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पीएम-कुसुम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार पूरी ऊर्जा के साथ कार्य करें। हमें प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2030 के लिये तय किये गये लक्ष्य को हासिल करने में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाना है। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि लक्ष्य की प्राप्ति के मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को हम सब मिलकर दूर करेंगे। मंत्री  शुक्ला पीएम-कुसुम योजना (कंपोनेंट ‘अ’ एवं ‘स’) के अंतर्गत सौर ऊर्जा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव  मनु वास्तव, एमडी मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम  अमनवीर सिंह बैंस, जीआईजेड के प्रोजेक्ट हेड  बर्नार्ड और सोलर एनर्जी डेवलपर्स मौजूद थे। कार्यशाला में मंत्री  शुक्ला एवं अन्य अतिथियों ने कुसुम योजना अंतर्गत स्थापित किए जाने वाले सौर संयंत्रों के ग्रिड पर लोड संबंधी रिपोर्ट का विमोचन भी किया। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार तीव्र गति से हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत सौर परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक नीतिगत समर्थन प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसानों एवं उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये पॉवर परचेज एग्रीमेंट की प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है तथा डेवलपर्स को समयबद्ध स्वीकृतियां प्रदान करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इससे परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो सकेंगी। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि राज्य में वृहद स्तर पर सौर ऊर्जा क्षमता विकसित की जा रही है। इसके लिए तकनीकी मूल्यांकन, ग्रिड समन्वय एवं आवश्यक आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सौर परियोजनाओं में आने वाली तकनीकी एवं संचालन संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से कार्य किया जा रहा है। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं डेवलपर्स, यूटिलिटीज एवं अन्य हितधारकों के लिए उपयोगी मंच प्रदान करती हैं, जहां वे अपने अनुभव साझा कर बेहतर समाधान प्राप्त कर सकते हैं। एसीएस नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा  वास्तव ने कहा कि पीएम-कुसुम योजना में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का क्रियान्वयन राज्य में सुनियोजित एवं चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर परियोजनाओं के विकास के साथ-साथ उनके तकनीकी एवं वाणिज्यिक पक्षों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एमडी ऊर्जा विकास निगम  बैंस ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य डेवलपर्स, यूटिलिटीज एवं अन्य संबंधित हितधारकों की तकनीकी दक्षता को सुदृढ़ करना है, जिससे सौर ऊर्जा परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके। प्रदेश में “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना” के अंतर्गत 493 उपकेंद्रों के माध्यम से लगभग 4022 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिये जीआईजेड, पीआरडीसी एवं आई-डेक की टीमें उपकेंद्रों के तकनीकी एवं कंडिशनल आंकलन का कार्य कर रही हैं। कार्यशाला में रिएक्टिव पॉवर मैनेजमेंट, ग्रिड स्टडीज, टाइम सीरीज लोड फ्लो विश्लेषण, सोलर पीवी प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, गुणवत्ता प्रबंधन, सोलर मॉड्यूल की कार्यक्षमता एवं प्रदर्शन तथा जोखिम प्रबंधन सहित विभिन्न तकनीकी विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जा रही है। विकासकों द्वारा अपने अनुभव भी साझा किये जा रहे हैं। मंगलवार को कार्यशाला का समापन होगा।  

प्रदेश में 6 लाख घरों पर लगेंगे सौर ऊर्जा संयंत्र : मंत्री शुक्ला

भोपाल.  नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया है कि मध्यप्रदेश में 6 लाख घरों पर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र लगाये जायेंगे। इसके लिये वेंडर्स से डिजिटल एग्रीमेंट भी किया जायेगा। इससे सौर संयंत्र की स्थापना लागत में कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिये सरकार कृत-संकल्पित होकर कार्य कर रही है। मंत्री शुक्ला ने बताया कि हितग्राही एवं वेंडर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा विभिन्न शुल्कों में कमी लाने के लिये डिजिटल एग्रीमेंट किये जाने संबंधी याचिका मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग में लगाई थी। रजिस्ट्रेशन शुल्क, प्रोसेसिंग शुल्क, मीटर जांच शुल्क और इंस्टॉलेशन/कमीशनिंग शुल्क एवं अलग-अलग भौतिक अनुबंधों के स्थान पर डिजिटल एग्रीमेन्ट लागू करने के संबंध में मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने याचिका की सुनवाई के बाद डिजिटल एग्रीमेंट के लिये आदेश पारित कर दिया है। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा भौतिक अनुबंधों के स्थान पर डिजिटल एग्रीमेन्ट करने संबंधी आदेश पारित करने से घरों की छत पर सौर संयंत्र स्थापना लागत में कमी आएगी। साथ ही स्थापना संबंधी कार्य शीघ्र गति से हो सकेगा।  

प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मंत्री शुक्ला

भोपाल.  नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। प्रदेश जल्द ही सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। मंत्री शुक्ला ने रेस्को की विकासक इकाइयों को बेहतर गुणवत्तापूर्ण कार्य निर्धारित समय-सीमा में करने के निर्देश दिये। मंत्रालय में बुधवार को मंत्री शुक्ला की उपस्थिति में "प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना'' अंतर्गत प्रदेश में शासकीय भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति के माध्यम से सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने के लिये शासकीय संस्थाओं और रेस्को विकासक इकाइयों के बीच विद्युत क्रय अनुबंध (एमओयू) हुए। मंत्री शुक्ला ने बताया कि पुलिस, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा जेल विभाग के शासकीय भवनों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना के लिये शासकीय संस्थाओं एवं रेस्को विकासक इकाइयों के बीच हुए विद्युत क्रय अनुबंध में विभिन्न कार्य सम्पादित किये जायेंगे। पुलिस विभाग के स्पेशल ब्रांच पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, श्यामला हिल्स (हुजूर) में 185 किलोवॉट, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत जिला चिकित्सालय बैरागढ़ में 100 किलोवॉट तथा जेल विभाग के अंतर्गत न्यू सेंट्रल जेल में 370 किलोवॉट क्षमता के सोलर रूफटॉप संयंत्र रेस्को मोड में स्थापित किए जाएंगे। मंत्री शुक्ला ने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम, होराइजन रेस्को एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड एवं संबंधित हितग्राही संस्थाओं के बीच विद्युत क्रय अनुबंध हुए हैं। विद्युत क्रय अनुबंधों पर पुलिस विभाग की ओर से उप पुलिस अधीक्षक अमिताभ श्रीवास्तव, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी जे.के. जैन तथा जेल विभाग की ओर से जेल अधीक्षक राकेश कुमार द्वारा हस्ताक्षर किये। रेस्को पद्धति के अंतर्गत संयंत्र की स्थापना एवं 25 वर्षों तक उसका संचालन एवं रख-रखाव पूर्णतः रेस्को विकासक इकाई द्वारा किया जाता है। इस अवधि में संयंत्र की वारंटी भी विकासक इकाई के पास रहती है। इस मॉडल की विशेषता यह है कि शासन को संयंत्र स्थापना के लिये कोई प्रारंभिक व्यय नहीं करना पड़ता। शासकीय कार्यालयों द्वारा उपयोग की गई ऊर्जा के लिए प्रति यूनिट निर्धारित दर से भुगतान किया जाता है। भोपाल जिले में यह दर ₹3.78 प्रति यूनिट निर्धारित है। निवेश शून्य, बचत पहले दिन से मंत्री शुक्ला ने बताया कि शासकीय संस्थान “शून्य निवेश, पहले दिन से बचत एवं नेट-जीरो की दिशा में अग्रसर” की अवधारणा को साकार कर सकेंगे। संयंत्र स्थापना का कार्य निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित रेस्को विकासक इकाइयों द्वारा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा प्रदेश के शासकीय भवनों को रेस्को मोड में सौर ऊर्जा से आच्छादित करने के लिये “एक जिला-एक रेस्को” की तर्ज पर 55 जिलों के लिए 48 मेगावॉट क्षमता के लगभग 1300 शासकीय भवनों के लिये जिलेवार निविदाएं जारी की गई थीं। इस प्रक्रिया में 13 विकासकों का सफलतापूर्वक चयन कर 47 जिलों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। मंत्री शुक्ला ने बताया कि निविदा प्रक्रिया में न्यूनतम दर इंदौर जिले के लिए ₹3.40 प्रति यूनिट, ग्वालियर जिले के लिए ₹3.49 प्रति यूनिट, भोपाल जिले के लिए ₹3.78 प्रति यूनिट, उज्जैन जिले के लिए ₹3.97 प्रति यूनिट तथा अधिकतम ₹4.01 प्रति यूनिट की दर प्राप्त हुई है। इस योजना के प्रभावी एवं दक्षतापूर्ण क्रियान्वयन से प्रदेश निश्चित ही सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।  

नववर्ष पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया गौपूजन, लगाए पीपल के पौधे

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नववर्ष पर किया गौपूजन बसामन मामा गौवंश विहार में लगाया पीपल का पौधा गोलोक दर्शन महोत्सव का किया शुभारंभ रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नववर्ष के प्रथम दिवस पर बसामन मामा गौवंश वन्य विहार रीवा में गौपूजन किया और गौमाता को गुड़ एवं गौग्रास खिलाया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भगवान कृष्ण के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। उन्होंने रात्रि विश्राम के उपरांत नववर्ष की प्रभात बेला में गौमाताओं की सेवा कर आशीर्वाद लिया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में गोलोक दर्शन महोत्सव का शुभारंभ किया। गोलोक दर्शन में आमजन गौशाला का भ्रमण करते हुए गायों का पूजन कर सकते हैं। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में संचालित गतिविधियों एवं प्रचलित निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समीक्षा की। उन्होंने कहा कि द्वितीय चरण में गौवंश वन्य विहार से लगी 16 एकड़ भूमि में गौशाला का निर्माण कराया जायेगा जहां दुधारू गाय तथा उन्नत नस्ल के गौवंश को संरक्षित रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के आगमन से गौवंश वन्य विहार के विकास कार्य को प्रोत्साहन और ऊर्जा मिली है। गौवंश वन्य विहार को देश की सर्वोत्तम व अत्याधुनिक गौशाला बनाने का कार्य प्राथमिकता से होगा। उन्होंने गौवंश वन्य विहार में चारागाह विकास का कार्य प्रारंभ करने और वहां से उत्पन्न चारे को काटकर गौग्रास बनाते हुए गौशाला में भेजने के लिये व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गौवंश वन्य विहार की बाउंड्रीबाल बनाने और अन्य निर्माण कार्यों के लंबित भुगतान संबंधितों को कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने गौसेवकों का मानदेय वृद्धि का भी अनुमोदन किया। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गौशाला में गोमूत्र संग्रहण की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करायें। आगामी फरवरी माह में बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में संत राजेन्द्रदास जी की कथा का आयोजन कराया जायेगा। राजेन्द्र दास जी महाराज गौकथा व प्राकृतिक खेती पर अपने उद्गार व्यक्त करेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संतो के आवास के लिये बनाये जाने वाले ऋषि कुलम का कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रसादालय में प्रसाद ग्रहण किया। पूर्व विधायक के.पी. त्रिपाठी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं गौशाला के संबद्ध जन उपस्थित रहे।  

स्वास्थ्य सेवाएं हो रही हैं मजबूत और व्यापक: उप मुख्यमंत्री शुक्ल, प्रदेशवासियों को दी नववर्ष की शुभकामनाएं

स्वास्थ्य मानकों में निरंतर सुधार और स्वास्थ्य सेवाएं हो रही हैं व्यापक एवं सुदृढ़: उप मुख्यमंत्री शुक्ल प्रदेशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं स्वास्थ्य अमले को सतत प्रयासों के लिए दी बधाई, समर्पण के साथ सेवा जारी रखने का किया आह्वान भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने समस्त प्रदेशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में देश वैश्विक मंच पर अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है, भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और "विश्वगुरु" बनने के लक्ष्य के और निकट पहुँच चुका है। इसी राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप मध्यप्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में सशक्त, सक्षम और सुदृढ़ता की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आज स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रहा है। स्वास्थ्य मानकों में निरंतर सुधार और स्वास्थ्य सेवाएं व्यापक एवं सुदृढ़ हो रही हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट चिकित्सा उपकरणों, एमआरआई, सीटी स्कैन, कैथ लैब, लिनियर एक्सेलेरेटर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, डायलिसिस यूनिट और सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं का तीव्र विस्तार किया गया है। चिकित्सा शिक्षा में सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस, पीजी और सुपरस्पेशियलिटी सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हुई हैं। उज्जैन में अत्याधुनिक मेडिसिटी का विकास किया जा रहा है। महिला एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्धता उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी गर्भवती माताओं से आग्रह है कि वे अनिवार्य एएनसी जाँच अवश्य कराएँ। हर माह की 9 और 25 तारीख को एएनसी जाँच अवश्य करायें। इससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि रक्तदान और अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा हैं। प्रदेश सरकार इन पुनीत कार्यों को प्रोत्साहित कर रही है। युवाओं और नागरिकों से आह्वान है कि वे आगे आकर रक्तदान व अंगदान के लिए संकल्प लें। एंटीबायोटिक केवल चिकित्सक की सलाह से, निर्धारित मात्रा और अवधि तक ही लें उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर विशेष बल दे रही है। योग, संतुलित आहार, प्राकृतिक खेती से प्राप्त स्वच्छ भोजन और भारतीय जीवनशैली न केवल व्यक्ति को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। "स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ पर्यावरण" ही विकसित मध्यप्रदेश की आधारशिला है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट में कई एंटीबायोटिक दवाएँ के कम प्रभावी होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका प्रमुख कारण बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक और गलत उपयोग है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि एंटीबायोटिक केवल चिकित्सक की सलाह से, निर्धारित मात्रा और अवधि तक ही लें। यह सावधानी न केवल आपके स्वास्थ्य, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशनों में क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान, सिकल सेल उन्मूलन मिशन, निक्षय भारत अभियान, स्वस्थ यकृत मिशन, आयुष्मान भारत योजना, नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज नियंत्रण और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं और आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ, आशा, एएनएम और सभी स्वास्थ्य कर्मियों की समर्पित सेवा सराहनीय है। उन्होंने स्वास्थ्य अमले को अथक परिश्रम, संवेदनशीलता और सतत प्रयासों के लिए बधाई दी है और इसी समर्पण के साथ सेवा जारी रखने का आह्वान किया है।  

मंत्री शुक्ला का ऐलान: नॉलेज पार्टनरशिप के नए अवसरों की होगी खोज

सिंगापुर के काउंसलेट्स ने नवकरणीय ऊर्जा मंत्री से की भेंट भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा कि सिंगापुर से नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नॉलेज पार्टनरशिप की संभावनाओं को गंभीरतापूर्वक तलाशा जायेगा। उन्होंने यह बात सिंगापुर के काउंसलेट्स से मंत्रालय में हुई मुलाकात में कही। ऊर्जा विकास निगम के एमडी  अमनबीर सिंह बैंस ने मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन की वर्तमान स्थिति से मंत्रालय में सिंगापुर के प्रतिनिधि मण्डल को अवगत कराया। प्रतिनिधि मण्डल में काउंसल जनरल  मिंग फुंग चेंग, पॉलिटिकल काउंसल  जेरोम वोंग ली वाई और रिसर्च एण्ड इन्फार्मेशन एनॉलिस्ट सु रिद्धि कोठावले शामिल थीं। नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  शुक्ला ने सिंगापुर के प्रतिनिधि मण्डल के साथ हुई बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश और सिंगापुर के परस्पर संभावित सहयोग पर चर्चा हुई। मध्यप्रदेश में संभावित निवेश पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में तकनीकी सहयोग को साझा करने और आपसी संबंधों को बेहतर और सुदृढ़ करने का विश्वास व्यक्त किया गया।