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दो साल में श्रमिकों के हित में बड़े कदम, मध्यप्रदेश सरकार की अहम उपलब्धियाँ

श्रमिकों के कल्याण के लिये मध्यप्रदेश में दो वर्षों में हुए उल्लेखनीय कार्य भोपाल  विकास के मार्ग पर तेजी से बढ़ रहे मध्यप्रदेश में डॉ मोहन यादव सरकार की श्रम और श्रमिकों से संबंधित नीतियों के कारण श्रमिकों के हित में अनेक निर्णय लिए गए है। वहीं तुलनात्मक रूप से राज्य में श्रम उपलब्धता की बेहतर स्थिति के कारण राज्य के औद्योगिक विकास में भी मदद मिल रही है। इस कार्य में मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। किसी भी राज्य में बेहतर औद्योगिक विकास के पीछे श्रमिकों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण घटक है। इसी को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश में श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखकर कदम उठाए जा रहे हैं। म.प्र. श्रम कल्याण मंडल की विगत दो वर्ष की उपलब्धियों मंडल द्वारा म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 के प्रावधानों के अंतर्गत मंडल को श्रमिकों एवं नियोजकों से प्राप्त होने वाले अभिदाय को ऑनलाइन प्राप्त करने के लिये एम पी ऑनलाइन के माध्यम से मंडल का पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से 97 प्रतिशत से अधिक अभिदाय राशि मंडल को ऑनलाइन प्राप्त हो रही है। पोर्टल में मंडल द्वारा संचालित श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं आवेदन पत्रों का प्रारूप दिया गया है। सभी नियोजकों के लिये पोर्टल उपयोगी है। मंडल को विगत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 13 हजार 238 संस्थान स्थापनाओं में कार्यरत लगभग 8 लाख 93 हजार 193 श्रमिकों का अभिदाय 12 करोड़ 35 लाख 50 हजार रूपये प्राप्त हुआ है। यह विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में 1 करोड़ 30 लाख रूपये अधिक है। मंडल द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 11 हजार 359 हितग्राहियों को 6 करोड़ 29 लाख रूपये से अधिक हितलाभ राशि वितरित की गई थी। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15 हजार 405 हितग्राहियों को 8 करोड़ 24 लाख रूपये से अधिक की हितलाभ राशि वितरित की गई। यह विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में 1 करोड़ 95 लाख रूपये अधिक है। मंडल की 60वीं बैठक में लिये गये निर्णय एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा श्रम विभाग की समीक्षा बैठक में श्रम मंत्री एवं मुख्य सचिव महोदय के समक्ष प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में नवीन सर्व सुविधा युक्त आदर्श श्रम कल्याण केन्द्र स्थापित किये जाने के निर्देश दिये गये थे। इसके परिपालन में भोपाल, ग्वालियर, रीवा, सतना, पीथमपुर जबलपुर एवं उज्जैन में आदर्श श्रम कल्याण केन्द्र विकसित करने के लिये शासकीय भूमि आवंटन के लिये सर्व संबंधित औद्योगिक केन्द्र विकास निगम के कार्यकारी संचालकों को पत्र प्रेषित किये गये हैं। मंडल की 61वीं बोर्ड बैठक में अंतिम संस्कार सहायता योजना एवं अनुग्रह सहायता योजना का विस्तार करते हुए पात्र श्रमिक के परिवार में पति, पली, पुत्र, पुत्री तथा पात्र श्रमिक के माता पिता के अंतिम संस्कार के लिये एवं अनुग्रह सहायता का लाभ प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। मंडल की 61वीं बोर्ड बैठक में पात्र दिव्यांग श्रमिकों को इलेक्ट्रिक ट्रायसायकल एवं उपकरण प्रदान योजना प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया था। उक्त योजना लोक सेवा गारंटी स्कीम के अंतर्गत अधिसूचित की गई है। योजना लागू करने के संबंध में कार्यवाही निरंतरित है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र दिव्यांग श्रमिकों को 50 हजार रूपये राशि तक इलेक्ट्रिक ट्रायसायकल अथवा उपकरण प्रदान किये जायेंगे। श्रम मंत्री द्वारा सभी संभागों में श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताए आयोजित करने के निर्देशों के परिपालन में इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, उज्जैन, जबलपुर, शहडोल, ग्वालियर चंबल तथा सागर संभाग में श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा चुका है। इनमें प्रदेश के सभी संभागों में समूह खेलों में विजेता, उपविजेता तथा एथेलेटिक्स में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 1005 श्रमिक खिलाडियों ने पुरस्कार प्राप्त किये। मंडल द्वारा प्रदेश में संचालित 27 श्रम कल्याण केन्द्रों को कम्प्यूटर सेट एवं आवश्यक सामग्री प्रदान की गई है। प्रदेश के 17 सिलाई केन्द्रों में विगत तीन वर्षों में सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली श्रमिक परिवार की 418 महिलाओं को म.प्र. राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड भोपाल के माध्यम से दक्षता मूल्यांकन कर प्रमाण पत्र प्रदान किये गये है। म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में 100 बिस्तर क्षमता के श्रमिक विश्राम गृह निर्माण का निर्णय लिया गया है। उज्जैन, सागर, सिंगरौली, बालाघाट एवं शहडोल जिलों में एक एक नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय का निर्माण किए जाने का निर्णय लिया गया है। नरसिंहपुर जिले में श्रमोदय आदर्श आईटीआई के निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं का क्रियान्वयन भी विभाग की ओर से किया जा रहा है। आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत 13 लाख 85 हजार 963 निर्माण श्रमिकों एवं 38 लाख 52 हजार 307 परिवार सदस्यों का आयुष्मान कार्ड जारी किया गया है। इस योजना के तहत अब तक 3 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के सदस्यों को 847 करोड़ 33 लाख की चिकित्सा सहायता दी गयी। · डॉ. आर.आर. पटेल  

प्रधानमंत्री मोदी और CM डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में प्रदेश कर रहा लगातार प्रगति: मंत्री कंषाना

प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में प्रदेश लगातार कर रहा प्रगति – कृषि मंत्री कंषाना मध्यप्रदेश देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल कंषाना सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र दी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में कृषि के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। हमारी सरकार विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समृद्ध मध्‍यप्रदेश का सपना पूर्ण कर रही है। यह बात मंत्री कंषाना ने जनसंपर्क संचालनालय के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल है। सोयाबीन एवं मक्‍का के उत्‍पादन में प्रदेश का देश में प्रथम स्‍थान है तथा गेहूं, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल अनाज और मोटा अनाज में मध्‍य प्रदेश का देश में द्वितीय स्‍थान है। यह हमारे किसानों की मेहनत और सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का प्रतिफल है। प्रदेश के अन्‍नदाताओं की कड़ी मेहनत से ही यह उपलब्धियां हासिल करने में हम सफल हुये है। कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि वर्ष 2002-2003 में सिंचाई का क्षेत्रफल लगभग साढ़े सात लाख हेक्‍टेयर था जो कि 2024-25 में 55 लाख हेक्‍टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है। आगामी 3 वर्षों में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर65 लाख हेक्‍टेयर करने का लक्ष्‍य है। जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।  जनजातीय अंचलों में श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे कोदो-कुटकी जैसी पारंपरिक फसलों का उत्पादन, विपणन की व्‍यवस्‍था की जा रही है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। किसानों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता राशि सीधे किसानों तक पहुँची है। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत राशि का त्वरित वितरण किया गया है।  कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत मध्‍य प्रदेश के 8 जिले अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निमाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्‍डोरी को शामिल किया गया है। इन आकांक्षी जिलों में कृषि उत्पादन, ग्रामीण समृद्धि और योजनाओं के समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में सोयाबीन, चना, मसूर, धान एवं गेहूं की खरीदी के माध्यम से किसानों को हजारों करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। प्रदेश में प्राकृतिक खेती, तिलहन-दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ई-नाम, कृषि अद्योसंरचना निधि और कृषि निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। हमारा संकल्‍प है कि किसान की आय बढ़े, खेती टिकाऊ बने और मध्‍य प्रदेश कृषि में देश का नेतृत्‍व करें। कृषि परिदृश्‍य  देश में मध्‍य प्रदेश मक्‍का एवं सोयाबीन के उत्‍पादन में प्रथम स्‍थान तथा गेहॅू, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल खाद्यान्‍न, कुल मोटा अनाज में द्वितीय स्‍थान पर है। न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर उपार्जन मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्‍व में प्रदेश सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में 48 लाख 51 हजार किसानों से 02 करोड़ 41 लाख 31 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया है। जिसके विरूद्ध 81 हजार सात सौ अड़सठ करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना प्रदेश सरकार द्वारा किसान भाईयों की मेहनत को प्रतिफल प्रदाय करने के लिये सोयाबीन की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। जिसके अंतर्गत 09 लाख 36 हजार कृषकों का पंजीयन हुआ है। अभी तक लगभग छ: लाख कृषकों के द्वारा तेरह लाख नवासी हजार मेट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय मंडियों में किया गया है, जिससे दो चरणों में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दो लाख सरसठ हजार किसानों के खाते में चार सौ बियासी करोड़ रूपये अंतरित किये गये है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता के लिये गत 2 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सत्‍तर लाख कृषक आवेदनों पर बारह सौ सेंतीस करोड़ चौवन हजार राशि रूपये का दावा भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री एवं मुख्‍यमंत्री  किसान सम्‍मान निधि योजना  प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा किसान सम्‍मान निधि के रूप में किसानों को छ: हजार रूपये दिये जा रहे थे, मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भी किसानों को छ: हजार रूपये की राशि दी जा रही है, इस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्‍यमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना अंतर्गत माह अप्रैल, 2025 से अभी तक एक करोड़ अडसठ लाख किसानों को छ: हजार सात सौ छप्‍पन करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’’     रानी दुर्गावती अन्‍न प्रोत्‍साहन योजना अंतर्गत प्रदेश में प्रथम बार 16 जिलों – जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर,  बालाघाट, सिवनी, सीधी एवं सिंगरौली में उपार्जन किया जा रहा है।     कोदो कुटकी उपार्जन के लिये कुल बाईस हजार चार सौ उनचास कृषकों का पंजीयन किया गया, जिसका रकबा इक्‍कीस हजार एक सौ बहत्‍तर हैक्‍टेयर है।     खरीफ 2025 में लगभग पन्‍द्रह हजार मेट्रिक टन कोदों एवं कुटकी का उपार्जन का लक्ष्‍य निर्धारित किया।     राज्य सरकार द्वारा राशि रुपए एक हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी। खाद वितरण     भारत सरकार द्वारा प्रत्‍येक वर्ष खाद के ऊपर दो लाख करोड़ की सब्सिडी प्रदाय की जाती है।     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में सरकार द्वारा गत दो वर्षों में अभी तक बहत्‍तर लाख मेट्रिक टन यूरिया एवं बयालीस लाख मेट्रिक टन डीएपी + एनपीके वितरण किया गया है।     विगत वर्ष इसी अवधि में विक्रय मात्रा से यूरिया तीन लाख दस हजार मेट्रिक टन अधिक विक्रय किया जा चुका है एवं वर्तमान में ढाई लाख मेट्रिक टन यूरिया स्‍टॉक में है।     विगत वर्ष इसी अवधि में विक्रय मात्रा से डीएपी + एनपीके लगभग सत्‍तर हजार मेट्रिक टन अधिक किसानों को विक्रय किया जा चुका है एवं वर्तमान में लगभग चार लाख मेट्रिक टन स्‍टॉक में है। ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक … Read more

IAS सर्विस मीट का भोपाल में उद्घाटन, मुख्यमंत्री के साथ अफसर होंगे मस्ती और धमाल में शामिल

भोपाल भोपाल में शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आईएएस सर्विस मीट का शुभारंभ किया। इस आयोजन में प्रदेशभर से आईएएस अधिकारी पहुंचे हैं। आज से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय आईएएस सर्विस मीट सभी अधिकारियों की सहभागिता के साथ आयोजित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारियों की वार्षिक सर्विस मीट शुक्रवार से भोपाल में शुरू हो गई है। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रशासन अकादमी में करेंगे। इसके बाद अरेरा क्लब में दिनभर और देर रात तक विभिन्न सांस्कृतिक, खेल और मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस मीट में सहायक कलेक्टर से लेकर मुख्य सचिव स्तर तक के अधिकारी, सेवानिवृत्त आईएएस और उनके परिवारजन शामिल हो रहे हैं। आईएएस सर्विस मीट का उद्देश्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों से इतर अधिकारियों को आपसी संवाद, समन्वय और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर देना है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारी अपनी कला, सांस्कृतिक प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन आपसी संबंधों को मजबूत करने और तनावमुक्त माहौल प्रदान करने का माध्यम बनता है। इस वर्ष की सर्विस मीट के लिए अधिकारियों को चार हाउस—रेड, ग्रीन, ब्लू और यलो—में विभाजित किया गया है। प्रत्येक हाउस के लिए कैप्टन और वाइस कैप्टन तय किए गए हैं। तीन दिनों तक इन हाउसों के बीच सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, खेल गतिविधियों और टीम इवेंट्स में प्रतिस्पर्धा होगी। इससे कार्यक्रम में प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ उत्साह भी देखने को मिलेगा। मीट के अंतिम दिन चार प्रमुख कैटेगरी में अवॉर्ड दिए जाएंगे। इनमें मोस्ट क्रिएटिव, बेस्ट प्रेजेंटेशन, बेस्ट एंटरटेनमेंट वैल्यू और बेस्ट कोऑर्डिनेशन शामिल हैं। इसके अलावा 18 वर्ष तक की आयु के आईएएस अधिकारियों के बच्चों के लिए भी बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट और बेस्ट सीनियर आर्टिस्ट के पुरस्कार प्रत्येक हाउस में प्रदान किए जाएंगे। आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने बताया कि फील्ड में पदस्थ अधिकारियों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पास-पड़ोस के संभागों में कार्यरत अफसरों को एक ही समूह में रखा गया है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक रात्रि और अन्य प्रतिस्पर्धात्मक आयोजनों से अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल और टीम भावना मजबूत होगी। आखिरी दिन दिए जाएंगे अवार्ड तीन दिन तक चलने वाली सर्विस मीट के लिए चार हाउस बनाए गए हैं। ये हाउस रेड हाउस, ग्रीन हाउस, ब्लू हाउस और यलो हाउस के रूप में रहेंगे जिसके कैप्टन और वाइस कैप्टन तय कर दिए गए हैं। मीट के आखिरी दिन चार कैटेगरी में अवार्ड दिए जाएंगे। यह अवार्ड मोस्ट क्रियेटिव, बेस्ट प्रजेंटेशन, बेस्ट एंटरटेनमेंट वैल्यू और बेस्ट कोआर्डिनेशन को लेकर दिए जाएंगे। इसके साथ ही 18 साल तक की कम उम्र के आईएएस अफसरों के बच्चों को बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट और बेस्ट सीनियर आर्टिस्ट के अवार्ड हर हाउस में दिए जाएंगे। आयोजन समिति के चेयरपर्सन और प्रमुख सचिव पी. नरहरि के अनुसार, वर्ष 2010 में शुरू हुई यह सर्विस मीट हर साल अधिक यादगार बनती जा रही है। इससे अधिकारियों और उनके परिवारों के बीच पारिवारिक माहौल बनता है, सहयोग की भावना बढ़ती है और नई मित्रताएं विकसित होती हैं। संगीत, क्विज़, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए यह आयोजन सभी वर्गों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी डीजे नाइट, खेल गतिविधियों और पारिवारिक आयोजनों में अधिकारियों और उनके परिजनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलेगी। यह सर्विस मीट प्रशासनिक तंत्र के भीतर मानवीय जुड़ाव और सकारात्मक कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। एसोसिएशन अध्यक्ष बोले- प्रतिस्पर्धा और उत्साह बढ़ेगा आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि सर्विस मीट में फील्ड में पदस्थ अफसरों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और उनके आपसी समन्वय को सुगम बनाने के लिए, आस-पास के संभागों में पदस्थ फील्ड अफसरों को एक समूह में रखा गया है। इस सर्विस मीट के लिए बनाए गए ग्रुप्स के बीच सांस्कृतिक रात्रि सहित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिस्पर्धा होने से उत्साह और भी बढ़ जाएगा। आयोजन समिति के चेयरपर्सन प्रमुख सचिव पी नरहरि ने कहा है कि वर्ष 2010 में स्थापना के बाद से सर्विस मीट लगातार यादगार बन रही है। इससे एक परिवार के रूप में हमारे बंधन मजबूत हुए हैं, सहयोग को बढ़ावा मिला है, नई मित्रताएं बनी हैं और हमें संजोने लायक पल मिले हैं। भावपूर्ण संगीत, क्विज़ से लेकर जोशपूर्ण खेलों तक, हर एडिशन में सभी के लिए कुछ न कुछ रहा है।

मुख्यमंत्री ने मोबाईल फॉरेंसिक वैन को झंडी दिखाकर किया रवाना

मोबाईल फॉरेसिंक वैन से अपराध अनुसंधान तकनीकी होगी सुदृढ़ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मोबाईल फॉरेंसिक वैन को झंडी दिखाकर किया रवाना तकनीकी क्षमता संवर्धन के लिए 36 करोड़ रुपए से अधिक की खरीदी गई फॉरेंसिक वैन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में अपराध अनुसंधान, साक्ष्य संकलन एवं वैज्ञानिक विवेचना की क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए तैयार की गई मोबाइल फॉरेंसिक वैनों को पुलिस मुख्यालय भोपाल से झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि मोबाईल फॉरेसिंक वैन मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में सीन ऑफ क्राइम के इनवेस्टीगेशन में अत्याधिक कारगर साबित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में पुलिस विभाग द्वारा की गई यह पहल फॉरेंसिक-आधारित, त्वरित और सटीक विवेचना को बढ़ावा देगी, जिससे अपराधों के शीघ्र खुलासे, दोषसिद्धि दर में वृद्धि और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा और सुदृढ़ होगा। मध्यप्रदेश पुलिस को कुल 57 मोबाईल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनकी लागत 36 करोड़ 94 लाख 17 हजार 969 रुपए है। राशि केंद्र सरकार द्वारा प्रदाय की गई है। इनमें से 14 मोबाईल फॉरेंसिक वैन 16 दिसंबर 2025 को प्राप्त हुई है, जिन्हें रवाना किया गया है। शेष मोबाईल फॉरेसिंक वैन भी शीघ्र ही जिलों को उपलब्ध कराई जाएंगी। मोबाईल फॉरेंसिक वैन अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं, जिनमें स्टीरियो माइक्रोस्कोप, वेइंग बैलेंस, डीएसएलआर कैमरा, मिनी फ्रिज, एलईडी टीवी स्क्रीन, थर्मल प्रिंटर, बॉडी-वॉर्न कैमरा सहित आवश्यक उपकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वैनों में जांच किट, अपराध स्थल सुरक्षा किट, फिंगर प्रिंट, रक्त व बाल पहचान, हाई-इंटेंसिटी फॉरेंसिक लाइट सोर्स, पैर व टायर निशान, आगजनी, साक्ष्य पैकिंग, बुलेट होल, गनशॉट अवशेष, नशीले पदार्थ, विस्फोटक पहचान तथा डीएनए कलेक्शन एवं चेन ऑफ कस्टडी से संबंधित किट भी उपलब्ध हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने की सौजन्य भेंट प्रदेश की खेल प्रोत्साहन गतिविधियों के अध्ययन के लिए बिहार का दल मध्यप्रदेश भ्रमण पर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह तथा बिहार के खेल महानिदेशक श्री रविंद्रन शंकरन ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्रम तथा स्मृति चिन्ह के रूप में धातु शिल्प के श्री राम दरबार भेंट कर बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सुश्री सिंह ने बोधि वृक्ष की प्रतिकृति तथा अंगवस्त्रम भेंट किया। इस अवसर पर प्रदेश के खेल संचालक श्री राकेश गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भेंट के दौरान मध्यप्रदेश में खेलों के प्रोत्साहन के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। मध्यप्रदेश में खेल गतिविधियों के विस्तार और खिलाड़ियों की क्षमता – प्रतिभा निखारने तथा राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दृष्टिगत उनके सघन प्रशिक्षण के लिए संचालित गतिविधियों के अध्ययन के लिए बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में बिहार का 5 सदस्यीय दल प्रदेश के दौरे पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के पहले बिहार के दल ने शूटिंग अकादमी, घुड़सवारी अकादमी, वॉटर स्पोर्ट्स सेंटर, टी.टी. नगर स्टेडियम, स्पोर्ट्स साइंस सेंटर आदि का भ्रमण किया। दल ने प्रदेश में ग्राम पंचायत, विकासखंड और जिला स्तर पर संचालित खेल प्रोत्साहन गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।  

जनकल्याण के लिए जो कहा, वही करके दिखाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनकल्याण के लिए जो कहा, वही करके दिखाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव कथनी नहीं करनी में विश्वास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनकल्याण संदेश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनकल्याण के लिए जो बात कही गई, उस पर अमल भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में नागरिकों की समृद्धि के लिए दो वर्ष में किए गए विशेष कार्यों और अर्जित उपलब्धियों की बिंदुवार जानकारी बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में दिए गए संबोधन में सदन में प्रस्तुत की। इन में प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार है:-     पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल जी की जन्म वर्षगांठ पर आगामी 25 दिसम्बर को ग्वालियर में उद्योग वर्ष के समापन अवसर पर 2 लाख करोड़ के निवेश से विभिन्न इकाईयों के भूमि पूजन का कार्य हो रहा है।     मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के क्षेत्रों में संयुक्त चीता कॉरीडोर बनाने की पहल। गांधी सागर और नौरादेही में भी चीते बसाएंगे।     शिवपुरी में 9वें टाइगर रिजर्व पार्क की शुरूआत।     रीजनल औद्योगिक कॉन्क्लेव के साथ ही रेडिमेड और खिलौना निर्माण इकाईयों में कार्य करने वालों को प्रोत्साहन राशि।     आने वाले समय में सेटेलाइट के माध्यम से किसानों के खेतों और खसरा खतोनी की जानकारी प्राप्त कर घर बैठे खाद पहुंचाने का संकल्प।     स्वास्थ्य क्षेत्र में चिकित्सा अधिकारियों सहित अन्य पदों पर लगभग 42 हजार नियुक्तियों की स्वीकृति।     वर्ष 1956 में प्रदेश में 5 मेडिकल कॉलेज थे। गत डेढ़ वर्ष में 6 नए कॉलेज प्रारंभ, पीपीपी मोड पर 14 कॉलेजों के लिए निविदा की कार्यवाही। दिसम्बर 2025 में 4 मेडिकल कॉलेजों का भूमि पूजन निर्धारित। प्रदेश में 52 मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। सभी जिलों में कॉलेज होगा।     प्रत्येक संभाग में वन्य प्राणी संग्रहालय और रेस्क्यू सेंटर प्रारंभ करने की पहल।     राजधानी भोपाल में बड़ी झील में शिकारों से पर्यटकों और नागरिकों को कश्मीर का सुखद अहसास।     इंदौर में मेट्रो प्रारंभ। भोपाल में मेट्रो ट्रेन संचालन शीघ्र।     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जन्म वर्षगांठ 17 सितम्बर को धार जिले में पीएम मित्रपार्क की आधारशीला रखी।     प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण की ठोस पहल कर पीढ़ियों को गंभीर जन्मजात रोग से बचाने का प्रयास।     भगोरिया को राष्ट्रीय पर्व की मान्यता दी गई। उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी में जनजातीय वर्ग की भागीदारी की शुरूआत की। जनजातीय गौरवशाली विभूतियों के सम्मान में जबलपुर, सिंग्रामपुर और पचमढ़ी में मंत्रिपरिषद की बैठकें की गईं।     राज्य में तेज ध्वनि यंत्रों पर नियंत्रण की पहल।     गौ-संरक्षण के राज्य में ठोस प्रयास किए गए।  

मोहन सरकार का बड़ा फैसला: उज्जैन की लैंड पूलिंग योजना अब नहीं चलेगी

उज्जैन    किसानों और स्थानीय स्तर पर भारी विरोध के बाद आखिरकार सरकार ने उज्जैन के सिंहस्थ क्षेत्र की लैंड पूलिंग योजना को मंगलवार देर रात निरस्त कर दिया। अब सिंहस्थ क्षेत्र में ठीक उसी तरह से व्यवस्था होगी, जैसे अब तक होती आई है।लैंड पूलिंग योजना में सरकार ने सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी निर्माण के लिए किसानों की भूमि लैंड पूलिंग के तहत लेने का प्रावधान किया था। इसमें किसानों को भूमि का एक हिस्सा विकसित करके दिया जाता और शेष का मुआवजा मिलता लेकिन इसके लिए वे तैयार नहीं थे। शासन ने आदेश को राजपत्र (गजट) में प्रकाशित भी कर दिया है। यह निर्णय भारतीय किसान संघ के 26 दिसंबर से उज्जैन में ‘घेरा डालो–डेरा डालो’ आंदोलन की चेतावनी के बाद लिया गया है। किसान संघ ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक लैंड पूलिंग नीति को पूरी तरह निरस्त करने का लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। आंदोलन की घोषणा के बाद सरकार और किसान संगठनों के बीच टकराव की स्थिति लगातार गहराती जा रही थी। दरअसल, सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास योजनाओं के अंतर्गत किसानों की भूमि को लैंड पूलिंग के माध्यम से विकसित करने का प्रस्ताव था। इस नीति के तहत जमीनों के अधिग्रहण और पुनर्विकास को लेकर किसानों में भारी असंतोष था। किसान संगठनों का आरोप था कि यह नीति उनकी सहमति के बिना लागू की जा रही है और इससे उनकी जमीनों पर स्थायी असर पड़ेगा। 19 नवंबर का आदेश सिर्फ संशोधन था भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने कहा था कि 19 नवंबर को जारी आदेश केवल संशोधन था, निरस्तीकरण नहीं। इसके बाद प्रदेश के 18 जिलों के किसान प्रतिनिधियों की बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन का निर्णय लिया गया। किसानों ने एलान किया था कि 26 दिसंबर से विक्रमादित्य प्रशासनिक भवन का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। अब शासन द्वारा लैंड पूलिंग योजना को पूरी तरह निरस्त किए जाने को किसान आंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है।   उज्जैन लैंड पूलिंग पॉलिसी यह थी उज्जैन लैंड पूलिंग पॉलिसी दरअसल सिंहस्थ कुंभ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) द्वारा प्रस्तावित एक शहरी विकास योजना थी। इसके तहत शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी मात्रा में किसानों की निजी जमीन को एक साथ पूल (एकत्र) कर सुनियोजित तरीके से विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था। यानी सरकार जमीनों को अधिग्रहित कर सड़क, सीवर, ड्रेनेज, बिजली, पानी जैसी आधारभूत सुविधाओं का विकास, सिंहस्थ के लिए स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना, उज्जैन के विस्तार को मास्टर प्लान के तहत विकसित करना था।  योजना में किसानों को क्या दिया जाना था? किसानों से जमीन लेकर उसे विकसित करने के बाद विकसित भूमि का एक हिस्सा (कम लेकिन अधिक मूल्य वाला) किसान को लौटाने का प्रावधान रखा गया था। शेष भूमि पर शासन/प्राधिकरण द्वारा शहरी विकास में उपयोग की थी।  किसान संगठन क्यों नाराज हुए? भारतीय किसान संघ समेत अन्य किसान संगठनों को जमीन पर स्थायी नियंत्रण खत्म होने का डर था। किसानों का कहना था कि एक बार जमीन लैंड पूलिंग में चली गई तो उस पर उनका  अधिकार कमजोर हो जाएगा। कितनी जमीन लौटेगी, कब लौटेगी और किस कीमत पर इस पर स्पष्ट और कानूनी भरोसा नहीं था। किसानों का तर्क था कि यह अधिग्रहण जैसा ही है, लेकिन बिना सीधा मुआवजा दिए। इसमें आरोप लगे कि कई जगह किसानों की स्पष्ट सहमति के बिना योजना लागू करने की तैयारी थी। किसान संगठनों का कहना था कि सिंहस्थ अस्थायी आयोजन है, लेकिन इसके नाम पर जमीन की स्थायी योजना बनाई जा रही थी।   भाजपा विधायक ने भी किया योजना का विरोध  उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने लैंड पूलिंग योजना को लेकर अपनी ही सरकार के फैसले पर असहमति जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर कहा है कि यह योजना किसानों के हित में नहीं है और इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। विधायक जैन ने लिखा कि 17 नवंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई बैठक में योजना वापस लेने का निर्णय लिया गया था, जिसके बाद किसान संघ ने उत्सव रैली भी निकाली थी। इसके बावजूद यदि योजना लागू मानी जा रही है और किसान 26 दिसंबर से आंदोलन करने को मजबूर हैं, तो वे स्वयं भी किसानों के समर्थन में आंदोलन में शामिल होंगे। विधायक के इस रुख से लैंड पूलिंग योजना को लेकर भाजपा के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा था मामला किसान संघ और स्थानीय संगठन सिंहस्थ के नाम पर लैंड पूलिंग के माध्यम से किसानों की जमीन लेने का विरोध कर रहे थे। बात पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अधिकारियों के साथ पहुंचे और बैठकों के कई दौर चले। सरकार की ओर से सिहंस्थ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का हवाला देकर व्यवस्था बनाने की बात रखी गई तो अन्य कुंभ का उदाहरण देकर लैंड पूलिंग के बिना व्यवस्था बनाए जाने की बात उठी। उधर, किसान पूरी तरह से लैंड पूलिंग योजना को निरस्त करने पर अड़े थे। सरकार ने पहले प्रयास किया था कि किसानों की सहमति से लैंड पूलिंग की जाए, लेकिन भारतीय किसान संघ का कहना था कि किसानों की भूमि स्थायी निर्माण के लिए लेने से उनकी आजीविका का साधन समाप्त हो जाएगा। यह होता उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में लगभग 2,800 हेक्टेयर भूमि है। इसमें साढ़े आठ सौ हेक्टेयर शासकीय और शेष निजी भूमि है। सरकार बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए यहां जन सुविधा की दृष्टि से स्थायी निर्माण करना चाहती थी। इसके लिए किसानों की भूमि लैंड पूलिंग के तहत लेना प्रस्तावित था। इसमें जिसकी भूमि ली जाती, उसे एक निश्चित क्षेत्र में स्थायी निर्माण करके सरकार देती और बाजार मूल्य से शेष भूमि का भुगतान भी किया जाता। भाजपा विधायक की भी असहमति उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने भी योजना से असहमति जताई थी। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि किसान हित में लैंड पूलिंग योजना निरस्त होनी चाहिए। … Read more

इंदौर के एम.वाय. हॉस्पिटल का 773 करोड़ रुपए की लागत से होगा नवनिर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को ऊर्जा संरक्षण के लिए किया सम्मानित इंदौर के एम.वाय. हॉस्पिटल का 773 करोड़ रुपए की लागत से होगा नवनिर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर बनने वाले द्वार, विरासत से विकास के संकल्प की करेंगे सिद्धी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को सम्मानित किया है। म्याना स्टेशन को 9687 यूनिट विद्युत ऊर्जा की बचत के लिए राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि म्याना रेलवे स्टेशन का बेस्ट परफॉर्मिंग यूनिट के रूप में सम्मानित होना, प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बैतूल जिले के शिल्पकार श्री बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि भरेवा धातु शिल्प को जी.आई. टैग प्राप्त हुआ है। गोंड जनजाति की एक उपजाति धातु ढलाई का यह कौशल, पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित करती है। यह शिल्पकार प्रतीकात्मक देवी-देवताओं की मूर्ति, परंपरागत आभूषण, गोंड अनुष्ठान में प्रयुक्त धार्मिक सामान के साथ ही मोर लैंप, बैलगाड़ी, घंटियां, पायल, दर्पण के फ्रेम जैसी सजावटी वस्तुएं का निर्माण करते हैं। इस सामग्री की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत लोकप्रियता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री वाघमारे को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 773 करोड रुपए लागत से इंदौर में एम.वाय. हॉस्पिटल का नवनिर्माण किया जाएगा। नए 1450 बिस्तरीय एम.वाय हॉस्पिटल के निर्माण से पुरानी बिल्डिंग की कठिनाईयों से मुक्ति मिलेगी। अस्पताल के साथ ही नर्सिंग हॉस्टल, ऑडिटोरियम आदि का भी निर्माण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया की विमेन टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 (ब्लाइंड) का फाइनल मैच जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन दृष्टि बाधित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों सुश्री सुनीता सराठे, सुश्री सुषमा पटेल और सुश्री दुर्गा येवले को 25-25 लाख रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जा रही है। प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 10-10 लाख रुपए नगद और 15-15 लाख रुपए की एफडी की व्यवस्था है। टीम के तीनों कोच सर्वश्री सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पहाड़े को एक-एक लाख रुपये प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में 12, 13 ,14 दिसंबर को मध्यप्रदेश उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें हस्तशिल्प, एक जिला-एक उत्पाद, माटी कला परिषद, पर्यटन आदि के स्टाल लगाए गए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायक श्री मधु वर्मा ने अपने पुत्र का विवाह, आगर मालवा में हुए सामूहिक विवाह समारोह में कर, अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक श्री वर्मा द्वारा सामाजिक समरसता और शादियों में अपव्यय को रोकने के लिए की गई इस पहल की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल को प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धता से जोड़ने के संकल्प के अंतर्गत राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों को समर्पित द्वार बनाने का निर्णय लिया गया था। गत वर्ष भोपाल-नर्मदापुरम मार्ग पर राजा भोज द्वार के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हुई, इसी क्रम में भोपाल-इंदौर मार्ग पर हाल ही में विक्रमादित्य द्वार निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया गया। वास्तु शिल्प के अद्भुत उदाहरण इन द्वारों से राजधानी भोपाल का गौरव बढ़ेगा। यह द्वार, विरासत से विकास के संकल्प की सिद्धी की दिशा में प्रभावी कदम सिद्ध होंगे।  

मध्य प्रदेश: 7 कैटेगरी स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति बंद, 6 जिलों में वन विज्ञान केंद्र खुलेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की 7 कैटेगरी (दैनिक वेतन भोगी, अंशकालीन, कार्यभारित, स्थायीकर्मी सहित अन्य) समाप्त कर दी हैं। अब सिर्फ तीन कैटेगरी रहेंगी, इनमें नियमित, संविदा, आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले।  कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि वर्तमान में कार्यरत कार्यभारित कर्मचारी की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उसके आश्रित को नियमित पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। इस संवर्ग में अभी ऐसा प्रावधान नहीं था। जिन कैटेगरी को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, वे अपने सेवाकाल तक कार्य करते रहेंगे। उनके रिटायर होते ही वह पद स्वत: समाप्त हो जाएगा। यदि विभाग कर्मचारी की डिमांड करता है, तो उस पद के विरुद्ध नियमित पद का सृजन किया जाएगा और भर्ती की जाएगी। बता दें कि दिग्विजय सरकार ने साल 2001 में दैनिक वेतन भोगी के पद समाप्त किए थे। कोर्ट में नहीं बताना पड़ेगी कैटेगरी सरकार का कहना है कि अभी न्यायालयीन प्रकरणों में अलग-अलग पदों की वजह से काफी गफलत होती है। नई व्यवस्था लागू होने और संबंधित पद समाप्त होने के बाद कोर्ट को यह बताना नहीं पड़ेगा कि कर्मचारी किस कैटेगरी का है। इससे बार-बार सुनवाई से सरकार बच सकेगी। उधर, स्थायी और अस्थायी का अंतर खत्म करने के बाद विभागों को हर साल अस्थायी पदों के लिए कैबिनेट से मंजूरी लेने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। नियमित और संविदा पर रहेगा फोकस सरकार ने साफ कर दिया है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद नियमित और संविदा कर्मचारियों पर ही फोकस रहेगा। दरअसल, आउटसोर्स कर्मचारी सरकार के कर्मचारी ही नहीं हैं। इन कर्मचारियों की सेवाएं सरकार कंपनियों के माध्यम से लेती है। मेट्रो के लिए 90.67 करोड़ का प्रावधान भोपाल एवं इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन व रखरखाव के लिए राज्य सरकार ने 90.67 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इस राशि से मेट्रो संचालन में होने वाले खर्च की व्यवस्था की जाएगी। प्रस्ताव नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रस्तुत किया। इस योजना में प्रावधान है कि आमदनी और व्यय का खर्च राज्य शासन को उठाना पड़ता है। इसलिए कैबिनेट ने यह राशि मंजूर की है। 1782 करोड़ का सिंचाई पैकेज नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना एवं बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना के अंतर्गत डूब प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज की स्वीकृति दी गई। इसमें पहले से तय बजट में 1782 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज दिया है। इससे 5512 करोड़ रुपए की अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों की योजनाओं का पूरा किया जा सकेगा। 71967 हेक्टेयर जमीन सिंचित हो सकेगी और 125 मेगावाट बिजली जनरेट हो सकेगी। कैबिनेट में इन मुद्दों को भी दी गई मंजूरी जल संसाधन विभाग में रिटायर्ड एसडीओ वीके रावत से देय पेंशन राशि की वसूली से संबंधित प्रस्ताव मंजूर। सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में रिक्त पदों की पूर्ति एवं राज‌भवन में सेवानिवृत्त कर्मचारी को एक साल के लिए पुनः संविदा नियुक्ति देने तथा संजय सिंह चौहान अतिरिक्त राज्य शिष्टाचार अधिकारी को संविदा नियुक्ति दिए जाने को मंजूरी। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत डॉ राजेश गौर पूर्व डीन मेडिकल कालेज दतिया के विरुद्ध लोकायुक्त जांच प्रकरण में विभागीय जांच उपरांत पेंशन रोकने से संबंधित प्रस्ताव मंजूर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पूर्व सीईओ जनपद पंचायत राजनगर जिला छतरपुर बीके सिंह के रिटायरमेंट के बाद पेंशन वापस लेने को मंजूरी। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के सूचकांक एवं मानदंड निर्धारण पर चर्चा के दौरान योजना का सूचकांक दो से तीन किया गया है। इसके बाद 3810 कार्य 693.76 करोड़ रुपए की लागत से कराए जा सकेंगे। खनिज साधन विभाग के प्रस्ताव पर संचालनालय की स्थापना और खनिजों के सर्वेक्षण की स्थापना जैसी खनिज योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा को मंजूरी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत लोक वित्त पोषित योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति एवं निरंतरता से जुड़े मुद्दे स्वीकृत किए गए। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को वर्ष 2026-27 से निरंतर जारी रखने पर निर्णय लिया गया। योजना पांच साल तक चलती रहेगी और इसके लिए 905.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। योजना में 50 हजार से 50 लाख तक लोन दिए जाने का प्रावधान है। वन विभाग के प्रस्ताव पर वन विज्ञान केंद्र की स्थापना संबंधी नई योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 48 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं जो प्रदेश के छह जिलों में बनाए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर रोहिणी प्रसाद गुप्ता और अन्य विरुद्ध एमपी सरकार के मामले में न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन में कार्यभारित स्थापना में नियुक्तियों से संबंधित विषय को मंजूरी। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अंतर्गत सेवानिवृत्त उप संचालक जीएस चौहान को संविदा नियुक्ति दिए जाने और कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रस्ताव पर सलामुद्दीन अंसारी सेवानिवृत्त सहायक संचालक से पेंशन वापसी के संबंध में निर्णय लिया गया। 773 करोड़ से बनेगा इंदौर के एमवाय अस्पताल का भवन मंत्रालय में कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को बताया कि इंदौर के एमवाय अस्पताल का नवनिर्माण 773 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। यह 1450 बिस्तर का होगा, इससे कई कठिनाईयों से राहत मिलेगी। अस्पताल के साथ नर्सिंग हॉस्टल, ऑडिटोरियम का भी निर्माण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विमेन T20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 (ब्लाइंड) का फाइनल जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्य प्रदेश की तीन दृष्टि बाधित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों सुनीता सराठे, सुषमा पटेल और दुर्गा येवले को 25-25 लाख रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जा रही है। प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 10-10 लाख रुपए नगद और 15-15 लाख रुपए की एफडी रहेगी। टीम के तीनों कोच सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पहाड़े को एक-एक लाख रुपए प्रोत्साहन स्वरूप दे रहे हैं। भरेवा धातु शिल्प को मिला जीआई टैग बैतूल जिले के भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग प्राप्त हुआ है। इसके लिए शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। गोंड जनजाति की … Read more

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया संबल योजना के तहत 160 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने का ऐलान, सीधे हितग्राहियों के खातों में

भोपाल   एमपी सीएम डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार 16 दिसंबर को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी संबल योजना के तहत हितग्राहियों को बड़ी राहत देने जा रहे हैं। एक सिंगल क्लिक के माध्यम से वे 7 हजार 227 प्रकरणों में कुल 160 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। यह कार्यक्रम राजधानी भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। क्या है संबल योजना दरअसल संबल योजना के तहत दी जाने वाली यह अनुग्रह सहायता असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनेगी। दुर्घटना, असामयिक मृत्यु या अन्य आपात परिस्थितियों में यह सहायता राशि परिवारों को तात्कालिक सहारा देती है। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि संकट के समय परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना भी है। सीएम का बड़ा संदेश कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव प्रदेश सरकार की अन्य जनहितैषी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाएंगे। इसमें श्रमिक कल्याण, ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी प्रमुख रहेंगी। यही नहीं सीएम यह भी संदेश देंगे कि सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। पारदर्शिता हो रही मजबूत राज्य सरकार लगातार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पारदर्शिता लाते हुए सरकारी व्यवस्थाओं को मजबूत कर रही है, ताकि किसी भी स्तर पर बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और लाभ सीधे पात्र हितग्राही तक पहुंचे। संबल योजना के तहत होने वाला यह बड़ा भुगतान इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार का बड़ा दावा सरकार का दावा है कि आने वाले समय में भी ऐसी योजनाओं के जरिए श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों को निरंतर राहत दी जाती रहेगी।