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एनएमडीसी की परिक्षेत्र विकास निधि बैठक संपन्न, विकास कार्यों की प्रगति पर हुई समीक्षा

एनएमडीसी की परिक्षेत्र विकास निधि की बैठक सम्पन्न रायपुर, मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम परिक्षेत्र विकास निधि की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने एनएमडीसी परिक्षेत्र विकास निधि के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए है।           बैठक में एनएमडीसी सीएसआर मद के अंतर्गत बस्तर संभाग के 6 जिले दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, बस्तर, कोण्डागांव एवं नारायणपुर से प्राप्त 49 करोड़ 95 लाख 65 हजार रुपए की प्रस्तुत कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सीएसआर मद के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु नवीन कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्रस्तावित कार्यों में पोषण आहार, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, सांस्कृतिक एवं अन्य निर्माण कार्यों को स्वीकृत किया गया। इसमें बस्तर जिले के 29, कोण्डागांव के 18, नारायणपुर के 14, दंतेवाड़ा के 17, बीजापुर के 86, सुकमा के 106 कार्य शामिल है।            बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री एवं खनिज विकास विभाग के सचिव पी.दयानंद, एनएमडीसी के सीएमडी सहित खनिज विभाग के अन्य अधिकारी एवं दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, बस्तर, कोण्डागांव एवं नारायणपुर जिले के कलेक्टर शामिल हुए।

एनएमडीसी के शीर्ष नेतृत्व ने दंतेवाड़ा के पंचायत प्रमुखों से मुलाकात की, जल, बिजली और सड़कों पर कार्रवाई का दिलाया भरोसा

छत्तीसगढ़   समावेशी विकास की दिशा में एक सक्रिय कदम के रूप में, एनएमडीसी लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री अमिताभ मुखर्जी ने वरिष्ठ नेतृत्व के साथ दंतेवाड़ा में एनएमडीसी की परियोजनाओं के आसपास के गांवों के पंचायत प्रमुखों के साथ एक बैठक की। बातचीत में जमीनी स्तर की समस्याओं को दूर करने और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। गुमीयापाल, समालवार, कालेपाल, चोलनार, कदम्पाल, हिरोली, बेनपाल, कोडेनार, मदकामिरस और कुट्रेम गांवों सहित एक दर्जन से अधिक सरपंचों और उनके प्रतिनिधियों ने पेयजल, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य देखभाल, स्ट्रीट लाइटिंग, खेल सुविधाओं और समग्र ग्रामीण बुनियादी ढांचे से संबंधित रोजमर्रा की चुनौतियों के बारे में बात की। बैठक में श्री कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक) के साथ-साथ परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी के. श्रीधर कोडाली, मुख्य महाप्रबंधक (खनन), बचेली कॉम्प्लेक्स और श्री रबीन्द्र नारायण, अधिशासी निदेशक, किरंदुल कॉम्प्लेक्स शामिल हुए।सभा को संबोधित करते हुए सीएमडी ने इस बात पर बल दिया कि एनएमडीसी न केवल एक प्रमुख खनन संगठन बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के एक जिम्मेदार उद्यम की भी भूमिका निभा रहा है जो क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को समृद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कंपनी की ताकत उन समुदायों के विश्वास में निहित है जिनकी वह सेवा करती है, और उनकी चिंताएं एनएमडीसी के कार्यों का मार्गदर्शन करती हैं। साथ ही, समुदायों की प्रगति एनएमडीसी की  सफलता को परिभाषित करती है। उन्होंने कहा, "हम इन गांवों के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बस्तियों में बदला जा सके जो विकसित भारत की भावना को दर्शाती हैं।“ एनएमडीसी की बैलाडीला खदानों के आस-पास के ग्रामीणों ने बेहतर पानी, सड़कों और स्वास्थ्य देखभाल जैसी सुविधाओं पर हुई चर्चा पर प्रसन्नता व्यक्त की। स्थानीय पंचायत के एक प्रतिनिधि ने कहा, "वरिष्ठ निदेशकों ने हमसे आमने-सामने बातचीत की और वास्तव में हमारी परेशानियों को सुना।“ कंपनी के वरिष्ठ निदेशकों की इस प्रत्यक्ष पहुंच ने ठोस बदलाव के लिए नई उम्मीद जगाई है। श्री कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक) ने आश्वासन दिया कि एनएमडीसी स्थानीय समुदायों के साथ निरंतर संवाद करता रहेगा और इस बातचीत में साझा की गई समस्याओं से आगामी विकास पहलों को दिशा मिलेगी। बैलाडीला में 1968 में परिचालन शुरू करने के बाद से, एनएमडीसी ने अपने बचेली और किरंदुल परिसरों के माध्यम से औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय प्रगति दोनों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन वर्षों में कंपनी दंतेवाड़ा में आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास के उत्प्रेरक के रूप में उभरी है। भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक के रूप में एनएमडीसी का दंतेवाड़ा में 68 वर्षों से गहन विश्वास सहज रूप से पनपा है। एनएमडीसी ने पेयजल परियोजनाएं, सड़कें, खेल के मैदान, क्लीनिक जैसे बड़े बदलाव किए हैं। आज जमीनी स्तर पर हुई बातचीत और आदिवासियों की मूलभूत समस्याओं के आलोक में कमियों को दूर करते हुए इन कार्यों को और आगे बढ़ाया जाएगा।

एनएमडीसी ने पीआरएसआई राष्ट्रीय सम्मेलन 2025 में 7 प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते

हैदराबाद भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक और एक जिम्मेदार खनन कंपनी, एनएमडीसी ने पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) द्वारा आयोजित 47वें अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन 2025 में सात प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किए। तीन दिनों तक चले इस सम्मेलन का विषय “सशक्त विकास, जड़ों का संरक्षण” रहा, जिसमें जनसंपर्क और रणनीतिक संचार में उत्कृष्टता का उत्सव मनाया गया। कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण पहल, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), अनुसंधान एवं विकास, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच तथा कॉर्पोरेट संचार जैसे विविध क्षेत्रों में प्रभावशाली योगदान के लिए एनएमडीसी की उपलब्धियों को सम्मानित किया गया, जो सतत विकास और राष्ट्र-निर्माण के प्रति संगठन के एकीकृत दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तराखंड के वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल, उत्तराखंड के जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री गणेश जोशी, सांसद श्री नरेश बंसल तथा स्वामी चिदानंद जी सरस्वती महाराज सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पुरस्कार मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा, उत्तराखंड के वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति में प्रदान किए गए। कार्यक्रम में डॉ. प्रसाद गौरीनेनी सहित उद्योग जगत की अन्य विशिष्ट हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। एनएमडीसी की ओर से श्री च. श्रीनिवास राव, उप महाप्रबंधक (कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस) ने संगठन की ओर से सम्मान ग्रहण किया। एनएमडीसी को सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) द्वारा सर्वश्रेष्ठ कौशल विकास कार्यक्रम, वार्षिक रिपोर्ट तथा गृह पत्रिका (हिंदी) के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने हेतु सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान एवं विकास प्रयास तथा महिला विकास के लिए सर्वश्रेष्ठ सीएसआर परियोजना के लिए द्वितीय पुरस्कार, जबकि सीएसआर परियोजनाओं के कार्यान्वयन में सर्वश्रेष्ठ पीएसयू और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली उत्कृष्ट पहलों के लिए तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। टीम को बधाई देते हुए सुश्री जी. प्रियदर्शिनी, निदेशक (कार्मिक) ने कहा, “ये सम्मान इस विश्वास की पुनः पुष्टि करते हैं कि सार्थक प्रगति तब हासिल होती है जब प्रदर्शन उद्देश्य से निर्देशित हो और स्पष्टता के साथ संप्रेषित किया जाए। हमारी यात्रा खनन से आगे बढ़कर समुदायों को सशक्त बनाने, कौशल को पोषित करने, नवाचार को आगे बढ़ाने और राष्ट्र के विकास में जिम्मेदारीपूर्वक योगदान देने तक विस्तृत है। ये पुरस्कार हमारी टीम की उस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसके माध्यम से वे एनएमडीसी के इतिहास को प्रामाणिकता, प्रभाव और गर्व के साथ प्रस्तुत करते हुए सभी हितधारकों के साथ विश्वास को सुदृढ़ कर रहे हैं।”  अपने नेतृत्व को और मजबूत करते हुए, एनएमडीसी पीआरएसआई द्वारा मान्यता प्राप्त सभी क्षेत्रों में व्यापक पहलों को आगे बढ़ा रहा है। संरचित कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से एनएमडीसी भविष्य के लिए प्रतिभाओं का निर्माण कर रहा है तथा युवाओं में रोजगार क्षमता को बढ़ा रहा है।