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किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों का हित सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को हर हाल में मिलेगी 10 घंटे निर्बाध बिजली  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरस्त किया विवादित सर्क्यूलर हटाए गए संबंधित चीफ इंजीनियर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अन्नदाता (किसानों) का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। किसानों के कल्याण के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। किसानों को हर हाल में 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाएगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को जारी संदेश में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस सर्क्यूलर को लेकर जनसामान्य में गलतफहमी पैदा हुई है, उस विवादित सर्क्यूलर को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही विवादित सर्क्यूलर मामले से जुड़े संबंधित चीफ इंजीनियर को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में संवेदनशील और किसान हितैषी सरकार काबिज है। किसानों के समग्र उत्थान के लिए हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिजली आपूर्ति से संबंधित विवादित सर्क्यूलर को रद्द कर दिया गया है और इसे जारी करने वाले संबंधित अधिकारी पर भी विधि अनुरूप कार्रवाई की जा रही है।  

मध्य प्रदेश बिजली विवाद: 10 घंटे वाले सर्कुलर के बाद चीफ इंजीनियर को हटाया, CM ने लिया सख्त निर्णय

भोपाल  एमपी में किसानों को बिजली आपूर्ति के लिए तय की गई समय सीमा को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद सीएम मोहन यादव एक्शन में दिखे। उन्होंने नए फरमान कि 10 घंटे से ज्यादा आपूर्ति पर अफसरों का वेतन काटे जाने के मामले को तूल पकड़ता देख चीफ इंजीनियर को हटाने के निर्देश दिए हैं। यहां पढ़ें पूरा मामला दरअसल एमपी की विद्युत वितरण कंपनी, मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड और कुछ क्षेत्रीय वितरण कंपनी ने कृषि फीडरों को लेकर एक फरमान जारी किया था, जिसमें कृषि उपभोक्ताओं को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली दिया जाना निश्चित किया गया। इस नये फरमान के मुताबिक यदि किसी क्षेत्र में तय समय सीमा के 10 घंटे से ज्यादा बिजली आपूर्ति की जाती है, उस क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी काटी जाएगी और अतिरिक्त बिजली का भुगतान लिया जाएगा। ये अधिकारी और कर्मचारी उसी क्षेत्र के फीडर और नेटवर्क के होंगे। वहीं दूसरी ओर कंपनी ने कहा है कि किसानों को रोजाना 10 घंटे की बिजली लगातार दी जा रही है। विपक्ष ने बोला हमला इस फरमान के बाद विपक्ष ने बीजेपी को जमकर घेरा। विपक्ष ने सवाल उठाया है कि क्या प्रदेश में बिजली की इतनी कमी है कि बिजली कंपनी को ये सर्कुलर जारी करना पड़ा कि 10 घंटे से 1 मिनट भी बिजली आपूर्ति ज्यादा दिखी, तो संबंधित अफसरों और कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उनका वेतन काटा जाएगा। संक्षिप्त में जानें विवाद     कृषि विद्युत आपूर्ति को 10 घंटे में सीमित करना     अधिक बिजली देने पर अधिकारियों का वेतन काटा जाना     कंपनी का ये कहना कि 10 घंटे से ज्यादा आपूर्ति कर्मचारियों और अधिकारियों के तनाव का कारण बन सकती है।     विपक्ष इसे अस्पष्ट, अनुचित दबाव वाला कदम बता रहा है।     यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है, क्योंकि किसानों की बिजली आपूर्ति और सब्सिडी से जुड़ा है। ऐसे निर्णय सीधे ग्रामीण इलाकों की दैनिक कृषि-क्रियाओं को प्रभावित करते हैं। सीएम ने लिया एक्शन इस मामले के तूल पकड़ने के बाद सीएम मोहन यादव ने जहां किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए पर्याप्त आपूर्ति देने का आश्वासन दिया है। वहीं कृषि फीडरों को 10 घंटे बिजली आपूर्ति के निश्चित किए गए समय और अफसरों के वेतन काटे जाने के फरमान का जारी किए गए सर्कुलेशन को लेकर भी सख्त एक्शन में नजर आए। उन्होंने मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चीफ इंजीनियर को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। सीएम मोहन यादव का ये कदम दायित्व परक रवैये का संकेत माना जा रहा है। वहीं सीएम का एक्शन एक संदेश है कि सरकार किसानों की बिजली आपूर्ति को हल करने के लिए सक्रिय है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिकेटर क्रांति गौड़ से वीडियो कॉल पर की बातचीत, दीं शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ को वीडियो कॉल कर दीं शुभकामनाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईसीसी महिला क्रिकेट-2025 विश्व विजेता भारतीय टीम की खिलाड़ी और मध्यप्रदेश की गौरव सु क्रांति गौड़ से वीडियो कॉल पर चर्चा की और अभूतपूर्व जीत की बधाई दी। वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में छतरपुर की बेटी क्रांति गौड़ ने 4 विकेट लेकर जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की बेटियों ने वन-डे विश्व कप जीत कर इतिहास रचा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांति को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल के मैदान में नई क्रांति का सूत्रपात किया है। पूरे देश और प्रदेशवासियों को विश्व विजेता बनीं बेटियों पर गर्व है। इस उपलब्धि में प्रदेश की बेटी की महत्वपूर्ण भूमिका से इस जीत का आनंद और बढ़ जाता है। क्रिकेट में मध्यप्रदेश का नाम रोशन करने वाली क्रांति गौड़ को जल्द ही एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की उभरती क्रिकेट स्टार क्रांति गौड़ के खेल की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपनी लगन और परिश्रम से बेटिया निरंतर आगे बढ़ती रहें और प्रदेश का नाम रोशन करें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार हर कदम पर युवाओं और खिलाड़ियों के साथ खड़ी है।  

उज्जैन को मिल रही है आस्था की नई उड़ान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन का एयरपोर्ट बनेगा राज्य का गौरव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को मिल रही है आस्था की नई उड़ान  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बनेगा बाबा महाकाल का अपना एयरपोर्ट  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश सरकार ने बाबा महाकाल को भेंट स्वरूप उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया की आरंभ सिंहस्थ महाकुंभ से पहले एयरपोर्ट का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के आसमान में विकास की उड़ान अब और ऊंची होने जा रही है। बाबा महाकाल की नगरी में बनने वाला एयरपोर्ट उज्जैन को वैश्विक हवाई मानचित्र पर एक नई पहचान देगा। यह एयरपोर्ट राज्य के अंतर्राष्ट्रीय गौरव को और बढ़ाएगा। राज्य सरकार विमानन क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास को योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ा रही है। एयर कनेक्टिविटी के इस विस्तार से न केवल पर्यटन और व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि प्रदेश का हर नागरिक “आसमान से जुड़ने” के सपने को साकार होता हुआ देखेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब सच्चे अर्थों में सभी क्षेत्रों में विकास की नई उड़ान भरने वाला भारत का दिल बन रहा है। हमारी सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति को भी हवाई यात्रा का सुखद अनुभव कराने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां 2 इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित इंटर स्टेट एवं इन्ट्रा स्टेट एयर सर्विसेज वाले एयरपोर्ट्स भी होंगे। उज्जैन में बनने वाला एयरपोर्ट वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले से पहले पूरी तरह तैयार कर लेने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि देश-विदेश से सिंहस्थ स्नान के लिए आने वाले लाखों-करोड़ों धर्मप्रेमी श्रद्धालु बड़ी सुगमता और न्यूनतम समय में बाबा महाकाल की नगरी पहुंच सकें। राज्य सरकार द्वारा सभी जिलों मे एयर स्ट्रिप्स विकसित करने की योजना फलीभूत होने से छोटे विमानों और हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को भी राजधानी और प्रमुख शहरों से जोड़ा जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से ही मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। उज्जैन में एयरपोर्ट का निर्माण केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि यह प्रदेश की श्रद्धा, सेवा और स्वाभिमान का प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में वैमानिकी सुविधाओं के विस्तार के तहत सभी जिलों में एयर स्ट्रिप्स विकसित करने की योजना बनाई गई है। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा, पीएम हवाई पर्यटन एयरप्लेन सर्विस और पीएम हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन से मध्यप्रदेश, देश का पहला इंट्रा-स्टेट एयर सर्विसेज प्रारंभ करने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन का यह एयरपोर्ट न केवल बाबा महाकाल की नगरी को आकाश से जोड़ेगा, बल्कि श्रद्धा, समृद्धि और सुशासन की उड़ान का साक्षी भी बनेगा। अपर मुख्य सचिव, विमानन  संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण के लिए एमओयू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी और एविएशन फैसिलिटी बढ़ाने के लिए अगले चरण में कुछ और जिलों में भी एयरपोर्ट बनाने के लिए शासन स्तर पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पुरानी अवंतिका, नई उज्जयिनी— देश की आध्यात्मिक राजधानी उज्जयिनी जो युगों से धर्म, ज्ञान और शक्ति की धुरी रही है, अब आधुनिक विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मध्यप्रदेश सरकार ने कालों के काल, भूत-भावन भगवान, अवंतिकानाथ बाबा महाकाल को भेंट स्वरूप उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण का निर्णय लिया है। यह एयरपोर्ट न केवल एक हवाई विकास परियोजना है, बल्कि आस्था और सेवा का प्रतीक भी है। सरकार द्वारा एयरपोर्ट निर्माण की प्रारंभिक प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है। राज्य के स्थापना दिवस अवसर पर एक नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  किंजरापु राममोहन नायडू की मौजूदगी में एक बड़ा काम पूरा हुआ। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और तय निर्माण एजेंसी के मध्य उज्जैन जिले की वर्तमान दताना-मताना हवाई पट्टी पर एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए तैयार विकास अनुबंध पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। उज्जैन में बनने वाला हवाई अड्डा प्रदेश का नौंवा एयरपोर्ट होगा। इससे पहले वित्त वर्ष 2023-24 तक मध्यप्रदेश में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो में ही एयरपोर्ट थे। वर्ष 2024-25 के दौरान रीवा, दतिया और सतना में नए एयरपोर्ट बनकर तैयार हुए। अब उज्जैन के एयरपोर्ट की घोषणा के साथ ही राज्य में हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर कुल 9 हो जाएगी। उज्जैन का एयरपोर्ट वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले से पूर्व तैयार कर लेने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों को हवाई मार्ग से सीधे बाबा महाकाल की नगरी में उतरने की विशेष सुविधा मिल जाएगी। राज्य सरकार का यह निर्णय उज्जैन को विमानन और पर्यटन के वैश्विक गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगा।  

‘सबके लिए रोशनी, सबके लिए प्रगति’ – डॉ. यादव ने बताया राज्य सरकार का विज़न

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समाधान योजना से प्रदेश के 90 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ होगा। यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए राहत का द्वार खोल रही है, जो किसी कारणवश समय पर अपने बिजली बिल नहीं भर पाए। इस योजना में तीन माह या उससे अधिक समय से बिल बकाया रखने वाले घरेलू, गैर घरेलू ,कृषि तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट प्रदान की जाएगी। योजना से बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ ही राज्य की बिजली व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इस कदम से जनता का भरोसा और शासन की पारदर्शिता एक साथ बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर समाधान योजना की शुरूआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पॉवर मैनेजमेंट कंपनी का नया भवन, कंपनियों के प्रबंधन और कार्य क्षमता में वृद्धि में सहायक होगा। नए भवन से ऊर्जा प्रबंधन और जन सामान्य से बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाधान योजना के शुभारंभ और एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की ऑल राउंडर महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर दें संवेदनशीलता का परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "समाधान योजना' 2025-26" से प्रदेश के 90 लाख उपभोक्ताओं का 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक बिजली बिल पर सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना में 3 माह तक का सरचार्ज रखने वाले उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सरचार्ज छूट का लाभ मिलेगा। ऊर्जा विभाग के सोमवार को लोकार्पित भव्य भवन से विभाग में कार्यरत तीनों कंपनियों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह नया भवन ऊर्जा प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और जनसेवा का केन्द्र बनेगा। किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार संकल्पित है। आशा है विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों से सतत् संवाद और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण से अपनी संवेदनशीलता का परिचय देंगे। वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार "सबके लिए रोशनी-सबके लिए प्रगति'' का ध्येय लेकर प्रदेश में गतिविधियां संचालित कर रही है। खेत हो या कारखाने, शहर हो या गांव हर घर में रोशनी इसका प्रमाण है। ऊर्जा विभाग से वर्ष 2024-25 में लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को 18 हजार करोड़ रूपए से अधिक की बिजली सब्सिडी दी गई। राज्य सरकार ने विभिन्न नीतिगत निर्णयों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत् विकास को प्राथमिकता दी। इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी, रिन्यूबल एनर्जी पॉलिसी 2025 और पंप हाइड्रो पॉलिसी-2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए गए हैं। राज्य में 62 गीगावाट सौर, 11 गीगावाट पवन, 4 गीगावाट बॉयोमास और 820 मेगावाट लघु जल विद्युत की क्षमता है। हमारा लक्ष्य 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना में 2.70 रूपये प्रति यूनिट बिजली अब तक की सबसे कम टैरिफ दर पर प्राप्त हुई है। यह अपने-आप में रिकार्ड है। शुभ है स्थापना दिवस उत्सव के दौरान समाधान योजना का आरंभ होना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में तीन दिवसीय स्थापना दिवस महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान समाधान योजना का शुभारंभ और नए भवन का लोकार्पण शुभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केन्द्रित महानाट्य प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और प्रगति पर केन्द्रित प्रदर्शनियों और आयोजनों में सहभागी होने का उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया। समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुंचाना है हमारा लक्ष्य : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सभी स्तर पर ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हम अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की सुविधा को देखते हुए कार्य कर रहे हैं। आज आरंभ हुई समाधान योजना सुशासन और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग से संबंधित प्रस्तावों को डॉ. यादव ने सहजता से स्वीकार किया। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जायेगा। कार्यक्रम में समाधान योजना पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना "जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं'' के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। समाधान योजना दो चरणों में चलेगी। प्रथम चरण 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक होगा, जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में यह योजना एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण कंपनियों यथा म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in, म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर हेतु https://www.mpez.co.in/ एवं म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर हेतु https://www.mpez.co.in/ पर पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस को दी सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस बल को दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस को दी सराहना 14 लाख रूपये की इनामी नक्सली सुनीता ने लांजी में किया आत्मसमर्पण प्रदेश में नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले में महिला नक्सली के आत्म समर्पण पर पुलिस बल को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सली गतिविधियों के नियंत्रण के संबंध में पूर्व में भी मध्यप्रदेश पुलिस को काफी सफलता मिली है। बालाघाट में एक नवम्बर को लांजी थाने के अंतर्गत चोरिया कैंप में महिला नक्सली सुनीता द्वारा हथियारों सहित समर्पण किया गया है। सुनीता पर 14 लाख रुपए का इनाम घोषित था। मध्यप्रदेश द्वारा अपनाई गई प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के परिणामस्वरूप यह पहला आत्मसमर्पण हुआ है। प्रदेश में इसके पूर्व भी नक्सलियों ने समर्पण किया है। इसके साथ ही नक्सलियों को मारने में भी राज्य के पुलिस बल को निरंतर सफलता मिली है। प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में नक्सल नियंत्रण का प्राप्त करेंगे लक्ष्य। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आगामी वर्ष तक नक्सल नियंत्रण के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश सजग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस को इस सफलता पर बधाई देते हुए आशा करता हूं नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा और हमारे पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की नक्सल गतिविधियों के संदर्भ में प्रदेश में होने वाली किसी भी छोटी सी गतिविधि को भी नियंत्रित करने में हम पूरी तरह सफल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत 10 महीने में लगभग डेढ़ करोड़ रूपए के इनामी नक्सलियों को निष्क्रिय किया गया है। पुलिस आउटरीच प्रोग्राम के भी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। राज्य सरकार ने सॉफ्ट टच अप्रोच के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास के रास्ते भी खोले हैं। वर्ष 1992 के बाद पहली बार अन्य राज्य के किसी सशस्त्र नक्सली कैडर ने मध्यप्रदेश शासन के सामने आत्मसमर्पण किया है। बालाघाट में 1 नवम्बर को थाना लांजी के चौरिया कैम्प अंतर्गत एक हार्डकोर सशस्त्र महिला नक्सली, सुनीता पिता बिसरू ओयाम निवासी गोमवेटा, तहसील भैरमगढ़, जिला बीजापुर, ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और भारत के संविधान पर विश्वास जताते हुए जिला पुलिस बालाघाट के समक्ष अपने हथियार INSAS राइफल मय 3 मैगजीन्स, 30 जिंदा राउंड्स एवं UBGL शेल के साथ आत्मसमर्पण किया। सशस्त्र नक्सली सुनीता मलाजखंड दर्रेकसा दलम में एसीएम है, जो इंसास रायफल के साथ सशस्त्र नक्सली संघटन में मध्यप्रदेश, गोंदिया एवं राजनांदगांव (GRB) डिविजन में सक्रिय थी। उस पर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुनीता पिता बिसरु ओयाम माओवादी संगठन में वर्ष 2022 में जुड़ी थी। छत्तीसगढ़ के माड क्षेत्र में 06 माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उसने सीसी मेंबर रामदेर के गार्ड के रूप में कार्य किया। यह मध्यप्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के अंतर्गत पहला आत्मसमर्पण है और 1992 के बाद से पहली बार अन्य राज्य के किसी सशस्त्र नक्सली कैडर ने म.प्र. शासन के सामने आत्मसमर्पण किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले 10 महीनों में मध्यप्रदेश में 1.46 करोड़ रुपये के इनामी नक्सलियों को न केवल निष्क्रिय किया गया है, बल्कि राज्य सरकार सॉफ्ट टच एप्रोच के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास के रास्ते भी खोल रही है। पिछले समय से लगातार चल रहे पुलिस आउटरीच प्रोग्राम के परिणामस्वरूप, सशस्त्र नक्सली सुनीता ने आत्मसमर्पण के लिए यह पहला कदम उठाया है। मध्यप्रदेश पुलिस आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के प्रावधानों के तहत आत्मसमर्पण कर सशस्त्र आंदोलन को छोड़ कर मुख्य धारा में आने वालों को सभी लाभ दिलाने के लिए कटिबद्ध है।  

मुख्यमंत्री मोहन यादव का संकल्प: विजन-2047 के साथ मध्य प्रदेश को बनाएंगे विकास का टीम लीडर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रवींद्र भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि “विजन-2047 को लेकर हमारा लक्ष्य आगामी 25 वर्षों का रोडमैप तैयार करना है, जिससे मध्यप्रदेश देश के विकास का टीम लीडर बन सके। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश 69 वर्ष पूरे कर चुका है और अब 70वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। वर्ष 1956 में मध्यभारत, मालवा-चंबल, सेंट्रल प्रोविंस-बरार, महाकौशल और विंध्य को मिलाकर मध्यप्रदेश का गठन हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि “देश के दिल” के रूप में मध्यप्रदेश का हृदय मजबूत और संपन्न होगा तो पूरा देश स्वस्थ रहेगा। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पहले से 8 एयरपोर्ट हैं और 9वें एयरपोर्ट का शिलान्यास एयरपोर्ट अथॉरिटी के विपिन कुमार ने किया है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसने सभी सेक्टरों में एक साथ हवाई सेवा शुरू करने के लिए एमओयू किए हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में देश के सबसे ज्यादा टाइगर और लेपर्ड हैं। विकास के क्षेत्र में प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल’ और ‘इन्वेस्ट एमपी-3 पोर्टल’ का लोकार्पण किया। साथ ही सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 30 किलोमीटर के घाट क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर 5 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से 6 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हुए हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भोपाल में हुई जीआईएस के दौरान 24 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें से 8.44 लाख करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे 6 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। एमएसएमई क्षेत्र में 23,853 करोड़ के निवेश से लगभग 8 लाख लोगों को रोजगार मिला है। दो साल में 60 हजार सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। डॉ. यादव ने कहा कि “मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, थोड़ा पानी दूसरे राज्यों में भी चला जाए तो कोई आपत्ति नहीं। जल का बंटवारा सिर्फ राज्यों के बीच नहीं, बल्कि हमारे करोड़ों किसानों के लिए है।” उन्होंने बताया कि आदिवासी अंचलों में कपास किसानों के उत्थान के लिए पीएम मित्रा पार्क का लोकार्पण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का हर एक रुपया जनता के हित में उपयोग होना चाहिए। अंत में उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक स्टेडियम और एक हेलीपैड का निर्माण चरणबद्ध रूप से किया जाएगा, जिससे खेल और कनेक्टिविटी दोनों को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्थापना दिवस पर जनता को दी हार्दिक शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी राज्य के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं विकास की 70 साल की लंबी यात्रा आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनता मध्यप्रदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब 70 साल का हो गया है। अपनी गौरवशाली विकास यात्रा का 70वां स्थापना दिवस मना रहा है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1956 को गठित यह राज्य न केवल भारत के हृदय में स्थित है, बल्कि देश के विकास मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की यह 70 वर्षीय यात्रा समर्पण, संकल्प और सतत् विकास की सुखद यात्रा रही है। यह दिन हमें हमारे पूर्वजों की मेहनत, उनके जज्‍बे, जनभागीदारी से विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी एवं हम सभी की आस्था और निष्ठा की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते सात दशकों में मध्यप्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। कभी “बीमारू” कहे जाने वाले इस राज्य ने आज कृषि, सिंचाई, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हमारा मध्यप्रदेश आज देश का “फूड बास्केट” कहलाता है, जहां अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता के साथ ही किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में अनेक योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन” और “लाड़ली लक्ष्मी योजना” जैसी योजनाएं महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन गई हैं। युवाओं के लिए “मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना” और “स्टार्टअप मध्यप्रदेश” जैसे कार्यक्रम रोजगार और नवाचार के नए द्वार खोल रहे हैं। वहीं प्रदेश में सुशासन एवं नवाचारों ने शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश अब “विकसित भारत @ 2047” के विज़न और संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। स्मार्ट शहरों, हरित ऊर्जा, जल संरक्षण, डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में तेज गति से काम हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश आज एक आत्मनिर्भर प्रदेश के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यटन राज्य के रूप में भी देश के हृदय और धमनियों के रूप में धड़क रहा है। विकास को लेकर हमारी दिशा और लक्ष्य स्पष्ट है कि प्रदेश के हर नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचे, हर हाथ को काम मिले, हर घर में खुशहाली हो और हर मन में मध्यप्रदेशवासी होने के गर्व का भाव जागे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का यह 70वां स्थापना दिवस एक अवसर है अतीत की उपलब्धियों को स्मरण करने और भविष्य के स्वर्णिम लक्ष्य तय करने का। स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम सब एकजुट होकर “विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त मध्यप्रदेश” के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। सामूहिक सहभागिता से अपनी मिट्टी को, अपनी मातृभूमि को, अपने प्रदेश को हर क्षेत्र में सबसे आगे रखकर अग्रणी बनाने का यही सही अवसर है‌।

नई खेल नीति, नई सोच: पीएम मोदी के मार्गदर्शन में भारत गढ़ रहा है सफलता की नई कहानी

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में खेलों में आगे बढ़ रहा है देश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव फिट इंडिया मूवमेंट अभियान चलाया प्रधानमंत्री  मोदी ने : केन्द्रीय मंत्री  चौहान विदिशा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी कल्पनाशील हैं। उनके कुशल नेतृत्व में देश खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन करना उन्हीं की ही सोच है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान अपने संसदीय क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव का अद्भुत आयोजन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात विदिशा के स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा नगर खेलों और खिलाड़ियों के विकास में दिल्ली मुंबई जैसे महानगरों को पीछे छोड़ेगा। प्रधानमंत्री  मोदी सभी क्षेत्र के लोगों को प्रोत्साहित करते हैं। खेल क्षेत्र भी इसमें शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा ऐतिहासिक नगरी है। सम्राट अशोक से इसका संबंध रहा है। साथ ही उज्जैन से भी विदिशा का प्राचीन काल से गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने लोकतंत्र के मूल्य की रक्षा की और आज भी विदिशा जैसे नगर लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यहां के विजय मंदिर की प्रतिकृति के आधार पर नए संसद भवन का निर्माण किया गया है। मध्यप्रदेश के मितावली के 64 योगिनी मंदिर के आकल्पन को पुरानी संसद का आधार बनाया गया था। इस नाते मध्यप्रदेश लोकतांत्रिक व्यवस्था में विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा भोपाल फोरलेन मार्ग के निर्माण का कार्य स्वीकृत किया जाएगा। यह फोरलेन सलामतपुर सांची होकर बनेगा। साथ ही विदिशा अहमदनगर निर्माण सहित अन्य सुझावों को शासन द्वारा स्वीकृति दी जाएगी। खिलाड़ियों और युवाओं के प्रोत्साहन के सभी कार्य होंगे। इस खेल उत्सव में क्रिकेट, कबड्डी, मलखंभ और अन्य खेलों के शामिल करने के प्रयासों की सराहना की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा नगर निगम के लिए निकटवर्ती ग्रामों को जोड़ने संबंधी अध्ययन और सर्वेक्षण की कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय कृषि किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने फिट इंडिया मूवमेंट का अभियान चलाया है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेल प्रभावी माध्यम होते हैं। व्यक्तित्व विकास और फिट रहने के लिए खेल जरूरी हैं।  चौहान ने कहा कि हम सोच नहीं सकते थे कि भारत सन 1983 में क्रिकेट का विश्व कप जीत सकता है। यह कार्य महान खिलाड़ी  कपिल देव ने करके दिखाया। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत दो महीने तक गांव-गांव में खेल होंगे, इसके लिए 37 हजार खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है। खिलाड़ी खेलों का भरपूर आनंद लें और खेल भावना जागृत करने में कोई कमी नहीं रहने दें। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष विदिशा के विकास के लिए विभिन्न सुझाव रखें। केंद्रीय खेल मंत्री  मांडविया ने खेल महोत्सव में वर्चुअली शामिल होकर कहा कि खेलों में कोई कभी हारता नहीं है, कोई जीतता है तो कोई सीखता है। खेलों से फिर से जीतने का जज्बा आता है। मुझे खुशी है कि देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के लिए इतना बड़ा सांसद खेल महोत्सव का आयोजन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हो रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री  मांडविया ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों को आगे बढ़ाने के लिए कमी नहीं छोड़ी जाएगी। विदिशा में एथलेटिक्स सेंटर चालू किया जाएगा। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान  कपिल देव ने कहा कि विदिशा जैसे छोटे शहर में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है। यह भारत का भविष्य है। बड़े शहरों के बड़े मॉल और बड़ी इमारतें भारत का भविष्य उतना नहीं जितना विदिशा जैसे छोटे शहरों में खिलाड़ियों का उत्साह देखकर हम आश्वस्त होते हैं।  कपिल देव ने सम्मानित खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा खेल के साथ पढ़ाई भी बहुत जरूरी है और विदिशा के खिलाड़ी और उनके अभिभावक बधाई के पात्र हैं, जो खेल और पढ़ाई दोनों को महत्व देते हैं। अभिभावक भी खेलों प्रोत्साहित करते हैं ।  कपिल देव ने कहा कि वे जरूर विदिशा दोबारा आना चाहेंगे। आज मौसम की वजह से केंद्रीय खेल मंत्री यहां नहीं आ पाए लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  चौहान के आग्रह पर भी यहां आकर उन्हें बहुत आनंद का अनुभव कर रहे हैं।  कपिल देव ने कहा कि हमारे देश में खेलों के प्रति इतना सम्मान है। यह इस कार्यक्रम में पहुंचकर अनुभव हुआ। खेलों के प्रति विदिशा के खिलाड़ियों का समर्पण सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि यह सभी खिलाड़ी देश के लिए जरूर खेलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री  चौहान अभिनंदन के पात्र हैं, इस खेल उत्सव की कल्पना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान  कपिल देव का विदिशा पहुंचने पर अनेक स्थानों पर फूल मालाओं से हुआ भव्य स्वागत। सांसद खेल महोत्सव में हुआ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री  चौहान और क्रिकेटर  कपिल देव ने विदिशा में सांसद खेल महोत्सव में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित किया। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में युवाओं द्वारा प्रस्तुत किये गये मलखंभ की सभी ने सराहना की। कार्यक्रम में विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री  लखन पटेल, राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा, सांसद मती लता वानखेड़े, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी सहित बड़ी संखय में खिलाड़ी और नागरिक उपस्थित थे।  

रन फॉर यूनिटी में युवा जुटे, सीएम बोले- सरदार पटेल ने विभाजनकारी रियासतों को जोड़ा

भोपाल  सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर भोपाल के शौर्य स्मारक पर एकता दिवस का कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी। दो हजार युवाओं ने लगाई दौड़ शौर्य स्मारक से लाल परेड ग्राउंड तक करीब दो हजार युवाओं ने दौड़ लगाकर एकता का संदेश दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक से रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जम्मू कश्मीर का मुद्दा यूएन में ले जाना बड़ी गलती थी सीएम ने कहा कि जम्मू कश्मीर का मुद्दा, धारा 370 के मुद्दे को यूएन में ले जाना ये उस समय की बहुत बड़ी गलती थी। उस घटना पर सरदार पटेल ने कहा था कि देश के मसले को देश के लोग सुलझाएंगे। पड़ोस के देश में कोई विवाद होगा तो पड़ोसी देश के नेता और हमारे नेता बैठकर हल करेंगे। इसमें तीसरे पंचायत की जरूरत नहीं हैं। वो हम सबने भोगा है। सीएम ने कहा – आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल के इस भाव पर कायम हैं कि हमें कोई थर्ड पार्टी नहीं चाहिए, वन टू वन बात होना चाहिए। चाहे ऑपरेशन सिंदूर हो या कुछ भी हो ये सरदार पटेल की उसी भावना का प्रकटीकरण है। राष्ट्र को समर्थ होना चाहिए। सरदार पटेल ने अंग्रेजों को टैक्स देने की प्रथा के खिलाफ आंदोलन किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरदार पटेल किसान परिवार से आते थे उनके बडे़ भाई बिट्‌ठल भाई पटेल थे। इन दोनों भाईयों की जोड़ी ने नाम कमाया। बिट्‌ठल भाई तो उस समय के बडे़ नेता थे, लेकिन वल्लभ भाई ने वकालत के जीवन के दौरान कई आश्चर्य जुडे़ हैं। सरदार पटेल का कहना था कि अगर अकाल पड़ गया है लोग भूखे मर रहे हैं तो अंग्रेजों को टैक्स नहीं देना चाहिए। उस समय आक्रोशित भाव से सरदार पटेल, महात्मा गांधी के पास गए और गांधी जी ने सहजता से उस आंदोलन में साथ देकर भूमिका निभाई। पटेल को मिली सरदार की उपाधि सीएम ने कहा कि बारडोली के आंदोलन के बाद वल्लभ भाई पटेल सरदार पटेल के नाम से जाने गए। नमक आंदोलन जो गांधी जी ने शुरू किया था। आजादी के हर आंदोलन की सफलता में कोई रहा तो वह नाम है सरदार वल्लभ भाई पटेल है। पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधा सीएम ने कहा जब अंग्रेजों ने तय कर लिया कि भारत छोड़कर जाना है और अंग्रेज एक भयंकर षड्यंत्र करके देश के टुकडे़-टुकडे़ करना चाहते थे। विभाजन की विभीषिका में देश को कैसे सुरक्षित रखा जाए, ये पटेल ने सोचा। भारत, पाकिस्तान के विभाजन की विभीषिका लिख दी गई उसके साथ ही 562 रियासतों को फ्री करने का निर्णय लिया। उन रियासतों में हमारा भोपाल भी एक है। राजा भारत का पैसा पाक के बैंक में भिजवा देते थे सीएम ने कहा कि हमारे भारतीय स्टेट बैंक की तरह पाकिस्तान का जो बैंक है उस समय यहां का पैसा उठाकर पाकिस्तान में भिजवा देते थे। भोपाल सहित हैदराबाद, जूनागढ़ ऐसी कई स्टेट थीं जो भारत में मिलने से मना कर रही हैं। लेकिन ये अपने आप में केवल कागज पर नहीं थे। सर्वसुविधायुक्त सैन्य शक्ति से संपन्न थे जिन्हें अंग्रेजों ने यह कहकर छोड़ दिया था कि आपकी इच्छा हो तो मिलो अन्यथा आप स्वतंत्र हो। रियासतों को जोड़ने का काम पटेल ने किया सीएम ने कहा कि आजादी के साथ ही एक नेता जिसने भारत पाकिस्तान के विभाजन के समय में अपनी युक्ति बुद्धि से भारत की एक-एक रियासत के सारे राजा-महाराजाओं को समझाकर जोड़ते जा रहे थे। जोड़ते हुए ये अहसास किया कि आज जोड़ रहे हैं, लेकिन कल क्या होगा? भारतीय प्रशासनिक सेवा के आईएएस, आईपीएस अफसरों की रचना भी उन्होंने बनाई थी। जब वे गृह मंत्री थे उन्होंने सारे प्रबंध किए नियमावली बनाई। सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करके एक हजार साल पुराना विवाद सुलझाया था। सरकारी मदद के बगैर इतना बड़ा मंदिर बनाकर देश का स्वाभिमान जगाने का काम किया। जब देश आजादी की तरफ कदम बढ़ाता है तब ऐसे महापुरुष रहते हैं भविष्य में उनकी बातों की कीमत रहती है।