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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया भावांतर योजना का किसानों पर सकारात्मक असर

किसानों को लाभान्वित करेगी भावांतर योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन विक्रय का पूरा लाभ लेंगे अन्नदाता 10 अक्टूबर से ई-उपार्जन पोर्टल पर प्रारंभ होंगे पंजीयन एमएसपी से अंतर की राशि का भुगतान करेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को दिए गए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के हित में प्रारंभ की जा रही भावांतर योजना को लागू करने के लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक अमले को दायित्व दिए जाएं। इस योजना की विशेषताओं को प्रत्येक स्तर पर प्रचारित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिले। सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि योजना के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी उपयोग करें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने अन्नदाताओं की चिंता कर सोयाबीन को निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूलय 5328 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित की है। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को उनके उत्पादन का मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिस तरह धान और गेहूं पर किसानों को उनके परिश्रम की कीमत दिलवाने का कार्य किया गया है, उसी तरह सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी लाभ दिलवाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए लागू की जा रही भावांतर योजना के संबंध में शुक्रवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को निर्देशित कर रहे थे। वीडियो कांफ्रेंस में वरिष्ठ विधायक और प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल भी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में विभिन्न मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, उच्च शिक्षा मंत्री  इन्दर सिंह परमार, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, संबंधित वरिष्ठ अधिकारी, समस्त कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी नहीं होना चाहिए। हितग्राही को सीधा लाभ मिलना चाहिए। सभी के प्रयासों से भावांतर योजना पूर्णता सफल होगी। 10 अक्टूबर से शुरू होंगे पंजीयन भावांतर योजना के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन का कार्य 10 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। भावांतर की अवधि 01 नवम्बर से 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रहेगी। पंजीकृत कृषक और उनके रकबे के सत्यापन की प्रक्रिया राजस्व विभाग के माध्यम से होगी। किसानों के भावांतर की राशि पंजीयन के समय दर्ज बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी। भावांतर योजना, एक नजर में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित तिलहनी फसल के लिए भावांतर योजना वर्ष 2018-19 से लागू की गई है। भारत सरकार ने घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा राज्य के मंडी के मॉडल भाव/विक्रय मूल्य अंतर की राशि कृषकों को दिलवाने का प्रावधान किया है। किसान पूर्व की तरह अपनी उपज मंडियों में बेचेंगे। एमएसपी और मंडी का मॉडल भाव/विक्रय मूल्य के बीच के अंतर की राशि का किसान को डीबीटी से भुगतान किया जायेगा। किसान द्वारा ई-पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य होगा। उदाहरण के लिए किसान का उत्पादन मॉडल भाव 4600 रूपए पर हुआ है तो समर्थन मूल्य 5328 में से शेष अर्थात् भावांतर राशि 628 रूपए प्रति क्विंटल राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे। किसान को समर्थन मूल्य बराबर ही राशि प्राप्त होगी। यदि किसान की उपज का विक्रय मूल्य एमएसपी से कम है परंतु राज्य के औसत मॉडल प्राइज के समतुल्य है, ऐसी स्थिति में भी किसान को एमएसपी और बिक्री मूल्य के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। तीसरी स्थिति में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य के औसम मॉडल प्राइस से कम होने की दिशा में किसान को एमएसपी और घोषित औसत मॉडल प्राइस के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। प्रत्येक स्थिति में किसान का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। ये जनप्रतिनिधि जुड़े वीसी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े अनेक जनप्रतिनिधियों ने इस योजना को प्रारंभ करने की पहल के लिए बधाई दी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री  गौतम टेटवाल, सांसद खण्डवा  ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक जावरा  राजेन्द्र पांडे, विधायक खातेगांव  आशीष शर्मा, विधायक बागली  मुरली भंवरा, विधायक करैरा  रमेश खटीक, विधायक सुवासरा  हरदीप सिंह डंग, विधायक शाजापुर  अरूण भीमावद, विधायक आगर  मधु गेहलोत, विधायक नागदा खाचरौद  तेज बहादुर सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद देते हुए कहा कि किसानों को सोयाबीन उत्पादन का पूरा लाभ मिलेगा। निश्चित ही यह सही समय पर उठाया गया सही कदम है। सेवा पखवाड़े और अंत्योदय उत्सव को सफल बनाएं जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं  हेमंत खण्डेलवाल ने प्रदेश में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से प्रारंभ होकर गांधी/शास्त्री जयंती 02 अक्टूबर तक हो रहे सेवा पखवाड़े, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती 25 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक स्वदेशी जागरण सप्ताह और 22 सितम्बर से आगामी दीपावली तक निरंतर चलने वाले जीएसटी उत्सव की गतिविधियों को सफल बनाने का आग्रह, जनप्रतिनिधियों से किया। मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश              सभी आवश्यक व्यवस्था की जाएं। कलेक्टर और संबंधित अधिकारी किसानों का हित निश्चित करें। अधिकारियों को क्षेत्रवार दायित्व दिए जाएं।              भावांतर योजना के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दें।              जिला स्तर पर नियमित समीक्षा भी हो। किसानों को सही दाम मिले, इसकी मॉनिटरिंग हो।              भावांतर योजना किसानों के हित में है, इसका प्रचार-प्रसार किया जाये।              सभी जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया से प्रचार में भी सहयोग करें।              पात्र किसान समय पर पंजीयन करवा लें जिससे पात्र किसान लाभ से वंचित न रहें।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा यदुनंदन जिधर होते हैं, जीत भी उधर ही होती है

पराक्रमी सेना पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान भाव, बोले – हमें हमारी सेना पर गर्व है मुख्यमंत्री ने रेजांग-ला पवित्र रज कलश का किया पूजन रेजांग-ला युद्ध के वीर योद्धाओं को दी गई श्रद्धांजलि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यदुनंदन जिधर होते हैं, जीत भी उधर ही होती है। धर्म की रक्षा के लिए भगवान कृष्ण ने पांडवों का सारथी बनना स्वीकार किया। उन्होंने धर्म स्थापना के लिए अपना सर्वस्व दे दिया। हमारे सैनिकों ने रेजांग-ला युद्ध में जीत हासिल कर दुश्मनों से देश की रक्षा की। हमारे सैनिकों का शौर्य भारी पड़ा हमें हमारी पराक्रमी सेना पर बेहद गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेजांग-ला युद्ध में अपने प्राणों को बलिदान कर चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब देने वाले अमर शहीदों को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अटल पथ पर रेजांग-ला युद्ध में अमर बलिदानियों के श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित कर रह थे। उन्होंने रेजांग-ला पवित्र रज कलश का पूजन किया और यात्रा के आयोजकों को सरकार की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार हर ऐसे पुनीत कार्य में सहयोगी है, जिससे आमजनों में देश प्रेम की भावना का संचार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा 5 हजार साल पुराना गौरवशाली अतीत रहा है। उन्होंने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित  योगेंद्र सिंह यादव ने मात्र 19 साल की उम्र में दर्जनों गोलियां लगने के बाद भी टाइगर हिल्स की लड़ाई में पाकिस्तानी घुसपैठियों के छक्के छुड़ाए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यादव समाज के पराक्रम और शौर्य पर अगर कोई फिल्म बनाई जा रही है, तो राज्य सरकार फिल्म निर्माता को सब्सिडी देकर उसे प्रोत्साहित करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि एवरेस्ट फतह करने वाले पर्वतारोही  संतोष यादव और महिला लोको पायलट सु सुलेखा यादव जैसी अनेक हस्तियों ने भी यादव समाज का मान बढ़ाया है। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के नायक परमवीर चक्र विजेता  योगेंद्र सिंह यादव ने कहा कि हमारे लिए यह यात्रा गौरव का विषय है। इस कलश यात्रा का उद्देश्य भारतीय समाज को एकजुट करना और युवाओं में शहीदों के शौर्य के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। यह समाज को ऊपर उठाने की यात्रा है। मुझे गर्व है कि भारत माता की सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यादव समाज ने अनेक वीर सैनिक दिए, जिन्होंने मां भारती की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। हम उनकी संतानें हैं, जिन्होंने कभी झुकना नहीं सीखा। यादव कुल राष्ट्र पर मर मिटने के लिए सदैव तत्पर रहता है। उल्लेखनीय है कि रेजांग-ला के युद्ध में भारतीय सेना के 120 सैनिकों ने लगभग 3 हजार चीनी सैनिकों को मार गिराया था। ये सभी 120 सैनिक अहीर (यादव) समाज से थे। कार्यक्रम में विधायक  भगवानदास सबनानी, विधायक  महेंद्र सिंह यादव, पूर्व मंत्री  अखंड प्रताप सिंह यादव, पूर्व मंत्री मती ललिता यादव, ओबीसी महासभा के  जगदीश यादव, अधिवक्ता  राजेंद्र यादव, भोपाल यात्रा प्रभारी  शेर सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और शहीदों के परिजन उपस्थित थे। कलश यात्रा 14 राज्यों से होती हुई मध्यप्रदेश पहुंची है। यात्रा का 18 नवम्बर 2025 को दिल्ली में समापन होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कलश यात्रा में प्रमुख भूमिका निभाने वाले  किरण यादव,  राम सेन,  मनोज,  बलवीर यादव और  पुष्पेन्द्र यादव को सम्मानित किया। 

प्रदेश में पाये जाने वाले थलीय एवं जलीय जीवों की विशिष्टताओं को करें एक्सप्लोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश की जैविक विविधताओं का हो वैश्विक प्रचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पाये जाने वाले थलीय एवं जलीय जीवों की विशिष्टताओं को करें एक्सप्लोर अन्य राज्यों के वन्य जीव लाकर प्रदेश की जैव विविधता को करें और भी समृद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली फ्लोरल एंड फौनल डायवर्सिटी (वानस्पतिक एवं जैविक विविधताओं) के बारे में प्रापर ब्रांडिंग की जाए। प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्रों एवं यहां के वनों में वन्य जीवों की सहज दृश्यता का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये। इसके लिए भारतीय फिल्म डिवीजन, डिस्कवरी और अन्य चैनल्स के साथ मिलकर शॉट फिल्म्स, डाक्यूमेंटरी फिल्म, प्रमोशनल्स कैपसूल्स तैयार कर मध्यप्रदेश की वन विशिष्टताओं के बारे में पूरे विश्व को बतायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अच्छाईयां दुनिया के सामने आनी ही चाहिए। दूसरे राज्यों को प्रदेश में उपलब्ध वन्य प्राणी अवश्य दें, परन्तु उनसे भी उनके यहां उपलब्ध वन्य प्राणी प्राप्त कर प्रदेश की वन विविधताओं को और अधिक समृद्ध करें। उन्होंने कहा कि आसाम से गेंडा या एक सींग वाला गेंडा प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नदियों में मगरमच्छ, कछुआ और घड़ियाल सहित डॉल्फिन जैसे जलीय जीव मुक्त करने के लिए तैयारी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार एवं बोर्ड के सदस्य डॉ. नारायण व्यास वर्चुअली शामिल हुए। मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वन  अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक  वी.एन. अम्बाडे, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य  मोहन नागर,  रूपनारायण मांडवे,  महेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. सुदेश बाघमारे, डॉ. रविचंद्रन सहित अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे। बैठक में तीन राज्यों उड़ीसा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को तीन जोड़े टाइगर देने पर गहन विचार विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन राज्यों को टाइगर दिए जा रहे हैं, उनसे उस राज्य में पाए जाने वाले वन्य जीव भी प्राप्त किए जाएं। बैठक में बोर्ड के सदस्य डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में पन्ना एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में एक और कन्जर्वेशन रिजर्व बनाया जा सकता है। इसी प्रकार कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में बालाघाट जिले के सोनेवानी फॉरेस्ट रेंज को समाहित करते हुए एक पृथक कन्जर्वेशन रिजर्व बनाने की प्रबल संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस विषय पर गंभीरतापूर्वक निर्णय लिया जाता है, तो यह प्रदेश में वाइल्ड लाइफ कन्जर्वेशन की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम होगा। गजरक्षक ऐप तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि राज्य में जंगली हाथियों के कारण हो रही दुर्घटनाओं एवं उनसे मानव दंद को रोकने के लिए समुचित उपाय किए जाएं। एडिशनल पीसीसीएफ  कृष्णमूर्ति ने बताया कि एआई बेस्ड गजरक्षक ऐप तैयार किया गया है, जो जंगली हथियों की गतिविधियों की सूचना देता है और हाथी से मानव बसाहट वाले क्षेत्र में नजदीक होने पर ग्रामीणों को मैसेज के जरिए सूचना का प्रसार किया जाता है। कॉलरिंग के जरिए भी यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाथी विचरण जिलों और वनमंडलों में हाथी मित्र दलों का गठन भी किया गया है। बोर्ड की विशेष उपलब्धियां बैठक में  कृष्णमूर्ति ने म.प्र. राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि खरमोर अभयारण्य सरदारपुर का पुनर्गठन किया गया है। इससे क्षेत्र के 14 राजस्व गांवों के लोगों को उनकी भूमि क्रय-विक्रय की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। उन्होंने बताया कि भोपाल में 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया गया। प्रदेश में 14 रेस्क्यू स्कवॉड एवं 16 डॉग स्कवॉड और गौर बारहसिंगा आदि के परिवहन के लिए 6 विशेष वन्यजीव परिवहन एवं 3 रेस्क्यू वाहन सहित डॉग स्कवॉड वाहन लोकार्पित किए गए हैं। जहांनगढ़ अभयारण्य का गठन किया गया। यह प्रदेश का 26वां अभयारण्य है। इस वर्ष भोपाल में हुए बाघ दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बाघ राखी बांधकर बाघ रक्षाबंधन की शुरुआत की गई। प्रधानमंत्री  मोदी की भावना के अनुरूप 23 टाईगर रिजर्व में लोहे के स्क्रैप मटेरियल से एक विशालकाय बाघ प्रतिमा का निर्माण किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य में इस वर्ष अब तक नदिगांव में 86 घोंसले, बरौली में 32, बाबू सिंह घेर में 20, डांग वसई में 16, रैड़ी में 7 और भरा में 5 घौंसलों से बच्चे निकल चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश, टाइगर स्ट्राइक फोर्स, शिवपुरी एवं सामान्य वनमंडल, श्योपुर की संयुक्त कार्यवाही में श्योपुर जिले में वन्य प्राणी बाघ और तेन्दुए के अवैध शिकार एवं उसके अवयवों यानि हड्डियां/कंकाल का अवैध परिवहन एवं व्यापार करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह पर कार्यवाही करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें खण्डवा एवं बैतूल जिले में सतपुड़ा-मेलघाट कॉरीडोर में 17.148 हेक्टेयर वन भूमि एनएचएआई खण्डवा को उपयोग के लिए मंजूरी दी गई। सिंघोरी अभयारण्य के अंतर्गत ग्राम देहगांव-बम्होरी मार्ग के बेलगांव तक सी.सी. रोड निर्माण के लिए 0.85 हेक्टेयर अभयारण्य वन भूमि ईई आरईएस रायसेन को उपयोग के लिए दी गई। पदम डॉ. विष्णु धर वाकणकर टाइगर रिजर्व (रातापानी अभयारण्य) के बफर जोन की 1.575 हेक्टेयर भूमि ईई पीडब्ल्यूडी रायसेन को उपयोग के लिए दी गई। इसी प्रकार अन्य प्रस्तावों में भी वन भूमि क्षेत्र में निर्माण कार्यों एवं अन्य प्रकार के उपयोग की अनुमतियां दी गई।  

सोयाबीन उत्पादक किसानों को दी जायेगी भावान्तर राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों को मिलेगा उनकी उपज का वाजिब दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन उत्पादक किसानों को दी जायेगी भावान्तर राशि किसानों को फसलों की क्षति का दिया जाएगा मुआवजा मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश में प्रथम बनाया जाएगा मुख्यमंत्री ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन योजना में सिंगल विंडो पोर्टल का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम की हुई शुरुआत 215 करोड़ लागत के विकास कार्यों की दी सौगात मुख्यमंत्री सागर के जैसीनगर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में जहां भी सोयाबीन की फसल अतिवृष्टि अथवा रोग के कारण खराब हुई है, ऐसे सभी क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल क्षति का सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि सर्वे के बाद किसानों को सोयाबीन की फसल की क्षति का समुचित मुआवजा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सोयाबीन की फसल का एमएसपी 5328 रूपये निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी यही रेट दिया जाएगा। किसी भी किसान को घाटा नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में धान पर भी बोनस बढ़ाया गया है। किसानों को भावांतर भुगतान योजना से उनके खाते में बोनस का पैसा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमएसपी से कम दर पर फसल बिकती है तो भावान्तर की राशि सरकार द्वारा दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों की जिदंगी बेहतर और खुशहाल बनाने के लिए सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि दी जा रही है। मध्यप्रदेश में लाड़ली बहनों के जीवन में खुशियां लाने के लिए लाड़ली बहनों को दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रूपये की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास योजनाएं चलाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के पास धन की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र की नगर पंचायत जैसीनगर में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लगभग 215 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि के साथ ही पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। आज मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश को हम दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पहले नंबर पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश में किसानों को गाय पालने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशाला खोलने पर किसानों को लभगग 40 लाख रूपये की राशि मुहैया कराई जा रही है। इसमें 10 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिनके घर गाय है, वह गोपाल है, मध्यप्रदेश का हर बच्चा कृष्ण है। भगवान कृष्ण हो या भगवान राम इनके जीवन का एक-एक प्रसंग हम सभी को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का एक नाम दीनदयाल भी है, दीनदयाल यानि गरीब से गरीब आदमी की चिंता करने वाला। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी गरीबों की चिंता कर रही है। पं. दीन दयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश सरकार गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास कर रही है। भगवान कृष्ण ने गाय और मोर पंख का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गौवंश हत्या को प्रतिबंधित करने का सख्त कानून बनाया है। इस कानून का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार ने गाय के संरक्षण के लिए प्रति गाय 40 रूपये प्रतिदिन तक का खर्च बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मैं बुंदेलखंड की धरती पर आया हूं तो मुझे अत्यंत गौरव महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की यह धरती हीरों, वीरों और महावीरों की धरती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती ने अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए देश भक्ति की मिसाल पेश की है।समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता संकल्प कार्यक्रम एवं सिंगल विंडो पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से गैस कनेक्शन घर-घर तक मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसकी शुरुआत आज जैसीनगर से हो रही है। जैसीनगर का नाम जयशिवनगर और नगर परिषद बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसीनगर को नगर परिषद बनाने और जैसीनगर का नाम जयशिवनगर रखने की घोषणा की। साथ ही सागर जिले में बेवस नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा की। वहीं जैसीनगर में महाविद्यालय के अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कर उसका नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय के रखने, जैसीनगर में कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्कूल बनाने और सुरखी विधानसभा क्षेत्र में मसुरयाही-तोडा मार्ग लगभग 25 कि.मी. के निर्माण की भी घोषणा की। सागर की श्रद्धांजलि योजना प्रदेश के लिए बनेगी मॉडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर जिले में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिए शुरू की गई श्रद्धांजलि योजना संपूर्ण प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी। उन्होंने नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि आप सभी और आगे बढ़े इसके लिए राज्य सरकार आपके साथ हमेशा खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धांजलि योजना के अंतर्गत 100 से अधिक लाभान्वित ग्रामीणों के साथ संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह योजना न केवल सागर के लिए बल्कि संपूर्ण प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी। इस योजना को प्रदेश में लागू कर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने खेला शतरंज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र भौतिक सिंह जाट के साथ शतरंज खेला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम सफेद मोहरे को चुना और खेलना शुरू किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए अच्छी पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन मंदिर में की पूजा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसीनगर के गोवर्धन टोरी पर स्थित गोवर्धन मंदिर पहुंचकर भगवान गोवर्धन की पूजा कर आरती उतारी। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों की सराहना मुख्यमंत्री … Read more

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार राज्य सरकार की नीति के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार के लिए मार्गदर्शक हैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया नमन लालघाटी स्थित प्रतिमा पर किया माल्यार्पण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सुख की कामना करते हुए एकात्म मानववाद का दर्शन दिया। स्वदेशी और आत्मनिर्भरता ही हमारी संस्कृति और गांवों की व्यवस्था का आधार रही है, यह स्वावलंबन की भावना ही पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का आधार थी। पं. दीनदयाल उपाध्याय और महात्मा गांधी के विचारों में बहुत समानता थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय की 109वीं जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत सिंदूर का पौधा भी रोपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंडित दीनदयाल के विचार राज्य सरकार के लिए मार्गदर्शक हैं। हम प्रदेश के गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी सुधारों के माध्यम से देशवासियों को बड़ी सौगात दी है। इससे छोटे व्यापारियों और कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश के किसानों, कारीगरों, छोटे व्यापारियों की बेहतरी के लिए सभी से स्वदेशी अपनाने का आव्हान किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल, संगठन मंत्री  हितानंद शर्मा, सांसद  आलोक शर्मा, विधायक  रामेश्वर शर्मा, विधायक  भगवानदास सबनानी तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6.69 लाख धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ बोनस राशि अंतरित की

धान उत्पादक किसानों को दीपावली से पहले ही बोनस के रूप में दिया तोहफा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6.69 लाख धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ बोनस राशि अंतरित की किसानों की आर्थिक मजबूती से ही प्रदेश बनेगा समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 245 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण बालाघाट जिले के 4000 से अधिक युवाओं को दिए नियुक्ति-पत्र कटंगी में नया सामुदायिक अस्पताल और कटंगी-सिवनी राजमार्ग पर बनेगा नया सेतु हाईस्कूल को हायर सेकेंड्री स्कूल में किया जाएगा प्रोन्नत नेशनल पार्क से लगे खेतों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने कराई जाएगी सोलर फेंसिंग राजीव सागर परियोजना से नहलेसरा बांध के इंटरलिंक के लिए कराया जाएगा परीक्षण जंगली जानवरों के हमले में 5 मृतकों के परिजन को दिए जाएंगे 17-17 लाख रुपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव कटंगी में आयोजित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन में हुए शामिल   बालाघाट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाताओं की खुशहाली में ही हम सबकी खुशहाली है। अन्नदाताओं की आर्थिक मजबूती ही देश और प्रदेश के विकास और समृद्धि का आधार है। हमारी सरकार ने किसानों के सभी हितों का विशेष ध्यान रखा है। हमारी विकास नीतियों के मूल में किसान ही हैं। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी कल्याण के लिए हम मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। किसानों को उनके हर वाजिब हक के साथ-साथ हमारी सरकार किसान सम्मान निधि भी दे रही है। यह निधि किसानों के प्रति हमारे सम्मान की अभिव्यक्ति है। किसानों के कल्याण और इनकी समृद्धि के लिए हमारी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बालाघाट जिले के कटंगी तहसील मुख्यालय में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 6 लाख 69 हजार 272 धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ 12 लाख रुपये की प्रोत्साहन (बोनस) राशि सिंगल क्लिक से उनके बैंक खातों में अंतरित की। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जित करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार अधिकतम 10 हजार रूपये की बोनस राशि देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में करीब 245 करोड़ रुपये की लागत वाले 78 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। इसमें 39 करोड़ रूपए लागत से बालाघाट में सरेखा आर.ओ.बी. एवं परसवाड़ा में 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण भी शामिल है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित ग्रामों के 850 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। इन सभी युवाओं को गृह विभाग के विशेष सहयोगी दस्ते में नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में हुए रोजगार महोत्सव के जरिए चुने गए 3700 से अधिक युवाओं को प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में नियुक्ति पत्र भी दिए। इन चयनितों में लगभग 1000 युवतियां भी शामिल हैं, जिन्हें बेंगलुरु की निजी कंपनियों में नियुक्ति दी जा रही है। किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने देंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल किसानों की समृद्धि, बल्कि युवाओं के लिए भी नए अवसरों से भरपूर है। किसान और युवा विकास के सेतु की तरह हैं। प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार इन दोनों के परिश्रम और असीम ऊर्जा को नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के आशीर्वाद से ही किसान का बेटा आज मुख्यमंत्री है। किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं और सोयाबीन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की अतिरिक्त बोनस राशि भी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालाघाट जिले के जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर का चावल और जैविक गुड़ भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने दी अनेक सौगातें किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि कटंगी में नया सामुदायिक अस्पताल बनाया जाएगा। हाईस्कूल को हायर सेकेंड्री स्कूल में प्रोन्नत किया जाएगा। कटंगी से सिवनी राजमार्ग पर नया सेतु बनाया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के किसानों की बड़ी समस्या का निदान करते हुए कहा कि पेंच नेशनल पार्क की परिधि क्षेत्र से लगे खेतों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चारों ओर सोलर फेंसिंग कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राजीव सागर सिंचाई परियोजना से नहलेसरा बांध को इंटरलिंक कराने के लिए परीक्षण कराकर कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वाले क्षेत्र के 5 मृतकों स्व.  सुखराम, स्व.  प्रकाश, स्व.  अनिल, स्व.  मंगरू एवं स्व.  सेवकराम के परिजनों को मुआवजे की शेष राशि के रूप में 17-17 लाख रूपए देने की घोषणा की। इन सभी मृतकों के परिजन को 25-25 लाख रुपए मुआवजा मिलना था इसमें से 8-8 लाख रूपए परिजनों को पहले ही दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां चंद्रघंटा के साथ ज्वाला मैया का आशीर्वाद भी कटंगी में मिला है। बालाघाट ने विकास का लंबा रास्ता तय किया है और आज विकास की अहम धुरी बन चुका है। यहां के किसानों और जवानों ने अपने परिश्रम से क्षेत्र का माहौल ही बदल दिया है। यहां के जीआई टैग वाले चिन्नौर के चावल की खुशबू दूर-दूर तक फैली हुई है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में बालाघाट के कुछ युवा पथ भ्रमित हो गए थे, लेकिन प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह ने नक्सल उन्मूलन के लिए 31 मार्च 2026 की तारीख तय कर दी है। उन्होंने कहा कि आज बालाघाट के 850 जवानों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। अब यहीं के युवा यहीं पर प्रशिक्षण लेकर अपने गांव, कस्बे, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों की रक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सभी संकल्पों को पूरा करते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। किसानों को सम्मान निधि के साथ-साथ प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार ने लाड़ली बहनों से किया वादा भी निभाया है। रक्षाबंधन पर उन्हें 1500 रुपए दिए, अब दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रुपए देंगे। हम धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3000 रुपए कर देंगे। गौमाता को संरक्षण और सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य … Read more

मध्यप्रदेश-सिंगापुर का नया कदम: इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग और स्मार्ट सिटी टेक्नोलॉजी में साझेदारी

मध्यप्रदेश और सिंगापुर, इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग-ग्रीन टेक्नोलॉजी और स्मार्ट सिटी सॉल्युशन्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिंगापुर के काउंसल जनरल  चियोंग मिंग फूंग ने की सौजन्य भेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल स्किल पार्क जैसे प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश और सिंगापुर द्वारा क्षमता‍ निर्माण तथा युवा सशक्तिकरण के लिए किए गए संयुक्त प्रयासों का सफल उदाहरण है। सिंगापुर की तकनीक, शिक्षा-स्किल्स, विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता व संसाधन, परस्पर विकास, नवाचार और स्थिरता को प्रोत्साहित करने में सक्षम है। राज्य सरकार द्विपक्षीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हरसंभव नीति, सहयोग और निवेशकों को त्वरित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात सिंगापुर के काउंसल जनरल  चियोंग मिंग फूंग से मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में चर्चा के दौरान कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, सिंगापुर के साथ इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग, अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता, ग्रीन टेक्नोलॉजी, स्मार्ट सिटी सॉल्युशन्स, स्किल डेवलपमेंट सहित निवेश और शिक्षा के क्षेत्र में परस्पर सहयोग बढ़ाते हुए गतिविधियों का विस्तार करेगा।   

जल समृद्धि रणनीति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्री पाटिल के बीच अहम बैठक

जल समृद्धि रणनीति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्री पाटिल के बीच अहम बैठक मुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री की मुलाकात: जल समृद्धि को लेकर बनी रणनीति गुजरात के मुख्यमंत्री  पटेल भी हुए बैठक में शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान राज्य हित के विषयों पर उच्च स्तरीय बैठक में मंत्रणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल एवं गुजरात के मुख्यमंत्री  भूपेन्द्र पटेल के साथ बैठक में सहभागिता कर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। जलशक्ति मंत्री ने मध्यप्रदेश के कार्यों को सराहा केंद्रीय मंत्री  पाटिल ने मध्यप्रदेश द्वारा केंद्रीय योजनाओं का लाभ लेने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में मध्यप्रदेश ने अच्छा काम किया है। प्रदेश में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था और हर घर जल पहुंचाने का भी प्रशंसनीय कार्य हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जल समृद्धि बढ़ाने के मध्यप्रदेश के प्रयासों को पूरा सहयोग देने की बात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की नई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की और केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक में जनहित के महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की गई। इस अवसर पर संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद ने सार्वजनिक निजी भागीदारी से हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की दी स्वीकृति सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की स्वीकृति प्रदान गई है। संपूर्ण प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी। हैलीकॉप्टर का संचालन तीन सेक्टरों में किया जाएगा। सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-2 में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-3 में जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जायेगा। इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह , सारणी की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये (नॉन EPC सहित) का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 684 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 431 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 50 करोड़ 62 लाख रूपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह , चचाई की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 699 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड दवारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन दवारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 365 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 66 करोड़ 98 लाख रुपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में इन पदों का सृजन किया गया हैं। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे। 

10वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस: सीएम आज दोपहर 3 बजे करेंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन

भोपाल  मुख्यमंत्री आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का 55 जिले की 55 इकाई में प्रसार एवं कैंसर रोगियों के लिए "कारुण्य" कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाइन का शुभारंभ करेंगे। साथ ही एस.एम.पी.बी. की 'मध्य हर्बल दर्पण' पत्रिका का विमोचन और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन भी करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर आयुष विभाग द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। अध्यक्षता उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर और संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। MoU और हेल्पलाइन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को राज्य स्तरीय "10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस" का शुभारंभ कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में दोपहर 3 बजे करेंगे. कार्यक्रम में साथ ही आयुष वैलनेस टूरिज्म अंतर्गत आयुष विभाग एवं पर्यटन विभाग के मध्य एमओयू होगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का 55 जिले की 55 इकाई में प्रसार एवं कैंसर रोगियों के लिए "कारुण्य" कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाइन का शुभारंभ करेंगे. साथ ही एस.एम.पी.बी. की 'मध्य हर्बल दर्पण' पत्रिका का विमोचन और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन भी करेंगे. कार्यक्रम स्थल पर आयुष विभाग द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी. एमपी सरकार के यह मंत्री रहेंगे कार्यक्रम में मौजूद अध्यक्षता उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चेतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर और संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। क्यों खास है 23 सितंबर की तारीख? आयुर्वेद निवारक स्वास्थ्य देखभाल और कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अब तक आयुर्वेद दिवस धनतेरस के दिन मनाया जाता था. हिंदू कैलेंडर पर आधारित होने के कारण आयुर्वेद अंग्रेजी कैलेंडर पर इसकी तारीख हर साल बदलती रहती थी. आयुष मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि अगले दशक में धनतेरस की तारीख 15 अक्टूबर से 12 नवंबर के बीच व्यापक रूप से बदलती रहेगी, जिससे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजनों को करने में तार्किक चुनौतियां उत्पन्न होंगी. इस असंगति को दूर करने और राष्ट्रीय तथा वैश्विक उत्सवों के लिए एक स्थिर संदर्भ बिंदु स्थापित करने के लिए आयुष मंत्रालय ने उपयुक्त विकल्पों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया. विशेषज्ञ पैनल ने चार संभावित तारीखों का प्रस्ताव रखा, जिसमें 23 सितंबर की तारीख सर्वश्रेष्ठ विकल्प के रूप में सामने आई. यह निर्णय व्यावहारिक और प्रतीकात्मक दोनों विचारों पर आधारित था. नई तारीख 23 सितंबर, शरद विषुव के साथ मेल खाती है, जब दिन और रात लगभग बराबर होते हैं. यह खगोलीय घटना प्रकृति में संतुलन का प्रतीक है, जो आयुर्वेद दर्शन के साथ पूर्ण रूप से मेल खाती है, जो मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन पर जोर देती है.