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बस्तर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता! नक्सली डंप से विस्फोटक समेत सामान बरामद

सुकमा. सुकमा. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है. चिंतलनार थाना क्षेत्र के चिन्नाबोड़केल के पहाड़ी-जंगल इलाके में सर्चिंग के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए डंप का पता लगाया. यहां से हथियार, विस्फोटक, गोला-बारूद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य नक्सली उपयोगी सामग्री बरामद की गई है. सुकमा पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर को मिले इंटेलिजेंस के आधार पर कैंप रायगुडेम से 223वीं वाहिनी सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम को चिन्नाबोड़केल के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग के लिए रवाना किया गया था. सर्चिंग के दौरान संदिग्ध डंप मिला, जिसके बाद इलाके की सघन तलाशी ली गई. बरामद सामग्री में एक भरमार बंदूक, बीजीएल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली 57 पाइप, तीन आईईडी कंटेनर, दो वायरलेस सेट, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर समेत अन्य डेटोनेटर, करीब एक किलो गन पाउडर और तीन किलो यूरिया शामिल हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में बैटरियां, इलेक्ट्रिक तार, चार्जर, रेडियो सेट, सर्किट बोर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री भी मिली है. सुरक्षा बलों को डंप से नक्सली साहित्य, झंडा, यूनिफॉर्म, तीर-कमान, लोहे की स्पाइक और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री भी बरामद हुई है. पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत जंगलों और दुर्गम इलाकों में पहले से छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक डम्प की तलाश लगातार जारी है. सुकमा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का माहौल कायम करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे.

कांकेर में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, नक्सलियों का हथियार और विस्फोटक जखीरा जब्त

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाबलों को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है. सर्च अभियान के दौरान आमाटोला के जंगल में नक्सलियों का खुफिया डंप बरामद हुआ है. जहां हथियार समेत अन्य नक्सल सामान छिपाकर रखी गई थी. यह पूरी कार्रवाई कांकेर पुलिस, बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम ने की है. जानकारी के अनुसार, वरीष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार संयुक्त अभियान संचालित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मंगलवार को छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के आमाटोला के पास जंगल में सर्चिंग के दौरान जवानों को कुछ संधिग्ध नजर आया. जांच में नक्सलियों का विस्फोटक डंप मिला, जिसमें से कई नक्सल सामान बरामद किया गया है.  नक्सल डंप से क्या-क्या मिला? भारमार बंदुक-04 नग वायरलेस सेट-02 रेडियो-01नग नक्सल वर्दी-01नग पोच-02 नग चार्जर-01नग बैटरी-01नग नक्सल साहित्य के अलावा अन्य नक्सल सामग्री बरामद किया गया. जिसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया. अभियान के बाद सभी जवान वापस कैंप लौट आए हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जिले के संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्रों में आगे भी संयुक्त सर्च अभियान लगातार जारी रहेंगे.

सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी: नक्सली ठिकाने से 3.61 करोड़ नकद, 1 किलो सोना और 101 घातक हथियार बरामद

जगदलपुर बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में आज नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के 108 नक्सली कैडरों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 44 महिला और 64 पुरुष नक्सली शामिल हैं, जिन पर 3.29 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों के 101 घातक हथियार बरामद यह आत्मसमर्पण पुणे मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के तहत हुआ। कार्यक्रम राज्य के डीजीपी अरुण देव गौतम और एडीजी विवेकानंद सिन्हा की मौजूदगी में हुआ। बस्तर आईजी सुंदरराज पी सहित सीआरपीएफ, बीएसएफ और जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इस दौरान नक्सलियों द्वारा जमा किए गए हथियारों और अन्य सामग्री की प्रदर्शनी लगाई गई। अधिकारियों ने 101 घातक हथियार बरामद होने की जानकारी दी। करोड़ों रुपये के हथियार समेत नगद मिला इन हथियारों में एके 47, इंसास, एलएमजी और बीजीएल शामिल थे। नक्सल इतिहास में पहली बार 3.61 करोड़ रुपये नकद और 1.64 करोड़ रुपये मूल्य का एक किलो सोना बरामद किया गया। इसे अब तक के नक्सल विरोधी अभियानों में सबसे बड़ी डंप बरामदगी माना जा रहा है। यह सभी सामग्री बस्तर रेंज के विभिन्न जिलों से बरामद की गई थी। इनमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव और बस्तर जिले शामिल हैं। बरामद किए गए सभी डंप और सामग्री को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया। यह प्रदर्शन जगदलपुर स्थित रेंज मुख्यालय में आयोजित आत्मसमर्पण कार्यक्रम के दौरान हुआ। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह सामग्री अलग-अलग अभियानों में मिली थी। इसमें 101 घातक हथियार और बड़ी मात्रा में नकदी व सोना शामिल था। अधिकारियों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति प्रभावी साबित हो रही है। लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों के कारण नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में वापसी की है। यह आत्मसमर्पण बस्तर में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल क्षेत्र में स्थिरता लाने में सहायक होगी।