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टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष उपचुनाव पर लगी रोक, नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला

टीकमगढ़  टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष के उपचुनाव को राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक श्रोतिय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। आयोग के आदेश के बाद 8 सितंबर से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है। हालांकि, ग्रामीण पंचायतों के निर्वाचन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यथावत होंगे। आज से शुरू होनी थी नामांकन प्रक्रिया कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष उपचुनाव के लिए मंगलवार से नामांकन फार्म वितरण की प्रक्रिया शुरू होनी थी। आयोग के निर्देश के बाद इसे रोक दिया गया है। अब नगरीय निकाय उपचुनाव के लिए नया कार्यक्रम जारी किया जाएगा। वित्तीय गड़बड़ी के बाद खाली हुआ था पद दरअसल, टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को वित्तीय गड़बड़ियों के चलते अयोग्य घोषित किया गया था। उनके चुनाव लड़ने पर 6 साल के लिए रोक भी लगाई गई है। अध्यक्ष पद खाली होने के बाद डिप्टी कलेक्टर अंजली शर्मा को नगर पालिका का प्रभारी अध्यक्ष बनाया गया था। 31 जुलाई को जारी हुआ था चुनावी कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग ने 31 जुलाई को टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष के उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। इसके बाद कलेक्टर ने 1 सितंबर को नगरीय चुनाव की आचार संहिता लागू कर दी थी। पिछले एक सप्ताह से भाजपा और कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों ने अपनी दावेदारी जताना शुरू कर दी थी। 18 सितंबर तक होना था नामांकन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए नाम निर्देशन का काम 8 सितंबर से 18 सितंबर तक होना था। नाम-निर्देशन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर तय की गई थी। 18 सितंबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख थी। इसी दिन नाम वापसी के बाद चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची तैयार कर चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाना था। 29 सितंबर को होना था मतदान नगर पालिका अध्यक्ष के उपचुनाव के लिए 29 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होना था। इसके बाद 3 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से मतगणना और चुनाव परिणाम की घोषणा की जानी थी। चुनाव कार्यक्रम स्थगित होने के बाद अध्यक्ष पद के लिए तैयारी कर रहे दावेदारों को झटका लगा है। आयोग के आदेश में क्या कहा- कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी पत्र में बताया गया कि राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने नगरीय निकायों के उप निर्वाचन वर्ष 2026 (पूर्वार्द्ध) को आगामी आदेश तक स्थगित करने की जानकारी दी है। मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम 23 सहपठित नियम 11-क के तहत उपचुनाव को नए सिरे से री-शेड्यूल किया जाएगा। नए कार्यक्रम का इंतजार आयोग के निर्देश के बाद जिले में नगरीय निकाय उप निर्वाचन की सूचना जारी नहीं की गई है। अब राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से नया कार्यक्रम जारी होने के बाद ही नामांकन और चुनाव की प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी। फिलहाल अध्यक्ष पद के दावेदारों को नई तारीखों का इंतजार करना होगा।

मध्यप्रदेश में नगर निकायों की संख्या बढ़ेगी, गांवों को शहर बनाने की योजना

धार  धार जिले में नगरीय क्षेत्रों की संख्या नगर निकाय (Urban Bodies Expansion) स्थापित करके बढ़ाई जाने की कवायद शुरू हो गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर जिले की अलग-अलग विधानसभाओं के बड़े ग्राम पंचायत क्षेत्रों को नगर पंचायत (Nagar Panchayat) बनाने के लिए जनपद कार्यालयों से 9 बिंदुओं पर आधारित जानकारी प्रस्ताव बनाकर देने के लिए कहा गया है। बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत बनाने की मांग स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा उठाई गई है। यह सभी मांग पत्र सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) को सौंपे गए थे। सीधे आवेदन सौंपने का असर यह हुआ कि इस मामले में जिला शहरी विकास अभिकरण द्वारा अलग अलग क्षेत्रों के राजस्व अधिकारियों को पत्र जारी करके जनपदों के माध्यम से प्रस्ताव तैयार करवाने के लिए लिखा गया है। जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों पर स्पष्ट अभिमत स्वीकृति के लिए आता है तो ग्राम विकास को गति मिलेगी। नगर परिषदें में तब्दील होने के बाद उसके अनुरुप सुविधाएं और व्यवस्थाएं तय होगी। बदनावर को नगर पालिका बनाने की मांग बदनावर विधानसभा क्षेत्र में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क बनने के बाद से तेजी से विकास मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है। यहां की नगर पंचायत को अब नगर पालिका बनाने की मांग उठी है। नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा सीएम डॉ. यादव को मांग पत्र सौंपा गया था। इस मामले में भी सीएमओ बदनावर को मप्र राजपत्र असाधारण 2011 में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार एवं मप्र नगर पालिका अधिनियम की धारा 5 के प्रावधानों के तहत जरूरी जानकारी जुटाकर प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है। सब कुछ ठीक रहा तो बदनावर नगर पंचायत से नगर पालिका में तब्दील होगी और विकास के लिए राशि सहित सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। सरदापुर में सर्वाधिक नगर पंचायत के प्रस्ताव सरदारपुर विधानसभा के बड़े ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत बनाने की मांग भाजपा नेताओं द्वारा की गई थी। पूर्व विधायक मुकामसिंह निगवाल ने ग्राम पंचायत दसई, ग्राम पंचायत राजीद को नगर पंचायत क्षेत्र बनाने की मांग की थी। इस मामले में भी अनुविभागीय अधिकारियों को जनपदों के माध्यम से प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। इसमें ग्राम पंचायत को दर्शाते हुए प्रस्तावित नगर परिषद् का मानचित्र, आपस में दूरिया सहित राजस्व मानचित्र पर चिहिनत कर संपूर्ण जानकारी का प्रस्ताव स्पष्ट अभिमत के साथ तैयार करने के लिए कहा गया है। इसमें ग्राम पंचायत अमझेरा को स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा नगर पंचायत बनाने की मांग का प्रस्ताव भी शामिल है। मंत्री की मांग पर केसूर भी शामिल बदनावर विधानसभा की ग्राम पंचायत केसूर को नगर परिषद् बनाने की मांग केन्द्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर द्वारा पत्र के माध्यम से सीएम से की गई थी। इस मामले में प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। इसी तरह सिंधाना और गंधवानी को भी नगर पंचायत बनाने के प्रस्ताव तैयार करने के साथ अभिमत देने के लिए स्थानीय जनपदों को निर्देशित किया गया है।  प्रस्ताव मांगे है… मुख्यमंत्री को सौंपे जनप्रतिनिधियों के मांग पत्र के आधार पर अनुविभागीय अधिकारियों को जनपदों के माध्यम से प्रस्ताव और अभिमत देने के लिए कहा है। यह रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू होगी।-विश्वनाथ सिंह, प्रभारी डूडा अधिकारी धार

निगम कर्मचारियों की हड़ताल कल से शुरू, जरूरी सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर

रायपुर रायपुर नगर निगम के सभी अधिकारी और कर्मचारी छत्तीसगढ़ राज्य अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में 29, 30 और 31 दिसंबर को आंदोलन करेंगे. इस दौरान 29 और 30 दिसंबर को निगम मुख्यालय और सभी 10 जोनों में अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में काली पट्टी लगाकर कार्य करेंगे, जबकि 31 दिसंबर को एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर रैली निकालते हुए सामूहिक हड़ताल में शामिल होंगे. रायपुर नगर पालिक निगम अधिकारी-कर्मचारी एकता संघ ने स्पष्ट किया है कि सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट जैसी आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा. इसी कारण 29 और 30 दिसंबर की कार्य करते हुए विरोध दर्ज किया जाएगा. 31 दिसंबर को रैली और धरना-प्रदर्शन में शामिल होंगे. 27 दिसंबर को छत्तीसगढ़ राज्य अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, राज्य पदाधिकारी उमेश मुदलियार और रायपुर जिला संयोजक पीताम्बर पटेल ने रायपुर नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर आंदोलन की जानकारी दी और समर्थन मांगा है. एकता संघ के कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद जाधव ने फेडरेशन की सभी मांगों को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की. बताया कि 29 दिसंबर की प्रतिनिधिमंडल महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप से मिलकर आगामी 10 वर्षों के लिए प्रस्तावित निगम सेटअप में सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को समान अवसर और शीघ्र विभागीय पदोन्नति देने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपेगा.