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एक दिसम्बर को प्रदेश में होगा गीता जयंती का भव्य आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

एक दिसम्बर को प्रदेश में होगा गीता जयंती का भव्य आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर को खजुराहो में होगी मंत्रि-परिषद की बैठक 8-9 दिसम्बर को विभिन्न विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों और आगामी कार्य योजनाओं पर खजुराहो में होगी चर्चा बुंदेलखंड के विकास और केन-बेतवा लिंक परियोजना को समर्पित होगी यह पहल प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा लागू श्रम कानूनों की नवीन व्यवस्था से उद्योग और व्यापार जगत को मिलेगा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा श्रम कानून के संबंध में लिए गए फैसले के लिए मंत्रि-परिषद की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग व्यापार के लिए यह अद्भुत कला है, श्रम से संबंधित 44 कानून की बजाय केवल 4 कानून की व्यवस्था से उद्योग व्यापार जगत को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। यह कानून पूरे देश में एक साथ लागू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो में 8 और 9 दिसंबर को विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी‍। इसमें विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों, नवाचारों, आगामी वर्षों के प्रमुख लक्ष्यों, चुनौतियों और कार्य योजनाओं पर चर्चा होगी। इसके साथ ही 9 दिसंबर को मंत्री परिषद की बैठक खजुराहो में होगी। यह गतिविधि केन बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड के विकास को समर्पित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में जन्मी मादा चीता "मुखी" द्वारा 5 शावकों को जन्म देना बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम हेली पर्यटन सेवा और प्रदेश में औद्योगिक तथा निवेश गतिविधियों के विस्तार के लिए हैदराबाद में हुए रोड-शो की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने एक दिसंबर से आरंभ होने वाले गीता जयंती समारोह के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विगत वर्ष की भांति एक दिसम्बर को गीता जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। कुरूक्षेत्र में 24 नवम्बर से एक दिसम्बर की अवधि में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश द्वारा भाग लिया जा रहा है। इसमें जय कृष्णा नृत्य नाट्य,  कृष्ण लीला, कृष्णायन, जनजातीय एवं लोकनृत्य, चित्र प्रदर्शनी इत्यादि विभिन्न कार्यक्रम होगें। प्रदेश के 313 विकासखण्डों, 55 जिला मुख्यालय एवं 10 संभागों में कृष्ण परंपरा के आचार्यों की सन्निधि में 3 लाख गीता प्रेमी मद् भागवत गीता के 15 वें अध्याय के श्लोक का सस्वर पाठ करेंगे। कार्यक्रमों में गीता ज्ञान प्रतियोगिता, कृष्णायन-नृत्य नाटिका आदि का भी प्रदर्शन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश के अंतर्गत हैदराबाद में 22 नवम्बर को हुई उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 10 कम्पनियों की ओर से 36 हजार 600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे लगभग 27 हजार 800 नये रोजगार सृजित होंगे। प्रदेश में एजीआई ग्रीनपैक कम्पनी द्वारा पैकेजिंग इंजीनियरिंग सेक्टर में 1500 करोड़ रुपये, एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया कम्पनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर में 29 हजार 500 करोड़ रुपये, अनंत टेक्नालॉजीज कम्पनी द्वारा एयरो स्पेस सेक्टर में एक हजार करोड़, ऑटोमेटस्की सॉल्यूशंस कम्पनी द्वारा आईटी सेक्टर में एक हजार करोड़, कोलावेरी इंक कम्पनी द्वारा फार्मा एण्ड ट्रेडिंग सेक्टर में एक हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव‍दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हैदराबाद में ग्रीनको कम्पनी के मुख्यालय का दौरा भी किया। यह कम्पनी प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी में बड़ा काम कर रही है। ग्रीनको ने पिछले 10 वर्षों में 3 हजार मेगावॉट क्षमता वाले नवकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित किए हैं। आने वाले समय में कंपनी द्वारा 5 वर्षों में 25 हजार करोड़ के निवेश की योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत में जन्मी मादा चीता 'मुखी' द्वारा 5 शावकों को जन्म देने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि प्रदेश में चीता अफ्रीका से लाये गये थे। उनकी भारत में जन्मी अगली पीढ़ी ने शावकों को जन्म दिया है। यह उपलब्धि भारतीय वनों में चीता प्रजाति के अनुकूलन का महत्वपूर्ण संकेतक है। यह भारतीय आवासों में चीता प्रजाति के अनुकूलन, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक संभावनाओं का एक मजबूत संकेतक है। इससे देश में जैव विविधता के संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हो रहे प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिये यह गौरव का विषय है। उन्होंने मंत्रि-परिषद के साथियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक नवम्बर को पीएम पर्यटन हेली सेवा के शुभारंभ से प्रदेश ने हवाई पर्यटन के एक नए युग में प्रवेश किया है। इससे यात्रा अब अधिक तेज, सुरक्षित, किफायती और सुगम होगी। इस सेवा का नियमित संचालन 20 नवंबर से प्रारंभ हो गया है। इससे धार्मिक, वाईल्ड लाइफ और वेलनेस सेक्टर में हवाई कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होगी। धार्मिक सेक्टर के अंतर्गत इंदौर उज्जैन ओंकारेश्वर के मध्य हवाई सेवा का संचालन होगा। श्रद्धालु एक ही दिन में भगवान महाकाल और ओंकारेश्वर दोनों ज्योर्तिलिंग के दर्शन कर सकेंगे। वेलनेस सेक्टर के अंतर्गत भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी के मध्य हवाई सेवा का संचालन होगा। वाइल्डलाईफ सेक्टर के अंतर्गत जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, अमरकंटक, कान्हा, बांधवगढ़ से हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन किया जा रहा है।  

CM डॉ. यादव के निर्देश पर रायसेन SP को पुलिस मुख्यालय में किया गया अटैच

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर एसपी रायसेन को किया पुलिस मुख्यालय अटैच मुख्यमंत्री ने पुलिस हैडक्वार्टर पहुँचकर वरिष्ठ अधिकारियों की ली बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार की शाम पुलिस मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हुई आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की और किसी भी आपराधिक तत्व को न छोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले में हुई अपराधिक घटना के मामले में गिरफ़्तारी की कार्यवाही न होने पर अप्रसन्नता ज़ाहिर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडीदीप में चक्का जाम पर पुलिस की कार्रवाई पर नाराज़गी ज़ाहिर की। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक रायसेन को मुख्यालय अटैच करने के निर्देश और मिसरोद थाना प्रभारी को हटाने के निर्देश दिये। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और शीघ्र उसे गिरफ्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश     पुलिस सड़कों पर उतरे।     किसी अपराधी को छोड़े नहीं, कठोर कार्रवाई करें।     नियमित गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ायें।     अपराधियों के प्रति ढिलाई किसी हालत में बर्दाश्त नहीं होगी।     निरीक्षण करें, लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ करें कारवाई। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना सहित एडीजी इन्टेलीजेंस, पुलिस कमिश्नर भोपाल और अधिकारी उपस्थित रहे।  

भारतीय महिला कबड्डी टीम की विश्व कप जीत पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई खुशी

महिला कबड्डी विश्व कप विजय पर CM डॉ. यादव ने भारतीय टीम को दी बधाई भारतीय महिला कबड्डी टीम की विश्व कप जीत पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई खुशी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला कबड्डी विश्व कप जीतने पर भारतीय टीम को दी बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय महिला कबड्डी टीम को कबड्डी विश्व कप : 2025 जीतने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह ऐतिहासिक विजय अनगिनत युवा बेटियों की शक्ति, साहस और संभावनाओं को नई उड़ान देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कबड्डी विश्व कप जीतकर देश को विश्व पटल पर गौरवान्वित करने वाली भारतीय महिला टीम की सभी खिलाड़ियों का हार्दिक अभिनंदन है। उल्लेखनीय है कि बंगला देश की राजधानी ढाका में हुई स्पर्धा के अंतिम मुकाबले में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने चीनी ताइपे को 35-28 से शिकस्त दी। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने सेमीफाइनल में भी ईरान पर 33-21 से जीत दर्ज की। टूर्नामेंट में 11 देशों ने हिस्सा लिया था। यह निरंतर दूसरा अवसर है जब भारतीय टीम ने यह स्पर्धा जीत कर श्रेष्ठता सिद्ध की है। 

बुंदेलखंड के लिए बड़ी खबर, CM ने दी लॉन्च नदी परियोजना की मंजूरी, केन–बेतवा लिंक बनेगा गेम चेंजर

 बण्डा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड के हर खेत को पानी मिलेगा। इससे क्षेत्र में समृद्धि आएगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वह अपने खेतों को किसी भी स्थिति में बेचने का प्रयास नहीं करें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मध्य प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नंबर वन बनाने का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 25 गायों के साथ गौशाला खोलने पर 40 लाख रुपये में से 10 लाख तक का अनुदान देने का कार्य मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सागर जिले के बण्डा में सांदीपनि विद्यालय भवन के लोकापर्ण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बण्डा में आज लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से नव निर्मित सर्व सुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण किया गया है। इस विद्यालय में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा है कि बण्डा क्षेत्र में सर्व सुविधा युक्त स्कूल भवन के निर्माण से इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय परियोजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के साथ प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा ही किसी देश की मजबूती का आधार है। मध्य प्रदेश सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए उन्हें उच्च-गुणवत्ता युक्त शिक्षा और सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए संकल्पित हैं। गीता जयंती मनाई जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में एक दिसंबर से प्रदेशव्यापी गीता जयंती उत्सव मनाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। सभी जिलों के प्रत्येक जनपद पंचायत में वृंदावन ग्राम एवं गीता भवन बनाए जाएंगे। लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने 50.65 करोड़ रुपये के 16 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। लांच नदी परियोजना को स्वीकृति मुख्यमंत्री ने सागर जिले की बहुप्रतीक्षित लांच नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा की। वहीं, मुख्यमंत्री ने शाहगढ़ में सिविल अस्पताल बनाने, बण्डा में सर्व सुविधा युक्त स्टेडियम, सिविल अस्पताल बण्डा में पोस्टमार्टम हाउस बनाने, बण्डा क्षेत्र में राखसी, चकेरी, विनेयका में भवन विहीन स्कूलों के लिए भवन बनाने की घोषणा की। सीएम के साथ इस कार्यक्रम में एमपी के मंत्री लखन पटेल दशरथ लोधी दमोह सांसद राहुल लोधी सहित सागर जिले के भाजपा विधायक गण एवं विशाल जनसमूह उपस्थित रहा। 

किसानों की समृद्धि प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई सरकार की संवेदनशीलता

कृषक कल्याण के लिए सरकार सजग और संवेदनशील: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 नवम्बर को श्योपुर में किसानों को देंगे राहत राशि श्योपुर के किसानों ने की मुख्यमंत्री डॉ.यादव से भेंट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सजग, संवेदनशील होकर सक्रियता के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां भावान्तर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी 27 नवम्बर को श्योपुर में ऐसे धान उत्पादक किसानों को राहत राशि का वितरण करेंगे, जिनकी फसलों को नुकसान हुआ है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की फसलों को हुई क्षति के लिए सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार की शाम विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के नेतृत्व में भेंट करने आए किसानों के समूह से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर श्योपुर के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री श्री राम निवास रावत भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल में अधिक राशि न देनी पड़े इस उद्देश्य से तीन हार्स पॉवर और पांच हार्स पॉवर के संचालन पर सरकार की ओर से 90 प्रतिशत भुगतान करने का प्रावधान किया गया। प्रदेश के किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटन की दर से गेहूं खरीदने, धान पर बोनस राशि देने के निर्णय लिए गए। राज्य सरकार किसानों के हित का आगे भी लगातार ध्यान रखेगी। श्योपुर की विशेषताओं पर बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्योपुर जिले में परिश्रमी किसानों ने कृषि के साथ दुग्ध उत्पादन में भी विशेष सहयोग दिया है। जिले में पशुपालन का प्रमुख हिस्सा गौ पालन है और गौ माता के सम्मान की भी परम्परा है। श्योपुर जिले में पालपुर कूनो में चीतों की बसाहट के बाद उनकी दूसरी और तीसरी पीढ़ी सामने आ रही है। निश्चित ही जिले में पर्यटन के माध्यम से अर्थ व्यवस्था को सशक्त बनाने के प्रयास सफल हो रहे हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र में बेहतर परिणाम दिखाई देंगे। 

नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी मुख्यमंत्री डॉ. यादव पटना में शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में पटना में आयोजित बिहार सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री,  सम्राट चौधरी एवं  विजय कुमार सिन्हा द्वारा उप मुख्यमंत्री और अन्य सदस्यों द्वारा मंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में एनडीए सरकार समाज के हर वर्ग के समग्र उत्थान और 'विकसित बिहार' बनाने के संकल्प को नई गति व ऊर्जा देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ समर्पित रहेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे छतरपुर के चंद्रनगर स्थित पांच सितारा राजगढ़ पैलेस होटल का उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर के चंद्रनगर में करेंगे पांच सितारा होटल राजगढ़ पैलेस का शुभारंभ पन्ना जिले को देंगे 82.62 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात छतरपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 19 नवम्बर को छतरपुर जिले के चन्द्रनगर में द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस का उद्घाटन और पन्ना जिले के शाहनगर में विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। चंद्रनगर के पांच सितारा लग्जरी होटल से प्रदेश सहित जिले में पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। देश के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक भी हमारी समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहर और वन्य प्राणी पर्यटन की ओर आकर्षित होंगे। राज्य सरकार द्वारा राजगढ़ पैलेस के नवीनीकरण और जीर्णोंद्धार कर उसे पांच सितारा होटल के रूप में संचालित करने के लिए ओबेरॉय समूह को लीज पर दिया गया है। द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस चंद्रनगर के पास मानगढ़ और मनियागढ़ की पहाड़ियों के मध्य हर-भरे वातावरण के बीच स्थित है। बुन्देला राजवंश द्वारा निर्मित 350 साल पुराना यह महल भारतीय स्थापत्य और पारंपरिक बुंदेलखंड की विशेषताओं का मिश्रण है। द ओबेरॉय समूह द्वारा विकसित राजगढ़ पैलेस होटल में महलनुमा रेस्टोरेंट, भव्य बैंक्वेट हॉल सहित 66 भव्य कक्ष उपलब्ध हैं। यह कॉर्पोरेट आयोजन, डेस्टीनेशन वेडिंग्स, सामाजिक समारोह आदि के लिए आदर्श स्थान के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पन्ना जिले के पवई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत शाहनगर के खेल परिसर आमा में आयोजित हितग्राही सम्मेलन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहाँ 82.62 करोड़ के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे।  

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आधुनिक विज्ञान सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से कर रहा है विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विद्यार्थियों में वैज्ञानिक और नवाचारी सोच को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आधुनिक विज्ञान सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से कर रहा है विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदर्शनी स्थल पर वैज्ञानिकों द्वारा विकसित रोबोट ने किया स्वागत बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में देशभर के 900 विद्यार्थियों के 240 इनोवेटिव प्रोजेक्ट और मॉडल हुए प्रदर्शित बाल वैज्ञानिकों के महाकुंभ में मैनिट, आईसेक्ट और आईआईएसईआर के वैज्ञानिकों से होगा संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी-2025 का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है। देश आधुनिक विज्ञान सहित सभी क्षेत्रों में तेज गति से विकास कर रहा है। इसी वैज्ञानिक शक्ति के बलबूते ही भारत ने पड़ोसी देश को सबक सिखाया। कोविड महामारी के दौर में पूरी दुनिया ने हमारे पतंजलि योग शास्त्र का अनुसरण किया और अभिनंदन के लिए हाथ जोड़कर नमस्कार करने की पद्धति के महत्व को स्वीकारा। सम्राट विक्रमादित्य काल में नवरत्नों के समान आज देश में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में सभी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। चाहे मून मिशन हो या गगनयान प्रोजेक्ट, प्रधानमंत्री मोदी सफलता हो या असफलता, हर पायदान पर वैज्ञानिकों के साथ खड़े हैं। इसी प्रकार विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक और नवाचारी सोच विकसित करने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों में राज्य सरकार भी हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। भारतीय प्राचीन ग्रंथो में विद्यार्थियों के 6 गुणों क्रमशः विद्या, तर्क, विज्ञान, स्मृति, तत्परता और क्रियाशीलता का उल्लेख है। यह माना जाता है कि जिसके पास यह छह गुण हैं, उसके लिए कुछ भी असाध्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि इन्हीं गुणों के आधार पर विज्ञान की गति को बढ़ाया जा सकता है। बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में आए विद्यार्थियों में भावी भारत के विक्रम साराभाई, भाभा साहब, कलाम साहब जैसी प्रतिभाओं की झलक मिल रही है। यह बाल वैज्ञानिक भारत की विज्ञान यात्रा का नया अध्याय लिखने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को 52वीं बाल वैज्ञानिक प्रदशर्नी-2025 के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का श्यामला हिल्स स्थित क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (आर.आई.ई.) में दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रदर्शनी के द्वार पर पहुंचने पर बाल वैज्ञानिकों द्वारा विकसित रोबोट ने उनका स्वागत किया। उन्होंने बाल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन कर बाल वैज्ञानिकों से संवाद किया और बाल वैज्ञानिकों द्वारा विकसित रोबोट और तारामंडल के मॉडल के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद तथा स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 6 दिवसीय प्रदर्शनी आगामी 23 नवंबर तक चलेगी। ऋषि-मुनियों के ज्ञान और नवाचारों से समृद्ध है हमारी ज्ञान परंपरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के विश्व गुरू बनने में प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक परंपरा के भाग रहे ऋषि-मुनियों के योगदान को समझने की आवश्यकता है। हमारे ऋषि-मुनि न्यूनतम आवश्यकताओं के साथ जीवन यापन करते हुए समाज के कल्याण के लिए नवाचारों को जन्म देते थे। प्रत्येक भारतीय को ऋषि-मुनियों और विद्वान से मिली परंपरा पर गर्व है। अगर हम विमान शास्त्र की बात करें तो ऋषि भारद्वाज याद आते हैं। भगवान राम के काल में पुष्पक विमान दिखाई देता है। जब शून्य के अस्तित्व को देखें तो आर्यभट्ट की ओर ध्यान जाता है और जब ग्रहों की गति देखते हैं तो भास्कराचार्य नजर आते हैं। योगशास्त्र के लिए महर्षि पतंजलि याद आते हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा हर क्षेत्र में ऋषि-मुनियों के ज्ञान से समृद्ध हुई है। योग की महिमा को विश्व के सभी देशों ने स्वीकारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने योग को संयुक्त राष्ट्र संघ के माध्यम से विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। आज यूरोप से लेकर साइबेरिया और चीन से पाकिस्तान और ईरान-इराक तक लोग योगासन करते नजर आते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीन सनातन संस्कृति के माध्यम से हमने दुनिया को यह बताया कि ब्रह्मांड में कोटि-कोटि सूर्य विद्यमान है। हजारों साल पहले महर्षि पतंजलि ने दुनिया को बता दिया था कि शरीर में पांच प्राण होते हैं। राज्य सरकार अंगदान को प्रोत्साहित कर रही है और देहदानियों को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जा रहा है। प्रदेश के स्कूलों में बढ़ाई जा रही है आईसीटी लैब की संख्या स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि देशभर से भोपाल पधारे बाल वैज्ञानिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। राज्य सरकार विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक और नवाचारी दृष्टिकोण विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के स्कूलों में आईसीटी लैब की संख्या बढ़ाई जा रही है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कार्यक्रम में सहभागी बाल वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं दीं। निदेशक एनसीईआरटी प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव सदैव एनसीईआरटी को प्रोत्साहन प्रदान करते हैं। वे कला एवं विज्ञान के प्रति पारखी दृष्टिकोण रखते हैं। बाल वैज्ञानिक प्रदशर्नी एक अनूठी प्रदर्शनी है, जिसमें देशभर के जिलों से बाल वैज्ञानिकों के प्रोजेक्ट और मॉडल चुनकर लाए गए हैं। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, जिलाध्यक्ष रवींद्र यति, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल सहित बड़ी संख्या में विज्ञान प्रसारक, विषय-विशेषज्ञ, शिक्षक, बाल वैज्ञानिक एवं जिज्ञासु विद्यार्थी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि बाल प्रदर्शनी 31 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी और शिक्षकों द्वारा समाजिक समस्याओं का सामाधान बताते 240 साइंस मॉडल एवं इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए गए हैं। साथ ही बाल वैज्ञानिकों के इस महाकुंभ में मैनिट, आईसेक्ट और आईआईएसईआर के वैज्ञानिकों से संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। बच्चों को अपनी स्वाभाविक जिज्ञासा और रचनात्मकता के लिए मंच उपलब्ध कराने तथा बच्चों को अपने आसपास हो रहे क्रियाकलापों में विज्ञान और गणित की उपस्थिति का अनुभव कराने के उद्देश्य से यह प्रदर्शनी आयोजित की गई है। राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2025 का मुख्य विषय "सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी" है। देश के विभिन्न राज्यों के 230 विद्यालयों के बाल वैज्ञानिकों ने … Read more

मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना को आगामी 5 वर्षों तक संचालित करने की स्वीकृति

प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में संशोधन की स्वीकृति मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना को आगामी 5 वर्षों तक संचालित करने की स्वीकृति प्रदेश के 13 जिलों के आयुष चिकित्सालयों में 373 नवीन पदों की स्वीकृतिे मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में भर्ती के लिए सेवा शर्ते एवं नियम 2025 अनुमोदित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में सिंचाई के लिये सोलर पम्प स्थापना की योजना में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। संशोधन अनुसार कृषकों को स्वीकृत सोलर पम्प स्थापना क्षमता से एक क्षमता अधिक तक का विकल्प प्रदाय किया जायेगा। अब 3 एच.पी. के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 5 एच.पी. और 5 एच.पी. के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 7.5 एच.पी. का सोलर पंप प्रदाय करने का विकल्प दिया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में अस्थायी विद्युत कनेक्शन संयोजन वाले किसानों अथवा अविद्युतीकृत किसानों को सोलर पम्प का लाभ दिया जाएगा। योजना अनुसार 7.5 एचपी क्षमता तक का सोलर पम्प पम्प लगाने के लिए अस्थाई विद्युत कनेक्शन धारी कृषक का अंश 10% रहेगा। शासन द्वारा 90% की सब्सिडी दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की कुसुम-ब योजना को प्रदेश में "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" नाम से 24 जनवरी 2025 से लागू किया गया है। इसका क्रियान्वयन राज्य में मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा किया जा रहा है। इस निर्णय से सोलर पंप की स्थापना से विद्युत पंपों को विद्युत प्रदाय के लिए राज्य सरकार पर अनुदान के भार को सीमित किया जा सकेगा एवं विद्युत वितरण कम्पनियों की वितरण हानियों को कम किया जा सकेगा। मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना संचालित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना यथा स्पॉन्सरशिप, फॉस्टर केयर, आफ्टर केयर को आगामी 5 वर्षों तक प्रदेश के समस्त जिलों में संचालित करने की स्वीकृति दी गयी है। योजना के तहत पात्र बच्चे को 4 हजार रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जायगी। इसके साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर बाल देखभाल संस्थान छोड़ने वाले बच्चों को ऑफटर केयर के माध्यम से रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जायेगा। योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त माता के बच्चे, अनाथ एवं विस्तारित परिवार के साथ निवासरत बच्चे, असाध्य बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, बच्चे की शारीरिक और आर्थिक रूप से देखभाल करने में असमर्थ माता पिता के बच्चे, किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुसार देख रेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे (बेघर, प्राकृतिक आपदा से पीड़ित, बाल श्रमिक, बाल वेश्यावृति के शिकार, एड्स पीड़ित, बाल भिक्षुक, सड़क पर रहने वाले, घर से भागे, निर्योग्यत वाले, लापता, शोषण और दुर्व्यवहार के शिकार श्रेणी के बच्चे) लाभान्वित होंगे। मिशन वात्सल्य योजना क्रियान्वयन के लिए कुल 1,022 करोड़ 40 लाख रुपये का व्यय होगा। इसमें राज्यांश 408 करोड़ 96 लाख रुपये और केंद्रांश 613 करोड़ 44 लाख रुपये होगा। इससे प्रदेश के 33 हजार 346 बच्चे लाभान्वित होंगे। यदि योजना अन्तर्गत निर्धारित स्वीकृत अवधि में भारत सरकार द्वारा योजना मापदण्डों में कोई परिवर्तन किए जाते है तो उक्त अवधि में परिवर्तित मापदण्ड प्रभावशील होंगे। आयुष चिकित्सालयों में 373 नवीन पदों की स्वीकृतिे मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के 12 जिलों भोपाल, इन्दौर, नरसिंहपुर, मण्डलेश्वर (खरगौन), बालाघाट, गुना, भिण्ड, सीहोर, अमरकंटक (अनूपपुर), पन्ना, श्योपुर एवं शुजालपुर (शाजापुर) में 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सलयों एवं बड़वानी जिले में 30 बिस्तरीय चिकित्सालय के संचालन के लिए 373 पद एवं 806 मानव संसाधन सेवाएं ऑन कॉल की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत नवीन पदों में प्रथम श्रेणी के 52 पद, द्वितीय श्रेणी के 91 और तृतीय श्रेणी के 230 पद शामिल है। नियमित पदों पर वार्षिक वित्तीय भार 25 करोड़ 57 लाख रूपये आयेगा। इसके साथ ही स्वीकृत मानव संसाधन सेवाओं मे द्वितीय श्रेणी के 91, तृतीय श्रेणी के 117 और चतुर्थ श्रेणी के 598 पद शामिल है। मानव सेवाओं का प्रबंधन भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन से किया जायेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में भर्ती के लिए सेवा शर्ते एवं नियम अनुमोदित मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्के वैज्ञानिकों/अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भर्ती एवं सेवा शर्तें नियम 2025 का अनुमोदन प्रदान किया गया।विज्ञान, तकनीकी, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में वर्तमान समय में हो रहे अनुप्रयोगों के दृष्टिगत् प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की गतिविधियों में सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र, ग्रामीण प्रौद्योगिकी उपयोग केन्द्र, मौसम परिवर्तन अनुसंधान केन्द्र, अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान केन्द्र एवं उन्नत शोध एवं उपकरण सुविधा केन्द्र कार्यरत् है, के लिए उत्कृष्ट वैज्ञानिकों की आवश्यकता बनी रहती है। निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में गैर वैज्ञानिक संवर्ग के लिए, सेवा संरचना एवं भर्ती नियमों को अंगीकृत किया गया है। वैज्ञानिक संवर्ग के लिए चूंकि केडर का प्रावधान नहीं होने एवं वैज्ञानिक संवर्ग के पदों को भविष्य में होने वाले वैज्ञानिक, तकनीकी, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधानों के हुए मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में वैज्ञानिक संवर्ग के केडर का उन्नयन किया जायेगा। इससे वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार के लिए योग्य वैज्ञानिकों की सेवाएं प्रदेश को प्राप्त हो सकेगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 11 मई, 2015 द्वारा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में नवीन पदों की भर्ती पर लगाई गई रोक हटाये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षेत्र में वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् नोडल एजेन्सी के रूप में कार्यरत है। मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को पुनरीक्षित (सातवें) वेतनमान का वास्तविक लाभ प्रदान किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को पुनरीक्षित वेतनमान (सातवां वेतनमान) का वास्तविक लाभ लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के संवर्ग के समान 1 जनवरी 2016 से प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। शासन के समस्त विभागों में पुनरीक्षित वेतनमान (सातवां वेतनमान) का वास्तविक लाभ 1 जनवरी 2016 से प्रदान किया गया है। उसी अनुक्रम में मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को भी लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया है। लाभ दिये जाने पर एरियर राशि का अनुमानित वित्तीय भार 93 लाख रुपये आएगा। प्रदेश … Read more

प्रदेश में उद्योग धंधों से रोजगार पाने वालों का भी हो सम्मेलन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अधिकाधिक औद्योगिक निर्माण इकाइयों का करायें सामूहिक भूमिपूजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में उद्योग धंधों से रोजगार पाने वालों का भी हो सम्मेलन बायो-टेक्नालॉजी सेक्टर में है बड़ा स्कोप, इस दिशा में आगे बढ़ें 8.57 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर धरातल पर काम है जारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2025 के संदर्भ में लिए निर्णयों एवं विभागवार मिले निवेश प्रस्तावों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की पुण्यधरा में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2025 में सरकार को 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन सभी निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए निवेशकों से सतत संवाद करें, उनके प्रश्नों का समाधान करें, जिससे वे जल्द से जल्द अपने निवेश प्रस्ताव को जमीन पर अमलीजामा पहनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिसम्बर में वर्तमान सरकार के दो वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसलिए नवम्बर माह अंत तक अधिक से अधिक औद्योगिक निर्माण इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन कराएं। उन्होंने कहा कि दो से ढ़ाई लाख करोड़ रुपए के कामों के एक साथ भूमिपूजन से प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बदलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में निवेश संबंधी बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में फरवरी 2025 में भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के संबंध में राज्य सरकार द्वारा लिये गए निर्णयों एवं विभागवार मिले निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन की अद्यतन प्रगति की गहनता से विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्तावों, एमओयू के क्रियान्वयन और वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। बैठक में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव मनु वास्तव, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव संदीप यादव, प्रमुख सचिव मनीष सिंह सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2025 में प्राप्त उत्साहजनक निवेश प्रस्तावों से मध्यप्रदेश में उद्योग और अधोसंरचना विकास को नई दिशा मिलेगी और हमारा राज्य तेज गति से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निवेश से जुड़े सभी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की समय-सीमा निर्धारित कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योगों के अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ें और आर्थिक विकास को गति मिले। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि जिन निवेश प्रस्तावों पर काम प्रारंभ हो चुका है, उनकी नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। मुख्यमंत्री ने निवेश प्राप्त करने वाले सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन (एमपीटी) अब एक ब्रांड बन चुका है। इसका लाभ प्रदेश में उद्योग -धंधों और पर्यटन के विकास पर भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि सम्पर्ण पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की दिशा में आगे बढ़ें, इससे पर्यटन क्षेत्र में कोई बड़ा निवेश आने पर सरकार निवेशक को उद्योग विभाग द्वारा दी जा रही सब्सिडी प्रोत्साहन योजना का भी लाभ दे सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अधिकारियों को निदेर्शित किया कि उद्योग एवं रोजगार वर्ष के समापन पर सरकार की निवेश प्रोत्साहन योजनाओं के कारण प्रदेश में ही रोजगार और स्वरोजगार प्राप्त करने वाले लोगों का राज्यस्तरीय एवं संभागस्तरीय सम्मेलन आयोजित करें। उन्होनें बताया कि सरकार की रोजगार प्रोत्साहन नीतियों से प्रदेश के 7.85 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के समापन से पहले सरकार के कामों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। लोगों की सफलता की कहानियां समाज के सामने भी आनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बायो-टेक्नालाजी सेक्टर में बहुत स्कोप है। इस दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में हैदराबाद में आयोजित होने वाले निवेशक संवाद सम्मेलन में बायो-टेक्नालाजी सेक्टर की कम्पनियों और निवेशकों को भी आमंत्रित किया जाए। मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उनसे आग्रह किया जाएगा। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट–2025 में सरकार को मिले 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों में से वर्तमान में 8.57 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्तावों पर धरातल पर काम जारी है। उद्योग विभाग को कुल 12.70 लाख करोड़ रुपए के 889 निवेश प्रस्ताव मिले थे। इनमें से 397 निवेश प्रस्तावों पर भूमि आवंटित कर लेटर आफ इंट्रेस्ट भी जारी कर दिया गया है। इसके अलावा 5.13 लाख करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 190 निवेश प्रस्ताव ऐसे हैं, जिनमें निवेशकों ने साइट विजिट भी पूरा कर लिया है। विभाग द्वारा 302 निवेशकों से लगातार चर्चा की जा रही है। उन्होंने बताया कि 2.48 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर विभाग द्वारा भूमि आवंटन एवं निवेश आवेदनों की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इस बड़े निवेश से प्रदेश में 2.85 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग करीब 2 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों का सामूहिक भूमिभूजन कराने में सहभागिता करेगा। उन्होंने बताया कि ग्वालियर में टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की जा रही है। इसके अलावा यहां प्रमुख निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आईसीईए के साथ भी लगातार समन्वय किया जा रहा है। बैठक में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, खनिज, नगरीय विकास एवं आवास, ऊर्जा, लोक निर्माण, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा, उच्च शिक्षा, विमानन और सहकारिता विभाग सहित अन्य विभागों को प्राप्त निवेश प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।