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वर्षाकाल के पूर्व सभी जल संरचनाओं की आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षात्मक कार्य पूरे करें

भोपाल  जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए जन आंदोलन चलाया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन और एक पेड़ मां के नाम अभियान गांव गांव, नगर नगर में समाज के सभी वर्गों के सहयोग से चलाया जा रहा है, जिसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। इन अभियानों में अधिक से अधिक जन भागीदारी सुनिश्चित करें। वर्षाकाल के पूर्व सभी विभागीय जल संरचनाओं की आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षात्मक कार्य पूरे कर लिए जाएं। कार्य में किसी भी प्रकार की कोई भी लापरवाही अक्षम्य होगी। जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय वल्लभ भवन में निर्माणाधीन विभागीय कार्य एवं परियोजनाओं की समीक्षा की तथा बारिश के पूर्व के सभी कार्य पूर्ण करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव  राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता  विनोद देवड़ा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री  सिलावट ने कछार वार मुख्य अभियंताओं के साथ उनके क्षेत्र में निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की तथा निर्देश दिए कि वर्षाकाल के मद्देनजर आगामी 15 दिनों में वहां आवश्यक कार्य करा लिए जाएं। चंबल बेतवा कछार भोपाल के अंतर्गत पार्वती, सुठालिया, टेम, कान्याखेड़ी एवं ग्वालटोरिया परियोजनाओं की समीक्षा की गई. धसान केन कछार अंतर्गत आपचंद, मझगांय, सतधारू, पवई और काठन परियोजना, बीना पीएमयू सागर के अंतर्गत बंडा, हनोता, पंचम नगर, कडान, साजली कैथ, जूडी और जेरा परियोजना, बेतवा एमओयू भोपाल के अंतर्गत कोठा बैराज एवं बीना परियोजना, नर्मदा ताप्ती कछार इंदौर के अंतर्गत तलवाड़ा, पांगरी एवं कारम परियोजना, बेनगंगा कछार सिवनी के अंतर्गत छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स, पैंच माइक्रो सिंचाई, शेर सिंचाई काँम्प्‍लेक्स, मांडवा होज इरिगेशन, अपर बुडनेर, छीताबुजरी, हिरण, बगराजी नहर, मुर‍की पाइप नहर परियोजना, गंगा कछार रीवा के अंतर्गत त्योंथर बहाव, त्योंथर माइक्रो, रामनगर माइक्रो, नई गढ़ी माइक्रो, रिहंद माइक्रो, भन्नी, बहुती, गोढ़, सीतापुर हनुमना, दोरी सागर एवं सेमरिया माइक्रो परियोजना तथा यमुना कछार ग्वालियर के अंतर्गत कनेरा माइक्रो, चंबल माइक्रो, मुंझारी, चेंटीखेड़ी एवं सरकुला परियोजना के कार्यों की समीक्षा की गई. मंत्री  सिलावट द्वारा सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन में कराए जा रहे हैं विभिन्न कार्यों कान्ह डायवर्सन परियोजना, सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी, घाट निर्माण, चितावद, समाकोटा, डुंगरिया, बनीहरवाखेड़ी, मां रेवा उद्वहन परियोजना, हाट पिपल्‍या परियोजना, कयामपुर-सीतामऊ, मल्हारगढ़, रामपुर मनासा, कबूलपुर और आहू परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिए कि वर्षा पूर्व विभागीय सभी बांधों, नहरों, तालाबों एवं जल संरचनाओं का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार उनकी मरम्मत एवं अन्य सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करें। जलग्रहण क्षेत्रों में यदि कोई अवरोध हो तो उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई करें। बांधों के गेट्स की आवश्यक मरम्मत, ऑइलिंग- ग्रीसिंग के साथ ही उनका एक बार संचालन अवश्य करलें। विभिन्न स्तरों पर बाढ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर लिए जाएं जो 24 घंटे क्रियाशील रहें। निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाए तथा मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री कार्यालय स्तर पर निरीक्षण दल गठित किए जाएं, जो जल संरचनाओं की निरंतर निगरानी कर वरिष्ठ स्तर पर रिपार्ट दें। मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिए कि बड़ी जल संरचनाओं में जल स्तर की नियमित रूप से मॉनिटरिंग हो तथा जल स्तर बढ़ने एवं गेट्स खोले जाने की पूर्व सूचना पुलिस, प्रशासन, सभी संबंधितों एवं जन सामान्य को निरंतर दी जाए। गत तीन वर्षों में जहां बाढ़ आई हो उन गांवों एवं क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां सभी सुरक्षात्मक इंतेजाम कर लिए जाएं। बड़ी जल संरचनाओं के पास गोताखोर, नाव, लाइफ जैकेट, रस्सी आदि सभी सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित हों। वर्षाकाल से पूर्व सभी कछारों/ जिलों में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर ली जाए तथा उनसे निरंतर समन्वय रखा जाए।  

निर्माणाधीन कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे हों: मंत्री तुलसी सिलावट

भोपाल  जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ नियत समय अवधि में पूर्ण करें, जिससे जनता को इन कार्यों का समय से पूरा लाभ मिल सके. विभागीय अधिकारी समय-समय पर कार्यों का निरीक्षण करें एवं निरंतर निरीक्षण प्रतिवेदन दें. कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। मंत्री  सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय में जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा की. बैठक में अपर मुख्य सचिव  राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता,  विनोद कुमार देवड़ा, मुख्य अभियंता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्य से संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री  सिलावट द्वारा प्रमुख रूप से नर्मदा ताप्ती कछार इंदौर, जल संसाधन विभाग उज्जैन एवं नमामि क्षिप्रे परियोजना इकाई उज्जैन में निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की समीक्षा की गई. उन्होंने आगामी सिंहस्थ- 2028 से संबंधित विभागीय कार्यों कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना, सेवरखेड़ी सिलारखेड़ी परियोजना, क्षिप्रा नदी के दोनो तटो पर घाट निर्माण की विस्तृत समीक्षा कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और इन सभी कार्यों को समय-सीमा में आगामी सिंहस्थ के पूर्व पूरी गुणवत्ता एवं विभागीय मापदण्ड अनुसार पूर्ण करने के निर्देश दिये। मंत्री  सिलावट द्वारा उज्जैन एवं इंदौर कछार के अंतर्गत निर्माणाधीन 14 वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। परियोजनाओं के पूर्ण होने पर उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, झाबुआ, बुरहानपुर एवं धार जिले को लगभग 5 लाख 44 हजार हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किये जाने, गुणवत्ता पूर्ण कार्य किये जाने के निर्देश दिये साथ ही विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों को इन परियोजनाओं को स्वीकृत समय सीमा में पूर्ण करने के लिये विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक 15 दिन में इससे संबंधित समीक्षा किये जाने के भी निर्देश दिए। मंत्री  सिलावट द्वारा चितावद, समाकोटा बैराज, डुंगरिया बैराज, बनीहरवाखेडी बैराज, मॉं रेवा उदवहन सिंचाई परियोजना, हाट पिपलिया सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, कयामपुर सीतामऊ सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, मल्हारगढ़ दाब युक्त सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, रामपुरा मनासा सूक्ष्म वृहर सिंचाई परियोजना, कबूलपुर मध्यम, आहू सिंचाई परियोजना, तलवाड़ा बांध परियोजना, पांगारी, कारम मध्यम सिंचाई परियोजनाओं से सिंचाई किये जाने के लिये सार्थक प्रयास करने के निर्देश भी दिये गये।    

मंत्री सिलावट ने कहा- जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर कराएं विकास कार्य

भोपाल  जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि अधिकारी शासकीय विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर कार्य करें। उन्हें कार्यों की जानकारी दें तथा उनके सुझावों पर भी अमल किया जाए। जल संसाधन मंत्री सोमवार को मंत्रालय में पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत कुंभराज परियोजना संबंधी बैठक ले रहे थे। बैठक में सांसद राजगढ़ श्री रोडमल नागर, विधायक चाचौड़ा श्रीमती प्रियंका पेंची, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन श्री राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता श्री विनोद देवड़ा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर गुना ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना के रूप में मध्यप्रदेश को एक बड़ी सौगात दी है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्री अटल बिहारी वाजपेयी का नदी जोड़ो का सपना मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में साकार हो रहा है। यह अनूठी परियोजना है जिसमें केंद्र सरकार द्वारा 90% राशि दी जा रही है, राज्य सरकारों को केवल 10% राशि वहन करनी है। इसके पूरा होने पर क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाना हमारी सरकार का संकल्प है। बैठक में बताया गया कि संशोधित पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना से मध्यप्रदेश में 6 लाख 11 हज़ार 50 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा के साथ 40 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी। इस परियोजना के एक घटक के रूप में कुंभराज परियोजना सबसे बड़ी परियोजना है। परियोजना से सबसे ज्यादा लाभ गुना जिले की विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा के किसानों को होगा। बैठक में तकनीकी रूप से उपयुक्त स्थल पर ही निर्माण कार्य किये जाने के निर्देश दिये गये। मंत्री श्री सिलावट ने बैठक में निर्देश दिए कि कुंभराज परियोजना अंतर्गत प्रभावित परिवारों का भू अर्जन एवं पुनर्वास आदि के कार्य शासन के नियम अनुसार और निर्धारित समय अवधि में किए जाएं। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए विशेष पैकेज का आग्रह किया, इस पर मंत्री श्री सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से इस सम्बन्ध में चर्चा करने का आश्वासन दिया।  

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने कहा: इंदौर बायपास फ्लाईओवर निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए

एनएचएआई इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कार्य शीघ्र करे पूर्ण: जल संसाधन मंत्री  सिलावट मंत्री  सिलावट ने एनएचएआई के अधिकारियों के साथ की बैठक भोपाल  जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन अर्जुन बरोदा, झलारिया और कनाडिया फ्लाई ओवर का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही रोड चौड़ीकरण, सर्विस रोड दुरुस्ती और बंद लाइट चालू करने का कार्य भी प्राथमिकता के साथ किया जाए, जिससे यातायात सुचारू हो और ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त हो। मंत्री  सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय में एनएचएआई और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर  एस.के. सिंह, एमपीआरडीसी के चीफ इंजीनियर  राकेश जैन, प्रमुख अभियंता जल संसाधन  विनोद कुमार देवड़ा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिए कि लक्षित कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें, जिससे जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े। मंत्री  सिलावट ने इन कार्यों के लिए अधिकारियों की सहमति से समय-सीमा भी निर्धारित की। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के अनुसार 15 जनवरी 2026 तक अर्जुन बरोदा का फ्लाई ओवर और 30 जनवरी 2026 तक झलारिया का फ्लाई ओवर पूर्ण होकर प्रारंभ हो जाएगा। इसी प्रकार 31 मार्च 2026 तक कनाडिया (एमआर 10) का फ्लाई ओवर, दीपावली के पहले फ्लाई ओवर के दोनों तरफ की सर्विस रोड की मरम्मत और डामरीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। आगामी 10 दिनों में पूरे मार्ग पर लाइट भी लगा दी जाएगी। मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिए कि इन मार्गों पर यातायात बाधित न हो इसके लिए एनएचएआई स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय कर व्यवस्था सुनिश्चित करें।