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मध्य प्रदेश की नई उड़ान: CM करेंगे गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का शुभारंभ, स्टार्टअप हब की ओर कदम

 भोपाल  प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए युवा उद्यमियों का उज्जैन में समागम होगा। प्रदेश सरकार उज्जैन में स्टार्टअप समिट व युवा उद्यमी सम्मेलन की योजना बना रही है। इसमें स्टार्टअप पालिसी की खूबियां बताई जाएंगी। इसके अलावा मुरैना में कृषक सम्मेलन भी किया जाएगा। कृषि आधारित उद्योग को प्राथमिकता में रखकर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। स्टार्टअप समिट का आयोजन मध्य प्रदेश को वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करना, नवाचार और रोजगार प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया जाएगा। मप्र में पांच हजार से अधिक स्टार्टअप है। इनमें 47 प्रतिशत महिला स्टार्टअप, 73 इंक्यूबेटर्स हैं। इससे 50 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। समिट में प्रयास होगा कि अधिमान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या बढ़ाकर 10 हजार करना, 100 करोड़ के सीट कैपिटल फंड की स्थापना 1.10 लाख रोजगार सृजन और 500 से अधिक स्टार्टअप मार्केट में स्थापित किए जा सकें। इस माह के अंत तक या अक्टूबर में यह दोनों ही आयोजन करने की तैयारी है। सीहोर में नवंबर में होगा कृषि उद्योग समागम समिति गठितमंदसौर और नरसिंहपुर के बाद नवंबर में सीहोर में कृषि उद्योग समागम-2025 (एग्रीकल्चर इंडस्ट्रीज कान्क्लेव) का आयोजन होगा। आयोजन वृहद स्तर पर कई विभागों की सहभागिता से किया जाएगा। इसमें देशभर के कृषि क्षेत्र में निवेशकों और उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जाएगा। कृषि उद्योग समागम के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन द्वारा समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री आज गांधीसागर फारेस्ट रिट्रीट का करेंगे शुभारंभ मंदसौर के गांधीसागर में फारेस्ट रिट्रीट का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार मंदसौर में गांधीसागर फारेस्ट रिट्रीट के चौथे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। यह रिट्रीट लल्लूजी एंड संस द्वारा मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से विकसित किया गया है, जो लक्जरी कैंपिंग, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। गांधीसागर फारेस्ट रिट्रीट के दौरान पर्यटक टेंट सिटी में हाट-एयर बलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कायाकिंग और मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। हिंगलाजगढ़ किले की हेरिटेज ट्रेल, गांधीसागर अभयारण्य में वन्यजीव सफारी और ग्रामीण जीवन के अनुभव भी पर्यटकों के आकर्षण का हिस्सा रहेंगे। इस रिट्रीट में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर विशेष ध्यान दिया गया है। लगभग 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित बटरफ्लाई गार्डन में 4,000 से अधिक पोषक एवं पराग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यहां पहले से ही 40 से अधिक तितली प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं। इस सीजन में राक आर्ट इंटरप्रिटेशन ज़ोन, जो चतुर्भुज नाला की प्राचीन शैलचित्र कला से प्रेरित है तथा बायोडायवर्सिटी वाक जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई हैं।

मनरेगा में मध्य प्रदेश की बड़ी छलांग, सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मिली ऐतिहासिक सफलता

वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति वर्ग को रोजगार दिलाने में देश में मध्यप्रदेश प्रथम भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अनुसूचित जनजाति वर्ग को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रदेश ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 में मनरेगा अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग को अब तक सर्वाधिक रोजगार देने वाला राज्य मध्यप्रदेश बना है। वर्तमान में मध्यप्रदेश देशभर में पहले पायदान पर है। प्रदेश में 62 लाख 56 हजार परिवार जॉबकार्ड धारी प्रदेश में कुल 62 लाख 56 हजार परिवार जॉबकार्ड धारी परिवारों के 1 करोड़ से अधिक श्रमिक सक्रिय रूप से पंजीकृत हैं। 32 लाख से अधिक परिवारों को मिला रोजगार वर्ष 2025-26 में मनरेगा अंतर्गत प्रदेश में 32 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस अवधि में 47 लाख 38 हजार श्रमिकों ने विभिन्न कार्यों में भाग लिया, जिनमें से 10 लाख 37 हजार परिवारों के 15 लाख 81 हजार श्रमिक अनुसूचित जनजाति वर्ग से थे। प्रदेश में कुल सृजित मानव दिवस 11 करोड़ 55 लाख में से 3 करोड़ 53 लाख मानव दिवस आदिवासी परिवारों द्वारा सृजित किया गया, जो कि अन्य प्रदेशों की तुलना में अधिक है और योजना की सफलता का स्पष्ट प्रमाण हैं। मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश में किए जाने वाले कार्य मनरेगा के माध्यम से प्रदेश में विभिन्न प्रकार के सामुदायिक एवं हितग्राही मूलक विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें खेत तालाब, अमृत सरोवर, डगवेल रिचार्ज जैसे संरचनाओं का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का निर्माण व मरम्मत, व्यापक स्तर पर पौधरोपण, बोरी बंधान, मेड़ बंधान, चेक-डैम, भूमि समतलीकरण, बागवानी, पशुशेड निर्माण एवं अन्य ग्रामीण विकास कार्य शामिल हैं। रोजगार के साथ अनुसूचित जनजाति वर्ग को आर्थिक रूप से बनाया जा रहा समृद्ध मनरेगा आयुक्त श्री अवि प्रसाद ने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों को केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना भी है। प्रदेश में वर्ष 2025-26 में मनरेगा योजना के अंतर्गत अब तक देशभर में सबसे अधिक अनुसूचित जनजाति वर्ग के जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।  

सीएम डॉ. यादव करेंगे गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का शुभारंभ, लक्ज़री कैंपिंग और हवाई रोमांच का केंद्र बनेगा

लक्ज़री कैंपिंग से हवाई एडवेंचर का मिलेगा रोमांचक अनुभव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 12 सितम्बर को मंदसौर में गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के चौथे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। यह रिट्रीट लल्लूजी एंड संस द्वारा मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से विकसित किया गया है, जो लक्ज़री कैंपिंग, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के दौरान पर्यटक टेंट सिटी में हॉट-एयर बलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कायाकिंग और मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। हिंगलाजगढ़ किले की हेरिटेज ट्रेल, गांधीसागर अभयारण्य में वन्यजीव सफारी और ग्रामीण जीवन के अनुभव भी पर्यटकों के आकर्षण का हिस्सा रहेंगे। इस रिट्रीट में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर विशेष ध्यान दिया गया है। लगभग 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित बटरफ्लाई गार्डन में 4,000 से अधिक पोषक एवं पराग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यहां पहले से ही 40 से अधिक तितली प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं। यह केंद्र शिक्षा एवं इंटरप्रिटेशन स्थल के रूप में पर्यटकों को तितलियों के जीवन चक्र की जानकारी प्रदान करेगा। इसके अलावा इस सीज़न में रॉक आर्ट इंटरप्रिटेशन ज़ोन, जो चतुर्भुज नाला की प्राचीन शैलचित्र कला से प्रेरित है, तथा बायोडायवर्सिटी वॉक जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई हैं। पर्यटक इस रिट्रीट में गाइडेड बटरफ्लाई गार्डन टूर, नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग, वाटर स्पोर्ट्स (स्पीड बोट, बनाना राइड, जेट स्की, कयाकिंग) और हवाई एडवेंचर (हॉट एयर बैलूनिंग व पैरामोटरिंग) जैसी शानदार गतिविधियों का अनुभव लेकर प्रकृति के और करीब आ सकेंगे।  

माली हालत पर विपक्ष का वार: जीतू पटवारी बोले – हर नागरिक पर चढ़ा 54 हजार से ज्यादा का कर्ज

भोपाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने वित्तीय अनुशासन का पूरी तरह से उल्लंघन किया है। मोहन सरकार ने राज्य को कर्ज के गहरे दलदल में धकेल दिया है। पटवारी ने कहा कि राज्य पर मार्च 2024 तक कुल कर्ज 3.75 लाख करोड़ रुपये था, जो मार्च 2025 में बढ़कर 4.21 लाख करोड़ रुपये हो गया और जुलाई 2025 तक यह आंकड़ा 4.35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार नए ऋण ले रही है। पूर्व सीएम शिवराज पर लगाए आरोप उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ गए और दिल्ली चले गए। अब मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं और हर महीने नए ऋण ले रहे हैं। पटवारी ने कहा कि राज्य की वित्तीय हालत इतनी खराब हो गई है कि सरकार केवल ब्याज चुकाने के लिए कर्ज ले रही है। अनुमानों के अनुसार, वर्तमान ऋण पर वार्षिक ब्याज भुगतान लगभग 29,700 करोड़ रुपये है। बीजेपी की नीतियों पर उठाए सवाल उन्होंने कहा कि बीजेपी की गलत नीतियों ने राज्य की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी है। पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने सिर्फ 162 दिनों में 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज लिया है। पीसीसी चीफ ने कहा कि औसतन, राज्य हर दिन लगभग 154 करोड़ रुपये का कर्ज ले रहा है। हर हफ्ते यह आंकड़ा 1,078 करोड़ रुपये है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक नागरिक पर कर्ज का प्रति व्यक्ति बोझ 54,375 रुपये है। कर्ज चुकाने के लिए भी कर्ज ले रही सरकार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्ज चुकाने के लिए भी कर्ज ले रही है। पटवारी ने कहा, 'आज स्थिति इतनी विकट है कि सरकार को पिछले ऋणों पर ब्याज चुकाने के लिए भी नए ऋण लेने पड़ रहे हैं। औसतन, राज्य हर दिन लगभग 154 करोड़ रुपये का कर्ज ले रहा है। हर हफ्ते यह आंकड़ा 1,078 करोड़ रुपये है।' एक नागरिक पर 50 हजार से ज्यादा का कर्ज कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक नागरिक पर कर्ज का प्रति व्यक्ति बोझ 54,375 रुपये है। मध्य प्रदेश की आबादी लगभग 8 करोड़ है। वर्तमान कुल ऋण 4.35 लाख करोड़ रुपये है। यानी, प्रत्येक नागरिक पर औसतन 54,375 रुपये का कर्ज है। हर नागरिक को 'बीजेपी नेताओं की गलत नीतियों और भ्रष्टाचार' का बोझ उठाना होगा। यह कर्ज कौन चुकाएगा? क्या राज्य के लोगों को हमेशा कर्ज और ब्याज का बोझ उठाना पड़ेगा? बीजेपी नेताओं की विलासिता की राजनीति के लिए लोगों को क्यों भुगतान करना चाहिए?'  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहन भागवत को दी जन्म दिवस की बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि भागवत का मार्गदर्शन प्रत्येक भारतीय में राष्ट्रवादी संस्कारों का संचार कर भारत को पुनः उसके परम वैभव पर ले जाने में सहायक सिद्ध हो, ईश्वर से यही प्रार्थना है।  

छतरपुर के परिवारों की नेपाल से सुरक्षित वापसी के लिए CM मोहन ने किया एक्शन, हालात पर रखी नजर

भोपाल भारत के पड़ोसी देश नेपाल में हालात इन दिनों खराब है । वहां पर सरकार के खिलाफ जनता ने मोर्चा खोल दिया और माहौल अराजक हो गया है । वहीं इसी बीच खबर ये है कि नेपाल में मध्यप्रदेश के छतरपुर के कुछ परिवार फंसे हुए है । इसको लेकर सीएम मोहन यादव गंभीर हो गए है। मुख्यमंत्री ने संवेदना दिखाते हुए मामले पर  संज्ञान लिया है। नेपाल में फंसे हुए छतरपुर के 4 परिवारों के सदस्यों की घर वापसी के लिए सीएम मोहन ने प्रतिबद्धता दिखाई हैऔर केंद्र सरकार के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम मोहन यादव ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि छतरपुर के कुछ परिवारों के सदस्य नेपाल में हैं। इनकी चिंता करते हुए मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। भारत सरकार के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी सकुशल भारत वापसी के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में हम सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ नागरिकों की हरसंभव मदद के लिए तत्पर हैं।   MP के 14 लोग नेपाल हिंसा में फंसे, PM मोदी से लगाई सुरक्षित निकालने की गुहार नेपाल में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत के हजारों लोग फंसे हुए और भारत के PM मोदी से सुरक्षित निकालने की गुहार लगा रहे हैं तो वह छतरपुर एमपी के भी 4 परिवार नेपाल में फंसे हुए हैं जिसमें बच्चों सहित 14 लोग शामिल है। छतरपुर के परिवार ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सुरक्षित बाहर निकलवाने की गुहार लगाई है। नेपाल में लगातार हिंसा, विद्रोह बढ़ता जा रहा है और फंसे हुए लोगों में डर का माहौल भी बना हुआ है। हिंसा के दौरान भीषण आगजनी तोड़फोड़ के साथ कई लोगों के मरने की खबरें भी आ रही है। छतरपुर के ये लोग नेपाल में फंसे नेपाल घूमने गए छतरपुर के 4 परिवार हिंसा के बीच एक होटल में फंसे हुए हैं। जिसमें छतरपुर कोतवाली इलाके के गल्ला मंडी ने रहने बाले व्यापारी पप्पू मातेले पिता स्व.सुक्कू मातेले, ट्रांसपोर्ट कारोबारी निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल पिता जयनारायण अग्रवाल गल्ला मंडी, एक कुशवाहा परिवार भी इसी ग्रुप के साथ मौजूद है जो नेपाल के काठमांडू में फंस चुके हैं और अब उन्हें लगातार डर सता रहा है। तो वहीं काठमांडू के होटल में फंसे छतरपुर के निर्देश अग्रवाल ने होटल की खिड़की से बाहर हो रही हिंसा आग जनी का वीडियो बनाकर भी भेजा है। इनमें आठ यात्री भोपाल के और इंदौर के निवासी यहां 98 यात्री फंसे हुए है। इसमें भोपाल से अनिल अग्रवाल, शुभा अग्रवाल, हेम कुमार गोयल, रजनी गोयल, संजय कुमार, सुबोध सिंह, अर्चना सिंह, सौम्या मिश्रा और इंदौर से विवेक जैन शामिल है। इसी प्रकार राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात सहित अलग-अलग स्थानों से भी यात्री साथ है। सभी यात्री एक दूसरे को ढांढस बंधा रहे हैं। इन यात्रियों का परमिट नेपाल होते हुए है। जहां यात्री रुके हैं। वहां से नेपाल बार्डर लगभग 25 किमी दूर है। ऐसे में यात्री चाहते हैं कि उन्हें उत्तराखंड बार्डर के रास्ते से निकाला जाए। यात्री सोशल मीडिया के जरिए भी सरकार से अपील कर रहे हैं। CM मोहन यादव ने किया ट्वीट उक्त मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी ट्वीट किया है, उन्होंने लिखा है कि- मेरे संज्ञान में आया है कि प्रदेश के छतरपुर के कुछ परिवारों के सदस्य नेपाल में हैं। इनकी चिंता करते हुए मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। भारत सरकार के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी सकुशल भारत वापसी के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में हम सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ नागरिकों की हरसंभव मदद के लिए तत्पर हैं। छतरपुर विधायक ने की वीडियो कॉलिंग पर बात मामले में छतरपुर विधायक ललिता यादव ने भी नेपाल में फंसे छतरपुर के लोगों/परिवारों से बात की और उनकी मदद का हर संभव का प्रयास करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि मामले की जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री को है, मैनें भी नेवाल में फंसे लोगों से बात की है, इससे पहले भी छतरपुर, प्रदेश और देश के लोग विदेशों में फंसे थे पर हमारी सरकार हमारे देश के प्रधानमंत्री उन्हें सकुशल वापस लाये ऐसे ही उन्हें वापिस लाया जायेगा, वे और उनके परिवार के लोग चिंता न करें सरकार हर संभव मदद और उन्हें लाने के प्रयास में लगी हुई है।

कपड़ा उद्योग में बड़ा निवेश: कोलकाता से आए 14,600 करोड़ के प्रस्ताव, पीएम मित्रा पार्क बनेगा गेम-चेंजर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कोलकाता के जे.डब्ल्यू. मैरियट होटल में आयोजित इन्वेस्ट इन एमपी इंटरैक्टिव सेशन में उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की। इस दौरान प्रदेश को 14,600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं, स्थिरता और निवेशक-हितैषी माहौल के साथ आदर्श निवेश स्थल है।  सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वीकृत सात पीएम मित्रा पार्कों में पहला भूमिपूजन 17 सितंबर को मध्य प्रदेश के धार जिले में होने जा रहा है। यह पार्क प्रदेश को टेक्सटाइल सेक्टर में वैश्विक पहचान दिलाएगा। 2,158 एकड़ में विकसित होने वाले इस पार्क में लगभग 3 लाख रोजगार अवसर (1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष) पैदा होंगे। इसमें अत्याधुनिक अधोसंरचना, ग्रीन एनर्जी और प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी सुविधाएं निवेशकों को उपलब्ध कराई जाएंगी। मध्य प्रदेश निवेशकों का भरोसेमंद साथी  डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से कहा कि मध्य प्रदेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, बेहतर कनेक्टिविटी, विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा और औद्योगिक शांति इसे निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता राज्य को विशेष पहचान देती है। पीएम मित्रा पार्क से टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेश केवल व्यावसायिक विस्तार नहीं, बल्कि सतत विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भागीदारी है। प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में प्रदेश हर संभव योगदान देगा। रुइया ग्रुप  4,000 करोड़ का निवेश करेगा रुइया ग्रुप के सीएमडी पवन कुमार रुइया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को देश के सबसे शिक्षित और दूरदर्शी नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश आज औद्योगिक प्रगति का नया केंद्र बन रहा है। उन्होंने एलान किया कि रुइया ग्रुप प्रदेश में अपने निवेश का विस्तार करेगा, जिससे रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसी तरह, श्याम मेटालिक्स के चेयरमैन पुष्कर अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में कृषि, खनन और ऊर्जा क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का नया निवेश करने की घोषणा की। प्रताप ग्रुप के हर्ष अग्रवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश की नीतियां और अधोसंरचना इसे देश में सबसे आकर्षक निवेश स्थल बनाती हैं। निवेशक-हितैषी नीतियां और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने सेशन में कहा कि मध्यप्रदेश में 1 लाख एकड़ से अधिक का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक, सस्ती बिजली (4.50/यूनिट), मजबूत हवाई और रेल कनेक्टिविटी और सुरक्षित श्रम वातावरण उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश कॉपर, मैंगनीज और डायमंड का सबसे बड़ा उत्पादक है, साथ ही सीमेंट उत्पादन में अग्रणी है। नर्मदापुरम के पास औद्योगिक क्षेत्र को 880 एकड़ तक विस्तारित किया गया है। सरकार ग्रीन इंडस्ट्रीज़ को 100% छूट और एक्सपोर्ट यूनिट्स को 50% प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं दे रही है। सांस्कृतिक जुड़ाव और निवेश का नया उत्साह सीएम डॉ. यादव ने कोलकाता की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर विवेकानंद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महापुरुषों की धरती है, जिन्होंने देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और बौद्धिक केंद्र से संवाद करना मध्यप्रदेश में निवेश को नई ऊर्जा और गति देगा। सेशन में मुख्यमंत्री ने 12 से अधिक उद्योगपतियों से अलग-अलग मुलाकात की। कुल 300 से अधिक प्रतिभागियों ने इस संवाद में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में निवेश अवसरों, नीतियों और अधोसंरचना पर आधारित शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई। पीएम मित्रा पार्क से रोजगार और औद्योगिक प्रगति धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्रा पार्क 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्थापित होगा। इसमें CETP, सोलर प्लांट, महिला कर्मचारियों के लिए आवास, प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स, SCADA नियंत्रित यूटिलिटीज़ जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। यह परियोजना प्रदेश को वैश्विक वस्त्र महाशक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होगी। 

सीएम डॉ. यादव ने पीएम मोदी के 17 सितंबर दौरे की तैयारियों का लिया जायज़ा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में बुधवार की रात्रि को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 17 सितम्बर को धार जिले में आगमन के संबंध में की जा रही तैयारियों की विभागवार जानकारी प्राप्त की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी प्राप्त कर पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास सहित "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार और पोषण" अभियान के संबंध में निर्देश दिए। प्रदेश में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक यह अभियान और स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी की जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश को पीएम मित्रा पार्क की सौगात मिल रही है। यह देश के सात पीएम मित्रा पार्क में से प्रथम पार्क होगा, जहां शीघ्र कार्य प्रारंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पार्क में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को आमंत्रित किया है। धार जिले सहित मालवा-निमाड़ अंचल के कपास उत्पादक किसानों के जीवन में पीएम मित्र पार्क निर्णायक परिवर्तन लाने का माध्यम बनेगा। बैठक में जानकारी दी गई कि पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पीएम मित्र पार्क युवाओं, महिलाओं, किसानों और निर्धन वर्ग के कल्याण की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की ठोस पहल है। धार जिले में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य कियोस्क के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का संयोजन किया गया है।  

मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद शहडोल का कन्या शिक्षा परिसर अब माता शबरी के नाम से जाना जाएगा

शहडोल  मध्य प्रदेश में जनजातीय कार्य विभाग के कन्या शिक्षा परिसरों का नाम अब 'माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर' होगा. राज्य सरकार ने इस आशय के आदेश जारी कर दिए हैं. इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया था.  प्रदेश में जनजातीय वर्ग की बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 82 कन्या शिक्षा परिसरों और 8 आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है. इन संस्थानों में विद्यार्थियों को शैक्षणिक सुविधा के साथ आवासीय सुविधा भी दी जा रही है. कन्या शिक्षा परिसर में कक्षा छठवीं से 12वीं तक प्रति कक्षा 70 विद्यार्थी के मान से 490 लड़कियां और आदर्श विद्यालयों में कक्षा छठवीं से 12वीं तक प्रति कक्षा 35 विद्यार्थी के मान से 245 विद्यार्थी पढ़ कर रहे हैं.  सरकार की ओर से बताया गया कि  छात्राओं को यूनिफॉर्म, ब्लू ब्लेजर, किताब, स्टेशनरी, पोषण आहार दिया जाता है. प्रति विद्यार्थी 15 हजार रुपए प्रतिवर्ष दिए जाते हैं. कन्या शिक्षा परिसर में तमाम गतिविधियों जैसे खेल, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियां, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, चिकित्सा, आकस्मिक चिकित्सा के लिए प्रति विद्यालय 7 लाख 10 हजार वार्षिक खर्च का प्रावधान हो. 

इंदौर और उज्जैन में जल्द शुरू होगी सस्ती सुगम परिवहन सेवा, मार्च से यात्रियों के लिए सुविधा

इंदौर  मध्य प्रदेश में सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डेडलाइन तय कर दी है। अब हर हाल में मार्च के पहले बसों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। सबसे पहले इंदौर और इसके बाद उज्जैन से सेवा प्रारंभ की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय में परिवहन विभाग के कामकाज की समीक्षा की। यहां अधिकारियों ने बताया कि अब यातायात नियम तोड़ने पर चालानी कार्रवाई का अधिकार प्रधान आरक्षक को भी दिया जाएगा। इस संबंध में शीघ्र ही अधिसूचना जारी होने वाली है। बता दें कि वर्ष 2006 में मप्र राज्य सड़क परिवहन निगम बंद होने के बाद से सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं है। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि उज्जैन जिले में सार्वजनिक बस संचालन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। जबलपुर और इंदौर में रूट सर्वे और श्रेणीवार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और सर्वे भी लगभग पूरा हो गया है। वाहनों की स्पीड पर नियंत्रण जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अंतरविभागीय बैठक नियमित रूप से हो। सड़कों पर सुरक्षा से जुड़ी कमियां पाए जाने पर उन्हें तत्काल दूर किया जाए। बस स्टाप पर नागरिकों को साफ-सफाई के साथ आवश्यक सुविधाएं मिलें। परिवहन विभाग की राजस्व संग्रह निगरानी प्रणाली को और मजबूत करें। वाहनों की गति सीमा पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। इसके साथ गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति के पास आवश्यक कागजों की वैधता की जांच भी नियमित हो। परिवहन विभाग में बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया। सुगम परिवहन सेवा में हो कम से कम किराया मुख्यमंत्री ने कहा कि सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों की सुविधाओं और कम से कम किराये पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसमें इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग को प्रोत्साहित करें। परिवहन सेवा के लिए बने नियमों का सख्ती से पालन हो। बसों में शहरों एवं गांवों के नाम सामने के कांच पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं। इसके साथ ही बस स्टाप पर भी गांव और नगरों के नाम लिखे हों। यात्री बसों का बीमा अनिवार्य हो। सभी कार्य नियमों के अंतर्गत हों, पारदर्शिता रहे। दिव्यांग यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जाए। बसें फिट हों, स्टाफ का व्यवहार अच्छा हो। अप-डाउनर्स को भी आवश्यक सुविधाएं दी जाएं। इस वर्ष 16 लाख 60 हजार नए वाहन आए, जिनमें 15 प्रतिशत ईव्ही बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 16 लाख 60 हजार वाहनों का पंजीयन किया गया है। इसमें 2 लाख 58 हजार यानी 15 प्रतिशत इलेक्ट्रिकल वाहन हैं। प्रदेश में आन रोड वाहनों की संख्या एक करोड़ 80 लाख के करीब है। परिवहन से प्राप्त होने वाली राजस्व में पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बैठक में राजस्व वृद्धि के किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।