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मुख्यमंत्री ने प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं और ड्रोन दीदीयों से की आत्मीय चर्चा

भाई के घर (मुख्यमंत्री निवास) आई बहनों को मिला सम्मान भाई के साथ बहनें मनायेंगी आगामी त्योहार जमीन से आसमान तक सफलतापूर्वक बहनें हैं नंबर वन भाई का वादा, बहनों को मिलेगा और भी ज्यादा सरगम के सुरों ने बांधा समां, मुख्यमंत्री ने दिये 51 हजार रूपये  राज्य सरकार की प्राथमिकता मातृ शक्ति का सशक्तिकरण मुख्यमंत्री निवास पर हुआ "सशक्त और समर्थ नारी" संवाद कार्यक्रम भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की सभी माताओं-बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने देश की संसद में आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों और शासकीय सेवाओं में भी 35 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में बहनें आज भारतीय सेनाओं में भी शीर्ष पद प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश की बहनें आर्थिक-सामाजिक रूप से संपन्न और आत्मविश्वास से भरी हों, इस उद्देश्य से हमारी सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जाती है। साथ ही अधिक से अधिक बहनें संपत्ति की मालिक बनें, इसके लिए रजिस्ट्री में अतिरिक्त 2 प्रतिशत छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को 'सशक्त नारी-समर्थ नारी' संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास पधारी प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं तथा ड्रोन दीदीयों से आत्मीय चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाया। बालिका सरगम कुशवाह ने मधुर देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी सरगम को 51 हजार रूपए की राशि सम्मान और प्रोत्साहन स्वरूप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों से इस प्रकार संवाद का क्रम आगामी माहों में भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज महिलाएँ नहीं बहने मेरे घर आयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की आत्मीयता ने बहनों को भाव विभोर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सफलता के लिये बड़ी बहन श्रीमती कलावती यादव को श्रेय देते हुए कहा कि बड़ी बहन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने के साथ आवश्यक सहयोग व प्रोत्साहन प्रदान किया। मां और बहन के संस्कार, प्रेम और उनके द्वारा दी गई हिम्मत ही उनके आगे बढ़ने का आधार बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे परिवार में बहू भी बेटी समान है, और दोनों ही दुलार, स्नेह और सम्मान की बराबर की हकदार हैं। सनातन संस्कृति मातृ सत्ता पर आधारित संस्कृति है। मां ही हम सभी के जीवन मे पहली गुरु होती है। विश्व में भारत ही ऐसा राष्ट्र है, जहां देश को माता के भाव से जोड़ा जाता है। जैसे मां के आंचल में सुख और सुरक्षा का भाव आता है, वैसे ही देश की सत्ता से भी आम आदमी को सुख और सुरक्षा का एहसास हो, यही हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ विरासत को संरक्षण प्रदान करते हुए गतिविधियां संचालित की जा रही है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है। प्रदेश में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने के लिए लीज पर 25 एकड़ भूमि तक उपलब्ध कराई जा रही है। मध्यप्रदेश देश में यह नवाचार करने वाला पहला राज्य है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।। राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों की एमबीबीएस की 70 से 80 लाख रुपए तक फीस भर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में देहदान और अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की गई है। इसका सकारात्मक प्रभाव हुआ है। हमारी सरकार ने ऐलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाया है।    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जो औद्योगिक विकास में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश स्टार्ट-अप्स शुरू करने में अग्रणी हैं। राज्य सरकार ने बीते 2 वर्षों से लगातार स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित कर रही है। इनमें अधिकांश का नेतृत्व प्रदेश की महिला उद्यमी कर रही हैं। राज्य सरकार सूक्ष्म उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री तक महिलाओं को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में लागू की गईं 18 नई नीतियों में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। गुजरात मॉडल पर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भोपाल में पहली बार जीआईएस का आयोजित की गई। उससे पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की गईं। इन सभी प्रयासों से राज्य को मिले बंपर निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का लाभ महिलाओं को भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य किए हैं। इसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में दिख रहा है। लाड़ली बहना योजना से घरों के वातावरण में बदलाव आया है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का दायित्व महिलाएं निभा रही हैं।   अनूठा आयोजन – सीधा संवाद प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही बहनों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधा संवाद किया। इस अनूठे आयोजन में स्वास्थ्य, शिक्षा, टेक्सटाइल, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय बहनों ने अपने अनुभव, चुनौतियां और नवाचार साझा किए। संवाद की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह केवल संवाद नहीं, बल्कि समाज की उस जीवंत परंपरा का विस्तार है जिसमें बहनें जमीन से आसमान तक हर कदम आगे बढ़ते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज नारी शक्ति केवल भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्व की सक्रिय भूमिका में है। माँ के दिये संस्कार हैं हमारी धरोहर मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने बहनों से … Read more

श्रीराम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर हमारी सदियों की आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति को किया नमन श्री अयोध्या धाम में श्रीरामलला के विराजमान की द्वितीय वर्षगांठ पर हुआ कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजधानी भोपाल में प्रदेश का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव शामिल करने के उद्देश्य से राजधानी के प्रमुख मार्गों पर द्वारों का निर्माण किया जा रहा है। यह द्वार भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, सम्राट विक्रमादित्य और राजाभोज को समर्पित होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुर्नउत्थान का पर्व जारी है। बनारस, अयोध्या हो या उज्जैन सभी ओर हमारी आस्था और भावना के अनुरूप समृद्ध संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं का प्रकटीकरण हो रहा है। प्रदेश में गीता जयंती पर बड़े पैमाने पर श्रीमद्भगवतगीता पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी जिलों में गीता भवन का निर्माण कराया जा रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर हमारी सदियों की आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्री अयोध्या धाम में पुनर्निमित भव्य श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के विराजमान की द्वितीय वर्षगांठ (तिथि अनुसार) पर मालवीय नगर स्थित युवा सदन के पास निर्मित श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां पहुंचकर श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति को नमन किया तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम स्थल पर संत समुदाय तथा स्थानीय जन उपस्थित थे।  

सतना का नया बस स्टेण्ड अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा के नाम से जाना जाएगा

चित्रकूट को बनाएंगे भव्य और दिव्य धाम मध्यप्रदेश में नए साल से चलेंगी सरकारी बसें बरगी नहर परियोजना से सतना जिले की 1.5 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशती वर्ष मना रहे हैं। अटल जी के जन्मशती वर्ष में ही मध्यप्रदेश का रीयलस्टिक डेवलपमेंट (अभ्युदय) हो रहा है। हम मध्यप्रदेश में सरकार नहीं, परिवार चलाते हैं। प्रदेश के हर घर को परिवार मानकर जनहित के निर्णय ले रहे हैं। हमारे निर्णयों में अंत्योदय भी है और ग्रामोदय भी। सतना जिला भगवान श्रीराम की कर्मभूमि रहा है। इसलिए हमारी सरकार चित्रकूट को भव्य और दिव्य धाम के रूप में विकसित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सतना को स्मार्ट सिटी योजना की सौगात देकर विकास कार्यों की गंगा बहा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना के आईएसबीटी परिसर में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित आईएसबीटी का लोकार्पण किया और इसका नामकरण 'अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा' करने की घोषणा की। अटल जी राजनीति में शुचिता और राष्ट्रीयता के प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्र, धर्म और जनकल्याण के लक्ष्यों को लेकर सरकार चलाई। भारतीय संसद में 50 वर्षो तक अटल जी की निर्भीक वाणी गूंजती रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में आईएसबीटी बन चुका है। राज्य सरकार की भी पूरी तैयारी है कि नए साल से प्रदेश में सरकारी बसों का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के नाम से प्रदेश के गांव-गांव तक सस्ती और सुविधाजनक बस परिवहन सेवा प्रारंभ कर दी जाएंगी। शहरों में लग्जरी बसें चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि सतना विमानतल की एयरस्ट्रिप की वर्तमान लंबाई बढ़ाकर अब 1800 मीटर तक की जाएगी, जिससे यहां जेट विमान भी उतर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले का कोना-कोना सिंचित किया जाएगा। बरगी नहर परियोजना का पूरा लाभ सतना जिले को मिलेगा। इससे यहां की डेढ़ लाख हैक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें नवीन आधुनिक आईएसबीटी एवं धवारी क्रिकेट स्टेडियम के नवीनीकरण कार्य के लोकार्पण सहित करीब 383 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले 650 बिस्तरीय नवीन अस्पताल का भूमिपूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तीनों सौगातें सतना के विकास में चार चांद लगाएंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पूरा सप्ताह मध्यप्रदेश के विकास का ऐतिहासिक सप्ताह रहा है। धार और बैतूल में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन हुआ। ग्वालियर में "अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट" का आयोजन हुआ। कुल 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ। भोपाल मेट्रो शुरू हुई और आज विन्ध्य के विकास को भी नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम ने सतना के पास चित्रकूट धाम में 11 वर्ष गुजारे थे। राज्य सरकार चित्रकूट धाम सहित सतना जिले के विकास के लिए संकल्पित है। यहां भगवान कामता नाथ विराजे हैं। देश-दुनिया के पर्यटक मंदाकनी नदी के किनारे चित्रकूट आ रहे हैं। अयोध्या के बाद चित्रकूट का अलग ही महत्व है। भगवान श्रीराम के जीवन से रिश्तों की मर्यादा समझी जा सकती है। उन्होंने सुग्रीव से मित्रता करके आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन से मित्रता का महत्व सीखने की आवश्यकता है। राज्य सरकार सनातन संस्कृति और राष्ट्र के कल्याण कार्यों को आगे बढ़ाते हुए विरासत का संरक्षण कर रही है। प्रदेश की बहन-बेटियों को लाड़ली बहना योजना के माध्यम से हर माह 1500 रुपए की राशि मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना में दिल्ली-मुंबई से भव्य बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है। राज्य में पहले परिवहन विभाग की लाल बसें चलती थीं। अब गांव-गांव तक प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सड़कें बनवा दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी वर्ष में प्रदेश को अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात मिल रही है। अटलजी एक आदर्श राजनेता थे। उन्होंने देश में 24 दलों को मिलाकर सरकार चलाई, लेकिन एक वोट कम होने पर पद भी त्याग दिया। अटलजी की 101वीं जयंती के मौके पर ग्वालियर और लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में 650 बेडेड नए अस्पताल भवन का शिलान्यास हो गया है। अमृत 2.0 योजना के माध्यम से सतना को अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली है। यहां 7 करोड़ रूपए की लागत से आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का लोकार्पण भी हुआ है। इसमें डे-नाईट क्रिकेट मैच हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के लिए सदैव जनता के साथ खड़ी है। नए साल में बरगी नहर से सतना जिले की डेढ़ लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से चित्रकूट को भी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलेगा। प्रदेश के सभी तीर्थों को भी हम पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे।  

सतना में बड़ी सौगातें: नवनिर्मित बस टर्मिनल का लोकार्पण और मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन

सतना   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 दिसंबर शनिवार को सतना आ रहे हैं. मुख्यमंत्री यहां 652 करोड़ 54 लाख रु के विकास कार्यो की सौगात देंगे, जिसमें मुख्य रूप से नया व आधुनिक बस स्टैंड, और मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के साथ विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं. इसके साथ ही सीएम भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने बीजेपी कार्यालय जाएंगे और फिर विंध्य व्यापार मेले में भी शिरकत करेंगे. दोपहर 12 बजे सतना पहुंचेंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सतना जिले के एक दिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं. मुख्यमंत्री निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इंदौर से प्लेन द्वारा रवाना होकर दोपहर 12 बजे सतना एयरपोर्ट पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 4.50 बजे सतना एयरपोर्ट से भोपाल के लिए रवाना होंगे. सतना प्रवास पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना शहर को 652 करोड 54 लाख रु की लागत के विकास कार्यो की सौगात देंगे. सतना को मिलेंगी ये सौगातें सीएम डॉ. यादव शहर में 31 करोड़ 15 लाख रु की लागत से नवनिर्मित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल सतना और 8 करोड़ 39 लाख रु लागत के धवारी क्रिकेट स्टेडियम के नवनिर्माण कार्य का लोकार्पण करेंगे. साथ ही अंतरराज्यीय बस स्टैंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहर के 168 लाख 33 हजार रु लागत के 6 विकास कार्यो का लोकार्पण और 484 करोड़ 21 लाख रु लागत के 6 अन्य विकास कार्यो का भूमिपूजन करेंगे. वहीं कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभांवित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण करेंगे. इसके साथ ही शासकीय मेडीकल कॉलेज सतना में आयोजित कार्यक्रम में करोड़ों रु की लागत से बनने वाले 650 बिस्तरीय नवीन चिकित्सालय भवन के निर्माण का भूमिपूजन करेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना में आयोजित विंध्य व्यापार मेला के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. सबसे पहले बस स्टैंड पहुंचेंगे सीएम मामले पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष भगवती पांडेय ने बताया, '' सीएम डॉक्टर मोहन यादव जी सतना एयरपोर्ट से सबसे पहले नया बस स्टैंड का उद्घाटन करने पहुंचेंगे, उसके बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल का लोकार्पण होगा. वहां से भाजपा कार्यालय और फिर विभिन्न व्यापार मेला में जाएंगे. उसके बाद पुनः वापस भोपाल के लिए रवाना होंगे.'' सतना सीएसपी देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा, '' शनिवार को सीएम डॉ मोहन यादव जी के आगमन पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से जगह-जगह पर पुलिस बल लगाया गया है और बैरिकेडिंग के साथ-साथ पार्किंग व्यवस्था भी की गई है.''

प्रदेश के विकास की समग्र तस्वीर पेश करेगा ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’

उद्योग के साथ पर्यटन, नगरीय विकास और एमएसएमई के क्षेत्र में विकास सशक्त तस्वीर होगी प्रदर्शित भोपाल  ग्वालियर में आज आयोजित होने जा रहा ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ मध्यप्रदेश के विकास मॉडल को एक नए और व्यापक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने जा रहा है। यह आयोजन केवल निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस समग्र सोच को सामने लाता है, जिसमें उद्योग, नगरीय विकास, पर्यटन, एमएसएमई, स्टार्ट-अप और रोजगार एक साथ आगे बढ़ते हुए दिखाई देते हैं। यही वजह है कि यह समिट राज्य की विकास यात्रा में एक साधारण कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक समन्वित विकास मंच के रूप में उभर रहा है। समिट के दौरान एमपीआईडीसी द्वारा आयोजित प्रदर्शनी और प्रस्तुतियों में नगरीय विकास विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों को विशेष स्थान दिया गया है। प्रदर्शनी में लगाए गए सूचना पैनलों और ऑडियो-विजुअल फिल्म के माध्यम से यह बताया गया कि किस तरह शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। इन योजनाओं का सीधा प्रभाव आम नागरिक के जीवन पर पड़ रहा है। स्मार्ट सिटी पहलों के जरिए बेहतर सड़कों, सार्वजनिक सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं और शहरी प्रबंधन को मजबूती मिल रही है, जिससे शहरी जीवन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है। नगरीय क्षेत्रों में जलप्रदाय, सीवरेज और हरित क्षेत्र विकास से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं की जानकारी भी इस मंच पर प्रस्तुत की जा रही है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचा विकसित करना नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए शहरी विस्तार को सुव्यवस्थित करना है। स्वच्छ जल आपूर्ति, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और हरित क्षेत्रों का विकास शहरों को निवेश और रोजगार के लिए अधिक अनुकूल बना रहा है। शहरी आजीविका और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाली योजनाओं को भी समिट में प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को दिए गए ब्याजमुक्त ऋण, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से परिवारों को आजीविका से जोड़ने और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने की पहल यह दर्शाती है कि शहरी विकास केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं, बल्कि मानव संसाधन के सशक्तिकरण पर भी समान रूप से केंद्रित है। भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजनाओं की प्रगति आधुनिक शहरी परिवहन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। इसी व्यापक दृष्टिकोण का विस्तार मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के ‘अभ्युदय 2025’ पवेलियन में भी दिखाई देता है। यह पवेलियन आधुनिक तकनीक और सुसंगठित कंटेंट के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक स्थलों, वन्यजीव पर्यटन और अनुभवात्मक पर्यटन को प्रस्तुत करता है। एलईडी वॉल पर चलने वाली फिल्मों, वर्चुअल रियलिटी अनुभव, महाकाल दर्शन के लिए होलोग्राम तकनीक और डिजिटल स्टैंडीज़ के जरिए यह बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में किस तरह नए अनुभव और अवसर विकसित कर रहा है। सेल्फी और फोटो बूथ जैसे इंटरएक्टिव एलिमेंट्स के जरिए दर्शकों की भागीदारी भी बढ़ाई जा रही है, जिससे राज्य की पर्यटन पहचान और मजबूत हो रही है। समिट में MSME, स्टार्ट-अप और निर्यात को लेकर आयोजित समानांतर सत्र इस आयोजन को और व्यावहारिक बनाते हैं। इन सत्रों में नीति समर्थन, पूंजी बाजार से जुड़ाव, नवाचार संरक्षण, निर्यात संवर्धन और वैश्विक बाजारों में अवसरों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। राष्ट्रीय संस्थानों, निर्यात संगठनों और वित्तीय संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की भागीदारी यह स्पष्ट करती है कि मध्यप्रदेश उद्यमियों को केवल निवेश आमंत्रण तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और मंच भी उपलब्ध करा रहा है। इस समिट की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है देश के शीर्ष उद्योगपतियों और कॉरपोरेट लीडर्स की व्यापक उपस्थिति। ऊर्जा, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, सीमेंट, एफएमसीजी और लॉजिस्टिक्स जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख उद्योगपति और निर्णय-कर्ता एक ही मंच पर उपस्थित रहेंगे। उनकी भागीदारी यह दर्शाती है कि मध्यप्रदेश को आज उद्योग जगत एक भरोसेमंद और भविष्य-उन्मुख राज्य के रूप में देख रहा है। समिट के दौरान बड़े निवेश प्रस्तावों से जुड़ी परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण, भूमि आवंटन और आशय पत्रों का वितरण तथा उच्च रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों का सम्मान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ केवल विचार और संवाद का मंच नहीं, बल्कि निवेश, रोजगार और क्रियान्वयन को एक साथ जोड़ने वाला ठोस प्रयास है। यह आयोजन यह संदेश देता है कि मध्यप्रदेश में विकास एकांगी नहीं है। यहाँ उद्योग के साथ-साथ नगरीय जीवन की गुणवत्ता, पर्यटन की संभावनाएँ और एमएसएमई की मजबूती भी समान रूप से प्राथमिकता में हैं। ग्वालियर में होने जा रहा यह समिट राज्य की उसी संतुलित और यथार्थवादी विकास सोच का सजीव उदाहरण बनकर सामने आएगी।

चिकित्सा शिक्षा और आयुष क्षेत्र में मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक सुधार, CM मोहन यादव के प्रयासों की गाथा

संकल्प से सिद्धि: स्वास्थ्य हब बनता मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में  चिकित्सा शिक्षा और आयुष क्षेत्र में ऐतिहासिक कायाकल्प की गाथा भोपाल  मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ अब केवल चुनावी वादों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह दीर्घकालिक सेवा और सुदृढ़ नीति का प्रमाण बन चुकी हैं। 2003 से पहले जहाँ प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की स्थिति स्थिर थी, वहीं आज डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने इसे 'जन-आंदोलन' का रूप दे दिया है। एलोपैथी के आक्रामक विस्तार से लेकर आयुष के पुनरुत्थान तक—मध्य प्रदेश अब "बेसिक मेडिकल शिक्षा" से आगे बढ़कर "एडवांस्ड हेल्थ केयर" की ओर कदम बढ़ा चुका है।  चिकित्सा शिक्षा – विस्तार, गुणवत्ता और भविष्य (2003-2028) 1. ठहराव से रफ़्तार तक का सफ़र (ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य) आंकड़े गवाह हैं कि प्रदेश ने पिछले दो दशकों में कैसे लंबी छलांग लगाई है: सीमित अतीत (1946-2003): 1970 के पूर्व और उसके बाद कई दशकों तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग स्थिर रही। 1946 से 2003 के बीच ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर और रीवा जैसे चुनिंदा शहरों तक ही चिकित्सा शिक्षा सीमित थी। 2003 तक प्रदेश में शासकीय मेडिकल कॉलेज मात्र 5 थे और कुल कॉलेज केवल 6 थे । बदलाव का दौर (2004-2023): सागर (2009) जैसे नए शासकीय कॉलेज खुले और निजी क्षेत्र को भी अवसर मिला। 2018-19 के बाद विदिशा, दतिया, शहडोल, खंडवा, शिवपुरी और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हुए, जिससे चिकित्सा शिक्षा संभाग से निकलकर जिले की दहलीज़ तक पहुँची । 2. डॉ. मोहन यादव सरकार का 'आक्रामक विस्तार' (2023 के बाद) वर्तमान सरकार ने मेडिकल शिक्षा के विस्तार को नई दिशा दी है: रिकॉर्ड उपलब्धि: 2003 से पहले जितने मेडिकल कॉलेज खुले थे, डॉ. मोहन यादव की सरकार ने लगभग उतने ही कॉलेज केवल दो वर्षों में खोल दिए हैं । हर लोकसभा तक पहुँच: सिवनी, नीमच, मंदसौर, श्योपुर और सिंगरौली जैसे सुदूर जिलों में नए मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं। आज प्रदेश का हर लोकसभा क्षेत्र मेडिकल कॉलेज से जुड़ने की दहलीज़ पर खड़ा है । वर्तमान स्थिति (2025): आज शासकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या 14 से बढ़कर 19 और निजी कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़कर 14 हो चुकी है। यानी कुल 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं । 3. सीटों में अभूतपूर्व वृद्धि (MBBS, PG और सुपर स्पेशलिटी) डॉक्टरों की कमी के पुराने तर्क को ध्वस्त करते हुए सीटों में भारी इजाफा किया गया है: MBBS सीटें: 2003 में मात्र 1,250 सीटें थीं। 2023-24 में यह 4,875 हुईं और 2025-26 के सत्र में यह बढ़कर 5,550 (शासकीय: 2850, निजी: 2700) हो गई हैं। यह वृद्धि जनसंख्या वृद्धि की तुलना में कहीं अधिक है । PG और सुपर स्पेशलिटी (एडवांस्ड केयर): सरकार का फोकस केवल MBBS तक सीमित नहीं है। PG सीटें: कुल PG (MD/MS) सीटें बढ़कर 2,862 हो गई हैं । सुपर स्पेशलिटी: शासकीय क्षेत्र में सीटें 47 से बढ़कर 64 हो गई हैं और कुल सीटें 93 हैं। यह संकेत है कि मप्र अब एडवांस्ड हेल्थ केयर की ओर बढ़ रहा है । 4. अभिनव पहल: पीपीपी (PPP) मॉडल और भविष्य का रोडमैप (2026-28) सरकार निजी निवेश और सार्वजनिक लक्ष्यों के समन्वय से बड़े लक्ष्य साध रही है: PPP मॉडल पर प्रगति : 4 मेडिकल कॉलेजों—कटनी, धार, पन्ना, और बैतूल—के लिए MoU हस्ताक्षरित हो चुके हैं । निविदा प्रक्रिया जारी : 9 जिलों—अशोकनगर, मुरैना, सीधी, गुना, बालाघाट, भिंड, टीकमगढ़, खरगोन और शाजापुर—में पीपीपी मोड पर कॉलेज खोलने की प्रक्रिया प्रगतिरत है । 2026-28 का विजन : दमोह, बुधनी, छतरपुर, राजगढ़, मंडला और उज्जैन में कुल 6 नवीन कॉलेज प्रस्तावित हैं । महायोग (Grand Total) : योजनानुसार, 2028 तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या 52 हो जाएगी और MBBS सीटें 7,450 तक पहुँचने का अनुमान है । 5. सुधरते सामाजिक मानक (Impact Metrics) डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात : प्रति 10 लाख जनसंख्या पर MBBS सीटों की उपलब्धता 2003 में 20.8 थी, जो 2025 में 63 तक पहुँच चुकी है। 2028 तक यह राष्ट्रीय औसत के करीब होगी । विधानसभा स्तर पर सुधार : प्रति विधानसभा सीट MBBS औसत 2003 में 5 था, जो अब बढ़कर 24 हो गया है। आयुष विभाग – गौरवशाली परंपरा, आधुनिक उपलब्धियाँ एलोपैथी के साथ-साथ 'निरोगी काया' के संकल्प को पूरा करने के लिए आयुष विभाग ने भी महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं: 1. अधोसंरचना और मानव संसाधन का सुदृढ़ीकरण नए पदों का सृजन : 05 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों के लिए 1570 पद, 50/30 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों हेतु 1179 पद और 58 जिला आयुष विंगों में 213 पद सृजित किए गए हैं। फैकल्टी की कमी दूर: शासकीय महाविद्यालयों में सीनियर फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए 543 आयुर्वेद, 35 होम्योपैथी, 14 यूनानी चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति और 74 को उच्च पद का प्रभार दिया गया है। 8 नवीन महाविद्यालय: नर्मदापुरम, मुरैना, शहडोल, बालाघाट, सागर, झाबुआ, शुजालपुर और डिंडोरी में 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्वीकृति प्रदान की गई है। 2. चिकित्सालयों का विस्तार और उन्नयन वेलनेस टूरिज्म: प्रदेश में 12 'वेलनेस टूरिज्म केंद्र' स्थापित किए गए हैं, जो स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर: 238 औषधालयों को अपग्रेड कर 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' (Health & Wellness Centres) में परिवर्तित किया गया है और 108 नए औषधालयों का निर्माण किया गया है। नए 50-बिस्तरीय और 30-बिस्तरीय चिकित्सालयों का निर्माण एवं संचालन निरंतर जारी है। 3. आगामी 3 वर्षों की कार्य-योजना (भविष्य की झलक) आयुष विभाग ने अगले तीन वर्षों के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया है: नए संस्थान: 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालय, 1 होम्योपैथी महाविद्यालय और 13 नए आयुष चिकित्सालयों (12 पचास-बिस्तरीय, 1 तीस-बिस्तरीय) का संचालन शुरू होगा। छात्र सुविधाएँ: सभी आयुष महाविद्यालयों में 100-सीटर छात्रावास और स्वयं की फार्मेसी स्थापित की जाएगी। एकीकृत स्वास्थ्य (Integrated Health): सभी जिला एलोपैथी चिकित्सालयों में 'आयुष विंग' और 'पंचकर्म यूनिट' स्थापित की जाएगी। सिकल सेल और जनजातीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार होगा। डिजिटल क्रांति : 'E-औषधि' और 'E-Hospital' प्रणाली लागू कर ऑनलाइन औषधि आपूर्ति और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। अनुसंधान : प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आयुष वेलनेस सेंटर और अत्याधुनिक अनुसंधान लैब का आधुनिकीकरण किया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से 52 तक ले जाने का लक्ष्य और आयुष को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प। यह केवल … Read more

नितिन नवीन बने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, सीएम मोहन यादव ने किया स्वागत और बधाई

भोपाल  मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली में भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की है। साथ ही सीएम ने उन्हें यशस्वी कार्यकाल के लिए बधाई भी दी है। नितिन नवीन के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद सीएम मोहन यादव की यह पहली मुलाकात है। इस मुलाकात को लेकर सीएम ने एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए जानकारी दी है। मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी में यह एक नए दौर की शुरुआत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं ने नई पीढ़ी को अवसर दिया है। भारत युवाओं का देश है और विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष यदि युवा बनता है, तो इससे बड़ा सौभाग्य और क्या हो सकता है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और उसी दिशा में मध्यप्रदेश भी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने अपने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस दौरान सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार समावेशी विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। वहीं, केंद्रीय विधि एवं न्याय और संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल से भी सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रदेश में पशुधन विकास की अपार संभावनाएं मौजूद

हिरण्यगर्भा अभियान से नस्ल सुधार और टीकाकरण में मध्यप्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में पशुधन विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इन संभावनाओं को एक्सप्लोर करने के लिए पशुओं का नस्ल सुधार एक सशक्त माध्यम है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर हिरण्यगर्भा अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश में अगले पांच सालों में कृत्रिम गर्भाधान (आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन) का कवरेज 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत चालू वित्त वर्ष में कुल मादा पशुओं में से 28.04 लाख (लगभग 33 प्रतिशत) गौवंशीय एवं भैंस वंशीय पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अप्रैल से नवम्बर 2025 के बीच प्रदेश में 11.76 लाख से अधिक पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराकर उल्लेखनीय प्रगति हासिल की गई है। मध्यप्रदेश में पशुपालन को लाभ का व्यवसाय बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में हिरण्यगर्भा अभियान एक प्रभावशाली पहल बनकर उभरा है। हाल ही में हुई 20वीं पशु संगणना के अनुसार प्रदेश में कुल 290.57 लाख से अधिक गौवंशीय एवं भैंस वंशीय पशु उपलब्ध हैं। इनमें से 77.18 लाख पशु (लगभग 27 प्रतिशत) उन्नत नस्ल के हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पशुधन विकास की केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका में है। नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनएडीसीपी) के अंतर्गत फुट-एंड-माउथ-डिजीज (एफएमडी) टीकाकरण चलाया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में हुए चौथे और पाचवें चरण में मध्यप्रदेश ने देश में सर्वाधिक पशुओं का टीकाकरण कर इसे ऑनलाइन दर्ज किया। वर्तमान में प्रदेश में इसका छठवां चरण संचालित है, जिसमें अब तक 154.16 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अलावा राष्ट्रीय पशुधन मिशन – उद्यमिता विकास कार्यक्रम के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान पाकर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि पशु नस्ल सुधार के लिए चलाए जा रहे हिरण्यगर्भा अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसके अंतर्गत प्रदेश की 691 चयनित गौशालाओं में उपलब्ध प्रजनन योग्य गौवंश में भी कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। इससे गौवंश की नस्ल/गुणवत्ता में तो सुधार होगा ही, गौशालाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। संचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बताया कि पशुपालकों के द्वार पर कृत्रिम गर्भाधान की घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराने और ग्रामीण शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार देने की मंशा से वर्ष 2014-15 से हर पंचायत में बहुउद्देशीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता (मैत्री) तैयार किए जा रहे हैं। वर्तमान वित्त वर्ष में 2399 मैत्री कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही, ऐसे मैत्री जो किसी कारणवश निष्क्रिय हो गए थे, उन्हें भी पुनः सक्रिय करने के लिए रि-फ्रेशर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक ऐसे 1227 मैत्री कार्यकर्त्ता प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। इस वित्त वर्ष में अब तक 1.28 लाख से अधिक पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हिरण्यगर्भा अभियान और केन्द्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश पशुधन विकास एवं नस्ल सुधार के क्षेत्र में आदर्श राज्य(इमर्जिंग स्टेट) के रूप में ख्याति प्राप्त कर रहा है। इससे पशुपालकों की दैनिक आय बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई मजबूती मिल रही है। पशुपालकों के जीवन में समृद्धि लाने के लिए विभाग द्वारा कई नवाचार भी किए जा रहे हैं।  

ग्राम विकास से संबंधित सभी विभाग समग्र ग्राम विकास की अवधारणा के अनुसार योजनाओं का क्रियान्वयन करें सुनिश्चित

अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करते हुए उनके विकास के लिए बनाई जाए कार्य योजना दो वर्ष की उपलब्धियों, नवाचारों पर हुआ प्रेजेंटेशन आगामी कार्य योजना संबंधी दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, स्वच्छता और ग्रामों को सड़कों के माध्यम से विकास की मुख्य धारा में जोड़ने में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह गतिविधियां आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में इस विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा अनुवीक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी अद्यतन तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधानसभा स्थित समिति कक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं पर बैठक को संबोधित कर रहे थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में महात्मा गांधी नरेगा, पंचायतराज, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की 2 वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया गया तथा आगामी कार्ययोजना के संबंध में निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ ही कृषि, सहकारिता, मत्स्य पालन तथा ग्राम विकास से संबंधित अन्य विभागों को सम्मिलित करते हुए समग्र ग्राम विकास की अवधारणा के अनुसार योजनाओं का समन्वित रूप से क्रियान्वयन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना को गति देने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करते हुए उनके विकास के लिए कार्य योजना बनाई जाए तथा नगरीय निकायों के मध्य विद्यमान पंचायतें परस्पर समन्वय से सड़कें तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य शासन की दो वर्ष की उपलब्धियों के प्रेजेंटेशन में जानकारी दी गई कि :-     प्रदेश में 922 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से 2 हजार 472 ग्राम सेवा सदन (पंचायत भवन), 557 करोड़ रूपए लागत के 106 अटल सुशासन भवन (जनपद पंचायत भवन) और 50 करोड़ रूपए लागत के 5 अटल जिला सुशासन भवन (जिला पंचायत भवन) स्वीकृत किए गए।     855 करोड़ रूपए लागत के 3 हजार 560 सामुदायिक भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई।     नर्मदा परिक्रमा पथ के 231 आश्रय स्थलों और 89 नदियों के उद्गम स्थलों पर पौध-रोपण कार्य के लिए 7 करोड़ 50 लाख रूपए के फेंसिंग कार्य स्वीकृत किए गए।     प्रत्येक विधानसभा में मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना के अंतर्गत 155 विधानसभा क्षेत्रों में ग्रामों का चयन किया जा चुका है।     जल गंगा संवर्धन अभियान 2024 के अंतर्गत 1368 करोड़ रूपए के 60 हजार 428 कार्य किए गए। वर्ष 2025 के अंतर्गत 3 हजार करोड़ रूपए के कार्य लिए गए हैं।     एक बगिया मां के नाम अंतर्गत 750 करोड़ रूपए लागत से 31 हजार 142 कार्य किए गए।     महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 1897 लाख और वर्ष 2025-26 में 1404 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया।     "कैच द रेन" अभियान के अंतर्गत प्रदेश के खरगौन जिले को नेशनल वाटर अवार्ड 2024 प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।     प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 1224 जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र में 6170 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का सृजन किया गया, 67 कृषक सुविधा सह कस्टम हायरिंग सेंटर का निर्माण प्रचालन एफपीओ के माध्यम से किया गया।     प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण में वर्ष 2024-25 में 44 लाख 22 हजार और वर्ष 2025-26 में अक्टूबर 2025 तक 37 लाख 23 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए।     राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लखपति दीदी की श्रेणी में 11 लाख 27 हजार 37 परिवार पिछले दो वर्ष में दर्ज हुए।     आजीविका मिशन के अंतर्गत 19,995 ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण तथा 16,975 युवाओं को रोजगार दिया गया। लगभग 65 हजार प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। इसके साथ ही 2 लाख 36 हजार 214 समूहों को 5 हजार 658 करोड़ रूपए से अधिक का बैंक लिंकेज प्रदान किया गया और 3,395 स्व-सहायता समूहों को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ऑनबोर्ड किया गया।     प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के अंतर्गत 11 लाख 72 हजार के लक्ष्य के विरूद्ध 11 लाख 46 हजार आवास स्वीकृत कर मध्यप्रदेश, देश में प्रथम रहा।     स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच मुक्ति के स्थायित्व के लिए 2 लाख 87 हजार 279 पारिवारिक व्यक्तिगत शौचालय और 1,417 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया गया। 21,186 ग्रामों को ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किया गया है। गोबरधन योजना के अंतर्गत 73 बायो गैस संयंत्रों का निर्माण किया गया। प्रदेश के 16 हजार 56 ग्राम ठोस अपशिष्ट प्रबंधित घोषित किए गए हैं।     प्रमुख बिन्दु     ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, स्वच्छता और ग्रामों को सड़कों के माध्यम से विकास की मुख्य धारा में जोड़ने में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका।     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में इस विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।     योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा अनुवीक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी अद्यतन तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।।     बैठक में महात्मा गांधी नरेगा, पंचायतराज, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की 2 वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया।     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ ही कृषि, सहकारिता, मत्स्य पालन तथा ग्राम विकास से संबंधित अन्य विभागों को सम्मिलित करते हुए समग्र ग्राम … Read more

CM मोहन यादव का एमजी रोड थाने और गोपाल मंदिर दौरा, सुरक्षा और प्रशासनिक हालात पर निगरानी

उज्जैन  मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन से इंदौर आए। वे पहले गोपाल मंदिर पहुंचे। यहां बने नवनिर्मित आडियोरियम का अवलोकन किया। अफसरों ने उन्हें बतया कि छोटे आयोजन इस हाॅल में हो सकते। मुख्यमंत्री मंदिर की पहली मंजिल पर गए और वहां झरोके से सबका अभिवादन किया। इस बीच बिहार चुनाव के रुझान आना भी शुरू हो गए थे। उन्होंने साथ चल रहे भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा से इसकी जानकारी ली। वे मंदिर में करीब 20 मिनट तक रुके। उन्होंने मंदिर में दर्शन भी किए। इसके बाद उनका काफिला एयरपोर्ट जाने से पहले एमजी रोड थाने पर रुका। यहां उन्होंने थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से दर्ज प्रकरणों की जानकारी ली और उनसे भी पूछा कि नए थाने में उन्हें कोई परेशानी तो नहीं आ रही है। इसके बाद वे भाजपा कार्यालय भी गए और बिहार चुनाव में एनडीए को मिली सफलता के जश्न में भी शामिल हुए। इसके बाद वे बड़वानी में जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। यहां वे बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।  चुनाव के समय राजकुमार मध्य प्रदेश में छुट्टी मना रहे थे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिहार चुनाव में एनडीए को मिले बहुमत के बारे में कहा कि जब बिहार में चुनाव थे, तब राजकुमार मध्य प्रदेश में छुट्टियां मना रहे थे। कांग्रेस खिसयानी बिल्ली की तरह खंबा नोचती है। यह हार राहुल गांधी को पहले ही दिखाई दे रही थी। हमने कहा था कि दुल्हा भाग गया, बैंड-बाजा घोड़ी तैयार है। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और सफलता पाई है।