samacharsecretary.com

प्रदेश में उद्योग धंधों से रोजगार पाने वालों का भी हो सम्मेलन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अधिकाधिक औद्योगिक निर्माण इकाइयों का करायें सामूहिक भूमिपूजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में उद्योग धंधों से रोजगार पाने वालों का भी हो सम्मेलन बायो-टेक्नालॉजी सेक्टर में है बड़ा स्कोप, इस दिशा में आगे बढ़ें 8.57 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर धरातल पर काम है जारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2025 के संदर्भ में लिए निर्णयों एवं विभागवार मिले निवेश प्रस्तावों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की पुण्यधरा में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2025 में सरकार को 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन सभी निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए निवेशकों से सतत संवाद करें, उनके प्रश्नों का समाधान करें, जिससे वे जल्द से जल्द अपने निवेश प्रस्ताव को जमीन पर अमलीजामा पहनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिसम्बर में वर्तमान सरकार के दो वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसलिए नवम्बर माह अंत तक अधिक से अधिक औद्योगिक निर्माण इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन कराएं। उन्होंने कहा कि दो से ढ़ाई लाख करोड़ रुपए के कामों के एक साथ भूमिपूजन से प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बदलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में निवेश संबंधी बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में फरवरी 2025 में भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के संबंध में राज्य सरकार द्वारा लिये गए निर्णयों एवं विभागवार मिले निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन की अद्यतन प्रगति की गहनता से विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्तावों, एमओयू के क्रियान्वयन और वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। बैठक में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव मनु वास्तव, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव संदीप यादव, प्रमुख सचिव मनीष सिंह सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2025 में प्राप्त उत्साहजनक निवेश प्रस्तावों से मध्यप्रदेश में उद्योग और अधोसंरचना विकास को नई दिशा मिलेगी और हमारा राज्य तेज गति से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निवेश से जुड़े सभी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की समय-सीमा निर्धारित कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योगों के अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ें और आर्थिक विकास को गति मिले। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि जिन निवेश प्रस्तावों पर काम प्रारंभ हो चुका है, उनकी नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। मुख्यमंत्री ने निवेश प्राप्त करने वाले सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन (एमपीटी) अब एक ब्रांड बन चुका है। इसका लाभ प्रदेश में उद्योग -धंधों और पर्यटन के विकास पर भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि सम्पर्ण पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की दिशा में आगे बढ़ें, इससे पर्यटन क्षेत्र में कोई बड़ा निवेश आने पर सरकार निवेशक को उद्योग विभाग द्वारा दी जा रही सब्सिडी प्रोत्साहन योजना का भी लाभ दे सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अधिकारियों को निदेर्शित किया कि उद्योग एवं रोजगार वर्ष के समापन पर सरकार की निवेश प्रोत्साहन योजनाओं के कारण प्रदेश में ही रोजगार और स्वरोजगार प्राप्त करने वाले लोगों का राज्यस्तरीय एवं संभागस्तरीय सम्मेलन आयोजित करें। उन्होनें बताया कि सरकार की रोजगार प्रोत्साहन नीतियों से प्रदेश के 7.85 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के समापन से पहले सरकार के कामों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। लोगों की सफलता की कहानियां समाज के सामने भी आनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बायो-टेक्नालाजी सेक्टर में बहुत स्कोप है। इस दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में हैदराबाद में आयोजित होने वाले निवेशक संवाद सम्मेलन में बायो-टेक्नालाजी सेक्टर की कम्पनियों और निवेशकों को भी आमंत्रित किया जाए। मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उनसे आग्रह किया जाएगा। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2025 में सरकार को मिले 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों में से वर्तमान में 8.57 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्तावों पर धरातल पर काम जारी है। उद्योग विभाग को कुल 12.70 लाख करोड़ रुपए के 889 निवेश प्रस्ताव मिले थे। इनमें से 397 निवेश प्रस्तावों पर भूमि आवंटित कर लेटर आफ इंट्रेस्ट भी जारी कर दिया गया है। इसके अलावा 5.13 लाख करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 190 निवेश प्रस्ताव ऐसे हैं, जिनमें निवेशकों ने साइट विजिट भी पूरा कर लिया है। विभाग द्वारा 302 निवेशकों से लगातार चर्चा की जा रही है। उन्होंने बताया कि 2.48 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर विभाग द्वारा भूमि आवंटन एवं निवेश आवेदनों की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इस बड़े निवेश से प्रदेश में 2.85 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग करीब 2 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों का सामूहिक भूमिभूजन कराने में सहभागिता करेगा। उन्होंने बताया कि ग्वालियर में टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की जा रही है। इसके अलावा यहां प्रमुख निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आईसीईए के साथ भी लगातार समन्वय किया जा रहा है। बैठक में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, खनिज, नगरीय विकास एवं आवास, ऊर्जा, लोक निर्माण, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा, उच्च शिक्षा, विमानन और सहकारिता विभाग सहित अन्य विभागों को प्राप्त निवेश प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।    

राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का शुभारंभ 18 नवंबर को, करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 18 नवम्बर को करेंगे राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदशर्नी का शुभारंभ प्रदशर्नी में 31 प्रदेशों के 900 विद्यार्थी कर रहे हैं सहभागिता 23 नवम्बर तक होंगी विज्ञान पर केन्द्रित गतिविधियां भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में 18 नवम्बर मंगलवार को प्रात: 9:45 पर 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। शुभारंभ समारोह में जनजातीय कार्य मंत्री  कुंवर विजय शाह एवं स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहेंगे। प्रदशर्नी  का आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, श्यामला हिल्स, भोपाल में किया जा रहा है। प्रदर्शनी के आयोजन में स्कूल शिक्षा विभाग सहभागिता कर रहा है। प्रदर्शनी में 31 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षक विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट एवं मॉडल प्रदर्शित करेंगे। बच्चों में प्रोत्साहित की जायेगी विज्ञान के प्रति रूचि कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करना और वैज्ञानिक विचार विकसित करना है। इस कार्यक्रम में देश के समस्त प्रदेश एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के स्कूली विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से विभिन्न वैज्ञानिक संस्थाओं जैसे आंचलिक विज्ञान केन्द्र, आईसर, मैनिट, आईसेक्ट एवं ग्लोबल स्किल पार्क के वैज्ञानिक सहभागी विद्यार्थियों के साथ वैज्ञानिक वार्ता में विशेष व्याख्यान देंगे। इसके बाद 30 मिनट विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तरी भी होगी। विज्ञान प्रदर्शनी का 2025-26 का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान प्रौद्योगिकी रखा गया है। प्रदशर्नी के दौरान मुख्य रूप से खाद्य, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, परिवहन एवं संचार, प्राकृति खेती, आपदा प्रबंधन, गणितीय मॉडलिंग और कंप्यूटेशनल थिंकिंग के साथ अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी। विज्ञान प्रदशर्नी में शाम को प्रतिदिन विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। विभिन्न राज्यों से आये विद्यार्थियों को राजधानी भोपाल के आसपास ऐतिहासिक स्थलों, संग्रहालयों, विज्ञान केन्द्र, शिल्प केन्द्र आदि का भ्रमण भी कराया जायेगा। प्रदशर्नी की विशेषताएं प्रदर्शनी में प्रतिदिन 2 हजार विद्यार्थी एवं नागरिक अवलोकन करने पहुंचेंगे। प्रदर्शनी में 240 साइंस मॉडल का प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदशर्नी में प्रतिभागी विद्यालयों की संख्या 229 है। यह प्रदर्शनी देश के विभिन्न भागों के युवाओं एवं बच्चों को विज्ञान, गणित तथा पर्यावरण संबंधी मुद्दों के विभिन्न पहलुओं के विषय में जानकारी प्राप्त करने और एक-दूसरे के साथ अपनी विविध संस्कृतियों को साझा करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगी। भोपाल में 6 दिवसीय प्रदर्शनी का समापन 23 नवम्बर को दोपहर 3:30 बजे होगा।  

डॉ. यादव ने की डॉ. खट्टर के साथ सौजन्य मुलाकात, बढ़ाई आपसी संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री डॉ. खट्टर से की सौजन्य भेंट डॉ. यादव ने की डॉ. खट्टर के साथ सौजन्य मुलाकात, बढ़ाई आपसी संवाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की सौजन्य भेंट, दोनों नेताओं ने की महत्वपूर्ण बातचीत सिंहस्थ-2028 से जुड़ी तैयारियों एवं परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार की शाम नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री डॉ. मनोहर लाल खट्टर से उनके आवास पर सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री डॉ. खट्टर को सिंहस्थ-2028 आयोजन से जुड़ी तैयारियों एवं अन्य प्रमुख परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास कार्यो और इसके विस्तार प्रस्तावों, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, शुचिता, नदी संरक्षण, पेयजल व्यवस्था, अस्थायी आवास निर्माण आदि विषयों के संबंध में केंद्रीय मंत्री को विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का सर्वोत्कृष्ट आयोजन बनाने के लिए राज्य सरकार विभिन्न बहुआयामी योजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं —स्वच्छ भारत अभियान, अमृत मिशन, स्मार्ट सिटी पहल, विद्युत परियोजनाओं और शहरी आधारभूत ढांचे से संबंधित अन्य योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी। बैठक में अपर मुख्य, (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, केंद्रीय विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रमुख अधिकारी तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने 8 हजार करोड़ की औद्योगिक इकाइयों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण

महाकाल की नगरी अब उभर रही है ग्रीन एनर्जी हब के रूप में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने 8 हजार करोड़ की औद्योगिक इकाइयों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण उज्जैन–शाजापुर में औद्योगिक विकास की बड़ी दस्तक मालवा बनेगा सोलर उपकरण मैन्युफैक्चरिंग का नया पॉवर हाउस 4 हजार से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन–शाजापुर में आयोजित विशाल औद्योगिक कार्यक्रम को प्रदेश की ग्रीन एनर्जी क्रांति की ऐतिहासिक शुरुआत बताते हुए कहा कि बाबा महाकाल की नगरी अब देश के प्रमुख ग्रीन एनर्जी हब के रूप में तेजी से उभर रही है। मक्सी और बरंडवा में स्थापित होने वाली अत्याधुनिक सोलर उपकरण निर्माण इकाइयाँ न केवल राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को नई दिशा देंगी, बल्कि मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा तकनीक का अग्रणी केंद्र बनाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, देवास और शाजापुर का उभरता इंडस्ट्रियल ट्रायएंगल अब प्रदेश की आर्थिक गति, औद्योगिक गहराई और निवेश क्षमता को नए आयाम दे रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश की दीर्घकालिक विकास संरचना का नया अध्याय बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन को युवाओं के भविष्य में निवेश बताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के हजारों युवाओं को गुणवत्तायुक्त, कौशल आधारित और स्थायी रोजगार अवसर प्राप्त होंगे, और यह मध्यप्रदेश की युवा शक्ति को नए क्षितिजों तक ले जाने वाली परिवर्तनकारी शुरुआत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात रविवार को उज्जैन तराना तहसील की बरंडवा ग्राम में आयोजित जैक्शन कंपनी के मेगा सोलर प्लांट के भूमिपूजन के अवसर पर कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फेज-2 में 110 एकड़ भूमि पर जैक्सन इंटीग्रेटेड की 7,104 करोड़ रूपये की अत्याधुनिक 6 गीगावॉट एकीकृत सोलर उपकरण निर्माण यूनिट और जैक्सन इंजीनियरिंग लिमिटेड की 1,046 करोड़ रूपये की यूनिट का भूमिपूजन किया। इन दोनों इकाइयों से 4 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इन उद्योगों के आने से आसपास के गांवों और कस्बों में न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यापारों में भी तेजी आएगी। यह परियोजना न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश की ग्रीन एनर्जी मिशन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली मानी जा रही है। परियोजना पूर्ण होने के बाद उज्जैन जिले का नाम सोलर उपकरण मैन्युफैक्बरिंग के राष्ट्रीय नक्शे पर प्रमुखता से जुड़ जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन सिर्फ उद्योगों का नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के भविष्य का भूमिपूजन है। मध्यप्रदेश निवेश के लिए अब देश का पसंदीदा स्थान बन चुका है। हमारी नीति स्पष्ट है, उद्योग लगाइए, सरकार आपके साथ है। उन्होंने उज्जैन, देवास और शाजापुर को प्रदेश का नया इंडस्ट्रियल ट्रायएंगल बताते हुए कहा कि राज्य में 320 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र. 1.25 लाख एकड़ का लैंड बैंक और तेज अनुमति प्रणाली उद्योगों को सेटअप करने में बड़ी सहूलियत दे रही है। उन्होंने कहा कि "बाबा महाकाल की नगरी अब हरित ऊर्जा की नगरी बनने की ओर बढ़ रही है।" जैक्सन समूह के चेयरमैन समीर गुप्ता ने कहा कि परियोजना का प्रथम चरण जुलाई 2026 में पूरा किया जाकर उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। कई अन्य राज्यों से भी हमें बुलाया गया था, लेकिन हमने मक्सी को चुना क्योंकि प्रदेश की नीतियां बेहतर हैं और निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का व्यवहार, उनका विकास-उन्मुख दृष्टिकोण और उद्योगों के प्रति सहयोगात्मक रवैया उन्हें मक्सी लेकर आया। श्री गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास गति और मुख्यमंत्री की कार्यशैली उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय विकास मॉडल जैसी दिखती है, इसलिए वे इस विश्वास के साथ यहां निवेश कर रहे हैं कि प्रदेश आने वाले वर्षों में ग्रीन एनर्जी और टेक्नॉलॉजी हब के रूप में पहचान बनाएगा। कार्यक्रम में मक्सी फेज-1 जिला शाजापुर में भी लगभग 24 करोड़ के निवेश से चार नई इकाइयों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण हुआ। इसमें आदित्य वृद्ध पैकेजिंग, पुष्टि फार्मा कैम का भूमिपूजन और रुक्मणी एंड सन्स एवं पोको प्रोटीन्स का लोकार्पण किया गया। इन इकाइयों के शुरू होने से 200 से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। इन इकाईयों के से आने वाले समय में मक्सी क्षेत्र की इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित किए जाने की व्यापक संभावनाएं बढ़ गई है। शाजापुर और देवास जिले में पीपलरावा-पोलायकला क्षेत्र में 476 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर एक नया विशाल औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर 500 करोड़ से अधिक की लागत आने का अनुमान है और इसमें 200 से 300 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी। इससे क्षेत्र में 40 से 50 हजार प्रत्यक्ष तथा 60 हजार से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होगा, यह ओद्योगिक क्षेत्र स्थानीय युवाओं किसानों, परिवहन, लघु उद्योग एवं एमएसएमई इकाईयों की आर्थिक समृद्धि का नया केंद्र बनेगा। शाजापुर जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं और मांग को ध्यान में रखते हुए एक नया औद्योगिक पार्क विकसित किया जा रहा है। यह पार्क ग्राम भदौनी, रामनगरखेड़ी और खेड़ाखेड़ी की सीमाओं के बीच विकसित किया जा रहा है। उक्त औद्योगिक क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 40.470 हेक्टेयर है, जिसकी कुल विकास लागत लगभग 30.55 करोड़ है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जिले में छोटे, लघु और मध्यम उद्योगों को बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुविधाएँ और विस्तार का अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को नई दिशा मिल सके। पार्क में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के बाद लगभग 2,500 करोड़ के निवेश की संभावना है और इससे करीब 4 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना न केवल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर भी खोलेगी। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, आयुष एवं शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, लोकसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ जी महाराज सांसद श्री अनिल फिरोजिया और श्री महेंद्र सिंह सोलंकी मौजूद रहे। कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायक, श्री अनिल जैन कालूहेड़ा (उज्जैन उत्तर), श्री सतीश मालवीय (पटिया), श्री अरुण भीमावद (शाजापुर), डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान (नागदा-खाचरौद), श्री धनश्याम चंद्रवंशी (कालापीपल), श्रीमती गायत्री राजे पवार (देवास) एवं श्री राजेश सोनकर (सोनकच्छ) सहित जनप्रतिनिधि शामिल थे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, एमडी एमपीआईडीसी श्री चंद्रमौलि शुक्ला एवं कार्यकारी निदेशक एमपीआईडीसी उज्जैन श्री … Read more

CM परिवार का बड़ा आयोजन: सामूहिक विवाह सम्मेलन में बेटे-बहू के फेरे, खास मेहमानों को निमंत्रण

उज्जैन  ध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फिर चर्चा में हैं. वजह है उनके छोटे बेटे की शादी. वे सादगी का संदेश देने के लिए बेटे की शादी को भव्य आयोजन की बजाय सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल कर रहे हैं. शादी 30 नवंबर को उज्जैन में होगी. दूल्हा हैं डॉ. अभिमन्यु यादव, जो सीएम के छोटे बेटे हैं. वे अभी सर्जरी में मास्टर्स कर रहे हैं और सामाजिक कामों में भी सक्रिय रहते हैं. दुल्हन हैं खरगोन के किसान दिनेश यादव की बेटी डॉ. इशिता यादव. इशिता ने एमबीबीएस पूरा कर लिया है और अब पीजी की पढ़ाई कर रही हैं. खास बात यह है कि इशिता, सीएम की बड़ी बेटी डॉ. आकांक्षा की ननद भी हैं. यानी दोनों परिवार पहले से रिश्तेदार हैं. शादी मुख्यमंत्री आवास में नहीं होगी सीएम मोहन यादव ने खुद ट्वीट करके बताया कि शादी मुख्यमंत्री आवास में नहीं, बल्कि उज्जैन के होटल अथर्व में होगी. इसमें सिर्फ सीमित मेहमानों को बुलाया जाएगा. दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार, राज्य के मंत्री, बड़े अधिकारी और भाजपा के प्रमुख नेता शामिल होंगे.यह आयोजन सिर्फ एक शादी नहीं होगा. इसमें पारंपरिक रस्मों के साथ-साथ सामाजिक कार्यों की भी पहल होगी. जैसे गरीब कन्याओं की मदद या अन्य समाजसेवा के काम. इससे सामाजिक समरसता का संदेश जाएगा. अभिमन्यु-इशिता की शादी की कुछ रस्में उज्जैन स्थित सीएम हाउस जबकि कुछ अथर्व होटल में होंगी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की शादी खरगोन की डॉ. इशिता से सामूहिक विवाह समारोह में होगी। करीब 5 दिन तक चलने वाले कार्यक्रम के लिए उज्जैन में दो होटल बुक किए गए हैं। कुछ रस्में उज्जैन स्थित सीएम हाउस में ही होंगे।  अभिमन्यु-इशिता के फेरे 30 नवंबर को अथर्व होटल के पास मैदान में हो रहे सामूहिक सम्मेलन में होंगे। रिसेप्शन अथर्व होटल में होगा।परिवार से जुड़े सूत्रों की मानें तो नवंबर महीने की 30 तारीख को उज्जैन में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में सीएम यादव के छोटे बेटे डॉक्टर अभिमन्यु यादव खरगोन की रहने वाली डॉक्टर इशिता यादव के साथ शादी के बंधन में बंधेंगे. इस सम्मेलन में करीब 21 जोड़े शादी करेंगे, जिनमें से एक मुख्यमंत्री के बेटे और बहू हो सकते हैं.  शादी समारोह में प्रदेश के कुछ खास लोगों को ही आमंत्रित किया गया है। इसमें दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार, राज्य के मंत्री, वरिष्ठ अफसर और भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव के 26 नवंबर को ही उज्जैन पहुंचने की संभावना है। यह पहला मौका होगा, जब किसी मुख्यमंत्री के बेटे के फेरे की रस्में सामूहिक विवाह समारोह में पूरी होंगी। इसमें डॉ. अभिमन्यु और डॉ. इशिता के अलावा 20 अन्य जोड़ों की शादी होगी। दोनों परिवारों की बेटियां एक-दूसरे के घर की बहू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की सगाई करीब 5 महीने पहले खरगोन के किसान दिनेश पटेल की बेटी डॉ. इशिता से हुई है। अभिमन्‍यु भोपाल के एलएनसीटी मेडिकल कॉलेज से मास्‍टर्स इन सर्जरी कर रहे हैं। वे सेकेंड ईयर में हैं। डॉ. इशिता भी एमबीबीएस के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। सीएम की बेटी डॉ. आकांक्षा यादव, दिनेश यादव की बहू हैं। अब दिनेश यादव की बेटी इशिता डॉ. मोहन यादव के परिवार की बहू बनने जा रही हैं।एक और खास बात ये है कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, दिनेश यादव के मामा के बेटे हैं। यानी एमपी के पूर्व डिप्टी सीएम स्वर्गीय सुभाष यादव दिनेश यादव के मामा थे। सीएम ने शेयर की थी सगाई की फोटो सीएम डॉ. मोहन यादव और सीमा यादव के दो बेटे और ए‍क बेटी हैं। बड़े बेटे और बेटी की शादी पहले ही हो चुकी है।सीएम ने बेटे की सगाई की फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर करते हुए लिखा था- बाबा श्री महाकाल और श्री गोपाल कृष्ण की परम कृपा, पूज्य पिता और माताश्री के आशीर्वाद से पुत्र चिरंजीवी डॉ. अभिमन्यु यादव की सगाई, खरगोन के दिनेश यादव जी की सुपुत्री डॉ. इशिता यादव के साथ संपन्न हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर पुलिस द्वारा आमजन की सुविधाओं के लिए किए जा रहे नवाचारों का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमजी रोड़ थाने का किया औचक निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर पुलिस द्वारा आमजन की सुविधाओं के लिए किए जा रहे नवाचारों का किया अवलोकन  इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर भ्रमण के दौरान थाना एमजी रोड़ का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने थाने की विभिन्न व्यवस्थाओं को देखा तथा थाने के रजिस्टरों को चैक किया। उन्होंने थाने द्वारा की जा रही कार्रवाईयों की जानकारी भी ली। इंदौर पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह ने पुलिस द्वारा आमजन की सुविधाओं के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने थाना में हेड मोहर्रिर कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने की कम्प्युटराईज्ड व्यवस्था को देखा। मौजूद स्टाफ से एफआईआर लिखने की प्रक्रिया की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोजनामचे का भी निरीक्षण किया। दोपहर 12 बजे किये गये निरीक्षण में पाया गया कि अंतिम एंट्री सुबह 11.38 बजे की थी। इस दौरान पाया गया कि एक आरक्षक रिंकू सिंह 8 नवम्बर से बगैर सूचना के अनुपस्थित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि वे अनुपस्थिति का परीक्षण करें और नियमानुसार कार्रवाई करें।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगन्तुक रजिस्टर का अवलोकन भी किया। पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह ने बताया कि आमजन की सुविधा और उनके फीडबैक लेने के लिए हर थाने में आगन्तुक रजिस्टर रखा गया है। रजिस्टर में थाने में आने वाले आगन्तुक अपने फीडबैक दर्ज कर सकते है। उन्होंने बताया कि आगन्तुक रजिस्टर के आधार पर फीडबैक देने वाले नागरिकों से पुन: फीडबैक लेने के लिए भी विशेष व्यवस्था है। पुलिस कमिश्नर कार्यालय में इसके लिए एक अलग से फीडबैक सेक्शन बनाया गया है। इस सेक्शन द्वारा हर माह लगभग 5 हजार आगन्तुकों से फीडबैक फोन के माध्यम से लिया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुलिस कमिश्नर कार्यालय द्वारा फीडबैक लेने के लिए क्यूआर कोड के संबंध में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि कोई भी नागरिक क्यूआर कोड स्कैन कर अपना फीडबैक दे सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि थानों में अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों का निष्पादन किया जाए।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि थानों में आने वाले प्रत्येक नागरिक की संवेदनशीलता के साथ सुनवाई हो। नागरिकों की सुविधाएं एवं हितों को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस पूर्ण दक्षता के साथ कार्य करें। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक मती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर  अमित सिंह तथा  राजेश कुमार सिंह,  सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे।  

राज्य की प्रगति की मिसाल: मध्यप्रदेश का नाम अद्वितीय कार्यों से हो रहा विश्व स्तर पर चर्चित

अद्वितीय और अतुलनीय कार्य से मध्यप्रदेश की बन रही नई पहचान • अशोक मनवानी भोपाल मध्यप्रदेश में अनेक ऐसे कार्य हुए हैं जो असंभव माने जाते थे। अद्वितीय और अतुलनीय कार्यों से प्रदेश की नई पहचान बन रही है। मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर एक विशेष उपहार राज्य के नागरिकों को मिला है। प्रदेश के धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन से जुड़े स्थानों के लिए हेलीकाप्टर सेवा प्रारंभ करने की ठोस पहल की गई। नया दृष्टिकोण और नए फैसले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यभार संभालते ही नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी तकलीफों को देखा और उनके समाधान के निर्देश दिए। सरकारी फाइल पर उनके प्रथम हस्ताक्षर तेज आवाज में बजाए जाने वाले डीजे और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर नियंत्रण से संबंधित हुए थे। इसके साथ ही खुले रूप में मांस की बिक्री को भी उन्होंने प्रतिबंधित किया। सभी नगरों और ग्रामों में मध्य प्रदेश के नागरिक समरसता के साथ आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ रहते हैं। इसलिए ऐसा कोई भी कारण मौजूद नहीं होना चाहिए जिससे कटुता और मतभेद को कोई स्थान मिले। सद्भाव, भाईचारा आपसी मेलजोल और परस्पर सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। एक आदर्श समाज की रचना के लिए इन कारकों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। गीता भवनों में होंगे वैचारिक आयोजन सामाजिक स्तर पर होने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए शहरों में गीता भवन बनाने का सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस दिशा में कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ी है। अनेक भवन चिन्हित हो गए हैं और बहुत जल्द गीता भवनों में वैचारिक आयोजन, बौद्धिक वर्ग की विचार गोष्ठियां, पुस्तकालयों , वाचनालयों का संचालन और लोक रंजन के कार्यक्रम होते हम देखेंगे। समाज और सरकार मिलकर मना रहे हैं पर्व और त्योहार मध्यप्रदेश में अलग-अलग संस्कृतियों, भाषाओं और बोलियों के रहवासी रहते हैं। इन सभी की अपनी परंपराएं हैं। सभी पर्व त्यौहार मिलकर बनाए जाते हैं और समाज के साथ अब सरकार भी पर्व त्योहारों में हिस्सेदारी कर रही है। जहां दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा वापस लौटती दिखाई दी वहीं अन्य त्योहारों पर भी मेलजोल देखने लायक रहा है। चाहे प्रदेश के पश्चिम क्षेत्र में मालवा और निमाड़ अंचल में भगोरिया की धूम हो या शहरी क्षेत्र की बात करें तो इंदौर में होली के अवसर पर गेर का आयोजन हो, चाहे प्रदेश के अन्य जिलों में होली और रंग पंचमी का अवसर। सभी पर्व उल्लास के साथ बनाए गए। विभूतियों की गौरव गाथा आई मंच पर प्रदेश के आदर्श प्रतीक पुरुष जो महापुरुष होते हैं उनके नाटक मंचन की पहल हुई है। लोकमाता देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर प्रदेश के अने स्थानों पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित नाटकों का मंचन करवाया गया। इस क्रम में सम्राट विक्रमादित्य के नाटक मंचन दक्षिण भारत से लेकर नई दिल्ली तक और राजधानी भोपाल में भी करने की पहल एक अनूठा प्रयास है। इसी तरह राजा भोज, सम्राट अशोक और प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों पर केंद्रित नाटकों के मंचन भी आने वाले समय में होंगे। सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रदेश में अनेक रिकार्ड बने।चाहे तबला वादन हो अथवा गीता पाठ के आयोजन हो, प्रदेश के युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की है। प्रदेश में निरंतर खुल रहे मेडिकल कॉलेज प्रगति के प्रयासों का सेक्टर वार उल्लेख करें तो पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने की पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला प्रांत है। इस समय प्रदेश में 32 मेडिकल कॉलेज हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सिंचाई, विद्युत, नवकरणीय ऊर्जा, सड़क निर्माण के क्षेत्र में आगे है निरंतर। इसके साथ अब शहरों में फ्लाय ओवर के निर्माण की श्रृंखला शुरू हुई है। इंदौर हो या भोपाल जबलपुर हो या ग्वालियर अथवा बीना और बासौदा जैसे छोटे कस्बे हो फ्लाय ओवर के निर्माण से जुड़े सभी प्रकल्प तेजी से क्रियान्वित हो रहे हैं। इससे शहरों में आंतरिक व्यवस्था सुधरी है। यातायात की बेहतर सुविधा नागरिकों को मिल रही है। सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो रहा है। महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा का उपयोग प्रदेश की बहनों की उन्नति के लिए जहां बहुत सी योजनाएं लागू हैं वहीं टोल टैक्स वसूल करने और रेस्टोरेंट के संचालन के लिए उनकी क्षमताओं का उपयोग किया जा रहा है। यह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक पहल है। मध्यप्रदेश में पुलिस बैंड का उपयोग सीमित आयोजनों तक होता था। अब महाकाल की सवारी से लेकर अन्य पर्व त्यौहार पुलिस बैंड के साथ नई गरिमा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में नाके चेक पॉइंट में बदले गए हैं। थानों की सीमाओं में बदलाव किया गया। इसी तरह जिलों और तहसीलों की सीमाओं और नए जिलों के गठन के लिए पुनर्गठन आयोग कार्य कर रहा है। सुशासन के क्षेत्र में बहुत सा कार्य हुआ है। कई ई- सेवाएं प्रारंभ हुई हैं। ड्रोन की उपयोगिता बढ़ी राजस्व के क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग क्रांतिकारी है। हरदा जिला ड्रोन के उपयोग में सबसे आगे था और अब पूरे प्रदेश में ड्रोन के माध्यम से राजस्व संबंधी कार्य हो रहे हैं। यही नहीं कृषि और रक्षा के क्षेत्र में भी ड्रोन के उपयोग के लिए पहल हुई है। राज्य स्थापना समारोह "अभ्युदय मध्यप्रदेश" में विशेष ड्रोन शो के माध्यम से मैपकास्ट संस्था पहली बार सक्रिय भूमिका में सामने आई। अंतर्राज्यीय परियोजनाओं को साकार करने की पहल मध्यप्रदेश में तीन बड़ी अंतर्राज्यीय परियोजनाओं के कारण आधे से अधिक जिले तेजी से उन्नति की ओर अग्रसर हैं। जहां राजस्थान के साथ बरसों पुराने विवाद का निपटारा किया गया वहीं केन बेतवा सिंचाई परियोजना और तापी मेगा प्रोजेक्ट एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। राजस्थान ,उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र प्रांतों के सहयोग से यह तीनों परियोजनाएं जब सरकार होंगी तब प्रदेश की तस्वीर एकदम परिवर्तित हो जाएगी। रेल सुविधाओं की दृष्टि से प्रदेश में अनेक सुविधाएं विकसित हुई हैं। निकट भविष्य में इंदौर- मनमाड रेल लाइन बन जाने से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का व्यापारिक और नागरिक संपर्क सघन हो जाएगा। तेजी से बढ़ रहे उद्योग और कारोबार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग के क्षेत्र में जो कार्य किया है वह प्रदेश की स्थापना से लेकर अब तक 70 वर्ष का सबसे अनूठा प्रयोग और सफल प्रकल्प है। … Read more

भावांतर योजना: सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर 4184 रुपए

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर हुआ 4184 रुपए किसानों को गुरूवार को मिली 233 करोड़ रूपए भावातंर राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को प्रदेश के किसानों के खाते में भावांतर राशि के 233 करोड़ रूपए अंतरित किए। आज भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 14 नवंबर को 4184 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। यह मॉडल रेट बढ़कर 13 नवंबर को 4130 रुपए और आज 4184 रूपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ।  

तनाव, दबाव और अवसाद से खुद को रखें मुक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्व मधुमेह दिवस है आज भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज विश्व मधुमेह दिवस है, जो हमें जागरूक करता है कि योग, ध्यान और संयमित व्यवहार से हम स्वस्थ रह सकते हैं। साथ ही जीवन में सर्वोच्च लक्ष्य को भी प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि आइए, हम सभी यह संकल्प लें कि अपनी जीवन शैली को उत्तम स्वास्थ्य के अनुकूल बनाए रखेंगे। साथ ही तनाव, अवसाद और अत्यधिक दबाव से खुद को हमेशा मुक्त रखेंगे।  

भावांतर योजना के तहत किसानों को राहत, 233 करोड़ रुपये सीधे खाते में डाले गए

 देवास  सीएम डॉ. मोहन यादव ने भावांतर योजना के तहत मध्य प्रदेश के 1 लाख 33 हजार सोयाबीन किसानों के खाते में 233 करोड़ रुपये राशि भेजी। सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां भावांतर योजना लागू की गई। उन्होंने कहा- किसान को फसलों का सही दाम दिलवाना सरकार का लक्ष्य। किसानों का भला करेंगे। दूध उत्पादन को प्रोत्साहन किया जाएगा, उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- 1 दिसंबर को गीता जयंती मनाएंगे। नगर पालिका, नगर परिषद स्तर पर गीता भवन खोलने वाले हैं। आने वाला साल कृषि आधारित उद्योग के लिए जाना जाएगा। गेहूं धीरे धीरे 2700 किया जाएगा। कांग्रेसी रोते रहेंगे… हम योजनाओं का लाभ देते रहेंगे। सीमा पर जवान, खेत पर किसान दोनों बराबर। किसानों की मेहनत से मध्य प्रदेश देश में सोयाबीन स्टेट बना। हर साल केंद्र सरकार समर्थन मूल्य बढ़ा रही है। कांग्रेस अगले 50 साल सत्ता से बाहर रहेगी। बिहार में चुनाव हो रहा था राहुल गांधी पचमढ़ी में छुट्टी मना रहे थे। देवास को 188 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दे रहे हैं। प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए कई योजना चला रहे हैं। घर आंगन में गाय, बछड़े होने से आनंद आता है। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस लाइन स्थित कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों में रोटावेटर, ड्रोन, सुपर सीडर, ब्रोड बेड फरो प्लांटर, मल्चर, फर्टीलाइजर ब्राड कास्टर, भूसा लोडर, लेजर एंड लेवलर, स्वचलित टूलबार, राउंड बेलर, स्लेशर, स्टॉरीपर, रीपर कम बाइंडर, स्प्रे पंप, सीड ग्रेडर विथ कन्वेयर, डिस्क प्लाउ सहित अन्य यंत्रों का अवलोकन किया। इस साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा लगाई गई जैविक खेती प्रदर्शनी, प्राकृतिक खेती की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा किसानों से चर्चा की।