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दिल्ली में होगा नितिन नबीन का नया पता, नए साल से बदल जाएगा आशियाना

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन नए साल में पूरी तरह से दिल्ली शिफ्ट हो जाएंगे. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में उनके नए आशियाने की तलाश पूरी हो चुकी है और वह सुनेहरी बाग रोड स्थित बंगला नंबर 9 में रहने के लिए शिफ्ट होंगे. बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, मकर संक्रांति के बाद नितिन नबीन अपने नए आवास में प्रवेश करेंगे. उनके दिल्ली शिफ्ट होने को पार्टी के संगठनात्मक स्तर पर एक अहम कदम माना जा रहा है.   मकर संक्रांति के बाद बुलाई जा सकती है प्रदेश अध्यक्षों की बैठक सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन के दिल्ली शिफ्ट होते ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया में तेजी आएगी. पार्टी के अंदर इस बात की भी चर्चा है कि मकर संक्रांति के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर प्रदेश अध्यक्षों की एक अहम बैठक बुलाई जा सकती है. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, जनवरी के तीसरे से चौथे हफ्ते के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है. नितिन नबीन को बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है.

कांग्रेस नेता का बड़ा दावा: नितिन नबीन का रुख हमारे लिए शुभ, सरकार गठन के मिले संकेत

रायपुर  बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर विपक्षी दलों से भी तरह-तरह के दिलचस्प प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई विपक्षी नेताओं ने भी नितिन के व्यावहार और विनम्रता की तारीफ की है। इस बीच कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने तो 'नितिन' को अपने लिए शुभ संकेत बताया और केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने की उम्मीद भी लगा बैठे हैं। ये नेता कोई और नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान नितिन नबीन से जुड़े एक सवाल के जवाब में नितिन गडकरी को याद किया और फिर याद किया कि कैसे एक नितिन के भाजपा अध्यक्ष बनने से उनकी सरकार बनी थी। उन्होंने पहले और दूसरे नितिन का जिक्र करते हुए कहा, 'ये नितिन…. एक नितिन और बना था, नितिन गडकरी है। यह हमारे लिए शुभ संकेत है। नितिन गडकरी जब बना तो हमारी सरकार बनी थी और चरण भैया मंत्री बने थे। यह दूसरा दूसरा नितिन आया है तो फिर से संकेत है कि हमारी केंद्र में सरकार बनने वाली है।' बघेल की बात सुनकर उनके आसपास मौजूद सहयोगी ठहाके लगाने लगे। गौरतलब है कि नितिन गडकरी को दिसंबर 2009 में भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और कुछ ही महीनों बाद हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए ने जीत हासिल की थी। हालांकि, यह 2009 में भी यूपीए की ही सरकार थी। 2014 के बाद हुए तीन लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों को हार का सामना करना पड़ा है। लोकसभा चुनावों के अलावा एक के बाद एक कई राज्यों में भी कांग्रेस की उम्मीदों को झटका लगा है। अब भूपेश बघेल ने 'नितिन संयोग' गढ़ने की कोशिश करते हुए कार्यकर्ताओं में उम्मीद जगाने की कोशिश की है।