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मध्यप्रदेश में 6 दिसंबर को मनाया जाएगा होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस

मध्यप्रदेश में 6 दिसंबर को ‍होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस का आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि आपदा में वीरता दिखाने वाले जवानों को मिलेगा पहली बार प्रारंभ “मुख्यमंत्री अदम्य साहस पुरस्कार” भोपाल  मध्यप्रदेश में होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा संगठन का स्थापना दिवस 6 दिसंबर 2025 को पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम का आयोजन जहांगीराबाद, भोपाल स्थित होमगार्ड्स परेड ग्राउंड में प्रातः 10 बजे से किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, आपदा मित्र तथा बड़ी संख्या में होमगार्ड अधिकारी-सैनिक उपस्थित रहेंगे। ,होमगार्ड संगठन प्रतिवर्ष 6 दिसंबर को स्थापना दिवस मनाता है। यह कार्यक्रम राजधानी सहित प्रदेश के सभी जिलों में भी आयोजित किया जाता है। संगठन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ बाढ़, दुर्घटनाओं, आगजनी, प्राकृतिक आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है। संकट की घड़ी में फँसे लोगों की सहायता करने में होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस ने सदैव अद्वितीय साहस और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। पहली बार मिलेगा मुख्‍यमंत्री अदम्‍य साहस पुरस्‍कार इस वर्ष राज्य शासन द्वारा पहली बार “मुख्यमंत्री अदम्य साहस पुरस्कार” प्रारंभ किया गया है। यह पुरस्कार उन होमगार्ड सैनिकों, एसडीईआरएफ सदस्यों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने आपदा के समय स्वयं की परवाह किए बिना नागरिकों की जान बचाई। मुख्यमंत्री चयनित बहादुर जवानों को राज्यस्तरीय समारोह में सम्मानित करेंगे। विभिन्न जिलों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर इंदौर, सिवनी, गुना, रतलाम, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़ और उज्जैन की कुल 10 टीमों को 51-51 हजार रूपए की राशि वितरित की जाएगी। मुख्‍यमंत्री को परेड की सलामी दी जाएगी कार्यक्रम के दौरान परेड द्वारा मुख्‍यमंत्री को सलामी दी जाएगी। इसके बाद परेड का निरीक्षण, मार्च-पास्ट एवं मुख्य अतिथि का उद्बोधन होगा। एसडीईआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों द्वारा आपदा के दौरान किए जाने वाले रेस्क्यू कार्यों का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया जाएगा। स्थापना दिवस पर होमगार्ड की सशस्त्र प्लाटून और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की टुकड़ी भी मुख्यमंत्री को सलामी देगी। मेधावी छात्र-छात्राओं का होगा सम्‍मान स्थापना दिवस समारोह में होमगार्ड सैनिकों के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी प्रशस्ति पत्र एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से लेकर डिप्लोमा, स्नातक, तकनीकी शिक्षा और स्नातकोत्तर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 10 मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन राशि 5 हजार रूपए से 30 हजार रुपए तक प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में होमगार्ड नागरिक सुरक्षा के अधिकारी सैनिकों और उनके परिजनों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यकम, खेल गतिविधि और महिलाओं संबंधी इवेंट भी आयोजित किए जाएंगे।  

द्वितीय अनूपूरक बजट में 13,476.94 करोड़ के प्रावधान से विभिन्न वर्गों का होगा कल्याण

द्वितीय अनूपूरक बजट में 13476.94 करोड़ के प्रावधान से विभिन्न वर्गों का होगा कल्याण प्रधानमंत्री  मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को करेंगे साकार मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सत्र समाप्ति पर दिए संबोधन में पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को दिया धन्यवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के स्वप्न को विकसित मध्य प्रदेश बनाकर साकार करेंगे। हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। विकसित भारत बनाना केवल एक मिशन नहीं हमारा धर्म भी है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के सत्र के समापन अवसर पर सदन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि विधानसभा प्रजातंत्र का मंदिर है।अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कुशलता के साथ सदन का संचालन किया है, जो अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष प्रजातंत्र की धुरी  है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने नेता प्रतिपक्ष को भी धन्यवाद दिया कि उनके नेतृत्व में विपक्ष ने पूरे सत्र में सकारात्मक चर्चा की और अपने प्रश्नों एवं उद्बोधनों से लाभान्वित किया। द्वितीय अनुपूरक के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 13,476.94 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित होगी। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 4000 करोड़, उपार्जन संस्थाओं को ऋण देने के लिए 2000 करोड़, लाडली बहना  योजना के लिए 1794 करोड़, पंचायत विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग के दिए 1,633 करोड़ और उद्योग ,कृषि और अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए सदन ने राशि स्वीकृत की है। अनूपूरक बजट की विशेषताएं ·         द्वितीय अनुपूरक अनुमान में कुल ₹ 13476.94 करोड़ का प्रावधान ·         विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं ·         जरूरतमंद को आवास देना प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता ·         प्रधानमंत्री आवास योजना में 4000 करोड़ का प्रावधान. आगे और भी करने का प्लान ·         बहनों को आर्थिक रूप से और ज्यादा सक्षम बनाने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 1794 करोड़ का प्रावधान ·         मध्य प्रदेश का परफॉर्मेंस देखते हुए 15वें वित्त आयोग का विशेष सहयोग ·         मूलभूत जन सुविधाओं के लिये स्थानीय निकायों को 1633 करोड़ का प्रावधान ·         मध्यप्रदेश पूंजीगत व्यय में सदैव अग्रणी ·         अधोसंरचना विकास के लिए बजट में कोई कमी नही ·         पूंजीगत मद में ₹ 5028.37 करोड़ का प्रावधान ·         मुख्य बजट 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपये का बजट था. यह अब तक का सबसे बड़ा बजट. ·         गरीब, महिला, किसान और युवा सभी वर्गों की बेहतरी के लिए सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इन स्वीकृतियों से मध्य प्रदेश विकास के पथ पर तेज गति से अग्रसर होगा। इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण विधेयक मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधायक 2025 प्रस्तुत हुआ, जिसमें नगर पालिकाओं और नगर पंचायत में अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से करने का प्रावधान किया गया है। निश्चित रूप से इससे वर्तमान में निकायों में कार्य करने में आ रही समस्याओं में काफी कमी आएगी और ये  निकाय स्वतंत्र रूप से ओर भी तेज गति से कार्य कर सकेंगे। पक्ष और विपक्ष दोनों का आभार माना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों को धन्यवाद दिया जिसके कारण यह सत्र गरिमामय  ढंग से संचालित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा का स्वर्णिम इतिहास रहा है। इस सत्र से इसमें एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं के प्रति सदन में हम उपस्थित हैं और केवल निवेश की बात नहीं कर रहे ,मध्य प्रदेश के भाग्य और भविष्य की नींव रख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चरैवेति चरैवेति के मंत्र के अनुसार राज्य सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करने के संकल्प को व्यक्त किया।

भोपाल में ही पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा लुत्फ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में जल-पर्यटन का केंद्र बनेगी शिकारा सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में ही पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा लुत्फ प्रदेश के जल-पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर मिलेगी एक नई पहचान पर्यटकों को प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिताने का मिलेगा मौका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बड़े तालाब के बोट क्लब पर 20 नवीन शिकारा नाव सेवा का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में 'शिकारा नाव' सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इन नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा। शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है। ये शिकारे प्रदेश के जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलवाएंगे। प्रदेशवासी पर्यटन सेवा का लाभ उठाने के लिए आगे आएं। एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है। शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है। आज अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को बोट क्लब भोपाल पर 'शिकारा नाव' सेवा को झंडी दिखाने के बाद यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष  हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष  उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान हैं। नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई। शिकारे की सैर का लिया आनंद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिकारों को फ्लेगऑफ करने के बाद बड़े तालाब में शिकारे की सैर का आनंद लिया और उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गणमान्य नागरिकों ने शिकारा बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे एवं फलों का जायका लिया। साथ ही फ्लोटिंग बोट मार्केट से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की पारम्परिक कला बाघ और बटिक वस्त्रों, जैविक उत्पादों आदि की खरीदारी भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली और अथितियों के साथ टेलीस्कोप से सूर्य के दर्शन किए। टेलीस्कोप की बोट क्लब पर व्यवस्था वैज्ञानिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा की गई थी। पर्यटन विकास से स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : वि.स. अध्यक्ष  तोमर विधानसभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजधानी की इतनी बड़ी झील में शिकारा सेवा की शुरुआत बहुत आकर्षक है। इससे प्रदेश में पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। देश के दिल भोपाल का विशेष दर्जा है – हरियाणा वि.स. अध्यक्ष  हरविंदर शिकारा सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष  हरविंदर कल्याण भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भोपाल सभी भारतवासियों के दिल के करीब है, यह शहर देशभर में अलग दर्जा हासिल किए हुए है। बड़े तालाब में शिकारे चलते देखने का दृश्य अविस्मरणीय है। वरिष्ठ विधायक  हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव भोपाल में होगा। नेता प्रतिपक्ष  उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डल झील के शिकारों के माध्यम से कश्मीर को मध्यप्रदेश ले आएं हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म की यह पहल सराहनीय है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण 'फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन' और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। शिकारों पर नौकायन का आनंद लेने के साथ पर्यटक बर्ड वाचिंग, हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स आदि भी खरीद सकेंगे। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार, महापौर भोपाल मती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष  रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में पर्यटन प्रेमी उपस्थित थे।  

कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बढ़ेगी, CM मोहन यादव तीन चीते करेंगे रिलीज

 श्योपुर  इंटरनेशनल चीता-डे के अवसर पर आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कूनो नेशनल पार्क में तीन चीतों को खुले जंगल में छोड़ेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण श्योपुर और शिवपुरी जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने किया। कलेक्टर अर्पित वर्मा और एसपी सुधीर अग्रवाल ने कूनो पार्क के अहेरा गेट, हेलीपैड और चीता रिलीज प्वाइंट पर व्यवस्थाओं को परखा। अधिकारियों ने शिवपुरी जिले के अहेरा गांव के पास बने अस्थायी हेलीपैड का भी निरीक्षण किया। शिवपुरी कलेक्टर रविन्द्र चौधरी और एसपी अमन सिंह राठौर भी इस दौरान मौजूद रहे। टीम ने आगमन मार्ग से लेकर रिलीज स्थल तक सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और वन विभाग की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। जानकारी के अनुसार सीएम मोहन यादव आज गुरुवार दोपहर को लगभग 2:30 बजे श्योपुर पहुंचेंगे। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल और पर्यावरण नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। श्योपुर के कलेक्टर, एसपी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चीता रिलीज प्वाइंट पर सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। डीएफओ आर. थिरुकुराल, एएसपी प्रवीण भूरिया और अन्य अधिकारियों ने भी निरीक्षण में भाग लिया। वन विभाग ने बताया कि उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम, निगरानी टीम और सुरक्षा उपकरणों की तैनाती कर दी गई है, ताकि चीतों की मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा सके। कूनो नेशनल पार्क में इस समय कुल 29 चीते हैं, जिनमें से 16 पहले से खुले जंगल में घूम रहे हैं। एनक्लोजर में रखे चीतों में से तीन मादा चीता वीरा और उसके दो 10 महीने के शावकों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। रिलीज का उद्देश्य चीतों को प्राकृतिक वातावरण में ढालना, उन्हें जंगली व्यवहार के अनुकूल बनाना और प्राकृतिक शिकार पर निर्भरता बढ़ाना है। मुख्यमंत्री यादव इस अवसर पर कूनो नेशनल पार्क का 2026 कैलेंडर जारी करेंगे। इसके साथ ही “फ्री-रेंजिंग चीतों के क्लिनिकल मैनेजमेंट के लिए फील्ड मैनुअल” भी लॉन्च किया जाएगा।पार्क में बनी नई सुविनियर शॉप का उद्घाटन भी इसी मौके पर किया जाएगा, जिससे पर्यटकों के अनुभव को और समृद्ध करने के साथ ही संरक्षण जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा। 

सीएम डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा को दिया MP में 4 मेडिकल कॉलेजों के भूमि पूजन का निमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा से की भेंट मध्य प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों के भूमि पूजन का दिया आमंत्रण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जेपी नड्डा से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा से मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर प्रारंभ होने वाले चार मेडिकल कॉलेज के भूमि-पूजन के लिए आमंत्रण दिया। यह कार्यक्रम इस माह प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि मध्यप्रदेश में अन्य क्षेत्रों के साथ स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर जन सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। अभी और चार नए मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन कार्यक्रम प्रस्तावित है। इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आंमत्रण को स्वीकार करते हुए सहमति प्रदान की है। शीघ्र ही तिथि निर्धारित कर 4 नये मेडिकल कॉलेजों का भूमि-पूजन किया जायेगा।  

CM मोहन यादव की समीक्षा बैठक: आंगनवाड़ी भर्ती ऑनलाइन, पारदर्शिता और निगरानी पर जोर

भोपाल  . मध्य प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए 9,948 पदों पर भर्ती के आदेश दिए हैं। यह भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों पर की जाएगी। सीएम ने इसके निर्देश महिला और बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए थे। इस भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कुपोषण को समाप्त करने के लिए तीन साल की कार्ययोजना बनाने का आदेश भी दिया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन पारदर्शी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है और टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त हुई है। स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 20,243 बच्चों को लाभ मिला, झाबुआ के ‘मोटी आई’ नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और PM जनमन भवनों की डिज़ाइन व मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना मिली। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल और 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था लागू की गई है। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना में शहरी आंगनवाड़ियों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन, शाला पूर्व शिक्षा में निवेश, लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार, 9,000 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण और HEW के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियाँ शामिल हैं। सामग्री टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ से अधिक सहायता, लाड़ली बहना योजना के तहत 36,778 करोड़ का अंतरण, महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटरों द्वारा 1.72 लाख महिलाओं को सहायता, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत पौधारोपण, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण, आंगनवाड़ी केंद्रों का बड़े पैमाने पर उन्नयन और सामग्री टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं, जिसमें गड़बड़ी होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सेंट्रल किचन व्यवस्था की जाएगी जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों तक गर्म भोजन पहुंचेगा. यह नई व्यवस्था वर्ष 2026 तक लागू कर दी जाएगी. निपुण भारत के तहत शाला पूर्व शिक्षा में बड़ा निवेश किया जाएगा ताकि 2047 के विजन को पूरा किया जा सके. लाडली बहना योजना का विस्तार किया जाएगा, प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया जाएगा. आगामी तीन वर्षों में आंगनबाड़ी के 9,000 भवन निर्मित किए जाएंगे.     टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम—लाभ पहुँचाने में राष्ट्रीय स्तर पर सराहना     स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ—देश में दूसरा स्थान     झाबुआ के ‘मोटी आई' नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार     PM JANMAN भवनों की डिज़ाइन व मॉनिटरिंग मॉड्यूल की भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना     भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित     डिजिटल पारदर्शिता की मिसाल: 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था     3 वर्ष की भविष्य कार्ययोजना     मध्यप्रदेश में सेंट्रल किचन से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म भोजन—2026 से नई व्यवस्था लागू     2047 विज़न के अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा पर बड़ा निवेश—निपुण भारत आधारित विकास कार्ड से गुणवत्ता सुधार     34 लाख बालिकाओं को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन—लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार     आंगनवाड़ी भवन निर्माण का मेगा प्लान—अगले तीन वर्षों में 9,000 नए भवन     HEW के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियाँ—जेंडर, सुरक्षा व कानूनी सहायता में व्यापक प्रभाव समीक्षा बैठक में बताया गया कि महिला बाल विकास विभाग राज्य और केंद्र सरकार की योजना का लाभ आदि आबादी तक पहुंचा रहा है. 'प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना' में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी गई है. लाडली बहना योजना के तहत जनवरी 2024-नवंबर 2025 में 36,778 करोड़ रुपए का अंतरण किया गया है.     PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को ₹512 करोड़ से अधिक की सहायता     लाड़ली बहना योजना के तहत जनवरी 2024–नवंबर 2025 में ₹36,778 करोड़ का अंतरण     1.72 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता—57 वन स्टॉप सेंटरों द्वारा 52,095 महिलाओं को सुरक्षा      बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण राज्य में स्थापित महिला हेल्पलाइन से 172000 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई, वहीं वन स्टाफ सेंटर से 52000 महिलाओं को सुरक्षा मिली. इसके अतिरिक्त बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, और 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण दिया गया.

डॉ. यादव का बयान—मोदी जी के नेतृत्व में नया भारत आकार ले रहा है

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र बदल रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने जनजातीय हस्तियों और प्रतिभाओं को किया सम्मानित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं तक भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश पहुंचाया। हमारा जनजातीय समाज भी भगवान कृष्ण की मुरली और मयूर पंख के उपयोग के साथ संपूर्ण समाज से जुड़कर समरस भाव से रहता आया है। भारतीय सिनेमा ने भी राष्ट्र भक्ति के विचार को सशक्त बनाना प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में एक सुखद परिवर्तनशील वातावरण को हम देख रहे हैं। राष्ट्र बदल रहा है। कोरोना के कठिन दौर में नागरिकों को जीवन रक्षा के लिए वैक्सीन की व्यवस्था की गई। भारत दुनिया की आर्थिक शक्ति बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक निजी टीवी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 'जनजातीय प्रज्ञा' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चैनल के मैनेजिंग एडीटर मध्यप्रदेश  प्रवीण दुबे और मैनेजिंग एडिटर छत्तीसगढ़  विश्वेश ठाकुर ने बातचीत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यावरण और वन्य प्राणी संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज से जुड़ी प्रदेश के विभिन्न हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इनमें पद्म  अर्जुन धुर्वे डिंडोरी, फुलझरिया बाई, डिंडोरी,  सूर्यभान मरावी बालाघाट, साक्षी भवड़िया अलीराजपुर, प्रियंका अलीराजपुर, रोहित वैशाखी बड़वानी और बसंती देवी अनूपपुर शामिल हैं। प्रमुख बिन्दु     प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं तक भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश पहुंचाया।     जनजातीय समाज भी भगवान कृष्ण की मुरली और मयूर पंख के उपयोग के साथ संपूर्ण समाज से जुड़कर समरस भाव से रहता आया है।     भारतीय सिनेमा ने भी राष्ट्र भक्ति के विचार को सशक्त बनाना प्रारंभ किया है।     प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में एक सुखद परिवर्तनशील वातावरण को हम देख रहे हैं।     राष्ट्र बदल रहा है।     भारत दुनिया की आर्थिक शक्ति बना है।     प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यावरण और वन्य प्राणी संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया।     जनजातीय समाज से जुड़ी प्रदेश के विभिन्न हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: व्यावसायिक शिक्षा के साथ कौशल और कृषि शिक्षा को भी दी जाए प्राथमिकता

व्यावसायिक शिक्षा के साथ कौशल विकास और कृषि शिक्षा भी बने प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की हुई समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र र्में सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। विद्यार्थियों को प्रोत्साहन के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश में विगत 2 वर्षों में ड्रॉप आउट रेट 21.4 प्रतिशत से घटकर मात्र 16.8 प्रतिशत रह गया है। इसे और भी कम करने की दिशा में कार्य किया जाए। प्रोत्साहन योजनाओं का अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ दिलवाया जाए। विगत 2 वर्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुसार हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी द्वितीय परीक्षा आयोजित कर समय सीमा में परिणाम घोषित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति में व्यवसायिक शिक्षा देने की दिशा में प्रयास बढ़ाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को विधानसभा समिति कक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की जानकारी ली और कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि अच्छे परीक्षा परिणाम लाने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को भी प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की जानकारी ली और कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "भवन एक कक्षाएं अनेक" की तर्ज पर एक विद्यालय भवन में शेष खाली समय में महाविद्यालय की कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था प्रारंभ करने पर विचार कर कार्रवाई करने को कहा। बैठक में मुख्य रूप से पाठ्य पुस्तकों के नि:शुल्क प्रदाय, स्कूटी वितरण और साइकिल वितरण योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि बालिका शिक्षा एवं छात्रावास का लाभ विद्यार्थियों को दिया जा रहा है। सेनिटेशन और हाइजिन किट का वितरण 19 लाख बालिकाओं को प्रति बालिका 300 रुपए के मान से डीबीटी द्वारा किया गया है। छात्रावासों में वाशिंग मशीन, रोटी मेकर, मैट्रेस जैसी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान योजना में 210 छात्रावास स्वीकृत हुए हैं। शालाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य भी सुनिश्चित किया गया है। सांदीपनि और पीएम  विद्यालयों का लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है। परीक्षा परीणामों में सुधार के प्रयासों को सफलता मिल रही है। वर्ष 2024-25 के प्रथम परीक्षा परिणामों में कक्षा दसवीं 74 प्रतिशत और कक्षा 12वीं 76 प्रतिशत से अधिक परिणाम मिले हैं। प्रथम और द्वितीय परीक्षा में क्रमश: औसत 87 और 82 प्रतिशत परिणाम रहा है। इसी तरह शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज हुई है। विभागीय समीक्षा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश-     किताबों का वितरण प्रत्येक स्तर तक सुनिश्चित करें।     साइकिल मैन्यूफ़ैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिये योजना बनाई जाये।     नवोदय विद्यालय की तर्ज़ पर सांदीपनि आश्रम विद्यालय बनायें जायें।     व्यवसायिक शिक्षा पर ज़ोर दिया जाये।     विद्यालयों में कृषि की शिक्षा भी दी जाये।     रूचि अनुसार कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाये।     अच्छा परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाये।     विद्यालय पहुँच मार्ग में यदि दिक़्क़त है तो उसे अन्य विभागों से समन्वय कर सुव्यवस्थित किया जाये।     आवश्यकता वाले दूरस्थ क्षेत्रों में निजी निवेश पर निजी विद्यालयों को प्रोत्साहित करने की नीति बनाई जाये।     शिक्षा विभाग के पोर्टल और ऐप पर काम किये जायें, शिक्षकों की परेशानी कम करें।  

मुरैना सोलर सह स्टोरेज अपने तरह की पहली परियोजना होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियां सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुरैना सोलर सह स्टोरेज अपने तरह की पहली परियोजना होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  प्रदेश के सोलर पार्क से भारतीय रेल को मिलती है बिजली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का स्तर काफी अच्छा है। ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा दोनों विभागों को कार्यों का स्तर श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम की ओर ले जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। नवीन और नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, मुख्य सचिव  अनुराग जैन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारम्परिक ऊर्जा उत्पादन के साथ नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश में हो रहे कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया कि अक्टूबर 2024 में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्थापित की गई है। आगर,शाजापुर और नीमच के सोलर पार्क से उत्पन्न बिजली का उपयोग भारतीय रेल्वे द्वारा भी किया जा रहा है। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की इन परियोजनाओं से स्थानीय नागरिकों को रोजगार मिला है और 60 मिलियन टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है। बैठक में जानकारी दी गई कि मुरैना सोलर सह स्टोरेज परियोजना राज्य की पहली स्टोरेज परियोजना होगी, जिससे सालाना 180 करोड़ रुपए की बचत होगी। वर्ष 2027 में परियोजना के कार्य पूरे हो रहे हैं। प्रदेश में किसानों के लिए सोलर पंप योजना, सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना, कुसुम अ योजना पर बैठक में चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि कुल 15 विकासकों को जिलों का आवंटन किया गया है। लगभग 1300 भवनों पर 48 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। प्रदेश के नागरिकों द्वारा भी घरेलू छतों पर बड़ी संख्या में उपकरण स्थापित कर रूफटॉप योजना का लाभ लिया जा रहा है। प्रदेश में 76 हजार से अधिक आवासीय इकाईयां कार्य कर रही हैं। इनकी स्थापित क्षमता लगभग 3 लाख किलोवाट है। प्रधानमंत्री जनमन योजना में 11 जिलों में एक हजार से अधिक घरों में सौर्य संयंत्र बैटरी सहित स्थापित किए जा चुके हैं।      ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का स्तर काफी अच्छा।     ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा दोनों विभागों को कार्यों का स्तर श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम की ओर ले जाना है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारम्परिक ऊर्जा उत्पादन के साथ नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश में हो रहे कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की।     अक्टूबर 2024 में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्थापित।     आगर,शाजापुर और नीमच के सोलर पार्क से उत्पन्न बिजली का उपयोग भारतीय रेल्वे द्वारा भी किया जा रहा।     नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की इन परियोजनाओं से स्थानीय नागरिकों को रोजगार मिला।     60 मिलियन टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।     मुरैना सोलर सह स्टोरेज परियोजना राज्य की पहली स्टोरेज परियोजना होगी, जिससे सालाना 180 करोड़ रुपए की बचत होगी।     वर्ष 2027 में परियोजना के कार्य पूरे हो रहे हैं। प्रदेश में किसानों के लिए सोलर पंप योजना, सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना, कुसुम अ योजना पर बैठक में चर्चा हुई।     सभी 55 जिलों के लिए रूफटॉप सौर योजना में सर्वे कार्य हो रहा है।     प्रदेश में 76 हजार से अधिक आवासीय इकाईयां कार्य कर रही हैं। इनकी स्थापित क्षमता लगभग 3 लाख किलोवाट है।     प्रधानमंत्री जनमन योजना में 11 जिलों में एक हजार से अधिक घरों में सौर्य संयंत्र बैटरी     सहित स्थापित किए जा चुके हैं।  

मध्यप्रदेश सरकार तीन किस्तों में लेगी 3 हजार करोड़ रुपये का कर्ज, कुल कर्ज बढ़कर 49,600 करोड़

भोपाल   मध्यप्रदेश की मोहन सरकार शीतकालीन सत्र के दौरान दूसरा अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार एक बार फिर 3,000 करोड़ का कर्ज नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से लेने जा रही है, जिसका भुगतान बुधवार को किया जाएगा। ये सभी कर्ज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के जरिए लिए जा रहे हैं, और इनका ब्याज हर छह महीने में 3 जून और 3 दिसंबर को चुकाया जाएगा। इस नए कर्ज के साथ चालू वित्तीय वर्ष में राज्य का कुल कर्ज बढ़कर 49,600 करोड़ पहुंच जाएगा। पहला कर्ज 1 हजार करोड़ रुपए का होगा वित्त विभाग के द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया गया। जिसके अनुसार, पहला कर्ज एक हजार करोड़ रुपए का होगा। जिसका भुगतान सरकार के द्वारा आठ साल में किया जाएगा। इसके बाद एक हजार करोड़ का दूसरा कर्ज भी लिया जाएगा। जिसको सरकार 13 साल में चुकाएगी। तीसरे कर्ज की राशि भी 1 हजार करोड़ रुपए होगी। जिसका भुगतान ब्याज के साथ 23 साल में किया जाएगा। इन कर्जों का ब्याज जून और दिसंबर महीने में अदा किया जाएगा। नवंबर में सरकार ने लिया था कर्ज इससे पहले सरकार ने 11 नवंबर को ऑक्शन के बाद सरकार ने 12 नवंबर को 1500-1500 सौ करोड़ के दो कर्ज और 1 हजार करोड़ का दूसरा कर्ज लिया था। जो कि 16 साल, 22 साल और 19 साल के लिए हैं। इनके ब्याज का भुगतान सरकार को 6-6 महीने की अवधि में करना होगा। ऐसे ही 28 अक्टूबर को 5200 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। उसमें पहली राशि 2700 करोड़ की थी, जो कि 21 साल के लिए ली गई थी। वहीं, दूसरी राशि 2500 करोड़ की, जो 22 साल के लिए ली गई थी। कर्ज लेने की लिमिट बरकरार सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है, जो भी कर्ज लिया जा रहा है वह लोन की लिमिट के भीतर है। ऐसे ही 30 सितंबर को 1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए थे। जिसका भुगतान एक अक्टूबर को हुआ था। ये कर्ज 20 साल और 23 साल के अवधि के लिए हैं। इसका भुगतान एक अक्टूबर हो हुआ था।