा कि यह बजट देश की दिशा और तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि बजट के प्रभाव को समझना आवश्यक है, क्योंकि इससे आने वाले समय में देश की आर्थिक और सामाजिक संरचना पर व्यापक असर पड़ेगा। कार्यक्रम की शुरुआत में सभी ने मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री को बजट प्रस्तुत करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व मंच पर यह साबित कर दिया है कि वह तेज गति से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि अब भारत की विकास यात्रा को कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति को रेखांकित करते हुए कहा गया कि मातृशक्ति की भागीदारी देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उपस्थित महिलाओं ने भी बजट को लेकर सकारात्मक उम्मीदें जताईं और इसे समाज के हर वर्ग के लिए लाभकारी बताया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज नारी शक्ति को केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण से लेकर नेतृत्व तक भागीदार बनाया गया है। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार है जब लगातार 9वीं बार किसी महिला वित्त मंत्री द्वारा देश का बजट प्रस्तुत किया गया है। विकसित भारत बजट 2026–27 को लेकर भोपाल स्थित LNCT कॉलेज के आर्यभट्ट ऑडिटोरियम में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने भी  नारी सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका पर अपने विचार साझा किया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार में भोपाल महापौर  मालती राय, भाजपा मध्य प्रदेश महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष  अश्विनी परांजपे एवं भाजपा भोपाल जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति जी उपस्थित रहे।

राज्य मंत्री गौर के करकमलों से ‘सक्षम’ महोत्सव का शुभारंभ

भोपाल.  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)कृष्णा गौर ने सोमवार को ऑयल इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित संरक्षण क्षमता महोत्सव (सक्षम 2026) का शुभारंभ किया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ईंधन संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तेल कंपनियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा सक्षम पखवाड़ा एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि ईंधन का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि तेल कंपनियों का यह सामूहिक प्रयास न केवल अपने निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचेगा, बल्कि इसके सकारात्मक परिणाम भी समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर बच्चे भी सहभागिता कर रहे हैं, इसका उल्लेख करते हुए उन्होंने खुशी जताई और कहा कि नई पीढ़ी में जागरूकता ही वास्तविक बदलाव की नींव है। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ईंधन की बचत को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम में ऊर्जा संरक्षण से जुड़े विभिन्न उपायों और जागरूकता गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियान लोगों को जिम्मेदार उपभोक्ता बनने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक एवं राज्य प्रमुख श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड सेंट्रल जोन के जोनल हेड श्री अश्विन योगेश सिन्हा, गेल इंडिया लिमिटेड से श्री रंजन कुमार, भारत पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के राज्य प्रमुख श्री नीरज उपस्थित रहे।

राज्य मंत्री गौर बोली पिछड़ा वर्ग की कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

भोपाल. आज हम सब यहां एक अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण अवसर पर एकत्रित हुए हैं। आज पिछड़ा वर्ग महापंचायत का स्थापना दिवस है। यह न केवल एक संगठन की स्थापना का दिन है, बल्कि हमारे सामूहिक संकल्प एकता और संघर्ष की विजय का भी प्रतीक है। यह बात पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री ( स्वतंत्र प्रभार ) कृष्णा गौर ने हिंदी भवन भोपाल में आयोजित पिछड़ा वर्ग महापंचायत के स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में कहीं।  राज्यमंत्री गौर ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए उसका संगठित होना अनिवार्य है। महापंचायत ने पिछले वर्षों में पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा और उनकी आवाज को सरकार तक पहुंचने में सेतु का कार्य किया है। हाल ही में कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए 'विदेश रोजगार योजना 2025' को मंजूरी दी है, जिसके तहत हर साल 600 युवाओं को विदेशी बाजारों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।  उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है । इस डेढ़ वर्ष में ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के पिछड़े वर्गों के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी ने लिए हैं। मुख्यमंत्री जी का सबसे बड़ा फोकस पिछड़ा वर्ग के बच्चों को शिक्षित करना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और आर्थिक मदद करना है और इस दृष्टि से लगातार ओबीसी के बच्चों को छात्रवृत्ति देने का  काम सरकार कर रही है। इस कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष राजेश विश्वकर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री चिंतामणि राठौर, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष श्याम ट्रेलर, पवन पाटीदार सहित सभी जिलों के पदाधिकारीगण मौजूद रहे।

141 किमी सीवेज नेटवर्क का होगा विस्तार: राज्यमंत्री गौर

अमृत 2.0 के तहत पेयजल और सीवरेज योजनाओं की समीक्षा समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ योजनाओं का करें क्रियान्वयन भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को इनका शीघ्र और प्रभावी लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ पेयजल और बेहतर सीवरेज सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर मंत्रालय में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत सीवरेज एवं पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान यह बात कही। बैठक में क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। अमृत फेज 2.0 के अंतर्गत जोन क्रमांक 13, 14, 15 और 16 की लगभग 5 लाख की आबादी को 44 टंकियों के माध्यम से प्रतिदिन 60 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए 9 अतिरिक्त टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे कुल टंकियों की संख्या 53 हो जाएगी। लहारपुर, अमराई, मिसरोद, पंचवटी, बरखेड़ा पठानी में 20-20 लाख लीटर क्षमता की टंकियां, कैलाश नगर में 15 लाख लीटर तथा अवधपुरी, सोनागिरी और अयोध्या नगर एफ सेक्टर में 25-25 लाख लीटर क्षमता की टंकियों से जलापूर्ति सुनिश्चित की होगी। अमृत 2.0 के तहत प्रस्तावित कार्यों में नए पाइपलाइन नेटवर्क और घरेलू नल कनेक्शनों का विस्तार, मौजूदा जल वितरण प्रणाली का सुदृढ़ीकरण, प्रस्तावित ओवरहेड टैंकों (OHTs) के लिए फीडर पाइपलाइन का निर्माण तथा शेष घरेलू और बल्क कनेक्शनों को योजना के अंतर्गत कवर करना शामिल है। सीवरेज प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि अमृत 2.0 सीवरेज परियोजना के अंतर्गत गोविंदपुरा क्षेत्र में 141 किलोमीटर लंबा सीवेज पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जा रहा है। यह कार्य भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों की स्थिति को देखते हुए ही खुदाई कार्य किया जाए, ताकि आम नागरिकों को असुविधा ना हो। जिन कॉलोनियों का अभी नेटवर्क से जुड़ाव नहीं है, उन्हें भविष्य में जोड़ने की ठोस कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। यह सीवेज नेटवर्क बरखेड़ा पठानी, खजूरी कलां, रीगल पैराडाइज, गोपाल नगर, बाग मुगालिया, अमरावती खुर्द, राजीव गांधी नगर, मोहन नगर, क्रिस्टल आइडियल, रीगल सिविक सेंटर, बाग सेवनिया, 80 फीट रोड, अवधपुरी, लहारपुर, अरविंद विहार, साकेत नगर, एम्स सहित सैकड़ों कॉलोनियों में बिछाया जाएगा। बैठक में स्थानीय पार्षदों सहित जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।  

राज्यमंत्री गौर ने कहा- स्वदेशी ही समृद्धि का आधार है

स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान के समापन कार्यक्रम में शामिल हुई भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि स्वदेशी से स्वावलंबन और स्वावलंबन से सशक्त भारत बनता है। यह बात रविवार को भोपाल स्थित राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षण प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान में आयोजित दो दिवसीय स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान के अखिल भारतीय महिला प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम में कहीं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत को गढ़ने में महिलाओं की सहभागिता देश के उज्जवल भविष्य का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक महिलाओं ने हमेशा निर्णायक भूमिका निभाई है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने देश के विभिन्न राज्यों से आयी 124 प्रतिभागी महिलाओं को संबोधित करते हुए स्वदेशी विचारधारा, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि स्वदेशी मूल्यों पर आधारित यह अभियान न केवल महिला शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में हमारी सक्रिय भूमिका को भी सुदृढ़ करता है। हर घर में स्वदेशी का आहवान आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठक स्वदेशी जागरण मंच श्री कश्मीरी लाल जी, अखिल भारतीय महिला प्रमुख स्वदेशी जागरण मंच श्रीमती अर्चना मीना, निदेशक एन. आई. टी. टी. आर, भोपाल प्रो. चंद्र चारु त्रिपाठी, डॉ. प्रतिभा चतुर्वेदी, डॉ. रश्मि विजय सहित कई पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।