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रीवा में ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का आगाज़ 26 जुलाई से, सीएम डॉ. यादव करेंगे उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में 26 जुलाई को करेंगे दो दिवसीय ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का शुभारंभ निवेश, डिजिटल बुकिंग, ग्राम पर्यटन और सांस्कृतिक साझेदारियों की होंगी ऐतिहासिक घोषणाएं उपमुख्यमंत्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति मंत्री लोधी भी रहेंगे मौजूद रीवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 जुलाई शनिवार को दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ–साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ाने तथा मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि तथा विंध्य क्षेत्र की पर्यटन क्षमताओं को पहचानते हुए राज्य में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। रीवा के कृष्ण राज कपूर ऑडिटोरियम में होने वाले इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी भी मौजूद रहेंगे। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ल ने बताया कि कॉन्क्लेव में प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश तिवारी और पंचायत वेबसीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को सशक्त करने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय, निवेश प्रस्ताव, डिजिटल नवाचार और सांस्कृतिक साझेदारियां सार्वजनिक की जाएंगी। ‘वाइल्डलाइफ और ऑफबीट डेस्टिनेशनों’ पर केंद्रित इस आयोजन में राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय समुदाय को पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने प्रभावशाली पहल होगी निवेश प्रस्ताव: प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना को नई गति कॉन्क्लेव के पहले सत्र में होटल, रिसोर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्रों में निवेश करने वाले छह प्रमुख निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्रदान किए जाएंगे। इन प्रस्तावों के अंतर्गत धार, मंदसौर, रायसेन, विदिशा, जबलपुर और अलीराजपुर में निवेश प्रस्तावित है। प्रखर पाव द्वारा मंदसौर में ईको-टूरिज्म गतिविधियों और धार में मिनी रिसोर्ट की स्थापना की योजना है। गांधी सागर क्षेत्र में ईको टूरिज्म गतिविधि संचालित करने के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि का निवेश किया जाएगा। धार जिले के हेमाबर्डी क्षेत्र में फिक्सड टेंटिंग यूनिट/मिनी रिसोर्ट के लिए भी 1 करोड़ रुपये का निवेश का प्रस्ताव है। सिद्धार्थ सिंह तोमर रायसेन जिले के ढकना चपना में होटल/रिसोर्ट के माध्यम से आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को आवश्यक सुविधायें प्रदान करने के लिए 5 करोड़ का निवेश करेंगे। कैलाश फुलवानी द्वारा विदिशा जिले के नेहरयाई क्षेत्र में होटल/रिसोर्ट के सुविधायें के लिए 3 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसी तरह रितु यादव, अफोर्ड मोटर्स जबलपुर द्वारा जबलपुर जिले में भेड़ाघाट के समीप नन्हाखेड़ा क्षेत्र में होटल/रिसोर्ट पर 1 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। आनंद ताम्रकार, पुष्पा इंटरप्राइजेस अलीराजपुर द्वारा अलीराजपुर जिले के जूनाकट्ठीवाड़ा क्षेत्र में रिसोर्ट एवं वेलनेस सेंटर के लिए 1 रुपये करोड़ का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इन परियोजनाओं से स्थानीय समुदाय को पर्यटन आधारित रोजगार प्राप्त होगा और क्षेत्रीय पर्यटन को स्थायित्व के साथ बल मिलेगा। डिजिटल बुकिंग के नए युग की शुरुआत पर्यटन विभाग द्वारा राज्य में संचालित पीएम पर्यटन वायु सेवा की बुकिंग अब IRCTC पोर्टल पर भी संभव होगी। अब तक www.flyola.in के माध्यम से बुकिंग की जा रही थी, लेकिन अब IRCTC जैसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से जुड़ने से सेवाएं और अधिक सहज और सुगम हो सकेंगी। इस वायु सेवा के माध्यम से भोपाल, इंदौर, रीवा, सतना और सिंगरौली जैसे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर पर्यटन की पहुंच को विस्तार दिया जा रहा है। ग्राम होमस्टे बुकिंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में गत माह 18 जून को "ग्रामीण रंग, पर्यटन संग" कार्यक्रम के दौरान एमपी पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) एवं पर्यटन बोर्ड (MPTB) के बीच MoU साइन हुआ था। प्रदेश के 61 चयनित पर्यटन ग्रामों के ग्राम होमस्टे अब डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। इस प्लेटफॉर्म की विशेषता है कि यह DJUBO जैसे आधुनिक प्रॉपर्टी मैनेजमेंट इंफर्मेशन सिस्टम से संचालित होता है, जो सेंट्रल रिजर्वेशन सिस्टम से युक्त है। इससे ग्रामीण होमस्टे अब MakeMyTrip, Yatra, EaseMyTrip जैसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों (OTA) से भी जुड़ पाएंगे। यह पहल स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाकर वैश्विक पर्यटक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। डिजिटल प्रचार-प्रसार के लिए होगा एमओयू कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा दो प्रमुख डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों, Barcode Experiential और Qyuki Digital के साथ रणनीतिक साझेदारी के लिए एमओयू किया जाएगा। इन कंपनियों की विशेषज्ञता डिजिटल ब्रांडिंग, इन्फ्लुएंसर कैंपेन और रचनात्मक सोशल मीडिया मार्केटिंग में है। यह सहयोग पर्यटन स्थलों की आधुनिक ब्रांडिंग को बल देगा और युवाओं के बीच मध्यप्रदेश को "अतुल्य भारत का दिल" के रूप में और मजबूती से स्थापित करेगा। अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा चित्रकूट घाट में "Spiritual Experience" परियोजना का स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत वर्चुअल शिलान्यास किया जाएगा और शहडोल में फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट (FCI) का उद्घाटन भी होगा। यह संस्था 15.62 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हुआ है और युवाओं को आतिथ्य सत्कार से जुड़ी ट्रेनिंग एवं रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएगा। मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी जिलों में स्थानीय कला और हस्तशिल्प केंद्र स्थापित करने के लिए ग्राम सुधार समिति, एमएम फाउंडेशन और समर्थ संस्था के साथ अनुबंध किया जाएगा। यह पहल महिलाओं और कारीगरों को प्रशिक्षण, उत्पादन और विपणन से जोड़ते हुए आजीविका के अवसर उपलब्ध कराएगी।  

गुना जिले में 175.76 करोड़ लागत से 604 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पीकेसी के साथ कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना से गुना जिले के खेत होंगे सिंचित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5138 करोड़ लागत वाली कुंभराज परियोजना से 97500 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित गुना जिले में 175.76 करोड़ लागत से 604 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन खंडेलवाल की बेटी के लीवर ट्रांसप्लांट के लिए 4 लाख और ममता विश्वकर्मा को 1 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा बीनागंज में गौशाला विकास के लिए 12 लाख रुपए देने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया पीकेसी नदी लिंक परियोजना आभार सभा को किया संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार गुना  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। हमारे यहां कोई ग्लेशियर नहीं हैं, लेकिन सघन वन और जलराशि उपलब्ध है। प्रदेश का कोई भी गांव, कोई भी खेत पानी से वंचित न रहे इसके लिए हमारी सरकार ने प्रदेश में तीन बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना इन्हीं में से एक है। गुना जिले को पीकेसी के साथ-साथ कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना का भी बड़ा लाभ मिलेगा इससे यहां के गांव-गांव और खेत-खेत तक पानी पहुंचेगा। यह परियोजना गुना जिले की तस्वीर बदल देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को गुना जिले की चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के बीनागंज में पीकेसी नदी लिंक परियोजना के लिए जिलेवासियों द्वारा आयोजित आभार सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करीब 5138 करोड़ रूपए की लागत वाली कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना की स्वीकृति पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। इस परियोजना से गुना जिले की 97500 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को बारहमासी सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले के समग्र विकास के लिए कुल 175.76 करोड़ रूपए की लागत से विभिन्न श्रेणी के 604 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से ग्राम बीनागंज के राजेश खंडेलवाल की बेटी के लीवर ट्रांसप्लांट के लिए 4 लाख रुपए देने की घोषणा की। बेटी के इलाज के लिए सरकार द्वारा एक लाख रूपए पहले ही दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती ममता विश्वकर्मा को 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बीनागंज में गौशाला के संपूर्ण विकास के लिए 12 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भगवान गणेश की गोबर से निर्मित प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया गया। क्षेत्रीय बहनों ने श्रावण मास पर मुख्यमंत्री को दो बड़ी राखियां भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से लाड़ली लक्ष्मी योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अन्य शासकीय योजनाओं के चिन्हित हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाचौड़ा के दर्शनीय स्थलों पर केंद्रित एक मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 2003 तक विपक्षी दल की सरकार थी और उस दौर में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिला। तब की सरकार ने किसानों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। गुना के गुलाब और धनिया में यहां के किसानों की कड़ी मेहनत की खुशबू आती है। गुना जिला मालवा और चंबल का दरवाजा है। उन्होंने कहा कि किसी जमाने में चंबल में दस्यु संकट चरम पर था। हमारी सरकार बनने पर डाकुओं का सफाया कर दिया गया। अगर 50 साल पहले दस्यु समस्या का हल निकल जाता, तो इस अंचल का अत्यधिक विकास होता। पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदी योजना बाबा महाकाल का आशीर्वाद हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नदी जोड़ो परियोजना का कार्य जारी है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना से चंबल और मालवा के 13 जिलों को लाभ मिलेगा इससे राजस्थान के भी 13 जिले लाभान्वित होंगे। विपक्षी दल की सरकारों ने पीकेसी परियोजना का विरोध किया और कई सालों तक अटकाए रखा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में समस्या का हल निकाला गया। पीकेसी की सहायक कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना से अब गुना जिले की हर तहसील, हर गांव और खेत में सिंचाई जल और पेयजल का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 4 करोड़ गरीबों को पक्का मकान मिल चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के पास अपना कोई मकान नहीं, लेकिन वे करोड़ों लोगों के मकान बनवा रहे हैं। गरीब-जरूरतमंदों को आयुष्मान भारत के अलावा नि:शुल्क राशन योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सावन का महीना चल रहा है, बहनों को 250 रुपए का शगुन मिलेगा। प्रदेश की लाड़ली बहनों को इसी साल दीपावली से 1500 रुपए हर माह भेजे जाएंगे। लाड़ली बहनें अगर फैक्ट्री में काम करेंगी, तो उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 14 हजार रुपए मेहनताना दिलवाएंगे। युवाओं को भी रोजगार के लिए फैक्ट्री में काम करने पर सरकार 5000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत हम केन्द्र सरकार के साथ मिलकर पात्र किसानों को कुल 12 हजार रुपए दे रहे हैं, जिसमें 6 हजार रूपये केन्द्र से एवं 6 हजार राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने के लिए प्रदेश में सोलर पॉवर से चलित सिंचाई पंप बांटे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार विरासतों का हरसंभव तरीके से संरक्षण करते हुए प्रदेश को विकास की धारा से जोड़ रही है। प्रदेश में विकास का क्रम लगातार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गंभीर घायलों और गरीब जरूरतमंदों को एयर एम्बुलेंस का लाभ मिल रहा है। राहवीर योजना के माध्यम से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की सहायता करने और अस्पताल पहुंचाने पर मदद करने वाले राहवीर को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गौपालकों को अनुदान देने की शुरुआत की है। गौशालाओं … Read more

सिंगरौली के गंभीर रोगी को एम्स भोपाल लाकर की गई जीवन रक्षा पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा हुई लाभकारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने गरीब और जरूरतमंदों को कष्ट के समय में सहायता के लिए एयर एम्बुलेंस की सौगात दी है। यह सुविधा एक बार फिर लाभकारी सिद्ध हुई है। राज्य सरकार ने सेवा की अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध करते हुए प्रदेश के दूरस्थ और उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे सिंगरौली जिले के निवासी संदीप सिंह को किडनी संबंधी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए उन्हें पीएम एम्बुलेंस के माध्यम से एयरलिफ्ट करके भोपाल लाया गया और उन्हें बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स में भर्ती करवाकर जीवन रक्षा की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी और चिकित्सक इस सेवा का लाभ गंभीर रोगियों और दुर्घटनाग्रसत नागरिकों को दिलवाने के प्रति सजग रहें। जिन व्यक्तियों को इस सेवा की जरूरत है, उनके परिजन भी इसका लाभ लेने के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गरीबों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के सभी पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश पहला प्रदेश है जहां जरूरतमंद मरीजों को एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिलती है। अब तक 17 जिलों के रोगियों को कठिन समय में एयर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। मुश्किल वक्त में यह सुविधा काफी महंगी होती है और गरीबों को संबल स्वरूप राज्य सरकार ने एयर एम्बुलेंस की सेवा शुरू की है, जिसके अंतर्गत हवाई पट्टी वाले क्षेत्रों में एयर एम्बुलेंस का उपयोग हो रहा है। मरीजों को हेलीकॉप्टर द्वारा एयर लिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली जिले के मरीज संदीप सिंह की समय पर मदद करने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बधाई दी है। एयर एम्बुलेंस सेवा: पात्रता एवं स्वीकृति प्रक्रिया पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं, औद्योगिक हादसों एवं प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित मरीजों को त्वरित एवं सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। यह सेवा राज्य के नागरिकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और जीवन रक्षक सुविधा बन चुकी है। सेवा के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए राज्य के भीतर एवं बाहर के सरकारी व आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए निःशुल्क वायु परिवहन की सुविधा दी जाती है और जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है उनको राज्य के भीतर सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए निशुल्क हवाई परिवहन सेवा, और राज्य के बाहर किसी भी अस्पताल में अनुमोदित दरों पर सशुल्क सेवा उपलब्ध कराई जा सकती है। यह सेवा राज्य के सभी जिलों से जिला अस्पतालों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। नागरिकों को उनके जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या मेडिकल कॉलेज अधिष्ठाता की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा राज्य के भीतर निःशुल्क परिवहन की अनुमति दी जाती है। राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा भोपाल तथा सशुल्क मामलों में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल स्वीकृति प्रदान करते हैं।  

‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति राज्य मंत्री लोधी भी होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का आज शनिवार को करेंगे शुभारंभ विंध्य के वैभव को मिलेगा नया आयाम : रीवा में आज 26-27 जुलाई को होगा ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’  ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति राज्य मंत्री  लोधी भी होंगे शामिल निवेशक, पर्यटन व्यवसायी, टूर ऑपरेटर्स, होटल इंडस्ट्री के हितधारक होंगे सम्मिलित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ–साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में आज  शनिवार 26 जुलाई को शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि और विंध्य क्षेत्र की पर्यटन क्षमताओं को पहचानते हुए राज्य में पर्यटन निवेश को बढ़ाने के लिए रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। प्रसिद्ध अभिनेता श्री मुकेश तिवारी और पंचायत वेब सीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह कॉन्क्लेव में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में आतिथ्य क्षेत्र के निवेशकों को सम्मानित भी किया जाएगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा अक्टूबर माह में भोपाल में आयोजित होने वाले मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट की पूर्व तैयारियों के दृष्टिगत यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर में अगस्त एवं इंदौर में सितंबर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। डिजिटल पहल, एमओयू, आधारशिला कार्यक्रम एवं अनुबंध आईआरसीटीसी पोर्टल पर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ होमस्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का लोकार्पण मेक माय ट्रिप के साथ एमओयू  चित्रकूट घाट में 'स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस' परियोजना की आधारशिला का वर्चुअल शिलान्यास होगा। शहडोल में एफसीआई (फैसिलिटेशन सेंटर फॉर टूरिस्ट्स) का उद्घाटन मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला एवं शिल्प केंद्रों की स्थापना के लिये एजेंसियों के साथ और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों—मेसर्स बारकोड एक्सपीरिएंशल एवं मेसर्स क्यूयुकी डिजिटल के साथ अनुबंध होंगे। वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर होगा मंथन रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में पर्यटन क्षेत्र पर आधारित विभिन्न सत्र होंगे। मध्यप्रदेश में वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं, पर्यटन अनुभव और निवेश पर मंथन होगा। इसमें “वन पथों से विरासत की कहानियों तक : रीवा का पर्यटन पुनर्जागरण”, “मध्यप्रदेश में समग्र पर्यटन अनुभव का निर्माण” और “मध्यप्रदेश में पर्यटन, फिल्म और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के अवसर” विषय पर सत्र होंगे। हितधारकों पर्यटन व्यवसाय में निवेश की संभावनाओं पर करेंगे चर्चा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में ट्रेवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और टूरिज़्म स्टेकहोल्डर्स के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। प्रदर्शनी में दिखेगा मध्यप्रदेश का सांस्कृतिक गौरव रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में विशेष पर्यटन प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, हॉस्पिटिलिटी ब्रांड्स, होमस्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडीक्राफ्ट, साहसिक गतिविधियों और सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम की रंगारंग प्रस्तुति भी होगी। फैम टूर का आनंद लेंगे हित-धारक एवं निवेशक रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (FAM Tour) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रीवा एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण

स्वस्थ प्रदेश से ही बनाएंगे समृद्ध प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुलभ, सस्ती और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर की सेवा में ही नारायण की सेवा है। प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। स्वस्थ प्रदेश के जरिए ही हम मध्यप्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाएंगे। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सहज, सुलभ, सस्ती, तत्परतापूर्ण और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही सरकार की प्राथमिकता है। गरीब कल्याण के संकल्प की सिद्धि के लिए हम वचनबद्ध होकर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन मशीनों का लोकार्पण हुआ है, यह हमारे लिए सिर्फ मशीनों का नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और अपने वचनों के प्रति समर्पण भाव का भी विस्तार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल से सम्बद्ध हमीदिया अस्पताल में नव स्थापित सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इन मशीनों के लोकार्पण से प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सालय को चिकित्सा जांच की अत्याधुनिक सुविधा स्थायी रूप से उपलब्ध हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ती जा रही हैं। हमीदिया अस्पताल में नई एमआरआई मशीन का लोकार्पण हुआ है। यह कष्ट के समय में जीवनदान के समान है। इससे जांच में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी शासकीय अस्पतालों में आधुनिक मशीनों द्वारा मरीजों की जांच के लिए कार्य कर रही है। सभी अस्पतालों में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। यह नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की सजगता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों के साथ अस्पताल भी शुरू किए जा रहे हैं। देश में अपनी तरह का यह पहला मॉडल है, जहां मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए इच्छुक निवेशकों/संस्थाओं को 25 एकड़ जमीन मात्र एक रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को उच्च स्तरीय जांच सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि आमजन को सस्ती, सुलभ और समुचित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि शासकीय गांधी चिकित्सालय महाविद्याय और हमीदिया अस्पताल अपनी वर्षों पुरानी साख और सेवाभाव के साथ अब नई तकनीकों से भी सुसज्जित हो गया है। सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की स्थापना से मरीजों को जटिल स्वास्थ्य जांचों के लिए अब कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गंभीर मरीजों के लिए सरकार ने एयर एंबुलेंस और हेली सेवा की भी शुरुआत की है, जिससे कई मरीजों को समय पर चिकित्सा उपलब्ध करवाकर उनकी जीवन रक्षा संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार केवल नीतियों के निर्माण से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से ही आता है और यह कार्य राज्य सरकार द्वारा दृढ़ संकल्प के साथ किया जा रहा है। प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में दिनों-दिन बढ़ रही है क्षमता और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमीदिया अस्पताल में स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के लोकार्पण से यहां रोजाना लगभग 2 हज़ार ओपीडी (बाहरी) और 1500 आईपीडी (आंतरिक) मरीज लाभान्वित होंगे। इससे गरीब भाई-बहनों को बड़ी सुविधा मिल गई है। अब वे भी महंगे टेस्ट और उपचार करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन सहित विक्रम उद्योगपुरी में देश का सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क भी बन रहा है। प्रदेश के 50 जिला और 3 सिविल अस्पतालों में सीटी स्कैन सेवाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस की 2,575 और पीजी की 1,357 सीटें शासकीय कॉलेजों में उपलब्ध हैं। प्रदेश में वर्तमान में शासकीय और निजी मिलाकर कुल 40 मेडिकल कॉलेज, 308 नर्सिंग कॉलेज और 800 हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में अब तक 4 करोड़ 37 लाख से अधिक आयुष्मान निरामयम् कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति को एक घंटे के भीतर निकटतम अस्पताल पहुंचाकर उसके प्राण बचाने में योगदान देने वाले व्यक्ति को सरकार राहवीर योजना के तहत 25 हजार रुपये देगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने देहदान और अंगदान करने वालों को सम्मानित करने का निर्णय भी लिया है। इस अवसर खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, जीएमसी डीन डॉ. कविता सिंह, सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर्स और जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।  

UK के साथ मुक्त व्यापार समझौता प्रदेश के उद्योग और निर्यात को देगा नया आयाम: डॉ. यादव

UK के साथ मुक्त व्यापार समझौता प्रदेश के उद्योग और निर्यात को देगा नया आयाम: डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफटीए के लिए प्रधानमंत्री मोदी का किया अभिनंदन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते यानि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट-FTA की उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीब, किसान, युवाओं के साथ-साथ समूचा भारत गौरवान्वित हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर जो करार किया है, यह न केवल उद्योग, व्यापार और रोजगार की दृष्टि से, बल्कि वैश्विक संबंधों की दृष्टि से भी भारत को नई ऊंचाईयों पर लेकर जाएगा। भारत सरकार के "मेक इन इंडिया" और "वोकल फॉर लोकल" जैसे अभियानों से वैश्विक स्तर पर मिला विस्तार देश की बढ़ती प्रतिष्ठा का अतुलनीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम सभी को एफटीए के स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए। मध्यप्रदेश को भी भविष्य में ब्रिटेन के साथ हुए इस मुक्त व्यापार समझौते का भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि नये मुक्त व्यापार समझौते से मध्यप्रदेश को कृषि सेक्टर, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, सर्विस सेक्टर, एविएशन सेक्टर, लेदर इंडस्ट्री, प्लास्टिक एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर सहित मैन्युफैक्चरिंग एवं इंडस्ट्रियल ग्रोथ में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।  

नशा मुक्ति अभियान को मिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समर्थन, संकल्प पत्र पर किए हस्ताक्षर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशे से दूरी है जरूरी अभियान के संकल्प पत्र पर किए हस्ताक्षर समाज को नशा और अपराध मुक्त बनाने के लिए प्रदेश पुलिस चला रही है जागरुकता अभियान-मुख्यमंत्री डॉ. यादव नशा मुक्ति अभियान को मिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समर्थन, संकल्प पत्र पर किए हस्ताक्षर 30 जुलाई तक जारी रहेगा अभियान अभियान समाज और पुलिस की सहभागिता का सशक्त प्रयास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान केवल अभियान नहीं, मादक पदार्थों की लत से युवाओं को बचाने की दिशा में समाज और पुलिस की सहभागिता का सशक्त प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित वृहद जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी-है जरूरी" के अंतर्गत भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह अभियान 15 से 30 जुलाई 2025 तक प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस मुख्यालय के नारकोटिक्स विंग द्वारा संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य किशोरों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें इस लत से दूर रखना और जो लोग पहले से नशे की गिरफ्त में हैं, उन्हें उचित परामर्श और सहयोग प्रदान कर पुनर्वास की दिशा में मार्गदर्शन देना है। पुलिस के नशा मुक्ति अभियान से जुड़ीं स्वयंसेवी संस्थाएं नशा मुक्ति अभियान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस अधिकारी, नगर एवं ग्राम रक्षा समितियां और कम्युनिटी पुलिसिंग के सभी विंग साथ मिलकर स्कूल, कॉलेज के युवाओं और आमजनों को नशे से दूरी बनाने के लिए जागरुक करेंगी। स्वयंसेवी संस्थाओं को भी प्रदेश स्तरीय महाअभियान से जोड़ा जा रहा है ताकि जनता में विशेषकर युवाओं में जागृति आए कि नशा किस प्रकार से उनके स्वास्थ्य एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को खत्म कर प्रगति को बाधित कर रहा है। पुलिस का यह कार्य जन-जागरुकता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि समुदाय को कानून, असुरक्षा, गलत नीतियों के बारे में जानकारी देना आवश्यक है, ताकि प्रदेशवासी नशा और अपराध मुक्त वातावरण में एक बेहतर जीवन जी सकें। जागरूकता, संवाद, सहयोग और सुरक्षा है अभियान का मूलमंत्र नशे के विरुद्ध समुदाय आधारित जन-जागरुकता अभियान में विभिन्न शासकीय विभाग, गैर-सरकारी संगठन (NGO), धर्माचार्य, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, सभी समुदायों के लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस गली-गली में जाकर आम जनता से संवाद कर रही है कि कैसे वे नशे से मुक्त रहें और युवा पीढ़ी नशे से दूरी बनाकर अपना भविष्य सुरक्षित करे। यह अभियान स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और डिजिटल माध्यमों के ज़रिए जन-जागृति फैलाने में सहायक सिद्ध होगा। जागरूकता, संवाद, सहयोग और सुरक्षा अभियान का मूलमंत्र है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से किया संवाद, युवा उद्योगपतियों को वितरित किए भूमि आवंटन आशय-पत्र

मध्यप्रदेश को औद्योगिक और रोजगार संपन्न राज्य बनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में शीघ्र प्रारंभ होगी पुलिस चौकी, महिला अधिकारी भी होंगी पदस्थ 15 करोड़ 61 लाख लागत के विस्तारित अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र का हुआ भूमि-पूजन युवा उद्योगपतियों को वितरित किए भूमि आवंटन आशय-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे उद्योग और कारखाने मंदिरों की तरह हैं, जो लोगों के कष्ट मिटाते हैं। मध्यप्रदेश में उद्योगों का निरंतर जाल फैलाया जा रहा है। प्रदेश के युवाओं को पलायन की आवश्यकता नहीं है, नए उद्योग शुरू होने से प्रदश में तेजी से समृद्धि आएगी। युवाओं को रोजगारपरक उद्योगों में प्रोत्साहन देते हुए 5 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। मध्यप्रदेश को औद्योगिक और रोजगार संपन्न राज्य बनाएंगे और मध्यप्रदेश देश का नंबर एक राज्य होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को भोपाल के निकट अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 416 करोड़ रूपये निवेश वाली 6 नवीन औद्योगिक इकाईयों के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अचारपुरा विशेष औद्योगिक केन्द्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र एक्सटेंशन फेज-3 (ग्राम हज्जामपुर) का शिलान्यास भी किया, जो 31.21 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगपति उद्योग लगाने के लिए आ रहे हैं। अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में आज हर पीढ़ी के उद्यमी हैं। जहां गोकलदास एक्सपोर्टस प्रा.लि. के प्रभात सिंह उपस्थित हैं वहीं सिनाई हेल्थकेयर के युवा आदित्य शर्मा और एसेड्स प्राइवेट लिमिडेट के रौनक चौधरी की उपस्थिति प्रसन्नता प्रदान कर रही है। अचारपुरा की तस्वीर बदल गई है। सावन का समय है और यहां उद्योगों की वर्षा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सहित देशभर में उद्योग-व्यापार का वातावरण बना है। मध्यप्रदेश में उद्योग प्रारंभ करने के लिए छोटे-बड़े उम्र की कोई सीमा नहीं है और सरकार के द्वार सभी के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि खुशी का विषय है कि अचारपुरा की फैक्ट्रियों में ऐसी जैकेट बनाई जा रही हैं जो अमेरिका और अन्य देशों में निर्यात होती हैं। मध्यप्रदेश की प्रतिभाएं इन उत्पादों को तैयार कर विश्व में पहुंचा रही हैं। चीन जैसा देश हमारे कॉटन को बेच रहा है। मध्यप्रदेश की कपास की गुणवत्ता विश्व विख्यात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेहनत के मंदिर हमारे कारखाने इस बात के प्रतीक हैं कि वे सभी की तकलीफें दूर करते हैं। उद्योगपतियों की पूंजी और युवाओं का परिश्रम मिलकर अच्छा परिणाम देता है। राज्य सरकार ने देश के अलग-अलग शहरों में उद्योगों की स्थापना के लिए रोड शो आयोजित कर निवेशकों को आकर्षित किया है। राज्य सरकार भारत ही नहीं यूके, दुबई, स्पेन, जर्मनी, जापान सहित अनेक देशों से निवेश लेकर आई हैं।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अर्थव्यवस्था के मामले में भारत का नंबर दुनिया में वर्ष 2014 में 15वें स्थान पर था, अब भारत तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र में संपन्नता लाने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 20 वर्ष पूर्व प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रुपए थी, जो अब 1 लाख 52 हजार रुपए हो गई है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 55 लाख हेक्टेयर है जिसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करेंगे। प्रदेश की सभी पात्र लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद 1500 रुपए की राशि हर माह दी जाएगी। सावन का महीना है, बहनों को शगुन की राशि भी देंगे। लाड़ली बहनों की राशि साल दर साल बढ़ाएंगे और इसे वर्ष 2028 तक बढ़ाकर 3000 रुपए तक ले जाएंगे। 6 नई औद्योगिक इकाईयों का किया भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नए उद्योगों के भूमि-पूजन के साथ-साथ युवा उद्यमियों को भूमि-आवंटन के आशय पत्र भी बांटे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 6 नई औद्योगिक इकाईयों ऐसेड्स प्राइवेट लिमिटेड, सिनाई हेल्थ केयर, गोकुलदास एक्सपोर्ट, इंडो एकॉर्ड अपरल्स, थिंक गैस एवं समर्थ अग्रीटेक का रिमोट दबाकर भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर अचारपुरा में पुलिस चौकी काम करना शुरू कर देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित आईजी (पुलिस) को इस चौकी पर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अचारपुरा में गोकलदास गारमेंट इकाई का भ्रमण किया। उन्होंने यहां कार्य करने वाली बहनों से बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया। एमएसएमई और भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में यह परिवर्तन हुआ है।रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। गोकलदास एक्सपोर्टस प्रा.लि. में क्षेत्र की लगभग 2500 महिलाएँ दक्षता से कार्य कर रही हैं।मध्यप्रदेश के युवा उद्योगपति बनकर यहीं उद्योग स्थापित कर रहे हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव हाल ही दुबई एवं स्पेन की यात्रा से आए हैं।वे निरंतर उद्योगपतियों से संवाद कर रहे हैं जिससे औद्योगिक परिदृश्य बदला है एवं मध्यप्रदेश का स्थान विश्व में ऊँचा उठ रहा है।प्रदेश में सम्पूर्ण विकास की अवधारणा बनी है। कृषि एवं औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।प्रदेश में उद्योगपतियों की आवश्यकताओं के आधार पर औद्योगिक नीतियां बनाई गई हैं एवं निरंतर उद्योगपतियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यही कारण है कि आज नवीन औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन हो रहा है और अनेक निवेशकों को उद्योग के लिए भूमि आवंटन के आशय-पत्र दिए गए हैं। बैरसिया विधायक विष्णु खत्री ने कहा कि अचारपुरा और आसपास का क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों का सक्रिय केंद्र बनना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि MSME क्षेत्र के अंतर्गत 280 हेक्टेयर में औद्योगिक विकास की योजना से बैरसिया का हर घर किसी न किसी रूप में औद्योगिक विकास से जुड़ेगा। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र अब राज्य का एक सक्रिय और आदर्श औद्योगिक केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की … Read more

निगम ने जंगल के साथ लोगों की जिन्दगी भी संवारी, प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा-CM

वन विकास निगम ने वन सम्पदा को पुनर्स्थापित किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वनों का पुर्नवास बड़ी उपलब्धि निगम ने जंगल के साथ लोगों की जिन्दगी भी संवारी प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को किया सम्मानित वन‍विकास निगम के विजन डाक्यूमेंट-2047 का किया अनावरण जू (चिड़ियाघर) तथा वन्य जीवों के रेस्क्यू सेंटर स्थापित होंगे वन क्षेत्र की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए वन सेवा के अधिकारी-कर्मचारियों का योगदान सराहनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50वें वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में खनन गतिविधियों और बिजली उत्पादन की प्रक्रिया में बने राख के पहाड़ों पर वनों को विकसित करने की चुनौती स्वीकार कर मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम ने वन सम्पदा को पुनर्स्थापित किया है। प्रदेश के तीन लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वनों का पुनर्वास करना बड़ी उपलब्धि है। वन विकास निगम इस उपलब्धि के लिए बधाई का पात्र है। यह गर्व का विषय है कि अन्य राज्य भी निगम की इस विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए उत्सुक हैं। प्रदेश में अद्यतन तकनीक के माध्यम से वनों का उचित प्रबंधन किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश वन सम्पदा में देश में सर्वश्रेष्ठ है। राज्य सरकार वनों और वन उपज के साथ वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में भी हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रदेश के सघन वन क्षेत्र की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए वन सेवा के अधिकारी-कर्मचारी प्रशंसा के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50वें वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सभी दिशाओं में क्षमता विकास और प्रगति के अवसर उपलब्ध हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में विशेष पहल की जा रही है। राज्य सरकार जू (चिड़ियाघर) तथा वन्य जीवों का रेस्क्यू सेंटर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य वन विकास निगम द्वारा विकसित वनों के प्रबंधन और आगामी कार्ययोजना के बारे में विचार मंथन की आवश्यकता है। अब तक किए गए कार्यों का सिंहावलोकन करते हुए राज्य सरकार वन विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विशेष नवाचार और पहल करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विकास निगम के केन्द्रों में ईको टूरिज्म की गतिविधियां संचालित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान का जोधपुर आम और बबूल की लकड़ी के आधार पर फर्नीचर के बड़े केन्द्र के रूप में स्थापित हुआ है। प्रदेश में उपलब्ध सागौन और अन्य श्रेष्ठ काष्ठ के उपयोग से मध्यप्रदेश भी इस प्रकार की पहल कर सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। प्रदेश के वन, देश की कई प्रमुख नदियों को जलराशि से समृद्ध बनाते हैं। प्रदेश के विशाल भू-क्षेत्र में फैली वन आधारित जीवनशैली हमें प्रकृति के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान करती है। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल क्षेत्र में घड़ियाल भी वन्यजीव पर्यटन की शोभा बढ़ा रहे हैं। वन विभाग ने विलुप्तप्राय गिद्धों का संरक्षण करते हुए प्रदेश में गिद्धों को नया जीवन प्रदान किया है। सर्पदंश से होने वाली मौतों को कम करने के लिए राज्य सरकार योजनाओं पर कार्य कर रही है। प्रदेश में सर्प गणना की तैयारी हो रही है। मध्यप्रदेश ऐसा क्षेत्र हैं, जहां टाइगर और मनुष्य सहचर्य की भावना से साथ-साथ रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने वन विकास निगम के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों का सम्मान किया। इनमें सर्वआर.के. नामदेव, आर.एस. नेगी, रतन पुरवार, पी.सी. ताम्रकार तथा भगवंतराव बोहरपी को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के स्वर्ण जयंती वर्ष पर वन विकास की आगामी कार्ययोजना पर केन्द्रित विजन-2047 का अनावरण किया। इस अवसर पर वन विकास निगम द्वारा संचालित गतिविधियों और उसकी विकास यात्रा पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के संचालक के.रविचंद्रन ने अंगवस्त्रम और भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा भेंटकर अभिवादन किया। वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि वन विकास निगम, स्थानीय लोगों को जोड़ते हुए वन संरक्षण की गतिविधियां संचालित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में अनेक नवाचार क्रियान्वित हो रहे हैं। इसके अंतर्गत प्रदेश को वन संपदा से समृद्ध करने के लिए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान शुरू किया गया। प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल-गंगा संवर्धन अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत प्रदेश में अनेकों कुए, बावड़ी, तालाब और जलस्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया। जल-गंगा संवर्धन अभियान भूजल स्तर सुधार के क्षेत्र में एक बड़ी पहल है। राज्य वन विकास निगम की भूमिका सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णबाल ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि आयोग की अनुशंसा पर 1975 में स्थापित राज्य वन विकास निगम अपनी स्थापना से लेकर अब तक निरंतर लाभ में ही रहा है। पर्यावरणीय आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध निगम की गतिविधियों से जंगल के साथ-साथ लोगों की जिन्दगी भी संवर रही है। निगम का 50वां स्थापना दिवस मनाना हम सभी के लिए गौरव का क्षण है। वन विकास निगम के सहयोग से 3 लाख 90 हजार हेक्टेयर जंगलों का विकास और ट्रीटमेंट किया गया। इस उपलब्धि में निगम के अधिकारी और कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन तथा वानिकी के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं के प्रतिनिधि और भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

रायसेन में रेल कोच निर्माण की नींव रखेंगे राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री से बीईएमएल के अधिकारियों ने की भेंट

रक्षा मंत्री सिंह रायसेन में करेंगे रेल कोच निर्माण इकाई का भूमिपूजन रायसेन को मिलेगी बड़ी सौगात: रक्षा मंत्री करेंगे रेल कोच फैक्ट्री का भूमिपूजन रायसेन में रेल कोच निर्माण की नींव रखेंगे राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री से बीईएमएल के अधिकारियों ने की भेंट भोपाल केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आगामी 10 अगस्त को रायसेन में 1800 करोड़ रूपए के निवेश से प्रारंभ होने वाली रेल कोच निर्माण इकाई का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मेसर्स बीईएमएल लिमिटेड बैंगलुरु के चेयरमेन, मैनेजिंग डायरेक्टर शांतनु रॉय, निदेशक रेल एवं मेट्रो राजीव गुप्ता, महाप्रबंधक बीईएमएल चंद्रशेखर और ईडी ओ.पी. सिंह ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी गई कि बीईएमएल द्वारा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, रायसेन जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ सम्पर्क कर रायसेन जिले की गौहरगंज तहसील के ग्राम उमरिया में अत्याधुनिक रेल कोच फैक्ट्री के शिलान्यास की आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। इस इकाई के फलस्वरूप 1575 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। इकाई को आवंटित शासकीय भूमि को रेल लाइन से जोड़ने के लिए अधिग्रहण की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीईएमएल के पदाधिकारियों को मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में आ रहे निवेश की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रायसेनजिले में रेल कोच निर्माण इकाई प्रारंभ होने से स्थानीय युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के दौरान प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह भी उपस्थित थे।