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MP में सरकारी बसों का शुभारंभ, 20 से ज्यादा शहर जुड़ेंगे नए साल पर ‘सुगम परिवहन’ सेवा से

भोपाल मध्य प्रदेश में जल्द ही 'सरकारी बस' सड़कों पर एक बार फिर दौड़ते नजर आएंगी। मोहन सरकार जल्द ही 'राज्य परिवहन निगम' की तर्ज पर नए सिरे से बस सेवा प्रारंभ करने वाली है। नए साल में प्रदेश की जनता को यह सौगात मिलने वाली है। बता दें कि इसका नया नाम 'सुगम लोक परिवहन सेवा' होगा जो पीपीपी मॉडल पर संचालित होगी। जानकारी अनुसार प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने 'सुगम लोक परिवहन सेवा' के जरिए एमपी में सरकारी बसों की वापसी करने जा रहे हैं। सेवा चाहू होने के बाद दूरस्थ्य गांव तक तक सस्ती और लग्जरी यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। कैबिनेट में इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। सरकार ने इसके लिए 101 करोड़ की अंशपूंजी को बजट को स्वीकृति दी है। बता दें कि वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए गठित SPVs में से 16 कंपनियां कार्यरत हैं, जिन्हें अब संभागीय कंपनियों में मर्ज करने का निर्णय लिया गया है। कंपनियों पर नियंत्रण के लिए 'होल्डिंग कंपनी' का गठन प्रदेश में बसों के परिवहन सेवा और व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा इसके एकीकृत संचालन के लिए 7 कंपनियों पर दारोमदार होगा। इन सातों कंपनियों पर नियंत्रण के लिए स्टेट लेवल पर 'होल्डिंग कंपनी' का गठन किया जाएगा। यह कंपनी कंपनीज एक्ट—2013 के तहत गठित की जाएगी, साथ ही जिला स्तर पर यात्री परिवहन समितियों के गठन को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली है। बस टर्मिनल व अन्य स्ट्रक्चर PPP मॉडल पर होंगे बता दें कि एमपी में सीएम सुगम लोक परिवहन सेवा के तहत बस स्टेंड, टर्मिनल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। बस संचालन और संधारण भी पारदर्शी प्रक्रिया के तहत निजी बस ऑपरेटर्स के माध्यम से किया जाएगा। हालांकि इन सब पर पूरा नियंत्रण सरकारी कंपनी का रहेगा। 

वाटर सप्लाई की निगरानी को लेकर CM डॉ. मोहन की सख्ती, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

भोपाल  मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं सैंकड़ों लोग अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस बीच पूरे प्रदेश में पानी वितरण की मॉनिटरिंग को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सख्त हो गए हैं। सीएम ने सभी नगरीय निकायों में जांच के निर्देश दिए हैं।   हर हाल में भेजनी होगी हर महीने रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल प्रदाय के तहत पानी के शुद्धिकरण की जांच की जाए। लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अफसरों को हर महीने की सैंपल रिपोर्ट हर हाल में स्थानीय निकाय को भेजनी होगी। सीएम ने नगरीय प्रशासन विभाग को ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं।  मौत का आंकड़ा बढ़कर 14, सरकारी आंकड़ों में 4 मौतें दर्ज  गौरतलब है कि इंदौर में दूषित पानी से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, सरकारी आंकड़ों में अभी भी मौत के आंकड़े 4 हैं। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया था कि चार लोगों की मौत की सरकारी आंकड़े में पुष्टि हुई है। लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।  दूषित पानी में मिला हैजा फैलाने वाला जीवाणु दूषित पानी की रिपोर्ट में हैजा फैलाने वाला घातक जीवाणु मिला है। मरीजों की कल्चर रिपोर्ट में हैजे की आशंका जताई जा रही है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को हैजे के इलाज के लिए दी जाने वाली डॉक्सीसाइक्लिन नामक दवा दी जा रही है।

युवाओं को किताबी ज्ञान से ज्यादा जरूरी व्यवहारिक और वास्तविक ज्ञान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

परमार्थ और देशभक्ति का भाव हो हम सभी में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं को किताबी ज्ञान से ज्यादा जरूरी व्यवहारिक और वास्तविक ज्ञान स्वामी जी ने दी है हम सबको नई जीवन दृष्टि राष्ट्रकथा शिविर में विभिन्न प्रांतों से आए युवाओं को किया संबोधित मुख्यमंत्री ने राजकोट के उपलेटा में वैदिक मिशन ट्रस्ट के कार्यक्रम में की सहभागिता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीव मात्र का समग्र कल्याण ही मानवता का पहला लक्ष्य है। जियो और जीने दो हमारे जीवन का शाश्वत दर्शन है। हमारे यहां नैतिक शिक्षा, राष्ट्रभक्ति और संस्कारयुक्त जीवन पद्धति की एक लंबी परम्परा रही है। यह हम भारतीयों का स्व-अनुशासन ही है, जिससे भारत आज विश्व की महाशक्ति के रूप में तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब उस भारतीय मातृ सत्तात्मक संस्कृति के संवाहक है, जहां माताओं और बहनों को देवी के रूप में पूजा जाता है। हमारे यहां बच्चा-बच्चा भी भारत माता की जय बोलकर राष्ट्रमाता को सम्मान देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को गुजरात के राजकोट जिले के प्रांसला के समीप उपलेटा में वैदिक मिशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 26वें 'राष्ट्रकथा शिविर' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिविर में सहभागिता कर ट्रस्ट के गुजरात के प्रमुख व महान विचारक स्वामी धर्मबंधु जी महाराज का आशीर्वाद लिया और कहा कि हम सभी को अपने जीवन में हमेशा अच्छा करने का प्रयास करना चाहिए। पूज्य स्वामी जी ने हम सबको नई जीवन दृष्टि दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किताबी ज्ञान से व्यवहारिक और वास्तविक ज्ञान बेहतर है और हमारी युवा पीढ़ी को उनकी असीम शक्तियों का भान कराना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नेकी, परमार्थ और राष्ट्रभक्ति का सहज भाव शरीर में रक्त की तरह हम सभी में प्रवाहमान होना चाहिए। 'वसुधैव कुटुम्बकम' हमारी संस्कृति का जीवोमूल लक्ष्य है और हमें इसी दिशा में और भी मजबूती से आगे बढ़ाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ धाम भी शामिल है। देश में सनातन संस्कृति की धारा सभी क्षेत्रों में बह रही है। राष्ट्रकथा शिविर में स्वामीजी ने देश के विभिन्न प्रांतों से शामिल हुई युवा शक्ति को राष्ट्र के विकास के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश फिर से विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गुरु की महिमा को देखेंगे तो गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर लेकर जाते हैं। भारत ने हजारों वर्षों से दुनिया को विश्व बंधुत्व का संदेश दिया है। भारतीय परिवारों में मां का अपना अलग ही स्थान होता है। मां ही हम सभी की पहली गुरु होती हैं। दुनिया में सभी देश अपनी गौरवशाली संस्कृति पर गर्व करते हैं, लेकिन अन्य किसी भी देश में मातृ संस्कृति का आधार देखने को नहीं मिलता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोविड के समय जब दुनिया की जनता त्राहिमाम कर रही थी, तब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी संकल्प शक्ति के बल पर कठिन समय में महामारी का सामना किया। हमने स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए संयमित जीवन शैली अपनाई और गांव, गली, मोहल्लों, कस्बों को भी सुरक्षित रखते हुए पूरी दुनिया को भी इस इससे उबारा। कोविड वैक्सीन बनाकर भारत ने 40 से अधिक देशों को यह वैक्सीन भेजी और वहां के लोगों की जान भी बचाई। हमें अपनी इसी परोपकारी संस्कृति पर गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत आज हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। यह सही है कि किताबी ज्ञान से अंकसूची और मेरिट लिस्ट में पहचान बन सकती है, लेकिन केवल कागजी डिग्री से काम नहीं चलता है। हमारे लिए पढ़ाई केवल नौकरी पाना नहीं है, बल्कि इससे इतर बच्चों का नैतिक और संस्कारयुक्त समग्र विकास करना है। हमारे नागरिकों में स्वाभाविक रूप से स्व-अनुशासन का भाव है। दुनिया के कई देशों में लोगों को नियंत्रित करने के लिए केवल दंड व्यवस्था है, जहां हर 10 में से एक सैनिक या पुलिसकर्मी समाज को कंट्रोल करता है, लेकिन हम ऐसे समाज के लोग हैं कि जहां पुलिस का काम नहीं पड़ता है और 100-100 गांवों को एक ही पुलिसकर्मी संभालता है। उन्होंने कहा कि 145 करोड़ आबादी के इस देश में तीनों सेना और पुलिस मिलाकर सुरक्षाकर्मियों की संख्या मात्र 40 लाख है। हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्रों में से एक हैं। हमारे सैनिक मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में जान की बाजी लगाकर देश और देशवासियों की रक्षा करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के बाद अब भारत ही दुनिया का वह तीसरा देश है, जो हर तरीके से अपनी सीमाओं और नागरिकों की रक्षा करने की क्षमता रखता है। इस शिविर के जरिए भारतीय युवाओं में देशभक्ति का भाव जगाने का जो पुनीत काम किया जा रहा है, जो नि:संदेह स्वागत योग्य और अभिनंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर साल का पहला दिन है। हमारा नया साल तो गुड़ी पड़वा से शुरू होता है। उन्होंने कहा कि हर जीवित व्यक्ति 24 घंटे में 21 हजार 500 बार सांस लेता है और 1 लाख कोशिकाओं के मरने पर एक दिन का जीवन मिलता है। ऐसे में बाबा महाकाल ने सबको जो जीवन दिया है, वह हमें परमार्थ और मानवता की सेवा में समर्पित करना चाहिए। गुजरात सरकार के उच्च और तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री त्रिकमभाई बिजलभाई छंगा ने कहा कि स्वामीजी का प्रयास हम सबको गर्व से भर देता है। मनुष्य की सेवा ही परम पिता परमेश्वर की सेवा है। ऐसे सभी प्राणी, जिनमें जीवन है, हमें अपनी करूणा, दया, स्नेह, अपनत्व, देखभाल और कल्याण भाव से उनकी सेवा करनी चाहिए। स्वामी जी ने विभिन्न प्रांतों से आए युवाओं को राष्ट्र सेवा की ओर प्रवृत्त किया है। यही सच्ची राष्ट्रसेवा और सच्ची राष्ट्रभक्ति है। कार्यक्रम के आरंभ में पूज्य स्वामीजी द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य सभी अतिथियों का गुजराती पगड़ी (साफा) पहनाकर एवं अंगवस्त्रम ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राष्ट्रकथा शिविर में पुस्तक भी भेंट की गई। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजकोट के उपलेटा में 26वें राष्ट्र कथा शिविर में तटरक्षक बल की प्रदर्शनी … Read more

डॉ. यादव विश्व आर्थिक फोरम में करेंगे निवेश संवाद में भागीदारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दावोस में करेंगे वैश्विक निवेश संवाद विश्व आर्थिक फोरम की वार्षिक बैठक में होंगे शामिल भोपाल विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 18 से 23 जनवरी 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित की जा रही है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों की जानकारी देंगे। विश्व आर्थिक मंच 2026 का विषय “ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग” और "अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ" रखा गया है, जिसके अंतर्गत वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दावोस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना, वैश्विक उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना और राज्य के प्राथमिक क्षेत्रों में निवेश के नए अवसरों को आगे बढ़ाना है। इस दौरान बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ निवेश के आशय प्रस्तावों पर चर्चा, वैश्विक नीति निर्माताओं के साथ संस्थागत संबंधों को मजबूत करने तथा राज्य की ब्रांड छवि को फ्यूचर रेडी स्टेट के रूप में सुदृढ़ करने पर विशेष फोकस रहेगा। विश्व आर्थिक मंच में मध्यप्रदेश ऑटोमोटिव एवं न्यू मोबिलिटी, अक्षय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन, आईटी, ईएसडीएम एवं ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स तथा खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं और नीतिगत सहयोग को प्रस्तुत करेगा। ऑटोमोटिव सेक्टर में ईवी मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए उपलब्ध मजबूत इको सिस्टम को रेखांकित किया जाएगा। प्रदेश के पीथमपुर जैसे ऑटो क्लस्टर्स की औद्योगिक उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट से राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन नीति के अंतर्गत उभरते निवेश अवसरों को भी अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष रखा जाएगा। आईटी और ईएसडीएम सेक्टर में इंदौर और भोपाल को उभरते हुए आईटी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के रूप में प्रस्तुत करते हुए राज्य की आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम नीति 2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों पर जोर दिया जाएगा। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मध्यप्रदेश को फूड बॉस्केट ऑफ इण्डिया के रूप में स्थापित करते हुए मेगा फूड पार्कों और कृषि आधारित मूल्य संवर्धन श्रृंखला में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दावोस प्रवास के दौरान फॉर्च्यून 500 कंपनियों के सीईओ और वैश्विक उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकों में भाग लेंगे। साथ ही ऑटोमोटिव एवं न्यू मोबिलिटी, एनर्जी तथा आईटी, हेल्थकेयर और फूड प्रोसेसिंग पर केंद्रित सेक्टोरल राउंडटेबल मीटिंग में राज्य के मौजूदा निवेशक अपने अनुभव साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता विश्व आर्थिक मंच के विभिन्न सत्रों में भी रहेगी, जिनमें श्रम, ऊर्जा सुरक्षा, नवकरणीय ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे विषय शामिल रहेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नई सौगात: छोटे दुकानदारों के लिए अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नये साल में छोटे दुकानदारों को सौगात मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश शासन श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह संशोधन राज्य में इज ऑफ डुईंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों पर अनुपालन का अनावश्यक भार कम करने के उद्देश्य से किया गया है। संशोधन के अंतर्गत अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी। श्रम विभाग के अपर सचिव बसंत कुर्रे ने बताया है कि इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही दुकानदारों में स्व-अनुपालन की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार एवं रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित होगा। इससे समय, संसाधन एवं लागत की बचत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशीलता बरती जा रही प्रदेश में व्यापार को विश्वास के साथ संचालित करने की नीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि केवल निरीक्षण और दंड की प्रक्रिया से भिन्न यह नीति व्यापारियों के लिये करगर साबित होगी। श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों एवं उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" और किसान कल्याण वर्ष रही थीम वर्ष 2026 की शासकीय डायरी, शीट कैलेंडर और नोटबुक का भी हुआ विमोचन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार एक जनवरी को मध्यप्रदेश शासन के वर्ष 2026 के कैलेंडर का विमोचन किया। किसान कल्याण वर्ष 2026 का यह कैलेंडर "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" की थीम पर प्रकाशित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहुरंगी और आकर्षक रूप से आकल्पित कैलेंडर और उसकी विषय वस्तु की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शासकीय डायरी का मुद्रित स्वरूप, अधिकारी-कर्मचारियों और प्रदेशवासियों के लिए उपयोगी होगा। वर्ष 2026, विक्रम संवत 2082-83 और शक संवत 1947-48 के राज्य शासन के कैलेंडर में 12 महीनों के पृष्ठों में प्रदेश के प्रमुख आयोजनों, उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों को छाया चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 की शासकीय डायरी, शीट कैलेंडर और नोटबुक का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री निवास में हुए कैलेंडर विमोचन के अवसर पर आयुक्त जनसम्पर्क दीपक कुमार तथा नियंत्रक शासकीय मुद्रणालय चंद्रशेखर वालिंबे उपस्थित थे। शासकीय कैलेंडर में माह जनवरी 2026 के पृष्ठ पर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा "कताई से सिलाई तक पूरी प्रक्रिया के लिए एकीकृत मेगा टैक्सटाइल पार्क-पी.एम. मित्र पार्क धार" के शिलान्यास अवसर का चित्र प्रदर्शित है। माह फरवरी का पृष्ठ "डेयरी किसानों को मिलती नई उड़ान-दुग्ध कैपिटल बनेगा मध्यप्रदेश" के लक्ष्य को दर्शा रहा है। इस पृष्ठ पर केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में राज्यस्तरीय सहकारी सम्मेलन में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और राज्य सरकार के मध्य हुए सहकारिता अनुबंध निष्पादन कार्यक्रम का चित्र अंकित है। केन्द्रीय मंत्री शाह को मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रभु श्रीराम का विग्रह भेंट किया जा रहा है। माह मार्च में होलिका उत्सव के भाव को जनजातीय परिवेश में परंपरागत वाद्य यंत्रों के साथ साझा करते मुख्यमंत्री डॉ. यादव के चित्र को दर्शाया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जनजातीय समाज को सम्मान और पहचान की प्रतिबद्धता का भाव भी व्यक्त किया गया है। माह अप्रैल 2026 का पृष्ठ, "समृद्धि की अविरल धारा- नदी लिंक परियोजना" को दर्शाता है। इस पृष्ठ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की उपस्थिति में, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के मध्य तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना के लिए हुए एम.ओ.यू. के आदान-प्रदान का चित्र प्रदर्शित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को मई 2026 के पृष्ठ पर दर्शाया गया है। चित्र में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनते मध्यप्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को दिखाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषकों को खेती के साथ हार्टिकल्चर-पशुपालन-मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं। इसी क्रम में जून 2026 के पृष्ठ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुए राज्य स्तरीय निषाद राज सम्मेलन का चित्र अंकित है, जो राज्य सरकार के मछुआ समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के संकल्प को अभिव्यक्त कर रहा है। कैलेंडर के जुलाई 2026 के पृष्ठ पर कृषि में समृद्धि के द्वार खोलते-सिंचाई क्षमता के विस्तार का चित्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 1011 करोड़ की लागत से 32 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विस्तार की बहोरीबंद उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ कर रहे हैं। माह अगस्त 2026 का पृष्ठ "सामूहिक जल संरक्षण से सुरक्षित होते कल" के लिए संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान को समर्पित है। इस पृष्ठ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जल संरक्षण कार्यों के भूमिपूजन-लोकार्पण और जनसामान्य को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने का दृश्य अंकित है। माह सितम्बर 2026 का पृष्ठ, प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्य 'सबको आवास-सबका विकास' को दर्शा रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत खुशियों की चाबी के रूप में जिला पंचायत जबलपुर की हितग्राही को घर की चाबी सौंप रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हर दुख-दर्द और समस्या में सहानुभूति और सहयोग के लिए उनके साथ है। माह अक्टूबर 2026 का चित्र "अन्नदाता को सरकार का साथ" के इस भाव को दर्शा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मौसम की मार से खराब हुई फसल से व्यथित किसान को हरसंभव सहयोग का संदेश दे रहे है। माह नवम्बर 2026 का चित्र "देश की तरक्की और समृद्धि में स्वदेशी अभियान की भूमिका" और मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिल्पियों व कारीगरों को प्रोत्साहन के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शा रहा है। इसी क्रम में माह दिसम्बर 2026 का पृष्ठ किसानों की उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए संचालित भावांतर योजना पर केन्द्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भावांतर योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में राशि अंतरित करने का चित्र प्रकाशित किया गया है। शासकीय कैलेंडर के अंत में वर्ष 2027 के 12 महीनों का चार्ट भी एक पृष्ठ पर संलग्न है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान: माँ नर्मदा की कृपा से प्रदेश में लगातार समृद्धि, खंडवा में की पूजा अर्चना

माँ नर्मदा की कृपा से प्रदेश लगातार हो रहा है समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने खंडवा में राजराजेश्वरी मंदिर में की पूजा अर्चना भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश का तेजी से विकास हो रहा है। मध्यप्रदेश में कृषि विकास की दर लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष को "किसान कल्याण वर्ष" के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी मध्यप्रदेश की जीवन रेखा है। मां नर्मदा की कृपा से हमारा प्रदेश लगातार समृद्ध हो रहा है और यहां का कृषि उत्पादन भी लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को खंडवा जिले के मोरटक्का में नर्मदा नदी के तट पर स्थित राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर में नव वर्ष के अवसर पर सपरिवार दर्शन कर पूजा अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित नागरिकों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोरटक्का में स्थित राजराजेश्वरी सेवा भारती न्यास द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में की जा रही गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने राजराजेश्वरी सेवा भारती न्यास द्वारा प्रारंभ "कुपोषण मुक्त भारत अभियान" के तहत संचालित मातृ एवं शिशु आरोग्य केंद्र का निरीक्षण किया और वहां उपस्थित गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण आहार सामग्री वितरित की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से चर्चा कर आरोग्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजराजेश्वरी सेवा भारती न्यास द्वारा निर्मित कराए जा रहे वेद विद्यालय के निर्माणाधीन भवन का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में कन्या-पूजन कर बालिकाओं को उपहार प्रदान किये। इस अवसर पर खंडवा विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तन्वे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, खंडवा महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव, पुलिस महानिरीक्षक अनुराग, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय सहित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

नए साल पर मध्य प्रदेश में करीब 200 अधिकारियों को प्रमोशन, मोहन यादव सरकार का तोहफा

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 200 से ज्यादा आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को नए साल का गिफ्ट दिया है. इन सभी अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया है. देर रात राज्य सरकार ने प्रमोशन आदेश जारी कर दिए. प्रमोशन किए गए आईएएस अधिकारियों में उप सचिव, अपर सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी मुख्य रूप से शामिल हैं. इसी तरह 18 आईपीएस अफसरों का भी प्रमोशन किया गया है. इन अधिकारियों को एडीजी से स्पेशल डीजी पद पर पदोन्नति दी गई है. इन IAS अधिकारियों का हुआ प्रमोशन सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक में सचिव पद पर पदस्थ एम सेलवेन्द्रन को प्रमोशन देकर उन्हें प्रमुख सचिव बनाया गया है. हालांकि उनका विभाग नहीं बदला गया है. उधर मध्य प्रदेश कैडर के वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (पे मेट्रिक-14) में प्रमोशन देकर उन्हें सचिव बनाया गया है. प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर में प्रबंध संचालक अनय द्विवेदी, भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा और कोष एवं लेखा विभाग के कमिश्नर भास्कर लक्षकार हैं. उज्जैन संभाग के कमिश्नर आशीष सिंह, आबकारी आयुक्त अभितीज अग्रवाल, पंचायत संचालक छोटे सिंह, स्वास्थ्य एवं नियंत्रण खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश श्रीवास्तव, राजस्व मंडल ग्वालियर सचिव सपना निगम का भी प्रमोशन किया गया है. 2010 बैच के अधिकारी और आयुक्त जनसंपर्क दीपक कुमार सक्सेना, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरएस जादोन का भी प्रमोशन किया गया है. इन अधिकारियों का बदला विभाग उधर राज्य सरकार ने पदोन्नति के बाद राजस्व विभाग में अपर सचिव संजय कुमार को सचिव मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल एवं कल्याण आयुक्त बनाया है. श्रम विभाग में अपर सचिव बसंत कुर्रे को सह संचालक कौशल विकास बनाया गया है. सुरेश कुमार को संभाग आयुक्त चंबल संभाग मुरैना बनाया गया. चंद्रशेखर वालिबे को सचिव मुख्यमंत्री, शीलेंद्र सिंह को सचिव नगरीय विकास एवं अवास विभाग बनाए गए हैं. आईपीएस अधिकारियों का भी हुआ प्रमोशन उधर आईपीएस अधिकारियों का भी प्रमोशन किया गया है. 1994 बैच के अधिकारी एडीजी अजाक आशुतोष राय को प्रमोशन देकर विशेष पुलिस महानिदेशक (अजाक) बनाया गया. 2001 बैच के आईजी जबलपुर प्रमोद वर्मा को प्रमोशन देकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जबलपुर जोन बनाया गया. 1999 और 2008 बैच के अधिकारियों को पुलिस महानिरीक्षक (वेतन मैट्रिक्स-14) के पद पर प्रमोशन किया गया है, जिसमें आईजी साइबर निरंजन बी. वायंगणकर, पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक, साइबर, पुलिस मुख्यालय सियाज ए, पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत एवं मानव अधिकार ललित शाक्यवार को प्रमोट किया गया है. एसपी राकेश सगर, राघवेन्द्र सिंह बेलवंशी, किरणलता केरकेट्टा, रियाज इकबाल, असित यादव, कुमार प्रतीक, शिवदयाल को प्रमोशन देकर आईजी बनाया गया है. डीआईजी के पद पर पदोन्नति एसपी खंडवा मनोज कुमार राय, रेल एसपी भोपाल राहुल कुमार लोढ़ा, रेल एसपी जबलपुर सिमाला प्रसाद, धार एसपी मयंक अवस्थी और भोपाल डीसीपी विवेक सिंह को डीआईजी बनाया गया. इसी तरह प्रवर श्रेणी 2012 और 2013 बैच के 11 अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स-13 में स्वीकृत किया गया है. इसमें एसपी बड़वानी जगदीश डाबर और टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मण्डलोई शामिल हैं.

मुख्यमंत्री ने इंदौर के अस्पतालों में पहुँचकर दूषित जल से बीमार मरीजों का जाना हालचाल

घबराने की जरुरत नहीं है राज्य शासन आपके साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इंदौर के अस्पतालों में पहुँचकर दूषित जल से बीमार मरीजों का जाना हालचाल मुख्यमंत्री इन्दौर के भागीरथपुरा के प्रभावितों और परिजनों से मिले मुख्यमत्री ने कलेक्टर वर्मा को नि:शुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराने के दिये निर्देश इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर के भागीरथपुरा में दूषित जल पीने से पीड़ित और प्रभावितों से मिलकर भरोसा दिलाते हुए कहा कि चिंता न करें, सब कुछ अब ठीक होगा। आप सभी पूर्णत: स्वस्थ होकर अपने घर सकुशल पहुँचेंगे। यहाँ आपको बेहतर से बेहतर उपचार नि:शुल्क दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि सभी प्रभावितों का नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाये साथ ही इसकी निगरानी भी हो। यह सुनिश्चित किया जाये कि प्रभावितों को किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावितों और उनके परिजनों से कहा कि राज्य शासन आपके साथ है। उन्होंने प्रभावितों तथा परिजनों के जीवन निर्वाह, कामकाज आदि के बारे में भी जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा विशेषज्ञ और अस्पताल स्टॉफ से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने अधिकरियों और चिकित्सकों को निर्देश दिये कि वे अस्पताल में भर्ती प्रभावितों के उपचार में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रखें। प्रभावितों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ, नि:शुल्क दवायें, इंजेक्शन, जाँच और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाये। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने अधिकारियों को कहा कि यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को शुद्ध पेयजल मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में भागीरथपुरा में हुई घटना के प्रभावितों से मिलने 31 दिसम्बर की शाम को परदेशीपुरा स्थित वर्मा अस्पताल, नंदानगर स्थित बीमा अस्पताल,एमआईजी चौराहा स्थित डीएनएस अस्पताल, रेसकोर्स रोड़ स्थित शैल्बी अस्पताल, एम.वाय.अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावितों से अस्पताल में उपलब्ध कराए जा रहे उपचार तथा अस्पताल में भर्ती होने के पूर्व निर्मित हुई स्थितियों के बारे में और उनके कामकाज आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों से चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्पमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन संजय दुबे, अतिरिक्त मुख्य सचिव सीएम सचिवालय नीरज मण्डलोई, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे़, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव,एमआईसी सदस्य बबलू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा: पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

शुद्ध पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भागीरथपुरा जलजनित घटना की पुनरावृत्ति रोकने के होंगे पूरे इंतजाम प्रभावित क्षेत्रों का नगरीय प्रशासन अपर मुख्य सचिव करेंगे भ्रमण, देंगे रिपोर्ट मुख्यमंत्री ने इंदौर में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की संयुक्त बैठक इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित घटना के संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज इंदौर में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति और अब तक की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे को इंदौर में ही तैनात रहने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि नगर निगम की आवश्यकता को देखते हुए पर्याप्त अमला और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर हुई लापरवाही की जांच की जा रही है। विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने घटना को दु:खद बताते हुए कहा कि इससे सबक लेकर भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सरकार पूरी दृढ़ता से कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जलापूर्ति पुनः प्रारंभ होने पर कहीं भी लीकेज या प्रदूषण की आशंका पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से में जलापूर्ति शुद्ध पाई गई है, जबकि शेष हिस्सों में पुरानी एवं क्षतिग्रस्त लाइनों के कारण समस्या सामने आई है, जिन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, शासकीय एवं निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से इस आपात स्थिति को नियंत्रित किया गया और प्रभावित नागरिकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया है। बैठक में बताया गया कि शहर के भागीरथपुरा वार्ड क्रमांक में गंदे पानी की आपूर्ति की आशंका सामने आने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई। बीते दो-तीन दिनों में लगभग 40 हजार से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें 2 हजार 456 संदिग्ध मामलों में लक्षण पाए गए। इनमें से 212 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया, जिनमें 50 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 162 मरीजों का उपचार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वे स्वयं जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न अस्पतालों में जाकर मरीजों से मिले हैं और अधिकांश मरीजों की स्थिति स्थिर है। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये। बैठक में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्थिति के संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट,सांसद शंकर लालवानी, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, अपर मुख्य सचिव सीएम सचिवालय नीरज मण्डलोई, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे़, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव,एमआईसी मेम्बर अभिषेक शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।