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हरियाणा में IMT प्रोजेक्ट पर संकट: जमीन की कमी से विकास में रुकावट, क्षेत्रफल घटाने की संभावना

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने पिछले दिनों 10 नई आई. एम. टी. बनाने की घोषणा की थी लेकिन इस घोषणा को सिरे चढ़ाने में जमीन की कमी आड़े आ रही है। ऐसे में सरकार इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए आई.एम.टी. के जमीनी क्षेत्रफल में कटौती करने पर विचार कर रही है। जमीन की कमी के चलते आई.एम.टी. का क्षेत्रफल 1500 की बजाय 1200 एकड़ तक किया जा सकता है। हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वर्ष 2030 तक औद्योगिक विकास को और तेज करने के लिए 10 नई आई.एम.टी. स्थापित करने की घोषणा की थी, जिनमें से 5 आई.एम.टी. को स्वीकृति मिल चुकी है और उन्हें विकसित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। पिछले वर्ष उद्योग विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी और आगामी बजट में इस वृद्धि को और आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 10 में से 3 आई.एम.टी. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विकसित की जाएंगी जिनकी धुरी के.एम.पी. एक्सप्रेस-वे रहेगा। किसानों के साथ जमीन के रेट पर बात बनते ही प्रक्रिया होगी तेज किसानों द्वारा आई.एम.टी. के लिए अपनी जमीन के कई-कई गुणा तक दाम मांगने की वजह से आई. एम.टी. बनाने की परियोजनाएं अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। कई आई. एम टी. के लिए किसान जमीन के रेट कलैक्टर रेट से 6 से 8 गुना तक मांग रहे हैं। प्रदेश सरकार इन किसानों से जमीन का वास्तविक मर्मोल भाव करने में जुटी है। किसानों के साथ जमीन के रेट की बात बनते ही आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रिया में तेजी आ सकेगी। सरकार ने ई-भूमि पोर्टल शुरु किया हरियाणा की भाजपा सरकार की योजना है कि किसानों की मर्जी के विना उनकी जमीन अधिगृहीत नहीं की जाएगी। सरकारी विकास परियोजनाओं के लिए किसानों से वाजार भाव पर जमीन खरीदने की योजना पूर्व मुख्यमत्री मनोहर लाल ने आरंभ की थी जिसे मौजूदा मुख्यमंत्री नायव सैनी भी आगे बढ़ा रहे है। किसानों द्वारा जमीन वेचने की पेशकश के लिए सरकार ने ई-भूमि पोर्टल आरंभ कर रखा है। इस पोर्टल पर किसान अपनी जमीन वेचने की पेशकश करते है और वहीं पर रेट वताते हैं। सरकार को रेट ठीक लगते हैं तो जमीन खरीद ली जाती है अन्यथा ज्यादा दाम मांगने की स्थिति में मोलभाव करने का विकल्प खुला रहता है। कांग्रेस सरकार की भांति अब जमीन का अलॉटमेंट या अधिग्रहण नहीं होताः राव नरबीर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार की भांति अब जमीन का अलॉटमेंट या अधिग्रहण नहीं होता बल्कि भाजपा सरकार किसानों से जमीन खरीदती है। यदि किसी उद्योगपति तो कोई सरकार से चाहिए तो उसे भी बोली देकर जमीन खरीदनी होगी। हरियाणा में 10 आई.एम.टी. बननी हैं। इनमें से 6 पर तेजी से काम चल रहा है। राज्य में जमीन काफी महंगी है। इसकी एक वजह यह है कि हरियाणा बिल्कुल दिल्ली के नजदीक है। साथ ही राज्य की जमीन काफी उपजाऊ है। 5 नए शहर दिल्ली में बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम करेंगे राव नरबीर सिंह ने कहा कि लगभग 135 किलोमीटर लंबा कुंडली-मानेसर-पलवल (के.एम.पी.) एक्सप्रेसवे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एच.एस.आई.आई.डी.सी.) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपत्ति है। वर्ष 2031 की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसके दोनों ओर 5 नए शहर विकसित करने के उद्देश्य से पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया है। विकसित किए जाने वाले 5 नए शहर 'विकसित भारत' के आकर्षण केंद्र बनेंगे और दिल्ली में बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम करने में सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री सैनी ने पिछले बजट में की थी घोषणा हरियाणा के वित्त मंत्री के नाते मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पिछले बजट में 10 आई.एम.टी. बनाने की घोषणा की थी। इनमें से अम्बाला, यमुनानगर, रेवाड़ी, पलवल, फरीदाबाद और जींद में आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रिया आरंभ की जा चुकी है। अम्बाला जिले में 2 आई.एम.टी. बननी प्रस्तावित हैं, जो कि एक मुख्यमंत्री नायब सैनी के पुराने विधानसभा क्षेत्र नारायणगढ़ में बननी प्रस्तावित है। अम्बाला व यमुनानगर की आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं, जबकि बाकी आई.एम.टी. के लिए जमीन के अधिक रेट बड़ी बाधा बने हुए हैं। महेंद्रगढ़ के खुडाना में जमीन नहीं मिल पाई, जिस कारण आई.एम.टी. का प्रस्ताव अभी लटका हुआ है।

नायब सैनी का बयान: ऐसा बजट तैयार किया जाए जो राज्य के संतुलित विकास को गति दे

कुरुक्षेत्र  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हाॅल में बजट के लिए भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विद्या भारती, अधिवक्ता परिषद, विश्व हिंदू परिषद, क्रीड़ा भारती सहित अन्य प्रमुख संगठनों के पदाधिकारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का ऐसा बजट तैयार करना है जो राज्य के समग्र और संतुलित विकास को गति प्रदान करे। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही प्रदेश के आम नागरिक के लिए बजट बनाया जाएगा। इसमें आमजन की राय को शामिल करने के लिए ही समाज के हर समूह से सुझाव लिए जा रहे हैं। इन सुझावों पर सभी अधिकारी व विषय विशेषज्ञ गंभीरता के साथ मंथन करेंगे और आमजन के हित को जहन में रखकर बजट को तैयार किया जाएगा। उन्होंने संगठन प्रतिनिधियों से बजट पर सुझाव लिए और हर संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत भी की। एक सरकार या किसी चुनावी एजेंडे का बजट नहीं : सैनी मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी एक सरकार या किसी चुनावी एजेंडे का बजट नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के नागरिकों का बजट है। सरकार का उद्देश्य हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए ऐसा बजट तैयार करना है, जो राज्य के समग्र और संतुलित विकास को गति प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने बजट-पूर्व परामर्श प्रक्रिया को लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण और सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि किसानों, श्रमिकों, युवाओं, अधिवक्ताओं, शिक्षा, खेल व सामाजिक संगठनों से प्राप्त सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। जनभागीदारी से तैयार यह बजट हरियाणा को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा दूरदर्शी, संतुलित और जन-अपेक्षाओं पर आधारित बजट प्रस्तुत करना है जिसका प्रभाव केवल कागजों तक सीमित न रहे बल्कि आने वाले वर्षों में धरातल पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे। बजट-पूर्व सुझावों पर हुई ठोस कार्रवाई, एक्शन-टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव की ओएसडी हिना बिंदलिश ने बजट-पूर्व परामर्श से संबंधित एक्शन-टेकन रिपोर्ट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में प्राप्त सुझावों को सरकार की ओर से गंभीरता से लेते हुए पिछले बजटों में शामिल किया गया था जिनका सकारात्मक प्रभाव धरातल पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बजट से संबंधित 11 परामर्श बैठकें की गई थीं। इनमें विभिन्न हितधारकों से 73 महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए जिनमें से 32 को शामिल किया गया। इन बैठकों के दौरान महिला वर्ग, उद्योग व स्वास्थ्य क्षेत्र, विभिन्न विभागों, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, शिक्षा, कौशल विकास एवं स्किलिंग, आबकारी विभाग और इनक्यूबेशन सेंटर से जुड़े अहम सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें बजट में सम्मिलित किया गया है। 

हजारों साल पुरानी संस्कृति का जीवंत प्रतीक है राखीगढ़ी महोत्सव: नायब सैनी

नारनौंद/हांसी  प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐतिहासिक गांव राखीगढ़ी में तीन दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव का शुभारंभ किया। उनके साथ पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और मंत्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हड़प्पा ज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया और म्यूजियम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने मॉक खुदाई, स्वयं सहायता समूह और सरकारी विभाग द्वारा लगाई गई स्टालों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कुश्ती दंगल का शुभारंभ किया और पहलवानों के दांव-पेंच देखे। सीएम ने कहा कि यह महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि हमारी प्राचीन सभ्यता और गौरवशाली जीवन का उत्सव है। मुख्यमंत्री ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर दिया और पुरातत्व स्थलों पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि राखीगढ़ी म्यूजियम 22 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है और केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।   पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि राखीगढ़ी ऐतिहासिक महत्व का गांव है, जहां खुदाई में पहिए और स्विमिंग पूल के अवशेष मिले हैं। सरकार यहां रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देगी और भविष्य में कार्यक्रम और भव्य तरीके से आयोजित होंगे। म्यूजियम में प्रदर्शनी में हड़प्पा कालीन सभ्यता के अवशेष और छात्रों द्वारा बनाई गई मिट्टी की मूर्तियां प्रदर्शित की गईं। इस महोत्सव में देशभर के पर्यटक और इतिहास प्रेमी जुड़े। वहीं, विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल तथा विभाग के निदेशक अमित खत्री ने शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध राखीगढ़ी स्थित पुरातत्व विभाग की विभिन्न साइटों का दौरा किया। सीएम ने पेश किया सरकार का रिपोर्ट कार्ड हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से किए गए 217 संकल्पों में से अब तक 54 संकल्पों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इनमें महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल लाडो लक्ष्मी योजना भी शामिल है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। दूसरे राज्य स्तरीय राखीगढ़ी महोत्सव के अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने सभी चुनावी वादों को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।   अब तक 10 लाख महिलाओं को मिला लाभ मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं से लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अधिक से अधिक पंजीकरण करवाने का आह्वान करते हुए कहा कि जो महिलाएं अभी तक योजना से नहीं जुड़ी हैं, वे शीघ्र अपना पंजीकरण एवं सत्यापन प्रक्रिया पूरी करवाएं। उन्होंने बताया कि पात्र महिलाओं को योजना के अंतर्गत 2100 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। सीएम सैनी ने जानकारी दी कि अब तक योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में दो किस्तें जारी की जा चुकी हैं तथा लगभग 10 लाख महिलाओं ने अपना पंजीकरण करवा लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचे, जिससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिले और वे समाज की मुख्यधारा में सशक्त भूमिका निभा सकें।

नायब सैनी बोले—किसान मजबूत होगा, तभी विकसित भारत बनेगा

पलवल  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, तब हरियाणा का किसान आत्मनिर्भर, तकनीक से जुड़ा और वैश्विक बाजार के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को राष्ट्रीय नीति के केंद्र में रखकर देश के कृषि भविष्य को मजबूत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बुधवार को पलवल के नेताजी सुभाष चंद बोस स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी कर रहे थे। इस दौरान हरियाणा के 15 लाख 82 हजार किसानों को 316 करोड़ 38 लाख रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे गए। मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किसानों के साथ देखा और सुना। सैनी ने किसानों से कहा कि वे पारंपरागत खेती के साथ मूल्य संवर्धित फसलों, प्रोसेसिंग यूनिट्स, एग्री-टूरिज्म, ब्रांडिंग और ‘फार्म-टू-फोर्क’ मॉडल की ओर कदम बढ़ाएं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के चार स्तम्भ गरीब, महिला, युवा और किसान तय किए हैं और इनमें किसान सबसे महत्वपूर्ण है। हरियाणा सरकार इसी सोच के अनुरूप खेती को लाभकारी बनाने पर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। पराली प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। भावांतर भरपाई योजना के तहत पिछले ग्यारह वर्षों में तीस हजार किसानों को 135 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहाँ सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होती है और भुगतान 48 घंटे में किसानों को मिल जाता है। डिजिटल व्यवस्था ने योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी बना दिया है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, मुख्यमंत्री के पूर्व राजनैतिक सचिव और पलवल के पूर्व विधायक दीपक मंगला, पूर्व विधायक प्रवीण डागर, पूर्व विधायक जगदीश नायर, पूर्व सांसद लेफ्टिनेंट जनरल डीपी वत्स, भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला, पूर्व जिलाध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया, डॉ. हरेन्द्रपाल राणा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल, महानिदेशक राज नारायण कौशिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ब्राह्मण धर्मशाला, पलवल में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के दादा स्वर्गीय जयपाल गौतम की स्मृति में आयोजित रस्म पगड़ी और प्रेरणा सभा में पहुंचे। उन्होंने तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय जयपाल गौतम का जीवन समाज के लिए प्रेरणा है। सभा में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल कौशिक, हरियाणा भाजा प्रभारी सतीश पुनिया, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल जैन, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली, जबलपुर से विधायक अभिलाष पांडे, पूर्व मंत्री सुभाष सुधा, लोनी से विधायक नंद किशोर नंदी, पूर्व राज्यसभा सांसद लेफ्टिनेंट जनरल डीपी वत्स, पूर्व विधायक दीपक मंगला, भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला, पूर्व जिलाध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया और ग्रेट खली सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

गुरुओं की महान परंपराओं का पालन ज़रूरी, पंजाब पानी बचाए : नायब सैनी

फरीदाबाद  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश की प्रगति के लिए राज्यों के बीच सतत‍् सहयोग के माहौल का होना अति महत्वपूर्ण है। अपने संसाधनों को एकत्रित करके अपने ज्ञान को सांझा करके और एक दूसरे की सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाकर ही हम एक भारत-श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। नायब सिंह ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस बैठक के विचार-मंथन से राज्य व केंद्र शासित प्रदेश सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने, अंतर्राज्यीय व केंद्र राज्यों के बीच कई मुद्दों को सुलझाने में सहमति बनाने में सफल होंगे और उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् की यह बैठक एक भारत श्रेष्ठ भारत का उदाहरण बनेगी। नायब सिंह सैनी ने बैठक में चर्चा के दौरान कहा कि सभी राज्यों के पानी के हिस्से को संबंधित राज्य तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। हरियाणा लगातार दिल्ली को उसके हिस्से से अधिक पानी अपने हिस्से से देता रहा है। जबकि एसवाईएल न बनने के कारण हरियाणा को पंजाब से अपने हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल रहा है। अगर एसवाईएल के रास्ते हरियाणा को अपने हिस्से का पूरा पानी मिलता है, तो राजस्थान को भी उसके हिस्से का पूरा पानी मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गुरुओं की धरती है। यह वह पावन धरा है, जहां भाई कन्हैया जी जैसे गुरु सेवक हुए, जिन्होंने युद्ध भूमि में घायल पड़े दुश्मनों के सैनिकों को भी पानी पिलाया। उन्होंने परिषद के माध्यम से पंजाब से आग्रह किया कि जल विवाद पर गुरुओं की महान परंपराओं का ध्यान अवश्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी हम सबका सांझा है। हमारी संस्कृति में नदियों को माता कहा गया है।   पीयू से हरियाणा के कॉलेज संबद्ध होने से विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ नायब सिंह सैनी ने पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू), चंडीगढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार इसमें अपना योगदान करना चाहती है। यदि हरियाणा के कुछ कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हो जाएंगे, तो हरियाणा के विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय दोनों को लाभ होगा। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री व उत्तरी क्षेत्रीय परिषद के वाइस चेयरमैन नायब सिंह सैनी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जम्मू एवं कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला, लद्दाख के उप राज्यपाल कविंदर गुप्ता, चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा के राजस्व मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा सहित संबंधित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के उच्चाधिकारियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बैठक में अमित शाह सहित संबंधित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों का शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

देश की तरक्की में हरियाणा की भूमिका अहम – नायब सैनी की राय

पंचकूला  पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय पंचकमल में शनिवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी आत्मनिर्भर भारत संकल्प कार्यशाला को संबोधित करते हुए। –   मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प से ही भारत विकसित राष्ट्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा संकल्प है, जो हमें आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहा है। यही भारत की असली ताकत है और इसी ताकत को पहचानते हुए पीएम मोदी ने स्वदेशी का नारा दिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी शनिवार को पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय पंचकमल में आत्मनिर्भर भारत संकल्प कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि 25 सितंबर से लेकर 25 दिसंबर तक 'आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान' चलेगा। इस अभियान की चर्चा हर गली और घर-घर तक पहुंचनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर ‘सुराज’का भी आधार है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस स्वराज का सपना देखा था, उसे सुराज में बदलने के लिए हम पिछले 11 साल से लगातार कोशश कर रहे हैं। इस ‘सुराज’ का मार्ग पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने दिखाया था और वे आजीवन इसके लिए काम करते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने आत्मनिर्भरता के इकोनॉमी, इंफ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड ये पांच स्तंभ बताए हैं। इन पांच स्तंभों के माध्यम से देश नयी बुलंदियों को छुएगा। उन्होंने कहा कि जब हम आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं, तो हरियाणा का नाम गर्व से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का ग्रोथ इंजन है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसे ग्रोथ इंजन कहा है। सैनी ने कहा कि प्रदेश में ’आत्मनिर्भर हरियाणा-आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के अन्तर्गत ’हरियाणा आत्मनिर्भर पोर्टल’ शुरू किया गया है। कोई भी व्यक्ति या व्यवसायी अपना नया काम-धंधा शुरू करने के लिए इस पोर्टल के माध्यम से योजनाओं का लाभ उठा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश में पदमा कार्यक्रम को लागू किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हरियाणा में व्यापार करने में आसानी के लिए 48 विभागों के 1100 से अधिक गैर जरूरी नियमों को समाप्त किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली की अध्यक्षता में हुई इस कार्यशाला को राष्ट्रीय सचिव अल्का गुर्जर, प्रदेश प्रभारी डा. सतीश पूनिया के अलावा संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में प्रदेश महामंत्री एवं मंत्री कृष्ण बेदी, प्रदेश महामंत्री डा. अर्चना गुप्ता, प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता सहित सांसद, विधायक, मंत्री, जिलों के अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी तथा आत्म निर्भर भारत संकल्प की टीम मौजूद रही।