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उत्तर प्रदेश में भीड़ का हंगामा: चोरी के आरोप में दो युवकों की जमकर पिटाई

झांसी/मऊरानीपुर यूपी के झांसी में मॉब लिंचिंग जैसा मामला सामने आया है। मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर चोरी के शक में भीड़ ने दो युवकों की बेरहमी से पिटाई कर दी। भीड़ ने दोनों युवकों को घसीट-घसीट कर पीटा। इतना ही नहीं दोनों युवकों के कपड़े भी फाड़ डाले। भीड़ की पिटाई से दोनों युवक बुरी तरह से घायल हो गए। किसी ने उसकी मदद नहीं कि, उल्टे लोग तमाशा बनकर देखते रहे। किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। हालांकि ‘हिन्दुस्तान’ ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। घटना मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन की है। यहां करीब 30 से 35 मिनट तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। चोरी के शक में भीड़ ने दो युवकों को पीट दिया। भीड़ दोनों युवकों को प्लेटफार्म से घसीटकर पार्किंग एरिया तक ले आई। खास बात यह रही कि अन्य मुसाफिर तमाशा देखने रहे। किसी ने बचाने तक का प्रयास नहीं किया। मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात मुसाफिर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। रहे तभी हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। चोरी के शक में भीड़ दो युवकों पर टूट पड़ी। उनके कपड़े फाड़ दिए। करीब आधे घंटे से अधिक पूरा मामला चलता रहा। जिससे आसपास अफरा-तफरी का माहौल हो गया। भीड़ का गुस्सा इतना तीखा था कि कोई उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आया। जबकि कई तो वीडियो बनाते रहे। यहीं नहीं भीड़ प्लेटफार्म से घसीटकर दोनों युवकों को पार्किंग एरिया तक लाई। जहां उनके साथ फिर मारपीट की गई। लोगों को इन दोनों पर चोरी का शक था। हालांकि कोई ऐसा सामान बरामद हुआ। सूचना पर मऊरानीपुर रेलवे पुलिस पहुंची। इस बीच भीड़ गायब हो गई। वहीं दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने प्राइवेट में अपना इलाज कराया। रेलवे पुलिस की मानें तो जांच की जा रही है।

फिर दहला राजस्थान: युवक पर भीड़ का हमला, अस्पताल में तोड़ा दम

अलवर राजस्थान में एक बार फिर से मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है. अलवर में बख्तल चौकी के पास कार से आ रहे युवक पर एक समुदाय विशेष के 10 से 15 लोगों ने गुरुवार की रात लाठी व डंडो से हमला कर दिया. परिजनों ने गंभीर हालत में युवक को एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया. शुक्रवार रात अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई. इस मौत के बाद परिजनों व हिन्दू संगठनों ने अस्पताल में हंगामा किया. पुलिस ने इस मामले में परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है. अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या मॉब लिंचिंग की धाराएं जोड़ती है? वहीं दूसरी ओर युवक के साथ मारपीट करते हुए वीडियो सामने आया है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. फरसे और रॉड से किया हमला  मृतक के परिजनों ने बताया कि अलवर देसूला निवासी चिन्टू मल्होत्रा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी से घर लौट रहे थे. जैसे ही वो लोग बख्तल चौकी स्थित आईसीआईसीआई बैंक के पास पहुंचे. इस दौरान वहां पहले से घात लगाए बैठे समुदाय विशेष के 10 से 15 लोगों ने अचानक उनकी गाड़ी को घेरकर लाठी, फरसी, लोहे की रॉड और देसी कट्टे से हमला कर दिया. हमले में गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया और जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों से जमकर हमला किया. इस दौरान चिन्टू का भाई करण, अमित और अंगद भी मौके पर पहुंच गए. जिन्होंने बीच बचाव की कोशिश की तो आरोपियों ने करण के सिर पर फरसी और रॉड से वार कर दिया. जिससे करण घायल हो गया. जिसके बाद करण को तुरंत अलवर के सानिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. जहां उसकी हालात गम्भीर थी. शुक्रवार रात को इलाज के दौरान करण की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि हमला करने वाले मेव समुदाय के लोग थे. जो घटना के दौरान अल्लाह हू अकबर और सर तन से जुदा जैसे नारे लगा रहे थे. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है. वीडियो में लोग हाथ में डंडे लेकर भागते नजर आए. पीड़ित पक्ष ने पुलिस को बताया कि हमला करने वाले अली, शारूप, मुनफेद, दीनू, साहिल उर्फ सांडा, पाले, अजरू, इरफान, आसू, युसूफ, इकबाल, साहिल सहित अन्य 10-15 लोग थे. सभी बख्तल के पास और कमला कॉलोनी देसूला के रहने वाले हैं. परिजनों का आरोप है कि करण की मौत पहले ही हो गई थी. लेकिन डॉक्टर ने जानबूझकर छुपाया. आरोप यह भी है कि हमलावरों ने धार्मिक नारे लगाते हुए हमला किया. इसकी सूचना के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के नेता भी मौके पर पहुंचे, उन्होंने भी कार्रवाई की मांग की. अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर तैयब खान ने बताया कि मरीज को रात में भर्ती कराया गया था और उसकी हालत ज्यादा सीरियस थी.सिर में गंभीर चोट आई थी. गुरुवार रात को ऑपरेशन किया गया. उसके बाद उसकी मौत हो गई. उसकी मौत की सूचना सुनने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया. घटना से आक्रोशित हिंदू संगठनों ने भी किया विरोध प्रदर्शन परिजनों का आरोप है कि उसकी मौत पहले हो गई थी. लेकिन डॉक्टरों ने जानबूझकर इसकी सूचना लेट दी. इधर सूचना पर अलवर डीएसपी अंगद शर्मा, एनईबी पुलिस थाना प्रभारी दिनेश कुमार एवं एमआईए सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह गुर्जर अस्पताल पहुंचे. जहां डीएसपी ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन परिजन मांग करने लगे कि हम डेड बॉडी को सुबह लेकर जाएंगे. वहीं अस्पताल प्रशासन ने कानूनन डेड बॉडी रखने से इनकार कर दिया. हालांकि परिजनों को काफी देर समझाने के बाद मृतक युवक की डेड बॉडी को राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय के मोर्चरी में शिफ्ट किया गया. जहां शनिवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी. परिजनों ने बताया कि मृतक युवक दो भाई हैं. मां की मृत्यु कुछ दिन पहले हो गई थी और पिता एक बीमारी से ग्रसित हैं. जिनका लगातार इलाज चल रहा है. अब घर में कमाने वाला कोई नहीं है. फिलहाल गांव में सुरक्षा को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है. घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव के हालात हैं. पुलिस ने कहा कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी. आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. इस घटना के विरोध में हिंदू संगठन भी सड़क पर आ गए हैं.