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सीएम डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा को दिया MP में 4 मेडिकल कॉलेजों के भूमि पूजन का निमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा से की भेंट मध्य प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों के भूमि पूजन का दिया आमंत्रण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जेपी नड्डा से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा से मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर प्रारंभ होने वाले चार मेडिकल कॉलेज के भूमि-पूजन के लिए आमंत्रण दिया। यह कार्यक्रम इस माह प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि मध्यप्रदेश में अन्य क्षेत्रों के साथ स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर जन सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। अभी और चार नए मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन कार्यक्रम प्रस्तावित है। इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आंमत्रण को स्वीकार करते हुए सहमति प्रदान की है। शीघ्र ही तिथि निर्धारित कर 4 नये मेडिकल कॉलेजों का भूमि-पूजन किया जायेगा।  

CM मोहन यादव की समीक्षा बैठक: आंगनवाड़ी भर्ती ऑनलाइन, पारदर्शिता और निगरानी पर जोर

भोपाल  . मध्य प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए 9,948 पदों पर भर्ती के आदेश दिए हैं। यह भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों पर की जाएगी। सीएम ने इसके निर्देश महिला और बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए थे। इस भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कुपोषण को समाप्त करने के लिए तीन साल की कार्ययोजना बनाने का आदेश भी दिया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन पारदर्शी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है और टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त हुई है। स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 20,243 बच्चों को लाभ मिला, झाबुआ के ‘मोटी आई’ नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और PM जनमन भवनों की डिज़ाइन व मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना मिली। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल और 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था लागू की गई है। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना में शहरी आंगनवाड़ियों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन, शाला पूर्व शिक्षा में निवेश, लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार, 9,000 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण और HEW के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियाँ शामिल हैं। सामग्री टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ से अधिक सहायता, लाड़ली बहना योजना के तहत 36,778 करोड़ का अंतरण, महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटरों द्वारा 1.72 लाख महिलाओं को सहायता, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत पौधारोपण, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण, आंगनवाड़ी केंद्रों का बड़े पैमाने पर उन्नयन और सामग्री टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं, जिसमें गड़बड़ी होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सेंट्रल किचन व्यवस्था की जाएगी जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों तक गर्म भोजन पहुंचेगा. यह नई व्यवस्था वर्ष 2026 तक लागू कर दी जाएगी. निपुण भारत के तहत शाला पूर्व शिक्षा में बड़ा निवेश किया जाएगा ताकि 2047 के विजन को पूरा किया जा सके. लाडली बहना योजना का विस्तार किया जाएगा, प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया जाएगा. आगामी तीन वर्षों में आंगनबाड़ी के 9,000 भवन निर्मित किए जाएंगे.     टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम—लाभ पहुँचाने में राष्ट्रीय स्तर पर सराहना     स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ—देश में दूसरा स्थान     झाबुआ के ‘मोटी आई' नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार     PM JANMAN भवनों की डिज़ाइन व मॉनिटरिंग मॉड्यूल की भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना     भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित     डिजिटल पारदर्शिता की मिसाल: 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था     3 वर्ष की भविष्य कार्ययोजना     मध्यप्रदेश में सेंट्रल किचन से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म भोजन—2026 से नई व्यवस्था लागू     2047 विज़न के अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा पर बड़ा निवेश—निपुण भारत आधारित विकास कार्ड से गुणवत्ता सुधार     34 लाख बालिकाओं को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन—लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार     आंगनवाड़ी भवन निर्माण का मेगा प्लान—अगले तीन वर्षों में 9,000 नए भवन     HEW के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियाँ—जेंडर, सुरक्षा व कानूनी सहायता में व्यापक प्रभाव समीक्षा बैठक में बताया गया कि महिला बाल विकास विभाग राज्य और केंद्र सरकार की योजना का लाभ आदि आबादी तक पहुंचा रहा है. 'प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना' में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी गई है. लाडली बहना योजना के तहत जनवरी 2024-नवंबर 2025 में 36,778 करोड़ रुपए का अंतरण किया गया है.     PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को ₹512 करोड़ से अधिक की सहायता     लाड़ली बहना योजना के तहत जनवरी 2024–नवंबर 2025 में ₹36,778 करोड़ का अंतरण     1.72 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता—57 वन स्टॉप सेंटरों द्वारा 52,095 महिलाओं को सुरक्षा      बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण राज्य में स्थापित महिला हेल्पलाइन से 172000 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई, वहीं वन स्टाफ सेंटर से 52000 महिलाओं को सुरक्षा मिली. इसके अतिरिक्त बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, और 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण दिया गया.

डॉ. यादव का बयान—मोदी जी के नेतृत्व में नया भारत आकार ले रहा है

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र बदल रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने जनजातीय हस्तियों और प्रतिभाओं को किया सम्मानित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं तक भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश पहुंचाया। हमारा जनजातीय समाज भी भगवान कृष्ण की मुरली और मयूर पंख के उपयोग के साथ संपूर्ण समाज से जुड़कर समरस भाव से रहता आया है। भारतीय सिनेमा ने भी राष्ट्र भक्ति के विचार को सशक्त बनाना प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में एक सुखद परिवर्तनशील वातावरण को हम देख रहे हैं। राष्ट्र बदल रहा है। कोरोना के कठिन दौर में नागरिकों को जीवन रक्षा के लिए वैक्सीन की व्यवस्था की गई। भारत दुनिया की आर्थिक शक्ति बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक निजी टीवी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 'जनजातीय प्रज्ञा' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चैनल के मैनेजिंग एडीटर मध्यप्रदेश  प्रवीण दुबे और मैनेजिंग एडिटर छत्तीसगढ़  विश्वेश ठाकुर ने बातचीत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यावरण और वन्य प्राणी संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज से जुड़ी प्रदेश के विभिन्न हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इनमें पद्म  अर्जुन धुर्वे डिंडोरी, फुलझरिया बाई, डिंडोरी,  सूर्यभान मरावी बालाघाट, साक्षी भवड़िया अलीराजपुर, प्रियंका अलीराजपुर, रोहित वैशाखी बड़वानी और बसंती देवी अनूपपुर शामिल हैं। प्रमुख बिन्दु     प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं तक भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश पहुंचाया।     जनजातीय समाज भी भगवान कृष्ण की मुरली और मयूर पंख के उपयोग के साथ संपूर्ण समाज से जुड़कर समरस भाव से रहता आया है।     भारतीय सिनेमा ने भी राष्ट्र भक्ति के विचार को सशक्त बनाना प्रारंभ किया है।     प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में एक सुखद परिवर्तनशील वातावरण को हम देख रहे हैं।     राष्ट्र बदल रहा है।     भारत दुनिया की आर्थिक शक्ति बना है।     प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यावरण और वन्य प्राणी संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया।     जनजातीय समाज से जुड़ी प्रदेश के विभिन्न हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: व्यावसायिक शिक्षा के साथ कौशल और कृषि शिक्षा को भी दी जाए प्राथमिकता

व्यावसायिक शिक्षा के साथ कौशल विकास और कृषि शिक्षा भी बने प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की हुई समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र र्में सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। विद्यार्थियों को प्रोत्साहन के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश में विगत 2 वर्षों में ड्रॉप आउट रेट 21.4 प्रतिशत से घटकर मात्र 16.8 प्रतिशत रह गया है। इसे और भी कम करने की दिशा में कार्य किया जाए। प्रोत्साहन योजनाओं का अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ दिलवाया जाए। विगत 2 वर्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुसार हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी द्वितीय परीक्षा आयोजित कर समय सीमा में परिणाम घोषित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति में व्यवसायिक शिक्षा देने की दिशा में प्रयास बढ़ाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को विधानसभा समिति कक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की जानकारी ली और कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि अच्छे परीक्षा परिणाम लाने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को भी प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की जानकारी ली और कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "भवन एक कक्षाएं अनेक" की तर्ज पर एक विद्यालय भवन में शेष खाली समय में महाविद्यालय की कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था प्रारंभ करने पर विचार कर कार्रवाई करने को कहा। बैठक में मुख्य रूप से पाठ्य पुस्तकों के नि:शुल्क प्रदाय, स्कूटी वितरण और साइकिल वितरण योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि बालिका शिक्षा एवं छात्रावास का लाभ विद्यार्थियों को दिया जा रहा है। सेनिटेशन और हाइजिन किट का वितरण 19 लाख बालिकाओं को प्रति बालिका 300 रुपए के मान से डीबीटी द्वारा किया गया है। छात्रावासों में वाशिंग मशीन, रोटी मेकर, मैट्रेस जैसी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान योजना में 210 छात्रावास स्वीकृत हुए हैं। शालाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य भी सुनिश्चित किया गया है। सांदीपनि और पीएम  विद्यालयों का लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है। परीक्षा परीणामों में सुधार के प्रयासों को सफलता मिल रही है। वर्ष 2024-25 के प्रथम परीक्षा परिणामों में कक्षा दसवीं 74 प्रतिशत और कक्षा 12वीं 76 प्रतिशत से अधिक परिणाम मिले हैं। प्रथम और द्वितीय परीक्षा में क्रमश: औसत 87 और 82 प्रतिशत परिणाम रहा है। इसी तरह शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज हुई है। विभागीय समीक्षा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश-     किताबों का वितरण प्रत्येक स्तर तक सुनिश्चित करें।     साइकिल मैन्यूफ़ैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिये योजना बनाई जाये।     नवोदय विद्यालय की तर्ज़ पर सांदीपनि आश्रम विद्यालय बनायें जायें।     व्यवसायिक शिक्षा पर ज़ोर दिया जाये।     विद्यालयों में कृषि की शिक्षा भी दी जाये।     रूचि अनुसार कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाये।     अच्छा परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाये।     विद्यालय पहुँच मार्ग में यदि दिक़्क़त है तो उसे अन्य विभागों से समन्वय कर सुव्यवस्थित किया जाये।     आवश्यकता वाले दूरस्थ क्षेत्रों में निजी निवेश पर निजी विद्यालयों को प्रोत्साहित करने की नीति बनाई जाये।     शिक्षा विभाग के पोर्टल और ऐप पर काम किये जायें, शिक्षकों की परेशानी कम करें।  

मुरैना सोलर सह स्टोरेज अपने तरह की पहली परियोजना होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियां सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुरैना सोलर सह स्टोरेज अपने तरह की पहली परियोजना होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  प्रदेश के सोलर पार्क से भारतीय रेल को मिलती है बिजली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का स्तर काफी अच्छा है। ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा दोनों विभागों को कार्यों का स्तर श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम की ओर ले जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। नवीन और नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, मुख्य सचिव  अनुराग जैन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारम्परिक ऊर्जा उत्पादन के साथ नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश में हो रहे कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया कि अक्टूबर 2024 में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्थापित की गई है। आगर,शाजापुर और नीमच के सोलर पार्क से उत्पन्न बिजली का उपयोग भारतीय रेल्वे द्वारा भी किया जा रहा है। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की इन परियोजनाओं से स्थानीय नागरिकों को रोजगार मिला है और 60 मिलियन टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है। बैठक में जानकारी दी गई कि मुरैना सोलर सह स्टोरेज परियोजना राज्य की पहली स्टोरेज परियोजना होगी, जिससे सालाना 180 करोड़ रुपए की बचत होगी। वर्ष 2027 में परियोजना के कार्य पूरे हो रहे हैं। प्रदेश में किसानों के लिए सोलर पंप योजना, सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना, कुसुम अ योजना पर बैठक में चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि कुल 15 विकासकों को जिलों का आवंटन किया गया है। लगभग 1300 भवनों पर 48 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। प्रदेश के नागरिकों द्वारा भी घरेलू छतों पर बड़ी संख्या में उपकरण स्थापित कर रूफटॉप योजना का लाभ लिया जा रहा है। प्रदेश में 76 हजार से अधिक आवासीय इकाईयां कार्य कर रही हैं। इनकी स्थापित क्षमता लगभग 3 लाख किलोवाट है। प्रधानमंत्री जनमन योजना में 11 जिलों में एक हजार से अधिक घरों में सौर्य संयंत्र बैटरी सहित स्थापित किए जा चुके हैं।      ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का स्तर काफी अच्छा।     ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा दोनों विभागों को कार्यों का स्तर श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम की ओर ले जाना है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारम्परिक ऊर्जा उत्पादन के साथ नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश में हो रहे कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की।     अक्टूबर 2024 में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्थापित।     आगर,शाजापुर और नीमच के सोलर पार्क से उत्पन्न बिजली का उपयोग भारतीय रेल्वे द्वारा भी किया जा रहा।     नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की इन परियोजनाओं से स्थानीय नागरिकों को रोजगार मिला।     60 मिलियन टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।     मुरैना सोलर सह स्टोरेज परियोजना राज्य की पहली स्टोरेज परियोजना होगी, जिससे सालाना 180 करोड़ रुपए की बचत होगी।     वर्ष 2027 में परियोजना के कार्य पूरे हो रहे हैं। प्रदेश में किसानों के लिए सोलर पंप योजना, सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना, कुसुम अ योजना पर बैठक में चर्चा हुई।     सभी 55 जिलों के लिए रूफटॉप सौर योजना में सर्वे कार्य हो रहा है।     प्रदेश में 76 हजार से अधिक आवासीय इकाईयां कार्य कर रही हैं। इनकी स्थापित क्षमता लगभग 3 लाख किलोवाट है।     प्रधानमंत्री जनमन योजना में 11 जिलों में एक हजार से अधिक घरों में सौर्य संयंत्र बैटरी     सहित स्थापित किए जा चुके हैं।  

मध्यप्रदेश सरकार तीन किस्तों में लेगी 3 हजार करोड़ रुपये का कर्ज, कुल कर्ज बढ़कर 49,600 करोड़

भोपाल   मध्यप्रदेश की मोहन सरकार शीतकालीन सत्र के दौरान दूसरा अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार एक बार फिर 3,000 करोड़ का कर्ज नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से लेने जा रही है, जिसका भुगतान बुधवार को किया जाएगा। ये सभी कर्ज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के जरिए लिए जा रहे हैं, और इनका ब्याज हर छह महीने में 3 जून और 3 दिसंबर को चुकाया जाएगा। इस नए कर्ज के साथ चालू वित्तीय वर्ष में राज्य का कुल कर्ज बढ़कर 49,600 करोड़ पहुंच जाएगा। पहला कर्ज 1 हजार करोड़ रुपए का होगा वित्त विभाग के द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया गया। जिसके अनुसार, पहला कर्ज एक हजार करोड़ रुपए का होगा। जिसका भुगतान सरकार के द्वारा आठ साल में किया जाएगा। इसके बाद एक हजार करोड़ का दूसरा कर्ज भी लिया जाएगा। जिसको सरकार 13 साल में चुकाएगी। तीसरे कर्ज की राशि भी 1 हजार करोड़ रुपए होगी। जिसका भुगतान ब्याज के साथ 23 साल में किया जाएगा। इन कर्जों का ब्याज जून और दिसंबर महीने में अदा किया जाएगा। नवंबर में सरकार ने लिया था कर्ज इससे पहले सरकार ने 11 नवंबर को ऑक्शन के बाद सरकार ने 12 नवंबर को 1500-1500 सौ करोड़ के दो कर्ज और 1 हजार करोड़ का दूसरा कर्ज लिया था। जो कि 16 साल, 22 साल और 19 साल के लिए हैं। इनके ब्याज का भुगतान सरकार को 6-6 महीने की अवधि में करना होगा। ऐसे ही 28 अक्टूबर को 5200 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। उसमें पहली राशि 2700 करोड़ की थी, जो कि 21 साल के लिए ली गई थी। वहीं, दूसरी राशि 2500 करोड़ की, जो 22 साल के लिए ली गई थी। कर्ज लेने की लिमिट बरकरार सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है, जो भी कर्ज लिया जा रहा है वह लोन की लिमिट के भीतर है। ऐसे ही 30 सितंबर को 1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए थे। जिसका भुगतान एक अक्टूबर को हुआ था। ये कर्ज 20 साल और 23 साल के अवधि के लिए हैं। इसका भुगतान एक अक्टूबर हो हुआ था। 

सीएम मोहन यादव मंत्रियों प्रहलाद, उदय प्रताप, तुलसी और तोमर के प्रदर्शन की करेंगे जांच, अफसरों से वर्किंग प्लान भी लेंगे

भोपाल  मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा। साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके।  वर्ष 2026 में मोहन सरकार की प्रशासनिक कसावट में इसका असर भी दिखेगा और माना जा रहा है कि 15 दिसम्बर के बाद होने वाली सीनियर अफसरों की पोस्टिंग और मंत्रियों के विभागों के बदलाव के रूप में भी यह सामने आएगा। 13 दिसंबर 2023 को सीएम पद की शपथ लेने के बाद दो साल का कार्यकाल पूरा होने के पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सभी विभागों के साथ यह बैठकें करेंगे। इस दौरान दो सालों में जनता के हित में लिए गए फैसलों का रिव्यू करने के साथ शासन में कमियों और समस्याओं के बारे में अफसरों से जानकारी ली जाएगी और उसके निराकरण के उपायों पर विचार विमर्श कर लागू किया जाएगा। साथ ही अगले तीन साल के टारगेट तय करने को लेकर कार्ययोजना मांगी गई है, जिसे अधिकारी सीएम के सामने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताएंगे। मंत्रियों, मुख्य सचिव, सीनियर विभागीय अधिकारियों के साथ हाईलेवल मीटिंग का यह दौर विभागों की यह समीक्षा के रूप में मंगलवार से शुरू होगा और बुधवार को भी दिन भर बैठकें चलेंगी। इसके बाद 8 और 9 दिसम्बर को खजुराहो में भी दो दिन तक रिव्यू किया जाएगा। इन कामों का होगा रिव्यू, मंत्रालय में विभागों के कामकाज की समीक्षा     दो साल के काम बताएंगे अधिकारी     हर मंत्री अपने दो साल के कामकाज का लेखा-जोखा देगा और विभागों की उपलब्धियां बताएगा।     अगले तीन साल के लिए विभागों के लिए क्या टारगेट और प्लानिंग है, यह भी बताएंगे।     दो साल में जो कमियां सामने आई हैं उसे बताएंगे और निराकरण के उपाय भी बताएंगे।     मंत्रियों की खुद के विभाग को आगे बढ़ाने और नम्बर वन बनाने क्या प्लानिंग है, यह भी बताएंगे।     जो वर्किंग प्लान बताया जाएगा उसे धरातल पर उतारने के लिए क्या तैयारियां करनी होंगी, इस पर भी बैठक में डिस्कशन होगा। आज मंत्री प्रहलाद, उदय, तुलसी और तोमर के विभागों की समीक्षा विधानसभा भवन में 2 दिसम्बर को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की बैठक विभागीय मंत्री प्रहलाद पटेल की मौजूदगी में दोपहर बाद दो बजे से शुरू होगी। यह बैठक आधे घंटे चलेगी। दोपहर बाद तीन बजे से 3.30 बजे तक स्कूल शिक्षा विभाग की मीटिंग मंत्री उदय प्रताप सिंह की मौजूदगी में होगी। दोपहर बाद 4 से 4.30 बजे के बीच नर्मदा घाटी विकास विभाग और जल संसाधन विभाग के मंत्री तुलसी सिलावट के मौजूदगी में विभागीय बैठक सीएम लेंगे। इसके बाद 4.30 से 5 बजे के बीच ऊर्जा और नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की मीटिंग सीएम विधानसभा परिसर में लेंगे। 3 दिसम्बर को इन विभागों का रिव्यू     मंत्रालय में सुबह 11 बजे से 12 बजे तक लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और विभागीय अफसर रिपोर्ट देंगे।     दोपहर 12 से एक बजे तक सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और विभाग का रिव्यू होगा।      दोपहर बाद एक बजे से पौने दो बजे तक महिला और बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया और विभाग के अफसर प्रजेंटेशन देंगे।     दोपहर बाद पौने दो बजे से 2.30 बजे तक ओबीसी और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की मंत्री कृष्णा गौर के विभाग का रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 3.30 बजे से 4.15 बजे तक सामाजिक न्याय और निशक्तजन कल्याण विभाग के मंत्री नारायण कुशवाहा और वि‌भाग का रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.15 बजे से 5 बजे तक कृषि एवं किसान कल्याण तथा उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के मंत्री ऐदल सिंह कंसाना और विभाग के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा। सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगे सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।  खजुराहो में इन विभागों और मंत्रियों का होगा रिव्यू     8 दिसम्बर को खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी।     11.30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा।     12 से 12.30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     12.45 बजे से 1.30 नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     दोपहर बाद 4 से 4.45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.45 बजे से 5.30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     9 दिसम्बर को दोपहर 12 बजे से 12.45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा।     12.45 बजे से 1.30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू होगा।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता जयंती महोत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर दिए निर्देश

ऑन लाइन गीता प्रतियोगिता और गीता पाठ में अधिकाधिक जन भागीदारी सुनिश्चित की जाए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता जयंती महोत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आगामी 1 दिसंबर को गीता जयंती पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर राज्य में हो रहे कार्यक्रमों की तैयारी की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्य प्रदेश (गवर्नेंस एंड ग्रोथ समिट) निवेश से रोजगार (अटल संकल्प उज्जवल मध्य प्रदेश ) के अंतर्गत 25 दिसंबर को ग्वालियर में हो रहे कार्यक्रम के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गीता महोत्सव के संबंध में मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जिला कलेक्टर्स और पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि 1 दिसंबर गीता जयंती पर गीता महोत्सव के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों में जन सामान्य की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। श्रीमद्भागवत गीता के विभिन्न अध्यायों की संस्कृत और हिंदी में, स्कूल कॉलेज के साथ-साथ जन सामान्य को प्रतियां उपलब्ध करवाकर, गीता पर केंद्रित क्विज आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। गीता ज्ञान के प्रसार से जन सामान्य की विचार प्रक्रिया और मानसिकता पर सकारात्मक प्रभाव होगा। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भगवतगीता ऑन लाइन ज्ञान प्रतियोगिता में प्रवृष्ठि 28 नवम्बर तक www.geetamahotsav.com पर होगी। जिसमें तीन श्रेणियों में भागीदारी की जा सकती है। सभी श्रेणियों के लिए पृथक -पृथक पुरस्कारों का प्रावधान भी किया गया है। यह पुरस्कार 26 जनवरी 2026 को दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स, को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर अधिक से अधिक नागरिकों को विभिन्न प्रतियोगिताओं और गीता पाठ में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। गीता पाठ के कार्यक्रमों में होगी व्यापक सहभागिता मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता पाठ कार्यक्रम की तैयारियों की भी जानकारी प्राप्त की। उल्लेखनीय है कि 1 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती पर मध्यप्रदेश में सभी विकास खंडों, जिला मुख्यालयों, संभागीय मुख्यालयों पर श्रीमद्भगवद्गीता के 15 वें अध्याय का पाठ किया जा रहा है। जन सामान्य द्वारा युगावतार भगवान श्रीकृष्ण के मानव कल्याण के संदेश को आत्मसात किए जाने के उद्देश्य को इस गीता पाठ से सफल बनाया जा सकता है। वीर भारत न्यास द्वारा गीता पाठ के साथ-साथ गीता प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के विद्यार्थी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश: कानून-व्यवस्था को सर्वोत्तम स्तर पर लाया जाए

कानून व्यवस्था की आदर्श स्थिति सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कांफ्रेंस द्वारा दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों का सामान्य जन-जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी तरह के अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण की कार्यवाही की जाए। कानून व्यवस्था की जिले में अच्छी एवं आदर्श स्थिति रहे, यह कलेक्टर एसपी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार की रात्रि मुख्यमंत्री निवास प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स, एस पी से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश • अपराध नियंत्रण पहली प्राथमिकता हो। • पुलिस की नियमित गश्त होना चाहिए। • किसानों को कहीं भी खाद की समस्या ना हो, उचित प्रबंधन करें। वितरण की व्यवस्था सुधारने पर ध्यान दें। खाद लेने के लिए अधिक देर लाइन में लगने की नौबत ना आए, ऐसी व्यवस्था बनाएं। किसी किसान को दिक्कत नहीं आनी चाहिए। • अधिकांश जिलों में ठंड की अधिकता को देखते हुए जनता के लिए व्यवस्थाएं बनाएं। गांवों से शहरों में या केंद्रों में खाद क्रय करने आए किसान बंधुओं के लिए भी शीतकाल से बचाव के आवश्यक उपाय करें।  

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे की शादी का निमंत्रण पत्र आया सामने

 उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने छोटे बेटे डॉक्टर अभिमन्यु यादव की शादी बेहद सादगीपूर्ण तरीके से करने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री के बेटे का विवाह 30 नवंब को उज्जैन में आयोजित एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में होगा. यादव परिवार ने अपने बेटे की शादी के लिए जो निमंत्रण कार्ड छपवाया है, वह भी अत्यंत सामान्य और संदेशपरक रखा गया है.  शादी के कार्ड में निमंत्रण देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखा, ''मेरे आत्मज डॉ. अभिमन्यु यादव (M.B.B.S., M.S.) संग डॉ. ईशिता यादव पटेल (M.B.B.S.) के मंगल परिणय के पावन प्रसंग पर आप सादर सविनय आमंत्रित हैं. शुभदिन है 30 नवंबर 2025, अगहन शुक्ल दशमी, रविवार है. बेटे के शुभ विवाह को हमारे परिजनों की शुभेच्छानुसार सामूहिक विवाहोत्सव में परिणीत किया है. सामाजिक सरोकार के पावन उद्देश्य से रचे पगे सामूहिक विवाह समारोह के उल्लास में सामाजिक समरसता और सद्भाव से परिपूर्ण इस सामूहिक परिणय मंगल समारोह में 21 नवयुगल परिणय बंधन में गुंथित होंगे. इन्हीं 21 जोड़ों के साथ गठबंधन में सप्तपदी सप्तवचनों के साथ मेरे सुपुत्र भी गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करेंगे. इस पवित्र आयोजन में आपका आगमन हमारा और नवयुगलों का परम सौभाग्य होगा. सभी नवदम्पत्ति आपके आशीर्वाद से अभिसिंचित होकर सौभाग्यशाली होंगे. आपके पधारने से कार्यक्रम की गरिमा में भी अभिवृद्धि होगी. आपके शुभाशीष के आकांक्षी…उपहार के लिये क्षमा…आपका आशीर्वाद ही नवयुगल हेतु अमूल्य उपहार है.'' इससे पहले, फरवरी 2024 में भी सीएम मोहन यादव ने राजस्थान के पुष्कर में अपने बड़े बेटे वैभव की शादी भी एक बेहद सादे समारोह में की थी. इस समय मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने महज तीन महीने हुए थे.  BJP के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन के रहने वाले हैं. उनके जुड़े नजदीकी लोगों की मानें तो कई बार CM मोहन यादव यह कह चुके हैं कि शादी या अन्य कोई कार्यक्रम सादगी से ही होना चाहिए और उनकी इच्छा के अनुरूप ही छोटे बेटे डॉक्टर अभिमन्यु की शादी बेहद ही सादगी से एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में की जा सकती है.  कौन हैं CM मोहन यादव की छोटी बहू? CM मोहन यादव की छोटी बहू इशिता यादव खरगोन जिले के सेल्दा गांव की रहने वाली हैं. वह किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं. इशिता यादव भी पेशे से डॉक्टर हैं. साथ ही PG की पढ़ाई भी कर रही हैं. उन्होंंने MBBS की पढ़ाई पूरी कर ली है. उनके पिता दिनेश यादव इलाके के बड़े किसान माने जाते हैं. क्या हैं अभिमन्यु? बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तीन संतानें हैं. उनके दो बेटे और एक बेटी हैं. बेटी डॉ. आकांक्षा और बड़े बेटे की शादी हो चुकी है. वहीं. उनके छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु एक कुशल सर्जन हैं और समाजसेवा में भी सक्रिय रहते हैं. इशिता से CM मोहन यादव की बेटी का खास रिश्ता CM मोहन यादव की होने वाली छोटी बहू इशिता से उनकी बेटी डॉ. आकांक्षा का खास रिश्ता है. दरअसल, आकांक्षा की शादी दिनेश यादव के बेटे डॉ. आयुष से हुई है. यानी इशिता उनकी ननद भी हैं. बता दें कि CM मोहन यादव की बेटी डॉ. आकांक्षा गायनोकॉलॉजिस्ट डॉक्टर हैं.