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सीएम ने किया ऐलान: एमपी का ‘एक जिला-एक उत्पाद’ मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर बनेगा उदाहरण, वाराणसी में करेंगे साझा

भोपाल  मुख्यमंत्री  मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) को एक मजबूत आर्थिक मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। यह पहल स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने के साथ उन्हें बाजार, निर्यात और रोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस सशक्त मॉडल को 31 मार्च को वाराणसी में आयोजित सहयोग सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां उत्तर प्रदेश के नवाचारों से भी अनुभव साझा किए जाएंगे।  हर जिले की पहचान को मिला आर्थिक विस्तार ओडीओपी के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले की विशिष्टता को चिन्हित कर उसे उत्पादन, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्धता से जोड़ा गया है। श्योपुर का अमरूद, मुरैना-भिंड की सरसों, ग्वालियर का सैंडस्टोन, अशोकनगर की चंदेरी हैंडलूम, रतलाम का नमकीन, उज्जैन का बाटिक प्रिंट और धार का बाघ प्रिंट जैसे उत्पाद अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना रहे हैं। यह पहल केवल पारंपरिक उत्पादों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक समग्र वैल्यू चेन के रूप में विकसित किया गया है, जिससे कारीगरों, किसानों और सूक्ष्म उद्यमियों को स्थायी आय के अवसर मिल रहे हैं। ओडीओपी से स्थानीय उत्पादकों के आर्थिक सशक्तिकरण का मॉडल ओडीओपी के माध्यम से प्रत्येक जिले की विशिष्टता को चिन्हित कर उसे उत्पादन, प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार उपलब्धता से जोड़ा गया है। मध्यप्रदेश में यह पहल केवल पारंपरिक उत्पादों के संरक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे एक समग्र वैल्यू चेन के रूप में विकसित किया गया है, जिससे कारीगरों, किसानों और सूक्ष्म उद्यमियों को स्थायी आर्थिक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। सहयोग सम्मेलन में ओडीओपी से स्थानीय उत्पादकों और कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण का मॉडल साझा किया जायेगा। प्रदेश के हर जिले की विशिष्टता को मिला आर्थिक विस्तार श्योपुर का अमरूद, मुरैना-भिंड की सरसों, ग्वालियर का सैंडस्टोन, अशोकनगर की चंदेरी हैंडलूम, रतलाम का नमकीन, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, धार का बाघ प्रिंट, झाबुआ का कड़कनाथ, बुरहानपुर की जरी-जरदोजी, सीहोर का बासमती, बैतूल का सागौन, बालाघाट का चिन्नौर चावल, मंडला-डिंडोरी का कोदो-कुटकी, सतना का टमाटर, शहडोल की हल्दी जैसे विविध उत्पादों को ODOP के अंतर्गत संगठित कर बाजार से जोड़ा गया है। यह व्यापकता यह दर्शाती है कि प्रदेश के हर हिस्से की आर्थिक क्षमता को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के ओडीओपी को सिल्वर अवॉर्ड से राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता मध्य प्रदेश के इन समग्र प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। मध्यप्रेश के ओडीओपी मॉडल को अवॉर्ड-2024 में सिल्वर अवॉर्ड प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि प्रदेश के कारीगरों, किसानों और उद्यमियों की दक्षता और सरकार द्वारा विकसित सुदृढ़ इकोसिस्टम का परिणाम है। निर्यात, कौशल और बाजार को जोड़ता एकीकृत इकोसिस्टम प्रदेश में ओडीओपी को निर्यात संवर्धन, कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ते हुए कार्यशालाओं, प्रदर्शनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाजार उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। ब्रांडिंग, पैकेजिंग, जीआई टैगिंग और ई-कॉमर्स के माध्यम से उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाया जा रहा है, जिससे स्थानीय उत्पाद वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। एमपी यूपी सम्मेलन से उभरेंगे नए अवसर और समन्वय एमपी-यूपी सम्मेलन में दोनों राज्यों के मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और नीति-निर्माताओं की सहभागिता के साथ ओडीओपी के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की दिशा पर केंद्रित रहेगा। इस मंच के माध्यम से मध्यप्रदेश अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह प्रदर्शित करेगा कि ओडीओपी को किस प्रकार व्यवहारिक, रोजगारोन्मुख और निर्यात-आधारित मॉडल के रूप में लागू किया जा सकता है। ‘लोकल टू ग्लोबल’ दृष्टि को मिलेगा ठोस विस्तार मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश सम्मेलन से ओडीपी उत्पादों के लिए नए बाजार अवसर विकसित होंगे, निर्यात को गति मिलेगी और कारीगरों तथा उद्यमियों को व्यापक प्लेटफॉर्म प्राप्त होगा। दोनों  राज्यों के बीच सहयोग और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान सुदृढ़ होगा, जिससे ओडीओपी को राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त आर्थिक मॉडल के रूप में और मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में ‘एक जिला एक उत्पाद’ के अंतर्गत प्रदेश के 50 से अधिक जिलों की विशिष्ट उत्पादकता को चिन्हित कर उसे एक सशक्त आर्थिक ढांचे से जोड़ा गया है। श्योपुर का अमरूद, मुरैना-भिंड की सरसों, ग्वालियर का सैंडस्टोन टाइल्स, अशोकनगर की चंदेरी हैंडलूम, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, धार का बाघ प्रिंट, रतलाम का नमकीन, झाबुआ का कड़कनाथ, बुरहानपुर की जरी-जरदोजी, बड़वानी का केला, खरगोन की मिर्च, इंदौर का आलू, सागर के कृषि उपकरण, मंदसौर का लहसुन, नीमच का धनिया, आगर मालवा-राजगढ़-छिंदवाड़ा का संतरा, टीकमगढ़-निवाड़ी का अदरक, देवास-हरदा का बांस, बैतूल का सागौन, बालाघाट का चिन्नौर चावल, नरसिंहपुर की तुअर दाल, सिवनी का सीताफल, सीधी का कालीन, सतना का टमाटर, शहडोल की हल्दी तथा मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली और अनूपपुर का कोदो-कुटकी जैसे विविध उत्पादों को वैल्यू चेन आधारित दृष्टिकोण के साथ विकसित किया जा रहा है। उत्पादन से लेकर ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार उपलब्धता तक एकीकृत समर्थन के माध्यम से यह पहल स्थानीय कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को स्थायी आय, बेहतर बाजार और निर्यात के अवसर प्रदान कर रही है, जिससे प्रदेश में संतुलित और समावेशी आर्थिक विकास को नई गति मिल रही है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान मध्यप्रदेश के इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। ओडीओपी मॉडल को वर्ष 2024 में सिल्वर अवॉर्ड प्राप्त हुआ, जो प्रदेश के मजबूत आर्थिक इकोसिस्टम और स्थानीय उत्पादकों की क्षमता को दर्शाता है। निर्यात और बाजार से जुड़ रहा मॉडल प्रदेश में ओडीओपी को निर्यात संवर्धन, कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। कार्यशालाओं, प्रदर्शनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही ब्रांडिंग, पैकेजिंग और ई-कॉमर्स के जरिए इनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाई जा रही है।  एमपी-यूपी सम्मेलन से बढ़ेगा सहयोग वाराणसी में होने वाले एमपी-यूपी सम्मेलन में दोनों राज्यों के मंत्री, अधिकारी और नीति-निर्माता शामिल होंगे। इस दौरान ओडीओपी के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा होगी। यह सम्मेलन ‘लोकल टू ग्लोबल’ दृष्टिकोण को मजबूत करेगा और कारीगरों व उद्यमियों के लिए नए बाजार अवसर खोलेगा। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान से इस मॉडल को और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन होना चाहिए

राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से राजनीति में आने वालों से लोकतांत्रिक मूल्य और व्यवस्थाएं होती हैं प्रभावित जनप्रतिनिधि का संवेदनशील, अध्ययनशील, तनाव प्रबंधन में दक्ष और जनहित के लिए समर्पित होना आवश्यक लोकतंत्र, भारतीय राजनैतिक व्यवस्था का नैसर्गिक गुण लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवा विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण : विधानसभा अध्यक्ष तोमर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन का किया शुभारंभ मध्यप्रदेश सहित राजस्थान और छत्तीसगढ़ के युवा विधायक हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक है। वे ही इस क्षेत्र में सक्रिय और सफल हो सकते हैं, जिनमें जनसेवा और जनकल्याण की भावना हो। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से राजनीति में आने वाले लोगों के कारण लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जनप्रतिनिधियों के लिए जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील होना, अध्ययनशील होना, तनाव प्रबंधन में दक्ष होना और जनहित के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करना आवश्यक है। कोई समस्या आने पर जनप्रतिनिधि का व्यवहार और समस्या निराकरण के लिए उनका प्रबंधन कौशल, उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है। सकारात्मक और समाज हित की गतिविधियों और विकास कार्यों के लिए हमें दलगत मतभेदों से ऊपर उठकर सोचना और कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। विधानसभा के विधान परिषद हाल में हुआ कार्यक्रम वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विशेष रूप से उपस्थित थे। सम्मेलन में राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र 6) के तीन राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान के 45 वर्ष आयु तक के विधायक सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मानना कि लोकतंत्र के विचार की उत्पत्ति पश्चिम से हुई थी, पूर्णत: सत्य नहीं है। लोकतंत्र, भारतीय राजनैतिक व्यवस्था का नैसर्गिक गुण है। भारतीय व्यवस्थाओं में सदैव से ही मत भिन्नता को सम्मान दिया गया है, राजनैतिक और धार्मिक व्यवस्थाओं में शास्त्रार्थ की परम्परा प्राचीन समय से रही है। भारत में विचारों की अभिव्यक्ति को सभी क्षेत्रों में सम्मान और महत्व प्रदान किया गया। भारत में ऐतिहासिक रूप से जुड़े लोकतंत्र के संस्कारों और मूल्यों का ही परिणाम है कि अंग्रेजों के जाने के बाद भी देश में लोकतंत्र पर आधारित व्यवस्थाएं सुगमता से संचालित होती रहीं। जबकि अन्य पड़ोसी देशों का हाल सबके सामने है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा विधायकों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें हर स्थिति में सम भाव से रहने की प्रेरणा मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम से लेना चाहिए। जब उन्हें राजपाट सौंपा जाना था, तब उन्हें वनवास दे दिया गया। परंतु उन्होंने दोनों स्थितियों को समभाव से लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य सहित कई भारतीय शासकों के इतिहास से ज्ञात होता है कि उन्होंने कभी अपनी अगली पीढ़ी को राज सत्ता सौंपने का उपक्रम नहीं किया। राज्य के प्रबंधन में लगे लोगों ने ही उनके बाद व्यवस्थाएं संभाली। ऐसे महान शासकों का मानना था कि यदि अगली पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता और राज सत्ता के प्रबंधन की दक्षता होगी, तो वे स्वयं इस दिशा में सक्रिय होंगे। इन भारतीय मूल्यों और परम्पराओं का वर्तमान में भी पालन होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों और सत्ता से जुड़े लोगों का अपने परिवार को समय देना और उन्हें अच्छे संस्कार देना भी आवश्यक है। अच्छे संस्कारों के अभाव में अगली पीढ़ी द्वारा यश प्रभावित करने की संभावना बनी रहती है। जनप्रतिनिधियों को इस ओर से विशेष रूप से संवेदनशील और सतर्क रहना चाहिए। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवा जनप्रतिनिधियों की अहम जिम्मेदारी मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति, समुदाय या क्षेत्र की व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की स्वतंत्रता, न्याय, समानता और बंधुता पर आधारित एक व्यापक व्यवस्था है। भारत का लोकतंत्र नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही मजबूत होता है। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के 25 नवंबर 1949 के संविधान सभा के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे लागू करने वाले लोग कितने प्रतिबद्ध और नैतिक हैं। तोमर ने कहा कि युवा विधायक लोकतंत्र में नागरिकों और शासन के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं। उनकी नई ऊर्जा, आधुनिक सोच और नवाचार की क्षमता शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि युवा जनप्रतिनिधि सामाजिक कुरीतियों जैसे जातिवाद, नशाखोरी और लैंगिक भेदभाव के विरुद्ध समाज को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस सोच का उल्लेख किया जिसमें राजनीति में नई ऊर्जा और पारदर्शिता लाने के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम 2021 के माध्यम से मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है। तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा ने भी लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। पहली बार निर्वाचित विधायकों की शून्यकाल सूचनाओं को प्राथमिकता देने तथा प्रश्नकाल से जुड़े उत्तरों की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। उन्होंने युवा विधायकों से आह्वान किया कि वे संसदीय परंपराओं, नियमों और प्रक्रियाओं का गंभीर अध्ययन करें, सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा वरिष्ठ सदस्यों से मार्गदर्शन लेकर अपने ज्ञान और अनुभव को समृद्ध बनाएं। उन्होंने कहा कि अतीत के अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बीच वर्तमान का सशक्त पुल युवा नेतृत्व ही बन सकता है। विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि युवा विधायक सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श और संवाद लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करेंगे तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान करेंगे। जनता और … Read more

मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम ने मध्यप्रदेश शासन को ₹8 करोड़ का लाभांश किया भुगतान

भोपाल  मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम मर्यादित के संचालक मण्डल की बैठक में निगम के अंशधारी मध्यप्रदेश शासन को वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक के अंतरिम लाभांश के रूप में राशि रू. 8.00 करोड़ का भुगतान किये जाने का निर्णय लिया गया है ।  तदानुसार मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में माननीय मंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय म.प्र. शासन एवं माननीय अध्यक्ष, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम चेतन्य काश्यप द्वारा मध्यप्रदेश शासन के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय डॉ. मोहन यादव जी को राशि रू. 8.00 करोड़ अंतरिम लाभांश का चेक प्रदान किया गया।  इस अवसर पर सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह तथा आयुक्त, एम.एस.एम.ई, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम दिलीप कुमार एवं निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

भगवान महावीर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बयान

भगवान महावीर के विचार आज भी हैं प्रासंगिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिगंबर और श्वेताम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन ने दी है समाज सेवा को नई दिशा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर में महावीर जयंती व्याख्यान में की सहभागिता चार वरिष्ठ समाजसेवियों को दिया महावीर अलंकरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर संसार को सत्य, अहिंसा, असंचय, अपरिग्रह, त्याग और तपस्या का शाश्वत संदेश देने वाले करुणा के महासागर थे। भगवान महावीर ऐसे तीर्थंकर हैं, जिनसे हम सबको प्रेरणा मिलती है। ऐसे भगवान की जयंती हमें वर्षभर मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से करीब ढ़ाई हजार साल पहले भगवान महावीर स्वामी ने जो कहा था, वह आज की वैश्विक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक है। जैन दर्शन की विशेषता है कि वह दूसरों को दबाने या डराने के बजाय, जिनेन्द्रिय़ों पर अर्थात् स्वयं पर विजय प्राप्त करता है। भगवान महावीर स्वामी ने भी स्वयं की इन्द्रियों को जीता है, इसलिये वे जिन महावीर कहलाये। आज पूरी दुनिया उनको पूजती है, उनके विचारों को मानती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान महावीर के चरणों में वंदन कर प्रदेशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हर काल में राष्ट्र निर्माण में जैन समाज का अप्रतिम योगदान रहा है। आज ऐसे समाजसेवियों को सम्मानित करना हम सबके लिए सौभाग्य का अवसर है, जिन्होंने भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने आचरण और व्यक्तित्व में उतारा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में मदन मोहन मेहता ऑडिटोरियम में महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण/सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान जिन् महावीर पर दिखाए सत्यमार्ग पर चलने वाले 4 वरिष्ठ समाजसेवियों चंदनमल चौरड़िया, हंसराज जैन, हंसमुख गांधी एवं संतोष कुमार जैन को 'महावीर अलंकरण' प्रदान किया। साथ ही सम्मानित समाजसेवियों को बधाई देते हुए कहा कि आप सबने भगवान महावीर के सिद्धांतों को सच्चे अर्थों में जीवन में आत्मसात किया है। आपका आचरण और यह उपलब्धि दूसरों को भी ऐसा करने की प्रेरणा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन और श्वेताम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन उच्च कोटि की समाज सेवा के जीवंत उदाहरण है। महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण समारोह के रूप में इन दोनों फेडरेशन्स का यह संयुक्त प्रयास अद्भुत संगठन शक्ति, समर्पण और समाज के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान में चल रहे वैश्विक उथल-पुथल का जिक्र करते हुए कहा कि स्वहितों के लिए पूरे विश्व को विषम और असामान्य सी परिस्थितियों में ला देने वाले लोगों को भगवान महावीर के 'अहिंसा परमो धर्म:' सूत्र वाक्य को याद करना चाहिए। क्योंकि हिंसा और अराजकता का जबाव प्रतिकार नहीं, बल्कि करुणा और संयम ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि करीब 100 साल पहले विदेशियों को संबोधित करते हुए महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चन्द्र बसु ने बताया था कि पेड़-पौधों में भी जीवन होता है और वे इसका अनुभव करते हैं। हमारे यहां गांव-देहात में रहने वाला सामान्य व्यक्ति भी जानता है कि संध्या के समय पेड़-पौधों को स्पर्श नहीं करना चाहिए अथवा पत्तियों और पुष्पों को नहीं तोड़ना चाहिए। हमारे देश में चर-अचर जगत में सभी को सम्मान दिया जाता है। पृथ्वी को माता मानकर उसकी पूजा की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है और जैन दर्शन में पांच ज्ञानेन्द्रियां, पांच क्रमेन्द्रियां और मनुष्य के मन-मानस को विस्तार से परिभाषित किया गया है। जैन दर्शन में एकात्मवाद सहित उपवास, आत्मा, संस्कार आदि पर भी बहुत कुछ लिखा-कहा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा भोजन सात्विक होना चाहिए। जैसा आहार होगा, वैसा ही हमारा मन और विचार होंगे। परमात्मा ने एक चीज हम सबको दी है और वह है ऑक्सीजन, जो हम सबके जीवन के लिए जरूरी है। आज हमारी ऊर्जा का स्रोत भी सात्विक होना चाहिए। इसीलिए हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन में विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजजनों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को शिक्षाविद् स्वप्निल कोठारी एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, मनोज पटेल, गोलू शुक्ला एवं सावन सोनकर, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, हरिनारायण यादव, टीनू जैन, सूरज कैरो सहित जैन समाज के संतगण, दोनों ही फेडरेशन्स के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।  

भारत में हवाई सेवाओं का अकल्पनीय विस्तार, अब हर तबके के लिए संभव हुई हवाई यात्रा: CM यादव

भारत में हवाई सेवाओं का विस्तार अकल्पनीय, अब हर तबके के लिए संभव हुई हवाई यात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया इन्दौर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का लोकार्पण इंदौर में हवाई सुविधाओं का हो रहा विस्तार, मिली अत्याधुनिक टर्मिनल की सौगात अमेरिकी कॉउंसिल ने इंदौर की हवाई सुविधा को क्वॉलिटी सर्टिफिकेट से किया सम्मानित इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन हमें लोककल्याण का मार्ग दिखाता है। लोकमाता के पद चिन्हों पर चलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम जनसेवा के नए कदम बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता ने ही देश के विमानन क्षेत्र का कायाकल्प किया है। प्रधानमंत्री की दूरगामी सोच और दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि आज समाज के हर तबके के लिए हवाई यात्रा संभव हुई है। अब हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई जहाज की यात्रा करने में समर्थ्य हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में हवाई सेवाओं का विस्तार जितनी तेजी से हो रहा है वह अकल्पनीय है। मध्यप्रदेश में पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत भी की गई है, इससे गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को त्वरित उपचार के लिए हायर सेंटर पहुंचाया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में लोकमाता अहिल्याबाई इन्टरनेशनल एयरपोर्ट में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का लोकार्पण कर इन्दौरवासियों सहित पूरे मालवांचल को अत्याधुनिक टर्मिनल की सौगात दी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधाओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे हवाई यात्रा और भी अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगी। यह नया टर्मिनल इन्दौर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूती के साथ प्रतिस्थापित करेगा। इंदौर शहर की बेहतरीन हवाई सुविधाओं को अमेरिका क्वॉलिटी कॉउंसिल ने क्वॉलिटी सर्टिफिकेट से सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉउसिल की ओर से दिया गया क्वालिटी सार्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन इन्दौर एयरपोर्ट के पदाधिकारियों को सौंपकर बधाई दी। नये टर्मिनल में मिलेंगी यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के नए टर्मिनल में यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इंदौर में पुनर्संरचना परियोजना के तहत करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से हुए विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों से एवं पुरानी टर्मिनल इमारत के नवीनीकरण के बाद अब यह नया टर्मिनल प्रति घंटे लगभग 400 यात्रियों को संभालने में सक्षम हो गया है। इसमें 14 चेक-इन काउंटर्स बनाए गए हैं और लगभग 300 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था भी यहां की गई है। करीब 6 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में बने इस टर्मिनल की वार्षिक यात्री क्षमता 15 लाख (1.5 MMPA) है। यहां पर 18 उड़ानों का संचालन, 150 चार पहिया वाहनों की पार्किंग एवं वीआईपी रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्दौर में यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए हवाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस नए टर्मिनल में एक बहुत बड़ा वेटिंग एरिया विकसित किया गया है, जिससे पीक आवर्स में भी बेहतर तरीके से भीड़ प्रबंधन किया जा सकेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए यहां "उड़ान यात्री कैफे" की शुरुआत भी की जा रही है। इसमें यात्रियों को 10 रुपये में चाय और 20 रुपये में नाश्ता मिलेगा। प्रदेश में हर 150 किमी पर एक कमर्शियल एयरपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड्स मौजूद हैं। बीते दो साल में ही प्रदेश में रीवा, सतना और दतिया में नए एयरपोर्ट का सफल संचालन हमने शुरु किया है। उज्जैन और शिवपुरी में भी नया एयरपोर्ट बनाने की तैयारी कर ली है। इससे प्रदेश में कुल 10 एयरपोर्ट्स हो जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एक कमर्शियल एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एक एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध हो। इस दिशा में हम तेजी से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आवागमन के तीनों क्षेत्रों में हो रहे अभूतपूर्व विस्तार कार्य मध्यप्रदेश को लगातार विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जा रहे हैं। रेल और विमानन सेवाओं में बढ़ते कदमों के साथ ही रोड कनेक्टिविटी के लिए केन्द्र से मिले विशाल पैकेज तथा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से हमारा मध्यप्रदेश अब देश का लॉजिस्टिक हब बनता जा रहा है। नये टर्मिनल के लोकार्पण कार्यक्रम में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने भी वर्चुअली सहभागिता की। कार्यक्रमको इन्दौर के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर लोकार्पण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व मंत्री महेन्द्र हार्डिया, पूर्व मंत्री सुउषा ठाकुर, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़ और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

मन की बात कार्यक्रम देश को एकजुट कर सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देश को एकजुट कर सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है मन की बात कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इन्दौर एयरपोर्ट से किया प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात का श्रवण इन्दौर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय 'मन की बात' कार्यक्रम के 132वें संस्करण का रविवार की सुबह आकाशवाणी से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर प्रवास के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की और देश को एकजुटता का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में उपजे हालातों के संदर्भ में कहा कि हमें एकजुट होकर हर चुनौती से बाहर निकलना है] जो भी लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशवासियों से अपील की कि सभी जागरूक रहें, किसी भी तरह की अफवाहों और किसी के भी बहकावे में न आएं। सरकार की तरफ से जो निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि जिस तरह हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने सभी संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे। कार्यक्रम श्रवण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'मन की बात' प्रधानमंत्री मोदी की 'देश से अपनी बात' कर सबसे जुड़े रहने का एक सशक्त माध्यम है। यह हम सभी देशवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है। देश में हो रहे विकास, नवाचार, जनकल्याण के कामों के साथ गैर राजनीतिक विषयों को सामने लाकर पूरे देश को सौहार्द्र, भाईचारे और एकजुटता से रहने का सकारात्मक संदेश देने का प्रधानमंत्री का यह अद्भुत प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन की बात के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, लोकसभा सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायक सुउषा ठाकुर, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक मधु वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जिलाध्यक्ष सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।  

एमपी में सख्त कार्रवाई का दौर, 8 कलेक्टर और 7 एसपी निलंबित, सीएम ने लापरवाह अफसरों पर की कार्रवाई

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव की सख्त प्रशासनिक शैली के चलते सवा दो साल में आठ कलेक्टर और सात एसपी को पद से हटाया। उनकी कार्रवाई का में तीन बड़े फैक्टर उभरकर सामने आए हैं। इसमें कानून-व्यवस्था में चूक, भ्रष्टाचार/रिश्वत और प्रशासनिक लापरवाही शामिल हैं। प्रशासनिक लापरवाही सीएम को बिलकुल पसंद नहीं है, इसलिए ऐसे अफसरों पर तुरंत कार्रवाई की गई। यहीं नहीं सीएम ने जनता से बदसलूकी, भ्रष्टाचार के मामले सामने आते ही तुरंत एक्शन लिया है। इसके माध्यम से सीएम ने कड़ा संदेश देने की कोशिश की हैं।  प्रशासनिक ढिलाई पर सख्त एक्शन के कुछ मामले मुख्यमंत्री के एक्शन के सबसे ज्यादा मामले ऐसे रहे, जहां प्रशासनिक लापरवाही या जिम्मेदारी निभाने में ढिलाई सामने आई। हाल ही में सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी पर दफ्तर में नियमित नहीं बैठने और जनसमस्याओं की अनदेखी के आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें हटा दिया गया।  वहीं, अगस्त 2024 में सागर दीवार हादसे में 9 बच्चे की मौत के बाद कलेक्टर दीपक आर्य, एसपी अभिषेक तिवारी और एसडीएम संदीप सिंह को हटाया गया। जनवरी 2026 में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी कांड में निगमायुक्त दिलीप यादव और अपर आयुक्त रोहित सोनिया को हटाया गया। दिसंबर 2023 गुना बस हादसे में 13 लोगों की मौत के बाद कलेक्टर तरुण राठी, एसपी विजय कुमार खत्री और परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा पर कार्रवाई हुई। दिसंबर 2023 में ही हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लॉस्ट मामले में एसपी संजीव कुमार कंचन और कलेक्टर ऋषि गर्ग को हटाया गया। उक्त  मामलों से पता चलता है कि लापरवाही से जुड़ी घटनाओं और मामलों में मोहन सरकार ने सबसे अधिक कड़ा रुख अपनाया और कार्रवाई की। जिन मामलों में जनहानि हुई, उनमें तो संबंधित अधिकारियों को बिलकुल नहीं बख्शा गया।  हिंसा होने या कानून-व्यवस्था बिगड़ने पर भी नपे राज्य में जिन मामलों में कानून-व्यवस्था बिगड़ी या हिंसक घटनाएं हुईं, वहां सबसे तेज और कड़ी कार्रवाई देखने को मिली। मार्च 2025 में मऊगंज के गड़रा हत्याकांड विवाद के दौरान युवक सनी द्विवेदी की हत्या और पुलिस टीम पर हमले में एएसआई रामगोविंद गौतम की मौत के बाद कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और एसपी रसना ठाकुर को हटा दिया गया। इसी तरह जून 2024 में सिवनी में 50 से अधिक गोवंश की हत्या के बाद तनावपूर्ण हालात बने। इसके बाद कलेक्टर क्षितिज सिंघल और एसपी राकेश कुमार सिंह पर भी कार्रवाई हुई। इससे साफ है कि जहां भी कानून व्यवस्था बिगड़ी और जनसभावनाएं प्रभावित हुई, वहां सीधे शीर्ष अधिकारियों पर गाज गिरी।   भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की झलक दिखी भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में भी सरकार का रुख सबसे सख्त नजर आया है, जहां सीधे अधिकारियों को हटाने की कार्रवाई की गई। इसी माह गुना के हवाला रिश्वत कांड में गुजरात के व्यापारी से एक करोड़ रुपये जब्त करने के बाद 20 लाख रुपये लेकर छोड़ देने के आरोप में एसपी अंकित सोनी को हटा दिया गया। वहीं, थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी भी सस्पेंड हुए। जनवरी 2026 अशोकनगर के आनंदपुर साहिब ट्रस्ट मामले में रिश्वत के आरोपों के चलते कलेक्टर आदित्य सिंह को पद से हटाया गया। यह कार्रवाई बिना किसी औपचारिक शिकायत के आधार पर की गई। भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार ने बिना किसी जांच के त्वरित और कड़ा फैसला लिया। विवादित मामलों में भी अफसरों पर गाज गिरी प्रदेश में अधिकारियों के व्यवहार और व्यक्तिगत विवाद भी कार्रवाई के कारण बने और उन्हें पदों से हटाया गया। इससे पता चलता है कि सार्वजनिक व्यवहार और छवि भी अब प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा मानी जा रही हैं। शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल को उनकाे एक बैठक में ड्राइवर से औकात पूछने वाला वीडियो वायरल होने के बाद हटाया गया।  जून 2025 कटनी एसपी अभिजीत रंजन को सीएसपी और उनके परिवार की शिकायतों के बाद पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया। भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह से हुए सार्वजनिक विवाद के बाद सितंबर 2025 में भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को हटा दिया गया। 

मोहन सरकार की पहल: अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा

मोहन सरकार की पहल:अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में होगा “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का भव्य मंचन भोपाल  मध्यप्रदेश में मोहन सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गौरवमयी अभियान विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत, मोक्षदायिनी नगरी वाराणसी में आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भव्य “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का मंचन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष रुचि और दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पहुँच रही है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का महाकुंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केवल एक शासक नहीं, बल्कि भारतीय न्यायप्रियता, वीरता और सुशासन के जीवंत प्रतीक हैं। वाराणसी में होने वाला यह महानाट्य जन-जन को उस वैभवशाली कालखंड से परिचित कराएगा। जब सम्राट विक्रमादित्य ने आज से लगभग 2100 वर्ष पूर्व आक्रांता शकों का समूल नाश कर 'विक्रम संवत' का प्रवर्तन किया था, यह संवत विश्व की प्राचीनतम काल-गणनाओं में से एक है, जो भारतीय विज्ञान और खगोल शास्त्र की श्रेष्ठता को दर्शाता है। अद्वितीय शौर्य और न्याय का चित्रण वाराणसी में होने वाली तीन दिवसीय विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के 'शकारि' और 'साहसांक' बनने की गाथा को जीवंत किया जाएगा। नाटक में दिखाया जाएगा कि कैसे एक लोक-कल्याणकारी राजा ने अपने राजकोष से धन देकर प्रजा को ऋणमुक्त किया और एक ऐसा साम्राज्य स्थापित किया जहाँ न कोई दरिद्र था और न ही कोई दुखी। साथ ही, सम्राट की 'नवरत्न' परंपरा—जिसमें कालिदास, वराहमिहिर और धन्वंतरि जैसे महान विद्वान शामिल थे—के माध्यम से 'श्रेष्ठ भारत' के निर्माण के संकल्प को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। दिल्ली के लाल किले पर सफल मंचन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसकी सराहना के बाद, वाराणसी का यह मंचन एक नया मील का पत्थर साबित होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विक्रमोत्सव की ऐतिहासिक सफलता उल्लेखनीय है कि उज्जैन में आयोजित 'विक्रमोत्सव 2026' ने डिजिटल आउटरीच में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की रिपोर्ट के अनुसार, 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच इस आयोजन की डिजिटल रीच 17.72 करोड़ से अधिक रही है। सोशल मीडिया पर #vikramutsav2026 जैसे हैशटैग्स ने वैश्विक स्तर पर ट्रेंड किया, जिससे सिद्ध होता है कि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों की ओर लौटने को आतुर है। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ और मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह महानाट्य वाराणसी में न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय एकता के सूत्र को और अधिक सुदृढ़ करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्पों के अनुरूप यह आयोजन 'विकसित भारत' की राह में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।  

सीएम मोहन यादव की सख्ती, भ्रष्टाचार के आरोपी बैंक CEO को राहत नहीं, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सीधी में औचक निरीक्षण के समय जनप्रतिनिधियों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीएस धनवाल की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत की थी। इस पर उन्होंने धनवाल को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। अपेक्स बैंक ने उन्हें बैंक की गड़बड़ियों, कर्मचारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और जांच में असहयोग करने के आधार पर निलंबित कर दिया। इस आदेश को उन्होंने जबलपुर हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए आदेश को स्थगित करने की मांग की, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। बैंक अधिकारियों के अनुसार, याचिका पर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की पीठ ने गुरुवार को सुनवाई की। मुख्यमंत्री का साफ संदेश जवाबदेही जरूरी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा कि किसी भी अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि पद के साथ जवाबदेही भी जुड़ी होती है और अगर शिकायतें मिलती हैं तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यह संदेश सभी अधिकारियों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। जनता की शिकायतें बनी बड़ी वजह इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका जनता और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों ने निभाई। लोगों ने प्रशासन और बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर समीक्षा की गई और फिर सख्त फैसला लिया गया। जिले में बढ़ी प्रशासनिक हलचल इस कार्रवाई के बाद सीधी जिले में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अधिकारी अब ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं और कामकाज में सुधार की कोशिश कर रहे हैं। राज्य सरकार ने भी साफ कर दिया है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। सरकार का बड़ा संदेश साफ और सख्त इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ हो गया है कि सरकार अब कामकाज में पारदर्शिता और जिम्मेदारी चाहती है। जो अधिकारी अपने काम में लापरवाही करेंगे उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी। इससे आम जनता को भी भरोसा मिला है कि उनकी आवाज सुनी जा रही है।

छिंदवाड़ा हादसे पर CM यादव का शोक, मृतकों के परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता देने का किया ऐलान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा के पास हुई सड़क दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिला प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को घटना में प्रभावित लोगों से मिलने के लिये निर्देशित किया है। जिक्रयोग है कि गुरुवार की शाम को छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हृदय विदारक सड़क दुर्घटना हुई है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवारों के प्रति  संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परम पिता परमात्मा से प्रार्थना  की है कि सभी दिवंगत नागरिकों की आत्मा को शांति प्रदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना की है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मृतकों के निकटतम परिजनों को चार-चार लाख रूपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायत राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में नियंत्रण कक्ष  बनाकर सभी घायलों के उपचार की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल पैरामेडिकल स्टाफ सहित  छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह  को भी अपने कार्यक्रम परिवर्तित कर तत्काल छिंदवाड़ा पहुँचने के लिए निर्देशित किया है।  कार्यक्रम से लौट रही बस हादसे का शिकार, 10 लोगों की मौत, 45 से ज्यादा घायल  मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में हुए दर्दनाक बस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सीएम डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम से लौट रही एक बस हादसे का शिकार हो गई, जिसमें 10 लोगों की मौत और 41 लोग घायल हो गए। लेकिन इस हादसे ने सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी लापरवाही को भी उजागर कर दिया है। मौके पर राहत और बचाव कार्य हादसे के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मिलकर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। ट्रैफिक को रोककर घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने का काम किया गया, जिससे समय रहते कई लोगों की जान बचाई जा सकी। एक ही गांव के थे सभी यात्री हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि बस में सवार सभी लोग मोहखेड़ ब्लॉक के करेर पंचायत के निवासी थे। एक ही गांव के 10 लोगों की मौत से पूरा इलाका गम में डूब गया है। हादसे के बाद का मंजर घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। जैसे ही गांव में खबर पहुंची, लोग अस्पतालों की ओर दौड़ पड़े। कई लोग अपने परिजनों को तलाशते नजर आए, तो कईयों को अपनों की मौत की खबर ने तोड़ दिया।