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सोयाबीन उत्पादक किसानों को दी जायेगी भावान्तर राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों को मिलेगा उनकी उपज का वाजिब दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन उत्पादक किसानों को दी जायेगी भावान्तर राशि किसानों को फसलों की क्षति का दिया जाएगा मुआवजा मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश में प्रथम बनाया जाएगा मुख्यमंत्री ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन योजना में सिंगल विंडो पोर्टल का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम की हुई शुरुआत 215 करोड़ लागत के विकास कार्यों की दी सौगात मुख्यमंत्री सागर के जैसीनगर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में जहां भी सोयाबीन की फसल अतिवृष्टि अथवा रोग के कारण खराब हुई है, ऐसे सभी क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल क्षति का सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि सर्वे के बाद किसानों को सोयाबीन की फसल की क्षति का समुचित मुआवजा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सोयाबीन की फसल का एमएसपी 5328 रूपये निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी यही रेट दिया जाएगा। किसी भी किसान को घाटा नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में धान पर भी बोनस बढ़ाया गया है। किसानों को भावांतर भुगतान योजना से उनके खाते में बोनस का पैसा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमएसपी से कम दर पर फसल बिकती है तो भावान्तर की राशि सरकार द्वारा दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों की जिदंगी बेहतर और खुशहाल बनाने के लिए सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि दी जा रही है। मध्यप्रदेश में लाड़ली बहनों के जीवन में खुशियां लाने के लिए लाड़ली बहनों को दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रूपये की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास योजनाएं चलाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के पास धन की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र की नगर पंचायत जैसीनगर में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लगभग 215 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि के साथ ही पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। आज मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश को हम दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पहले नंबर पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश में किसानों को गाय पालने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशाला खोलने पर किसानों को लभगग 40 लाख रूपये की राशि मुहैया कराई जा रही है। इसमें 10 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिनके घर गाय है, वह गोपाल है, मध्यप्रदेश का हर बच्चा कृष्ण है। भगवान कृष्ण हो या भगवान राम इनके जीवन का एक-एक प्रसंग हम सभी को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का एक नाम दीनदयाल भी है, दीनदयाल यानि गरीब से गरीब आदमी की चिंता करने वाला। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी गरीबों की चिंता कर रही है। पं. दीन दयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश सरकार गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास कर रही है। भगवान कृष्ण ने गाय और मोर पंख का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गौवंश हत्या को प्रतिबंधित करने का सख्त कानून बनाया है। इस कानून का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार ने गाय के संरक्षण के लिए प्रति गाय 40 रूपये प्रतिदिन तक का खर्च बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मैं बुंदेलखंड की धरती पर आया हूं तो मुझे अत्यंत गौरव महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की यह धरती हीरों, वीरों और महावीरों की धरती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती ने अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए देश भक्ति की मिसाल पेश की है।समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता संकल्प कार्यक्रम एवं सिंगल विंडो पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से गैस कनेक्शन घर-घर तक मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसकी शुरुआत आज जैसीनगर से हो रही है। जैसीनगर का नाम जयशिवनगर और नगर परिषद बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसीनगर को नगर परिषद बनाने और जैसीनगर का नाम जयशिवनगर रखने की घोषणा की। साथ ही सागर जिले में बेवस नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा की। वहीं जैसीनगर में महाविद्यालय के अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कर उसका नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय के रखने, जैसीनगर में कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्कूल बनाने और सुरखी विधानसभा क्षेत्र में मसुरयाही-तोडा मार्ग लगभग 25 कि.मी. के निर्माण की भी घोषणा की। सागर की श्रद्धांजलि योजना प्रदेश के लिए बनेगी मॉडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर जिले में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिए शुरू की गई श्रद्धांजलि योजना संपूर्ण प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी। उन्होंने नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि आप सभी और आगे बढ़े इसके लिए राज्य सरकार आपके साथ हमेशा खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धांजलि योजना के अंतर्गत 100 से अधिक लाभान्वित ग्रामीणों के साथ संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह योजना न केवल सागर के लिए बल्कि संपूर्ण प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी। इस योजना को प्रदेश में लागू कर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने खेला शतरंज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र भौतिक सिंह जाट के साथ शतरंज खेला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम सफेद मोहरे को चुना और खेलना शुरू किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए अच्छी पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन मंदिर में की पूजा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसीनगर के गोवर्धन टोरी पर स्थित गोवर्धन मंदिर पहुंचकर भगवान गोवर्धन की पूजा कर आरती उतारी। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों की सराहना मुख्यमंत्री … Read more

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार राज्य सरकार की नीति के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार के लिए मार्गदर्शक हैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया नमन लालघाटी स्थित प्रतिमा पर किया माल्यार्पण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सुख की कामना करते हुए एकात्म मानववाद का दर्शन दिया। स्वदेशी और आत्मनिर्भरता ही हमारी संस्कृति और गांवों की व्यवस्था का आधार रही है, यह स्वावलंबन की भावना ही पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का आधार थी। पं. दीनदयाल उपाध्याय और महात्मा गांधी के विचारों में बहुत समानता थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय की 109वीं जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत सिंदूर का पौधा भी रोपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंडित दीनदयाल के विचार राज्य सरकार के लिए मार्गदर्शक हैं। हम प्रदेश के गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी सुधारों के माध्यम से देशवासियों को बड़ी सौगात दी है। इससे छोटे व्यापारियों और कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश के किसानों, कारीगरों, छोटे व्यापारियों की बेहतरी के लिए सभी से स्वदेशी अपनाने का आव्हान किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल, संगठन मंत्री  हितानंद शर्मा, सांसद  आलोक शर्मा, विधायक  रामेश्वर शर्मा, विधायक  भगवानदास सबनानी तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6.69 लाख धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ बोनस राशि अंतरित की

धान उत्पादक किसानों को दीपावली से पहले ही बोनस के रूप में दिया तोहफा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6.69 लाख धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ बोनस राशि अंतरित की किसानों की आर्थिक मजबूती से ही प्रदेश बनेगा समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 245 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण बालाघाट जिले के 4000 से अधिक युवाओं को दिए नियुक्ति-पत्र कटंगी में नया सामुदायिक अस्पताल और कटंगी-सिवनी राजमार्ग पर बनेगा नया सेतु हाईस्कूल को हायर सेकेंड्री स्कूल में किया जाएगा प्रोन्नत नेशनल पार्क से लगे खेतों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने कराई जाएगी सोलर फेंसिंग राजीव सागर परियोजना से नहलेसरा बांध के इंटरलिंक के लिए कराया जाएगा परीक्षण जंगली जानवरों के हमले में 5 मृतकों के परिजन को दिए जाएंगे 17-17 लाख रुपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव कटंगी में आयोजित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन में हुए शामिल   बालाघाट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाताओं की खुशहाली में ही हम सबकी खुशहाली है। अन्नदाताओं की आर्थिक मजबूती ही देश और प्रदेश के विकास और समृद्धि का आधार है। हमारी सरकार ने किसानों के सभी हितों का विशेष ध्यान रखा है। हमारी विकास नीतियों के मूल में किसान ही हैं। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी कल्याण के लिए हम मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। किसानों को उनके हर वाजिब हक के साथ-साथ हमारी सरकार किसान सम्मान निधि भी दे रही है। यह निधि किसानों के प्रति हमारे सम्मान की अभिव्यक्ति है। किसानों के कल्याण और इनकी समृद्धि के लिए हमारी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बालाघाट जिले के कटंगी तहसील मुख्यालय में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 6 लाख 69 हजार 272 धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ 12 लाख रुपये की प्रोत्साहन (बोनस) राशि सिंगल क्लिक से उनके बैंक खातों में अंतरित की। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जित करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार अधिकतम 10 हजार रूपये की बोनस राशि देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में करीब 245 करोड़ रुपये की लागत वाले 78 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। इसमें 39 करोड़ रूपए लागत से बालाघाट में सरेखा आर.ओ.बी. एवं परसवाड़ा में 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण भी शामिल है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित ग्रामों के 850 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। इन सभी युवाओं को गृह विभाग के विशेष सहयोगी दस्ते में नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में हुए रोजगार महोत्सव के जरिए चुने गए 3700 से अधिक युवाओं को प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में नियुक्ति पत्र भी दिए। इन चयनितों में लगभग 1000 युवतियां भी शामिल हैं, जिन्हें बेंगलुरु की निजी कंपनियों में नियुक्ति दी जा रही है। किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने देंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल किसानों की समृद्धि, बल्कि युवाओं के लिए भी नए अवसरों से भरपूर है। किसान और युवा विकास के सेतु की तरह हैं। प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार इन दोनों के परिश्रम और असीम ऊर्जा को नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के आशीर्वाद से ही किसान का बेटा आज मुख्यमंत्री है। किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं और सोयाबीन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की अतिरिक्त बोनस राशि भी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालाघाट जिले के जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर का चावल और जैविक गुड़ भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने दी अनेक सौगातें किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि कटंगी में नया सामुदायिक अस्पताल बनाया जाएगा। हाईस्कूल को हायर सेकेंड्री स्कूल में प्रोन्नत किया जाएगा। कटंगी से सिवनी राजमार्ग पर नया सेतु बनाया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के किसानों की बड़ी समस्या का निदान करते हुए कहा कि पेंच नेशनल पार्क की परिधि क्षेत्र से लगे खेतों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चारों ओर सोलर फेंसिंग कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राजीव सागर सिंचाई परियोजना से नहलेसरा बांध को इंटरलिंक कराने के लिए परीक्षण कराकर कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वाले क्षेत्र के 5 मृतकों स्व.  सुखराम, स्व.  प्रकाश, स्व.  अनिल, स्व.  मंगरू एवं स्व.  सेवकराम के परिजनों को मुआवजे की शेष राशि के रूप में 17-17 लाख रूपए देने की घोषणा की। इन सभी मृतकों के परिजन को 25-25 लाख रुपए मुआवजा मिलना था इसमें से 8-8 लाख रूपए परिजनों को पहले ही दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां चंद्रघंटा के साथ ज्वाला मैया का आशीर्वाद भी कटंगी में मिला है। बालाघाट ने विकास का लंबा रास्ता तय किया है और आज विकास की अहम धुरी बन चुका है। यहां के किसानों और जवानों ने अपने परिश्रम से क्षेत्र का माहौल ही बदल दिया है। यहां के जीआई टैग वाले चिन्नौर के चावल की खुशबू दूर-दूर तक फैली हुई है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में बालाघाट के कुछ युवा पथ भ्रमित हो गए थे, लेकिन प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह ने नक्सल उन्मूलन के लिए 31 मार्च 2026 की तारीख तय कर दी है। उन्होंने कहा कि आज बालाघाट के 850 जवानों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। अब यहीं के युवा यहीं पर प्रशिक्षण लेकर अपने गांव, कस्बे, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों की रक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सभी संकल्पों को पूरा करते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। किसानों को सम्मान निधि के साथ-साथ प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार ने लाड़ली बहनों से किया वादा भी निभाया है। रक्षाबंधन पर उन्हें 1500 रुपए दिए, अब दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रुपए देंगे। हम धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3000 रुपए कर देंगे। गौमाता को संरक्षण और सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य … Read more

मध्यप्रदेश-सिंगापुर का नया कदम: इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग और स्मार्ट सिटी टेक्नोलॉजी में साझेदारी

मध्यप्रदेश और सिंगापुर, इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग-ग्रीन टेक्नोलॉजी और स्मार्ट सिटी सॉल्युशन्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिंगापुर के काउंसल जनरल  चियोंग मिंग फूंग ने की सौजन्य भेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल स्किल पार्क जैसे प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश और सिंगापुर द्वारा क्षमता‍ निर्माण तथा युवा सशक्तिकरण के लिए किए गए संयुक्त प्रयासों का सफल उदाहरण है। सिंगापुर की तकनीक, शिक्षा-स्किल्स, विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता व संसाधन, परस्पर विकास, नवाचार और स्थिरता को प्रोत्साहित करने में सक्षम है। राज्य सरकार द्विपक्षीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हरसंभव नीति, सहयोग और निवेशकों को त्वरित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात सिंगापुर के काउंसल जनरल  चियोंग मिंग फूंग से मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में चर्चा के दौरान कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, सिंगापुर के साथ इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग, अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता, ग्रीन टेक्नोलॉजी, स्मार्ट सिटी सॉल्युशन्स, स्किल डेवलपमेंट सहित निवेश और शिक्षा के क्षेत्र में परस्पर सहयोग बढ़ाते हुए गतिविधियों का विस्तार करेगा।   

जल समृद्धि रणनीति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्री पाटिल के बीच अहम बैठक

जल समृद्धि रणनीति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्री पाटिल के बीच अहम बैठक मुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री की मुलाकात: जल समृद्धि को लेकर बनी रणनीति गुजरात के मुख्यमंत्री  पटेल भी हुए बैठक में शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान राज्य हित के विषयों पर उच्च स्तरीय बैठक में मंत्रणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल एवं गुजरात के मुख्यमंत्री  भूपेन्द्र पटेल के साथ बैठक में सहभागिता कर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। जलशक्ति मंत्री ने मध्यप्रदेश के कार्यों को सराहा केंद्रीय मंत्री  पाटिल ने मध्यप्रदेश द्वारा केंद्रीय योजनाओं का लाभ लेने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में मध्यप्रदेश ने अच्छा काम किया है। प्रदेश में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था और हर घर जल पहुंचाने का भी प्रशंसनीय कार्य हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जल समृद्धि बढ़ाने के मध्यप्रदेश के प्रयासों को पूरा सहयोग देने की बात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की नई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की और केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक में जनहित के महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की गई। इस अवसर पर संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद ने सार्वजनिक निजी भागीदारी से हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की दी स्वीकृति सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की स्वीकृति प्रदान गई है। संपूर्ण प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी। हैलीकॉप्टर का संचालन तीन सेक्टरों में किया जाएगा। सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-2 में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-3 में जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जायेगा। इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह , सारणी की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये (नॉन EPC सहित) का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 684 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 431 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 50 करोड़ 62 लाख रूपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह , चचाई की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 699 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड दवारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन दवारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 365 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 66 करोड़ 98 लाख रुपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में इन पदों का सृजन किया गया हैं। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे। 

10वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस: सीएम आज दोपहर 3 बजे करेंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन

भोपाल  मुख्यमंत्री आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का 55 जिले की 55 इकाई में प्रसार एवं कैंसर रोगियों के लिए "कारुण्य" कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाइन का शुभारंभ करेंगे। साथ ही एस.एम.पी.बी. की 'मध्य हर्बल दर्पण' पत्रिका का विमोचन और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन भी करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर आयुष विभाग द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। अध्यक्षता उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर और संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। MoU और हेल्पलाइन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को राज्य स्तरीय "10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस" का शुभारंभ कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में दोपहर 3 बजे करेंगे. कार्यक्रम में साथ ही आयुष वैलनेस टूरिज्म अंतर्गत आयुष विभाग एवं पर्यटन विभाग के मध्य एमओयू होगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का 55 जिले की 55 इकाई में प्रसार एवं कैंसर रोगियों के लिए "कारुण्य" कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाइन का शुभारंभ करेंगे. साथ ही एस.एम.पी.बी. की 'मध्य हर्बल दर्पण' पत्रिका का विमोचन और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन भी करेंगे. कार्यक्रम स्थल पर आयुष विभाग द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी. एमपी सरकार के यह मंत्री रहेंगे कार्यक्रम में मौजूद अध्यक्षता उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चेतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर और संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। क्यों खास है 23 सितंबर की तारीख? आयुर्वेद निवारक स्वास्थ्य देखभाल और कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अब तक आयुर्वेद दिवस धनतेरस के दिन मनाया जाता था. हिंदू कैलेंडर पर आधारित होने के कारण आयुर्वेद अंग्रेजी कैलेंडर पर इसकी तारीख हर साल बदलती रहती थी. आयुष मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि अगले दशक में धनतेरस की तारीख 15 अक्टूबर से 12 नवंबर के बीच व्यापक रूप से बदलती रहेगी, जिससे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजनों को करने में तार्किक चुनौतियां उत्पन्न होंगी. इस असंगति को दूर करने और राष्ट्रीय तथा वैश्विक उत्सवों के लिए एक स्थिर संदर्भ बिंदु स्थापित करने के लिए आयुष मंत्रालय ने उपयुक्त विकल्पों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया. विशेषज्ञ पैनल ने चार संभावित तारीखों का प्रस्ताव रखा, जिसमें 23 सितंबर की तारीख सर्वश्रेष्ठ विकल्प के रूप में सामने आई. यह निर्णय व्यावहारिक और प्रतीकात्मक दोनों विचारों पर आधारित था. नई तारीख 23 सितंबर, शरद विषुव के साथ मेल खाती है, जब दिन और रात लगभग बराबर होते हैं. यह खगोलीय घटना प्रकृति में संतुलन का प्रतीक है, जो आयुर्वेद दर्शन के साथ पूर्ण रूप से मेल खाती है, जो मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन पर जोर देती है.

मध्य प्रदेश सरकार OBC आरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध: सीएम डॉ. मोहन यादव

पिछड़ा वर्ग आरक्षण के संबंध में प्रतिबद्ध मध्य प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल और केंद्रीय मंत्री से मुलाकात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल श्री तुषार मेहता और केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राजभूषण चौधरी से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में राज्य सरकार द्वारा प्रतिबद्धता के साथ कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस संबंध में विस्तार से विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश भवन में सांसदगण से भी मुलाक़ात की।  हर घर जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राजभूषण चौधरी से भेंट कर मध्यप्रदेश के लिये पेयजल संबंधी योजनाओं के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौधरी को बताया की जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में सभी जिलों में कार्य हो रहा है। प्रदेश सरकार नागरिकों के लिए घर-घर तक जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में क्रियान्वित कार्यों की नियमित समीक्षा भी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र सरकार के अधिकारीगण से भी चर्चा की।   

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा में राष्ट्रीय स्तर पर नया मानक स्थापित किया

मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना रिकार्ड न्यूनतम 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ पर प्रदान कर रही है नवकरणीय ऊर्जा विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा भारत और मध्यप्रदेश 5 हजार मेगावाट तक पहुंच चुकी है प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को वर्चुअली किया संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन मध्यप्रदेश में करने का दिया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुझे गर्व है कि मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के शुभारंभ के साथ ही नवकरणीय ऊर्जा में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नया मानक स्थापित किया है। यह भारत की पहली परियोजना है, जो रिकार्ड न्यूनतम 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ पर स्थिर और डिस्पैचेबल नवकरणीय ऊर्जा प्रदान कर रही है। मध्यप्रदेश में ऊर्जा के विभिन्न स्त्रोतों की स्थापित क्षमता तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2025 तक सौर क्षमता लगभग 5 हजार मेगावाट पर पहुंच चुकी है, जिसे वर्ष 2035 बढ़ाकर 33 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा इंडस्ट्रियल प्रमोशन पालिसी, रिन्यूएबल एनर्जी पालिसी 2025 और पम्प हाइड्रो पालिसी 2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित सीआईआई अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  प्रहलाद जोशी, मालदीव के पर्यावरण एवं पर्यटन राज्यमंत्री  मुवियाथ मोहम्मद, सीआईआई और ई.वाय इंडिया के पदाधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगला अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन मध्यप्रदेश में आयोजित करने के लिए सभी को आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम नेट जीरो के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल भारत का दिल नहीं, बल्कि निर्माण गतिविधियों का केन्द्र भी बन रहा है। यह समय हमारे लिए निर्णायक है, वैश्विक परिस्थितियाँ बदल रही हैं और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। 'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करते हुए एक ऐसे भारत की नींव रखी जा रही है जो सुरक्षित, सक्षम और विश्व को मार्गदर्शन प्रदान करने की सामर्थ्य रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम सभी नेट जीरो के लक्ष्य की ओर दृढ़ संकल्पित होकर कदम बढ़ा रहे हैं। आने वाले वर्षों में भारत और मध्यप्रदेश विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा। भारतीय अर्थव्यवस्था अब दुनिया की आशा और भरोसे का केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज भारत को वैश्विक स्तर पर नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता। हमारी मातृभूमि भारत अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की आशा और भरोसे का केंद्र बन चुकी है। भारत आज ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा, टेक्सटाइल, आईटी, कृषि, फार्मा, रक्षा और अंतरिक्ष हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है एवं भारत को स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। भारत ने 2070 तक नेट-ज़ीरो और 2030 तक 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता का लक्ष्य रखा है। देश 251.5 गीगावाट नॉन-फॉसिल ऊर्जा क्षमता को पार कर चुका है और सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता में 100 गीगावाट की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में से एक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन मिशन', 'पीएम-कुसुम योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और स्मार्ट ग्रिड जैसी पहलों के माध्यम से भारत ने ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर, स्वच्छ और सतत् दिशा प्रदान की है। परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिला है। मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अनूठी उपस्थिति के साथ देश के प्रमुख राज्यों में से एक बन चुका है। यहाँ देश का सबसे बड़ा 'सौर पार्क' रीवा में स्थापित है, जो दिल्ली मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण उपक्रमों को ऊर्जा प्रदान करता हैं। साथ ही सांची शहर को देश का पहला सोलर सिटी बनाया गया है और ओमकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट कार्यरत है। नीमच में भारत का सबसे बड़ा पंप हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट विकसित किया गया है, जो ऊर्जा संग्रहण क्षमता के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाता है।  

बनारस में निवेश की बड़ी पहल, एमपी सरकार रुद्राक्ष सेंटर में कराएगी इन्वेस्टर्स मीट

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नवंबर में वाराणसी में इन्वेस्टर्स मीट कराने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में होगा। इस सिलसिले में रामनगर इंडिस्ट्रयल एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल रीवा में सीएम मोहन यादव से मिला है। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों के साथ अलग-अलग वार्ता कर निवेश के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी सुविधाओं के अतिरिक्त अन्य कोई भी आवश्यकता के लिए जिला कलेक्टर, औद्योगिक विकास आयुक्त मध्य प्रदेश एवं मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे संपर्क में रहने की बात कही। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने हनुमाना के पास स्थित औद्योगिक क्षेत्र को देखा।  इस दौरान मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निदेशक रीवा संभाग यूके तिवारी व पूरी टीम उपस्थित रही। प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस मिश्रा, महामंत्री राकेश जायसवाल, उपाध्यक्ष सुरेश पटेल, उपाध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष संजय गुप्ता, प्रतिष्ठित उद्यमी प्रमोद चौरसिया, अंजनी अग्रवाल, पियूष अग्रवाल आदि शामिल थे। अयोध्या में राम मुस्कुराते हैं, तो मथुरा में कृष्ण क्यों नहीं? – मोहन यादव का सवाल भगवान राम अपने बाल रूप मे अयोध्या में विराज चुके हैं तो वहीं मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि को लेकर गाहे-बगाहे स्वर उठते रहते हैं। हिंदुओं का मत है कि भगवान राम की तरह मथुरा में भी भगवान कृष्ण का भव्य मंदिर बने,पर अभी यह मामला कोर्ट में है। इस बीच मथुरा पहुंचे मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने नया बयान दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जब अयोध्या में भगवान राम मुस्कुरा रहे हैं, तो मथुरा में भगवान कृष्ण के मुस्कुराने में क्या गलत है। मुख्यमंत्री वृंदावन में थे। वह अपने कैबिनेट मंत्री राकेश शर्मा द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का जश्न मनाने और शहीदों को सम्मानित करने के लिए केशव धाम में आयोजित भागवत कथा के समापन समारोह में शामिल हुए थे। इस अवसर पर यादव ने कहा, "हमने अयोध्या में रामलला को मुस्कुराते हुए देखा है… जब रामलला मुस्कुरा रहे हैं, तो कृष्ण कन्हैया भी मुस्कुराएं तो इसमें क्या गलत है?" उन्होंने आगे कहा, "यह भी खुशी का एक कारण होना चाहिए। आवाज तो चारों दिशाओं से आ रही है।" किसी का नाम लिए बिना मोहन यादव ने कहा, "जो बहरे हैं, वे अपने कान ठीक कर लें, जिनकी आंखों में दिक्कत है, वे साफ-साफ देख लें। हम ज्यादा दूर नहीं हैं।" यह ध्यान देने योग्य है कि मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद-श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही है। हिंदू पक्ष शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने और जमीन वापस लेने की माँग कर रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष 1968 के समझौते और 1991 के पूजा स्थल अधिनियम (Places of Worship Act) का हवाला देते हुए मस्जिद की कानूनी वैधता का दावा कर रहा है। मोहन यादव ने इस मामले का सीधा जिक्र नहीं किया, लेकिन उनके बयानों को इस संदर्भ में देखा जा सकता है।