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बिना PR के टीम इंडिया में जगह नहीं? शमी का छलका दर्द, पर्पल कैप जीतने के बाद भी टी20 वर्ल्ड कप से बाहर

दिल्ली मोहम्मद शमी भारतीय टीम में वापसी की कोशिशों में लगे हुए हैं। एक पॉडकास्ट के दौरान टी20 विश्व कप में नहीं चुने जाने पर उनका दर्द छलक गया। उन्होंने कहा कि अच्छे प्रदर्शन के बाद भी उन्हें टी20 का गेंदबाज नहीं समझा जाता। 5-6 सालों में 130 विकेट, फिर भी टी20 गेंदबाज नहीं हूं! मोहम्मद शमी का छलका दर्द मोहम्मद शमी पिछले एक साल से भारत की टी20 और ओडीआई टीम से बाहर चल रहे हैं। वह ओडीआई में सबसे तेजी से 200 विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज हैं। टी20 फॉर्मेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार है, हालांकि टी20 इंटरनेशनल मैचों में वह कम दिखे हैं। आईपीएल के पिछले सीजन में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं था लेकिन उससे पहले तक वह लगातार कुछ सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चुनिंदा भारतीय गेंदबाजों में शामिल रहे। 2023 में पर्पल कैप तक जीता था। इसके बाद भी शायद उन्हें टी20 का गेंदबाज नहीं समझा जाता। इस पर शमी का दर्द छलका है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि पिछले 5-6 सालों में उन्होंने 130 के करीब विकेट लिए हैं, फिर भी उन्हें टी20 गेंदबाज नहीं समझा जाता तो वो क्या कर सकते हैं। शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में शमी ने कहा, ‘आईपीएल के बाद पिछला रिकॉर्ड उठाकर देख लीजिए कि अगर इंडियन बोलर आसपास भी हो मेरे, आईपीएल में भी, फिर भी मैं टी20 का बोलर नहीं हूं।’ इसके बाद होस्ट बोलते हैं कि आप आईपीएल में पर्पल कैप होल्डर हो फिर भी आपको टी20 का गेंदबाज नहीं मानते लोग, क्यों? इस पर शमी कहते हैं, 'लास्ट के 5-6 सालों में देख लीजिए कि 130 विकेटों के आसपास हैं। इससे ज्यादा आप क्या लोगे किसी बोलर से इस पर शुभांकर ने पूछा कि इसकी क्या वजह है? आपने पीआर वगैरह पर पैसा खर्च नहीं किया, इसलिए ये होता है क्या? इसके जवाब में शमी कहते हैं कि हो सकता है। मोहम्मद शमी टेस्ट में तो करीब दो-ढाई साल से बाहर हैं। वाइट बॉल इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका पिछला मैच 2025 के चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल था, जिसे रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने जीता था। टूर्नामेंट में शमी भारत की तरफ से संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। उसके बाद से ही वह टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। इस बीच डोमेस्टिक क्रिकेट में भी वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे लेकिन उन्हें न तो पिछले साल एशिया कप के स्क्वाड में जगह मिली और न ही इस साल टी20 क्रिकेट विश्व कप में। चयनकर्ताओं के इस फैसले पर तब कुछ एक्सपर्ट ने सवाल भी उठाए थे। 35 साल के शमी के अब 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर भी संदेह के बादल छाए हुए हैं। मोहम्मद शमी आईपीएल में भी शानदार प्रदर्शन करते आए हैं लेकिन पिछला सीजन उनके लिए अच्छा नहीं गया था। आईपीएल 2025 में वह सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा थे लेकिन 9 मैच में सिर्फ 6 विकेट ही चटका पाए थे। इस बार वह लखनऊ सुपर जॉइंट्स का हिस्सा हैं। शमी 2019 से लेकर 2024 तक लगातार आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों में से एक रहे हैं। उन्होंने पंजाब किंग्स की तरफ से 2019 में 19 विकेट, 2020 में 20 विकेट और 2021 में 19 झटके थे। 2022 में शमी गुजरात टाइटंस के साथ चले गए और उन्होंने 20 विकेट झटके। आईपीएल 2023 में उन्होंने 28 विकेट झटके और पर्पल कैप जीता। आईपीएल 2024 में वह नहीं खेले थे और पिछले साल यानी आईपीएल 2025 में वह सिर्फ 6 विकेट ही ले पाए थे।

घरेलू प्रदर्शन से प्रभावित, मोहम्मद शमी भारतीय टीम में लौट सकते हैं

नई दिल्ली पिछले कई महीनों से फिटनेस, फॉर्म और भविष्य को लेकर चल रही अटकलों के बाद 35 वर्षीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी एक बार फिर चर्चा में हैं. अब 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए उनकी टीम में वापसी हो सकती है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शमी के घरेलू प्रदर्शन पर बारीक नजर रखी जा रही है. जहां शमी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई में मोहम्मद शमी को लेकर प्लानिंग चल रही है. वह चयन की दौड़ से बाहर नहीं हैं. हालांकि, शमी की फिटनेस को लेकर अब भी कुछ मसले हैं. लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि वह न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से शुरू हो रही वनडे सीरीज में वापसी कर सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो शमी 2027 वनडे वर्ल्ड कप की प्लानिंग का भी हिस्सा रहेंगे. लंबे समय से शमी हैं बाहर यह रुख उस खिलाड़ी के लिए बड़ा बदलाव दर्शाता है, जिसने मार्च 2025 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से भारत के लिए कोई मुकाबला नहीं खेला है, जबकि उस टूर्नामेंट में उन्होंने 9 विकेट लेकर भारत के संयुक्त रूप से सबसे सफल गेंदबाज़ के रूप में समाप्त किया था. उनका आखिरी वनडे भी उसी प्रतियोगिता में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ था, जबकि उनका पिछला टेस्ट मुकाबला इससे भी पहले जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में हुआ था. घरेलू मैच में शमी का जलवा शमी का मामला इसलिए ठंडा नहीं पड़ा क्योंकि उनके आंकड़े लगातार चर्चा को ज़िंदा रखे हुए हैं. उन्होंने अपने पिछले छह मैचों में 17 विकेट लिए हैं, जिनमें तीन विजय हज़ारे ट्रॉफी और तीन सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के मैच शामिल हैं. इसके अलावा, मौजूदा रणजी ट्रॉफी सीज़न में उन्होंने सिर्फ चार मैचों में 20 विकेट चटकाए हैं, जिससे साफ है कि उनकी धार अब भी बरकरार है. कई पूर्व दिग्गजों ने उठाए हैं सवाल पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने भी शमी को लगातार नजरअंदाज किए जाने पर सवाल उठाए हैं. मोहम्मद कैफ ने सार्वजनिक रूप से हैरानी जताई कि जब सीनियर तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को आराम दिया गया, तब भी शमी को हालिया वनडे टीमों में जगह नहीं मिली. तेज़ गेंदबाज़ी विभाग में प्रयोग के दौर में शमी की गैरमौजूदगी और ज्यादा खली, खासकर बड़े टूर्नामेंटों में उनके साबित रिकॉर्ड को देखते हुए. यह तनाव इस साल उस वक्त खुलकर सामने आया, जब शमी ने ऑस्ट्रेलिया के व्हाइट-बॉल दौरे के लिए नजरअंदाज किए जाने पर चयन समिति पर सार्वजनिक रूप से तंज कसा. उन्होंने कहा कि अगर वह घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं, तो चयनकर्ताओं को अपनी फिटनेस की जानकारी देते रहना उनकी जिम्मेदारी नहीं है.  

हसीन जहां की शमी से बढ़ी मांग, सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर भेजा गया नोटिस

नई दिल्ली टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने लिए और अपनी बेटी के लिए हर महीने चार लाख रुपये के बजाए दस लाख के गुजारा भत्ता दिए जाने की मांग की है। इस पर सर्वोच्च अदालत ने ऐक्शन लेते हुए शमी और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया है। हसीन जहां कई सालों से मोहम्मद शमी से अलग रह रही हैं और उनके साथ दोनों की बेटी भी रहती है। जहां ने कलकत्ता हाई कोर्ट के पिछले फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 1.5 लाख रुपये प्रति माह और उनकी बेटी की देखभाल के लिए 2.5 लाख रुपये दिए जाने का आदेश दिया गया था। उनका कहना है कि यह धनराशि अपर्याप्त है। ऐसे में इसे बढ़ाकर दस लाख रुपये किया जाना चाहिए। जहां की यह अपील जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच के सामने लिस्ट की गई थी। बेंच ने सवाल किया कि क्या चार लाख रुपये, जिसका हाई कोर्ट ने आदेश दिया था, क्या वह उनके लिए पर्याप्त नहीं हैं। याचिका में, हसीन जहां ने तर्क दिया कि शमी की कमाई और उनकी जीवनशैली को देखते हुए यह राशि अपर्याप्त है और उन्होंने अदालत से गुजारा भत्ता बढ़ाने का आग्रह किया। जहां के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उनके पति (मोहम्मद शमी) बहुत पैसा कमाते हैं। हलफनामों पर गौर करें, उनके पास सैकड़ों करोड़ की संपत्ति, लग्जरी कारें हैं, वे अक्सर विदेश यात्रा करते हैं और एक शानदार जीवनशैली जीते हैं। साल 2018 से शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच विवाद चल रहा है। जहां ने शमी पर घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न समेत तमाम आरोप लगाए है। वहीं, हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ घोषित की गई टीम इंडिया की टेस्ट टीम में मोहम्मद शमी की वापसी नहीं हो सकी है। उन्होंने हाल ही में बंगाल के लिए तीन रणजी ट्रॉफी मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन एक बार फिर टेस्ट टीम में जगह नहीं बना पाए।