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युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के ध्वजवाहक : मंत्री सारंग

विकसित भारत युवा संसद 2026: समापन कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग शुक्रवार को मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर भवन में आयोजित विकसित भारत युवा संसद-2026 प्रतियोगिता के राज्य स्तरीय समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवा प्रतिभागियों से संवाद किया एवं उनके विचारों की सराहना कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रदेश के 54 जिलों से चयनित 270 युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से शीर्ष 3 प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह मंच केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए विचारों की ऊर्जा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रमुख ध्वजवाहक हैं। विकसित भारत-2047 का संकल्प तभी साकार होगा, जब युवा संस्कारित, अनुशासित और जिम्मेदार होंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को नवाचार, स्टार्टअप, तकनीक, शोध एवं नेतृत्व के क्षेत्र में व्यापक अवसर प्रदान कर रही है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही प्रदेश एवं देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने के लिये विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें खेलो एमपी यूथ गेम्स, प्रत्येक विधानसभा में खेल परिसर की स्थापना, पार्थ योजना, फिट इंडिया क्लब, मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान, युवा उत्सव, खेलो बढ़ो अभियान तथा सहकारिता के माध्यम से खेल एवं युवा गतिविधियों को प्रोत्साहन शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक युवा को चेंजमेकर के रूप में विकसित करना है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत युवा संसद का मुख्य उद्देश्य युवाओं को संसदीय प्रक्रिया एवं लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराना, उनके नेतृत्व, संवाद एवं निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना तथा समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर उनके विचारों को मंच प्रदान करना है। इससे विकसित भारत 2047 के विज़न में युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित होगी।  

यम द्वितीया के अवसर पर चित्रगुप्त मंदिर में विशेष पूजा, मंत्री सारंग हुए शामिल

भोपाल भाईदूज/यम द्वितीया के अवसर पर गुरुवार को कोटरा स्थित  राम जानकी चित्रगुप्त मंदिर में मां ईरावती चित्रगुप्त संस्कृति एवं सामाजिक न्यास के तत्वाधान में भगवान  चित्रगुप्त जी का विशेष पूजन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग सम्मिलित होकर भगवान  चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। मंत्री  सारंग ने कहा कि भगवान  चित्रगुप्त न्याय, सत्य और कर्म के प्रतीक हैं। उनकी कृपा से समाज में सदाचार, ज्ञान और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। भगवान चित्रगुप्त की आराधना हमें अपने कर्मों के प्रति सजग रहने और समाज के कल्याण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को भाईदूज/यम द्वितीया की शुभकामनाएं देते हुए समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में समाज के 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान कर उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। साथ ही श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया तथा भगवान चित्रगुप्त के प्रतीक स्वरूप कलम भी वितरित की गई जिससे ज्ञान और विद्या के महत्व का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में  अजय वास्तव नीलू, प्रबंध न्यासी  ओ.पी. वास्तव, अध्यक्ष  राजेश वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।  

सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता : मंत्री सारंग

कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा देगा स्टेट फोकस पेपर : मंत्री कंषाना राज्य ऋण संगोष्ठी : नाबार्ड के स्टेट फोकस पेपर 2026–27 का हुआ विमोचन भोपाल राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), मध्यप्रदेश द्वारा शुक्रवार को राज्य ऋण संगोष्ठी का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार, भोपाल में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्टेट फोकस पेपर 2026–27 (मध्यप्रदेश) का विधिवत विमोचन किया गया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता मंत्री सारंग ने स्टेट फोकस पेपर 2026–27 के विमोचन अवसर पर कहा कि यह दस्तावेज ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए आगामी वर्षों का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि एवं सहकारिता है और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि इन दोनों क्षेत्रों को सशक्त बनाया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था वैश्विक मंच पर तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। जनधन योजना के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे न केवल योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचा है, बल्कि बैंकिंग प्रणाली भी मजबूत हुई है। कमजोर सहकारी बैंकों को सहायता से मिले सकारात्मक परिणाम मंत्री श्री सारंग ने बताया कि कुछ कमजोर जिला सहकारी बैंकों के कारण कृषकों को पूर्ण वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में कठिनाइयाँ आ रही थीं। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2024–25 में 6 कमजोर जिला सहकारी बैंकों – रीवा, सतना, जबलपुर, ग्वालियर, शिवपुरी एवं दतिया को ₹50-50 करोड़, कुल ₹300 करोड़ की अंशपूंजी सहायता प्रदान की गई। इस सहायता के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इन बैंकों द्वारा गत वर्ष की तुलना में लगभग ₹675 करोड़ का अल्पकालीन कृषि ऋण 75,000 कृषकों को वितरित किया गया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके लिए 16 विभागों को मिलाकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष भी कृषि क्षेत्र में निवेश धरातल पर उतरेंगे। ग्रामीण उद्यमियों तक ऋण पहुँचना आवश्यक-मंत्री श्री कंषाना मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि नाबार्ड का स्टेट फोकस पेपर 2026–27 आगामी वित्तीय वर्ष के लिए एक ठोस ब्लूप्रिंट है, जो प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दिशा प्रदान करेगा। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाना आवश्यक है। इसके लिए ग्रामीण उद्यमियों तक समय पर एवं पर्याप्त ऋण पहुँचना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वर्ष 2026–27 मध्यप्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। स्टेट फोकस पेपर 2026–27 की प्रमुख विशेषताएँ स्टेट फोकस पेपर के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026–27 में मध्यप्रदेश के लिए कुल प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता ₹3,75,384.29 करोड़ आंकी गई है। यह राज्य की कृषि, MSME एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी आवश्यकताओं का व्यापक आकलन प्रस्तुत करता है। इसमें से ₹2,08,743.78 करोड़ कृषि क्षेत्र के लिए प्रस्तावित हैं, जिनमें फसल ऋण, कृषि अवसंरचना एवं सहायक गतिविधियाँ शामिल हैं। ₹1,46,269.36 करोड़ MSME क्षेत्र के लिए संभावित ऋण क्षमता के रूप में आंके गए हैं। शेष ₹20,371.15 करोड़ निर्यात ऋण, शिक्षा, आवास, सामाजिक अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा एवं अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए अनुमानित हैं। स्टेट फोकस पेपर में उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान बना हुआ है, जो राज्य के सकल घरेलू राज्य उत्पाद (GSDP) में 44.36% का योगदान देती है। विशाल कृषि योग्य भूमि एवं अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियाँ इसे सुदृढ़ आधार प्रदान करती हैं। इसके अनुरूप SFP में कृषि ऋण क्षमता ₹1,79,589.97 करोड़, कृषि अवसंरचना के लिए ₹6,461.67 करोड़ तथा सहायक गतिविधियों के लिए ₹22,692.14 करोड़ का अनुमान लगाया गया है। मध्यप्रदेश गेहूं, चावल, सोयाबीन, चना, दालों एवं तिलहनों के उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, जिससे फसल उत्पादन, कृषि मशीनीकरण, सिंचाई एवं वैल्यू चेन विकास के लिए संस्थागत ऋण की निरंतर आवश्यकता स्पष्ट होती है। राज्य की अर्थव्यवस्था एवं बैंकिंग परिदृश्य वित्तीय वर्ष 2024–25 में राज्य का GSDP ₹15.03 लाख करोड़ रहा, जिसमें 6.05% की विकास दर दर्ज की गई। इस अवधि में प्रति व्यक्ति आय ₹1,52,615 रही। प्रदेश के बैंकिंग नेटवर्क में ग्रामीण, अर्ध-शहरी एवं शहरी क्षेत्रों में कुल 8,779 बैंक शाखाएँ तथा 8,882 एटीएम कार्यरत हैं। मार्च 2025 तक राज्य का कुल क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात 83.51% तक पहुँच गया है। ये सभी संकेतक एक मजबूत एवं सक्षम वित्तीय इकोसिस्टम को दर्शाते हैं, जो वित्तीय वर्ष 2026–27 में अनुमानित बढ़ी हुई ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने में समर्थ है। संगोष्ठी के दौरान कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों, सहकारी बैंकों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं लघु उद्यमियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती, भारतीय रिजर्व बैंक की क्षेत्रीय निदेशक सुश्री रेखा चंदनवेली, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के संयोजक श्री धीरज गोयल सहित वरिष्ठ बैंकर, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि एवं विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री सारंग ने नरेला विधानसभा में विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को नरेला विधानसभा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के विस्तार करते हुए विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। मंत्री श्री सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत 80 फीट रोड, अशोका गार्डन से भोपाल रेलवे स्टेशन तक, विवेकानंद चौराहे से ऐशबाग रेलवे क्रॉसिंग तक, तथा सुभाष नगर से रायसेन रोड तक डामरीकरण एवं नवीनीकरण कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही वार्ड क्रमांक 71 में नेहरू स्कूल से सेठी नगर पुलिया तक सीसी रोड निर्माण तथा गुप्ता कॉलोनी की आंतरिक सड़कों में सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्त निर्देश मंत्री श्री सारंग ने मंच से ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि नरेला विधानसभा क्षेत्र में सभी विकास कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तथा कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। खेल सुविधाओं को मिलेगा विस्तार मंत्री श्री सारंग ने बताया कि राजेंद्र नगर में इंडोर एवं आउटडोर सुविधाओं से युक्त आधुनिक स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि अशोका गार्डन क्षेत्र में शीघ्र ही स्वीमिंग पूल का निर्माण किया जाएगा, जिससे युवाओं और आम नागरिकों को खेल एवं स्वास्थ्य संबंधी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। नरेला विधानसभा के निरंतर विकास के लिये प्रतिबद्ध मंत्री श्री सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि नरेला विधानसभा का सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 के बाद नरेला विधानसभा में योजनाबद्ध, सतत और परिणामोन्मुखी विकास की नई दिशा तय की गई है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आज नरेला विधानसभा में बेहतर और सुरक्षित सड़कें, सुदृढ़ विद्युत व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, नाली एवं ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं सुलभ कराई गई हैं। इसके साथ ही सांदीपनी विद्यालय, अस्पताल, महाविद्यालय सहित शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना एवं विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर जीवन गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है। इसी दृष्टिकोण के साथ नरेला विधानसभा के प्रत्येक वार्ड और कॉलोनी में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे। क्षेत्रवासियों ने इन विकास कार्यों के लिये मंत्री श्री सारंग का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर निगम के अधिकारी, गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासियों की उपस्थिति रही।  

मंत्री सारंग ने की अपने जन्म दिन पर पौध-रोपण की अपील

पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को करों सशक्त भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने अपने जन्मदिन के अवसर पर सभी शुभचिंतकों एवं कार्यकर्ताओं से अपना जन्मदिन वर्चुअल और सादगीपूर्ण मनाने की अपील की है। मंत्री श्री सारंग ने सभी से आग्रह किया कि जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए पेड़ लगाएं और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को सशक्त करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी का सामूहिक दायित्व है और आज के समय में हर नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इस वर्ष भी वे अपना जन्मदिन वर्चुअल तरीके से मनाएंगे। सभी शुभचिंतकों से उन्होंने अनुरोध किया कि वे अपनी शुभकामनाएं सोशल मीडिया प्लेटफार्म- फेसबुक व ट्विटर पर हैशटैग #HBDVishvasSarang के साथ, वाट्सएप्प नंबर- 9981222321 पर तथा वर्चुअल माध्यम से ही भेजें। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि वे यथासंभव सभी संदेशों और शुभकामनाओं का उत्तर देने का प्रयास करेंगे।  

अटल बिहारी वाजपेयी का सुशासन मॉडल देश के लिए मार्गदर्शक : मंत्री सारंग

अटल स्मृति पर्व पर नरेला में विधानसभा सम्मेलन भोपाल  भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर बुधवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग नरेला विधानसभा अंतर्गत हरि मैरिज गार्डन में आयोजित विधानसभा सम्मेलन में सम्मिलित हुए। मंत्री श्री सारंग ने अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान, उनके दूरदर्शी सुशासन मॉडल, कवि हृदय तथा अजातशत्रु के रूप में उनकी विशिष्ट पहचान पर विषय पर विचार व्यक्त किए। सुशासन का दूरदर्शी मॉडल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्व. श्री वाजपेयी का सुशासन मॉडल न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की अवधारणा पर आधारित था। सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देकर शासन को आधुनिक बनाने, सूचना का अधिकार और ई-गवर्नेंस के माध्यम से पारदर्शिता लाने, सड़कों और दूरसंचार के विस्तार से अंतिम व्यक्ति तक शासन की पहुँच सुनिश्चित करने तथा पंचायतों और स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा। अंत्योदय जैसी योजनाओं से गरीब और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। आधारभूत संरचना को नई गति मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्वर्ण चतुर्भुज योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और दिल्ली मेट्रो जैसी परियोजनाओं ने देश की आधारभूत संरचना को नई गति दी। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सर्व शिक्षा अभियान, अंत्योदय अन्न योजना तथा शहरी क्षेत्रों के लिए अमृत योजना ने समावेशी विकास को मजबूती प्रदान की। उन्होंने कहा कि नई दूरसंचार नीति से देश में मोबाइल क्रांति की नींव पड़ी, जबकि एफआरबीएम अधिनियम और विनिवेश की पारदर्शी नीति ने अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया। कृषि क्षेत्र में किसान क्रेडिट कार्ड और ग्रामीण विकास की पहलों से किसानों को सशक्त बनाया गया। अजातशत्रु राजनेता अटल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्व. श्री अटल ने रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में पोखरण-2 परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के दौरान दृढ़ राजनीतिक नेतृत्व ने भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक संवेदनशील कवि हृदय और अजातशत्रु राजनेता थे, जिनका सम्मान पक्ष और विपक्ष दोनों करते थे। सर्व शिक्षा अभियान, अंत्योदय अन्न योजना और शहरी क्षेत्रों के लिए अमृत योजना जैसी पहलों से शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए तथा समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचा। कार्यक्रम में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, जिला अध्यक्ष श्री रविंद्र यति, वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन ने अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्रसेवा के संकल्प को और सशक्त किया।  

खिलाड़ियों का सम्मान, युवा सशक्तिकरण और किसान-ग्रामीणों के लिए सहकारी क्रांति: मंत्री सारंग

खेल और सहकारिता में हुई अभूतपूर्व प्रगति : मंत्री सारंग खिलाड़ियों का सम्मान, युवा सशक्तिकरण और किसान-ग्रामीणों के लिए सहकारी क्रांति भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डबल इंजन सरकार की परिकल्पना जहाँ केंद्र और राज्य एक साझा लक्ष्य, साझा गति और साझा परिणाम के साथ काम करते हैं, आज मध्यप्रदेश में ज़मीन पर साकार रूप ले रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सक्षम नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते दो वर्षों में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यह बात सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को अपेक्स बैंक समन्वय भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कही। खेल एवं युवा कल्याण विभाग: प्रदेश का गौरव, देश में नई पहचान मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी आज राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पदक अर्जित कर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। वर्ष 2024 में पेरिस (फ्रांस) में आयोजित ओलम्पिक व पैरा ओलम्पिक 2024 में प्रदेश के खिलाड़ियों ने प्रतिभागिता कर पदक अर्जित किये। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मध्यप्रदेश ने खेलों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, तमिलनाडु में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने 29 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसी प्रकार 38वें नेशनल गेम्स, उत्तराखण्ड में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 67 पदक अर्जित कर राज्यों में तीसरा स्थान प्राप्त किया। अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पदक तालिका में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ वर्ष 2024-25 की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कुल 57 पदक तथा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 391 पदक अर्जित किए। हॉकी एशिया कप 2025, 16वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप कजाकिस्तान, खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल श्रीनगर एवं एशियन केनो स्लालम चैंपियनशिप चीन में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश को शीर्ष राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने बनाएं नये राष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर न केवल निरंतर पदक अर्जित कर रहे हैं, बल्कि नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा को नई पहचान दिला रहे हैं। पोल वॉल्ट में देव मीणा ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रिकॉर्ड प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक हासिल किया है। शूटिंग में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने 50 मीटर राइफल स्पर्धा में रिकॉर्ड स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धि दर्ज की है। वहीं शॉट पुट में समरदीप सिंह ने अपने दमदार प्रदर्शन से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप कांस्य विजेता टीम में प्रदेश के 3 खिलाड़ी मंत्री सारंग ने बताया कि तमिलनाडु में आयोजित एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप–2025 में भारतीय टीम ने अर्जेंटीना को 4–2 से पराजित कर पहली बार कांस्य पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस गौरवपूर्ण सफलता में मध्यप्रदेश पुरुष हॉकी अकादमी, भोपाल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी अंकित पाल, तलैम प्रियोबर्ता एवं थोनाओजाम इंगालेंबा लुवांग के उत्कृष्ट प्रदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ओलम्पिक और एशियन गेम्स पदक विजेताओं को बनाएंगे राजपत्रित अधिकारी खिलाड़ियों के सम्मान और भविष्य सुरक्षा पर सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार, एकलव्य, विक्रम, विश्वामित्र और लाइफटाइम अचीवमेंट जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। विक्रम पुरस्कार प्राप्त 28 खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्ति दी गई है, वहीं ओलम्पिक और एशियन गेम्स पदक विजेताओं को राजपत्रित अधिकारी बनाए जाने का प्रावधान किया जा रहा है।  खिलाड़ियों को दी गई सम्मान राशि मंत्री सारंग ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को व्यापक प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक अर्जित करने वाले 1375 खिलाड़ियों को 116 लाख रुपये, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के 228 पदक विजेताओं को 153 लाख रुपये तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के 51 खिलाड़ियों को 37.83 लाख रुपये दिए गए। पेरिस ओलम्पिक 2024 में 3 कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को 300 लाख रुपये एवं 3 प्रतिभागी खिलाड़ियों को 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु 19 खेल संघ संस्थाओं को 50.80 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई। क्रांति गौड़ को 1 करोड़ की सम्मान राशि मंत्री सारंग ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 की विजेता भारतीय महिला टीम की सदस्य प्रदेश की सुक्रांति गौड़ को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई है। वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को स्पोर्ट्स हब बनाने का लक्ष्य मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां संचालित हैं, जहाँ 1300 से अधिक खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खेल अधोसंरचना के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होने बताया कि भोपाल के नाथू बरखेड़ा में लगभग 985 करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माणाधीन है। प्रदेश में 20 अंतर्राष्ट्रीय हॉकी सिंथेटिक टर्फ, 10 सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक तथा 120 से अधिक स्टेडियम एवं खेल परिसर विकसित किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को भारत का प्रमुख स्पोर्ट्स हब बनाना है। खेल विभाग के नवाचार मंत्री सारंग ने बताया कि युवाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ने हेतु ‘मेरा युवा मध्यप्रदेश’ पोर्टल को सशक्त किया जा रहा है, जिस पर विभिन्न विभागों की युवा केंद्रित योजनाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ‘खेलो बढ़ो अभियान’ के माध्यम से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं तथा युवाओं में खेलों के प्रति रुचि एवं सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान (MPYP) के अंतर्गत प्रदेश के सफल, सक्षम एवं प्रेरणादायी युवाओं को समाज के लिए मार्गदर्शक (मेंटोर) के रूप में विकसित किया जा रहा है। खेल विभाग की आगामी कार्ययोजना मंत्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस में स्पोर्ट्स कोटा लागू कर प्रतिवर्ष 10 सब-इंस्पेक्टर एवं 50 कांस्टेबल की नियुक्ति का प्रावधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री खेल अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध रूप से इंडोर हॉल एवं आधुनिक खेल परिसरों का … Read more

मंत्री सारंग ने पांढुर्णा के बोरगांव स्थित सेवा सहकारी समिति का किया औचक निरीक्षण

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को जिला पांढुर्णा प्रवास के दौरान बोरगांव स्थित सेवा सहकारी समिति का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समिति के प्रशासकीय कार्यों का विस्तार से अवलोकन किया तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में लेखाकार द्वारा किए जा रहे संतोषजनक कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। वहीं समिति के प्रबंधक को सीपीपीपी (को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के माध्यम से नए व्यवसायिक अवसर सृजित करने के निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने कहा कि बोरगांव क्षेत्र में व्यवसाय की अपार संभावनाएं हैं। सहकारिता विभाग के नवाचार सीपीपीपी के तहत औद्योगिक कंपनियों के साथ साझेदारी के अवसर तलाशे जाएं, जिससे किसानों की आमदनी में वृद्धि के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकें। उन्होंने कहा कि सीपीपीपी सहकारिता को सशक्त करने और पैक्स को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है। मंत्री सारंग ने सहकारिता विभाग के नवाचार सीपीपीपी के माध्यम से औद्योगिक कंपनियों के साथ साझेदारी के अवसर खोजने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीपीपीपी एक ऐसा आयाम है, जिससे किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी और साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मंत्री श्री सारंग के इस दौरे से सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक संदेश गया है। निरीक्षण के बाद मंत्री सारंग ने सुरुचि मसाला के प्रबंधक के साथ बैठक कर किसानों की आय बढ़ाने एवं पैक्स को नए व्यवसायिक अवसरों से जोड़ने को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि किसानों से कच्चा माल क्रय कर उसे सुरुचि मसाला जैसी कंपनियों को उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही अन्य कॉर्पोरेट संस्थाओं का चयन कर पैक्स को नए व्यवसायों से जोड़ने की दिशा में कार्य करने पर बल दिया गया। मंत्री सारंग ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है और इस दिशा में ठोस व व्यावहारिक प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।  

सहकारिता विभाग को सफल व प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना

सहकारिता विभाग मध्यप्रदेश मिशन कर्मयोगी में निभा रहा देश में अग्रणी भूमिका : मंत्री  सारंग सहकारिता विभाग को सफल व प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना सहकारिता आंदोलन को मजबूत करेगा राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन : मंत्री  सारंग भोपाल सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने  मंत्रालय में मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के एचआर विशेषज्ञ डॉ. आर. बाला सुब्रमण्यम (बालू) तथा सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में विभाग में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री  सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल मिशन कर्मयोगी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी से विभागीय कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने में भारत सरकार की यह महत्वाकांक्षी पहल मील का पत्थर साबित होगी। विभाग को प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के एचआर विशेषज्ञ डॉ. आर. बाला सुब्रमण्यम (बालू) ने मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत सबसे अधिक और प्रभावी कार्य मध्यप्रदेश द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सफल मॉड्यूल को अन्य राज्यों में भी लागू करेंगे। मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम में विभागीय उपलब्धियाँ सहकारिता विभाग ने अपने सभी 1122 अधिकारियों और कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर सफलतापूर्वक ऑनबोर्ड कर लिया है। विभागीय कर्मचारियों ने 11337 से अधिक ऑनलाइन प्रशिक्षण कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं, जो सीखने की संस्कृति और सतत कौशल विकास के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता दर्शाता है। इन प्रशिक्षणों से विभागीय कार्यक्षमता, सेवा वितरण और प्रशासनिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल मिशन कर्मयोगी मिशन कर्मयोगी राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और भविष्य उन्मुख प्रशासनिक क्षमताओं से लैस करना, शासन प्रणाली को कुशल, पारदर्शी और जन-केन्द्रित बनाना, प्रशिक्षण के माध्यम से निरंतर सीखने की संस्कृति विकसित करना है। कर्मयोगी पोर्टल इसी उद्देश्य की पूर्ति का प्रमुख माध्यम है, जिसके द्वारा कर्मचारी अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित आवश्यक कौशल और ज्ञान को निरंतर अपडेट कर सकते हैं।  

सारंग का बयान: राहुल गांधी जंगली जानवरों से वोट मांगने MP आए थे

भोपाल   बिहार चुनाव में हुई हार की समीक्षा बैठक में कांग्रेस नेताओं द्वारा गोली मारने की धमकी पर मंत्री विश्वास सारंग ने तंज कसा है। सारंग ने कहा है कि  बिहार में चुनाव चल रहे थे तो राहुल गांधी मध्यप्रदेश में जंगल में घूम रहे थे, वो जंगली जानवरों से वोट मांगने आए थे… किसी पार्टी का सर्वोच्च नेता ही चुनाव को सीरियसली नहीं लेता तो समीक्षा किस बात की करनी है। यदि कांग्रेस की हार की सही समीक्षा होगी तो उसका कारण राहुल गांधी होंगे। राहुल गांधी के कारण ही कांग्रेस लगातार हार रही है। कांग्रेस अब गॉन केस हो चुकी है और कांग्रेस पूरी तरह गुट और गिरोह में बंटी हुई है। राहुल गांधी स्क्रिप्टेड एक्शन से राजनीति करना चाहते हैं-सारंग आगे सारंग ने कहा कि कांग्रेस के पास नेता, नीति और नीयत तीनों की कमी है, राहुल गांधी स्क्रिप्टेड एक्शन से राजनीति करना चाहते हैं।  राहुल केवल नेहरू परिवार के होने के कारण कांग्रेस में कब्जा किए हुए हैं। कांग्रेस और TMC के नेता देश की अखंडता को तार-तार करना चाहते हैं-सारंग वहीं SIR और NRC पर TMC नेता फिरहाद हकीम के पांव तोड़ने वाले बयान पर मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है। सारंग ने कहा ये सब घुसपैठियों को संरक्षण देने वाले लोग हैं, घुसपैठियों के माध्यम से इस देश के आमजन नागरिकों के हकों को मारने वाले लोग हैं। कांग्रेस और टीएमसी के नेता इस देश की एकता और अखंडता को तार तार करना चाहते हैं लेकिन घुसपैठियों को कहीं भी जगह इस देश में नहीं मिलेगी।