samacharsecretary.com

मानवता और सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मानवता और सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्काउट और गाइड संगठन से जुड़े 7 देशों के युवा प्रतिनिधि मुख्यमंत्री निवास आए उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत की प्राचीन संस्कृति के मूल में मानवता, सहअस्तित्व और परस्पर सहयोग का महत्वपूर्ण भाव शामिल है। स्काउट और गाइड संगठन विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाने की दृष्टि से एक आदर्श संगठन है। इस नाते मध्यप्रदेश में इन युवाओं का एक सप्ताह का वैचारिक आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए भी प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल की खाड़ी से जुड़े 7 राष्ट्रों को सहयोग के सूत्र में बांधने के लिए बिम्सटेक एक महत्वपूर्ण मंच है। युवा राष्ट्र के निर्माण में सहभागी होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद सभाकक्ष में बिम्सटेक यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागी देशों भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, लंका और थाईलैंड के स्काउट गाइड को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत स्काउट और गाइड संगठन को रचनात्मक प्रकल्पों के संचालन के लिए बधाई दी। उन्होंने देश के दिल मध्यप्रदेश में अन्य देशों और राज्यों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि पड़ोसियों से हमारे आत्मीय और सहज संबंध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल से भी यहां प्रतिनिधि आएं हैं। बंगाल की खाड़ी से बिम्सटेक के देश जुड़े हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दक्षिण एशियाई देशों के लिए आशा, स्थिरता और विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने विदेश मंत्रालय के प्रति यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम के लिए प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सांस्कृतिक धरोहर, पर्यावरण संरक्षण, सतत् विकास और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श के साथ ही ऐसे महत्वपूर्ण विषयों को जीवन के लक्ष्यों में शामिल करने के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा देश अनेक नदियों का मायका है। भारत को मध्यप्रदेश से बड़ी जल राशि प्राप्त होती है। मध्यप्रदेश की नदियां कई राज्यों की नदियों में समाहित होकर उन्हें समृद्ध करती है। मध्यप्रदेश से सम्राट विक्रमादित्य की पहचान भी जुड़ी है, जो दान, वीरता, न्यायप्रियता और सुशासन के प्रतीक थे। उन्होंने अनेक राज्यों और राष्ट्रों में भिन्न-भिन्न नामों से व्यवस्थित शासन संचालन के प्रमाण प्रस्तुत किए। भारत ऐसे ही गौरवशाली व्यक्तित्वों से विश्व में अलग पहचान रखता है। कार्यक्रम को भारत स्काउट एंड गाइड के नेशनल कमिश्नर  मनीष मेहता सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।  

राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को देंगे विकास की सौगातें

राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को देंगे विकास की सौगातें गीता भवन और विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन उज्जैन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 17 मार्च को उज्जैन में 77 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा कियान्वित की जा रही नगर विकास योजनाओं एवं सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के अंतर्गत 662.46 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भी भूमि-पूजन होगा। नगर विकास योजना ग्राम नीमनवासा, धतरावदा एवं लालपुर में 473.32 हैक्टयेर में विकसित की जा रही है, जिसमें लगभग 35 कि.मी. के 24 मी. एवं 30 मी. के सीसी रोड अन्तर्गत सीवर लाईन, वॉटर लाईन, स्थाई अण्डर ग्राउण्ड विद्युतीकरण, स्ट्रीट लाईट आदि विकास कार्य किए जाएंगे। उक्त कार्य में 160.39 करोड़ रुपए की लागत आएगी। विक्रम नगर आरओबी का निर्माण कार्य राशि 30.68 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा हैं, जिसमें विक्रम उद्योगपुरी के पास एमआर 5 से नगर विकास योजना क्रं.- 03,04, 05 & 06, को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। आरओबी के निर्माण से रेल्वे लाईन क्रॉसिंग से शहर को जोड़ने का कार्य एवं सिंहस्थ के दौरान मक्सी एवं देवास से आने वाले यातायात को सुगमता प्रदान करेगा। नवीन सिंहस्थ मेला कार्यालय भवन का भूमि-पूजन सिंहस्थ मेला कार्यालय का निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी होगा, जिसकी लागत राशि 29.84 करोड़ रुपए की है। सिंहस्थ के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं के प्रबंधन एवं प्रभावी नियत्रंण के लिए किया जा रहा है। उक्त भवन G+1 होकर निर्मित क्षेत्रफल 63 हजार वर्गफीट होगा। उक्त मेला कार्यालय भवन में एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा बयान- जल है तो कल है, बूंद-बूंद बचाने के लिए किए जाएंगे हर संभव प्रयास

तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 जल है तो कल है का नहीं है कोई विकल्प, बूंद-बूंद बचाने के करेंगे हर संभव प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. नदियों का मायका, जल आत्मनिर्भरता से ही बनेगा समृद्ध प्रदेश प्रदेश में 19 मार्च से शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान 100 दिवसीय अभियान में जल संरक्षण के होंगे कार्य नववर्ष प्रतिपदा पर शिप्रा तट उज्जैन में होगा राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ वृहद् अभियान के लिए सरकार कर रही व्यापक तैयारियाँ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है। इसे बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हम हर गांव, हर शहर और हर नागरिक को जल संरक्षण के कार्यों से जोड़ना चाहते हैं। समाज और सरकार जब साथ मिलकर काम करेंगे, तो मध्यप्रदेश समृद्धि की दिशा में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। प्रदेश के नागरिकों को पानी बचाने के लिए सक्रिय रूप से जुड़ना होगा, इससे मध्यप्रदेश जल संचयन और प्रबंधन में देश का एक मॉडल स्टेट बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संबंधी जरूरतों की पूर्ति और भावी पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों की सुरक्षा की मंशा से प्रदेश सरकार एक बार फिर बड़े पैमाने पर जल गंगा संवर्धन अभियान शुरु करने जा रही है। भारतीय नववर्ष प्रतिपदा (गुढ़ी पड़वा) के शुभ अवसर पर 19 मार्च को उज्जैन की शिप्रा नदी तट से इस राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। यह अभियान 30 जून तक अनवरत् चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण एक सामाजिक आंदोलन बनाना है। प्रदेश की जनता, पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों और विभिन्न शासकीय विभागों की साझेदारी से यह अभियान प्रदेश में जल संवर्धन की नई मिसाल स्थापित करेगा। जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण की परम्परा सदियों पुरानी है। प्राचीन काल से ही तालाब, कुएं और बावड़ियां सिर्फ़ जल के स्रोत न होकर सामाजिक जीवन का केंद्र हुआ करते थे। सरकार उसी परम्परा को आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के जरिए पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य नई जल संरचनाएं बनाने के साथ ही प्रदेश में जल संरक्षण की संस्कृति को समृद्ध करना भी है। अभियान से गांव-गांव में लोगों को यह समझाया जाएगा कि वर्षा जल का संरक्षण, भूजल का पुनर्भरण और जल स्रोतों का संरक्षण जीवन और विकास दोनों के लिए अनिवार्य है। जनभागीदारी है अभियान की सबसे बड़ी शक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान की सफलता का सबसे बड़ा आधार जनभागीदारी है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जल संरक्षण के इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करे। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में श्रमदान कर तालाब और कुओं की सफाई की जाए। वर्षा जल के संचयन की व्यवस्था घरों में भी करने के उपाय करे। जल स्रोतों के आस-पास स्वच्छता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यदि समाज और सरकार मिलकर काम करेंगे, तो प्रदेश जल समृद्ध राज्य बन सकता है। जल गंगा संवर्धन अभियान से जल संरक्षण को तो बढ़ावा मिलेगा ही, साथ ही इसके दूरगामी पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ भी होंगे। इस अभियान से भू-जल स्तर में सुधार, किसानों को सिंचाई के लिए और अधिक पानी, जल अभाव/अल्प वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों को राहत, पर्यावरण-संरक्षण को बल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही भविष्य के लिए बेहतर जल प्रबंधन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। जलवायु परिवर्तन और अनियमित वर्षा की चुनौती के दृष्टिगत जल प्रबंधन आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। मध्यप्रदेश सरकार का यह अभियान इसी दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। पहले चरण में बनीं 2.79 लाख से अधिक जल संरचनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2024 में राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान का पहला चरण प्रारंभ किया गया था। इसमें जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए गए। पहले चरण में कुल 2.79 लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण और पुनर्जीवन किया गया। इनमें प्रमुख रूप से तालाब निर्माण एवं पुनर्जीवन, कुएं और बावड़ियों की मरम्मत नहर निर्माण, सूखी नदियों का पुनर्जीवन एवं जल संरक्षण से जुड़ी अन्य संरचनाएं शामिल हैं। इन कामों से प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार देखने को मिला और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल भी उपलब्ध हुआ है। दूसरे चरण के काम भी हो रहे तेजी से वर्ष-2025 में चलाए गए जल संरक्षण अभियान के दूसरे चरण में भी व्यापक स्तर पर कार्य हुए। इस चरण में प्रदेश में 72 हजार 647 से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 64 हजार 395 जल संरचनाओं का निर्माण कार्य अभी भी प्रगति पर है। इन कार्यों में खेत तालाब, चेक डैम, स्टॉप डैम, नहर, कुएं, बावड़ियां तथा अन्य जल संचयन संरचनाएं बनाई जा रही हैं। इन परियोजनाओं से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल उपलब्धता को स्थायी रूप से बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।  

कनाडा में उज्जैन के युवक की हत्या, पहले पीटा फिर कार से रौंदा, सीएम ने जताया शोक

 उज्जैन   उज्जैन शहर के बेकरी कारोबारी के बेटे की कनाडा में बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना 14 मार्च को कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन शहर में हुई, जहाँ कॉलेज के छात्रों ने पहले गुरकीरत सिंह मनीचा (24) की पिटाई की और फिर उस पर कार चढ़ा दी। गंभीर घायल गुरकीरत की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरकीरत देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी के निवासी थे। वह कनाडा के नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज बिजनेस मैनेजमेंट के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्राग्राम की पढ़ाई कर रहे थे। वह पढ़ाई के साथ वॉलमार्ट में काम भी करते थे। घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई है। गुरकीरत के बड़े भाई प्रबकोरत सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी कनाडा में रह रहे गुरकीरत के दोस्त ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात फोन कर दी। बताया गया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज के कुछ छात्र गुरकीरत को अपने साथ ले गए। वहीं पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान 10-12 युवकों ने उसके साथ मारपीट की और बाद में उस पर गाड़ी चढ़ा दी। परिवार के मुताबिक स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच में 7-8 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। हालांकि बाद में उनके वकील के पहुंचने पर छोड़ दिया गया। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पिता को अफसोस, वह आखिरी बातचीत हो गई परिजनों के मुताबिक घटना से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को गुरकीरत सिंह मनोचा की पिता गुरजीत सिंह मनीचा से फोन पर बात हुई थी। उस समय गुरजीत सिंह दिल्ली में आयोजित फूड एग्जीबिशन से उज्जैन लौट रहे थे। दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई। परिवार वालों का कहना है कि उसके पिता को अफसोस है। वह बार बार कह रहे है कि क्या पता था कि बेटे से आखिरी बातचीत हो रही है। परिवारजन ने बताया कि गुरकीरत ने कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई करने के बाद विक्रम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया था। करीब सवा साल पहले उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गया था। वहीं नॉदर्न लाइट्स कॉलेज से बिजनेस मैनेजमेंट का पोस्ट डिग्री डिप्लीमा कर रहे थे। पढ़ाई के साथ गुरकीरत कनाडा में वॉलमार्ट स्टोर में मैनेजर के रूप में काम कर रहा था क्योंकि कनाडा का नियम है कि अगर कोई छात्र वहां रह रहा है, ती तीन दिन काम करना जरूरी है। कनाडा जाने से पहले गुरकीरत अपने पिता के फूड सप्लाई और बेकरी कारोबार में हाथ चंटाता था। भविष्य में विदेश में ही अपना करियर बनाने का सपना देख रहा था। परिवार ने विदेश मंत्री से लगाई गुहार गुरकीरत का शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें करीब तीन सप्ताह लगने की संभावना है। परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से शब जल्द भारत लाने में मदद की मांग की है। गुरकीरत के परिवार वालों ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राज्य सरकार से अपील की है कि औपचारिकताएं जल्द पूरी कर गुरकीरत का पार्थिव शरीर शीघ्र उज्जैन पहुंचाने में मदद करें ताकि परिवार अंतिम दर्शन कर सके। इसके साथ ही उसकी हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही और सजा करवाने के अपील की।

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की महत्वपूर्ण भेंट

प्रधानमंत्री  मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की भेंट किसान कल्याण वर्ष की गतिविधियों से कराया अवगत प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर लिया मार्गदर्शन भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में पुष्प-गुच्छ भेंटकर स्वागत कर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी के साथ प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी को प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही राज्य में किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों तथा प्रदेश की प्रगति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषि विकास, किसानों की आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश में कई पहलें की जा रही हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया।  

मोनालिसा की शादी पर CM मोहन यादव से शिकायत करेगा परिवार, कहा- फरमान बहन कहता था

खरगोन  मध्यप्रदेश के महेश्वर की निवासी मोनालिसा के विवाह प्रकरण के मामले में फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने मोनालिसा भोंसले के परिवार से मुलाकात की और उसकी शादी को 'सुनियोजित लव जिहाद' का हिस्सा बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कल इस मामले में कहा कि वे जल्द ही मोनालिसा के परिवार के साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने का समय लेंगे और कार्रवाई के लिये पूरे मामले को उनके सामने रखेंगे। परिवार के लोगों का कहना है कि मोनालिसा नाबालिग है और कुछ दिन पहले तक फरमान उसे बहन कहकर संबोधित करता था। परिवार से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रवादी सोच वाली सरकार है और उन्हें उम्मीद है कि राज्य का नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से लेगा। उन्होंने बताया कि वे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय लेने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मोनालिसा के परिवार के साथ जाकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे सकें। उन्होंने कहा कि अब परिवार को भी स्पष्ट हो गया है कि यह पूरी घटना एक सुनियोजित तरीके से युवती को फंसाने का मामला है। धर्म परिवर्तन पर फिल्म इसलिए बनाया गया निशाना: सनोज मिश्रा मिश्रा ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन बेरोजगार युवकों को फंडिंग कर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते हैं, ताकि 'सनातन' को बदनाम किया जा सके। उन्होंने बताया कि मोनालिसा को उनकी आगामी फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' में मुख्य भूमिका के लिए चुना गया था। इस फिल्म का विषय धर्म परिवर्तन से जुड़ा है। मिश्रा का कहना है कि इसी कारण उन्हें और उनकी सनातनी विचारधारा को निशाना बनाया गया और मोनालिसा का ब्रेनवॉश कर उसे फंसा लिया गया, जिससे उसके पिता के सपने भी टूट गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोनालिसा से जुड़ा पूरा घटनाक्रम मानो किसी स्क्रिप्ट की तरह लिखा और क्रियान्वित किया गया हो। लड़की मुस्लिम होती तो क्या किया जाता इस तरह प्रचारित: डायरेक्टर फिल्म निर्देशक ने यह भी सवाल उठाया कि शादी वामपंथी शासित राज्य केरल में ही करवाई गई, कोई अन्य राज्य नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस रिश्ते को मोनालिसा और उसके पति फरहान के बीच सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण बताकर पेश किया जा रहा है। मिश्रा ने सवाल किया कि अगर लड़का हिंदू और लड़की मुस्लिम होती तो क्या उसी तरह इस रिश्ते को प्रचारित किया जाता। मुलाकात के दौरान मोनालिसा का परिवार भावुक नजर आया। उसकी दादी, बुआ, छोटी बहन और अन्य रिश्तेदारों ने इस पूरे विवाद को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। परिवार का कहना है कि इस घटना के कारण उन्हें समाज में काफी अपमान का सामना करना पड़ रहा है। चाचा ने कहा- नाबालिग है मोनालिसा, परिवार ने कहा- फरमान कहता था बहन मोनालिसा के चाचा विजय भोंसले ने दावा किया कि मोनालिसा का जन्म वर्ष 2009 में हुआ था और वह अभी नाबालिग है। उनका आरोप है कि पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया के दौरान उसके दस्तावेजों में उम्र बढ़ाकर दर्ज कर दी गई, जिससे बाद में शादी को कानूनी बताया जा सका। परिवार के एक सदस्य ने यह भी आरोप लगाया कि फरमान पहले मोनालिसा को बहन कहकर संबोधित करता था और हिंदू प्रतीकों का उपयोग भी करता था।

भोपाल में कृषि वर्ष पर मंथन, सीएम की मौजूदगी में प्रेजेंटेशन और खेती को ‘फायदे का धंधा’ बनाने पर चर्चा

भोपाल  सीएम डॉ मोहन यादव आज अभिमुखीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। कृषि कल्याण वर्ष के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम होगा। जिसमें किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सहित उद्यानिकी, मत्स्य पालन, सहकारिता एवं पशुपालन विभाग अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों से साझा की जाएगी। खेती को लाभ का धंधा बनाने पर फोकस इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य "कृषि वर्ष" के दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। दिनभर चलने वाले इस मंथन में इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर खेती को वास्तविक रूप में 'फायदे का धंधा' कैसे बनाया जाए। भोजन अवकाश के बाद दोपहर में कृषि और उससे संबद्ध विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के सामने अपनी कार्ययोजना का प्रजेंटेशन देंगे। विभागवार होंगे प्रजेंटेशन     कृषि विभाग: उन्नत बीज, खाद और नई तकनीकों पर आधारित योजनाएं।     उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन: नकदी फसलों और मछली पालन के जरिए आय दोगुनी करने का रोडमैप।     सहकारिता एवं पशुपालन: डेयरी और सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा। आज के कार्यक्रम की प्रमुख रूपरेखा     विशेष तकनीकी सत्र (सुबह 11:00 – 12:30): कृषि, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों द्वारा जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन।     सवालों का निराकरण (दोपहर 03:10): विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की समस्याओं और खेती से जुड़े सुझाव सीधे विभाग के बड़े अधिकारियों के सामने रखेंगे।     मंत्रीगणों का संबोधन (दोपहर 03:20): संबंधित विभागों के मंत्री अपनी प्राथमिकताओं को साझा करेंगे।     मुख्यमंत्री का मुख्य संबोधन (दोपहर 03:30): डॉ. मोहन यादव प्रदेश के किसानों के हित में सरकार के विजन और आगामी रणनीतियों पर अपनी बात रखेंगे। सक्रिय सहभागिता को लेकर मंथन किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आयोजित इस 'अभिमुखीकरण' कार्यक्रम के जरिए सरकार चाहती है कि हर जिले का जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के किसानों को सीधे योजनाओं से जोड़ने में मदद करे, ताकि कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सके।

राहुल की हल्की भाषा पर सीएम का बयान, कहा- वैश्विक हालात को समझें, कांग्रेस षड्यंत्र कर रही है

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान की कठोर शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा है कि वैश्विक स्तर पर युद्ध के हालातों के बीच राहुल गांधी को सच्चाई समझनी चाहिए। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हल्की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जनता सब समझ रही है। इन्हीं हरकतों की वजह से कांग्रेस सत्ता से लगातार दूर बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध से वैश्विक हालात गंभीर बने हुए हैं। हमारे एशिया के नजदीक घट रही घटनाओं के बीच दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के सबसे बड़े पद पर आसीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राहुल गांधी जिस प्रकार से हल्की भाषा बोलते हैं, मैं उनकी निंदा करता हूं। जब पूरा विश्व इन हालातों से जूझ रहा है, उसके बीच भारत सरकार और PM मोदी गैस सिलेंडर और तेल का बेहतर प्रबंधन कर रहे हैं। भारत सरकार युद्ध की चुनौती के बीच तेल के जहाज निकालकर लाई है और सुव्यवस्था स्थापित की है। राहुल गांधी पर सीएम बोले     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हल्की भाषा बोलते हैं नेता प्रतिपक्ष     युद्ध के हालातों में तेल-गैस का बेहतर प्रबंधन कर रही भारत सरकार     देश- प्रदेश में गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है कांग्रेस पक्ष-विपक्ष की भावना से ऊपर उठना चाहिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस और कांग्रेस के नेता जिस प्रकार से षडयंत्र कर रहे हैं, उसे जनता जानती है। इसी कारण से ये लगातार सत्ता से दूर हैं। मैं इनकी निंदा करता हूं और उम्मीद करता हूं कि नेता प्रतिपक्ष को वर्तमान की सच्चाई समझ में आएगी। इस माहौल में कांग्रेस को पक्ष-विपक्ष की भावना से ऊपर उठकर जनता को एकजुट करना चाहिए और उसके अंदर से डर की भावना को समाप्त करना चाहिए। कांग्रेस राज्य के साथ-साथ देश में गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है। मैं पुनः राहुल गांधी के बयानों की कठोर शब्दों में निंदा करता हूं।  

किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी मिलेगी बिजली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कटनी में शीघ्र खुलेगा मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी मिलेगी बिजली युवाओं के लिये बनेगा खेल स्टेडियम बरही में बनेगा वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम जलाशय और नहरों का होगा जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री ने बरही के कृषि महोत्सव में विकास कार्यों की दी सौगात कटनी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार धरती पुत्र किसान की खुशहाली और विकास के लिए कृत संकल्पित है। राज्य सरकार किसानों और लाड़ली बहनों सहित हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने गांव-गांव तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का संकल्प लिया है। किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली मिलेगी। किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है। जरूरतमंदों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि कटनी में शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज खोला जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कटनी जिले के बरही में आयोजित किसान सम्मेलन कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 में कटनी को 1000 करोड़ की सौगात दी एवं जिले के लिए 243 करोड़ रूपये की लागत के 97 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें नवर्निमित पुल, महाविद्यालय और सांदीपनि विद्यालय भी शामिल हैं। किसानों की समृद्धि पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। विजयराघवगढ़ के नागरिकों ने भव्य रोड-शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी अभिवादन कर स्वागत के लिये जनता का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े तालाब के सौंदर्यीकरण की सौगात दी एवं उन्होंने विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  विजयनाथ धाम की नगरी बरही में आयोजित किसान सम्मेलन में किसान कल्याण को समर्पित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक स्वरूप हल और स्मृति-चिन्ह के तौर पर लड्डू गोपाल की मूर्ति भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 9 लाख करोड़ की नई रोजगार आधारित औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। मध्यप्रदेश, देश में सबसे तेज गति से विकास करने वाला राज्य बना है। प्रदेश में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से भी कम है। राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले में जलाशयों और नहरों के जीर्णोद्धार के साथ ही सड़क निर्माण एवं पुलिया के उन्नयन के कार्य भी किये जायेंगे। बरही में वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम बनायेंगे। साथ ही महानदी और उमड़ार नदी के संगम पर सिंचाई परियोजना की सौगात दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में युवाओं के लिये खेल स्टेडियम का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार को बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार लाड़ली बहनों को साढ़े 1800 करोड़ से अधिक की राशि प्रदान की है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के 3 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और सभी पात्र हितग्राहियों को हर माह 1500 रुपए की सौगात मिल रही है। ग्रामीणों के सिर पर पक्के मकान की छत मिले, इसके लिए बहुत जल्द सर्वे शुरू किया जाएगा। सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए सरकार ने 'राहवीर योजना' की शुरुआत की है। घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को सरकार 25 हजार की प्रोत्साहन राशि दी है। पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल में घायल के लिए डेढ़ लाख रुपए तक के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। नागरिकों की जान बचाने के लिए एयर एम्बुलेंस का नवाचार प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार सिंचाई के लिए पर्याप्त जल, बिजली और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में वर्ष 2004 से अब तक गेहूं के मूल्य में 2000 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक की वृद्धि हुई है। किसानों को बोनस का लाभ देकर इस वर्ष 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। प्रदेश में पिछले 2 वर्ष में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हैक्टेयर हो गया है, जिसे आगामी वर्षों में 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को सालभर में 12 हजार रुपए की सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध-दही हजारों साल से भारत की पहचान है। राज्य सरकार ने प्रदेश में दूध का उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए माता यशोदा योजना में स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क दूध के पैकेट वितरित किये जाएंगे। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब ड्रॉप आउट 6 प्रतिशत से शून्य पर आ गया है। मध्यप्रदेश इस मामले में राष्ट्रीय औसत से आगे निकल चुका है। राज्य सरकार स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में युवाओं को मौके दिए जा रहे हैं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के हितों को सर्वोपरि रखा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच हमारे जहाज तिरंगा लगाकर शान से स्वदेश लौट रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में खाड़ी के देशों में जारी संकट के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान शर्मनाक हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने हर बार की तरह अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए युद्ध में फंसे विद्यार्थियों और नागरिकों को सुरक्षित निकाला है। सांसद  विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1000 करोड़ की सौगातें दी हैं। बाणसागर डैम से 161 करोड़ की सिंचाई योजना से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। क्षेत्र में नए पुल निर्माण के लिए 95 करोड़ की राशि दी गई है। कटनी क्षेत्र में कृषि को नए आयाम देने के लिए एग्रीकल्चर विलेज की स्थापना की जा सकती है। विधायक  संजय पाठक ने कहा कि कृषि कल्याण वर्ष में कटनी को अनेक सौगातें मिली हैं। स्कूल शिक्षा एवं … Read more

सामाजिक सद्भाव बढ़ाने का प्रभावी तरीका है सामूहिक विवाह: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक सद्भाव बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं सामूहिक विवाह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले बेटियों के जन्म से ही विवाह की सताती थी चिंता, अब सरकार कर रही बेटियों का कन्यादान मुख्यमंत्री कन्या/विवाह योजना से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का बस रहा है घर शुजालपुर में हुआ सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन सम्मेलन में हुआ 162 बेटियों का विवाह और 38 बेटियों का निकाह भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति के मूल में सामाजिकता है, सद्भाव है और इस सद्भाव को बढ़ाने में सामूहिक विवाह सम्मेलन एक बड़ा ही मजबूत और कारगर माध्यम है। बेटियों के पाणिग्रहण संस्कार से बड़ा पुण्य का, कोई दूसरा काम हो ही नहीं सकता। पहले बेटी के जन्म होने के साथ ही उसके परिवार को बेटी की शादी की चिंता सताती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार बेटियों का कन्यादान और विदाई कर रही है। इस योजना से प्रदेश के गरीब-वंचित और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का घर बस रहा है। जन्म से लेकर पढ़ाई, नौकरी, मातृत्व और विवाह तक हमारी सरकार हर कदम पर बहनों-बेटियों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि मितव्ययिता बेहद जरूरी है। इसलिए शादी-ब्याह में होने वाले फिजूलखर्चों से हमेशा बचें। अपने बेटे-बेटियों का विवाह/निकाह सामान्य समारोह या सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही करें। इससे जो धन बचे, वह अपने बच्चों के बेहतर जीवन के लिए बचाकर रखें। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र का विवाह भी सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही कराया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से शुजालपुर (जिला शाजापुर) में हुए सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बेटियों के सम्मान, इनके सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए सदैव ही प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवविवाहित जोड़ों को बधाई और सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। सम्मेलन में 200 बेटियों का सामूहिक विवाह/निकाह सम्पन्न हुआ। इसमें 162 बेटियों का विधि-विधान से विवाह और 38 बेटियों का कबूलियत निकाह कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नवविवाहित जोड़े को मंगलाशीष के तौर पर सरकार की ओर से गृहस्थी के लिए 49-49 हजार रूपए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सामूहिक विवाह सम्मेलन वर-वधु को जन्म-जन्मांतर तक साथ देने की अमरता की बेला का उत्सव है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह सामूहिक विवाह सम्मेलन आगे और भी अधिक विशाल बनेगा तथा सभी जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़े मददगार के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार ने विवाह सम्मेलन में कहा कि हमारी सरकार ने समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई हैं। सामाजिक सुरक्षा और सद्भाव के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना ने अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है। आज के दौर में विवाह आयोजनों में फिजूलखर्ची बढ़ रही है। यह समाज के हित में नहीं है। इसलिए सभी को अपने पुत्र-पुत्रियों का विवाह सामूहिक विवाह और ऐसे आयोजनों में ही कराने की ओर बढ़ना होगा।  परमार ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सभी का जीवन प्रेम, विश्वास, सम्मान और संस्कारों से परिपूर्ण रहे। सर्व धर्म सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष  हेमराज सिंह सिसोदिया, जनपद पंचायत शुजालपुर की अध्यक्षा मती सीताबाई रामचन्दर पाटोदिया, उपाध्यक्ष मती मंजूबाई गोविन्दसिंह मेवाड़ा, नगर पालिकाध्यक्ष शुजालपुर मती बबीता परमार,  विजय सिंह बैस,  कृपाल सिंह मेवाड़ा,  अशोक नायक,  नरेन्द्र सिंह यादव,  देवेन्द्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं वर-वधु के परिजन उपस्थित थे।