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भीषण गर्मी के बीच बदला मौसम, भोपाल समेत 31 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। पिछले दो-तीन दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हो रही है। वहीं, कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी देखी गई जिसने किसानों को परेशान कर दिया है। शनिवार को दोपहर में अचानक राजधानी भोपाल का भी मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। भोपाल के अलावा सागर, शिवपुरी, रायसेन, सीहोर, बालाघाट, बैतूल, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, हरदा, डिंडौरी, इटारसी, गुना, राजगढ़ जिलों में शनिवार को हल्की और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए 31 जिलों में तेज गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। सागर में झुलसाने वाली गर्मी के बाद बारिश सागर शहर में शनिवार को सुबह से सूरज तेवर तेज रहे। दोपहर के समय झुलसाने वाली गर्मी रही, लेकिन शाम को अचानक मौसम ने करवट बदली। आसमान में अचानक काले बाद छाए और बारिश हुई। बारिश के बाद तपती गर्मी से लोगों ने राहत की सांस ली। शिवपुरी ने रिमझिम बारिश, तेज आंधी ने उखाड़े पेड़ शिवपुरी शहर सहित अंचलभर में शनिवार दोपहर 12 बजे के बाद अचानक मौसम में बदला और फिर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जो तूफान आया, उसने कई जगह कहर बरपा दिया। आधा घंटे तक रिमझिम बारिश भी होती रही। शहर सहित जिलेभर में 50 से अधिक स्थनों पर बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए और पोलोग्राउंड के पास बनी दीवार के पास लगा पेड़ गिरा तो उसकी चपेट में आकर कुछ लोग घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। बालाघाट में बदला मौसम बालाघाट जिले में शनिवार दोपहर अचानक बदले मौसम के चलते तेज गरज के साथ झमाझम बारिश हुई। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि नगर पालिका क्षेत्र में मुख्य मार्गों के किनारे लगे कुछ पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। नालियों की साफ-सफाई नहीं होने के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 1 से 5 मई तक आंधी-तूफान के साथ हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। राजगढ़ में बारिश के साथ ओलावृष्टि राजगढ़ में एक दिन पहले हुई बारिश के बाद रात भर उमड़ रही और शनिवार दोपहर अचानक से मौसम बदल गया बादलों की लुकाछिपी के बीच गरज चमक के साथ पोचारे गिरी कहीं बारिश तो कहीं ओलावृष्टि भी हुई जिला मुख्यालय से लगे कली पीठ क्षेत्र में कहीं-कहीं ओले गिरने की सूचना है वहीं जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हुई कहानी पेड़ गिर गए तो कहीं सड़कों पर पानी बाहर निकाला करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली। शहडोल में लगातार तीसरे दिन बारिश शहडोल संभाग सहित आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को लगातार तीसरे दिन मौसम के कड़े तेवर देखने को मिले। सुबह दोपहर की तपिश के बाद शाम होते ही तेज धूलभरी आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी के साथ हुई हल्की बूंदाबांदी ने जहां तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की, वहीं बिजली गुल होने से लोग उमस भरी गर्मी में हलाकान रहे। खरगोन में गिरे ओले, हुई बारिश खरगोन जिले में शनिवार शाम करीब 6.20 बजे चिरिया के पीढ़ी जामली क्षेत्र में अचानक मौसम बदला। देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगी और बारिश के साथ चने आकार के ओले भी गिरे। बादल छटने के बाद मौसम में ठंडक घुली लेकिन रात में उमस ने परेशान किया। नर्मदापुरम में तेज आंधी-बारिश, सड़क पर गिरे पेड़ नर्मदापुरम में भी शनिवार को के आसमान में बादल छाए। तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई। जिले के डोलरिया क्षेत्र के डूडू गांव के पास मुख्य सड़क पर पेड़ गिर गया।ग्रामीणों ने पेड़ को कुल्हाड़ी से काटकर मार्ग को वापस शुरू करवाया। अगले 24 घंटे इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा जिलों में वर्षा या गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया हैं।

MP के ग्वालियर-जबलपुर समेत कई जिलों में बारिश जारी, अरब सागर के लो प्रेशर ने बढ़ाई ठंडक

भोपाल  दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब सक्रिय हो गया है, जिसका असर मध्यप्रदेश के दक्षिणी इलाकों तक पहुंच गया है। बीते 24 घंटों में ग्वालियर, जबलपुर सहित करीब दर्जन भर जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिली। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटों में ग्वालियर, सागर, छतरपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, रायसेन, बैतूल, जबलपुर, सिवनी, रीवा और छिंदवाड़ा में हल्की वर्षा दर्ज की गई। जबलपुर में तो दिवाली की रात करीब तीन-चौथाई इंच बारिश हुई। इधर, मैहर जिले के अरगट गांव में बुधवार शाम आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक महिला और एक किसान की मौत हो गई। वहीं, अन्य दो किसान घायल हो गए। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, यह सिस्टम आगे बढ़ रहा है। इस वजह से प्रदेश में भी असर देखने को मिल सकता है। इसकी वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। वहीं, उत्तरी हिस्से में दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय है। अगले चार दिन किन जिलों में दिखेगा असर मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से रविवार तक दक्षिणी जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। गुरुवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, पांढुर्णा और बालाघाट में बूंदाबांदी व आंधी की संभावना है। जबकि 24 से 26 अक्टूबर तक इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में प्रभाव दिखेगा। सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा मौसम विज्ञान केंद्र की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश व आंधी की स्थिति बन सकती है। साथ ही, उत्तरी भागों में दो चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हैं, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अक्टूबर में रहेगा यही ट्रेंड हल्की बारिश और बादलों के बीच प्रदेश में दिन का तापमान बढ़ा है, जबकि रात का पारा गिरा है। भोपाल में 18.2°, इंदौर में 20.8°, उज्जैन में 21.5°, ग्वालियर में 22.2° और जबलपुर में 22.1° रिकॉर्ड किया गया। नरसिंहपुर, नौगांव, टीकमगढ़, धार, खंडवा, पचमढ़ी और राजगढ़ सहित कई शहरों में तापमान 20° से नीचे रहा। वहीं बुधवार को दतिया, गुना, खंडवा, जबलपुर, सागर, सतना और उमरिया में अधिकतम तापमान 32° से ऊपर दर्ज हुआ।मौसम विभाग का कहना है कि अक्टूबर में यही मिश्रित मौसम रहेगा, जबकि नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड तेजी से बढ़ने लगेगी। चार दिन इन जिलों में दिखेगा असर मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिन तक सिस्टम का दक्षिणी जिलों में असर देखने को मिल सकता है। गुरुवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, पांढुर्णा और बालाघाट में बूंदाबांदी, आंधी और गरज-चमक वाला मौसम रह सकता है। 24, 25 और 26 अक्टूबर को इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर संभाग में असर दिखाई देगा। इससे पहले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, सागर, छतरपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, रायसेन, बैतूल, जबलपुर, सिवनी, रीवा और छिंदवाड़ा में हल्की बारिश हुई। जबलपुर में दिवाली की रात भी पौन इंच पानी गिर गया था। दिन का तापमान बढ़ा, रात का घटा हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी के बीच प्रदेश में रातें ठंडी भी हो गई है, लेकिन दिन गर्म है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर में ऐसा ही मौसम रहेगा। नवंबर के दूसरे सप्ताह से तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। इससे पहले बुधवार को कई शहरों में दिन का तापमान बढ़ गया, जबकि रात के पारे में गिरावट हुई। मंगलवार-बुधवार की रात भोपाल में 18.2 डिग्री, इंदौर में 20.8 डिग्री, उज्जैन में 21.5 डिग्री, ग्वालियर में 22.2 डिग्री और जबलपुर में 22.1 डिग्री रहा। नरसिंहपुर, नौगांव, टीकमगढ़, मलाजखंड, धार, खंडवा, खरगोन, पचमढ़ी, राजगढ़, शिवपुरी में पारा 20 डिग्री से नीचे रहा। वहीं, बुधवार को दिन में दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, सागर, सतना, उमरिया में पारा 32 डिग्री के पार रहा। नवंबर-जनवरी में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाता है, जो जनवरी तक रहता है। इस बार फरवरी तक ठंड का असर रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले सर्दियों के मौसम में 2010 के बाद सबसे भीषण ठंड का अहसास हो सकता है। सर्दियों के दौरान इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश देखने को मिल सकती है, उत्तर-पश्चिम भारत के इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अधिक संख्या में प्रभावित करेंगे। आईएमडी ने भी जल्द ही ला-नीना परिस्थितियां विकसित होने की पुष्टि की है। पूरे एमपी से विदा हो चुका है मानसून मौसम विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश से मानसून विदा हो गया है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन एक्टिव रहा। 16 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी और 13 अक्टूबर को वापसी की। बावजूद बारिश का दौर बना रहेगा। इस बार प्रदेश में मानसून की 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिले ऐसे रहे, जहां 'बहुत ज्यादा' बारिश दर्ज की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला गुना है। जहां पूरे सीजन 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में 216.3% बारिश हुई। एक्सपर्ट की माने तो अच्छी बारिश होने से न सिर्फ पेयजल बल्कि सिंचाई के लिए भी भरपूर पानी है। भू-जल स्तर भी बढ़ा रहेगा। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) ही बारिश हुई है। मानसूनी सीजन में मौसम विभाग ने प्रदेश में 106 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जताया था, लेकिन 15 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर गया। ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में दोगुनी बारिश हो गई। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर संभाग के 50 जिलों में कोटा फुल रहा। वहीं, भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के 4 जिले- उज्जैन, शाजापुर, बैतूल और सीहोर में 81.1 से 98.6 प्रतिशत बारिश हुई। इन जिलों में कोटा पूरा नहीं हो पाया। हालांकि, इनमें से तीन जिले- उज्जैन, सीहोर और बैतूल में आंकड़ा 94% से ज्यादा ही है। इस वजह से ये सामान्य बारिश के आसपास ही है, लेकिन शाजापुर 'बारिश की भारी कमी' की कैटेगरी में है। यहां कोटे का 81 प्रतिशत पानी ही गिरा। इस बार फरवरी तक … Read more

MP में ठंड का असर तेज़, तापमान में गिरावट और अगले 4 दिनों तक बारिश की संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में मानसून की वापसी हो गई है। इस वापसी ने मौसम में ठंडक को बढ़ा दिया है। इस बारे में मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले 4 दिन हल्की बारिश का दौर देखने को मिलेगा। सिवनी, बालाघाट, अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी ऐसे जिले हैं, जहां बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इसी के साथ मध्य प्रदेश के कुछ जिले ऐसे हैं, जहां राते ठंडी रहेगी। लौटकर आए मानसून और लुढ़कते हुए पारे की वजह से कई शहरों में सुबह और शाम ठंड महसूस हो रही है। ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम, भोपाल और इंदौर में रातें ठंडी बनी रहेगी। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल रही है। पूर्वी हिस्स में बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लोकल सिस्टम की एक्टिविटी होने की वजह से बारिश का अनुमान जताया है। विभाग द्वारा देखे जानकारी के मुताबिक अगले 4 दिन तक हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। सिंगरौली, उमरिया, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी बालाघाट पांढुर्णा छिंदवाड़ा से मानसून अभी लौटा नहीं है। यहां हल्की-फुल्की बारिश का द्वारा लगातार जारी है। तापमान हुआ सामान्य से कम मध्य प्रदेश के कई शहर ऐसे हैं, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से कम देखने को मिल रहा है। दरअसल उत्तरी हवाओं के चलते यहां की रातें ठंडी बनी हुई है। इन जिलों में भोपाल, उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम और ग्वालियर शामिल है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में पहाड़ों में लगातार बर्फबारी हो रही है। इस बर्फबारी की वजह से हवा का रुख बदल गया है। उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश की ठंडक को बढ़ा रही है। राजधान भोपाल में ठंडक बीती रात राजधानी भोपाल में काफी ठंड देखने को मिली। बीती रात यहां का तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश से हर ही साइड दवाओं की वजह से प्रदेश में ये असर दिखाई दे रहा है। पचमढ़ी जो हमेशा सबसे ठंडा रहता है यहां पर न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस देखने को मिला। दरअसल हिमाचल की सर्द हवाएं 20 दिन पहले ही प्रदेश में एंट्री कर चुकी है  जिसकी वजह से मौसम में ठंडक घुल गई है। अलग-अलग शहरों के तापमान की बात करें तो खजुराहो में 32.8 डिग्री ग्वालियर में 32.1 डिग्री उज्जैन सतना गुना में 31.7 डिग्री नर्मदापुरम दमोह में 31.2 डिग्री अधिकतम तापमान देखने को मिला। इंदौर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस नौगांव में 15.3 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में 14.4 डिग्री सेल्सियस धार्मिक 15.5 डिग्री सेल्सियस भोपाल खंडवा रतलाम उज्जैन में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा।