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विश्वकर्मा जयंती पर CM यादव का बयान, PM मोदी को बताया भगवान विश्वकर्मा का सच्चा अनुयायी

भगवान विश्वकर्मा के सच्चे अनुयायी हैं प्रधानमंत्री  मोदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव तपोनिष्ठ प्रधानमंत्री  मोदी की राष्ट्र निर्माण के प्रति कमर्ठता और सृजनशीलता सभी के लिए प्रेरणादायी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी विश्वकर्मा जयंती पर दी बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को विश्वकर्मा जयंती की बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर भगवान महाकाल और भगवान विश्वकर्मा से उनके दीर्घायु होने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वकर्मा जयंती पर प्रदेशवासियों को मीडिया के माध्यम से बधाई देते हुए यह भाव व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने अपनी सृजनशीलता और कौशल से सृष्टि के निर्माण को सुंदर स्वरूप प्रदान किया। आज का दिन इसलिए भी विशेष है कि क्योंकि प्रधानमंत्री श्री मोदी का जन्मदिन भी है। भारत जिस सामर्थ्य और गौरव के साथ विश्व पटल पर खड़ा है, उसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रधानमंत्री के रूप में अपनी यात्रा में उन्होंने भारत की प्रतिभा, सामर्थ्य और शक्ति को हर क्षेत्र में विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया है। हम सबकी आस्था और श्रद्धा, सृजन के देवता भगवान विश्वकर्मा में है। सच्चे अर्थों में प्रधानमंत्री श्री मोदी भगवान विश्वकर्मा के अनुयायी हैं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखते हुए गरीबों को आवास से लेकर उनके भोजन तक की व्यवस्था सुनिश्चित की है। विश्व भारत की ओर उम्मीद और विश्वास से देख रहा है। राष्ट्र निर्माण के प्रति तपोनिष्ठ प्रधानमंत्री श्री मोदी की कर्मठता और सृजनशीलता सभी के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश के हर घर में दीप प्रज्ज्वलित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी के लिए आज का दिन विशेष है। आज राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन प्रदेश में पधार रहे हैं। उज्जैन में आज व्यापक स्तर पर दीप प्रज्जवलन का भव्य और दिव्य कार्यक्रम होगा। इसके साथ ही इंदौर से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों के लिए आवासों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने के स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना का शुभारंभ भी किया जाएगा।

MP में बड़ा निवेश, सीमेंस एनर्जी इंडिया लगाएगी पॉवर ट्रांसफार्मर निर्माण इकाई

मध्यप्रदेश में स्थापित होगी सीमेंस एनर्जी इंडिया की बड़ी पॉवर ट्रांसफार्मर निर्माण इकाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीमेंस कंपनी को सौंपा 60.49 एकड़ भूमि का आशय पत्र कंपनी ने दिया 2053 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव, 1500 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार भोपाल मध्यप्रदेश को ऊर्जा उपकरण विनिर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड को उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में 60.49 एकड़ भूमि का आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) प्रदान किया। सीमेंस कंपनी द्वारा यहां एक बड़ी क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर के निर्माण के लिए लगभग 2,053 करोड़ रुपए का निवेश करने का प्रस्ताव दिया गया है। कंपनी की यूनिट स्थापना से 1500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीमेंस कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुइल्हर्मे मेंडोंका, मुख्य वित्तीय अधिकारी हरीश शेखर तथा हेड-रियल एस्टेट पुनीत बंसल को भूमि का आशय पत्र सौंपा। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला भी मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, उपलब्ध भूमि बैंक, विश्वस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना और निवेशक अनुकूल वातावरण के कारण देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार औद्योगिक निवेशों के त्वरित क्रियान्वयन तथा रोजगार सृजन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कंपनी की प्रस्तावित परियोजना मध्यप्रदेश को देश के उभरते ऊर्जा उपकरण एवं विद्युत अवसंरचना विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निवेश राज्य में उन्नत विनिर्माण, औद्योगिक विकास तथा कुशल रोजगार सृजन को नई गति प्रदान करेगा। कंपनी के बारे में सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा संचरण, औद्योगिक विद्युतीकरण, ऊर्जा भंडारण तथा डीकार्बोनाइजेशन समाधानों से जुड़ी अग्रणी कंपनी है। कंपनी का दक्षिण एशिया क्षेत्र में व्यापक परिचालन है और यह वैश्विक स्तर की इंजीनियरिंग एवं अनुसंधान क्षमताओं के लिए जानी जाती है। कंपनी की इस प्रस्तावित इकाई में बड़ी क्षमता के पावर ट्रांसफार्मरों का निर्माण किया जाएगा, जो देश की बढ़ती विद्युत अवसंरचना आवश्यकताओं, ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार तथा ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण में योगदान देंगे। परियोजना से क्षेत्रीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी और सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स तथा सेवा क्षेत्र में भी नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। परियोजना के क्रियान्वयन के साथ विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा उज्जैन और आसपास के क्षेत्र ऊर्जा उपकरण विनिर्माण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होंगे। कंपनी का यह निवेश मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य और ऊर्जा अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

इंदौर से शुरू होगा सेवा-संकल्प अभियान, PM मोदी के जन्मदिन पर स्वामित्व अधिकार योजना का भी आगाज

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर इंदौर से होगा सेवा-संकल्प अभियान और स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना का शुभारंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीते कुछ सालों में ही देशवासियों ने देखा है बहुत कुछ बदलते मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन उज्जैन के शिप्रा तट पर दीपोत्सव और आरती में होंगे शामिल इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर देशभर में 'सेवा संकल्प अभियान' का शुभारंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में सबसे पहले गुजरात और अब भारत को नई दिशा, नई गति और नया आत्मविश्वास मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 में जब देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, उसके बाद से देशवासियों ने बहुत कुछ बदलते हुए देखा है। दुनिया में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर सबसे तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करते हुए सभी देशवासी प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिवस मना रहे हैं। इस अवसर पर देश के कोने-कोने में विशेष रूप से दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का पहली बार मध्यप्रदेश आगमन हो रहा है। वे 17 सितम्बर को इंदौर में 'सेवा-संकल्प अभियान' के शुभारंभ सहित अन्य कई कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस दौरान 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना – 2026'के अंतर्गतप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित जमीन के 50 लाख से अधिक पट्टेधारियों के पट्टों की रजिस्ट्री कराकर उन्हें नि:शुल्क प्रदान करने के प्रदेशव्यापी कार्य की शुरुआत की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की उपस्थिति में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर प्रदेशवासियों के लिए यह एक बहुत बड़ी सौगात है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीन 17 सितम्बर को शाम 7 बजे उज्जैन में शिप्रा के तट पर आयोजित ऐतिहासिक दीपोत्सव और संध्या आरती में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2022 में उज्जैन में महाकाल के महालोक का लोकार्पण किया, जो अब तीर्थाटन से अर्थव्यवस्था में आए बड़े बदलावों का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सुदृढ़ और समृद्ध राज्यों में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी।  

मध्यप्रदेश जल निगम के नाम में बड़ा बदलाव, संचालक मंडल की बैठक में प्रस्तावों को मिली मंजूरी

म.प्र. जल निगम अब कहलायेगा म.प्र. जल एवं स्वच्छता निगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. जल निगम के संचालक मंडल की हुई 26वीं बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न प्रस्तावों को दी मंजूरी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित (एमपीजेएनएम) को पुनर्गठित कर मध्यप्रदेश जल एवं स्वच्छता निगम (एमपी-वास्को) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जल निगम अब अपने नए नाम और नई जिम्मेदारियों के साथ प्रदेश में जल विकास एवं स्वच्छता प्रबंधन में नए लक्ष्यों के साथ काम करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित के संचालक मण्डल की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम द्वारा विचार एवं अनुमोदन के लिए रखे गये विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम के वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए तैयार संचालक मण्डल के प्रतिवेदन तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनअंकेक्षित वार्षिक लेखों का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैप्टिव मोड के तहत 60 मेगावॉट ग्रिड-कनेक्टेड पवन ऊर्जा परियोजना विकसित करने के लिए गठित परियोजना कंपनी में म.प्र. जल निगम के प्रतिनिधित्व के लिए एमडी को अधिकृत कर दिया। साथ ही इसी परियोजना के विकास के लिए गठित प्रोजेक्ट कंपनी में डीमैटीरियलाइज्ड रूप में 26 प्रतिशत इक्विटी शेयर रखने का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. जल निगम के इक्विटी शेयरों के नए पदाधिकारियों को हस्तांतरण तथा जल निगम द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किए गए बजट अनुमान (57 करोड़ रुपए) का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम के संचालक मण्डल में स्वतंत्र निदेशक के पद पर सुमित बोस की पुन: नियुक्ति का भी अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन और एक्जीक्यूशन मेथोडोलॉजी के अनुसार म.प्र. जल निगम के एमडी की टेंडर मंजूरी की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपए करने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपत्तिया उइके, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव पीएचई सचिन सिन्हा, प्रमुख सचिव पीएचई मनीष सिंह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, म.प्र. जल निगम मर्यादित के प्रबंध संचालक वीएस चौधरी कोलसानी सहित संचालक मण्डल के अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे।  

बीते 15 सालों से शहडोल की बास्केटबॉल टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

शहडोल है खेल की दुनिया उभरता सितारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीते 15 सालों से शहडोल की बास्केटबॉल टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता के शुभारंभ को वीसी से संबोधित कर खिलाड़ियों की दीं शुभकामनाएं शहडोल में हो रही है बास्केटबॉल प्रतियोगिता, 10 टीमों के 240 खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश के जनजातीय अंचल यह साबित कर रहे हैं कि प्रतिभा शहरों की ही मोहताज नहीं होती। शहडोल, जिसकी पहचान मिनी ब्राजील के रूप में है, आज उसी शहडोल में बास्टकेटबॉल का कुंभ सजा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल खेल की दुनिया का उभरता हुआ सितारा है। यहां का विचारपुर गांव आज फुटबॉल की नर्सरी और 'मिनी ब्राजील' के रूप में देश-दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल के साथ बास्केटबॉल भी जिले के युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विचारपुर जैसे आदिवासी अंचल से खिलाड़ियों का प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना यह साबित करता है कि प्रतिभा गांवों और छोटे क्षेत्र में भी मौजूद है। शहडोल ने खेलो एमपी और यूथ गेम्स जैसी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई है। शहडोल ने प्रदेश को अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और भावी खिलाड़ियों को प्रेरणा देने का काम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से शहडोल जिले में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कराई जा रही 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को वीसी से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल संभाग का बास्केटबॉल से पुराना और गौरवशाली रिश्ता रहा है, यहां के अनेक खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रौशन किया है। खिलाड़ियों के पास संसाधन भले सीमित थे, लेकिन उनका बास्केटबॉल के प्रति उत्साह कम नहीं था। इसी जुनून का परिणाम है कि आज शहडोल में तीन बास्केटबॉल कोर्ट उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में शहडोल की बास्केटबॉल टीम ने राज्य स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय स्कूली बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं में भी शहडोल के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शालेय खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में बाल्यकाल से ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और टीम भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन मात्र न होकर बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को निखारने का महत्वपूर्ण साधन भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब कोई युवा खिलाड़ी मैदान में पसीना बहाता है, तो वह आगे चलकर सिर्फ़ अपना नहीं, पूरे देश-प्रदेश-जिले का नाम रौशन करता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी संभागों से प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे शालेय बास्केटबॉल खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 संभागों के 17 वर्ष तक की आयु के कुल 240 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023-24 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद वर्ष 2024-25 में शहडोल को राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी मिली थी। यह पूरे जिले के लिए अत्यंत गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने युवा खिलाड़ियों से कहा कि मैदान में उतरना ही जीत की पहली सीढ़ी है। इसलिए हारने-जीतने की भावना से कम खेलने और सीखने की भावना से ज्यादा खेले। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में देश में खेलों को लेकर एक नया उत्साह आया है। आज भारत खेलों में जीतने के लिए मैदान में उतरने वाला देश बन चुका है। ओलंपिक, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर हमारे खिलाड़ी लगातार देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। खेलो इंडिया और फिट इंडिया अभियानों से गांव और छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में भी प्रयासरत है। मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भी भारत का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार 'खेलो एम.पी. यूथ गेम्स' का सफल आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले वर्ष 2027 को मध्यप्रदेश में 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्टार्टअप, खेल और नेतृत्व विकास पर विशेष ध्यान रहेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से आहवान किया कि मिल-जुलकर खेलिए और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाइए। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी वीसी के जरिए खिलाड़ियों को संबोधित कर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपत्तिया उइके, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। शहडोल में हो रही स्पर्धा के मुख्य कार्यक्रम स्थल में विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुप्रभा मिश्रा, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर सुहीरावती कोल, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, सुअमिता छपरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल से की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल से की सौजन्य भेंट भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार की सुबह लोक भवन पहुंचकर सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान विभिन्न सम-सामयिक विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर प्रदेश में 17 सितम्बर 2026 से प्रारंभ हो रहे एक माह की अवधि के 'सेवा संकल्प अभियान' एवं 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना-2026' के तहत प्रदेश के 50 लाख लोगों को उनके पट्टे की पक्की रजिस्ट्री कराकर संबंधितों को नि:शुल्क वितरण करने के लिए राज्य सरकार द्वारा की जा रही व्यापक तैयारियों की जानकारी दी।  

CM यादव बोले- ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से दुनिया में बढ़ा भारत का कद

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की विश्व में बढ़ती साख का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ब्रिक्स सम्मेलन की अपार सफलता और नई दिल्ली घोषणा पत्र के लिए पूरी मंत्रिपरिषद् ने एक स्वर में प्रधानमंत्री मोदी को दी बधाई प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा से संकल्प अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को दी सरकार की उपलब्धियों एवं आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नई दिल्ली में हाल ही में हुआ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सच्चे अर्थो में भारत की विश्व भर में बढ़ती भूमिका का प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री ने ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता और इस अवसर पर पारित हुए नई दिल्ली घोषणा पत्र को केन्द्र सरकार की कूटनीतिक जीत का प्रमाण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपना वर्चस्व साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले जी-20 और अब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता वैश्विक गवर्नेंस में भारत की बढ़ती लीडरशिप का जीवन्त उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद् की बैठक में मंत्रिगण को संबोधित कर रहे थे। बैठक में ब्रिक्स सम्मेलन की अपार सफलता के लिए पूरी मंत्रिपरिषद् द्वारा मेजें थप-थपाकर प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्र सरकार को बधाई और शुभकामनाएं देकर अभिनंदन किया गया। मंत्रिमण्डल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उनकी सफल दुबई यात्रा के लिए भी बधाई दी। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में दीर्घ अवधि से लंबित रहे बड़े कार्यों के पूरे होने, प्रदेश में परिवहन सेवाओं के विस्तार, ग्रामीण परिवारों को उनके पट्टे के पक्के अधिकार, निवेश के नए अवसरों तथा जनसेवा से जुड़े आगामी अभियानों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण से अपने-अपने प्रभार के जिलों में भी सरकार की सभी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नेतृत्व करने का भी आह्वान किया।   नई दिल्ली घोषणा-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ब्रिक्स के 11 सदस्य देश विश्व की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान 25 शहरों में 350 से अधिक बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा-पत्र को सर्वसम्मति से अपनाया गया। शांति, आतंकवाद, व्यापार, वित्त, तकनीक और सतत् विकास पर साझा दृष्टिकोण सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक व्यवस्था को “पिरामिड ऑफ प्रिविलेज” से “प्लेटफॉर्म ऑफ पार्टनरशिप” में बदलने और “रूल टेकर से रूल शेपर” बनने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई गई और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम (कश्मीर) में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई। तेज, सुरक्षित एवं कम लागत वाले क्रॉस-बॉर्डर भुगतान तंत्र, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा साइबर सहयोग को समावेशी विकास के महत्वपूर्ण साधन के रूप में बढ़ाने पर जोर दिया गया। मध्यप्रदेश के लिए भी यह सम्मेलन गौरव का विषय रहा। इंदौर में ब्रिक्स युवा उद्यमिता कार्य समूह, कृषि कार्य समूह और 16वीं कृषि मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें ‘इंदौर घोषणा’ तथा भोपाल में संस्कृति कार्य समूह, ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव और 11वीं संस्कृति मंत्रियों की बैठक में ‘भोपाल घोषणा’अपनाई गई। 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 25 वर्षों में देश में विकास का जो दीपक जलाया है, उसका प्रकाश पूरे विश्व में भारत की छवि को उज्ज्वल बना रहा है। आगामी गुरुवार, 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन है और 7 अक्टूबर को लोक सेवाओं में उनके 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जनसेवा के लिए पूरा जीवन समर्पित करने वाले प्रधानमंत्री के प्रति आभार स्वरूप 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ चलाया जाएगा और इसे मध्यप्रदेश की जनता की सेवा में समर्पित किया जाएगा। उन्होंने मंत्रीगण को अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रमों के लिए संबंधित मंत्रीगण के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया है। मंत्रीगण और राज्य नोडल अधिकारी मिलकर जिला स्तर पर बेहतर तालमेल एवं सुनियोजित ढंग से कार्यक्रमों का ऐतिहासिक आयोजन सुनिश्चित करें। 17 सितम्बर को मंत्रीगण की उपस्थिति के संबंध में पृथक निर्देश जारी होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रसारित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सेवा माह में सभी पूरी ताकत के साथ जुट जाएं। मुख्यमंत्री ने कामना करते हुए कहा कि इस अभियान के सभी 13 कार्यक्रमों में हम सब सफलता के नए रिकॉर्ड बनाएंगे। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में अनेक ऐसे बड़े कार्य हुए हैं, जो कई वर्षों से लंबित थे। चाहे यूनियन कार्बाइड के कचरे का निष्पादन हो, स्लिमनाबाद वाटर टनल हो या नक्सलवाद की समस्या का अंत—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में यह सब काम सफलतापूर्वक हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी क्रम में परिवहन क्षेत्र में भी एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। लगभग 21 वर्ष से बंद सरकारी बस सेवा फिर प्रारंभ होने जा रही है। उन्होंने बताया कि आने वाली अनंत चर्तुदशी अर्थात्  25 सितम्बर 2026 से मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का शुभारंभ किया जा रहा है। इसके अंतर्गत लगभग 150 सिटी रूट, 450 इंटरसिटी रूट और 436 इंटरस्टेट रूट विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2030 तक हम प्रदेश के 75 प्रतिशत विकासखंडों को सुगम बस परिवहन सेवा से जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। पट्टों की देंगे पक्की रजिस्ट्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितम्बर को इंदौर में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के मुख्यातिथ्य में “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना" का शुभारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेखों के निःशुल्क पंजीयन का निर्णय लिया है। ग्रामीण हितग्राहियों को स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क से पूरी छूट दी गई है तथा इसका संपूर्ण व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत 68 … Read more

PM मोदी का जन्मदिवस देशभर के लिए खास, इसे विशेष उत्सव के रूप में मनाएं: CM डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी का जन्म दिवस सभी के लिए विशेष उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनसहभागिता-परस्पर समन्वय और उत्साह व उमंग के साथ हों आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा-संकल्प अभियान के संबंध में जनप्रतिनिधियों को किया वर्चुअली संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सत्ता के नहीं बल्कि निरंतर सेवा और राष्ट्र निर्माण के 25 वर्ष हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक की यात्रा में उन्होंने जनसेवा को अपना संकल्प बनाया। प्रधानमंत्री मोदी का जन्म दिवस हम सब के लिए विशेष उत्सव है। सेवा-संकल्प अभियान के शुभारंभ "आशीर्वाद का दीया" से करना अभिनव पहल है। यह दीपक हम सब के मन की प्रसन्नता के प्रकटीकरण का प्रतीक बनेगा। हर गांव और वार्ड में दीपावली जैसा उत्सव आयोजित किया जाएं। संपूर्ण प्रदेश में शासन-प्रशासन, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, परस्पर समन्वय से पूर्ण भव्यता और उल्लास के साथ सेवा-संकल्प अभियान में भागीदारी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को सेवा-संकल्प अभियान के संबंध में मुख्यमंत्री निवास से प्रदेश के जनप्रतिनिधियों से वर्चुअली चर्चा में यह बात कही।  प्रदेश को मिली बड़ी सौगातों से आमजन को कराएं अवगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा   प्रदेश को दी गई बड़ी सौगातों के संबंध में आमजन को अवगत कराया जाए। "आशीर्वाद का दीया" कार्यक्रम के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की देश-दुनिया में प्राप्त उपलब्धियों पर चर्चा भी अवश्य की जाये। प्रधानमंत्री मोदी को मध्यप्रदेश को कई सौगातें प्रदान की हैं। मेट्रो ट्रेन, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, प्रधानमंत्री आवास, हर घर में नल से जल, किसान कल्याण जैसी कई सौगातें हैं, जिनसे आम आदमी का जीवन बदला है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने हमें दिया ही दिया है, उनके आभार स्वरूप एक दीया प्रज्जवलित करना हम सबका कर्तव्य है। महिला स्व-सहायता समूह, लाड़ली बहना, किसान, पशुपालक, मछुआ, युवा एवं विद्यार्थी तथा स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को इस गतिविधि से जोड़ा जाए।  अभियान की अवधि में प्रदेशवासियों को मिलेंगी और भी सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा-संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। इस अवधि में प्रदेशवासियों को और भी सुविधाएं मिलेंगी। भूमि-स्वामियों के पक्ष में नि:शुल्क रजिस्ट्री प्रक्रिया आरंभ होगी। अभियान के दौरान ही प्रदेश में 50 लाख रजिस्ट्रियां की जाएंगी। अभियान की अवधि में ही 25 सितम्बर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर सुगम यात्री बसों का संचालन भी प्रदेश में आरंभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि परस्पर समन्वय से मध्यप्रदेश अभियान के संचालन में देश में अपनी विशेष छाप छोड़ेगा।  

CM मोहन की कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले, 25 से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा; 7500 से ज्यादा छात्राओं को मिलेगी स्कूटी

भोपाल  मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल समूह की अहम बैठक मंगलवार को दोपहर में मंत्रालय में हुई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। इसमें सबसे अहम सरकारी बसों को पुनः चालू करने के फैसले पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा कई अहम प्रस्तावों पास किए गए। मोहन कैबिनेट की अहम बैठक की जानकारी लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मीडिया को दी। पटेल ने बताया कि मध्यप्रदेश में 25 सितंबर 2026 से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा के बारे में अहम चर्चा हुई। इसी दिन इस सेवा का शुभारंभ होगा। सुगम परिवहन बस सेवा अंतर्गत लगभग 150 सिटी रूट तय किए गए हैं, 450 इंटरसिटी रूट और 436 अंतर्राज्यीय रूटों पर यह बस सेवा शुरू होगी। पटेल ने आगे बताया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रारंभ की गई स्वामित्व योजना को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई गति दी जा रही है। पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर 17 सितंबर को इंदौर से ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना’ का शुभारंभ किया जाएगा। पटेल ने बताया कि डॉ. मोहन यादव की दुबई यात्रा के दौरान लगभग 53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मोहन यादव कैबिनेट की बैठक में स्वामित्व योजना के हितग्राहियों की मुफ्त रजिस्ट्री को लेकर पटवारियों के विरोध का मुद्दा उठा। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने रजिस्ट्री की समय-सीमा चार-पांच महीने के बजाय एक महीने में पूरी कराने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पर सहमति जताई। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि कलेक्टर पटवारियों को समझाएं कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। शासन स्तर से यह काम कराया जा रहा है, इसलिए पटवारी इसमें नहीं उलझेंगे। उन्होंने रजिस्ट्री का काम प्राथमिकता से कराने के निर्देश देने को कहा। प्रदेश में 17 सितंबर से स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री शुरू होनी है। पटवारी रजिस्ट्रीकर्ता के रूप में अपना नाम दर्ज किए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ड्रोन सर्वे या आबादी रिकॉर्ड में गलती होने पर रजिस्ट्री की जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। पटवारियों ने डीड ऑफ कन्वेयंस की भूमिका दिए जाने पर भी आपत्ति जताई है। इसे लेकर जिलों में विरोध शुरू हो गया है। पहले पटवारियों और रजिस्ट्री की पावर रखने वाले अफसरों को एक दिन में 40 रजिस्ट्री करने का टारगेट दिया गया था। अब इसे बढ़ाया जाएगा। इसी बीच कैबिनेट बैठक में मुख्य सचिव ने रजिस्ट्री की समय-सीमा पांच महीने से घटाकर एक महीने करने का सुझाव दिया, जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति दी। रेल परियोजना के लिए जताई खुशी पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के अंतर्गत जोबट-टांडा रोड रेलखंड के लोकार्पण से धार का गुजरात से सीधा रेल संपर्क स्थापित होने पर पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। साथ ही क्रिकेट, हॉकी सहित विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाने वाली भारतीय टीमों और उनमें शामिल मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को मंत्रीपरिषद ने हार्दिक बधाई दी है। 7500 से अधिक छात्रों को मिलेगी स्कूटी मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना पकी भी जानकारी दी। पटेल के मुताबिक 19 सितंबर को सीएम मोहन यादव मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना के अंतर्गत कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रं को ई-स्कूटी प्रदान करेंगे। इस योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 7500 से अधिक छात्रों को लाभ मिलने वाला है। पटेल ने बताया कि इसके अलावा मंत्रिमंडल समूह ने मध्य प्रदेश के विकास, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण एवं जनकल्याण के लिए लगभग ₹42,490 करोड़ की स्वीकृति दी गई। 50 लाख रिकॉर्ड की होगी मुफ्त रजिस्ट्री मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन और पंजीयन योजना के तहत 17 सितंबर से काम शुरू होगा। इंदौर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इसकी शुरुआत करेंगे। योजना पर सरकार करीब 4 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। उन्होंने बताया कि स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क से ग्रामीणों को छूट दी गई है। योजना के तहत 68 लाख रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से करीब 50 लाख रिकॉर्ड की मुफ्त रजिस्ट्री कराकर दी जाएगी। इसके बाद ग्रामीण आबादी को भूमि और भवन के अधिकार मिलेंगे। इससे बैंकों से लोन लेने, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और संपत्ति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में आसानी होगी। 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन सेवा कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की जानकारी दी। मंत्री पटेल ने बताया कि इसका शुभारंभ 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर होगा। इसके तहत करीब 150 सिटी रूट, 450 इंटरसिटी और 436 अंतर्राज्यीय रूट विकसित किए जाएंगे। यह बस सेवा 21 साल से ठप थी, जिसे फिर शुरू करने का फैसला सरकार ने लिया है। वर्ष 2030 तक 75 प्रतिशत विकासखंडों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। ₹42,490 करोड़ के काम 2031 तक जारी रहेंगे मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने ₹42,490 करोड़ के कार्यों को वर्ष 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इसमें ₹13,000 करोड़ से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक में स्कूलों के उन्नयन के साथ उनके लिए पद स्वीकृत करने सहित अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। आदिवासी शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर वर्ष 1973-74 से 1997-98 तक नियुक्त उप शिक्षक, उपशाला शिक्षक, प्रशिक्षण शिक्षक, कनिष्ठ बोर्ड से चयनित शिक्षक, ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना के तहत नियुक्त शिक्षक और सहायक शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान देने को मंजूरी दी गई। इसके साथ एरियर राशि के भुगतान को भी स्वीकृति दी गई। चार हाई स्कूलों के पद स्वीकृत जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर वर्ष 2016-17 में माध्यमिक शालाओं के उन्नयन के तहत चार हाई स्कूलों के पदों की स्थिति तय करने को मंजूरी दी गई। दो सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने की मंजूरी जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को लगातार जारी रखने और गोंड वृहद सिंचाई परियोजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई। ये परियोजनाएं ₹13,000 करोड़ से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं में शामिल हैं। न्यायिक अधिकारियों के उपकरणों … Read more

दमोह के किसानों ने खेती में नवाचार से बदली तस्वीर, CM डॉ. यादव ने की सराहना

खेती में नवाचार की नई कहानी लिख रहे हैं दमोह जिले के किसान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्नदाताओं की आमदनी बढ़ाना ही सरकार का लक्ष्य न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान एवं ज्वार-बाजरा के उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू 10 अक्टूबर तक होगा किसान पंजीयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दमोह जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों से वीसी से किया आत्मीय संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दमोह जिले ने बीते कुछ वर्षों में खेती-किसानी में एक अलग ही पहचान बना ली है। बुंदेलखंड की वीरभूमि, धर्म, संस्कृति और आस्था की धरती को नमन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां से मोह न छूटे, वो अपना दमोह है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। अन्नदाताओं की आमदनी बढ़ाना हमारा प्रमुख लक्ष्य है। खेत से लेकर बाज़ार तक और खाद से लेकर किसानों के खातों तक हम पक्की और स्थायी व्यवस्थाएं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा अपने परिश्रम से उत्पादित अनाज का एक-एक दाना हमारे लिए भगवान के प्रसाद समान है। हमारे लिए अन्न का दाना-दाना अनमोल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान और ज्वार-बाजरा के उपार्जन के लिए किसान पंजीयन मंगलवार, 15 सितम्बर से प्रारंभ हो गया है। यह काम 10 अक्टूबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय से दमोह जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री तथा दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार तथा अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई ने मंत्रालय में हुई वीसी से बलराम कृषि महोत्सव में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दमोह जिले के किसानों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि हमारी सरकार अन्नदाताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। हर सुख-दुख में हम सब हमेशा किसानों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से फसल विविधीकरण, नई तकनीक, नवाचार, उद्यानिकी, प्राकृतिक-जैविक खेती तथा गौपालन सहित अन्य दुधारू पशुओं का पालन एवं मछली पालन व्यवसाय अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह में लगभग 6 लाख 72 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में खेती हो रही है। इसमें से 86 प्रतिशत कृषि क्षेत्र सिंचित है। दमोह का चना देशभर में प्रसिद्ध है। खाद्य प्रसंस्करण तथा एग्रो प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में भी इस जिले में नई-नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। किसान गेहूं, चना और धान के साथ ही हाई-वैल्यू क्रॉप की ओर भी बढ़ रहे हैं। दमोह जिले में अश्वगंधा की खेती के प्रोत्साहन के लिए 100 से अधिक किसानों को निःशुल्क बीज एवं कृषि प्रशिक्षण दिया गया है। दमोह जिले में अगले खरीफ सीजन में मखाने का उत्पादन भी नवाचार के रूप में शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह जिले में पशुपालन को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है‌यहां बीते एक साल में 9 नई दुग्ध सहकारी संस्थाएं पंजीकृत हुई हैं। क्षीरधारा ग्राम योजना के पहले चरण में जिले के 65 गांवों का चयन हुआ है। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना में जिले में 14 स्वच्छ फिश पार्लर बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना दमोह जिले के लिए वरदान बनने जा रही है। उन्होंने बताया कि तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ रुपए से अधिक की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना से दमोह जिले के 17 से अधिक गांवों की करीब 3 हजार 600 हैक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। सतधरु मध्यम सिंचाई परियोजना, पारना जलाशय निर्माण और दादपुर स्टाप डेम का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। हमारी सरकार ने दमोह जिले की सूक्ष्म सिंचाई का रकबा बढ़ाकर अब 1.35 लाख हैक्टेयर तक करने का लक्ष्य लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले के सभी 7 विकासखंडों में जैविक एवं प्राकृतिक खेती हाट बाजार शुरू किए गए हैं। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने प्रदेश के किसानों की सुविधा के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के ऑनलाईन पोर्टल शुरू किया है। किसान भाई अब एक क्लिक में अपना क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दमोह जिले के प्राकृतिक और जैविक खेती कर रहे प्रगतिशील किसान खम्मन सिंह लोधी, समीर कुमार अहिरवाल, राम कुरेरिया एवं अन्य किसानों से भी आत्मीय संवाद कर उनकी खेती-किसानी की जानकारी ली। दमोह जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव को स्थानीय लोकसभा सांसद राहुल सिंह लोधी, वरिष्ठ विधायक जयंत मलैया एवं विधायक श्रीमती उमादेवी खटीक ने भी संबोधित किया। इस अवसर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता गौरव पटेल, कपिल यार्दे, गोपाल पटेल, कप्तान सिंह यादव, श्याम शिवहरे, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।