samacharsecretary.com

अगर जीवन में धन और सफलता चाहते हैं, तो नीम करोली बाबा की इन 5 सीखों को अपनाएँ

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम, आध्यात्मिक गुरु, नीम करोली बाबा, का आश्रम है। नीम करोली बाबा आज भले ही भौतिक रूप से लोगों के बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी दी हुई शिक्षाएं आज भी उनके अनुयायियों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करके हुए सुखी सफल जीवन जीने का रास्ता बताती रहती हैं। नीम करोली बाबा के ज्ञान को अपनाते हुए अपनी कुछ नकारात्मक आदतों को त्यागकर, कोई भी व्यक्ति अपना जीवन बदलकर पैसा कमा सकता है। आइए जानते हैं पैसा और कामयाबी हासिल करने के लिए नीम करोली बाबा ने कौन सी 5 आदतों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया है। अहंकार का त्याग नीम करोली बाबा के अनुसार, अहंकार व्यक्ति को हमेशा गलत राह पर ले जाता है। अगर आप अपने रिश्तों को मजबूत बनाए रखते हुए जीवन को सफल बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने अहंकार का त्याग करें। याद रखें, विनम्रता न केवल व्यक्ति को सम्मान अर्जित करवाती है, बल्कि उसके लिए नए अवसरों के दरवाजे भी खोलती है। क्रोध पर नियंत्रण नीम करोली बाबा के अनुसार क्रोध में लिए गए ज्यादातर निर्णय अक्सर बाद में पछतावे का कारण बनते हैं। क्रोध व्यक्ति की आंतरिक शांति को नष्ट करके उसके निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर बना देता है।जो लोग अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते, उन्हें अकसर जीवन में सफलता पाने में कठिनाई होती है। लालच से बचें नीम करोली बाबा के अनुसार व्यक्ति का जरूरत से ज्यादा लालच उसे जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ने देता है। लालच में डूबा व्यक्ति धन संचय करने या उसे बनाए रखने के लिए संघर्ष करता रहता है। ईर्ष्या से करें परहेज नीम करोली बाबा व्यक्ति को कभी भी दूसरों की सफलता से ईर्ष्या न करने की सलाह देते थे। उनका मानना था कि दूसरों की उपलब्धियों से जलन रखने की जगह व्यक्ति को हमेशा अपनी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कड़ी मेहनत और लगन सच्ची सफलता दिलाते हैं, जबकि ईर्ष्या केवल नकारात्मकता और भटकाव की ओर ले जाती है। नकारात्मकता से रहें दूर नीम करोली बाबा की शिक्षाओं के अनुसार आत्म-अनुशासन, आंतरिक शांति और सकारात्मक सोच ही स्थायी सफलता की कुंजी हैं। ऐसे में व्यक्ति को हमेशा अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक आदतों को त्याग करना चाहिए।

सफल जीवन का रहस्य: नीम करोली बाबा की 5 बातें जो बदल सकती हैं आपकी किस्मत

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम, आध्यात्मिक गुरु, नीम करोली बाबा, का आश्रम है। नीम करोली बाबा आज भले ही भौतिक रूप से लोगों के बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी दी हुई शिक्षाएं आज भी उनके अनुयायियों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करके हुए सुखी सफल जीवन जीने का रास्ता बताती रहती हैं। नीम करोली बाबा के ज्ञान को अपनाते हुए अपनी कुछ नकारात्मक आदतों को त्यागकर, कोई भी व्यक्ति अपना जीवन बदलकर पैसा कमा सकता है। आइए जानते हैं पैसा और कामयाबी हासिल करने के लिए नीम करोली बाबा ने कौन सी 5 आदतों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया है। अहंकार का त्याग नीम करोली बाबा के अनुसार, अहंकार व्यक्ति को हमेशा गलत राह पर ले जाता है। अगर आप अपने रिश्तों को मजबूत बनाए रखते हुए जीवन को सफल बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने अहंकार का त्याग करें। याद रखें, विनम्रता न केवल व्यक्ति को सम्मान अर्जित करवाती है, बल्कि उसके लिए नए अवसरों के दरवाजे भी खोलती है। क्रोध पर नियंत्रण नीम करोली बाबा के अनुसार क्रोध में लिए गए ज्यादातर निर्णय अक्सर बाद में पछतावे का कारण बनते हैं। क्रोध व्यक्ति की आंतरिक शांति को नष्ट करके उसके निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर बना देता है।जो लोग अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते, उन्हें अकसर जीवन में सफलता पाने में कठिनाई होती है। लालच से बचें नीम करोली बाबा के अनुसार व्यक्ति का जरूरत से ज्यादा लालच उसे जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ने देता है। लालच में डूबा व्यक्ति धन संचय करने या उसे बनाए रखने के लिए संघर्ष करता रहता है। ईर्ष्या से करें परहेज नीम करोली बाबा व्यक्ति को कभी भी दूसरों की सफलता से ईर्ष्या न करने की सलाह देते थे। उनका मानना था कि दूसरों की उपलब्धियों से जलन रखने की जगह व्यक्ति को हमेशा अपनी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कड़ी मेहनत और लगन सच्ची सफलता दिलाते हैं, जबकि ईर्ष्या केवल नकारात्मकता और भटकाव की ओर ले जाती है। नकारात्मकता से रहें दूर नीम करोली बाबा की शिक्षाओं के अनुसार आत्म-अनुशासन, आंतरिक शांति और सकारात्मक सोच ही स्थायी सफलता की कुंजी हैं। ऐसे में व्यक्ति को हमेशा अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक आदतों को त्याग करना चाहिए।

जीवन बदल देने वाले नीम करौली बाबा के विचार, तनाव से दिलाएंगे मुक्ति

नीम करोली बाबा का नाम ज्यादातर लोग जानते हैं। कलियुग में हनुमान का अंश बोले जाने वाले ये बाबा इस धरती पर नही हैं। लेकिन उनकी शिक्षाएं और उपदेश लोगों को रास्ता जरूर दिखा रही हैं। जीवन में आगे बढ़ने, निराशा और असफलता को छोड़ कर आगे बढ़ने की सीख देने वाले उपदेशों को आप भी एक बार जरूर पढ़ लें। इन्हीं उपदेशों की बदौलत स्टीव जॉब्स से लेकर मार्क जुकरबर्क तक उनके आश्रम तक चले जाए और उपदेशों से प्रभावित हुए। अगर मन की शांति और सुकून छिन गया है तो पढ़ लें नीम करोली बाबा के ये उपदेश। नीम करोली बाबा के उपदेश 1) सबकी सेवा करो, सबको भोजन दो और सबसे प्यार करो। इन तीन कामों को करते हुए बस भगवान को याद करो। 2) चाहे किसी ने तुम्हें तकलीफ दी हो लेकिन सबको भगवान समझकर ही प्यार करो। 3) जब आप दुखी, बीमार या परेशान होते हैं तो उस समय आप जीवन की सच्चाईयों को सीख रहे होते हैं। इसलिए दुख-तकलीफ से घबराना नहीं चाहिए। ये आपके लिए किसी लेसन की तरह होते हैं। 4) कर्म की सबसे बड़ी पूजा है। इसलिए भागवद् गीता के इस उपदेश को मानना चाहिए। 5) बाहर की दुनिया देखने की बजाय अपने अंदर देखों, झांको और खुद को समझने की कोशिश करो। 6) किसी को माफ कर देना सबसे बड़ा हथियार होता है। क्योंकि संत अपने गुस्से को तुरंत ही छोड़ देते हैं। 7) हमेशा ऐसे लोगों की संगत में रहो जो पॉजिटिव सोचते हैं। ऐसे लोगों का साथ आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा। 8) हर इंसान में ईश्वर को देखो। धर्म और कर्म के आधार पर शिक्षा देना पूरी तरह से गलत है। 9) खुद को साधारण मानों और अपने भगवान से पूछो क्या मैं कुछ नहीं कर सकता। इसके साथ ही ये मान कर चलो कि जो कुछ भी आप करते हैं वो सब भगवान कर रहा है।

अमीर बनने का रहस्य: नीम करोली बाबा की कही ये 5 बातें बदल सकती हैं आपकी किस्मत

नीम करौली बाबा एक बहुत ही सरल लेकिन चमत्कारी संत थे। उनके पास जो भी गया, उसे जीवन का सही रास्ता मिला, सुकून मिला और उसके जीवन में बदलाव भी आया। बाबा ने सिखाया कि असली समृद्धि कैसे आती है। उनका मानना था कि अगर इंसान अपने मन, सोच और कर्म को सही दिशा में ले जाए, तो पैसा और सुख अपने आप जीवन में आने लगते हैं। बाबा ने हमेशा सच्चे जीवन और अच्छे कर्मों पर जोर दिया। उन्होंने कुछ ऐसे आसान नियम बताए, जो अगर हर इंसान अपनाए, तो ना सिर्फ वह अमीर बन सकता है, बल्कि मन से भी संतुष्ट रह सकता है। चलिए जानते हैं नीम करौली बाबा के अनुसार जीवन में अमीर बनने के लिए क्या करना चाहिए। सेवा भावना को अपनाएं नीम करौली बाबा का सबसे पहला और महत्वपूर्ण संदेश था- निःस्वार्थ सेवाभाव। उनका कहना था कि जब आप बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करते हैं, तो ईश्वर आपको इसके बदले में कई गुना ज्यादा लौटा कर वापस देता है। इसलिए नीम करोली बाबा का कहना मानकर जरूरतमंदो की हमेशा सहायता करनी चाहिए फिर वो चाहे आर्थिक रूप से हो या इमोशनली। जो लोग दूसरों की सहायता करते हैं, उनके जीवन में पॉजिटिव एनर्जी आती है, जिससे धन की देवी लक्ष्मी उनकी तरफ आकर्षित होती है। हमेशा सच्चाई और ईमानदारी से रहें नीम करौली बाबा हमेशा सत्य और ईमानदारी की राह पर चलने की प्रेरणा देते थे। उनका मानना था कि अगर इंसान सच्चे दिल से अपने कर्म करे और छल-कपट से दूर रहे, तो भगवान खुद उस व्यक्ति को जीवन के सही रास्ते पर ले जाते हैं। जो लोग सच्चाई और ईमानदारी से रहते हैं, उन्हें व्यापार और नौकरी हर जगह पर तरक्की मिलती है, साथ ही सामाजिक तौर पर भी उनकी इज्जत बढ़ती है। ध्यान और भक्ति से जुड़ें नीम करौली बाबा खुद भक्ति और साधना से जुड़े हुए थे। ऐसे में वे दूसरों को भी भक्ति की राह पर चलने की सलाह देते थे। उनका कहना था कि अगर कोई व्यक्ति रोज थोड़ी देर के लिए ध्यान करता है और भगवान का नाम जपता है, तो उसके अंदर की सारी नेगेटिव एनर्जी खत्म हो जाती है और मन शांत होता है। ऐसे शांत मन के साथ जब कोई व्यक्ति कुछ भी काम करता है तो उसे अपने काम में सफलता जरूर मिलती है। जीवन में उदारता अपनाएं नीम करोली बाबा का कहना था कि धन को कभी भी बांधकर नहीं रखना चाहिए, बल्कि अगर आपके पास धन है तो उससे जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए और दान करना चाहिए। जब आप किसी भूखे को भोजन देते हैं या अनाथ बच्चों की पढ़ाई में सहायता करते हैं, तो इससे आपके जीवन में समृद्धि आती है। कर्म पर भरोसा करें, फल की चिंता ना करें नीम करौली बाबा ने जीवन से जुड़ी एक बहुत ही महत्वपूर्ण सीख दी है कि इंसान को अपना कर्म करना चाहिए और फल की चिंता नहीं करनी चाहिए। जब कोई व्यक्ति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्मों में लगा रहता है, तो उसे जीवन में सफलता जरूर मिलती है। ऐसे व्यक्ति के जीवन में कभी सुख और समृद्धि की कमी नहीं होती।

सफलता और धन का रास्ता: नीम करोली बाबा की बताई 5 सीख जो बना सकती हैं आपको कामयाब

नीम करौली बाबा एक बहुत ही सरल लेकिन चमत्कारी संत थे। उनके पास जो भी गया, उसे जीवन का सही रास्ता मिला, सुकून मिला और उसके जीवन में बदलाव भी आया। बाबा ने सिखाया कि असली समृद्धि कैसे आती है। उनका मानना था कि अगर इंसान अपने मन, सोच और कर्म को सही दिशा में ले जाए, तो पैसा और सुख अपने आप जीवन में आने लगते हैं। बाबा ने हमेशा सच्चे जीवन और अच्छे कर्मों पर जोर दिया। उन्होंने कुछ ऐसे आसान नियम बताए, जो अगर हर इंसान अपनाए, तो ना सिर्फ वह अमीर बन सकता है, बल्कि मन से भी संतुष्ट रह सकता है। चलिए जानते हैं नीम करौली बाबा के अनुसार जीवन में अमीर बनने के लिए क्या करना चाहिए। सेवा भावना को अपनाएं नीम करौली बाबा का सबसे पहला और महत्वपूर्ण संदेश था- निःस्वार्थ सेवाभाव। उनका कहना था कि जब आप बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करते हैं, तो ईश्वर आपको इसके बदले में कई गुना ज्यादा लौटा कर वापस देता है। इसलिए नीम करोली बाबा का कहना मानकर जरूरतमंदो की हमेशा सहायता करनी चाहिए फिर वो चाहे आर्थिक रूप से हो या इमोशनली। जो लोग दूसरों की सहायता करते हैं, उनके जीवन में पॉजिटिव एनर्जी आती है, जिससे धन की देवी लक्ष्मी उनकी तरफ आकर्षित होती है। हमेशा सच्चाई और ईमानदारी से रहें नीम करौली बाबा हमेशा सत्य और ईमानदारी की राह पर चलने की प्रेरणा देते थे। उनका मानना था कि अगर इंसान सच्चे दिल से अपने कर्म करे और छल-कपट से दूर रहे, तो भगवान खुद उस व्यक्ति को जीवन के सही रास्ते पर ले जाते हैं। जो लोग सच्चाई और ईमानदारी से रहते हैं, उन्हें व्यापार और नौकरी हर जगह पर तरक्की मिलती है, साथ ही सामाजिक तौर पर भी उनकी इज्जत बढ़ती है। ध्यान और भक्ति से जुड़ें नीम करौली बाबा खुद भक्ति और साधना से जुड़े हुए थे। ऐसे में वे दूसरों को भी भक्ति की राह पर चलने की सलाह देते थे। उनका कहना था कि अगर कोई व्यक्ति रोज थोड़ी देर के लिए ध्यान करता है और भगवान का नाम जपता है, तो उसके अंदर की सारी नेगेटिव एनर्जी खत्म हो जाती है और मन शांत होता है। ऐसे शांत मन के साथ जब कोई व्यक्ति कुछ भी काम करता है तो उसे अपने काम में सफलता जरूर मिलती है। जीवन में उदारता अपनाएं नीम करोली बाबा का कहना था कि धन को कभी भी बांधकर नहीं रखना चाहिए, बल्कि अगर आपके पास धन है तो उससे जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए और दान करना चाहिए। जब आप किसी भूखे को भोजन देते हैं या अनाथ बच्चों की पढ़ाई में सहायता करते हैं, तो इससे आपके जीवन में समृद्धि आती है। कर्म पर भरोसा करें, फल की चिंता ना करें नीम करौली बाबा ने जीवन से जुड़ी एक बहुत ही महत्वपूर्ण सीख दी है कि इंसान को अपना कर्म करना चाहिए और फल की चिंता नहीं करनी चाहिए। जब कोई व्यक्ति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्मों में लगा रहता है, तो उसे जीवन में सफलता जरूर मिलती है। ऐसे व्यक्ति के जीवन में कभी सुख और समृद्धि की कमी नहीं होती।

बच्चों को जरूर सिखाएं नीम करोली बाबा की ये 4 सीख, हर चुनौती होगी आसान

सदियों में किसी एक ऐसे संत का जन्म होता है, जिनका लोगों के जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। उनके जीवनकाल के बाद भी लोगों के मन में उनके प्रति श्रद्धा, आस्था और उनकी बताई गई बातें जिंदा रहती हैं। ऐसे ही हैं श्री नीम करोली बाबा, जिन्हें उनके भक्त स्वयं महाबली हनुमान का अवतार बताया करते हैं। उनका सरल व्यक्तित्व और स्पष्ट विचार, आज भी लोगों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। उनका मानना था कि यदि बचपन से ही बच्चों में सही आदतें डाल दी जाएं, तो उम्रभर वो एक सही दिशा पर बने रहते हैं। ये आदतें ही आगे जा कर बच्चे को जीवन में सफल और एक अच्छा इंसान बनाती हैं। तो चलिए आज नीम करोली बाबा के बताए गए कुछ मूल मंत्रों के बारे में जानते हैं, जो आपके बच्चों के लिए सक्सेज के दरवाजे खोल देंगे और उन्हें एक बेहतर इंसान बनाने में मदद करेंगे। सुबह जल्दी उठने की आदत डालें ज्यादातर लोग जो जीवन में कुछ बहुत अच्छा करते हैं, उनमें यह एक आदत कॉमन जरूर पाई जाती है कि वो सभी सुबह जल्दी उठते हैं। नीम करोली बाबा स्वयं भी सुबह जल्दी उठा जाया करते थे और अपनी दिनचर्या और पूजा-पाठ शुरू कर देते थे। रोज सुबह जल्दी उठने से बच्चों में एक डिसिप्लिन बनता है, जो पूरी लाइफ काम आता है। सुबह जल्दी उठकर बच्चों के पास बहुत समय होता है और वो अपने दिन का भरपूर उपयोग कर पाते हैं। सही दिनचर्या का होना है बहुत जरूरी नीम करोली बाबा अक्सर कहा करते थे कि बच्चों के लिए एक सही दिनचर्या का होना बहुत जरूरी है। जब बच्चे रोजाना दिनचर्या के हिसाब से अपना हर काम करते हैं, तो उनमें जिम्मेदारी और अनुशासन जैसे गुण आते हैं। वो अपने दिन को बेहतर तरीके से इस्तेमाल भी कर पाते हैं। नीम करोली बाबा अक्सर अनुशासन पर काफी जोर दिया करते थे। उनका कहना भी था कि यदि जीवन को संयम और अनुशासन के साथ जीएं तो उसका भरपूर पाया जा सकता है। आध्यात्म से जुड़ना है बेहद जरूरी नीम करोली बाबा नियमित रूप से धार्मिक ग्रंथ पढ़ा करते थे। सुबह पूजा पाठ और ईश्वर का ध्यान करने के बाद, उनका ज्यादातर समय इन धर्म ग्रंथों के साथ ही गुजरता था। उनका कहना था कि रामायण, महाभारत जैसे धर्म ग्रंथ सिर्फ धर्म का ज्ञान ही नहीं देते बल्कि जीवन से जुड़े कई सवालों का जवाब भी इन्हें पढ़कर ही मिल जाता है। ये जीवन को सही दिशा दिखाने का काम करते हैं। ऐसे में आप भी बच्चों में बचपन से ही इन धार्मिक ग्रंथों और कहानियों को पढ़ने की आदत डाल सकते हैं। इससे बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित होंगे और जीवन में वो हमेशा सदमार्ग की ओर ही बढ़ेगा। दूसरों की मदद करने की आदत डालें नीम करोली बाबा ने अपना पूरा जीवन लोगों के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने हर जरूरतमंद की मदद की और उनके प्रति एक सेवाभाव रखा। उनका कहना भी यही था कि मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म जरूरतमंदों की मदद करना है और सबसे बड़ा कर्तव्य भी दूसरे के बारे में सेवाभाव रखना है। इसलिए बचपन से बच्चों को दूसरों की मदद करने के लिए प्रेरित करें। ऐसा करने से बच्चों में दयालुता और करुणा की भावना विकसित होती है। ऐसे बच्चे बड़े हो कर ज्यादा जिम्मेदार और सफल बनते हैं।

वो मेरी मां को बेटा कहते थे – सुकीर्ति कांडपाल ने नीम करोली बाबा संग साझा किया अनुभव

मुंबई 'दिल मिल गए' में डॉ. रिद्धिमा का किरदार निभाकर पॉपुलैरिटी बटोरने वालीं सुकीर्ति कांडपाल ने नीम करोली बाबा के बारे में बात की है। सुकीर्ति ने टीओआई डायलॉग्स- उत्तराखंड एडिशन में नीम करोली बाबा के साथ अपनी मां के कनेक्शन के बारे में बताया। साथ ही बताया कि कैसे उन्हें स्ट्रेंथ मिली और किस तरह हनुमान चालीसा के पाठ से उनकी जिंदगी बदल गई। सुकीर्ति कांडपाल ने बताया कि मार्क जुकरबर्ग और स्टीव जॉब्स तो काफी बाद में नीम करोली बाबा के दर्शन के लिए गए थे, पर उनकी मां तो साक्षात उनसे मिली थीं। सुकीर्ति ने बताया कि वह नीम करोली बाबा को अपने दादा जैसा मानती हैं। सुकीर्ति कांडपाल ने बताया करियर में क्या हुआ चमत्कार 'प्यार की ये एक कहानी', 'बिग बॉस 8' और 'अनुपमा' जैसे टीवी शोज में काम कर चुकीं सुकीर्ति कांडपाल उत्तराखंड की रहने वाली हैं। उन्होंने कहा, 'मेरा सफर दूसरों से बहुत अलग रहा है। मेरे माता-पिता ने इसे मेरे लिए बहुत आसान बना दिया। 13 साल की उम्र में मेरे पिता ने मुझे पढ़ाई के लिए मुंबई भेज दिया। उस समय मैं एक्टिंग से जुड़ा कोई काम नहीं कर रही थी। मुझे बस इतना पता था कि मैं शायद एक एक्ट्रेस ही बनूंगी, और आखिरकार, मेरे पैरेंट्स भी मान गए। मेरे लिए यह जादुई सा था क्योंकि एक दिन मैं एक कैफे में बैठी थी, तभी 'दिल मिल गए' के एक क्रिएटिव ने मुझे देखा।' नीम करोली बाबा से साक्षात मिली थीं सुकीर्ति की मां, बताया वाकया सुकीर्ति कांडपाल ने आगे बताया, 'एक्ट्रेस बनना मेरे लिए वाकई जादुई अनुभव था। एक चीज, जिसने इस पूरे सफर में मेरी मदद की, वो है मेरी मां क नीम करोली बाबा से जुड़ाव। आज तक मैं किसी ऐसे व्यक्ति से नहीं मिली, जिसका नीम करोली बाबा से वास्तविक जीवन में कोई संबंध रहा हो, लेकिन मेरी मां का संबंध जरूर था। वो मेरी मां को 'बेटा' कहते थे, और हमने दादाजी के रूप में उनकी कहानी सुनी है।' 'मां महाराज जी से तब मिलीं, जब कोई उन्हें जानता भी नहीं था' वह फिर बोलीं, 'मेरी मां ने मुझे बहुत छोटी उम्र में ही हनुमान चालीसा सिखाई थी। जब भी मुझे खुद पर संदेह होता था, यह सोचकर कि मैं यह कर पाऊंगी या नहीं तो उस विश्वास ने मेरी मदद की। आज मैं मार्क जुकरबर्ग और स्टीव जॉब्स जैसे लोगों को वहां जाते देखती हूं, लेकिन मेरी मां उस समय वहां गई थी और महाराज जी से तब मिली थीं, जब उनके बारे में कोई नहीं जानता था। इसलिए मुझे लगता है कि उनका आशीर्वाद मेरे साथ है।' इन टीवी शोज में नजर आ चुकी हैं सुकीर्ति कांडपाल सुकीर्ति कांडपाल के करियर की बात करें, तो उन्होंने 'अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो', 'कैसा ये इश्क है, अजब सा रिस्क है' और 'काला टीका' जैसे टीवी शोज में भी काम किया है। वह 'दिल्ली वाली ठाकुर गर्ल्स' और 'स्टोरी 9 मंथ्स की' में भी नजर आईं। हाल ही वह 'अनुपमा' में श्रुति आहूजा के रोल में नजर आईं।