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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव निवार्चित उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ नेता श्री सी.पी. राधाकृष्णन को देश के 15वें उप राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने पर बधाई दी है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री राधा कृष्णन का जीवन जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है। निश्चित ही वे उप राष्ट्रपति पद की गरिमा को बढ़ाने का कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में राष्ट्र प्रगति की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। नवनिर्वाचित उप राष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन का मार्गदर्शन भी हमारे राष्ट्र को प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री राधाकृष्णन को मध्यप्रदेश की समस्त 9 करोड़ जनता की ओर से बधाई और अनंत शुभकामनाएं दी हैं।

नए वाहनों पर बड़ी राहत: सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट से मोटरयान कर में 50% छूट

नए वाहनों पर "सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉजिट" से मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की छूट दिये जाने का निर्णय मध्यप्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश-2025 की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार कोमंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रेपिंग सुविधा में स्क्रेपिंग को बढ़ावा देने के लिए बीएस-I और पूर्ववती तथा बीएस-॥ व्यापक उत्सर्जन मानक मानदंडों वाले वाहनों को जारी "सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉजिट" के विरुद्ध पंजीकृत किये जाने वाले नए गैर परिवहन यानों तथा नए परिवहन वाहनों पर 50 प्रतिशत की मोटरयान कर में छूट प्रदान किये जाने की स्वीकृति शर्तों के अधीन प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार समस्त यान जो व्यापक उत्सर्जन मानक भारत चरण 1 (बीएस-1) मानक और पूर्ववती व्यापक उत्सर्जन मानक मानदंडों अनुसार विनिर्मित किये गए है तथा मध्यम मालयान/भारी मालयान/ मध्यम यात्री मोटरयान/भारी पात्री मोटरयान जो व्यापक उत्सर्जन मानक भारत चरण 2 (बीएस-।।) मानदंडों के अनुसार विनिर्मित किये गए हैं, को इसके तहत छूट प्रदान की गयी हैं। प्रदेश में वर्ष 2024-25 में 1563 नए वाहन पंजीकरण पर लगभग 17 करोड़ 5 लाख रूपये की छूट प्रदान की गई है। वर्तमान में BS-1 एवं BS-II श्रेणी के लगभग 99 हजार मोटरयान ऑनरोड है। इनको मोटरयान कर में 50% छूट दिए जाने पर 100 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आएगा। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रेपिंग सुविधा में स्क्रेपिंग को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश को 200 करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्राप्त होगी। भारत में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भारत स्टेज (बीएस-1) उत्सर्जन मानदण्डों को सबसे पहले अप्रैल 2000 में लाया गया था। स्वीकृति अनुसार जिस व्यक्ति के नाम से तत्समय "Certificate of Deposih धारित होगा उसी व्यक्ति के नाम पर नया वाहन क्रय किये जाने पर मोटर यान कर में छूट प्रदान की जाएगी। वाहन स्वामी दवारा नया वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन और लाभ प्राप्त करने के लिए, "Certificate of Deposit एक आवश्यक और पर्याप्त दस्तावेज होगा, इस प्रमाण-पत्र की वैधता जारी होने की तिथि से 3 वर्ष होगी। "सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉज़िट" इलेक्ट्रॉनिक रूप से विनिमय योग्य होगा। प्रत्येक नए मालिक को "Certificate of Deposit" का हस्तांतरण फॉर्म 2 डी के अनुसार ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। "Certificate of Deposit" का एक बार उपयोग हो जाने पर, उस क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय या डीलर दवारा उसे वाहन डेटाबेस में "रद्द" के रूप में चिह्नित कर दिया जाएगा, जिसके द्वारा उक्त प्रमाण-पत्र के धारक को लाभ प्रदान किया गया है। मोटरयान कर में छूट तभी प्रदान की जाएगी, जब नया वाहन मध्यप्रदेश राज्य में पंजीकृत किसी आर.वी.एस.एफ द्वारा ही जारी "Cerificate of Deposit के विरुद्ध पंजीकृत किया जाये। यदि "Certificate of Deposit" मध्यप्रदेश राज्य के अलावा किसी अन्य राज्य में स्थित आर.वी.एस.एफ. दवारा जारी किया गया हो तो मोटरयान कर में छूट प्रदान नहीं की जाएगी। जिस श्रेणी का वाहन स्क्रैप किया गया है उसी श्रेणी का नया वाहन क्रय करने पर मोटर यान कर में छूट प्रदान की जाएगी। जीवनकाल कर जमा किये जाने की स्थिति में गैर-परिवहन/परिवहन यानों पर 50% मोटरयान कर में एकमुश्त छूट प्रदान की जाएगी। जिन वाहनों पर मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक आधार पर कर उद्ग्रहित किया जाता है, उन्हें मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक कर में 8 वर्ष तक 50% की छूट प्रदान की जाएगी। मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग द्वारा 8 सितंबर 2022 को जारी अधिसूचना के अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली मोटरयान कर की छूट उन वाहनों पर लागू नहीं होगी, जिन्हें इस अधिसूचना के अंतर्गत मोटर यान कर छूट प्रदान की गई है। मध्यप्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की नगर पालिका परिषद नगर परिषदों के अध्यक्ष पद का निर्वाचन आगामी आम-निर्वाचन में प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराये जाने के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों के अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा वर्ष 1999 से 2014 तक लगातार किया जाता रहा है। कोविड महामारी के आ जाने से वर्ष 2019 में निर्वाचन नहीं हो सके। इसके बाद वर्ष 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रणाली से किया गया। वर्ष 2027 के नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाना है। उपरोक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की संबंधित धाराओं में संशोधन के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।  

प्रधानमंत्री मोदी करेंगे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का उद्घाटन- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीएसटी सुधार, आम आदमी को सुविधा और समृद्धि देने वाला उपहार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी करेंगे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का उद्घाटन- मुख्यमंत्री डॉ. यादव दशहरे के बाद भोपाल में होगी दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छता ही सेवा की थीम पर मनाया जाएगा सेवा पखवाड़ा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया मंत्रीगण को संबोधित स्वदेशी से समृद्धि के संकल्प के साथ मनेगी दीपावली भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नये जनरेशन का जीएसटी रिफॉर्म लाकर जो सुधार किया है, वह आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं के जीवन को स्वावलंबी बनायेगा। यह आम आदमी के जीवन को सुविधा देने वाला उपहार है। अब की बार पूरा देश स्वदेशी से समृद्धि के संकल्प के साथ दीपावली मनाएगा। स्वदेशी से स्वावलंबन के दीप घर-घर जलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से कहा कि हम सब को जीएसटी सुधारों की जानकारी जन-जन तक पहुँचानी चाहिए। संचार के सभी माध्यमों से इसका प्रचार-प्रसार किया जाये। स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार की थीम पर होगा कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को धार जिले के बदनावर में पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार, स्वदेशी, एक पेड़ मां के नाम, एक बगिया मां के नाम, पीएम-जनमन योजना, धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान और मिशन कर्मयोगी की थीम पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अस्वच्छ क्षेत्रों का चिह्नांकन कर उन्हें स्वच्छ बनाने के लिए होंगी गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा की थीम पर सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। स्वच्छोत्सव की थीम पर शहरी और ग्रामीण इलाकों में अस्वच्छ क्षेत्रों का चिह्नांकन कर उन्हें स्वच्छ बनाने के लिए गतिविधियां होंगी। पखवाड़े के अंतर्गत सफाई मित्र सुरक्षा शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन गतिविधियों में स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों को भी सहभागी बनाया जाए। मंत्रीगण प्रशासनिक, अधिकारी और राजनीतिक पदाधिकारी का सहयोग लेते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता- सेवा गतिविधियों का अधिक से अधिक विस्तार करें। आगामी वर्षों की कार्य योजना और विजन डॉक्यूमेंट पर होगी चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे के बाद भोपाल में दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर, एसपी, कमिश्नर, आईजी और पुलिस कमिश्नर भाग लेंगे। कॉन्फ्रेंस में आगामी वर्षों की कार्ययोजना और विजन डॉक्यूमेंट पर भी चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को इससे पहले अपने-अपने विभागों की विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश दिए।  

सरकार का कर्ज 4.53 लाख करोड़ पार, आज फिर 4 हजार करोड़ उधार लेगी मोहन सरकार

भोपाल  मोहन सरकार आज एक बार फिर 4,000 करोड़ रुपए का कर्ज उठाने जा रही है। यह कर्ज तीन हिस्सों में लिया जाएगा, जिसमें 1,500-1,500 करोड़ रुपए के दो और 1,000 करोड़ रुपए का एक लोन शामिल है। इससे पहले सरकार ने 26 अगस्त को भी 4,800 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से उठाया।  सरकार इस धनराशि का उपयोग लाड़ली बहना योजना की किस्त, सितंबर में मनाए जाने वाले सेवा पर्व और अलग-अलग बड़ी परियोजनाओं के भुगतान में करेगी। कुल कर्ज पहुंचा ₹4.53 लाख करोड़ के पार चालू वित्त वर्ष में मोहन सरकार अब तक मई, जून, जुलाई, अगस्त में कई बार कर्ज ले चुकी है। आज के ऋण के बाद चालू वित्त वर्ष में अब तक उठाया गया कुल कर्ज 31,900 करोड़ रुपए हो जाएगा। इसके साथ ही राज्य पर कुल बकाया कर्ज की राशि बढ़कर ₹4,53,640.27 करोड़ हो जाएगी। 31 मार्च 2025 तक की स्थिति में सरकार पर कुल कर्ज ₹4,21,740.27 करोड़ था। सरकार ने दिया राजस्व सरप्लस का हवाला सरकार का कहना है कि वह कर्ज लोन लिमिट के भीतर ही ले रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार ₹12,487.78 करोड़ के राजस्व अधिशेष (सरप्लस) में थी। उस साल सरकार की कुल आमदनी ₹2,34,026.05 करोड़ और खर्च ₹2,21,538.27 करोड़ था। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए संशोधित अनुमान के अनुसार, प्रदेश की आमदनी ₹2,62,009.01 करोड़ और खर्च ₹2,60,983.10 करोड़ रहने की संभावना है। इस प्रकार ₹1,025.91 करोड़ का अनुमानित राजस्व अधिशेष है।

2 अक्टूबर तक मनाया जाएगा सेवा पर्व, CM डॉ. यादव ने कहा- जनता की सेवा ही सच्चा धर्म

नागरिकों की सेवा ही हमारा धर्म, 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक मनाया जाएगा सेवा पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी करेंगे सेवा पखवाड़ा अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की तैयारियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में आगामी 17 सितम्बर से सेवा पर्व मनाया जाएगा। सेवा पर्व का समापन 2 अक्टूबर गांधी जयंती को होगा। इस दौरान प्रदेश में नागरिक सेवाओं और सुविधाओं की बेहतरी और इन्हें सहज रूप से नागरिकों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सरकार जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को सेवा पर्व के रूप में मनाकर नागरिकों तक सेवाओं के सुगम प्रदाय की व्यवस्था करेगी। इस दौरान जिलों में भी सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पर्व के दौरान सरकार सुशासन का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के लिए शासकीय सेवाओं की रिस्पॉन्सिबल डिलेवरी सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अभियान में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक, राजनैतिक एवं धार्मिक संगठन सभी अपनी भागीदारी करेंगे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स से कहा कि वे आपसी तालमेल से सेवा पर्व का आयोजन करें और समाज के सभी वर्गों की बेहतरी के लिए जनसामान्य को भी इस अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि इस अभियान की थीम 'स्वच्छोत्सव' है। अभियान का केन्द्रीय विषय 'स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा' है, इसलिए पूरे अभियान के दौरान रक्तदान शिविर लगाने सहित स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में 17 सितम्बर से प्रदेश में शुरू होने वाले सेवा पखवाड़ा अभियान (सेवा पर्व) के संदर्भ में की जा रही तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जनता से जुड़े 7 प्रमुख विभागों की महती जिम्मेदारी है। स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े को जन-जन का अभियान बनाने के लिए सभी तैयारियां करें। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण अभियान के दौरान वे स्वयं जिलों के भ्रमण में रहेंगे और हेलीकॉप्टर से किसी भी जिले में औचक रूप से उतरकर वहां हो रहे सेवा पर्व कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों की सेवा ही हमारा मूल धर्म है। प्रदेश में सुशासन हमारा संकल्प है। इस दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 17 सितम्बर से हम अपने इस संकल्प को पर्व के रूप में मनाएंगे। सेवा पर्व को जन-जन का अभियान मनाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी नागरिकों को उनकी जरूरत के अनुसार सेवाओं और सुविधाओं का त्वरित प्रदाय ही सेवा पर्व का परम लक्ष्य है। दो अक्टूबर (गांधी जयंती) को इस पर्व का समापन समारोहपूर्वक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पर्व के दौरान 17 से 24 सितम्बर तक रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। इसी दौरान स्वास्थ्य शिविर भी लगेंगे। एक पेड़ मां के नाम एवं मां की बगिया के तहत पौधरोपण भी किया जाएगा। पर्व के दौरान नए नमो पार्क, नमो बाग, नमो वन, नमो उपवन बनाए जाएंगे। 27 सितम्बर को नमो मैराथन आयोजित की जाएगी। पर्व के दौरान विकास मेले एवं प्रदर्शनी के अलावा विद्यार्थियों की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। उन्होंने कहा‍कि सेवा पखवाड़ा आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को सुशासन का लाभ दिलाना है। इस दौरान रोजगार आधारित कामों का प्रचार-प्रसार किया जाए और समाज के सभी वर्गों के लोगों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रोत्साहित भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व के दौरान ही 22 सितम्बर को नवरात्रि पर्व और 02 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा। इसलिए इन पर्वों के दौरान भी सेवा पखवाड़ा अभियान में जनसहभागिता बढ़ाने पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान किसानों के हित में सरकार द्वारा की जा रही गतिविधियों के बारे में भी बताया जाए। किसानों को खाद वितरण, आपदा राहत वितरण की जानकारी दी जाए। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा ने बताया कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक पूरे देश में आदि कर्मयोगी अभियान चलाया जायेगा। साथ ही आदि सेवा पर्व भी मनाया जाएगा। आदि सेवा पर्व के दौरान सभी जनजातीय बहुल गांव के लोग अपनी-अपनी ग्राम पंचायत में गांव के विकास के बारे में चर्चा-परिचर्चा करेंगे। गांव की विकास योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जनजातीय बहुल ग्राम पंचायतों में आदि सेवा केन्द्र बनाए जाएंगे। इन सेवा केन्द्रों को जनसमस्या/जनशिकायत निवारण केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। दो अक्टूबर को ग्राम सभा की बैठक आयोजित कर विकास योजना का अनुमोदन किया जाएगा। बैठक में उपस्थित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संपूर्ण सेवा पखवाड़ा अभियान के दौरान उनके विभाग द्वारा की जाने वाली गतिविधियों एवं सेवा कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

इलेक्ट्रिक वाहन संवर्धन बोर्ड का होगा गठन- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

विश्व ईवी दिवस 9 सितम्बर मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने वाला देश का पहला राज्य-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इलेक्ट्रिक वाहन संवर्धन बोर्ड का होगा गठन- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ईवी मैन्यूफैक्चरिंग हब बनने की क्षमता है मध्यप्रदेश में- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन परिवहन के भविष्य का प्रतिनिधित्व करने के लिये तैयार हो रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। जलवायु परविर्तन से लड़ने के वैश्विक जनादेश और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण लक्ष्यों को हासिल करना मध्यप्रदेश की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व ईवी दिवस पर लोगों से कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है। इलेक्ट्रिक वाहन जनसहयोग से कार्बन उत्सर्जन को कम करने में तेजी लाने के लिए सबसे प्रभावी समाधान हैं। मध्यप्रदेश में जल्दी ही इलेक्ट्रिक वाहन संवर्धन बोर्ड का गठन किया जायेगा। यह अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने और विभिन्न मुददों का समाधान निकालने के लिए जिम्मेदार होगा। मध्यप्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में आदर्श राज्य बनाने और इस क्षेत्र में उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित करने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश की इलेक्ट्रिक वाहन नीति में रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिये वित्तीय प्रोत्साहन दिया जायेगा। चार्जिंग और स्वैपिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर लगाने में तेजी लाने के प्रयासों को भी प्रोत्साहन दिया जायेगा। ईवी और ईवी संबंधित पाठयक्रम होंगे शुरू प्रदेश में ईवी उदयोग के लिए आवश्यक कौशल के साथ कार्यबल तैयार करने के लिए नीति में इंजीनयिरिंग कालेजों और आईटीआई में ईवी और ईवी संबंधित पाठयक्रम भी शुरू किये जायेंगे। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के रूप में स्थापित किया जायेगा। मध्यप्रदेश का लक्ष्य है कि 2070 तक भारत को अपने शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग करे और स्वयं को कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने वाले राज्यों में पहला स्थान हासिल करे। प्रदेश में वायु गुणवत्ता  के सुधार एवं पेट्रोल, डीजल वाहनों पर निर्भरता को कम करने तथा इलेक्ट्रिक चार्जिंग अधोसंरचना के निर्माण के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा मध्य्प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीरकल नीति-2025 का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत वर्ष 2030 तक प्रदेश में कुल पंजीकृत 02 पहिया, 03 पहिया, चार पहिया वाहन एवं बस के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकृत के लिए क्रमश: 40%, 80%, 15% एवं 40% का लक्ष्य रखा गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टे्शन जैसे:- स्माल, मीडियम और लार्ज चार्जिंग स्टेशन के लिए 10 लाख रूपये तक, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के लिए 2 करोड़ रूपये, बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिये 5 लाख रूपये तक और 02 पहिया, 03 पहिया एवं कार के लिए रेट्रोफिटिंग अंतर्गत 25 हजार रूपये तक के वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थांन भोपाल द्वारा 9 सितंबर को विश्व ईवी दिवस पर लोगों में जागरूकता लाने ईवी कार्यशाला विद्युत 25 और इलेक्ट्रि‍क आटो एक्सपो का आयोजन मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में किया जा रहा है। ईवी उद्योग के विकास को बढ़ावा देने में मध्यप्रदेश अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। ईवी सेगमेंट को बढ़ता देख आम लोगों में उत्साह है कि भविष्य में मध्यप्रदेश ईवी मैन्यूफैक्चरिंग हब बनेगा। मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण का केंद्र बनने की क्षमता है। यहां सभी प्रकार की सहयोगी अधोसंरचनाएं मौजूद हैं। निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर की मौजूदगी जरूरी है, जिसमें बैटरी निर्माण सुविधाएं, असेंबली प्लांट और सप्लाई चैन नेटवर्क शामिल हैं। मध्यप्रदेश में इसकी भरपूर सभावनाएं हैं। भारत में लिथियम खनन का काफी विकास हुआ है। देश के भीतर लिथियम की उपलब्धता से मौजूदा हालात पूरी तरह बदल सकते हैं। यह इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी का सबसे महत्वपूर्ण घटक है। भारत में हाल ही में खोजे गए लिथियम के भंडार से आयात पर निर्भरता में कमी आने के साथ-साथ पूरे ईवी सप्लाई चैन को मजबूती मिलने की संभावना है। इसका सबसे बड़ा लाभ मध्यप्रदेश को होगा। ईवी का उपयोग न केवल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और उपयोग  की लागत को कम करता है बल्कि वितरण दक्षता भी बेहतर बनाता है। प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण के लिए ईवी को अपनाना प्रासंगिक है। मध्यप्रदेश में इसके रूझान दिख रहे हैं। समुदायों और ग्राहकों में जागरूकता बढ़ रही है। भारत दुनिया में दो पहिये वाले वाहनों का सबसे बड़ा निर्माता हैं। विद्युत वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ़्टवेयर का मिश्रण है और मध्यप्रदेश का इन दोनों में अच्छा प्रदर्शन है। मध्यप्रदेश में प्रतिभा, अच्छा वातावरण और सरकार के समर्थन से इलेक्ट्रिक वाहन हब बनने को तैयार हो रहा है।  

श्रमिक परिवारों के लिए खुशखबरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरित करेंगे 175 करोड़ की आर्थिक मदद

CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान: श्रमिक परिवारों को मिलेंगे 175 करोड़ रुपये, सीधे खातों में जाएगी सहायता राशि श्रमिक परिवारों के लिए खुशखबरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरित करेंगे 175 करोड़ की आर्थिक मदद अनुग्रह सहायता के 7953 प्रकरणों में लाभान्वित होंगे हितग्राही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 सितम्बर को मंत्रालय भोपाल में संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 7953 प्रकरणों में 175 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी उपस्थित रहेंगे। संबल योजना के अंतर्गत प्रारम्भ से अब तक 7 लाख 60 हजार 866 प्रकरणों में 7046 करोड़ रूपये से अधिक के हितलाभ वितरित किये जा चुके है। संबल योजना, प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। अनुग्रह सहायता के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रूपये और अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये, श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा का सम्पूंर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स का पंजीयन प्रारंभ भारत सरकार के नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबंल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के सभी लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनाएँ भी संचालित की जाती हैं। इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है। अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक नि:शुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ से अब तक 1 करोड़ 77 लाख से अधिक श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया गया है, पंजीयन प्रक्रिया निरंतर जारी है।  

उज्जैन और जबलपुर में जू कम रेस्क्यू सेंटर के निर्माण में लाएं गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पर्यावरण की स्वच्छता के लिए समाज और सरकार करें साझा प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन और जबलपुर में जू कम रेस्क्यू सेंटर के निर्माण में लाएं गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छ पर्यावरण से ही स्वस्थ और समृद्ध बनेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में बॉयो डायवर्सिटी पार्क की स्थापना की तैयारी मुख्यमंत्री ने की पर्यावरण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पर्यावरण की शुचिता बनाये रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण से ही प्रदेश के हर नागरिक का जीवन स्वस्थ और समृद्ध बनेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी विभाग आपसी सामंजस्य और सहयोग के साथ कारगर कदम उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल एवं वायु की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इन दो विशेष घटकों की शुद्धता पर ही संपूर्ण पर्यावरण की स्वच्छता निर्भर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में पर्यावरण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और जबलपुर में जू कम रेस्क्यू सेंटर की स्थापना होनी है। इस कार्य में गति लाएं और जल्द से जल्द इस कार्य को अंजाम दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण की शुद्धता से ही हम सबका जीवन सुरक्षित रह सकता है और यह संदेश समाज तक भी पूरी जिम्मेदारी से पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की बेहतरी केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज को भी आगे आना होगा। समाज और सरकार के साझा प्रयास ही पर्यावरण को स्वच्छ और संरक्षित बनाए रख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े तालाब में डल झील की तरह शिकारे चलाने की कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन एक वृहद विषय है। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य आधारित कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन एवं ग्वालियर के अलावा जबलपुर, रीवा, सागर एवं खजुराहो में भी हीट कंट्रोल के लिए एक्शन प्लान बनाकर उसे क्रियान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री ने हर्ष जताते हुए कहा कि प्रदेश में अमरकंटक, पचमढ़ी और पन्ना पहले से ही यूनेस्को बायोस्फियर रिजर्व घोषित हैं। इसके अलावा अब कान्हा, पेंच एवं बांधवगढ़ को भी यूनेस्को बायोस्फियर रिजर्व घोषित कराने के लिए समुचित कार्यवाही की जाए। अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण अशोक वर्णवाल ने भोपाल के शाहपुरा क्षेत्र में करीब 100 हेक्टेयर क्षेत्र में स्टेट ऑफ द आर्ट के सहयोग से बॉयो डायवर्सिटी पार्क की स्थापना करने की विभागीय योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह संभवत: देश का पहला बॉयो डायवर्सिटी पार्क होगा। यह अहम जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे देश का मॉडल बॉयो डायवर्सिटी पार्क बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोपाल शहर को जैव विविधता के संरक्षण के मामले में एक नई पहचान देने वाले इस नवाचार के लिए सभी कार्यवाहियां तेजी से पूरी की जाएं। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण वर्णवाल ने बताया कि बड़े तालाब में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही मानसून अवधि के बाद की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रदूषण फैलाने वाले अर्थात् लाल श्रेणी के उद्योगों की संख्या घट गई है, इससे पर्यावरण और बेहतर हुआ है। उन्होंने बताया कि नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत प्रदेश के पहले से शामिल 7 शहरों के अलावा 3 नए शहरों मंडीदीप, सिंगरौली और पीथमपुर को भी इस प्रोग्राम में शामिल करने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी में भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने बताया कि पिछले छह माह में विभाग द्वारा यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट का सुरक्षित रूप से भस्मीकरण कराया गया। रियल टाइम क्रॉप बर्निंग मॉनीटरिंग के लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित कर इसका डाटा पब्लिक पोर्टल पर प्रसारित किया गया। प्रदेश के सभी जिलों के लिए राज्य पर्यावरण योजना एवं जिला पर्यावरण योजना का अपडेट पोर्टल उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रदूषणकारी उद्योगों एवं संक्रामक कचरे (बॉयो मेडिकल वेस्ट) के समुचित निपटान के लिए हर माह एक सप्ताह में विशेष अभियान चलाया जाएगा, गड़बड़ी मिलने पर संबंधितों पर कार्यवाही भी की जाएगी। अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण वर्णवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण के अंतर्गत जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से प्रदेश की 5 रामसर साइट क्रमश: भोज वेटलैण्ड भोपाल, सिरपुर, यशवंत सागर इंदौर, तवा जलाशय नर्मदापुरम एवं साख्य सागर शिवपुरी में उपलब्ध सभी जैव विविधताओं का सर्वे कर विधिवत दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हरित मध्यप्रदेश मिशन के तहत विभाग अगले तीन माह में एक मिशन डाक्यूमेंट तैयार कर शासन को प्रस्तुत करेगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मिशन में पर्यावरण विभाग के साथ-साथ वन एवं कृषि विभाग को भी जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहाकि प्रदेश में करीब 247 नदियां हैं, इन सभी नदियों का भी दस्तावेजीकरण कराया जाए। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति हमारे लिए प्रेरणा भी है और आनंद भी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को धार जिले के भैसोला गांव में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का करेंगे शिलान्यास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति हमारे लिए प्रेरणा भी है और आनंद भी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री का धार प्रवास प्रदेश के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ भी करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री के आगमन एवं भैसोला में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा बैठक की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को मध्यप्रदेश आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी धार जिले की बदनावर तहसील के ग्राम भैसोला में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ, सेवा पखवाड़ा तथा यहां देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से प्रदेश के जनजातीय बहुल मालवा अंचल में किसानों को एक बहुत बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश का धार, झाबुआ, उज्जैन और निवाड़ का खरगोन, बड़वानी सबसे बड़ा कपास उत्पादक क्षेत्र है। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश में कॉटन आधारित बड़े इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना होने जा रही है, यह देशभर में मंजूर 7 पीएम मित्रा पार्क में से पहला पार्क है जिसका भूमि-पूजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष, कुल मिलाकर 3 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने वाला गौरवशाली क्षण होगा। हम सब प्रदेशवासी मिलकर प्रधानमंत्री मोदी के आत्मीय एवं भव्य स्वागत के लिए तैयारी करें। यह दौरा प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की देश के पहले पीएम मित्रा पार्क के भूमिपूजन अवसर पर मध्यप्रदेश में उपस्थिति हम सबके प्रेरणा भी और आनंद का अवसर भी है, उनकी उपस्थिति में हमें उत्साह देती है। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार पीएम मित्रा पार्क को देश का मॉडल पार्क बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 17 सितंबर को ग्राम भैसोला, बदनावर जिला धार में आगमन सहित वहां आयोजित अन्य कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री स्वस्थ नगरी, सशक्त परिवार अभियान का करेंगे शुभारंभ बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितम्बर को 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान का शुभारंभ 'सुमन सखी' चैटबॉट को लांच करेंगे। पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी "एक बगिया मां के नाम" अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण, एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे। कार्यक्रम में लाड़ली बहनें, स्व-सहायता समूह के सदस्य, स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन योजना के हितग्राही सहित टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्षेत्र के प्रमुख उद्यमी, युवा उद्यमी, महिला उद्यमी एवं हितग्राही उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को कार्यक्रम की रूपरेखा की विस्तार से जानकारी देकर कहा कि सभी अधिकारी आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दें। आयोजन स्थल पर कैम्प करें और वहीं से आपसी समन्वय एवं सहयोग से व्यवस्थाओं को अंजाम दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिले आवश्यक तैयारी कर लें। महिला प्रतिभागियों को आयोजन स्थल तक पहुंचने में कोई कठिनाई न होने पाए। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कार्यक्रम की समन्वित तैयारियों की सिलसिलेवार जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए 11 विभाग अपनी गतिविधियां प्रारंभ कर चुके हैं। कार्यक्रम स्थल का लेआउट सहित मीडिया प्लान भी तैयार कर लिया गया है। बैठक में कलेक्टर धार ने पीपीटी प्रेजेन्टेशन के जरिए अब तक की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल ग्राम भैसोला तक पक्की एप्रोच रोड तैयार की जा रही है। चारों दिशाओं से प्रतिभागियों का आगमन होगा, इसलिए परिवहन व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव उपस्थित थे।

अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये करें बेहतर प्रबंधन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सुशासन का मिले सबको लाभ, यही हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये करें बेहतर प्रबंधन अपनी दक्षता और क्षमता से नागरिकों को दिलायें सुशासन और योजनाओं का लाभ समाधान ऑनलाइन में नागरिक सेवाओं में लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध हुई कड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाइन में की 12 जिलों के आवेदकों की सुनवाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के हर नागरिक और जरूरतमंद को सुशासन का सीधा लाभ मिले, यही सरकार का मूल लक्ष्य है। इसलिए प्रदेश के हर नागरिक को सुशासन का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। हरसंभव तरीके से अपनी दक्षता और क्षमता बढ़ायें। जिले में लंबित प्रकरणों पर पैनी नजर रखें। योजनाओं का समय-सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित हों, इसके लिए बेहतर से बेहतर प्रबंधन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय से समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में आए प्रदेश के 12 जिलों के विभिन्न श्रेणी के प्रकरणों की सीधी सुनवाई की और आवेदकों से रू-ब-रू बात कर उनके मामले के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिक सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स सरकार की योजनाओं के डिलेवरी सिस्टम की बेहतरी और मजबूती के लिये सतत् प्रयास करें। नागरिकों के काम समय पर हों और उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिये यहां-वहां भटकना न पड़े, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि आवेदकों की समस्याएं रूटीन कोर्स में जिला स्तर पर ही निराकृत हो जाएं, आवेदकों को सीएम हेल्पलाईन में शिकायत करने की स्थिति ही नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीएम हेल्पलाईन में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का तय समय-सीमा में ही निराकरण किया जाये। यदि कोई मसला समाधान ऑनलाईन तक आ रहा है, तो यह गंभीर विषय है। सुशासन के तहत स्थानीय स्तर पर ही आवेदकों को उनकी समस्या का निदान मिल जाये, यह सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में नागरिकों को बेहतर प्रशासन एवं व्यवस्थाओं को जनहितैषी (कस्टमर फ्रेंडली) बनाकर उनका विश्वास हासिल करें। समाधान ऑनलाईन में आये ये मामले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में बालाघाट, उमरिया, देवास, भिण्ड, पन्ना, शहडोल, मऊगंज, कटनी, पांढुर्णा, टीकमगढ़, रायसेन एवं दमोह जिले के 12 प्रकरणों में सीधी सुनवाई की। बालाघाट के डीएफओ को एससीएन बालाघाट जिले के आवेदक झुन्ना लाल पनकू ने वन विभाग द्वारा उसे बांस कटाई की मजदूरी की राशि पांच साल से न दिए जाने की शिकायत की गयी थी। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पांच साल बहुत लंबा अरसा होता है, दोषियों पर कार्यवाही होनी चाहिए। इस पर अपर मुख्य सचिव सचिव वन अशोक वर्णवाल ने बताया कि आवेदक को उसकी मजदूरी की राशि दे दी गई है और देरी के लिए जिम्मेदार संबंधित वन मंडलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस देकर अन्य पर भी कार्यवाही की गई है। लंबित स्वत्वों का हुआ भुगतान उमरिया जिले के में एक सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी स्व. धीरज प्रसाद कोल के पुत्र ने शिकायत की कि उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है। स्व. कोल जनजातीय कार्य विभाग में पदस्थ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से जवाब मांगा तो आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारी का पीपीओ संबंधित बैंक से गुम हो जाने के लिए कारण विलंब हुआ। अब सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी के परिजन को पेंशन के साथ लंबित स्वत्वों का भुगतान कर दिया गया है। तत्कालीन सिविल सर्जन एवं वर्तमान सीएमएचओ देवास की रोकी वेतनवृद्धि देवास जिले की आवेदिका श्रीमती प्रियंका पत्नी हिमांशु दीक्षित ने कहा कि उसे प्रसूति सहायता के 12 हजार रुपए नहीं मिले, तो उसने सीएम हेल्पलाईन में शिकायत की थी। अब उसे राशि मिल गई है। कलेक्टर देवास ने जानकारी दी कि प्रसूति सहायता की राशि आवेदिका को उपलब्ध करा दी गई है। इस मामले में विलम्ब के लिए जिम्मेदार आउटसोर्स कम्प्यूटर ऑपरेटर और तत्कालीन संविदा लेखापाल की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और बहुउद्देशीय कार्यकर्ता को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही जिला चिकित्सालय के सहायक अस्पताल प्रबंधक की दो वेतनवृद्धियां रोकी गई हैं। वर्तमान संविदा लेखापाल को शोकॉज नोटिस जारी कर 10 दिन का वेटन काटा गया है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक को भी शोकॉज नोटिस देकर 7 दिन का वेतन काटा गया है। तत्कालीन सिविल सर्जन-सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक एवं वर्तमान सीएमएचओ देवास की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है। 4 पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भिण्ड जिले के आवेदक रामरतन ने उसकी खसरा ऑनलाईन अपडेट नहीं किए जाने की शिकायत की थी। बताया गया कि इस मामले में देरी के लिए जिम्मेदार तत्समय से अब तक के 4 पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है और तत्समय से अब तक के 4 तहसीलदारों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रस्ताव भेजा गया है। पन्ना जिले के आवेदक अनिल लाटोलिया ने उसे प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत की थी। समाधान में आने के बाद अब उसे यह राशि मिल गई है। शहडोल जिले के आवेदक छात्र शिवम पनिका ने उसे छात्रवृत्ति न मिलने की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र से बात की अब उसे छात्रवृत्ति की राशि मिल गई है। मऊगंज जिले के आवेदिका सुराजकुमारी ने उसके गांव में नल-जल योजना का ग्राम पंचायत को हस्तांतरण न होने के कारण उन्हें पेयजल आपूर्ति में हो रही परेशानी की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव पीएचई से जवाब मांगा। प्रमुख सचिव ने बताया कि आवेदिका के गांव में केवल 42 घर हैं। पीएचई के मैकेनिकल विंग द्वारा मामले का समाधान कर दिया गया है। शिकायत हल हो गई है। कटनी जिले के आवेदक जावेद अफ्तार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मकान न मिलने की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आवेदक से चर्चा कर समस्या की जानकारी ली। अपर मुख्य सचिव नगरीयविकास ने बताया कि आवेदक को 26 अगस्त को ही उसके द्वारा चाहा गया मकान नंबर – 45 दे दिया गया है। पांर्ढुणा जिले … Read more