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इंग्लिश चैनल फतह करने की तीसरी तैयारी, CM यादव से मिले पद्म सम्मानित लोहिया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पद्मसम्मानित लोहिया ने की सौजन्य भेंट तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार करने के अभियान पर लंदन रवाना होंगे लोहिया भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग तैराक एवं पद्मपुरस्कार से सम्मानित सत्येंद्र सिंह लोहिया ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से नई दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार करने के आगामी अभियान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहिया को अभियान के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल प्रयास की कामना की। दिव्यांग तैराक सत्येंद्र सिंह लोहिया 19 सितंबर 2026 को अपनी टीम के साथ दिल्ली से लंदन रवाना होंगे। उनकी टीम द्वारा 24 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच मौसम एवं समुद्री परिस्थितियों के अनुकूल होने पर इंग्लिश चैनल पार करने का प्रयास किया जाएगा। टीम 6 अक्टूबर को भारत वापस लौटेगी। मध्यप्रदेश की टीम में ग्वालियर के रामबरन पाल और भिंड के गजेंद्र सिंह टीम सदस्य तथा श्योपुर के मुजीब खान कोच के रूप में शामिल हैं। दिव्यांग तैराक लोहिया को मध्यप्रदेश सरकार के प्रतिष्ठित विक्रम पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2024 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मसे सम्मानित किया। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित किया है। उनके नाम लगभग 40 राष्ट्रीय पदक हैं। हाल ही में 12 फरवरी 2026 को उन्होंने न्यूजीलैंड के उत्तरी द्वीप और दक्षिणी द्वीप को अलग करने वाली कुक स्ट्रेट को 9 घंटे 22 मिनट में पार कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट में लोहिया ने कहा कि इंग्लिश चैनल पार करने का यह अभियान प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है। उनका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने के साथ ही युवाओं एवं दिव्यांग खिलाड़ियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करना है।  

शिक्षा में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को मिला बड़ा सहारा, ₹13 हजार करोड़ से ज्यादा राशि स्वीकृत

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और निर्णयों के फलस्वरूप प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के हर स्तर पर अभूतपूर्व प्रोत्साहन और वित्तीय सहयोग मिल रहा है। पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा से विदेश अध्ययन के लिये छात्रवृत्ति, नि:शुल्क कोचिंग और प्रशिक्षण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में पिछले 15 वर्षों में 13 हजार 156 करोड़ 51 लाख से अधिक की वित्तीय सहायता दी गई है। योजनाओं से लगभग 5 करोड़ 34 लाख 39 हजार 54 से अधिक विद्यार्थी लाभांवित हुए। प्री एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति से शिक्षा का सशक्तिकरण स्कूली स्तर पर ड्रॉप-आउट दर को समाप्त करने और बच्चों की पढ़ाई निरंतर बनाए रखने के लिए संचालित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वर्ष 2012-13 से 2026-27 तक पिछड़ा वर्ग के 4 करोड़ 50 लाख से अधिक विद्यार्थियों को ₹ 2,535 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित की जा चुकी है। इसके साथ ही स्कूली शिक्षा में उत्कृष्ट अंक लाने वाले होनहारों को 'प्रावीण्य (मेधावी) छात्रवृत्ति योजना' के तहत पिछड़ा वर्ग के 2,185 विद्यार्थियों को 1 करोड़ 69 लाख रूपये की राशि दी गई है। उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा में कॉलेज स्तर के छात्रों को राहत देते हुए 'पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना' के तहत वर्ष 2012-13 से 2026-27 के दौरान इसी वर्ग के 84.22 लाख विद्यार्थियों को ₹10,467 करोड़ की राशि से संबल प्रदान किया गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग, प्रोत्साहन और कौशल विकास पिछड़ा वर्ग के युवाओं को प्रशासनिक और प्रतियोगी सेवाओं में सफलता दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वर्ष 2021-22 में प्रारंभ की गई 'सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना' के तहत 11,174 शिक्षित युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 23 करोड़ 9 लाख रूपये के व्यय से निशुल्क कोचिंग दी गई है। इसी प्रकार संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले 3,354 पिछड़ा वर्ग अभ्यर्थियों को 'सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना' के तहत 7 करोड़ 64 लाख रूपये की राशि प्रदान की गई। इसके अलावा वर्ष 2026-27 से युवाओं के सर्वांगीण प्रशिक्षण के लिए शुरू की गई 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना' के अंतर्गत रू 4 करोड़ 83 लाख राशि का व्यय कर 3,827 युवाओं को सफलता पूर्वक प्रशिक्षित किया गया है। विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना' से वैश्विक पटल पर साकार होते सपने 'पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना' में प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वर्ष 2008-09 से लेकर अब तक पिछड़ा वर्ग के कुल 341 विद्यार्थियों को 122 करोड़ 9 लाख रूपये का वित्तीय अनुदान देकर विदेशों में पढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया गया है।  

भोपाल से इंदौर तक हजारों लोग बनाएंगे ह्यूमन रंगोली, ड्रोन से दर्ज होगा भव्य दृश्य

मध्यप्रदेश में बनेगी ‘सेवा के रंग—राष्ट्र के संग’ की विराट तस्वीर  भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, झाबुआ और आलीराजपुर में हजारों नागरिक बनाएंगे ह्यूमन रंगोली ड्रोन कैमरे से दर्ज होगा जनभागीदारी का भव्य दृश्य भोपाल सेवा, सहभागिता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के अवसर पर 9 और 10 अक्टूबर को विशेष आयोजन किया जाएगा। ‘सेवा के रंग—राष्ट्र के संग’ थीम पर प्रदेश के छह जिलों में बड़े मैदानों पर विशाल ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। इस अनूठे आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता होगी और मानव रंगोली के माध्यम से सेवा, राष्ट्रभावना, स्थानीय संस्कृति तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जाएगा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, झाबुआ और आलीराजपुर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में जनभागीदारी को प्रमुख आधार बनाया गया है। हजारों नागरिक एक निर्धारित स्वरूप में एक साथ खड़े होकर ऐसी जीवंत मानव रंगोली का निर्माण करेंगे, जिसे ऊपर से देखने पर एक विशाल चित्र और संदेश के रूप में देखा जा सकेगा। आयोजन के दौरान ड्रोन कैमरों के माध्यम से इस पूरे दृश्य को रिकॉर्ड किया जाएगा। सेवा से राष्ट्र निर्माण तक पहुंचेगा संदेश ‘सेवा के रंग—राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम का उद्देश्य सेवा को केवल एक गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना है। आयोजन में स्थानीय कला और लोक-संस्कृति को भी स्थान दिया जाएगा। इसके साथ विकसित भारत के संकल्प और देश की प्रगति का संदेश भी मानव रंगोली के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। स्थानीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक का संगम आयोजन में मध्यप्रदेश की स्थानीय कला एवं लोक-संस्कृति को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने की योजना है। विशाल मानव रंगोली के निर्माण के दौरान ड्रोन शूटिंग के जरिए ऊपर से पूरे आयोजन की तस्वीर सामने आएगी। इससे अलग-अलग जिलों में होने वाली जनभागीदारी का व्यापक दृश्य तैयार होगा और सेवा संकल्प का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकेगा। ‘सेवा के रंग—राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम के लिए राज्य स्तर पर नोडल अनुसूचित जाति मंत्री श्री नागर सिंह चौहान रहेंगे। राज्य प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि को दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है, जबकि जनसंपर्क विभाग और संबंधित छह जिलों का जिला प्रशासन आयोजन में सहयोगी भूमिका निभाएगा।

मेधावी विद्यार्थियों के लिए बड़ी सौगात, आज CM यादव 7400 से अधिक छात्रों को देंगे स्कूटी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को आज शनिवार को देंगे स्कूटी की सौगात 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थी होंगे लाभांवित भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को शनिवार को बड़ी सौगात देंगे। शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 19 सितंबर को ई-स्कूटी का वितरण करेंगे। यह स्कूटी  "मुख्यमंत्री स्कूटी योजना ’ अंतर्गत दी जाएगी। इससे विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा की राह आसान होगी। साथ ही, कॉलेज आने-जाने में भी सहूलियत होगी। राज्य स्तरीय स्कूटी वितरण का कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवाजी नगर में भोपाल में सुबह 9 बजे से होगा। प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में ही 70% अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान आना जरूरी है। प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना का लाभ स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययनरत विद्यार्थी को दिया जाता है। योजना में सभी संकायों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। मोटराइज्ड स्कूटी के लिए अधिकतम 90 हजार रुपये और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। अब तक प्रदेश के 23,000 से अधिक पात्र विद्यार्थी हो चुके हैं लाभान्वित प्रदेश सरकार द्वारा योजना अंतर्गत शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश के 7,400 से अधिक पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी का वितरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना से अब तक प्रदेश के 23,000 से अधिक पात्र विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के संचालन पर अब तक लगभग 246 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। मुख्यमंत्री स्कूटी योजना मेधावी विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धि को प्रोत्साहित करने के साथ ही आगे की पढ़ाई के लिए सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने से शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ रहा है और उच्च शिक्षा की ओर उनकी भागीदारी को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है।  

जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्में तैयार की जा रही हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह ने सनातन संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्में तैयार की जा रही हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय समुदाय के विकास के लिए समर्पित हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय महानायक अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह बलिदान दिवस समारोह को किया संबोधित नमो-प्रेरणा कार्यक्रम का किया शुभारंभ जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन से पहले अपनी कलम और कविताओं के बल पर मध्यप्रदेश के जनजातीय महानायक अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ अलख जगाई थी। अंग्रेजों के दमन के विरोध में उस समय में जो काम तलवार नहीं कर पाई, वह राजा शंकर शाह की लेखनी ने कर दिखाया। उनके लिखे गीतों ने जनता के बीच आजादी की ललक और अलख जगा कर नयी ऊर्जा का संचार किया। वे देश और धर्म को साथ लेकर चले। स्वभाषा-स्वधर्म-रचनात्मकता और साहित्य की साधना के प्रति राजा रघुनाथ शाह के समर्पण के कारण स्थानीय जन में उनके प्रति बहुत अधिक श्रद्धा थी। उनके बेटे कुंवर रघुनाथ शाह भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहे। देखते ही देखते अंग्रेजी सरकार की जड़े हिल गईं। ब्रिटिश सैनिकों ने दोनों को बंदी बना लिया और उनके सामने महारानी की अधीनता स्वीकार करने और धर्म बदलने की शर्त रखी। लेकिन राजा शंकर शाह ने अंग्रेजों को मुंहतोड़ जवाब देकर पराधीनता स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने अंग्रेज अफसरों को बता दिया कि वे रानी दुर्गावती के वंशज हैं, भारतीय संस्कृति के जीवन मूल्यों और सनातन पर हमें गर्व है। राजा शंकर शाह की हिम्मत के आगे अंग्रेज अफसर डर गए, उन्हें तोप से बांध कर अन्यायपूर्वक बलिदान कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर में जनजातीय महानायक राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कैंसर और नशामुक्ति के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए आरंभ हुआ अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कैंसर एवं नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नमो प्रेरणा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत स्कूल एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों को कैंसर से बचाव एवं जागरूकता के प्रति प्रेरित किया जाएगा। कैंसर मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण पहल है। विरासत से विकास की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी व्यक्ति का शरीर साथ छोड़ता है, लेकिन उसके विचार सदैव जीवित रहते हैं। यही हमारे गौंडवाना के वीर शहीदों ने कर दिखाया। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने सनातन संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। उनका जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विरासत से विकास की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश के जनजातीय महानायकों के गौरवशाली इतिहास संरक्षित करने और इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समुदाय को विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर स्वावलंबी बनाने के लिए जनजातीय कार्य विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय से सिकल सेल एनीमिया को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रदेश स्तर पर स्क्रीनिंग और इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय समुदाय की पीड़ा को अच्छी तरह से समझते हैं, उन्होंने सिकल सेल उन्मूलन के लिए अभियान की शुरुआत की, जिसे राज्यपाल मंगुभाई पटेल की देखरेख में प्रदेश के विभिन्न जिलों में बेहतर तरीके से संचालित किया जा रहा है। जनजातीय समुदाय के गौरवशाली अतीत को सबके सामने लाना राज्य सरकार का दायित्व है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय महापुरुषों राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह जैसी विभूतियों के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को पाठ्यक्रम में स्थान दिया है। प्रदेश की भावी पीढ़ियां उनके बलिदान और जीवन के प्रेरणादायी कार्यों से परिचित होंगी। राज्य सरकार रानी दुर्गावती लोक का निर्माण करेगी, निमाड़ के जनजातीय नायक क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर खरगोन में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। बुंदेलखंड के सागर में भी रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई है। जनजातीय समुदाय के गौरवशाली अतीत को सबके सामने लाना राज्य सरकार का दायित्व है। सरकार जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्म तैयार करने सहित सभी योजना को प्रोत्साहित कर रही है। रानी दुर्गावती की जयंती पर 52 गढ़ों के वशंजों को राज्य सरकार सम्मानित करेगी लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह सहित प्रदेश के अनेक महापुरुषों की जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों को पाठ्यक्रम में शामिल कर सम्मान दिया है। हमारे जनजातीय वीरों ने अंग्रेजों से क्षमा-याचना नहीं की। आज हम सभी पवित्र भूमि जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह की शहादत का स्मरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय महापुरुषों से मिली प्रेरणा और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जबलपुर वही पुण्यभूमि है, जहां अंग्रेजों ने राजा शंकरशाह और रघुनाथ शाह को जनता के सामने तोप के मुंह से बांधकर शहीद किया था। अंग्रेजों ने उन्हें माफी मांगने का अवसर दिया, लेकिन पिता-पुत्र ने क्षमा याचना करने से इनकार कर दिया और देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देना स्वीकार किया। मंत्री सिंह ने कहा कि राजा शंकरशाह और रघुनाथ शाह रानी दुर्गावती की वंश परंपरा से जुड़े थे। उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर प्रत्येक नागरिक को देश और प्रदेश के विकास में अपने हिस्से का योगदान देना चाहिए। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय वीरों और महापुरुषों को देश की भावी पीढ़ी याद रखे, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जनजातीय छात्रावासों के नाम जनजातीय महानायकों के नाम पर रखे हैं। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान और जीवन पर फिल्म तैयार की गई है। अब हमारी सरकार ने पाठ्यपुस्तकों में जनजातीय महापुरुषों के योगदान को शामिल किया है। मंत्री … Read more

राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह के बलिदान को CM यादव ने किया नमन, अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमर शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह को अर्पित की श्रद्धांजलि  भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गोंडवाना साम्राज्य के अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 169वें बलिदान दिवस पर माल गोदाम चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिमा स्‍थल के समीप बने देव स्‍थल पर पूजन-अर्चन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलिदान स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम जबलपुर को बधाई देते हुये कहा कि सरकार जनजातीय अंचलों के महानायकों और महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। रानी दुर्गावती सहित अनेक जनजातीय नायकों के योगदान को स्मरण करते हुए उनकी गौरवशाली विरासत को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गढ़ा मंडला और किला सहित ऐतिहासिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण के माध्यम से नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जा रहा है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जनजातीय कार्य तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय शाह और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव संग्रहालय पहुंचकर अमर शहीदों को किया नमन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती चिकित्सालय के सामने स्थित राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह संग्रहालय में बंदीग्रह में पहुंचकर उनकी गौरव गाथा को याद करते हुए राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह की प्रतिमाओं पर पुष्‍पांजली अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन किया। उन्होंने संग्रहालय परिसर में स्थित सरग नसैनी पर भी पूजन-अर्चन किया।

‘धर्म जीवन में सुख देने के साथ मोक्ष की ओर ले जाता है’, उज्जैन में मोहन भागवत का संबोधन

उज्जैन  रिलिजन धर्म नहीं, धर्म जीवन का अनुशासन है। किसी इच्छा की पूर्ति, भय, लोभ या प्राण बचाने के लिए भी धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए। सुख-दुख आते-जाते रहते हैं, लेकिन धर्म नित्य रहता है। यह बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कही। वे उज्जैन में ‘युवा धर्म संसद’ को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में जिस भौतिक सुख और अर्थ-काम की अपेक्षा मनुष्य करता है, वह धर्म के पालन से प्राप्त होती है। धर्म का सेवन जीवन के सुख देने के साथ व्यक्ति को मोक्ष की ओर भी अग्रसर करता है।उन्होंने महाभारत की फलश्रुति का उल्लेख करते हुए कहा कि सुबह भारत सावित्री का स्मरण करने और उसके भाव को दिनभर जीवन में रखने से महाभारत सुनने का फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज धर्म को लेकर भ्रम का एक कारण अपनी भाषा और धर्म के वास्तविक अर्थ को भूल जाना है। पश्चिमी लोगों ने भारत में धर्म के आचरण और उससे जुड़े कर्मकांड व अनुशासन को देखा और उसे अपने यहां के ‘रिलिजन’ के समान समझ लिया। बाद में हम भी धर्म को रिलिजन कहने लगे। वक्ता ने कुश्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कुश्ती सीखने के लिए अखाड़े में जोर-बैठक लगाना जरूरी है, वैसे ही धर्म के कर्मकांड और अनुशासन उसके अभ्यास का हिस्सा हैं। कर्मकांड धर्म का एक अंग है, पूरा धर्म नहीं। उन्होंने कहा- ‘रिलिजन धर्म नहीं है।’ 1,700 युवा छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे गीता भवन में 17 से 19 सितंबर तक आयोजित सेवाज्ञ संस्थानम् के इस कार्यक्रम में देशभर से करीब 1,700 युवा छात्र-छात्राएं शामिल होने पहुंचे हैं। दूसरे दिन करीब 300 विद्वान, शिक्षक, शोधकर्ता और धर्माचार्य भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत उद्घाटन सत्र में, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को समापन सत्र में शामिल होंगे। सेवाज्ञ संस्थानम् की ओर से सिद्धपीठ हनुमत निवास अयोध्या के पीठाधीश्वर एवं संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरणजी महाराज के मार्गदर्शन में यह आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, काशी, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार और काञ्चीपुरम् के बाद यह युवा धर्म संसद का छठा संस्करण है। अगले साल इसका आयोजन द्वारका में किया जाएगा। देशभर से चयनित युवाओं का विशेष उद्बोधन सत्र भी होगा दूसरे दिन सुबह युवा धर्म संसद का विधिवत उद्घाटन होगा। कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत, आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण महाराज, संरक्षक-सेवाज्ञ संस्थानम्, प्रो. श्रीनिवास बरखेड़ी, कुलगुरु-केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली और आशीष कुमार आशु, अध्यक्ष-सेवाज्ञ संस्थानम् शामिल होंगे। इस दौरान धर्म की अस्तित्वपरक अवधारणा पर व्याख्यान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सूचना-विचार संघर्ष पर संवाद तथा देशभर से चयनित युवाओं का विशेष उद्बोधन सत्र होगा। व्याख्यान सत्र में प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर भी शामिल होंगे उद्घाटन सत्र के बाद दोपहर 12 से 2 बजे तक व्याख्यान सत्र आयोजित होगा। इसमें अवधेशानंद गिरि जी महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा; मनोज मुंतशिर, प्रसिद्ध पटकथा लेखक एवं गीतकार; प्रो. श्रीनिवास बरखेड़ी, कुलपति, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय; स्मृति अनंतलक्ष्मी जी, सह-संस्थापिका एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शिका, अनादि फाउंडेशन और जे. नंद कुमार जी, राष्ट्रीय संयोजक, प्रज्ञा प्रवाह युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे। 25 राज्यों से 1,700 युवा कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे सह-मीडिया प्रमुख बादल सिंह ने बताया कि युवा धर्म संसद का छठा संस्करण इस बार उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देशभर से करीब 1,700 छात्र-छात्राओं के साथ लगभग 300 विद्वान, शिक्षक और प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन को ध्यान में रखते हुए युवा धर्म संसद का आयोजन किया गया है। इससे पहले काशी, अयोध्या, हरिद्वार, मथुरा और कांचीपुरम में इसका आयोजन हो चुका है। इन आयोजनों में करीब 7,100 प्रतिभागी शामिल हो चुके हैं। इस बार रजिस्ट्रेशन जुलाई में शुरू हुए थे और 31 अगस्त को बंद कर दिए गए।

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान में बड़ी उपलब्धि, 5,601 कैंपों में शिकायतों का मौके पर निपटारा

‘मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान’ के उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में "संपर्क अभियान 2026" को मिली बड़ी सफलता 5601 शिविरों में 2 लाख 46 हजार से अधिक शिकायतों का मौके पर निराकरण भोपाल  बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का उनके घर के नजदीक त्वरित समाधान उपलब्ध कराने तथा मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा संचालित "संपर्क अभियान 2026" को उल्लेखनीय सफलता मिली है। 14 मई से प्रारंभ हुए इस विशेष अभियान के अंतर्गत भोपाल एवं ग्वालियर रीजन के 16 जिलों में अब तक 5,601 विशेष शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 2 लाख 46 हजार 297 उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। अभियान के माध्यम से उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर सुविधाजनक एवं त्वरित समाधान उपलब्ध कराते हुए विद्युत सेवाओं में पारदर्शिता, सुगमता और उपभोक्ता संतुष्टि को बढ़ावा दिया जा रहा है। भोपाल रीजन के वृत्तों में लगे शिविर भोपाल रीजन के अंतर्गत शहर वृत्त भोपाल में 421 शिविरों में 25,736 शिकायतों का निराकरण किया गया। बैतूल (ओ एंड एम) वृत्त में 506 शिविरों में 30,838 शिकायतों का निराकरण, भोपाल (ओ एंड एम) वृत्त में 276 शिविरों में 10,412 शिकायतों का निराकरण, हरदा वृत्त में 150 शिविरों में 18,742 शिकायतों का निराकरण, नर्मदापुरम वृत्त में 399 शिविरों में 30,512 शिकायतों का निराकरण, रायसेन वृत्त में 282 शिविरों में 17,837 शिकायतों का निराकरण, राजगढ़ वृत्त में 396 शिविरों में 5,667 शिकायतों का निराकरण, सीहोर वृत्त में 377 शिविरों में 8,417 शिकायतों का निराकरण तथा विदिशा वृत्त में 238 शिविरों में 12,295 शिकायतों का निराकरण किया गया। ग्वालियर रीजन के वृत्तों में लगे शिविर ग्वालियर रीजन के अंतर्गत शहर वृत्त ग्वालियर में 331 शिविरों में 7,755 शिकायतों का निराकरण किया गया। वहीं अशोकनगर वृत्त में 165 शिविरों में 17,684, भिंड (ओ एंड एम) वृत्त में 315 शिविरों में 6,279, दतिया (ओ एंड एम) वृत्त में 195 शिविरों में 8,447, गुना वृत्त में 285 शिविरों में 9,688, ग्वालियर (ओ एंड एम) वृत्त में 258 शिविरों में 4,592, मुरैना वृत्त में 437 शिविरों में 18,180, श्योपुर (ओ एंड एम) वृत्त में 198 शिविरों में 5,231 तथा शिवपुरी वृत्त में 372 शिविरों में 7,985 शिकायतों का निराकरण किया गया। इन शिकायतों और सेवाओं पर हुआ त्वरित काम इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान करना है। शिविरों में मुख्य रूप से त्रुटिपूर्ण बिल, मीटर रीडिंग एवं अन्य बिलिंग संबंधी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया गया। साथ ही मात्र 5 रुपये में नवीन ग्रामीण घरेलू एवं कृषि पंप कनेक्शन प्रदान किए गए। इसके अलावा भार वृद्धि, नाम परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन, स्थायी कनेक्शन विच्छेदन, अस्थायी कनेक्शन, ई-केवाईसी, अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), बंद/खराब मीटर बदलना, स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतों का निराकरण, सर्विस केबल सुधार, वोल्टेज संबंधी समस्याओं का समाधान, ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों का निराकरण, बिजली बिलों का आंशिक एवं पूर्ण भुगतान, अग्रिम भुगतान पर छूट, बकाया राशि जमा कराने सहित विभिन्न जनहितैषी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ प्रदान किए गए। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- श्रीनिवास तिवारी के विधानसभा संचालन के प्रसंग आज भी प्रेरणादायी

श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी के विधानसभा संचालन संबंधी अनेक प्रसंग आज भी प्रेरणादायी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की जयंती पर किया नमन विधानसभा के सेन्ट्रल हॉल में की पुष्पांजलि अर्पित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्रीनिवास तिवारी की जयंती पर मध्यप्रदेश विधानसभा के सेन्ट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय श्रीनिवास तिवारी का स्मरण करते हुए कहा कि श्री तिवारी ने विद्यार्थी जीवन में स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। सन् 1952 में वे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में विंध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। मध्यप्रदेश राज्य की राजनीति में उनका लंबा कार्यकाल रहा। श्री तिवारी 1993 से 2003 तक मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री अर्जुन सिंह मंत्रिमण्डल में भी उन्होंने मंत्री पद के दायित्व का निर्वाहन किया। श्री तिवारी 'सफेद शेर' के नाम से प्रसिद्ध रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सर्वोच्च स्थान विधानसभा का है। श्री तिवारी ने अपनी प्रशासनिक दक्षता, लोकतांत्रिक परम्पराओं और विधायिनी प्रक्रियाओं के ज्ञान के आधार पर विधानसभा के मान-सम्मान का विशेष ध्यान रखा। विधानसभा संचालन से संबंधित उनके अनेक प्रसंग आज भी प्रेरणादायी है। ऐसे नेता का स्मरण कर हम सब गौरवान्वित हैं। इस अवसर पर विधायक श्री भगवानदास सबनानी, पूर्व मंत्री श्री पीसी शर्मा, श्रद्धेय श्री तिवारी के परिजन, जनप्रतिनिधि तथा विधानसभा के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

रक्तदान को लेकर CM डॉ. यादव की अपील, बोले- इससे बच सकती है किसी की जिंदगी

रक्तदान है जीवन का सबसे बड़ा दान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 290 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के तहत रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ भोपाल के शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय में हुआ आयोजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय, भोपाल में आयोजित 'सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम' के तहत रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्तदान करने वाले प्रतिभागियों की कुशलक्षेम पूछी तथा प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्तदाताओं से भेंट कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा के सम्मान में मध्यप्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 290 से अधिक स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए हैं। शिविरों में अब तक 6 हजार 744 यूनिट रक्तदान किया जा चुका है। इस संख्या में शाम तक लगातार बढ़ोत्तरी होगी। रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा दान है, जिससे जरूरतमंदों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होती है और अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर उनके स्वस्थ और शतायु जीवन की बाबा महाकाल से कामना करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश के हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय में मीडिया से चर्चा में यह जानकारी दी। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल विद्यार्थी उपस्थित थे।