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देहदान का पुण्यकारी निर्णय परोपकार की अद्वितीय मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देहदान का पुण्यकारी निर्णय परोपकार की अद्वितीय मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देहदान करने वाली श्रीमती रमा का गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ अंतिम संस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा का भोपाल में हुआ पहली बार अमल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देहदान करने वाली भोपाल निवासी श्रीमती रमा चौदा जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि देहदान का यह पुण्यकारी निर्णय समाज में करुणा, सहअस्तित्व की भावना और परोपकार की अद्वितीय मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुसार राज्य शासन द्वारा गांधी मेडिकल कॉलेज में देहदान के उपरांत श्रीमती रमा को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ ससम्मान अंतिम विदाई दी गई। भोपाल में यह पहला अवसर है जब किसी का राजकीय सम्मान के साथ देहदान संपन्न हुआ। 

प्रदेश की जेलों से आई राहत की खबर, जन्माष्टमी पर 14 हजार पात्र बंदियों को मिली सजा में छूट

गंभीर अपराध के दोषी बंदियों की सजा यथावत रहेगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जेल विभाग को प्रदेश की जेलों के पात्र दंडित बंदियों की सजा में लगभग 60 दिन की छूट देने के निर्देश दिए हैं। सजा में दी गई इस छूट से विभिन्न जेलों में बंद 21 हजार बंदियों में से लगभग 14 हजार बंदी लाभान्वित होंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की इस समय पूर्व रिहाई नीति में आतंकवादी गतिविधि, लैंगिक अपराध (पास्को, बलात्कार), मादक पदार्थ और दो से अधिक हत्या जैसे गंभीर अपराध के दोषी बंदी पात्र नहीं होते हैं, उनकी सजा यथावत रहेगी।  इसकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस वर्ष भी प्रदेश की जेलों के दंडित बंदियों को सजा में करीब 60 दिन की छूट हेतु जेल विभाग को निर्देश दिए हैं। आतंकवादी गतिविधि, लैंगिक अपराध, हत्या के गंभीर आरोपी इसमें शामिल नहीं हैं। इससे 21 हजार बंदियों में से लगभग 14 हजार लाभान्वित होंगे। सरकार का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व समाज में सद्भाव और मानवीय संवेदना का संदेश देते हैं। ऐसे में जन्माष्टमी जैसे अवसर पर कैदियों को सजा में छूट देकर सुधार की भावना को बल मिलेगा। बता दें कि इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी प्रदेश की जेलों से बड़ी संख्या में कैदियों की सजा माफ कर उन्हें रिहा किया गया। मध्य प्रदेश जेल मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भोपाल केंद्रीय जेल से 25, सतना से 17, उज्जैन से 14, नर्मदापुरम से 11, ग्वालियर से 16, जबलपुर से 14, रीवा से 19, सागर से 14, इंदौर केंद्रीय जेल से 10, नरसिंहपुर से 6 और बड़वानी से 3 बंदियों को रिहा किया गया। इसके अलावा, जिला जेल देवास से 1, टीकमगढ़ से 2, इंदौर से 2 तथा उप जेल पवई और बंडा से 1-1 बंदी को भी स्वतंत्रता दिवस पर रिहा किया गया था।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर देश-प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के विक्रम लैंडर की सफल लैंडिंग के साथ हमारे देश को वर्ष 2023 में आज ही के दिन चंद्रमा पर प्रज्ञान रोवर की स्थापना की ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय अंतरिक्ष मिशन प्रतिदिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रत्येक देशवासी को गर्व है कि हमारे वैज्ञानिकों के सतत् परिश्रम और समर्पण ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित किया है।  

प्रदेश के खेल गौरव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक विजेताओं को किया सम्मानित

हमारा गौरव हैं प्रदेश के खिलाड़ी मुख्यमंत्री डॉ. यादव,  पदक विजेता खिलाड़ियों को दी बधाई प्रदेश के खेल गौरव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक विजेताओं को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर व्यक्त की खुशी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीनगर (कश्मीर) की डल झील में हो रहे देश के पहले 'खेलो इंडिया जल-खेल महोत्सव-2025' में मध्यप्रदेश की खिलाड़ी सुडॉली विश्नोई ने कयाकिंग स्पर्धा की (के-1) 500 मीटर महिला वर्ग में स्वर्ण पदक और इसी स्पर्धा की (के-2) 500 मीटर में सुनिहारिका सिंह और सुचंद्रकला ने स्वर्ण पदक हासिल कर प्रदेशवासियों को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों बेटियों को इस स्वर्णिम उपलब्धि के लिए बधाई देकर इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां और सभी खिलाड़ी हमारा गौरव हैं। इन्हें पदक मिलने से पूरा प्रदेश गौरवान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इसी खेल महोत्सव में मध्यप्रदेश के मंजीत मैतेई और आदित्य सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष वर्ग की (के-2) 500 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने इन दोनों प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बधाई देकर इनके उज्ज्वल भविष्य कामना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी खेल महोत्सव में मध्यप्रदेश के सुधीर कुमार और प्रिंस गोस्वामी ने कैनो स्पर्धा की (सी-2) 500 मीटर पुरुष वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल करने पर इन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एथलीट अर्जुन वास्कले को दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चेन्नई में हो रहे 64वें राष्ट्रीय प्रादेशिक सीनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ी अर्जुन वास्कले द्वारा पुरूष स्पर्धा के 1500 मीटर इवेंट में कांस्य पदक जीतने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वास्कले निरंतर आगे बढ़ते रहें और नए-नए कीर्तिमान रचते रहें।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले- पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, मिलेगा आत्मनिर्भरता का रास्ता

भोपाल  प्रदेश में किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें पशुपालन गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। पशुपालन से किसानों की आय बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह हमारा संकल्प है कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन निरंतर बढ़े और वर्ष 2028 तक प्रदेश को देश की 'मिल्क कैपिटल' बनाया जाये। गो- संरक्षण और गो-संवर्धन सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में पशुपालन विभाग को गो-पालन विभाग का नाम दिया गया है। प्रदेश में देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9% होता है, जिसे 20% तक ले जाने का सरकार का लक्ष्य है। प्रदेश में गोवंश के लिए आहार की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रतिमाह दी जाने वाली राशि को ₹20 से बढ़कर ₹40 कर दिया गया है। 'हर घर गोकुल' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रदेश में 946 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना में प्रदेश के ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ाने के लिए प्रत्येक जनपद में एक वृंदावन ग्राम बनाया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन से अधिक आय के लिए मध्यप्रदेश दुग्ध संघ के सांची ब्रांड को अधिक लोकप्रिय बनाया जा रहा है, इसके लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड से करार भी किया गया है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ दुग्ध उत्पादों की बेहतर ब्राडिंग, गोवंश की समुचित देखभाल, वेटनरी क्षेत्र में आवश्यक प्रशिक्षण और उन्नत अधोसंरचना स्थापित करने में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की विशेषज्ञता का हरसंभव लाभ लिया जा रहा है। वर्ष 2030 तक प्रदेश के 26 हजार गांवों तक डेयरी नेटवर्क का विस्तार सुनिश्चित किया जाना है। इससे 52 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन होगा। बढ़े हुए दुग्ध संकलन का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आधुनिकतम दुग्ध प्रसंस्करण अवसंरचना विकसित की जाएगी। प्रदेश में निर्मित होने वाले दुग्ध उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर ब्राडिंग सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश में पशुपालन और डेयरी विकास के लिए सरकार द्वारा नई योजनाएं शुरू की गई हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना में पशुपालक को 25 दुधारू पशु गाय, संकर गाय, भैंस की इकाई प्रदान की जाएगी। इस इकाई की लागत 36 से 42 लाख रुपए के बीच रहेगी।  योजना में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों के लिए 33 प्रतिशत एवं अन्य वर्ग के लिए 25% अनुदान की व्यवस्था की गई है। सरकार अब सिर्फ भैंस का नहीं गाय का दूध भी खरीदेगी। गाय के दूध की खरीद की कीमत बढ़ाई जाएगी। प्रदेश में "स्वावलंबी गो-शालाओं की स्थापना नीति 2025" भी लागू की गई है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्र में उपलब्ध गो वंश के आश्रय एवं भरण पोषण के लिए 05 हजार गो-वंश से अधिक की क्षमता वाली वृहद गो-शालाएं नगर निगम ग्वालियर, उज्जैन, इंदौर, भोपाल और जबलपुर में स्थापित की जा रही हैं।  गो-संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन गया है।  मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना, कामधेनु निवास योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम, नस्ल सुधार कार्यक्रम के साथ ही विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में न केवल गोवंश का समुचित पालन-पोषण किया जा रहा है, अपितु दुग्ध उत्पादन में भी निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रदेश में स्वाबलंबी गो-शालाओं की स्थापना नीति पर तेज गति से कार्य किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत प्रदेश में 28 स्थान चिन्हित किए गए हैं तथा 8 स्वयं सेवी संस्थाओं को भूमि भी आबंटित भी की जा चुकी है। योजना में 5000 एवं अधिक गो-वंश के पालन पर शासन की ओर से 130 एकड़ तक भूमि आवंटित किए जाने का प्रावधान है। गो-शालाओं के लिए चारा-भूसा अनुदान योजना के अंतर्गत इस वित्त वर्ष में विभिन्न गो-शालाओं को 133.35 करोड रुपए दिए गए हैं। गत वर्ष इस योजना में 270.40 करोड़ रुपए गो-शालाओं को अनुदान के रूप में दिए गए थे। प्रदेश में गो संवर्धन बोर्ड के अंतर्गत 2942 गो-शालाएं पंजीकृत हैं, जिनमें 2828 गो-शालाएं संचालित हैं। इन गो-शालाओं में 04 लाख 22 हजार गो-वंश का पालन-पोषण किया जा रहा है। गत एक वर्ष में प्रदेश में कुल 623 गौशालाएं पंजीकृत हुई हैं, जिनमें 596 गौशालाएं मनरेगा योजना के अंतर्गत बनाई गई हैं तथा 27 का संचालन स्वयंसेवी संस्थाएं कर रही हैं।   प्रदेश में अति पिछड़े बैगा, सहरिया और भारिया जनजाति के पशुपालकों के लिए प्रदेश के 14 जिलों में मुख्यमंत्री दुधारु पशु योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत सरकार द्वारा 90% अनुदान पर प्रत्येक हितग्राही को दो-दो मुर्रा भैंस/ गाय प्रदान की जाती है। योजना में गत वर्ष 660 के विरुद्ध 639 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया था तथा इस वर्ष 483  को पशु प्रदान किए जाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सीहोर विदिशा तथा रायसेन जिलों में चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत प्रदेश में कुल 1500 " मैत्री" की स्थापना के लिए 12 करोड़ 15 लख रुपए की राशि प्राप्त हुई है।  प्रदेश में कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से पशु नस्ल सुधार के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जंगल सत्याग्रह के जनजातीय नायकों को दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल में हुए जंगल सत्याग्रह के जनजातीय गौरव एवं महान क्रांतिकारी कोवा गोंड एवं बूचा कोरकू के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1930 में आज ही के दिन बैतूल में ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध जनजातीय नायक श्रद्धेय गंजन सिंह कोरकू के नेतृत्व में जंगल सत्याग्रह आरंभ हुआ था, जिसने अंग्रेजों को पीछे हटने को मजबूर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समुदाय के अधिकारों के संरक्षण और अन्याय के विरुद्ध यह सत्याग्रह सदैव मातृभूमि के प्रति समर्पण भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।  

सीएम डॉ. यादव ने शूटिंग चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को दी बधाई, कहा- प्रदेश को आप पर गर्व

प्रदेश के शूटिंग स्टार्स को सीएम की बधाई, डॉ. यादव बोले- युवाओं की मेहनत से बढ़ा मध्यप्रदेश का मान मानसी रघुवंशी ने स्वर्ण और ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने जीता कांस्य पदक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कजाकिस्तान में जारी 16वीं एशियाई शूटिंग शॉटगन चैंपियनशिप में प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा स्वर्ण और कांस्य पदक जीतने पर प्रदेश के विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानसी रघुवंशी और ज्योरादित्य सिंह ने वैश्विक मंच पर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। एशियाई शूटिंग शॉटगन चैंपियनशिप के अंतर्गत जूनियर महिला वर्ग में मानसी रघुवंशी ने स्वर्ण पदक और ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने जूनियर पुरुष वर्ग में कांस्य पदक जीते। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि कठिन परिश्रम, अटूट समर्पण और एकनिष्ठ ध्येय के पर्याय प्रदेश के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि असंख्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल-खेल महोत्सव में प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की

पहले दिन ही जीते तीन पदक कृष्ण जाट, मयंक और मासूमा यादव को दी बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कश्मीर की प्रतिष्ठित डल झील में आयोजित देश के पहले 'खेलो इंडिया जल-खेल महोत्सव' के पहले दिन प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा तीन मैडल जीतने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कयाकिंग-केनोइंग की पृथक-पृथक श्रेणियों में रजत पदक जीतने वाले कृष्ण जाट, कांस्य पदक जीतने वाले मयंक और मासूमा यादव को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीन दिवसीय महोत्सव की आगामी प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी जल-खेल महोत्सव में पदक जीतने का कीर्तिमान स्थापित करेंगे।  

मोहन सरकार की सख्ती, भोपाल में मछली परिवार की कोठी पर चलेगा बुलडोजर

भोपाल प्रदेश की राजधानी भोपाल में मछली परिवार की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है. जिनके सदस्यों पर 'लव जिहाद' और ड्रग सिंडिकेट चलाने के आरोप लगे हैं.राजधानी भोपाल में लव जिहाद और छात्र-छात्राओं को ड्रग्स सप्लाई करने के मामले में घिरे रसूखदार मछली परिवार पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। गुरुवार को मछली परिवार का रसूख कही जाने वाली तीन मंजिला कोठी को जमींदोज करने भारी पुलिस बल के साथ प्रशाशन के अधिकारी पहुंचे। स्थानीय लोगों ने मछली परिवार के साथ मिलकर भारी हंगामा किया, स्थिति तनाव की बनी हुई है। करीब छह हजार वर्ग फीट में तीन मंजिला कोठी का निर्माण तीन दशक पहले किया गया था। अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। विवाद को देखते हुए यहां सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।  मोहन सरकार के निर्देश पर आज कोकता हथाईखेड़ा में जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंच चुका है. मछली परिवार की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है, जिनके सदस्यों पर लव जिहाद और ड्रग सिंडिकेट के गंभीर आरोप हैं. इससे  कुछ दिन पहले मछली परिवार के अवैध रूप से बने फार्म हाउस को ध्वस्त किया गया था और अब मछली परिवार की एक प्रमुख संपत्ति को कड़ी सुरक्षा के बीच जमींदोज किया जा रहा है.  सुप्रीम कोर्ट ने एक गाइडलाइन जारी की थी। इसके तहत रिहायशी इलाकों में बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई नहीं की जा सकती है। इस गाइडलाइन को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई को कुछ दिनों के लिए रोक दिया था। साथ ही प्रशासन ने सारिक मछली और उसके भाइयों को कोठी खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। बताया जा रहा है कि मछली परिवार सुनवाई के दौरान कोठी और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके पहले आरोपियों के कोकता में बने कारखाना, मदरसा, फार्म हाउस, मुर्गी फार्म, वेयर हाउस को जमींदोज करने की कार्रवाई की गई थी। उस समय सौ करोड़ रुपये जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था, जो प्रदेश की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। सुबह तक कार्रवाई को रखा गोपनीय जानकारी अनुसार कागजों में पूरी तरह पुख्ता होने के बाद गुरुवार को कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। इसके पहले बुधवार देर रात तक अफसरों के बीच बैठकें हुईं। इस दौरान अवैध निर्माणों को तोड़ने की रणनीति तैयार की गई। इसे पूरी तरह गोपनीय रखा गया। गुरुवार को कोठी पर एक्शन के लिए कोकता पुलिस चौकी पर तीनों ही विभागों का अमले को बुलाया गया। यहां से मौके पर टीम के पहुंचते ही कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान अफसरों के मोबाइल की घंटियां बराबर बजती रहीं। खबर लिखे जाने तक निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। कोठी से था मछली परिवार का रसूख   बताया जा रहा है कि मछली परिवार का यहां खासा दबदबा है। सरकारी जमीन होने के बाद भी यहां मनचाहा निर्माण किया गया। करीब छह हजार वर्ग फीट जमीन पर बनी तीन मंजिला कोठी इस परिवार की शान थी। यहां नेता से लेकर अफसरों तक का आना-जाना था। कोठी से ही परिवार पूरी गतिविधियां संचालित करता था। इन लोगों ने रेस्टोरेंट, शॉपिंग काम्प्लेक्स, मदरसा, शादी हॉल, मैरिज गार्डन, फार्म हाउस सहित कई अन्य निर्माण कर लिए थे। फार्म हाउस में बड़ी-बड़ी पार्टियां आयोजित होती थीं, जिसमें बड़ी-बड़ी हस्तियां भी शिरकत करती थीं। इस परिवार का रसूख इतना था कि कभी इनके इन अवैध निर्माणों की जांच तक नहीं हुई। लव जिहाद और ड्रग्स का मामला सामने आने के बाद एक-एक कर इनके द्वारा खड़ी की गई इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। साथ ही तीन-चार दशकों से चला आ रहा रसूख भी मिट्टी में मिल गया। अभी तक मछली की इन प्रॉपर्टी पर हुई कार्रवाई     शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का फार्म हाउस अनंतपुरा कोकता     सारिक पिता शरीफ अहमद का वेयर हाउस 40000 वर्ग फिट अनंतपुरा कोकता     शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का सुमन फार्म शासकीय भूमि पर अनंतपुरा कोकता     इरशाद अहमद पिता सरफराज मोहम्मद खान द्वारा कारखाना शासकीय भूमि अनंतपुरा कोकता     अता उल रहमान पिता मुफ्ती रईस अहमद खान द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध मदरसा का निर्माण।     सारिक अहमद उर्फ मछली, सोहेल अहमद, शफीक अहमद की शासकीय जमीन पर बनी तीन मंजिला कोठी। मछली परिवार का साम्राज्य ध्वस्त. ड्रग्स केस में शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था. तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम एमडी ड्रग, एक देशी पिस्टल बरामद हुई थी. आरोपी राजस्थान से भी ड्रग लाते थे. सड़क के रास्ते नशे का सामान लाया जाता था. इसके बाद भोपाल के अलग-अलग पब और लाउंज में पुराने और भरोसेमंद फिक्स कस्टमरों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी. सूबे के मुखिया मोहन यादव ने 'लव जिहाद' और ड्रग्स माफिया को लेकर पिछले दिनों बड़ा बयान दिया था. कहा था कि महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वाले, ड्रग माफिया और लव जिहादियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा. लव जिहाद हो या ड्रग माफिया, इनके माध्यम से जो भी आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिकंजा कसा जा रहा है. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार किसी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है. सबको एक-एक कर ठिकाने लगाएंगे. सभी प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाते हुए बहन-बेटियों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सम्पूर्णता अभियान से जिलों और विकासखंडों में जीवन में सकारात्मक बदलाव

सम्पूर्णता अभियान से आकांक्षी जिलों और विकासखंडों के रहवासियों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आकांक्षी कृषि जिलों की अवधारणा कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण सम्पूर्णता कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन और समुदाय की सक्रिय भागीदारी मूलभूत सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है सम्पूर्णता अभियान का उद्देश्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह में जिला और विकासखंड अधिकारियों को किया सम्मानित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और प्रतिबद्धता के परिणाम स्वरूप देश ने विकास की नई गति प्राप्त की है। पिछड़े जिलों‍ और विकासखंडों को आकांक्षी रूप में चिन्हित कर विकास के लिए समन्वित प्रयास करना, इस दिशा में उठाया गया प्रभावी कदम है। आज आयोजित सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह, जिला और विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आधारभूत संरचना और सुशासन में आए सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। इन जिलों और विकासखंडों के रहवासियों के जीवन और जीवन जीने की परिस्थितियों में आया बदलाव अभियान की सफलता को अभिव्यक्त करता है। सम्पूर्णता अभियान से आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हें पोषक भोजन की उपलब्धता, बच्चों के टीकाकरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण, स्कूलों में बिजली की उपलब्धता और समय पर पाठ्य पुस्तक वितरण जैसी गतिविधियों में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को राज्य स्तरीय सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह के अंतर्गत कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्पूर्णता अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदेश के आकांक्षी जिलों और विकासखंडों के अधिकारियों को उनकी टीम सहित सम्मानित किया। राज्य नीति आयोग की कॉफी टेबल बुक का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने राज्य नीति आयोग द्वारा प्रदेश में संचालित विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर विकसित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर उपस्थित रही। मुख्य सचिव अनुराग जैन, नीति आयोग भारत सरकार के अपर सचिव रोहित कुमार और सदस्य प्रोफेसर रमेशचंद्र ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।   राज्य सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही को सभी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही को दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। प्रदेश में शिक्षा, कृषि, उद्योग, रोजगार, ऊर्जा सहित सभी क्षेत्रों में लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किये जा रहे है। प्रदेश में अब 30 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं, इनमें से 10 पिछले सवा साल में शुरू किए गए। सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए नदी जोड़ो परियोजना की शुरुआत की गई है। सवा साल में साढ़े सात लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा बढ़ा है। प्रदेश में खेती के साथ मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में किसानों के लिए कृषि मेले, निवेश और उद्योग बढ़ाने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट और विभिन्न सेक्टर्स की रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। उन्होंने कहा कि जो कलेक्टर और अन्य अधिकारी बेहतर कार्य करेंगे उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कार्य में लापरवाही को राज्य सरकार किसी भी स्थिति में अनदेखा नहीं करेगी। सम्पूर्णता अभियान ने शासन-प्रशासन की कार्य संस्कृति को दी नई दिशा : मुख्य सचिव जैन मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि सम्पूर्णता अभियान ने शासन-प्रशासन की कार्य संस्कृति को नई दिशा दी है। डेटा आधारित मूल्यांकन और स्कोरिंग प्रणाली तथा प्राथमिकताओं की स्पष्टता व पारदर्शिता से प्रशासनिक दक्षता और जन सेवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इससे जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी प्रोत्साहन मिला है। नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र ने कहा कि प्रदेश के समुख बड़ी चुनौती थी, परंतु प्रदेश के अधिकारियों के समर्पित प्रयासों से लक्षित संकेतों में सम्पूर्णता प्राप्त करना संभव हुआ है। रमेश चंद्र ने स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े संकेतकों में मध्यप्रदेश में हुए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यक्रम में हुए बेहतर कार्य से कृषि क्षेत्र में न केवल उत्पादकता सुधरेगी अपितु उपज की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उन्होंने आकांक्षी कृषि जिलों की अवधारणा का उल्लेख करते हुए इसे कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। नीति आयोग के अपर सचिव रोहित कुमार ने कहा कि सम्पूर्णता कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। मध्यप्रदेश द्वारा इस क्षेत्र में अर्जित उपलब्धियां अन्य राज्यों के लिए उदाहरण हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर सहित जिले की टीम को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान समारोह के अंतर्गत जिला बड़वानी और विकासखंड पाटी के लिए तत्कालीन कलेक्टर राहुल फटिंग, जिला दमोह और विकासखंड तेंदूखेड़ा के लिए कलेक्टर सुधीर कोचर, जिला धार तथा विकासखंड तिरला के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, जिला खंडवा और विकासखंड छैगांव माखन के लिए कलेक्टर ऋषभ गुप्ता और तत्कालीन कलेक्टर अनूप कुमार सिंह, जिला निवाड़ी और विकासखंड पृथ्वीपुर के लिए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ और तत्कालीन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, जिला टीकमगढ़ और विकासखंड बलदेवगढ़ के लिए कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय और तत्कालीन कलेक्टर अवधेश शर्मा, जिला विदिशा और विकासखंड बासौदा के लिए कलेक्टर अंशुल गुप्ता (प्रशिक्षण पर), तत्कालीन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, जिला झाबुआ और विकासखंड थांदला, मेघनगर, रामा व राणापुर के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान, जिला रतलाम और विकासखंड बाजना के लिए कलेक्टर राजेश बाथम, जिला अनूपपुर और विकासखंड पुष्पराजगढ़ के लिए कलेक्टर हर्षुल पंचोली और जिला शहडोल और विकासखंड पाली के अधिकारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला डिण्डौरी और आकांक्षी विकासखंड करंजिया, मेहेंदवानी व बजाग के लिए संयुक्त कलेक्टर सुभारती मेरावी तथा तत्कालीन कलेक्टर हर्ष सिंह, जिला खरगोन और विकासखंड भगवानपुर तथा झिरन्या के लिए कलेक्टर श्रीमती भाव्या मित्तल और तत्कालीन कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, जिला राजगढ़ और विकासखंड जीरापुर के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्पित गुप्ता, जिला श्योपुर और विकासखंड श्योपुर, कराहल तथा विजयपुर के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर तथा तत्कालीन कलेक्टर लोकेश कुमार जांगीड़, जिला अलीराजपुर और विकासखंड कट्ठीवाड़ा के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रखर सिंह, जिला छतरपुर और विकासखंड बक्सवाहा के लिए सीईओ … Read more