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मध्यप्रदेश में विकास की रफ्तार तेज! सड़क, पुल और डिजिटल तकनीक से बदल रही तस्वीर: CM डॉ. यादव

सड़क, पुल, एक्सप्रेसवे, डिजिटल तकनीक से मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास को मिल रही नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी की विकसित भारत की परिकल्पना को साकार कर रहा मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग ने समग्र रोड नेटवर्क मास्टर प्लान किया तैयार जीआईएस आधारित लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप किया गया विकसित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में तेजी से एक नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “विकसित भारत” की परिकल्पना को मध्यप्रदेश साकार कर रहा है। प्रदेश में अभूतपूर्व गति से सड़क, पुल, एक्सप्रेसवे और आधुनिक सार्वजनिक अधोसंरचना निर्माण हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को अपना मूल मंत्र बनाकर विकास को सीधे जनता की सुविधा, आर्थिक प्रगति और सामाजिक समृद्धि से जोड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मजबूत अधोसंरचना किसी भी विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में सड़क, रेलवे, एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का व्यापक विस्तार हुआ है। प्रदेश में सड़क संपर्क, शहरी यातायात, औद्योगिक कनेक्टिविटी और ग्रामीण अधोसंरचना के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। वैज्ञानिक तरीके से तैयार हो रहा सड़क नेटवर्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के सड़क नेटवर्क को अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सड़क श्रेणियों के पुनर्गठन तथा रोड नेटवर्क रैशनलाइजेशन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जिससे सड़क निर्माण और रखरखाव की प्राथमिकताएँ अधिक स्पष्ट हुई हैं। विभाग द्वारा “लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप” विकसित किया गया है। यह ऐप GIS आधारित तकनीक पर कार्य करता है और इसके माध्यम से प्रदेश में 71 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों, लगभग 3 हजार भवनों तथा 1400 से अधिक पुलों का विस्तृत सर्वेक्षण किया जा चुका है। इस सर्वेक्षण से विभाग को अधोसंरचना की वास्तविक स्थिति का डिजिटल डेटा प्राप्त हुआ है, जिसके आधार पर योजनाएँ अधिक सटीक और व्यावहारिक तरीके से तैयार की जा रही हैं। रोड नेटवर्क मास्टर प्लान से बेहतर कनेक्टिविटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने समग्र रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया है। मास्टर प्लान के अंतर्गत शहरों के लिए बायपास मार्ग, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बेहतर सड़क संपर्क, जिला मुख्यालयों के बीच तेज कनेक्टिविटी तथा यातायात दबाव कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही यात्रा दूरी और समय कम करने के उद्देश्य से 6 नए ग्रीनफील्ड सड़क मार्गों की पहचान की गई है। इन परियोजनाओं से प्रदेश के औद्योगिक, कृषि एवं पर्यटन क्षेत्रों को नई गति मिलने की संभावना है। जीआईएस आधारित डिजिटल बजट प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के अनुरूप लोक निर्माण विभाग ने जीआईएस आधारित बजट मॉड्यूल लागू किया है। इस प्रणाली से प्रत्येक सड़क प्रस्ताव को डिजिटल नक्शे पर दर्ज किया जाता है। इससे यह तुरंत स्पष्ट हो जाता है कि संबंधित सड़क पहले से किसी अन्य योजना में शामिल है या नहीं। इस व्यवस्था ने योजनाओं में दोहराव को समाप्त करने के साथ विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया है। लोकपथ 2.0 : नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा विकसित “लोकपथ” ऐप को अब उन्नत स्वरूप में “लोकपथ 2.0” के रूप में विकसित किया गया है। यह ऐप नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल गाइड की तरह कार्य कर रहा है। इस ऐप में रूट प्लानर, टोल जानकारी, अस्पताल एवं पेट्रोल पंप की लोकेशन, एसओएस सुविधा और सड़क दुर्घटना संभावित स्थानों की चेतावनी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। ऐप ब्लैक स्पॉट से लगभग 500 मीटर पहले अलर्ट जारी करता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिल रही है। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था, 25 ठेकेदार किये गये ब्लैक लिस्टेड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की है। इसके अंतर्गत 875 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर 25 ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट किया गया तथा कई मामलों में दंडात्मक कार्रवाई भी की गई। इसके अतिरिक्त प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (PMS 2.0) लागू किया जा रहा है। इससे योजना निर्माण से लेकर भुगतान तक की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल रूप से मॉनिटर की जा रही है। पर्यावरण संरक्षण के साथ अधोसंरचना विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान खुदाई से निर्मित गड्ढों को “लोक कल्याण सरोवर” के रूप में विकसित किया जा रहा है। अब तक 506 सरोवर तैयार किए जा चुके हैं और 600 नए सरोवर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही सड़क किनारे भूजल रिचार्ज व्यवस्था, फ्लाई-ओवर पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग तथा ग्रीन बिल्डिंग निर्माण जैसे नवाचारों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा शासकीय भवनों को ऊर्जा दक्ष, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। तेजी से आगे बढ़ रहा सड़क और पुल निर्माण कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण कार्यों को अभूतपूर्व गति मिली है। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 77 हजार किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क विकसित किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों में विभाग द्वारा 11,632 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं मजबूतीकरण, 5,741 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और 190 पुल एवं फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 16,954 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य तथा 531 पुल एवं फ्लाईओवर परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम होगा तथा आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। एक्सप्रेस-वे और रिंग रोड परियोजनाओं से मिलेगा नया आयाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बड़े स्तर पर कनेक्टिविटी विस्तार के लिए 6 प्रमुख विकास पथ (एक्सप्रेसवे) परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया गया है। इसके साथ ही भोपाल, इंदौर, … Read more

मध्यप्रदेश में जल क्रांति की नई मिसाल, मोहन सरकार के प्रयासों से बढ़ी जल आत्मनिर्भरता

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश 'जल आत्मनिर्भरता' का एक नया इतिहास लिख रहा है। प्रदेश की जल संरचनाओं के पुनरुद्धार और नवीन जल स्रोतों के निर्माण के उद्देश्य से शुरू किया गया 'जल गंगा संवर्धन अभियान' अब अपने निर्णायक दौर में है। अभियान में न केवल लुप्त हो रही जल संरचनाओं को जीवनदान मिल रहा है, बल्कि वैज्ञानिक पद्धतियों से वर्षा जल के संग्रहण (Rain Water Harvesting) की क्षमता में भी ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 77 हजार 121 जल संरक्षण संबंधी कार्यों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है, जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन के लिए एक सुखद संकेत है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा महात्मा गांधी नरेगा (मनरेगा) के समन्वय से संचालित इस विशाल अभियान के लिए राज्य सरकार ने व्यापक वित्तीय प्रावधान किए हैं। पूरे प्रदेश में कुल 2 लाख 42 हजार 188 कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए 6,201.81 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में अब तक 4,443.85 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है। अभियान का मुख्य उद्देश्य 'खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में' रोकने की अवधारणा पर है, ताकि आगामी मानसून में वर्षा की हर बूंद का संचयन सुनिश्चित किया जा सके। सूक्ष्म स्तर पर हो रही मॉनिटरिंग अभियान के अंतर्गत कार्यों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित कर सूक्ष्म स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। विशेष रूप से 'डग वेल रिचार्ज' (सूखे कुओं का पुनर्भरण) में प्रदेश ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है, जहां 88,123 से अधिक कुओं को रिचार्ज करने का कार्य पूर्ण हो चुका है। इसी प्रकार, ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई और पशुपालन की सुविधा के लिए 53,568 खेत तालाबों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। जल संरक्षण और पुनर्भरण की अन्य विधियों के तहत 27,332 कार्य संपन्न हुए हैं। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण को मजबूती देने के लिए वृक्षारोपण और स्कूलों में जल टैंकों की सफाई जैसे रचनात्मक कार्यों को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया गया है। JSJB 2.0 (जल संचयन जल भागीदारी) पहल के तहत भी 10 लाख से अधिक कार्यों का पंजीकरण राज्य की सक्रियता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान की सफलता को जन-भागीदारी का परिणाम बताया है। जल संरक्षण समाज के अस्तित्व से जुड़ा विषय है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इन स्थायी जल संरचनाओं के माध्यम से भू-जल स्तर को बढ़ाया जाए, ताकि भविष्य में पेयजल संकट का स्थायी समाधान हो सके और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के माध्यम से मध्य प्रदेश आज देश के अन्य राज्यों के लिए जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक मार्गदर्शक बनकर उभर रहा है। खंडवा अग्रणी जिलों में शामिल   जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जिलों के प्रदर्शन की नवीनतम रैंकिंग (14 मई, 2026) के अनुसार, खंडवा जिला 7.51 के स्कोर के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। खंडवा में अब तक कुल 9,131 कार्य प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें से 2,944 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 5,400 कार्यों की भौतिक पूर्णता (Physical Completion) सुनिश्चित की गई है। रैंकिंग में दूसरे स्थान पर खरगोन जिला (स्कोर 7.38) है, जिसने 81.17 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक 'बुक्ड एक्सपेंडिचर' (वित्तीय प्रगति) दर्ज की है। इसके पश्चात बड़वानी 7.23 के स्कोर के साथ तीसरे, उज्जैन 7.08 के स्कोर के साथ चौथे और राजगढ़ 6.90 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर है। मुख्य आंकड़े एक नजर में:     कुल लक्षित कार्य : 2,42,188     पूर्ण हुए कार्य : 1,77,121     कुल स्वीकृत बजट : ₹6,201.81 करोड़     खेत तालाब पूर्ण : 53,568     कुआं पुनर्भरण (Dug Well Recharge) : 88,123  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- उज्जैन की जनता सिंहस्थ तैयारियों में निभा रही अहम भूमिका

उज्जैन की जनता सिंहस्थ संबंधी कार्यों में सहयोग कर पेश कर रही हैं नई मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने हरसिद्धि पाल से रामघाट मार्ग चौड़ीकरण कार्य का किया निरीक्षण उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ:2028 के लिए श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के आवागमन एवं सुविधाएं बढ़ाने के लिए घाटों एवं मार्गों के चौड़ीकरण कार्य किए जा रहे है। सरकार द्वारा सभी कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। सिंहस्थ के लिये सभी कार्य इस तरीके से किए जा रहे है कि पौराणिक और धार्मिक नगरी उज्जैन को लंबे समय तक उनका लाभ प्राप्त हो। उज्जैन के जनप्रतिनिधि, सभी धर्म के अनुयायी और नागरिक विकास कार्यों का समर्थन कर रहे है और सहयोग प्रदान कर देश के लिए एक नई मिसाल बन रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को उज्जैन में रामघाट पहुंचकर हरसिद्धि पाल से राम घाट मार्ग चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत कार्य तेजी गति, गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करें। होमगार्ड द्वारा आयोजित बाढ़ बचाव प्रशिक्षण का अवलोकन किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसिद्धि पाल से रामघाट मार्ग चौड़ीकरण के निरीक्षण के बाद होमगार्ड द्वारा आयोजित बाड़ बचाव प्रशिक्षण का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे होमगार्ड जवानों की हौसला अफजाई की। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने जानकारी दी कि होमगार्ड द्वारा 250 होमगार्ड जवानों को बाढ़ बचाव के लिए डीप डाइविंग, नाविकों, स्विमिंग, लाइफ जैकेट के उपयोग का तरीका, आपदा और बाढ़ बचाव सामग्री का उचित प्रयोग, अंडर वॉटर रेस्क्यू और सर्फेस वॉटर रेस्क्यू का 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, सिंहस्थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजीपी राकेश गुप्ता और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- गुरुदेव की कृपा से जीवन में सत्य और संस्कारों की प्रेरणा मिलती है

गुरुदेव के आशीर्वाद से ही सनातन और सत्य मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिलती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में जय गुरुदेव आश्रम में गुरुदेव से की भेंट गुरुदेव के अमृत प्रवचन का श्रवण किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाखों अनुयायियों को संबोधित किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोक कल्याणकारी कार्यों से अब जनता के हो गए है लाडले : गुरुदेव उमाकांत महाराज जय गुरुदेव आश्रम उज्जैन में सिंहस्थ जैसा नजारा, स्व अनुशासन से अनुशासित लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में जय गुरुदेव आश्रम में गुरुदेव महाराज से भेंट कर आशीर्वाद लिया और उनके अमृत प्रवचनों का श्रवण किया। गुरुदेव उमाकांत जी महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सदा ऐसे ही समाज की सेवा में लगे रहे और सत्य, सनातन, अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए जन सेवा करते रहें। आज आप अपने कार्यों से जनता के प्यारे बन गए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुदेव के निर्देश पर मंच से ही गुरुदेव के अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरुदेव की उज्जैन में आना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरुवर को देखकर ऐसा लगता है कि स्वयं ईश्वर को देख लिया हो, यह आश्रम परमात्मा का घर है, परमात्मा का आशीर्वाद है कि हमें गुरुवर का आशीर्वाद उनके स्वरूप में मिल रहा है और जीवन में सत्य कार्य करने का जो मार्गदर्शन हमें गुरुवर के चरणों से मिलता है उसे जीवन जीने का नया मार्ग हमें प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराज जी का आशीर्वाद चिर काल तक हम सभी को मिलता रहे और आनंद के साथ जीवन का यापन करें। सनातन धर्म में मान्यता है कि 84 लाख योनियों के बाद हमें यह मानव जीवन मिलता है। इस मानव जीवन को सही तरीके से जीने का जो मार्ग आपके द्वारा बताया जाता है उससे जीवन सरल और संयमित होकर जीने का मार्ग मिल जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की महाराज जी की कृपा से हमने प्रदेश में गौशालाओं को बनाने और संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। उज्जैन सहित अन्य धार्मिक नगरों में भी शराब बंदी के लागू की है और प्रदेश में उज्जैन ओंकारेश्वर, महेश्वर दतिया, पीतांबरा पीठ, सलकनपुर, ओरछा, चित्रकूट सहित 19 नगर में शराबबंदी का आदेश भगवत कृपा से ही हो पाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में उज्जैन को हम मेट्रो सिटी के साथ-साथ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक नगरी के रूप में भी स्थापित कर पाएंगे। उज्जैन अब धार्मिक नगरी के साथ उत्सव की नगरी भी हो गई है गुरुदेव की कृपा से अब हम हर जिले में गीता भवन बना रहे हैं, जहां पर भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का वाचन और आध्यात्मिक अध्ययन भी हो सकेगा। भगवान श्रीकृष्ण के अनुयायी होते हुए हम सब गोपालन को भी अपना रहे हैं और गोपालक परिवारों को आर्थिक सहायता भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के साथ देश के अलग अलग जगहों से आए भक्त जय गुरुदेव आश्रम के माध्यम से भक्ति मार्ग की ओर आगे बढ़ रहे हैं। गुरुदेव के आशीर्वाद से ही हम प्रदेश की जनता की समर्पित भाव से सेवा में लगे हैं। महाराज गुरुदेव का आशीर्वाद और उनका मार्गदर्शन सदैव मिलता है।  

मध्यप्रदेश बनेगा ग्लोबल फिल्म डेस्टिनेशन, CM मोहन यादव के विजन का दिखने लगा असर

भोपाल   मध्यप्रदेश के ग्रामीण पर्यटन और समृद्ध सांस्कृतिक वैभव को अब वैश्विक मंच पर एक नई और विशिष्ट पहचान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी विजन और नेतृत्व में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश तेजी से एक 'ग्लोबल फिल्मिंग हब' के रूप में स्थापित हो रहा है। इसी कड़ी में स्पेन के प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस ‘कलर्स कम्युनिकेशन ग्रुप’ द्वारा निर्मित अंतर्राष्ट्रीय टेलीविजन सीरीज़ "रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड" की शूटिंग प्रदेश के विभिन्न पर्यटन अंचलों में हुई। इस गौरवशाली पहल से मध्यप्रदेश की अनूठी जीवन शैली और पर्यटन स्थलों का प्रदर्शन दुनिया के 80 से अधिक देशों में किया जाएगा, जिससे राज्य की पर्यटन संभावनाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई उड़ान मिलेगी। सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया की जनजातीय परंपरा का हुआ फिल्मांकन अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के तहत छिंदवाड़ा जिले की नैसर्गिक सुंदरता और यहां की जीवंत जनजातीय संस्कृति ने स्पेनिश फिल्म क्रू को गहराई से प्रभावित किया है। टीम ने जिले के सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया क्षेत्र में प्रवास कर ग्रामीण जीवन, स्थानीय परंपराओं और पातालकोट की विशिष्ट जीवन शैली को कैमरे में कैद किया। विशेष रूप से पातालकोट में संपन्न जनजातीय विवाह की पारंपरिक रस्मों और प्राकृतिक सौंदर्य का फिल्मांकन किया गया है। स्पेनिश डायरेक्टर जुआन फ्रूटोस ने धूसावानी होमस्टे में मिले आत्मीय आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा कि यदि कोई वास्तविक भारत की जड़ों को जानना चाहता है, तो उसे मध्यप्रदेश के इन गांवों का अनुभव अवश्य लेना चाहिए। स्पेन में हुए एमओयू के मिल रहे सुखद परिणाम यह महत्वपूर्ण उपलब्धि इसी वर्ष जनवरी-2026 में स्पेन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मेले 'FITUR मैड्रिड 2026' के दौरान हुए रणनीतिक समझौतों और एमओयू (MoU) का सुखद परिणाम है। पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. और अपर प्रबंध संचालक अभय अरविंद बेडेकर के मार्गदर्शन में प्रदेश को एक 'फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन' के रूप में वैश्विक पटल पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इस सीरीज़ में न केवल ग्रामीण संस्कृति, बल्कि सांची स्तूप, भीमबेटका की गुफाएं, सतपुड़ा नेशनल पार्क और उज्जैन के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जैसी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहरों को भी शामिल किया गया है, जो प्रदेश के बहुआयामी पर्यटन वैभव को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेंगी। मध्यप्रदेश बनेगा ग्लोबल फिल्मिंग हब इस वैश्विक पहल से न केवल मध्यप्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग सुदृढ़ होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, होमस्टे और हस्तशिल्प जैसी गतिविधियों को भी भारी प्रोत्साहन मिलेगा। कलेक्टर छिंदवाड़ा श्री हरेंद्र नारायन एवं जिला प्रशासन के समन्वय से संपन्न हुई यह शूटिंग राज्य को विश्व सिनेमा के मानचित्र पर एक जीवंत और सांस्कृतिक कैनवास के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले समय में ऐसे अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स से मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा शूटिंग के लिए आवश्यक अनुमति, लॉजिस्टिक सहयोग, सुरक्षा व्यवस्था और ऑन-ग्राउंड समन्वय उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल राज्य को “फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन” के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बीते कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश ने फिल्म पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बॉलीवुड फिल्मों, वेब सीरीज़ और अंतर्राष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट्स के लिए प्रदेश लगातार पसंदीदा लोकेशन बन रहा है। इससे न केवल राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग मजबूत हो रही है, बल्कि स्थानीय रोजगार, ग्रामीण पर्यटन और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। मध्यप्रदेश आज केवल “टाइगर स्टेट” नहीं, बल्कि विश्व सिनेमा के लिए प्रकृति, संस्कृति, अध्यात्म और अनुभवों से भरा एक जीवंत कैनवास बन चुका है।

CM डॉ. यादव ने किया दिल्ली मेट्रो में सफर, PM मोदी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट संदेश को अपनाया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली मेट्रो में किया सफर प्रधानमंत्री मोदी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग के आह्वान पर किया अमल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को दिल्ली प्रवास के दौरान मेट्रो ट्रेन से सफर कर मितव्ययता का उदाहरण प्रस्तुत किया। उल्लेखनीय है कि देश में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, प्रदूषण और वर्तमान वैश्विक संकट के दृष्टिगत भविष्य के लिए ईंधन की बचत और वर्तमान में की जा रही खपत को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगातार पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मेट्रो के अधिक उपयोग की अपील की है। इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन मेट्रो में यात्रा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आम यात्रियों के बीच रहकर सफर किया और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मेट्रो सफर की सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ ही प्रशासनिक क्षेत्र में काफी चर्चा रही। इसे एक प्रतीकात्मक और प्रभावशाली संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें आम नागरिकों को भी यह प्रेरणा मिलती है कि यदि जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सकते हैं, तो सभी इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं।  कार्बन उत्सर्जन में कमी और प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी उपयोगी है मेट्रो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेट्रो सफर के संदर्भ में कहा कि मेट्रो जैसे आधुनिक परिवहन साधन समय की बचत के साथ पर्यावरण-संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बड़े शहरों में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बेहद आवश्यक है। इससे न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि भारत तेजी से आधुनिक और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां परिवहन व्यवस्था को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली मेट्रो की व्यवस्था, समयबद्धता और यात्री सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि देश के अन्य शहरों में भी इस तरह की व्यवस्थाओं का विस्तार होना चाहिए। मध्यप्रदेश में भोपाल और इंदौर के पश्चात अन्य बड़े नगरों में मेट्रो ट्रेन सुविधा का विस्तार इसी सुविचारित योजना का हिस्सा है। हमारा देश स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन मोबिलिटी और स्मार्ट सिटी मिशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  

प्रभावित नागरिकों की पूरी मदद के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर पहुंचकर देवास हादसे के घायलों से की भेंट प्रभावित नागरिकों की पूरी मदद के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमवाय और चोइथराम अस्पताल में भर्ती घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले के टोंककला में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के घायल नागरिकों से भेंट कर उनके उपचार की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस हादसे से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली से सीधे इंदौर पहुंचे और घायलों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अन्य कार्यक्रम निरस्त कर नई दिल्ली से इंदौर पहुंचकर अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती घायलों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम एयरपोर्ट से चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचकर देवास के हादसे के कारण घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की और उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमवाय अस्पताल में दाखिल घायलों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमलतास अस्पताल में इलाज करवा रहे घायल नागरिकों से भी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज पूर्वान्ह में इस हादसे की जानकारी प्राप्त होते ही देवास जिला प्रशासन को हादसे से प्रभावित नागरिकों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए थे। इंदौर में उपचार करवा रहे घायलों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिल्ली से ही दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत नागरिकों के परिजन को मध्यप्रदेश शासन की ओर से 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने एवं घायलों का निःशुल्क इलाज करने के लिये निर्देश दिये।  

दिल्ली में CM-अमित शाह बैठक से सियासी हलचल तेज, क्या होने वाला है कैबिनेट विस्तार?

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के पहले से प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही है। 17 मई को मुख्यमंत्री मोहन यादव अलग-अलग मंत्रियों से चर्चा करने वाले हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार करने की कवायद तेह हो गई है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद भाजपा कैबिनेट विस्तार पर फैसला ले सकती है। जानकारी के अनुसार, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार के बाद अब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मध्यप्रदेश में भी मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी कर रहा है। इसके तहत कुछ मंत्रियों से इस्तीफा लेने की भी योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान के बाद विवादों में हैं, वहीं कुछ अन्य मंत्रियों का प्रदर्शन भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं माना जा रहा है। ऐसे में कैबिनेट विस्तार से पहले कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। वर्तमान में मंत्रिमंडल में सीएम समेत 31 पद भरे हुए है और चार पद खाली हैं और विस्तार से पहले चार मंत्रियों के इस्तीफे की संभावना जताई जा रही है।  राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा  जानकारी के अनुसार इस बार कैबिनेट विस्तार में कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ महिला विधायकों को भी मौका दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर 17 मई को होने वाली बैठक के बाद अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुलाकात में पश्चिम बंगाल में पार्टी की जीत पर बधाई देने के साथ ही अन्य राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा करने की बात कही जा रही है। इससे पहले नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दो दिन पहले अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं।   केंद्रीय मंत्रियों से भी सीएम ने की मुलाकात  दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ मध्यप्रदेश में शहरी विकास परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी से सौजन्य भेंट की। वहीं केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू से भी मुलाकात कर प्रदेश में विमानन सुविधाओं और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के इस दिल्ली दौरे को प्रदेश में संभावित कैबिनेट विस्तार और केंद्र-राज्य समन्वय के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। 

मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारियों से जुड़े दो पुराने नियमों में होगा बदलाव

भोपाल  मोहन सरकार अपने कर्मचारियों (MP Government employees) से जुड़े दो बड़े नियमों में बदलाव करने जा रही है। वर्षों पहले 'दो ही बच्चे अच्छे' वाली जो बंदिशें लगाई थी, उसे हटाने पर सहमति बन गई है। आदेश कभी भी जारी हो जाएंगे। जिसके बाद उन सैकड़ों कर्मचारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार हट जाएगी, जिन्होंने जाने अनजाने में दो से अधिक बच्चे पैदा किए हैं। सरकार का यह फैसला राहत देने वाला होगा। दूसरी तरफ कुछ शर्तों के साथ अधिकारी, कर्मचारियों के लिए गिफ्ट लेना पहले से आसान हो जाएगा। ये एक वर्ष के भीतर अपनी एक सैलरी के बराबर गिफ्ट ले सकेंगे। ज्यादा कीमती गिफ्ट लेने पर कार्रवाई के दायरे में आएंगे। अधिकारी, कर्मचारियों को निवेश भी सोच समझकर ही करना होगा। गिफ्ट को कमाई का जरिया बनाया तो खैर नहीं निवेश की जाने वाली रकम, कमाई से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ये सभी प्रावधान नए सिरे से तैयार किए जा रहे सिविल सेवा आचरण नियमों में किया जा रहा है। संशोधित सेवा नियम जारी होने बाकी है। सूत्रों के मुताबिक सरकार उक्त नियमों में संशोधन कर एक तरफ जहां राहत देने जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ गिफ्ट को कमाई का जरिया बनाने से रोकने को लेकर भी कई कड़े प्रावधान किए जाने पर विचार चल रहा है। वास्तविकता से दूर गिफ्ट लेने की शर्त पुराने नियमों के तहत अभी अधिकारी-कर्मचारी 1500 या इससे अधिक का गिफ्ट स्वीकार नहीं कर सकते। समय के साथ यह बात वास्तविकता से मैच नहीं खा रही है। विवाह आयोजन, विवाह वर्षगांठ, धार्मिक समारोह जैसे अवसरों पर एक सामान्य व्यक्ति, जो कि शासकीय सेवक नहीं है, उसे भी कई गुना अधिक राशि के नकद उपहार मिलते हैं। ऐसे में शासकीय सेवकों के लिए पूर्व से लागू शर्त अव्यावहारिक है। समिति ने केंद्र सरकार के नए प्रावधानों का अध्ययन किया और पाया कि यह शर्त वास्तव में अव्यावहारिक है। महंगे गिफ्ट के प्रवेश पर लग सकती है रोक मंत्रालय में लगे सीसीटीवी कैमरे इस बात के प्रमाण है कि दीपावली जैसे मौकों पर लाखों के गिफ्ट पैक को मंत्रालय में प्रवेश दिया जाता है। जिसके पीछे बड़ी फर्मों व लोगों का हाथ होता है। ये गिफ्ट पैक कुछ बड़े अफसरों के कैबिन से लग्जरी वाहनों में घरों तक पहुंचते हैं। रुकेंगे ऐसे मामले मध्यप्रदेश में इस आदेश के आने पर बच्चों को मारने की घटनाओं पर विराम लगेगा। बीते महीनों पहले छिंदवाड़ा के नांदनवाड़ी प्राइमरी स्कूल के टीचर बबलू डांडोलिया के पहले से तीन बच्चे थे। नौकरी जाने के डर से बबलू ने पत्नी राजकुमारी के गर्भवती होने की जानकारी छिपाई। 23 सितंबर को रात करीब 3 बजे घर में ही बच्चे का जन्म हुआ। इसके बाद दोनों नवजात को नांदनवाड़ी गांव के जंगल ले गए। यहां उन्होंने बच्चे लावारिस छोड़ा और उसे पत्थरों से दबा दिया। दूसरे दिन ग्रामीण जब जंगल की तरफ गए तो उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पत्थर हटाकर देखा तो मासूम जिंदा था। रातभर ठंड में पड़े होने और चींटियों के काटने की वजह से उसे इन्फेक्शन हो गया था। ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए थे।

VIP कल्चर पर लगाम: CM मोहन यादव का छोटा काफिला चर्चा में, मंत्री एक कार से पहुंचे

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने की अपील के बाद एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले में से 5 वाहन कम कर दिए हैं। सीएम के कारकेड में अब तक 13 वाहन चलते थे अब 8 वाहन ही साथ रहेंगे। सीएम के काफिले में सिर्फ 8 वाहन रहे भोपाल से नरसिंहपुर रवाना होते वक्त सीएम डॉ. मोहन यादव के काफिले में आज सिर्फ आठ वाहन ही नजर आए। डिप्टी सीएम शुक्ल का ऐलान कम से कम गाड़ियां काफिले में रहेंगी सीएम के बाद अब डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने अपने काफिले में कम से कम गाड़ियां चलाने का ऐलान किया है। डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने सोशल मीडिया पर लिखा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दिशा में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग भी पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ योगदान देगा। आगामी आदेश तक विभागीय भ्रमण, निरीक्षण एवं अन्य शासकीय गतिविधियों में न्यूनतम वाहनों का उपयोग किया जाएगा। अनावश्यक वाहन रैली, अतिरिक्त काफिले और ईंधन की खपत वाले आयोजनों से परहेज किया जाए। विभाग के अफसर कार पुलिंग को प्राथमिकता दें डिप्टी सीएम ने कहा कि विभाग के सभी अधिकारी भी शासकीय कार्यों में सादगी अपनाते हुए सार्वजनिक परिवहन अथवा साझा वाहन व्यवस्था को प्राथमिकता दें। स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित भोजन का भी सीधा संबंध है। इसी दृष्टि से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है, जिससे रासायनिक उर्वरकों (जो अधिकांश आयातित होते हैं) का उपयोग कम हो, भूमि और जल की गुणवत्ता सुरक्षित रहे तथा आमजन को स्वास्थ्य कर अन्न उपलब्ध हो। यह जनस्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा है कि ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण के इस संदेश को भी जनजागरूकता अभियानों में शामिल करें। ईंधन की बचत, स्वच्छ पर्यावरण और प्राकृतिक कृषि, ये सभी स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के आधार हैं। राष्ट्रहित सर्वोपरि है। प्रत्येक छोटी बचत, देश की बड़ी शक्ति बनती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए संकल्पित है। आगामी आदेश तक मेरे कारकेड में सुरक्षा की दृष्टि से न्यूनतम वाहन होंगे और भ्रमण के दौरान कोई वाहन रैली नहीं होगी। सभी मंत्रीगण भी यात्रा के समय न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे। साथ ही, नवनियुक्त निगम-मंडल पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों से भी आग्रह है कि वे सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं। राष्ट्रहित सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री  मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रहित में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई अपील को मध्यप्रदेश में पूरी गंभीरता के साथ अमल में लाया जाएगा। राज्य शासन ने जारी किए निर्देश * आगामी आदेश तक मुख्यमंत्री जी के कारकेड में 13 वाहनों के स्थान पर सिर्फ 8 वाहन रहेंगे। * मुख्यमंत्री जी के भ्रमण के समय कोई वाहन रैली आयोजित नहीं की जाएगी। * सभी मंत्रिगण यात्रा के समय न्यूनतम वाहनों का प्रयोग करेंगे। * नव नियुक्त निगम-मंडल के पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करें और कोई वाहन रैली इसमें नहीं रहेगी। एक कार से मंत्रालय गए खेल मंत्री खेल और सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने भी सुरक्षा में चलने वाले पायलेट और फॉलो वाहन को हटा दिया है। मंत्री सारंग एक कार से स्टाफ के साथ मंत्रालय के लिए रवाना हुए। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान अर्थव्यवस्था का सुधारने करने के लिए है। इस देश के लिए यदि हम कुछ करना चाहते हैं तो यह हमारा दायित्व है कि प्रधानमंत्री मोदी की सलाह और आवाहन को स्वीकार करें। कार्यकर्ताओं से भी अपील की है कि कम से कम पेट्रोल डीजल का उपयोग करें। यह इस देश के नवनिर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी का यह नया प्रयास है। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा इस देश को खड़ा करने का काम किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोरोना के समय इतने बड़े देश में महामारी से जीतने का काम हुआ। आगे आने वाली पीढ़ी एक विकसित हिंदुस्तान में रहे, स्वावलंबी हिंदुस्तान का निर्माण करें यह हम सबका कर्तव्य है। मंत्रियों ने भी कम की गाड़ियां सीएम मोहन के अलावा दूसरे नेताओं ने भी गाड़ियां कम कर दी हैं. डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने काफिले में कम से गाड़ियां चलाने की बात कही है. वहीं मंत्रियों ने भी अपना काफिला कम कर दिया है. मंत्री विश्वास सारंग ने भोपाल में महज एक गाड़ी का इस्तेमाल किया. मंत्रियों ने सुरक्षा में चलने वाले पायलेट और फॉलो वाहन को हटा दिया है. वह केवल एक कार से ही मंत्रालय के लिए रवाना हुए और इसी तरह से भ्रमण भी किया था. प्रदेश के दूसरे मंत्रियों ने भी काफिले में कमी की है।  प्रधानमंत्री मोदी ने की जनता से ये अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील है कि वे पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करें. सार्वजनिक परिवहन या कारपूलिंग का इस्तेमाल करें. एक साल तक सोना न खरीदें. ताकि, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके. जनता विदेशी ब्रांड की जगह स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करे। संभव हो सके तो जनता वर्क फ्रॉम होम करें. जनता अगले एक साल तक गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचे. किसान रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करें और प्राकृतिक खेती अपनाएं. खाने में जरूरत के अनुसार ही खाद्य तेल का उपयोग करें।