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मोहर्रम पर लुधियाना में DJ और डांस का VIDEO चर्चा में, शाही इमाम बोले- शोक के दिन जश्न शर्मनाक

लुधियाना लुधियाना में मोहर्रम के दिन मुस्लिम युवकों ने एक कार्यक्रम करवाया। जिसमें डीजे पर मियां-मियां भाई बज रहा था और मुस्लिम युवक हाथों में तलवारें, लाठियां, डंडे लेकर हंसते हुए डांस करते रहे। वीडियो वायरल हुआ तो पंजाब के शाही इमाम मोहम्मद उस्मान उर रहमानी ने दी सफाई।  शाही इमाम ने कहा कि मोहर्रम पर इस तरह का हुड़दंग व बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। शाही इमाम ने देशभर के मुस्लिम नेताओं व उलेमाओं से अपील की है कि जहां-जहां मोहर्रम पर इस तरह की घटनाएं हुई, वहां पर आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए ताकि भविष्य में ऐसा न हो। शाही इमाम यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के लिए यह शर्म की बात है। शोक वाले दिन पर जश्न मनाया जा रहा है। शराब पी रहे हैं, सरे आम लाठियां डंडे व तलवारें लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैर मुस्लिमों को क्या जवाब देंगे? शाही इमाम ने वीडियो जारी कर कही ये अहम बातें…     व्यवस्था और जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते उलेमा: शाही इमाम ने देश के सभी तबकों के उलेमाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोहर्रम का दिन निकल चुका है और सबने अपने-अपने तरीके से शहीदों को याद किया। लेकिन अब मोहर्रम मनाने वालों पर किसी की निगरानी या कंट्रोल नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा, "मैं मानता हूँ कि बहुत सी चीजें शरियत में लिखित रूप में नहीं होतीं। जैसे अगर कोई जलसा होता है, तो यह शरियत में नहीं लिखा कि गेट पर कौन खड़ा होगा या मेहमानों को कौन रिसीव करेगा—यह एक प्रशासनिक व्यवस्था होती है जो हमें खुद बनानी पड़ती है।" उन्होंने सवाल उठाया कि उलेमा और जिम्मेदार लोग अपनी इस जिम्मेदारी से कैसे भाग सकते हैं?     शराब के ठेकों पर भीड़ शर्मनाक: शाही इमाम ने लुधियाना की जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि मोहर्रम के मौके पर बहुत से लोग बेतरतीब तरीके से लाठी, डंडे और तलवारें लेकर सड़कों पर निकले। डीजे लगाकर गाने बजाए जा रहे थे, औरतें बेपर्दा गुजर रही थीं और सबसे ज्यादा शर्म की बात यह थी कि शराब के ठेकों पर ऐसे हुड़दंगियों की भीड़ लगी हुई थी।     गैर-मुस्लिमों को क्या मुंह दिखाएंगे?: उन्होंने भावुक होकर कहा, "आप अंदाजा लगाएं, जब गैर-मुस्लिम लोग हमसे पूछते हैं कि आज मोहर्रम का कौन सा दिन है, तो हम उन्हें क्या बताएं? क्या हम उन्हें यह बताएं कि आज हमारे धर्म में शहादत का दिन है, आज के दिन पैगंबर के बड़े घराने ने मानवता के लिए कुर्बानी दी थी? एक तरफ यह इज्जत और शालीनता का दिन है, और दूसरी तरफ सड़कों पर यह तमाशा हो रहा है!"     गलत काम करने वाले का हाथ पहले हम पकड़ेंगे: शाही इमाम ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि हम मुसलमान हैं। अगर कोई मुसलमान गलत काम करेगा, तो उसका हाथ सबसे पहले हम ही पकड़ेंगे, कोई और नहीं पकड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मोहर्रम के नाम पर पीपीणियां बजाईं, लाठियां भांजीं, नाचे-गाए और शराब पीकर मर्यादा तार-तार की, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।     आयोजकों और हुड़दंगियों पर होगी FIR: उन्होंने देश भर के मुसलमानों से अपील की कि जिन भी कमेटियों या लोगों ने इन कार्यक्रमों के लिए सरकारी परमिशन ली थी, और वहां मर्यादा का उल्लंघन हुआ, उनके खिलाफ पुलिस को लिखित में शिकायत दें ताकि मुकदमा दर्ज हो सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "कान खोलकर सुन लें, अब ऐसी बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार के जरिए ऐसी गुंडागर्दी और बदमाशी करने वालों पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।"     जो अहले-बैत को नहीं मानता, वह मुसलमान कैसा?: शाही इमाम ने अंत में धर्म की बुनियादी बात याद दिलाते हुए कहा कि जो इंसान अहले-बैत का सम्मान नहीं करता, जो कर्बला की शहादत और उसके संदेश को नहीं मानता, वह मुसलमान कैसे हो सकता है? मोहर्रम शोक का दिन है, इसमें जश्न मनाना पूरी तरह से इस्लामियत के खिलाफ है। शाही इमाम को क्यों आया गुस्सा दरअसल, पूरा विवाद लुधियाना के दाना मंडी में मोहर्रम के दिन आयोजित एक कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ। इस कार्यक्रम का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिस पर लोगों ने सवाल खड़े करने शुरू किए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ मुस्लिम युवा हाथों में डंडे और नंगी तलवारें लहरा रहे हैं। पृष्ठभूमि में लाउडस्पीकर पर 'मियां भाई' जैसे फिल्मी और रैप गाने बज रहे हैं, जिस पर यह युवक शोक मनाने के बजाय थिरक रहे हैं और हुल्लड़बाजी कर रहे हैं। इसके अलावा शहर के कई हिस्सों में पटाखे चलाने, गाड़ियों को बेतरतीब तरीके से दौड़ाने और जिस्म पर तेल डालकर अजीब हरकतें करने के मामले भी सामने आए। इस वीडियो के शाही इमाम के पास पहुंचने के बाद आम मुस्लिम समाज और शिया समुदाय ने भी इस पर कड़ा एतराज जताया है। पंजाब के शिया संप्रदाय से भी अपील की गई है कि अजादारी की एक अपनी तहजीब और मुकाम है, इस तरह का हुड़दंग अजादारी और इस्लाम दोनों का अपमान है।

Ratlam News: मुहर्रम जुलूस में दर्दनाक हादसा, ताजिया हाईटेंशन तार से टकराया; 3 की मौत, 20 से अधिक घायल

रतलाम रतलाम जिले के ग्राम हतनारा में मुहर्रम के अवसर पर गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। लगभग 10 फीट ऊंचा ताजिया पंचमुखी महादेव मंदिर के समीप से गुजर रहा था, तभी वह 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट फैलने से 3 लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग झुलसकर घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान हुई है। पल भर में चीख-पुकार में बदल गया माहौल वहीं, दो अन्य गंभीर घायलों को निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी भी मृत्यु होने की सूचना सामने आ रही है। हालांकि प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन दोनों मौतों की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस तथा विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पतालों की ओर पहुंच गए। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों का उपचार जारी है और मृतकों व घायलों की संख्या को लेकर अधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारिक पुष्टि के बाद आंकड़ों में परिवर्तन संभव है। यह दिल दहला देने वाली घटना पिपलौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हतनारा गांव की है। बताया जा रहा है कि जुलूस में लगभग 200 लोग शामिल थे। लोग पूरे उत्साह और अकीदत के साथ ताजिया लेकर आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान ताजिये का ऊपरी हिस्सा करीब 20 फीट की ऊंचाई से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की लाइन से छू गया। पलक झपकते ही पूरे ताजिये में तेज करंट दौड़ गया और जो लोग उसे कंधा दे रहे थे, वे इस जानलेवा करंट की चपेट में आ गए।

रांची में मोहर्रम को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम, शहर पर ड्रोन और CCTV से रहेगी नजर

रांची  मोहर्रम के दौरान राजधानी रांची में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। सुरक्षा के मद्देनजर एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) सहित करीब 6000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों और जुलूस मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में आरएएफ, एसएसबी, एसआईआरबी, जैप, जैप महिला बटालियन, इको बटालियन, होमगार्ड तथा जिला बल के जवानों को लगाया जाएगा। इसके अलावा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए टीयर गैस दस्ता, वज्रवाहन, रंगीन वाटर टैंकर और रबर बुलेट टीम को भी तैयार रखा गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के आसपास ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी करने का निर्णय लिया है। साथ ही कई प्रमुख स्थानों और ऊंची इमारतों पर भी सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो भीड़ के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। सोशल मीडिया पर रहेगी विशेष नजर मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी। फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम समेत विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों की निगरानी के लिए अलग से तकनीकी टीम गठित की गई है। यह टीम अफवाह फैलाने वाले संदेशों और भ्रामक पोस्टों पर नजर रखेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित ग्रुप एडमिन की भूमिका की भी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी संदिग्ध सूचना की तत्काल पुलिस को जानकारी देने की अपील की है।  

मोहर्रम जुलूस में विस्फोटक प्रदर्शन का VIDEO वायरल, उज्जैन में हवा में लटकी वैन बनी चर्चा का विषय

उज्जैन उज्जैन के बड़नगर में 23 जून की रात जो हुआ, उसने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस अनुमति पर सवाल खड़ा कर दिया है। अडान मोहल्ले से निकले मोहर्रम के जुलूस में क्रेन से करीब 40 फीट ऊपर एक टाटा मैजिक वैन लटकाई गई। वैन पर दो युवक सवार होकर लाल झंडे लहराते रहे और फिर अचानक धमाके के साथ वैन को हवा में उड़ा दिया गया। यह जानलेवा स्टंट 23 जून का है, जब बड़नगर के अडान मोहल्ले से 23 जून को मोहर्रम का जुलूस निकाला गया था. इसमें भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल थे. इसी दौरान कुछ बदमाशों ने एक कार को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊपर लटकाया और फिर उसमें विस्फोट लगाकर उड़ा दिया ओर वीडियो ओर फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।  कार में हुए कई धमाके वायरल वीडियो में धमाके से पहले दो युवक लाल झंडे लहराते हुए भी दिखाई दे रहे हैं. वायरल वीडियो जिस इंस्टाग्राम आईडी परवेज एडिट्स_2.0 से शेयर किया गया, उसमें कार विस्फोट के अलावा कई अन्य खतरनाक करतब और धमाकों के वीडियो भी सामने आए हैं. वहीं, हुसैनी अखाड़ा शाहजलालपुरा में भी युवकों के खतरनाक प्रदर्शन के वीडियो सामने आए हैं। पहले लिखा ले फिर आ गए जुलूस में शेरे अडान अखाड़ा बड़नगर के पोस्टर लगाकर बड़ी संख्या में भीड़ जुटाई गई थी. कार पर विस्फोट से पहले "ले फिर आ गए" लिखा हुआ नजर आ रहा था. वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. मामले में हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाए कि जब धार्मिक आयोजनों में पटाखों और अन्य गतिविधियों प्रतिबंध है तो खुलेआम विस्फोट जैसी गतिविधियों की अनुमति कैसे दी जा रही है।  कार्रवाई की तैयारी मामले में बड़नगर टीआई कमलेश सिंगार ने बताया कि आयोजकों से पूछताछ कर जांच पूरी कर ली है. जल्द ही कार्रवाई की जाएगी. अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री क्या थी और इसके लिए अनुमति ली गई थी या नहीं।  वीडियो देखकर हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी भड़क गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उज्जैन में दही-हांडी और पटाखों पर तो प्रतिबंध लग जाता है, फिर गाड़ी को विस्फोट कर उड़ाने जैसी गतिविधि की अनुमति कैसे मिल गई? वहीं, हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने बताया कि वैन पर आपत्तिजनक पोस्टर भी लगे थे। सवाल यह है कि जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति दी थी या नहीं? वैन पर लिखा हुआ था ‘ले फिर आ गए’ वैन पर लिखा हुआ था ‘ले फिर आ गए’। एक इंस्टाग्राम आईडी परवेज एडिट्स 2.0 पर इस घटना का वीडियो वायरल भी किया गया। इसके अलावा और भी अन्य वीडियो इस आईडी पर थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस तरह का विस्फोट करके कुछ लोग क्या संदेश देना चाहते हैं, इस पर भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। इस तरह की हरकत की हिंदूवादी संगठनों ने निंदा की है। वीडियो वायरल होने के बाद हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ऐसा लगता है जैसे संदेश दिया जा रहा हो कि ‘हम काफिरों की गाड़ियों को इसी तरह उड़ा देंगे।’ हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने कहा कि सकल हिंदू समाज की मांग है कि जिला प्रशासन स्पष्ट करे कि इस तरह की गतिविधि की अनुमति दी गई थी या नहीं। मामले को लेकर बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। आयोजकों से पूछताछ कर जांच की जा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी। जानें पुलिस ने इस मामले पर क्या कहा? बड़नगर टीआई कमलेश सिंगार ने कहा कि वीडियो संज्ञान में आया है। आयोजकों से पूछताछ की जा रही है। विस्फोट किस सामग्री से किया गया और इसके लिए अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने बताया कि मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ी क्रेन पर एक वैन लटकाई गई थी, जिस पर कई आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि सकल हिंदू समाज की मांग है कि जिला प्रशासन स्पष्ट करे कि इस तरह की गतिविधि की अनुमति दी गई थी या नहीं। इस घटनाक्रम से जुड़े कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी अपलोड किए गए हैं। टीआई बोले- पूछताछ कर जल्द कार्रवाई करेंगे बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। आयोजकों से पूछताछ कर जांच की जा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी।

मुहर्रम को लेकर सख्त निर्देश: DJ-म्यूजिक बजाने पर लगेगा 50 हजार रुपये का जुर्माना

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने एक नई एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में कहा गया है कि इस्लामिक पर्वों को केवल इस्लामिक शिक्षा के अनुसार की आयोजित किया जाना चाहिए। इसके लिए वफ्फ बोर्ड ने मस्जिद कमेटियों, दरगाह कमेटियों और आयोजकों के लिए लेजर जारी किया है। इसमें अपील की गई है कि सभी कार्यक्रम इस्लामिक शिक्षाओं के अनुसार ही आयोजित किए जाएं। इस्लामिक एडवाइजरी जारी एडवाइजरी में मुहर्रम और दूसरे इस्लामिक धार्मिक आयोजनों से पहले किसी भी तरह के शोर पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। एजवाइजरी में वक्फ बोर्ड ने डीजे म्यूजिक, बैंड-बाजा, डांस प्रोग्राम, आतिशबाजी और पारंपरिक “शेर” परफॉर्मेंस जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने की अपील की है। बोर्ड का कहना है कि ऐसी गतिविधियां शरीयत के नियमों के मुताबिक नहीं हैं। जुर्माने का भी प्रावधान एडवाइज़री में चेतावनी दी गई है कि जो कमेटियां इन निर्देशों का उल्लंघन करेंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसमें कमेटी को भंग करने और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है। सादगी से मनाएं त्योहार वक्फ बोर्ड ने मुसलमानों से अपील की है कि वे मुहर्रम को इबादत, सादगी, अनुशासन और इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए मनाएं।     छत्तीसगढ़ मुस्लिम वक्फ बोर्ड की एडवाइजरी     सादगी से साथ त्योहार मनाएं मुस्लिम समाज     डीजे बजाना शरीयत के नियमों के खिलाफ     उल्लंघन करने वालों पर लगेगा जुर्माना बकरीद में की थी अपील इससे पहले छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने बकरीद को लेकर भी अपील की थी। बकरीद के दौरान वक्फ बोर्ड ने कहा था कि कुर्बानी खुले में नहीं करना चाहिए। कुर्बानी बंद जगह पर होनी चाहिए। बोर्ड ने कहा था कि खुले में खून नहीं बहाना चाहिए। दूसरे धर्म के लोगों को सम्मान करते हुए आपसी भाईचारे का उदाहरण पेश करना चाहिए।