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निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर हमला: कहा– PM मोदी से हर वक्त विदेशी नेताओं को कोसने की उम्मीद रखते हैं

नई दिल्ली भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर एक बार फिर से निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि राहुल चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह, दोपहर और शाम को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को गाली दें। इसी से उनकी आत्मा को शांति मिलेगी। निशिकांत दुबे ने कहा, ''इस देश में समस्या है कि विकसित भारत 2047 कैसे बनेगा, देश का विकास कैसे होगा। प्रधानमंत्री उसी के लिए पूरे देश को मिशन मोड में ले जा रहे हैं। लेकिन गांधी परिवार का जो इतिहास रहा है, श्रीलंका में लड़ाई चल रही थी, उसमें भारतीय सेना को राजीव गांधी जबरदस्ती ले गए और उसका नतीजा यह रहा कि विदेश में पहली बार वहां के सैनिकों ने हमारे प्रधानमंत्री पर हमला किया।'' उन्होंने आगे कहा, ''राहुल गांधी के पूरे साल दो साल के बयान हैं, उसको सुनिए। वे चाहते हैं कि पीएम मोदी सुबह ट्रंप को गाली दें, दोपहर में पुतिन को गाली दें और शाम को चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग को गाली दें। इन तीनों को गाली देने के बाद उनकी आत्मा को शांति मिल जाएगी। उसके बाद चीन अमेरिका और रूस हमारा बॉयकॉट कर देगा और हमला कर देगा, तब उनके कलेजे को ठंडक मिलेगी। क्योंकि सोरोस का जो एजेंडा है, भारत को तोड़ने का, वह सफल हो जाएंगे।'' एलपीजी की अनुपलब्धता पर चल रही बहस का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि जहां कई पड़ोसी देश इसकी कमी का सामना कर रहे हैं, वहीं भारत कहीं बेहतर स्थिति में है। उन्होंने दावा किया, ''आपको यह समझना चाहिए: पाकिस्तान लगभग चार दिन से एक तरह से बंद है। वहां लगभग 90 प्रतिशत रेस्टोरेंट बंद हैं। बांग्लादेश में लगभग 95 प्रतिशत रेस्तरां बंद हो गए हैं। श्रीलंका में लगभग 98 प्रतिशत रेस्तरां बंद हैं और वहां गाड़ियां भी नहीं चल रही हैं।'' राहुल गांधी को बताया लीडर ऑफ प्रोपगेंडा इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 'लीडर ऑफ अपोजिशन' के बजाय 'लीडर ऑफ प्रोपगेंडा' करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को कहा कि राहुल गांधी को देश और मीडिया गंभीरता से नहीं लेता। लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए विपक्ष के संकल्प पर चर्चा में भाग लेते हुए दुबे ने कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी तो सदन में कई बार ऐसे मौके आए, जब टकराव की स्थिति बनी थी। उन्होंने कहा कि उस समय विपक्षी सदस्यों को परेशान किया गया था, लेकिन भाजपा ने मौजूदा विपक्ष की तरह तुच्छ राजनीति नहीं की। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कोई 'इग्नोरेंट' (अज्ञानी) आदमी 'ऐरोगेंस' (अहंकार) का शिकार हो जाए तो वह 'लीडर ऑफ अपोजिशन' (एलओपी) के बजाय 'लीडर ऑफ प्रोपगेंडा' हो जाता है। दुबे ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अब तक 95 चुनाव हार चुकी है और मीडिया तथा देश उन्हें गंभीरता से नहीं ले रहा। उन्होंने कहा कि वे (कांग्रेस) 12 साल से सरकार में नहीं आ पा रहे, अपने हिसाब से संस्थाओं को नहीं चला पा रहे, इसलिए ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव लाया है।  

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का तीखा हमला: वोट चोरी तो कांग्रेस की पहचान बताया

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने 'वोट चोरी' के मुद्दे पर कांग्रेस को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सिर्फ अपने मुस्लिम वोट बैंक से मतलब है। वह आज भी मुस्लिम परस्त राजनीति कर रही है। यही वजह है कि वे एसआईआर और ईवीएम के विरोध में हैं। निशिकांत दुबे ने बुधवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस को 'मूर्ख पार्टी' बताया। उन्होंने कहा, 'संसद में मैंने सुकुमार सेन के बारे में कहा था। 1953 में एक गवर्नर जनरल का एग्रीमेंट हुआ था। उस समय सूडान के मुख्य चुनाव आयुक्त बनाए जाते थे, उन्हें गवर्नर बोला गया। इस पर कांग्रेस के लोग मुझे कह रहे हैं कि 'गवर्नर और एंबेसडर' के बारे में फर्क नहीं पता है। यही कांग्रेस की मूर्खता की पराकाष्ठा है।" निशिकांत दुबे ने 'वोट चोरी' पर जवाब देते हुए कहा, "आरके त्रिवेदी और एस रमा देवी को गवर्नर बनाया। सोनिया गांधी को बचाने वाले एमएस गिल मंत्री बने। टीएन शेषन ने एक बयान में बोला था कि जब मैं कमेटी में जाता हूं तो 'स्टांप मुहर' बन जाता हूं।" उन्होंने 2010 में मुख्य सतर्कता अधिकारी रहे पीजे थॉमस का उल्लेख करते हुए कांग्रेस को घेरा। भाजपा सांसद ने कहा, 'पीजे थॉमस के ऊपर पामोलीन आयात घोटाले का आरोप था। उस आरोपी का सुषमा स्वराज ने काफी विरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने उस नियुक्ति को खारिज किया था। उसी तरह से एक सीबीआई डायरेक्टर थे, जिन्होंने 2जी में कांग्रेस को लाभ पहुंचाया, एनएचआरसी का सदस्य नहीं बन पाए तो यूपीएससी का सदस्य बना दिया गया। भ्रष्टाचार के कारण ही यूपीएससी की मेंबरशिप से उन्हें हटना पड़ा।" भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, "कांग्रेस 'चोरों की सरदार' है, इसलिए कोई भी राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेता।" जिन्ना से लेकर सलमान रुश्दी को लेकर कांग्रेस की नीति पर निशिकांत दुबे ने कहा, "कांग्रेस के खिलाफ पहले कोई बयान आता था, तो जवाहर लाल नेहरू सीधे जिन्ना को चिट्ठी लिखते थे। उसी तरह से, जब नेहरू कभी जिन्ना के खिलाफ बोलते थे, तो जिन्ना भी उन्हें वापस लिखकर भेजते थे कि ऐसा क्यों बोल रहे हैं?" एक लेखक का जिक्र करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा, "नेहरू मेमोरियल से सोनिया गांधी ने सारी चिट्ठी चुराईं। इस बारे में लगातार नेहरू मेमोरियल ने लिखा है, लेकिन उन्होंने चिट्ठियां वापस नहीं की हैं।"

संसद में जोरदार विवाद: निशिकांत दुबे ने राजीव गांधी को बताया स्वीडिश सैन्य कंपनी का एजेंट

नई दिल्ली भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक दस्तावेज साझा किया और दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी स्वीडिश सैन्य कंपनी के एजेंट थे। निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि 1970 में हथियारों की खरीद में राजीव गांधी भी दलाली में शामिल थे। निशिकांत दुबे का राजीव गांधी पर यह आरोप ऐसे समय सामने आया है, जब कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने निशिकांत दुबे पर हमला बोला है। सुप्रिया श्रीनेत ने निशिकांत दुबे की पत्नी की संपत्ति में आए जबरदस्त उछाल पर सवाल खड़े किए। गुरुवार को कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और उनकी उनके चुनावी हलफनामे के खिलाफ लोकपाल से हुई शिकायत का हवाला दिया। कांग्रेस के निशाने पर आए निशिकांत दुबे शिकायत में दावा किया गया है कि निशिकांत दुबे की पत्नी की संपत्ति साल 2009 में 50 लाख रुपये थी, जो साल 2024 में बढ़कर 32 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि भाजपा सांसद की संपत्ति में कोई खास परिवर्तन नहीं आया है। कांग्रेस नेता के अनुसार, लोकपाल ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। सुप्रिया श्रीनेत ने सवाल उठाया कि भाजपा सांसद की आय नहीं बढ़ी है, लेकिन उनकी कुल संपत्ति में इजाफा हुआ है। ऐसे में ये पैसा कहां से आया? चुनावी हलफनामे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल निशिकांत दुबे के साल 2024 में दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी पत्नी के पास कुल 28.94 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है। वहीं उनके पास 6.48 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति भी है। सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि भाजपा सांसद के हलफनामे में बताया गया है कि उन पर 1.2 करोड़ रुपये का कर्ज है, लेकिन कथित कर्जदाता अभिषेक झा का दावा है कि उसने दुबे की पत्नी को कोई कर्ज नहीं दिया। कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा सांसद से स्पष्टीकरण मांगा है। 

वांगचुक विवाद पर बीजेपी सांसद का हमला: दुबे ने कांग्रेस को दिलाई इमर्जेंसी की याद

लद्दाख लद्दाख में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का विरोध करने पर कांग्रेस को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने खूब सुनाया है। दुबे ने कहा कि कांग्रेस शायद आपातकाल के समय को भूल गई है जब इंदिरा गांधी की सरकार ने विजय राजे सिंधिया और आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल भीम सेन सचर को गिरफ्तार करवा लिया था। उन्होंने कहा, कांग्रस जिस संविधान का हवाला दे रही है, वह 1975 में कहा चला गया था। उन्होंने कहा, बीजेपी की संस्थापक सदस्य राज माता सिंधिया को गिरफ्तार कर लिया गया। आयकर विभाग ने छापे डाले। गायत्री देवी और उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया। उन्हें ऐसी कालकोठरी में डाला गया जिसमें बाथरूम तक नहीं था और आप महिलासशक्तीकरण की बात करते हैं। निशिकांत दुबे ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछ विदेशी ताकतों का हाथ था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग पूरी कर दी है। उन्होंने कहा, आज आप लद्दाख की बात करते हैं। लद्दाख में लोग मारे गए। पहले वही वांगचुक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग करते थे और विदेशी ताकत के शामिल होने के बाद वह पूर्ण राज्य की मांग करने लगे। कांग्रेस ने पिछले 30 साल में कुछ नहीं किया लेकिन मोदी जी की सरकार ने लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया। निशिकांत दुबे ने कहा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल 82 साल के सचर को घसीटकर जेल में बंद कर दिया गया था। आप लोकतंत्र की बात कैसे कर सकते हैं। कांग्रेस को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। इससे पहले निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिा पर कहा था कि कांग्रेस लद्दाख के मामले में घड़ियाली आंसूबहा रही है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र से मांग की है कि वह लद्दाख के लोगों से बात करे और लद्दाख में लोगों को डराना धमकाना बंद करे। उन्होंने हाल में हुई हिंसा को लेकर न्यायिक जांच की मांग की है। राहुल गांधी ने कहा था कि लद्दाख में मारा गया एक शख्स जवान के परिवार से था। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक बहादुर और देशभक्त की जान ले ली क्योंकि वह लद्दाख के अधिकार की मांग कर रहा था। उसके पिता का सवाल है कि क्या देश की सेवा करने का यही इनाम है? बता दें कि सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है और जोधपुर जेल में रखा गया है।  

निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी पर रक्षा सौदों में अत्यधिक हस्तक्षेप करने का भी आरोप लगाया

नई दिल्ली बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्रियों राजीव गांधी और इंदिरा गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 1970 के दशक में प्रस्तावित लड़ाकू विमान सौदे में राजीव गांधी ने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। दुबे ने 2013 की विकीलीक्स रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि स्वीडिश राजनयिक ने अमेरिकी सरकार को सूचित किया था कि साब-स्कैनिया कंपनी भारत को विगेन लड़ाकू विमान बेचना चाहती थी, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पायलट बेटे राजीव गांधी मध्यस्थ थे। इसके साथ ही, दुबे ने इंदिरा गांधी पर रक्षा सौदों में अत्यधिक हस्तक्षेप करने का भी आरोप लगाया। निशिकांत दुबे ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह खुलासा 2013 में हुआ, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार सत्ता में थी। उन्होंने सवाल उठाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने इन आरोपों के सामने आने पर अमेरिकी या स्वीडिश सरकार के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। दुबे ने कहा, 'यह तब सामने आया जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे। इसके बावजूद तत्कालीन भारतीय सरकार ने अमेरिकी या स्वीडिश सरकार के खिलाफ कोई कदम क्यों नहीं उठाया?' भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय हितों से समझौता करने के आरोप बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे लगातार कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार पर भ्रष्टाचार व राष्ट्रीय हितों से समझौता करने के आरोप लगाते रहे हैं। इससे पहले, 1 जुलाई को उन्होंने दावा किया था कि गांधी परिवार के नेतृत्व में भारत को सोवियत संघ को 'बेच' दिया गया था। उन्होंने सीआईए दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता एचकेएल भगत के नेतृत्व में 150 से अधिक कांग्रेस सांसदों को सोवियत संघ ने वित्तीय मदद दी थी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व अमेरिकी राजदूत मोयनिहान ने अपनी किताब में उल्लेख किया है कि उन्होंने इंदिरा गांधी को पैसे दिए थे।