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अटलजी के बताए मार्ग पर आगे बढ़ रही है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अटलजी भाषा से, भाषण से और व्यक्तित्व से गंगा-यमुना की तरह पवित्र थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अटलजी के बताए मार्ग पर आगे बढ़ रही है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्रप्रदेश के धर्मावरम में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण मुख्यमंत्री अटल ज्योति संदेश यात्रा में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्र सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। वे हिमालय के समान विराट व्यक्तित्व के धनी थे। पूरी दुनिया में उनका एक अलग ही सम्मान है। वे भाषा से, भाषण से और व्यक्तित्व से गंगा-यमुना की तरह पवित्र थे। आज आंध्र प्रदेश में उनके जन्मशताब्दी वर्ष में 15 दिवसीय अटल ज्योति संदेश यात्रा की शुरुआत हुई है। यह यात्रा आंध्र प्रदेश के 20 जिलों तक पहुंचेगी और 25 दिसंबर को स्व. वाजपेयी की जयंती के अवसर पर यात्रा का समापन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंध्र प्रदेश के सत्य साईं जिले के धर्मावरम में स्व. वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी हुआ है। स्व. वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1923 को ग्वालियर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उन्होंने देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा के बल पर नाम कमाया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री  एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ  वाजपेयी के घनिष्ठ संबंध रहे। उनके कार्यकाल में ही  नायडू एनडीए के प्रेसिडेंट बने थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को धर्मावरम में अटल ज्योति संदेश यात्रा में सहभागिता की एवं स्व. वाजपेयी की विशाल प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटलजी ने लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनकर देश की जनता की सेवा की। पोखरण में परमाणु परीक्षण किया। कारगिल में पाकिस्तान को सबक सिखाया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सौगात दी। आज प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी के बताए मार्ग पर देश की सरकार चल रही है। प्रधानमंत्री  मोदी और मुख्यमंत्री  नायडू की दोस्ती पक्की है।  चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश में एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री हैं। वे आंध्र प्रदेश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश भी विकास के पथ पर अग्रसर है। एनडीए ने भगवान कृष्ण के वंशज को मध्यप्रदेश की कमान सौंपी है। आंध्र प्रदेश में  नायडू ने सत्या जी को आगे बढ़ाया है। यही सबका साथ-सबका विकास का संकल्प है। जनता के चेहरे के भाव देखकर ऐसा लग रहा है कि आंध्र प्रदेश और मध्यप्रदेश दो बिछड़े भाइयों के समान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने देशवासियों को आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज, सागर माला, भारत माला, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया जैसी योजनाएं दी हैं। आज हम प्रधाममंत्री  मोदी और  नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश और देश को आगे बढ़ते हुए देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्र प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष  टीवीएन माधव को अटल ज्योति संदेश यात्रा के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अटल ज्योति संदेश यात्रा से आंध्र प्रदेश की जनता को स्व. वाजपेयी के जीवन के विविध पहलुओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी कहते थे कि अपना हृदय विशाल बनाओ। सबके साथ, सबके लिए काम और विकास करो। स्व. वाजपेयी की पंक्तियां याद आती हैं- छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता। कार्यक्रम में विधायक  मधुसूदन रेड्डी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान: प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सबसे अधिक, रोजगार और उद्योगों के विकास पर जोर

प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सर्वाधिक, रोजगार के अवसर और उद्योगों के विकास पर जोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरकार के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने पर 13-14 दिसंबर को भोपाल और इंदौर में होंगे विशेष कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 13 दिसंबर को भोपाल और 14 दिसंबर को इंदौर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में सरकार बनने के बाद गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए कई उल्लेखनीय निर्णय लिए गए। राज्य में कृषि के लिए सिंचाई का रकबा दोगुना करने के उद्देश्य से जल गंगा संवर्धन अभियान और कई बड़ी परियोजनाओं के माध्यम से प्रयास जारी हैं। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्योगों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। हमारी इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सबसे अधिक है। 'अच्छे कार्य में साथ, लेकिन कुछ गलत होगा तो बर्दाश्त नहीं' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में सुशासन पर आधारित व्यवस्थाएं संचालित हों, इसके लिए अच्छे कार्य में सदैव साथ हैं और अगर कहीं भी कुछ गलत होगा तो उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में विगत दिनों उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश में नक्सलियों का सबसे बड़ा सरेंडर बालाघाट में कराया गया है। भविष्य में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के लिये रवाना होने से पहले इंदौर में मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर में आंध्र प्रदेश के सत्य साईं जिले के धर्मावरम में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मशताब्दी वर्ष के समापन पर अटल ज्योति संदेश यात्रा कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रयास करने की अपील की

प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा के लिये करें सभी प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव टास्क फोर्स का गठन शीघ्र एरिजोना, पर्ड्यू एवं एशिया यूनिवर्सिटी से मध्यप्रदेश में अध्ययन केन्द्र खोलने के लिये संवाद तेज भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा मध्यप्रदेश में ही उपलब्ध कराई जाए, जिससे उच्च शिक्षा के इच्छुक विद्यार्थियों को विदेश जाकर अध्ययन करने की आवश्यकता कम पड़े और स्थानीय स्तर पर ही अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा गुणवत्ता का अकादमिक वातावरण मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गत बुधवार को 'सुशासन भवन' में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में अब निर्णायक कदम बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि इस सिलसिले में तेजी से प्रगति हो रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका के दो विश्व विख्यात विश्वविद्यालयों Arizona State University (ASU) और Purdue University के साथ ताईवान की प्रतिष्ठित Asia University से मध्यप्रदेश में अपने अध्ययन केन्द्र स्थापित करने के लिए सक्रियता से संवाद चल रहा है। इन वर्ल्ड क्लास संस्थानों को उच्च स्तरीय शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक पहचान प्राप्त है। शासन स्तर पर इन विश्वविद्यालयों के शीर्ष प्रबंधन से लगातार बातचीत हो रही है, जिससे संभावनाओं को बेहतर तरीके से मूर्त रूप देने में और तेजी लाई जा सके। राज्य सरकार की मंशा है कि प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्र खुलने से प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी। इंजीनियरिंग, एआई, डेटा साइंस, हेल्थ केयर साईंस, मैनेजमेंट और नये-नये उभरते तकनीकी क्षेत्रों में विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। साथ ही स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को भी उच्च स्तरीय विशेषज्ञता और संयुक्त शोध कार्यक्रमों (ज्वाइंट रिसर्च प्रोग्राम्स) का भी लाभ मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में गठित की जा रही टास्क फोर्स में प्रो. संतोष विश्वकर्मा को अध्यक्ष नामांकित किया जा रहा है। यह टास्क फोर्स अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना से जुड़े सभी तकनीकी, शैक्षणिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी। साथ ही इन विश्वविद्यालयों के साथ होने वाले करार (समझौते) की प्रक्रिया को गति देगी। अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से वार्ताएं सफल रहने पर भविष्य में मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे आकर्षक एवं आइडियल डेस्टिनेशन बनेगा, जहां वैश्विक विश्वविद्यालयों का व्यापक शैक्षिक-तंत्र प्रदेश की प्रतिभाओं को नव विकसित परिदृश्य में नए अवसर और नई दिशाएं देगा। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा वर्तमान में फ्यूचर हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस, सेमीकंडक्टर्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एग्री-टेक तथा अन्य नवोन्मेषी क्षेत्रों में राज्य के तीव्र विकास के लिये आवश्यक विविध रणनीतिक पहलों पर काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों की उच्च विशेषज्ञता एवं निरंतर विकसित होती प्रकृति की पूर्ति को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात विशेषज्ञों की आवश्यकता की पूर्ति की जा रही है, जो संस्थान को विषय-विशेष मार्गदर्शन, उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक परामर्श और रणनीतिक दिशा प्रदान करेंगे। ऐसे विशेषज्ञों के जुड़ने से संस्थान की क्षमता संवर्धन के साथ यह नवाचार इन प्राथमिक क्षेत्रों में संस्थान के रूपांक, क्रियान्वयन और अनुश्रवण को भी मजबूत करेगा। बैठक में अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव दीक्षित, प्रमुख सचिव एवं संस्थान के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर  गुलशन बामरा एवं डायरेक्टर  ऋषि गर्ग सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

मंत्री प्रतिमा बागड़ी के भाई पर गांजा तस्करी का आरोप, सीएम मोहन यादव ने कहा- ‘जो अपराध करेगा, उसे सजा मिलेगी’

भोपाल मध्य प्रदेश की मंत्री प्रतिमा बागड़ी का भाई गांजा तस्करी के आरोप में पकड़े गया है और इस मुद्दे पर विपक्ष बेहद आक्रामक है। इस बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि जो भी अपराध करेगा उसे सजा दी जाएगी और मंत्री के भाई का भाई भी बच नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी और सरकार की छवि तब खराब होती जब मंत्री का भाई होने की वजह से आरोपी को पकड़ा नहीं जाता।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर कोई विवाद नहीं है और पुलिस की ओर से लिए गए ऐक्शन से कानून व्यवस्था और सुशासन पर सरकार की प्रतिबद्धता झलकती है। सीएम ने कहा, 'प्रतिमा बागड़ी के मुद्दे पर कोई विवाद नहीं है। इसके ठीक उलट है। प्रतिमा बागड़ी के भाई के खिलाफ आरोप था, और हमने तुरंत पुलिस को उसे पकड़ने को कहा। इसलिए विवाद कैसा?' कानून व्यवस्था और सुशासन के लिए यह हमारी प्रतिबद्धता है।' मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'यहां तक कि कोई मंत्री का भाई हो तो भी, वह कानून से बच नहीं सकता है। मैं प्रतिमा बागड़ी को भी यह कहने के लिए धन्यवाद देता हूं कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने भी सरकार के ऐक्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जो भी अपराध करेगा उसे सजा मिलेगी। इसलिए यह एक अच्छा उदाहरण है।'  जब सीएम से पूछा कि क्या मंत्री के भाई अनिल बागड़ी की गिरफ्तारी से सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है तो मोहन यादव ने कहा, 'हमारी सरकार की छवि तब धूमिल होती, यदि हम उसे गिरफ्तार नहीं करते। यह मेरी भी छवि नष्ट कर देता यदि मंत्री के भाई को गिरफ्तार नहीं किया जाता और ऐक्शन नहीं लिया जाता। लेकिन मैंने कहा कि कोई बचाव नहीं होगा।' दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी पहली बार की विधायक और राज्य मंत्री बनीं बागड़ी से इस्तीफे की मांग कर रही है। बुधवार सुबह यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मंत्री के बंगले के बाहर भोपाल में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस प्रमुख अमित खत्री की अगुआई में बंगले के बाहर मंत्री के नेम प्लेट पर कालिख पोत दी गई।

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा कदम: सिंहस्थ 2028 में अखाड़ों को अस्थायी राशन कार्ड, दुकानों पर लगेंगी नई मशीनें

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों में जुट गई है. राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि सिंहस्थ क्षेत्र में अखाड़ों की मांग के आधार पर अस्थायी राशन कार्ड जारी किए जाएंगे. इसके साथ ही मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य की दुकानों को स्थापित किया जाएगा. बेहतर व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र को 8 जोन और 16 सेक्टर में बांटा जाएगा. इसमें राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा गोदाम स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा खाद नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रदेशभर में उचित मूल्य की दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीनें लगाने का फैसला किया है. अब नहीं होगी कम राशन की शिकायत राशन की दुकानों पर कई उपभोक्ताओं के साथ उनके अंगूठे स्कैन नहीं होने की समस्याएं आती हैं. ऐसे में उन्हें राशन मिलने पर परेशानी आती है. इसके लिए उचित मूल्य की दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी. इसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे को जोड़ा जाएगा. साथ ही इसमें आइरिस स्कैनर भी होगा. इससे राशन की दुकान से राशन न मिलने या कम राशन मिलने की समस्या भी खत्म होगी. 35 लाख फर्जी हितग्राहियों का हुआ सफाया खाद विभाग में फर्जी हितग्राहियों को लेकर चल रहे अभियान के तहत प्रदेशभर में 35 लाख फर्जी बीपीएल कार्ड धारकों के नाम काटे जा चुके हैं. फर्जी कार्ड धारकों का नाम कटने से सरकार को हर महीने 32 करोड़ रुपए की बचत हो रही है. दो सालों में प्रदेश 5.25 करोड़ से ज्यादा हितग्राहियों को 66.25 लाख मीट्रिक टन मुफ्त खाद्यान्न वितरित कर चुका है. इस पर राज्य सरकार ने 22 हजार 800 करोड़ रुपए का खर्च किया है. 35 लाख फर्जी हितग्राहियों के नाम काटे जाने के बाद 14 लाख नए हितग्राहियों के नाम जोड़े गए हैं, जिन्हें खाद्यान्न बांटना शुरू किया गया है. ऐसे हितग्राहियों के केवाईसी करने के 72 घंटे में पात्रता पर्ची जारी की गई है. गोदामों की छत पर लगे सोलर पैनल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि "सरकारी गोदामों को अपग्रेडेशन कर उन्नत तकनीक की मदद से विभिन्न स्तरों पर सिंक्रोनाइजेशन किया जा रहा है. गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे. गोदामों की छतों पर 28.87 हजार वर्ग मीटर और परिसर में 3.30 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में सोलर पैनल स्थापित किये जाएंगे. मध्य प्रदेश वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी. इसके लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाया गया है. अनाज की खरीदी, भंडारन और वितरण से जुड़ी संस्थाओं को भी सॉफ्टवेयर के माध्यम से जोड़ा जाएगा."

खजुराहो में हुई निवेश पर बैठक, 5 औद्योगिक इकाइयों को मिली मंजूरी, मध्यप्रदेश की आर्थिक दिशा मजबूत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में खजुराहो में हुई निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति की बैठक 5 औद्योगिक इकाइयों को मिली मंजूरी आर्थिक संपन्नता की ओर मध्यप्रदेश, होगा निवेश-बढ़ेंगे रोजगार भोपाल  राज्य में निवेश संवर्धन और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खजुराहो में 9 दिसंबर को निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति (CCIP) की अहम बैठक ली। बैठक में 5 औद्योगिक इकाइयों के निवेश प्रकरणों को मंजूरी दी गई। साथ ही प्रदेश के जिलों में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं को दी जाने वाली वित्तीय सुविधाओं के संबंध में अहम निर्णय लिए गए। बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, एमएसएमई मंत्री  चैतन्य काश्यप, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल, संस्कृति-पर्यटन-धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव  अनुराग जैन सहित प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। जे.के. सीमेंट के साथ 1850 करोड़ का विस्तार, 800 लोगों को रोजगार मंत्रि-परिषद समिति की बैठक में जे.के. सीमेंट कंपनी के निवेश प्रकरण पर चर्चा हुई। कंपनी वर्तमान में पन्ना जिले में 2600 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड क्लिंकर और सीमेंट प्रोडक्शन प्रोजेक्ट पर काम कर रही है और 6 हजार से अधिक लोगों को रोजगार भी दे रही है। जे.के. सीमेंट भविष्य में 1850 करोड़ रूपये से अधिक के अतिरिक्त निवेश से यूनिट का विस्तार कर रही है, जिससे 800 लोगों को रोजगार मिलेगा। अल्केम लैबोरेट्रीज का उज्जैन में 500 करोड़ का निवेश बैठक में अल्केम लैबोरेट्रीज कंपनी का निवेश प्रकरण भी रखा गया। यह कंपनी फार्मा क्षेत्र में फार्मूलेशन-एपीआई और बल्क ड्रग प्रोडक्शन कर रही है। इस कंपनी ने मुंबई में हुए रोड-शो के दौरान 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की इच्छा जताई थी। कंपनी ने उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी में टैबलेट, कैप्सूल, ड्राई सिरप और ड्राई पाऊडर इंजेक्शन के निर्माण के लिए यूनिट की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। इससे 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। नई अर्थव्यव्स्था को मजबूत करने डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में बड़ा निवेश राज्य में डिजिटल अवसंरचना, क्लाउड सेवाओं तथा डेटा-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में मेसर्स कंट्रोल एस डेटा सेंटर लिमिटेड द्वारा बड़वई आईटी पार्क, भोपाल में लगभग 500.20 करोड़ रूपये के निवेश से डेटा सेंटर सुविधा विकसित की जा रही है। परियोजना से प्रदेश में लगभग 870 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों का सृजन होगा। यह निवेश प्रदेश में डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, राष्ट्रीय डेटा नीति, एवं मध्यप्रदेश आईटी और ईएसडीएम निवेश संवर्धन नीति-2023 के लक्ष्यों को आगे बढ़ाएगा। ग्वालियर में 327.10 करोड़ सीसीएल मेन्युफेक्चरिंग यूनिट राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, ई.एस.डी.एम. (Electronic System Design and Manufacturing) सेक्टर को प्रोत्साहन प्रदान करने एवं स्थानीय उत्पादन क्षमताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केदारा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा ग्वालियर, मध्यप्रदेश में लगभग 327.10 करोड़ रूपये के निवेश सेकॉपर क्लैड लैमिनेट (CCL) निर्माण इकाई स्थापित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। परियोजना से राज्य में लगभग 220 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे। फूड प्रोसेसिंग में उज्जैन को मिलेगी नई पहचान विश्व की सबसे बड़ी पोटेटो फ्लेक्स निर्माताओं में शामिल अहमदाबाद की इस्कॉन बालाजी फूड्स ने उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में 110 करोड़ रूपये के निवेश से यूनिट स्थापित कर उत्पादन शुरू कर दिया है। इससे 350 लोगों को रोजगार मिला है। औद्योगिक नीति के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक अनुमोदन बैठक में मंत्री मंडलीय समिति ने सभी प्रस्तावित एवं संचालित परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक अनुमोदन दिया। इसके तहत प्रचलित उद्योग संवर्धन समितियों में उपलब्ध प्रावधानों के साथ ही अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान करने पर सहमति बनी। इस निर्णय से न केवल प्रदेश में औद्योगिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा बल्कि युवाओं के लिये बड़े पैमाने पर रोजगार अवसर भी उपलब्ध होंगे।  

सागर से दमोह 76 किलोमीटर फोरलेन मार्ग निर्माण के लिए 2059 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में केबिनेट की बैठक में बुंदेलखंड के विकास पर विशेष फोकस बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए सागर जिले के मसवासी ग्रट की स्थापना के प्रस्ताव के तहत उद्योगों को अनेक सुविधाओं को स्वीकृति सागर से दमोह 76 किलोमीटर फोरलेन मार्ग निर्माण के लिए 2059 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेज के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों की स्वीकृति वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के रहवास के लिए विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ से अधिक की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को स्वीकृति प्रदेश के 11 जिलों में 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन और 348 पदों की स्वीकृति प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 397.54 करोड़ रुपये की स्वीकृति पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को 2वर्ष में रोजगार के लिए जापान और जर्मनी भेजने का निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की खजुराहो में हुई बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास और रोजगार संपन्न बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, सड़कों के निर्माण सहित नौरादेही अभ्यारण्य में चीता के रहवास के लिए विकास कार्यों को स्वीकृति जैसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने बुंदेलखंड के विकास पर केंद्रित विकास के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने पर करतल ध्वनि से स्वागत किया गया। बैठक में छतरपुर और दमोह के मेडिकल कालेजों में पदों की स्वीकृति सहित शासकीय चिकित्सालयों के उन्नयन और नवीन पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से सागर के औद्योगिक क्षेत्र 'मसवासी ग्रंट' के लिए एक विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी। स्वीकृति अनुसार भूमि प्रब्याजी और वार्षिक भू-भाटक की दर केवल एक रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की है। इसके अतिरिक्त, विकास शुल्क चुकाने के लिए 20 समान वार्षिक किश्तों की सुविधा दी गई है और संधारण शुल्क 8 रुपये प्रति वर्गमीटर वार्षिक तय किया गया है। निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में 100% प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, इकाइयों को वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तारीख से पांच वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट दी गई है। वित्तीय सहायता पैकेज के तहत वृहद श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों पर उद्योग संवर्धन नीति 2025 और निवेश प्रोत्साहन योजना 2025 के नियम लागू होंगे, जबकि एमएसएमई (MSME) इकाइयों के लिए एमएसएमई विकास नीति-2025 और एमएसएमई प्रोत्साहन योजना-2025 के प्रावधान प्रभावी होंगे। सीमेंट निर्माण इकाइयों को इस विशेष वित्तीय सहायता पैकेज का लाभ नहीं मिलेगा। यह विशेष पैकेज आगामी पांच वर्षों के लिए प्रभावशील रहेगा। सागर से दमोह 76 किलोमीटर फोरलेन मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सागर-दमोह मार्ग, लंबाई 76.680 किमी 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के अंतर्गत उन्नयन एवं निर्माण के लिए परियोजना वित्तीय लागत  2,059 करोड़ 85 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार लागत का 40% हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से जीएसटी सहित वहन किया जाएगा। शेष 60% राशि का प्रावधान संचालन अवधि में 15 वर्षों तक 6 माही एन्युटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भू अर्जन एवं अन्य कार्यों के लिए 323 करोड़ 41 लाख रूपये का भुगतान भी राज्य बजट से किया जाएगा। परियोजना अंतर्गत 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, एक आरओबी, 13 वृहद जंक्शन और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण किया जायेगा।  दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेज के लिए नियमित और आउटसोर्स पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दमोह, छतरपुर और बुधनी के संचालन के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में 330 नियमित पद सृजन और 205 व्यक्तियों को आउटसोर्स पर नियोजित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के रहवास के लिए विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सागर में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के तीसरे रहवास के रूप में विकसित करने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। उल्लखेनीय है कि सितंबर 2022 में कुनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर में पहला और अप्रैल 2025 में गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर में दूसरा चीता रहवास प्रारंभ किया गया है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में कुल 31 चीते हैं। कुनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर में 28 और गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर 02 चीतों का रहवास है। इसके अतिरिक्त जनवरी 2026 में बोत्सवाना से 8 चीते कुनो में पहुंचना संभावित है। दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ से अधिक की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा दमोह जिले की तेंदूखेड़ा तहसील की झापननाला मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 165 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना के तहत तेंदूखेड़ा तहसील के 17 ग्रामों का कुल 3600 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। 11 जिलों में 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन और 348 पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने 11 जिलों की 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। निर्णय अनुसार नीमच जिले के भादवामाता उप स्वास्थ्य केंद्र को 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन किया जाएगा। शाजापुर के मक्सी स्थित 6 बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में किया जाएगा। इसी प्रकार, उज्जैन के जीवाजीगंज और खंडवा के ओंकारेश्वर स्थित 20 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों का विस्तार कर उन्हें 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त पन्ना के अजयगढ़, खरगौन के महेश्वर, सिंगरौली के देवसर और रीवा के हनुमना स्थित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 50 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों में अपग्रेड किया जाएगा। बड़े उन्नयन कार्यों में बैतूल के भीमपुर, सिंगरौली के चितरंगी और अनूपपुर के कोतमा स्थित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 100 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों में बदलना शामिल है। साथ ही, सागर जिले के बीना स्थित 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का उन्नयन कर उसे 100 बिस्तरीय किया जाएगा। इन संस्थाओं के संचालन के लिए मंत्रि-परिषद ने 345 … Read more

राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्रता से करें पूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भूमि संबधी लंबित प्रकरणों के लिए पुनः चलाया जाये राजस्व अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्रता से करें पूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजस्व न्यायालय का कार्य प्रशंसनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्व विभाग की समीक्षा कर दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों और आम नागरिकों के भूमि-संबंधी लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए राजस्व महाभियान पुनः चलाया जाए। इससे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेखों में सुधार जैसे प्रकरणों का तेजी से और पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को महाराजा कन्वेंशन सेंटर खजुराहो में राजस्व विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि 6 माह से अधिक लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करें। इसके लिए प्राथमिकता से पीठासीन अधिकारियों से संपर्क करें। राजस्व अभिलेखों का डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। नागरिकों को उनकी भूमि का त्वरित नक्शा और विवरणों की उपलब्धता आसान बनाए। इसके लिए वेबसाइट पर सुविधा उपलब्ध करायें। यह सुविधा अगले दो वर्ष में पूर्ण करें। वेबसाइट से प्राप्त दस्तावेजों को प्रामाणिक बनाए जिससे दस्तावेजों की डुप्लीकेसी रुकेगी। नवीन आवश्यक आबादी भूमि का चिन्हांकन करें। प्रदेश के नक्शाविहीन ग्रामों का नक्शा बनाएं। भू-अर्जन प्रकरणों के एंड-टू-एंड निराकरण को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया बनाए। राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने बैठक में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी। साथ ही आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना बताई। मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव राजस्व  विवेक पोरवाल सहित सम्बंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। राजस्व विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां     राजस्व विभाग ने प्रकरणों के त्वरित समाधान के लिए वर्ष 2024–25 में तीन चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित किया गया, जिसको एक करोड़ से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया।     मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने 24 जिलों में राजस्व न्यायालयों के लिए समर्पित अधिकारियों की नियुक्ति कर त्वरित और नियमित न्यायिक कार्यवाही सुनिश्चित की।     RCMS के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 41.68 लाख प्रकरणों में से 94% से अधिक प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया गया।     मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने जियो-फेंस तकनीक का उपयोग कर त्रुटिहीन फसल गिरदावरी सुनिश्चित की और 3.80 करोड़ सर्वे नंबरों में फसल विवरण को फोटो सहित दर्ज किया।     स्वामित्व योजना अंतर्गत प्रदेश में 94% कार्य संपन्न कर आबादी ग्रामों में 39.63 लाख अधिकार अभिलेख वितरित किए गए।     प्रकरणों की सतत निगरानी के लिए 07 अप्रैल 2025 को 7-सीटर कॉल सेंटर स्थापित किया गया, जिससे 6 माह से लंबित प्रकरणों की संख्या 8963 से घटकर केवल 150 रह गई।     भू-अर्जन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए RCMS पोर्टल पर LAMS मॉड्यूल विकसित किया गया।     राजस्व प्रशासन को मजबूत करने के लिए 1974 करोड़ की लागत से 438 कार्यालय भवनों की स्वीकृति दी गई, जिनमें से 324 का निर्माण पूर्ण हो चुका है।     प्राकृतिक आपदाओं से निपटने एवं प्रभावितों को राहत उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2024–25 में 871 करोड़ 37 लाख का व्यय किया गया तथा 2025–26 में अब तक 2 हजार 68 करोड़ 99 लाख रुपये की राशि व्यय की गई।     मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के तहत 5281 पटवारी तथा 136 नायब तहसीलदारों की नियुक्ति की गई और 34,069 (100%) अधिकारियों-कर्मचारियों ने IGOT कर्मयोगी पोर्टल पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।     राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2024–25 में 1048 करोड़ रुपये से अधिक का संग्रह किया गया। वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य से अधिक का संग्रहण किया जाएगा।         अभिनव प्रयोग एवं नवाचार     साइबर तहसील लागू होने से नामांतरण प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस, फेसलेस और क्षेत्राधिकार-मुक्त हो गई और औसत निपटान अवधि 50 दिनों से घटकर 22 दिन हो गई है। साइबर तहसील को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार, नेशनल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड 2025, DILRMP के घटकों को प्रदेश में लागू करने के लिए भूमि सम्मान, LAMS को Skoch Gold जैसे राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए।     भूमि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का बड़ा अभियान प्रारम्भ किया गया है, जिसके अंतर्गत 15 करोड़ पुराने अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है। यह कार्य सितंबर 2025 से 12 जिलों में शुरू हुआ है। अब तक 1.25 करोड़ पेज स्कैन हो चुके हैं। इससे कृषक स्वयं अपनी भूमि की सर्च रिपोर्ट ज्ञात कर सकेंगे।     प्रदेश में भू-अभिलेख पोर्टल का नया वर्जन 2.0 दिनांक 1 अगस्त 2025 से शुरू हो गया है। नागरिक अपने मोबाइल पर अपनी भूमि का पूरा रिकॉर्ड देख सकते हैं। मोबाइल ऐप द्वारा भू-अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त की जा सकती है।         आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना     डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम DPDP Act के अनुरूप विभागीय पोर्टल का आधुनिकीकरण किया जाएगा।     नक्शाविहीन ग्रामों के नक्शे बनाने तथा भू-अर्जन प्रक्रियाओं को एंड-टू-एंड ऑनलाइन किया जाएगा।     नवीन आवश्यक आबादी भूमियों का चिन्हांकन किया जाएगा।     विश्वास आधारित डायवर्ज़न प्रक्रिया लागू करने की योजना है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ने का किया आह्वान

मध्यप्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ा जाय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए वन विभाग से समन्वय कर समुचित समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के तेंदूपत्ता से पश्चिम बंगाल में बीड़ी उद्योग फल-फूल रहा है और स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। राज्य के तेंदूपत्ता संग्राहकों और बीड़ी बनाकर आजीविका चलाने वाले हजारों परिवारों को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेंदूपत्ता मध्यप्रदेश की संपत्ति है। इससे मिलने वाला रोजगार यहीं के लोगों को मिलना चाहिए। बीड़ी श्रमिकों को फिर से रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को खजुराहो में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीड़ी बनाने वाले परिवारों को लगातार और बेहतर काम उपलब्ध कराया जाएगा। महिलाओं के रोजगार और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि तेंदूपत्ता आधारित बीड़ी उद्योग से जुड़ा हर परिवार सम्मानजनक और स्थायी आय प्राप्त करे। राज्य की वन उपज का लाभ अब सीधे हमारे ही श्रमिकों को मिले। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह पहल उन सभी परिवारों के जीवन में फिर से उजाला लाने की दिशा में एक ठोस कदम होगा, जो वर्षों से तेंदूपत्ता और बीड़ी निर्माण से जुड़े रहकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देते आए हैं। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की उपलब्धियाँ     निवेश आकर्षण में सफलता, जीआईएस और आरआईसी के माध्यम से 12.70 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव।     पिछले दो वर्षों में 327 एमएसएमई और बृहद इकाइयों में उत्पादन प्रारम्भ, 40,516 रोजगार सृजित।     उद्योगों को 4,977 करोड़ रुपये की सहायता और सुविधाएँ वितरित।     BRAP 2024 में चार श्रेणियों में सम्मान, ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में शीर्ष प्रदर्शन।     108 अपराध मुक्त अनुपालनों से न्यायालय का भार कम, 2700 से अधिक अनुपालन सरल या कम किए गए। निवेश उपलब्धियाँ     2.48 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को भूमि आवंटन, 2.85 लाख रोजगार संभावित।     229 इकाइयों में निर्माण प्रारम्भ, 81,206 रोजगार संभावित।     साधिकार समिति द्वारा 105 प्रकरणों का त्वरित समाधान।     18,685 करोड़ रुपये के 43 प्रोजेक्ट्स को कस्टमाइज्ड पैकेज स्वीकृत, 21,835 रोजगार संभावित। औद्योगिक अधोसंरचना विकास     26 नए औद्योगिक पार्क और क्लस्टर (4000 हेक्टेयर) स्वीकृत।     पीएम मित्रा पार्क के लिए 873 हेक्टेयर स्वीकृत।     Mohasa Babai RE Park: प्रथम चरण 884 एकड़ और द्वितीय चरण 750 एकड़।     33 औद्योगिक क्षेत्रों में उन्नयन के लिए 536 करोड़ रुपये स्वीकृत।     4 वर्किंग वुमन हॉस्टल, 5772 बेड क्षमता स्वीकृत। निवेश प्रोत्साहन एवं राज्य छवि निर्माण     जीआईएस 2025 का सफल आयोजन, प्रदेश का सबसे बड़ा निवेश शिखर सम्मेलन।     72 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेश कार्यक्रम आयोजित।     8 क्षेत्रीय और 15 राष्ट्रीय संवाद-सत्र आयोजित नीति एवं आईटी आधारित सुधार     उद्योग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात की 3 नई नीतियाँ लागू।     इंवेस्ट पोर्टल के माध्यम से इंवेस्टर लाइफ साइकल सर्पोट।     Faceless No Query Incentive प्रणाली लागू।     GIS आधारित ऑनलाइन भूमि आवंटन और Know Your Approvals सुविधा। संस्थागत उपलब्धियाँ     5 नए क्षेत्रीय कार्यालय और कोयंबटूर (तमिलनाडु) में व्यापार विस्तार कार्यालय।     हर जिला कलेक्टर कार्यालय में निवेश केंद्र स्थापित।     महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट में कार्य की अनुमति। औद्योगिक एवं निर्यात संवर्धन की दिशा में व्यापक कार्ययोजना     प्रमुख सचिव  राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य को वैश्विक निवेश गंतव्य बनाने के लक्ष्य के साथ औद्योगिक एवं निर्यात संवर्धन की दिशा में व्यापक कार्ययोजना लागू की जा रही है।     वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 25.3 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने और निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।     व्यापार सुगमता के लिए आधुनिक, कम लागत एवं सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।     प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी भाग में इनलैंड कंटेनर डिपो विकसित किए जा रहे हैं, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।     लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना विकास में निजी डेवलपर्स को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और राज्य लॉजिस्टिक्स प्लान तैयार किया जा रहा है।     अमेरिका, जापान और यूके जैसे लक्षित बाजारों से एफडीआई आकर्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश को औद्योगिक और निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी स्थान प्राप्त हो।  

स्व. वाजपेयी की शताब्दी पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में करेंगे दो लाख करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की जन्म शताब्दी पर प्रदेश में दो लाख करोड़ के कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन और लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष 2026 कृषि आधारित क्षेत्रों के उत्थान के लिए समर्पित भोपाल को मिलेगी मेट्रो की सौगात भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बुन्देलखंड में केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से बुन्देलखंड में सिंचाई, उद्योग, पेयजल के लिए जो जल की कमी थी उसे पूरा किया जाएगा। नदी जोड़ो अभियान के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से सिंचाई, उद्योग के लिए पर्याप्त जलराशि का प्रबंध किया जाएगा। नदी जोड़ो अभियान की प्रगति में मध्यप्रदेश सबसे अग्रणी राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को खजुराहो के कन्वेंशन सेंटर में विभागीय समीक्षा बैठक के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड समेत समूचे मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। छतरपुर में ओबेरॉय होटल का शुभारंभ इसी की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड में पर्यटन के साथ-साथ खनन एवं मेडिकल के क्षेत्र में विकास के लिये अनेक कार्य किये जा रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के माध्यम से बुन्देलखंड का विकास एवं उत्थान के लिये कार्ययोजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड कैसे आगे बढ़े इस पर लगातार सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड में उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास एवं उत्थान के लिए सरकार कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुन्देलखंड शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सागर में रानी अवंतिबाई महाविद्यालय का निर्माण, छत्रसाल विश्वविद्यालय के लिए धनराशि का आवंटन, पीएम एक्सीलेंस कॉलेजों की स्थापना की गई है। इसी के साथ बुन्देलखंड अंचल में मेडिकल कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से दक्ष प्रत्येक विद्यार्थी को रोजगार मिले, इस दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार और जनता के बीच दूरी कम करने के लिए अब अलग-अलग क्षेत्रों के विकास के लिए उन्हीं क्षेत्रों में कैबिनेट मीटिंग आयोजित की जाएगी। खजुराहो में आयोजित कैबिनेट बैठक इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय समीक्षा में विगत दो वर्षों के कार्यों की समीक्षा और आने वाले तीन साल के लक्ष्य तय करने का निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी माह की 21 तारीख को भोपाल नगर को मेट्रो की सौगात दी जाएगी। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर सरकार द्वारा लगभग दो लाख करोड़ के अलग-अलग कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 कृषि के संबंधित विभिन्न क्षेत्रों के विकास एवं उनके उत्थान के लिए समर्पित होगा। कृषि से आय के साधन बढ़ानेकृषि आधारित उद्योगों की स्थापना, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना समेत सभी कृषिगत औद्योगिक गतिविधियों से कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सतत कार्य वर्षभर किये जाएंगे।