samacharsecretary.com

ब्राजील से पीएम मोदी को मिला बड़ा सम्मान, CM डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ब्राजील का सर्वोच्च नागरिक सम्मान "द ग्रांड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द साउदर्न क्रॉस" मिलने पर प्रदेशवासियों की ओर से बधाई देकर उनका अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा है कि ब्राजील के राष्ट्रपति लूला द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान से सभी भारतीय गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विश्व कल्याण, शांति एवं सद्भाव के प्रति अप्रतिम योगदान से दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से भी भेंट की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ : 2028 के दृष्टि गत वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भेंट की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से भी भेंट की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली में गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सहित अनेक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत मध्य प्रदेश में अधोसंरचनात्मक विकास और महत्वपूर्ण कार्यों के संबंध में केंद्रीय मंत्री गण से मुलाकात एवं चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री गण को, आगामी सिंहस्थ आयोजन को विश्वस्तरीय बनाए जाने की तैयारी की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से भी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके से भेंट की।  

समृद्ध और विकसित शहर, प्रदेश के समावेशी विकास की आधारशिला बनेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश के शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। इससे बढ़ती नगरीय जनसंख्या की आवश्यकताओं की पूर्ति होगी। समृद्ध और विकसित शहर, प्रदेश के समावेशी विकास की आधारशिला बनेंगे। इसे साकार करने के लिए मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। 'नेक्स्ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज ऑफ टुमॉरो' थीम पर केन्द्रित कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश के शहरी विकास और निवेश पर देश की रियल एस्टेट सेक्टर के दिग्गज विकसित मध्यप्रदेश@2047 के लिए शहरी विकास के ब्लूप्रिंट पर चर्चा करेंगे। शहरी क्षेत्रों में विकास की प्रगति मध्यप्रदेश में शहरी अर्थव्यवस्था तेजी से विकसित हो रही है। प्रदेश में 4 शहर ऐसे हैं जिनकी जनसंख्या 10 लाख से अधिक है। साथ ही केन्द्र की स्मार्ट सिटी परियोजना में 7 शहर शामिल हैं। शहरी क्षेत्रों में अधो-संरचाना विकास के संबंधित 72 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसी के साथ करीब 88 हजार करोड़ रुपये की शहरी क्षेत्र से जुड़ी विकास योजनाएं प्रस्तावित है। मध्यप्रदेश ने स्वच्छता के लिये देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इंदौर देश में पिछले 7 वर्षों से स्वच्छतम शहरों की श्रेणी में पहले नम्बर पर रहा है। भोपाल को देश की दूसरे नंबर की स्वच्छतम राजधानी बनने का गौरव हासिल किया है। प्रदेश के बजट में शहरी क्षेत्र के विकास के लिए 15 हजार 780 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में शहरी क्षेत्र का योगदान 35.55 प्रतिशत है। शहरी क्षेत्रों में संचालित केन्द्र की फ्लैग शिप योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों शामिल है। नगरीय विकास से जुड़ी योजनाओं की गति तेज बनाए रखने के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम की प्रशासनिक व्यवस्था की गई है। हाउसिंग सेक्टर में बेहतर निवेश की संभावना प्रदेश में हाउसिंग सेक्टर में निवेश की अच्छी संभावना है। अफोर्डेबल हाउसिंग में8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती आवास तैयार किये जा चुके है। प्रदेश में 10 लाख नए आवास तैयार किये जा रहे है। इनमें 50 हजार करोड़ रूपये का निवेश होगा। रियल एस्टेट की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में मानव संसाधन की गुणवत्तापूर्ण वर्क फोर्स उपलब्ध है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 6 हजार किलोमीटर सड़क, 80 प्रतिशत शहरी क्षेत्र में पाईपलाइन वॉटर सप्लाई कवरेज की सुविधा और शत् प्रतिशत शहरी क्षेत्र सीवरेज सिस्टम उपलब्ध है। नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय निकायों में 23 सेवाएं ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराई गई है। नगरीय निकायों में सेन्ट्रलाईज पोर्टल के माध्यम से मंजूरी दी जा रही है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं पर 17 हजार 230 योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण के लिये 2 हजार 800 करोड़ और वॉटर फ्रंट से संबंधित डेव्हलपमेंट में 2 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में सुगम परिवहन व्यवस्था के विस्तार के लिये 21 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाएं संचालित हैं। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पेट्रोलियम ईंधन के कार्बन फुट-फ्रंट रोकने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के बड़े शहरों में 552 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2025 लागू की गई है।  

हमारी सरकार मेधावी स्टूडेंट्स को मेडिकल की पढ़ाई के लिए 80-80 लाख रुपए दे रही:सीएम यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बढ़ी खुशखबरी सुनाई है. उन्होने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई करने वाले इच्छुक छात्रों सरकार की ओर से 80-80 लाख रुपए दिए जाएंगे. यही नहीं मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद इन छात्रों का लोन भी माफ कर दिया जाएगा. दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4 जुलाई को इंटर में पास 75 प्रतिशत या उससे अधिक नंबर लाने वाले छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए  प्रोत्साहन राशि जारी की. सीएम मोहन ने  कुशाभाऊ सभागार में आयोजित हुए कार्यक्रम में शामिल हुए और प्रदेश के 94 हजार 234 मेधावी स्टूडेंट्स के खातों में लैपटॉप के लिए प्रोत्साहन राशि जारी की. इस दौरान उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई के इच्छुक प्रदेश के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए बड़ी सौगात दी. मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने ऐसे प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स की बात की जो मेडिकल में पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार मेडिकल की पढ़ाई के इच्छुक मेधावी स्टूडेंट्स को 80-80 लाख रुपए दे रही है। यही नहीं उन्होंने इस दौरान यह भी बताया कि कैसे मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद लोन माफ किया जा सकता है। जानें क्या बोले सीएम मोहन यादव… जानें कैसे माफ होगा लोन सीएम मोहन यादव ने बताया कि हमारी सरकार मेधावी स्टूडेंट्स को मेडिकल की पढ़ाई के लिए 80-80 लाख रुपए दे रही है। ताकि वो डॉक्टर बने। डॉक्टर बनने के बाद शासन उन्हें मेडिकल ऑफिसर बनाएगा। मेडिकल ऑफिसर के रूप में 5 साल पूरे करने के बाद, उनकी लोन राशि के 80 लाख रुपए भी माफ कर दिए जाएंगे। फिर उन्हें ये लोन राशि नहीं चुकानी पड़ेगी। ऐसे पूरा होगा बच्चों को आगे पढ़ाने का संपल्प बता दें कि सीएम मोहन यादव ने ये बातें मेधावी छात्र लैपटॉप योजना के तहत स्टूडेंट्स को लैपटॉप वितरित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि दो साल में हमारी सरकार प्रदेश भर में 50 मेडिकल कॉलेज खोलेंगे। कॉलेज खुलेंगे तो आने वाले समय में डॉक्टर्स की भर्ती भी तेजी से की जाएगी। बच्चों को आगे पढ़ाने, आगे बढ़ाने का संपल्प ऐसे ही तो पूरा होगा।  5 साल सेवा के बाद माफ हो जाएगा लोन इस योजना की सबसे बड़ी खासियत ये है कि अगर छात्र पढ़ाई के बाद सरकारी मेडिकल ऑफिसर के रूप में 5 साल सेवा करता है, तो उसका पूरा लोन माफ कर दिया जाएगा। यानी 80 लाख रुपए तक की राशि छात्र को लौटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मौका सिर्फ मेधावी छात्रों को सीएम यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो प्रतिभाशाली हैं और आगे डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं। यह घोषणा उन्होंने उस कार्यक्रम के दौरान की जिसमें 12वीं में 75% से अधिक अंक लाने वाले 94,234 छात्रों को लैपटॉप के लिए प्रोत्साहन राशि दी गई। MP में बनेंगे 50 नए मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दो वर्षों में प्रदेश में 50 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इससे न केवल छात्रों को ज्यादा अवसर मिलेंगे, बल्कि प्रदेश में डॉक्टरों की भारी कमी भी दूर होगी। भर्ती प्रक्रिया भी तेज की जाएगी, जिससे युवाओं को रोज़गार भी मिलेगा। डॉक्टर बनने का सपना अब दूर नहीं मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना से उन छात्रों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा, जो मेडिकल की पढ़ाई करना तो चाहते हैं, लेकिन महंगी फीस और संसाधनों की कमी के कारण रुक जाते हैं। अब न सिर्फ उन्हें पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि सेवा के बाद पूरा लोन भी माफ कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस नई पहल से मध्य प्रदेश के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आने की संभावना है। यदि आप भी मेडिकल में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह सुनहरा अवसर है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय महापरिषद की बैठक में दिए निर्देश

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में साइबर और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर केंद्रित पाठ्यक्रम आरंभ किए जाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम आरंभ होंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय महापरिषद की बैठक में दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार साइबर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित पाठ्यक्रम आरंभ किए जाएं साथ ही विश्वविद्यालय, मीडिया के क्षेत्र में एडवांस्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के रूप में अपनी पहचान बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शासन द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं के संप्रेषण और उनकी प्रभावशीलता के सर्वेक्षण संबंधी गतिविधियां भी विश्वविद्यालय में आरंभ करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विश्वविद्यालय की महापरिषद की बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित महापरिषद के सदस्यगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के रीवा और खंडवा परिसरों में रोजगार परक पाठ्यक्रम संचालित करने संबंधी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम आरंभ करने को स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति के बाद एम.ए. (जर्नलिज्म एंड क्रिएटिव एंड राइटिंग), एम.ए. (मास कम्युनिकेशन), एम.ए.( एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस), एम.एससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) और एम.एसी.ए. के एक वर्षीय पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किए जाएंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के पी.एचडी. अधिनियम को यू.जी.सी. पीएचडी अधिनियम 2022 के अनुसार अद्यतन कर इस आधार पर पी. एचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा परिसर के सभागार का नाम लाल बलदेव सिंह सभागार रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। महापरिषद ने वित्त विभाग के 14 अगस्त 2023 के आदेश अनुसार चतुर्थ समयमान उच्चतर वेतन मान को विश्वविद्यालय में लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृत किया। विश्वविद्यालय में फेस डिटेक्शन मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था पर भी सहमति प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के नवीन मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग विषय का व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के लिए प्रिंटिंग प्रेस व लैब तथा पैकेजिंग लैब की स्थापना का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। बैठक में अन्य कार्यालयीन तथा प्रबंधकीय विषयों पर भी निर्णय लिए गए।  

ट्रांजिट हाउस, फ़्लोटिंग प्लेटफ़ॉर्म और अत्याधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान बनेगा- : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मछुआरों की सुरक्षा और समृद्धि सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मछुआरों की सुरक्षा निगरानी के लिये हाईटेक ड्रोन और जीपीएस प्रणाली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ट्रांजिट हाउस, फ़्लोटिंग प्लेटफ़ॉर्म और अत्याधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान बनेगा- : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मछुआरों की सुरक्षा और समृद्धि सरकार की प्राथमिकता है। उनकी सुरक्षा की दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कंट्रोल कमांड सेंटर और ट्रांजिट हाउस जैसी पहल की जा रही हैं। राज्य के बड़े जलाशयों में मछुआरों की सुरक्षा और मत्स्य बीज संचयन की निगरानी के लिये आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तहत देश के सबसे बड़े जलाशयों में शामिल इंदिरा सागर में ड्रोन, जीपीएस और सीसीटीवी युक्त आधुनिक कमांड कंट्रोल रूम की स्थापना की जा रही है। आपात स्थिति में इस प्रणाली से मछुआरों को शीघ्र सहायता पहुंचाई जा सकेगी। ये पहल ब्रीडिंग ग्राउंड के चिन्हांकन के साथ मत्स्य आखेट पर निगरानी को और ज़्यादा आसान, सुलभ और प्रभावशाली बनाएगी। कमांड कंट्रोल रूम की मदद से मुख्यालय स्तर से ही 24X7 निगरानी संभव हो सकेगी। ड्रोन के माध्यम से जल क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग और जीपीएस सिस्टम से नावों की ट्रैकिंग की जा सकेगी और आपात स्थिति में मछुआरों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। मछुआरों के लिए बनेंगे ट्रांजिट हाउस और फ़्लोटिंग प्लेटफ़ॉर्म मत्स्य महासंघ के जलाशयों में कार्यरत मछुआरों को कई बार 15 दिन से लेकर एक महीने तक खुले टापुओं या जलाशय के किनारों पर अपनी नावों में रात्रि विश्राम करना पड़ता है। वर्षा ऋतु में टापुओं का जलस्तर बढ़ जाता है, ऐसे में मछुआरों को जलीय जीव-जंतुओं से जान-माल की हानि की आशंका बनी रहती है। मछुआरों को इससे बचाने के लिए महासंघ ने गांधी सागर और इंदिरा सागर के टापुओं पर 5 ट्रांजिट हाउस और जल के मध्य 2 फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। मछुआरों के लिए इसमें आपातकालीन स्थिति में भोजन निर्माण, सोलर मोबाइल चार्जिंग और बायो टॉयलेट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। राज्य सरकार की यह पहल मछुआरों की सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाएगी, साथ ही जल आधारित संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन और मत्स्य उत्पादन की वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आधुनिक तकनीक के समावेश से अब राज्य में मत्स्याखेट और मछलीपालन नए आयाम स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हैं। भोपाल में बनेगा आधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान राज्य में मॉडर्न एक्वाकल्चर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अहम पहल की जा रही है। केन्द्र सरकार की फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट फंड योजना के तहत भोपाल में 5 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है। इस संस्थान में केज कल्चर, बायोफ्लॉक, रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम, मछलियों की हाइजेनिक हैंडलिंग, फिश प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और वैल्यूएडिशन जैसे विषयों पर मछुआ समुदाय को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मछुआरों को इससे वैश्विक मानकों के अनुरूप मछली पालन तकनीक की जानकारी और व्यावसायिक दक्षता प्राप्त होगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय रेल मंत्री श्री वैष्णव के पिताजी के निधन पर शोक व्यक्त किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के पिता श्री दाऊ लाल वैष्णव के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैष्णव परिवार के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजन को यह दु:ख सहन करने का संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है। उल्लेखनीय है कि स्व. वैष्णव बीते कुछ दिनों से गंभीर रूप से अस्वस्थ थे और उनका जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज चल रहा था।  

नेक्स्ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो थीम पर होगा कॉन्क्लेव

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 11 जुलाई को इंदौर में इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा नेक्स्ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो थीम पर होगा कॉन्क्लेव इंदौर प्रदेश में रीयल एस्टेट की गतिविधियों के विस्तार के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में "मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव" का आयोजन किया जा रहा है। "नेक्स्ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो" थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव राज्य के शहरी विकास और निवेश के लिये नए क्षितिज खोलने का माध्यम बनेगा। 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025' के अंतर्गत इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को गति देना और व्यापक निवेश आकर्षित करना है। मध्यप्रदेश में निवेश इसलिये मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिये यहां से आसानी से देश भर से लॉजिस्टिक संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में तेज गति से होता शहरीकरण, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। राज्य में सस्ती भूमि और श्रम, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश में केन्द सरकार की प्रधानमंत्री गति-शक्ति, अमृत 2.0 और स्मार्ट-सिटी जैसी योजनाओं से प्रदेश में समावेशी विकास हो रहा है। निवेश और विकास के प्रमुख क्षेत्र प्रदेश में विकास और निवेश शहरी परिवहन (मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब), किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवेज नेटवर्क, झील संरक्षण, डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, भवन स्वीकृति प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा, हरित भवन, रिन्यूएबल इनफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। निवेशक इन क्षेत्रों में निवेश कर भविष्य में होने वाले लाभ के सहभागी हो सकते हैं।  प्रमुख आगामी अधोसंरचना विकास परियोजनाएँ मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना, स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, इंडस्ट्रियल टॉउनशिप्स, न्यू टॉउन डेवलपमेंट प्लान, नगरीय निकायों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्ट्रीट वेंडिंग जोन, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण जैसी परियोजनाएं चल रही हैं और कुछ भविष्य के लिए प्रस्तावित हैं। निवेश को साकार करने हेतु सुदृढ़ इको-सिस्टम मध्यप्रदेश उद्योग विकास निगम उद्योगों को वन-स्टॉप सुविधा उपलब्ध करा रहा है। ई-नगर पालिका पोर्टल पर भी संबंधित सेवाएं रियल-टाइम ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिकोण से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए स्पेशल पॉलिसी इंसेंटिव्स भी प्रारंभ किये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के अलावा विदेश के निवेशकों से भी सघन सम्पर्क स्थापित किये गये हैं। उक्त के दृष्टिगत अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय डेवलपर्स के साथ करार होने की बड़ी संभावनाएं भी हैं। मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव राज्य को नगरीय पुनर्निर्माण और वैश्विक निवेश के पथ पर अग्रसर करेगा। यह आयोजन न केवल भौतिक अवसंरचना बल्कि डिजिटल, सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त मंच बनेगा। प्रदेश सरकार इस अवसर को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के एक निर्णायक कदम के रूप में देख रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लुधियाना में उद्योगपतियों से भेंट कर निवेश के लिये दिया आमंत्रण

मध्यप्रदेश की गतिशीलता-शांति और संसाधनों का लाभ उठाएँ निवेशक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जहां संभावना दिखती है, वहां नियम बदलने से नहीं हिचकिचाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लुधियाना में उद्योगपतियों से भेंट कर निवेश के लिये दिया आमंत्रण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को लुधियाना स्थित वर्धमान औद्योगिक परिसर में पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों से भेंट की और उन्हें मध्यप्रदेश की समावेशी, उदार और निवेश-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार  न केवल उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने के लिए तैयार है, बल्कि यदि किसी सेक्टर में संभावना दिखती है, तो वहां आवश्यकतानुसार नियमों में परिवर्तन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गारमेंट और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए विशेष अवसर उपलब्ध हैं और राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इंदौर की हुकुमचंद मिल को पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य हो रहा है और मजदूरों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सौ करोड़ रु. से अधिक के सेटलमेंट क्लियर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों और श्रमिकों के साथ सरकार की प्रतिबद्धता हर स्तर पर बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि ग्वालियर की जेसी मिल और उज्जैन की हीरा मिल के मामले में भी राज्य सरकार ने सह्रदयता से निर्णय किये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के हित में निर्णय लेने के लिए कैबिनेट स्तर पर नीतियों में बदलाव को भी तैयार है। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में आकर संभावनाओं को देखें और राज्य की गतिशीलता, शांति और संसाधनों का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि राज्य में टेक्सटॉइल, एग्री बेस्ड इंडस्ट्री, इंजीनियरिंग गुड्स, स्टील प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और आईटी जैसे सेक्टरों में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से यह भी कहा कि मध्यप्रदेश केवल निवेश के लिए नहीं, बल्कि एक जनकल्याणकारी राज्य के रूप में भी तेजी से पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि गरीब तबके के लिए एयर एंबुलेंस सेवा और राहगीर सेवा योजना जैसी अभिनव योजना क्रियान्वित की जा रही हैं। इन योजनाओं की उद्योगपतियों ने सराहना करते हुए कहा कि इस स्तर की सोच और संवेदनशीलता शायद ही किसी अन्य राज्य में दिखती हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्धमान ग्रुप के एमडी नीरज जैन, राल्सन इंडिया लिमिटेड के चेयरमेन संजीव पहवा, कंगारू इंडस्ट्रीज के एमडी अंबरीश जैन, टीके स्टील रोलिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी लोकेश जैन, रजनीश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राहुल आहूजा, फार्मपार्ट्स कंपनी के उपाध्यक्ष जे.एस. भोगल, सीआईसीयू के अध्यक्ष उपकार सिंह आहूजा, कमल (सरजवन होजरी) के प्रतिनिधि सुदर्शन जैन और अरुण जैन सहित विभिन्न सेक्टर के उद्योगपतियों ने मुलाकात की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में बिजली दरें प्रतिस्पर्धी हैं और नियम संबंधी प्रक्रियाओं को सरल और निवेशक-अनुकूल बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सोलर और पॉवर सेक्टर में भी बड़े प्रोजेक्ट आ रहे हैं। केंद्र सरकार के स्तर पर कोई पर्यावरणीय क्लियरेंस लंबित है, तो मध्यप्रदेश सरकार अपने स्तर पर उसे शीघ्र दिलाने का भी प्रयास करेगी। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नीति स्पष्टता, निर्णय क्षमता और कार्य के प्रति तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि देश के सबसे भरोसेमंद और निवेश के योग्य राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल हो गया है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज लुधियाना में करेंगे उद्योग जगत से सीधा संवाद, पदाधिकारियों के साथ व्यक्तिगत बैठकों में भी भाग लेंगे

भोपाल/लुधियाना  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार लुधियाना में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक खास कार्यक्रम ‘एडवांटेज एमपी’ आयोजित कर रही है। 7 जुलाई को होने वाले इस रोड शो में टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और आईटी जैसे क्षेत्रों के बड़े उद्योगपति शामिल होंगे। कार्यक्रम का मकसद है- मध्यप्रदेश की औद्योगिक ताकत, निवेश के लिए अनुकूल माहौल और नई नीतियों की जानकारी देना, ताकि देश के उद्योगपति राज्य में निवेश को लेकर गंभीरता से विचार करें। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बेंगलुरु और सूरत में हुए निवेश रोड शो को बड़ी सफलता मिली थी। लुधियाना में यह कार्यक्रम राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, स्थायी नीतियों और निवेश-अनुकूल माहौल को देशभर के निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम बनेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना स्थित प्रतिष्ठित उद्योग समूहों वर्धमान टेक्सटाइल और दीपक फास्टनर का दौरा करेंगे। इस दौरान वे उत्पादन, तकनीक और प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी लेंगे और मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। डॉ. यादव लुधियाना के उद्योगजगत की हस्तियों से व्यक्तिगत बैठकों के माध्यम से संभावित निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक साझेदारी और सरकारी सहयोग की जरूरतों पर चर्चा करेंगे। इन संवादों का उद्देश्य व्यावहारिक, परिणामोन्मुखी और दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग को सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री एक विशेष सत्र के तहत राज्य की नवीन औद्योगिक नीति, पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और लॉजिस्टिक-क्लस्टर्स जैसी योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। यह सेशन लुधियाना के उद्यमियों के लिए निवेश की गहराई से समझ का अवसर होगा। इसके अलावा डॉ. यादव ट्राइडेंट ग्रुप के मुख्यालय में आयोजित हाई-टी सत्र में भी भाग लेंगे, जहां कंपनी के नेतृत्व से संभावित साझेदारी और औद्योगिक विस्तार पर खुले संवाद होंगे। यह सत्र सहयोग, विश्वास और विकास की भावना को मजबूत करने वाला होगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव करेंगे इंडस्ट्री विजिट्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना स्थित वर्धमान टेक्सटाइल और दीपक फास्टनर जैसे प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे। ये यात्रा उत्पादन प्रक्रियाओं, तकनीकी दक्षता और प्रबंधन प्रणाली की समझ को गहरा करने के साथ-साथ इन समूहों के साथ संभावित निवेश के बिंदुओं पर चर्चा का अवसर भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री उद्योगों की कार्य संस्कृति और नवाचार क्षमताओं को जानने के साथ मध्यप्रदेश में व्यवहारिक सहयोग के रास्ते भी तलाशेंगे। वन टू वन मीटिंग्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना के प्रमुख उद्यमियों और औद्योगिक समूहों के पदाधिकारियों के साथ व्यक्तिगत बैठकों में भी भाग लेंगे। इन संवादों में उद्योग प्रतिनिधियों से संभावित निवेश प्रस्तावों, साझेदारी के क्षेत्रों और आवश्यक सरकारी सहयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। इन बैठकों का उद्देश्य व्यावहारिक और परिणाममूलक संवाद के माध्यम से दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना है। इंटरएक्टिव सेशन– इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन एमपी मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एक विशेष सत्र में लुधियाना के उद्योगपतियों को राज्य की नवीन औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं, पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और लॉजिस्टिक्स-सक्षम क्लस्टर्स की जानकारी देंगे। यह इंटरएक्टिव सेशन संभावित निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य की गहराई से समझ का अवसर होगा। दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ट्राइडेंट ग्रुप के मुख्यालय में आयोजित हाई-टी इंटरएक्शन में भाग लेंगे। यह संवाद औपचारिकता से परे जाकर सहयोग, विस्तार और विश्वास की भावना को आगे बढ़ाने का मंच होगा, जिसमें कंपनी के नेतृत्व के साथ संभावित औद्योगिक निवेश और साझेदारी के पहलुओं पर चर्चा होगी। कुल जमा यह रोड शो सिर्फ एक निवेश कार्यक्रम नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की बदलती औद्योगिक सोच, सक्षम नेतृत्व और दीर्घकालिक विकास के लिए राज्य की प्रतिबद्धता की प्रभावशाली प्रस्तुति है। लुधियाना जैसे औद्योगिक केंद्र से संवाद और सहयोग स्थापित कर प्रदेश व्यवहारिक समन्वय और साझे विकास की दिशा में नए कदम रख रहा है।