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मीराबाई चानू ने 31 साल की उम्र में रचा इतिहास, एक ही कैटेगरी में तीन नेशनल रिकॉर्ड तोड़े

नई दिल्ली  नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में मीराबाई चानू का दमदार प्रदर्शन देखने को मिला है। यूपी के मोदीनगर में इस इवेंट का आयोजन किया जा रहा है। चानू ओलिंपिक में सिल्वर मेडल भी जीत चुके हैं। 48 किग्रा कैटेगरी में उन्होंने तीन नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिए। 31 साल के इस खिलाड़ी ने स्नैच में 89 किग्रा वजन उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में वह 116 किग्रा भार उठाने में सफल रहीं। इस तरह उन्होंने कुल 205 किलो वजन उठाया। अखिल भारतीय पुलिस की राधा सोनी ने 183 किलो के साथ सिल्वर जबकि कोमल कोहर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। 48 किग्रा कैटेगरी में स्नैच, क्लीन एंड जर्क के साथ ही यह ओवरऑल वजन का नेशनल रिकॉर्ड है। उन्होंने आसानी से 89 किग्रा का वजन उठाया। इसके बाद मीराबाई चानू की कोशिश 91 किग्रा उठाने की थी लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका कुल 205 किलोग्राम का स्कोर 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतते समय उठाए गए वजन से 6 किलो ज्यादा है। तब उन्होंने 199 किलो वजन उठाया था। यह परफॉर्मेंस उनके पर्सनल बेस्ट जो उन्होंने 2021 एशियन चैंपियनशिप में 49 किग्रा कैटेगरी में हासिल किया था। 90 किलो पार करने का लक्ष्य है चानू ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद पीटीआई से कहा, ‘बहुत खुश हूं। इस प्रदर्शन से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले मैं 49 किग्रा हिस्सा ले रही थी, 48 किग्रा में ऐसा रिजल्ट हासिल करना बहुत बड़ी बात है। मुझे उम्मीद है कि अगली प्रतियोगिता में मैं 90 किग्रा का आंकड़ा पार कर लूंगी। आज भी मैंने कोशिश की थी, लेकिन मेरी ठीक से ट्रेनिंग नहीं हुई थी तो मैं ऐसा नहीं कर पाई। लेकिन एक बार जब ट्रेनिंग पूरी रफ्तार से शुरू हो जाएगी तो मुझे यकीन है कि मैं 90 किग्रा वजन उठा लूंगी।’ टोक्यो ओलिंपिक में मीराबाई चानू ने 49 किग्रा कैटेगरी में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था। 2024 में वह चौथे स्थान पर रहकर मेडल से चूक गई थीं। हालांकि बाद में इस कैटेगरी को हटा दिया गया। इसकी वजह से चानू को 48 किग्रा में शिफ्ट होना पड़ा। 

Mirabai Chanu का कमाल: वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में भारत की झोली में सिल्वर

टोक्यो भारत की वेटलिफ्टिंग सनसनी मीराबाई चानू एक बार फिर देश के लिए गौरव की प्रतीक बनकर उभरी हैं। टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर लाने वाली मीराबाई ने नॉर्वे के फोर्डे में आयोजित 2025 वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 48 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। ये उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि भारत के लिए एक बड़ी वापसी भी है — इस प्रतियोगिता में तीन साल बाद देश को कोई पदक मिला है। 199 किलो का कमाल, 12 किलो से गोल्ड से चूकीं चानू ने कुल 199 किलोग्राम भार (84 किग्रा स्नैच और 115 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाकर रजत पदक पर निशाना साधा। हालांकि, नॉर्थ कोरिया की रि सोंग गुम ने 213 किलोग्राम के विशाल भार के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। चीन की थान्याथन ने कांस्य पदक हासिल किया। दमदार शुरुआत, कुछ चूके मौके  चानू ने स्नैच में 84 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाकर मजबूत आगाज़ किया, जो उन्हें इस वर्ग में कांस्य पदक तक ले गया। हालांकि इसके बाद के दोनों प्रयासों में वो 87 किलोग्राम के भार को सफलतापूर्वक नहीं उठा सकीं। दूसरी ओर, क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 109 किग्रा से शुरुआत करते हुए 112 और फिर 115 किग्रा तक सफलता हासिल की, जिससे उनका कुल स्कोर 199 किग्रा पहुंच गया और सिल्वर मेडल पक्का हो गया। तीसरा वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल, नया कीर्तिमान इस मेडल के साथ मीराबाई अब उन चुनिंदा भारतीय वेटलिफ्टरों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में तीन बार पोडियम फिनिश किया है। इससे पहले वो 2017 में गोल्ड और 2022 में सिल्वर जीत चुकी हैं। इस तरह वे कुंजारानी देवी (7 मेडल) और कर्णम मल्लेश्वरी (4 मेडल) के बाद तीसरी सबसे अधिक बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली भारतीय बन गई हैं। भारत का कुल खाता अब 18 पदकों तक पहुंचा इस जीत के साथ भारत का वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कुल पदकों का आंकड़ा 18 हो गया है — जिनमें 3 स्वर्ण, 10 रजत और 5 कांस्य शामिल हैं। खास बात ये है कि ये सभी मेडल भारत की महिला खिलाड़ियों ने ही अर्जित किए हैं, जो देश की बेटियों की कड़ी मेहनत और लगन का प्रमाण है। हाल ही में जीता था कॉमनवेल्थ गोल्ड इससे ठीक एक महीने पहले, मीराबाई ने अहमदाबाद में आयोजित 2025 कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीतकर धूम मचाई थी। उन्होंने 193 किलोग्राम (84 किग्रा स्नैच + 109 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर न केवल पोडियम के टॉप पर जगह बनाई बल्कि 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल किया।