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एनएमडीसी ने “एकता और अखंडता दौड़” का आयोजन किया

एनएमडीसी लिमिटेड ने भारत के प्रथम उप प्रधान मंत्री और गृह मंत्री, भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल, जिन्हें कि “भारत के लौह पुरुष” के नाम से जाना जाता है, उनकी 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में 31 अक्टूबर, 2026 को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ मनाने के लिए हैदराबाद के चाचा नेहरू पार्क में “एकता और अखंडता के लिए दौड़” आयोजित किया । यह दौड़ "सत्यनिष्ठा से समृद्धि" विषय पर आयोजित ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’ के दौरान आयोजित किया गया । यह पहल राष्ट्रीय एकता, अखंडता और नैतिक आचरण के मूल्यों को उजागर करता है ।    इस दौड़ को श्री कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक), एनएमडीसी लिमिटेड और श्री सी. नीलकंठ रेड्डी, मुख्य सतर्कता अधिकारी, एनएमडीसी लिमिटेड ने झंडी दिखाकर रवाना किया ।  इस अवसर पर एनएमडीसी के कर्मचारीगण और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के युवा प्रतिभागीगण उपस्थित थे ।  प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए निदेशक (कार्मिक) और मुख्य सतर्कता अधिकारी ने भारत की एकता और एकीकरण में सरदार वल्लभभाई पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका और आधुनिक भारत के वास्तुकार के रूप में उनकी स्थायी विरासत पर प्रकाश डाला । साथ ही, उन्होंने राष्ट्रीय नेताओं और पूर्वजों के नि:स्वार्थ प्रयासों को नमन किया, जिन्होंने राष्ट्र-निर्माण में योगदान दिया । उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे सरदार पटेल की राष्ट्र के प्रति नि:स्वार्थ सेवा, समर्पण और अटूट प्रतिबद्धता से प्रेरणा लें और अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सत्यनिष्ठा और नैतिक आचरण को बनाए रखे । इस पहल के माध्यम से, एनएमडीसी ने निवारक सतर्कता, नैतिक मूल्यों और सत्यनिष्ठा की संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की ।

एनएमडीसी में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 का आयोजन

हैदराबाद एनएमडीसी लिमिटेड ने 26 अक्टूबर 2026 को अपने मुख्यालय, हैदराबाद में "सत्यनिष्ठा से समृद्धि" थीम के तहत सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 की शुरुआत की। श्री विनय कुमार, निदेशक (तकनीकी) ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई, जिसमें संगठन की संचालन के सभी क्षेत्रों में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भारत के माननीय राष्ट्रपति, माननीय उपराष्ट्रपति और माननीय प्रधान मंत्री के संदेशों को पढ़ा गया, साथ ही मुख्य सतर्कता अधिकारी द्वारा केंद्रीय सतर्कता आयोग का संदेश भी पढ़ा गया। इसी तरह, एनएमडीसी की परियोजना इकाइयों में संबंधित परियोजना प्रमुखों द्वारा विभिन्‍न कार्यक्रमों के साथ सभी कर्मचारियों को प्रतिज्ञा दिलवाई गईं, जिससे नैतिक आचरण और गवर्नेन्‍स के प्रति सम्मिलित प्रतिबद्धता को बल मिला। सतर्कता जागरूकता सप्‍ताह के दौरान, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों (स्‍टेक होल्‍डर्स) के लिए निबंध लेखन, क्विज , और वाक् प्रतियोगिता  जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। एकता, अखंडता और सार्वजनिक सेवा के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में एक ‘’रन फॉर इंटीग्रिटी’’ का भी आयोजन किया जाएगा। सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन समापन समारोह के साथ सम्‍पन्‍न होगा, जिसके दौरान सतर्कता जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्‍न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। इन पहलों के माध्यम से, एनएमडीसी निवारक सतर्कता, नैतिक शासन और ईमानदारी की संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है, साथ ही, सुस्थिरता और समावेशी समृद्धि के लिए सत्‍यनिष्‍ठा के महत्‍व पर विशेष बल दिया गया है ।

दूरदराज के इलाकों में अब मिलेगी निःशुल्क एम्बुलेंस सुविधा, NMDC की पहल

जहां अस्पताल पहुंचने में लगते थे 5-6 घंटे, वहां एनएमडीसी ने शुरू की निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा बस्तर के दुर्गम गांवों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती, सड़क और बस सुविधा से भी ग्रामीणों को राहत दंतेवाड़ा-छत्तीसगढ़ बस्तर के दुर्गम वनांचलों में रहने वाले लोगों के लिए चिकित्सा आपातकाल का सामना करना अक्सर एक बड़ी चुनौती रहा है। पहाड़ी रास्तों से गुजरकर अस्पताल पहुंचने में कई बार पांच से छह घंटे तक लग जाते हैं। ऐसे में समय पर उपचार मिलना मरीजों और उनके परिजनों के लिए चिंता का विषय बन जाता है। तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत वाली गर्भवती महिला हो, सांस लेने में परेशानी से जूझ रहा बुजुर्ग या अचानक बीमार पड़ने वाला बच्चा—स्वास्थ्य केंद्रों से दूर रहने वाले परिवारों के लिए अस्पताल तक पहुंचना हमेशा कठिन रहा है। इस समस्या को कम करने की दिशा में एनएमडीसी लिमिटेड ने एक नई निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा शुरू की है। यह सेवा डिपॉजिट-13 परियोजना क्षेत्र और आसपास के दूरस्थ गांवों के निवासियों को आपातकालीन परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी। डिपॉजिट-13 परियोजना का विकास एनएमडीसी लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सीएमडीसी) के संयुक्त उपक्रम एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा किया जा रहा है। दुर्गम गांवों तक स्वास्थ्य सहायता पहुंचाने की पहल 23 अक्टूबर को शुरू की गई यह एम्बुलेंस लोहागांव जंक्शन से संचालित होती है। इसके माध्यम से लोहागांव, अंद्रि, गम्फुर, डोडी टिम्मेनार, पुरंगेल, करका और तंबोडी सहित आसपास के दूरस्थ एवं दुर्गम वनांचलों के निवासियों को निःशुल्क परिवहन सुविधा मिलेगी। एम्बुलेंस में स्ट्रेचर की सुविधा उपलब्ध है। इसके संचालन के लिए एक चालक तैनात है और एनएमडीसी के कर्मचारी भी इसमें सहयोग करते हैं। इस सेवा का उद्देश्य जरूरतमंद ग्रामीणों को अस्पताल तक पहुंचने में सहायता देना और आपातकालीन परिस्थितियों में परिवहन की समस्या को कम करना है। 16 किलोमीटर तक पैदल चलने की मजबूरी होगी कम नई एम्बुलेंस सेवा से डिपॉजिट-11सी और डिपॉजिट-14 के आसपास के समुदायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों के निवासी अस्पताल जाने के लिए परिवहन सुविधा प्राप्त करने हेतु लोहागांव तिराहे तक पहुंच सकते हैं। परियोजना से जुड़ी स्थानीय जानकारी के अनुसार, आसपास की कुछ बस्तियों के लोगों को पहले अस्पताल पहुंचने के लिए लगभग 16 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। एक स्वस्थ व्यक्ति को भी यह दूरी तय करने में पांच से छह घंटे लग सकते थे। प्रसव, दुर्घटना या अचानक उत्पन्न होने वाली चिकित्सकीय जटिलताओं के दौरान इतनी लंबी दूरी तय करना विशेष रूप से कठिन हो जाता है। ऐसे में अस्पताल पहुंचने में होने वाली देरी मरीज की परेशानी बढ़ा सकती है। एम्बुलेंस जैसी परिवहन सुविधा इन परिवारों के लिए अस्पताल तक पहुंचने का अधिक व्यावहारिक विकल्प उपलब्ध कराएगी। ‘हॉस्पिटल ऑन द व्हील्स’ से मिल रही बुनियादी चिकित्सा सुविधा नई एम्बुलेंस सेवा एनएमडीसी द्वारा वित्तपोषित ‘ऑन द व्हील्स’ नामक मोबाइल चिकित्सा पहल की पूरक है। इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक रविवार को चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाते हैं। इसके माध्यम से विभिन्न गांवों का नियमित दौरा कर आदिवासी समुदायों के स्वास्थ्य की जांच और उनकी चिकित्सा संबंधी जरूरतों का आकलन किया जाता है। नई परिवहन एम्बुलेंस के विपरीत, ‘हॉस्पिटल ऑन द व्हील्स’ में एक डॉक्टर और दो नर्स तैनात रहते हैं। यह टीम दूरस्थ समुदायों तक बुनियादी चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने का कार्य करती है। किरंदुल अस्पताल से जुड़े और मोबाइल चिकित्सा सेवा का संचालन करने वाले डॉ. एम वी लाल, सीएमओ-एनएमडीसी ने बताया, “हॉस्पिटल ऑन द व्हील्स वाहन में ईसीजी मशीन उपलब्ध है। मधुमेह के मरीजों के लिए बुनियादी दवाएं भी रखी जाती हैं। हम शुरुआती चिकित्सा सहायता प्रदान करते हैं। जिन मरीजों को आगे की जांच या विशेष उपचार की आवश्यकता होती है, उन्हें किरंदुल अस्पताल भेजा जाता है।” गांवों में नियमित चिकित्सा शिविरों से उन लोगों तक बुनियादी स्वास्थ्य जांच की सुविधा पहुंचाने में मदद मिलती है, जिन्हें चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। नई एम्बुलेंस इस व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में सहायता करेगी। एम्बुलेंस सेवा के लिए संपर्क नंबर: 9479156726, 8763222004 बस सेवा से भी आसान हुआ ग्रामीणों का आवागमन स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ एनएमडीसी क्षेत्र में ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। लोहागांव तिराहे से किरंदुल बाजार के बीच बस सेवा पहले ही शुरू की जा चुकी है। लगभग नौ किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह बस प्रतिदिन तीन बार—सुबह 10 बजे, दोपहर 12:30 बजे और दोपहर 1:30 बजे—संचालित होती है। इससे ग्रामीणों को बाजार और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने के लिए परिवहन का साधन उपलब्ध हुआ है। जंगल से प्राप्त होने वाली उपज, जैसे जलावन की लकड़ी, सब्जियां और फल लेकर पैदल यात्रा करने वाले ग्रामीणों के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा रोजमर्रा के सफर को आसान बनाने में मददगार हो सकती है। सात किलोमीटर लंबी सड़क से लगभग 300 ग्रामीणों को लाभ की उम्मीद ग्रामीण संपर्क को बेहतर बनाने के लिए लोहागांव तिराहे से लोहागांव गांव को जोड़ने वाली सात किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके आने वाले महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इस सड़क से दुर्गम क्षेत्र के लगभग 300 निवासियों को लाभ मिलने की संभावना है। सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित गांवों तक आवागमन आसान हो सकेगा। इससे भविष्य में एम्बुलेंस और बस जैसी परिवहन सेवाओं को गांवों के और करीब पहुंचाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।  

एनएमडीसी द्वारा सरकारी विद्यालयों के विद्याथियों के लिए हिंदी निबंध लेखन एवं हिंदी वाक् प्रतियोगिताओं का आयोजन

हैदराबाद एनएमडीसी लिमिटेड, हैदराबाद में दिनांक 14 सितंबर, 2026 से 13 अक्‍तूबर, 2026 तक मनाए जा रहे ‘राजभाषा माह, 2026’ के अवसर पर विभिन्‍न प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी के अंतर्गत विद्यार्थियों में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार व महत्‍व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्‍य को ध्‍यान में रखकर एनएमडीसी द्वारा आज दिनांक 24 सितंबर, 2026 को (1) नामपल्‍ली व्‍यायाम शाला उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय,  (2) हनुमान व्‍यायाम शाला उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय, (3) तेलंगाना मॉइनारिटी गुरूकुल आसिफ नगर बालक विद्यालय एवं (4) इंडो ग्रामर उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय तथा (5) शंकरजी मेमोरियल कन्‍या उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय आदि पाँच विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए “हिंदी निबंध लेखन एवं हिंदी वाक् प्रतियोगिताओं” का आयोजन किया गया। दोनों प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बड़ी संख्‍या में भाग लिया।   हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता (1) जलवायु परिवर्तन: भावी पीढ़ियों पर प्रभाव, (2) छात्रों के समग्र विकास में खेलकूद की भूमिका एवं (3) समय प्रबंधन: सफलता की कुंजी आदि विषयों पर कक्षा 6वीं से 8वीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई तथा हिंदी वाक् प्रतियोगिता (1) वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में युवा पीढ़ी की भूमिका एवं (2) कृत्रिम बुद्धिमत्ता: रोजगार पर प्रभाव आदि विषयों पर कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई। इस अवसर पर निर्णायक के रूप में श्री जयशंकर प्रसाद, सहायक निदेशक (सेवानिवृत्‍त), हिंदी शिक्षण योजना एवं श्रीमती नीलिभा तिवारी, सहायक निदेशक (सेवानिवृत्‍त), हिंदी शिक्षण योजना उपस्थित थे। प्रतियोगिता के प्रारंभ में श्री चे. श्रीनिवास राव, उप महाप्रबंधक (राजभाषा),  एनएमडीसी ने  निर्णायक गण, विद्यालय समिति के प्रतिनिधि, प्राचार्य एवं अन्‍य शिक्षकगण तथा प्रतिभागी विद्यार्थियों का स्‍वागत किया तथा विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने बताया कि इन प्रतियोगिताओें के आयोजन का उद्देश्‍य सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों में हिंदी में लेखन प्रतिभा को निखारना तथा राजभाषा हिंदी बोलने में होने वाली झिझक को दूर करना है। डॉ. रजिंदर कौर, वरिष्‍ठ प्रबंधक (रा.भा.) ने प्रतियोगिताओं के संबंध में संक्षिप्‍त जानकारी दी। प्रतियोगिता के आयोजन में श्री एस.के. सनोडिया, उप प्रबंधक (सचि.) की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर नामपल्‍ली व्‍यायाम शाला उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय के मानद अध्‍यक्ष श्री बी. दुर्गा प्रसाद और विद्यालय समिति के सदस्‍य, प्राचार्य और विभिन्‍न विद्यालयों के शिक्षकों ने उपस्थित होकर प्रतिभागियों का उत्‍साहवर्धन किया। प्रतियोगिताओं के पश्‍चात विद्यार्थियों को एनएमडीसी लि‍मिटेड, हैदराबाद की ओर से  शिक्षण सामग्री से संबंधित किट भी प्रदान की गई। धन्‍यवाद ज्ञापन के साथ दोनों प्रतियोगिताएं सम्‍पन्‍न हुई।      (चे. श्रीनिवास राव)              उप महाप्रबंधक (राजभाषा)

एनएमडीसी, बस्तर के धावक फुलधर नेताम की सहायता करेगा

रायपुर  एनएमडीसी बस्तर के धावक फुलधर नेताम की व्यापक सहायता करने के लिए तैयार है, जो एनएमडीसी हैदराबाद मैराथन की ओपन श्रेणी में विजेता के रूप में उभरे हैं, जिसका उद्देश्य उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका में आगामी बोस्टन मैराथन में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम एक बेहतरीन एथलीट के रूप में विकसित करना है ।   छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के रहने वाले पुलिस कर्मी फूलधर नेतम ने मैराथन में 2 घंटे और 45 मिनट का समय लिया । एनएमडीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने उनकी उपलब्धि के लिए उन्हें सम्मानित किया और रू.5 लाख का चेक सौंपा।   एनएमडीसी के निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार ठाकुर ने कहा कि कंपनी नेताम की सहायता के लिए संरचित कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, व्यावसायिक सुविधाओं की उपलब्धता और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी सहित सभी संभावित मार्गों की तलाश करेगी ।   ठाकुर ने कहा कि “एनएमडीसी उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए भारत और विदेशों में संरचित प्रशिक्षण सुविधाओं सहित उनकी सहायता के लिए सभी संभावित मार्गों की तलाश करेगा । इसका उद्देश्य उन्हें उनकी पूरी क्षमता को विकसित करने और उन्हें प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए तैयार करने में मदद करना है ।”   अभी मुख्य फोकस नेताम को बोस्टन मैराथन में प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और अनुभव दिलाने में है, जो दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित लंबी दूरी की दौड़ में से एक है ।   एनएमडीसी और हैदराबाद रनर्स सोसाइटी भी इस ईवेंट में उनकी एंट्री सुनिश्चित करने में मदद करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं ।   नेतम बस्तर और दंतेवाड़ा के लगभग 170 धावकों में से एक हैं, जिन्हें इस वर्ष हैदराबाद मैराथन में भाग लेने के लिए एनएमडीसी द्वारा प्रायोजित किया गया था। इस क्षेत्र से धावकों की पहचान की गई और उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण, यात्रा, आवास, दौड़ने के लिए किट और अन्य लॉजीस्टिक सहायता प्रदान की गई ।   नेताम के लिए तो शुरुआती लाइन तक पहुंचना भी अनिश्चित था ।   “मैंने तो यह भी नहीं सोचा था कि मुझे एंट्री मिलेगी या नहीं । मेरे दोस्त पाण्ड्रू और बसंत सर ने मुझे हैदराबाद में एंट्री पाने में मदद की । एनएमडीसी ने जूते, किट और आवास सहित शुरू से अंत तक सब कुछ मुहैया कराया” नेताम ने कहा ।   यह पहल बस्तर से खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें विकसित करने के लिए एनएमडीसी के प्रयास का हिस्सा है । यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां एथलेटिक्स के लिए संगठित बुनियादी ढांचे और पेशेवर कोचिंग तक पहुंच पारंपरिक रूप से सीमित रही है ।   नेताम, जो कि जगदलपुर में महानिरीक्षक कार्यालय में तैनात हैं, उन्होंने अपने पुलिस ड्यूटी के साथ संतुलन बनाए रखते हुए मुख्यत: अपने बलबूते पर तैयारी की ।   वे सुबह और शाम प्रशिक्षण लेते थे और अपने अवकाश के दिनों में कठिन वर्कआउट करते थे ।   उन्होंने कहा “मैं अपनी ड्यूटी से समय निकालता था । छुट्टी के दिनों में मैं मुश्किल वर्कआउट करता था । मैं सुबह और शाम अभ्यास करता था और सब कुछ खुद ही संभालता था ।”   कृष्ण कुमार ठाकुर ने नेताम की इस उपलब्धि को उनके बैकग्राउन्ड और क्षेत्र में व्यवस्थित खेल सुविधाओं की कमी को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया ।   ठाकुर ने कहा “यह बहुत, बहुत बड़ी उपलब्धि है । वे पूरी तरह से एक रॉ टैलेंट हैं और देश के सबसे दूर-दराज के इलाकों से आते हैं, जो हाल तक हिंसा से बुरी तरह प्रभावित था ।”   उन्होंने कहा कि एनएमडीसी "बहुत संतुष्ट" है कि उसकी पहल ने इस क्षेत्र के युवाओं को एक मंच प्रदान करने में मदद की है ।   ''इस वर्ष, उस क्षेत्र के 170 से अधिक युवाओं की पहचान की गई, उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया गया और उनकी भागीदारी के लिए सभी व्यवस्थाओं के साथ हैदराबाद लाया गया ।   ऐसी व्यवस्था के पहले वर्ष में किसी अज्ञात व्यक्ति को प्रथम स्थान मिलता है । यह एनएमडीसी के लिए अत्यंत संतोष की बात है ।”   हैदराबाद मैराथन के रेस डायरेक्टर ने भी नेताम की क्षमता पर भरोसा जताया और कहा कि पेशेवर सहायता से उनके प्रदर्शन में काफी सुधार हो सकता है ।   उनके परफ़ॉर्मेंस को "बहुत उत्साहवर्धक" बताते हुए रेस डायरेक्टर ने कहा कि नेताम ने बताया था कि उनकी अधिकांश ट्रेनिंग खुद से ही हुई है ।   उन्होंने कहा, "मैं कहूंगा कि यह एक महान प्रतिभा की पहचान है और अगर एनएमडीसी इनकी सहायता करता है, तो इसे और आगे ले जाया जा सकता है ।” रेस डायरेक्टर ने कहा कि नेताम ने पहले एक अन्य प्रतियोगिता में 2 घंटे और 30 मिनट का समय लिया था, जिससे पता चलता है कि पेशेवर कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन के साथ सुधार की काफी गुंजाइश है । एनएमडीसी का प्रस्तावित सहयोग एक संरचित प्रशिक्षण योजना, विशेषज्ञ कोचिंग, रिकवरी सहयोग, प्रतियोगिता एक्सपोजर और अंतरराष्ट्रीय दौड़ की तैयारी के माध्यम से नेताम की रॉ क्षमता को निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन में बदलने पर ध्यान केंद्रित करेगा । नेताम का लक्ष्य पहले से ही स्पष्ट है । उन्हें सहयोग देने के लिए एनएमडीसी को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा, "मैं एनएमडीसी के सहयोग से मैराथन और ट्रैक में दौड़ना जारी रखना चाहता हूं और एक अंतरराष्ट्रीय एथलीट बनना चाहता हूं ।" एनएमडीसी की स्पॉन्सरशिप और लंबे समय तक मिलने वाले सहयोग से, नेताम के पास अब पुलिस ड्यूटी के बीच स्व-निर्देशित प्रशिक्षण से बोस्टन मैराथन और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए एक प्रोफेशनल रास्ते पर आगे बढ़ने का मौका है । बस्तर से हैदराबाद मैराथन पोडियम तक का उनका सफर एनएमडीसी की उस कोशिश की शुरुआत है जिसका मकसद एक होनहार क्षेत्रीय धावक को वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एक बेहतरीन एथलीट में बदलना है ।  

एनएमडीसी ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सतर्कता जागरूकता को मजबूत किया

एनएमडीसी ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सतर्कता जागरूकता को मजबूत किया हैदराबाद,  सतर्कता जागरूकता अभियान के अग्रदूत के रूप में, एनएमडीसी सतर्कता विभाग ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के मार्गदर्शन में पहचाने गए प्रमुख फोकस क्षेत्रों को कवर करते हुए 10  और 11 सितंबर 2026 को हैदराबाद में दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया। एनएमडीसी की विभिन्न परियोजनाओं और प्रधान कार्यालय के लगभग 55 अधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने सार्वजनिक खरीद, अनुबंध प्रबंधन और साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर व्यावहारिक और संवादात्मक सत्र दिए। उद्घाटन कार्यक्रम में एनएमडीसी के निदेशक (उत्पादन) श्री जॉयदीप दास गुप्ता और श्री सी नीलकंठ रेड्डी, सीवीओ, एनएमडीसी की उपस्थिति रही। । 10 सितंबर 2026 को, श्री कंवलप्रीत, आईआरएसएस, अपर मुख्‍य सतर्कता अधिकारी, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) ने "जीईएम – नई विशेषताएं और कार्यक्षमताएं" पर एक सत्र आयोजित किया, जिसमें जीईएम प्लेटफॉर्म के नवीनतम विकास और कार्यक्षमताओं में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की गई। इसके बाद श्री एम के सिंह, पूर्व सीएमडी, इरकॉन और एजेएनआईएफएम में प्रो. एस.एस. द्वारा सार्वजनिक खरीद पर एक सत्र आयोजित किया गया, जिन्होंने समकालीन सार्वजनिक खरीद प्रथाओं पर अपने व्यापक अनुभव और व्यावहारिक दृष्टिकोण साझा किए।  उक्‍त कार्यक्रम दो अंतर्दृष्टिपूर्ण और इंटरैक्टिव सत्रों के साथ दूसरे दिन में भी जारी रहा ।  श्री एम. के. सिंह ने प्रासंगिक केस स्टडी और अपने व्यापक व्‍यावसायिक अनुभव के साथ सार्वजनिक खरीद और पोस्ट-अवार्ड अनुबंध प्रबंधन पर मूल्यवान व्यावहारिक अंतर्दृष्टि के विभिन्‍न पहलूओं पर प्रकाश डाला। श्री हरीश.आर, सी-डैक के वैज्ञानिक-सी, ने साइबर सुरक्षा और साइबर स्वच्छता पर एक जानकारीपूर्ण सत्र आयोजित किया, जिसमें साइबर जागरूकता के महत्व और डिजिटल कार्यस्थल में सुरक्षित प्रथाओं को अपनाने पर प्रकाश डाला गया।  कार्यक्रम में विभिन्न एनएमडीसी परियोजनाओं और प्रधान कार्यालय से नामांकित अधिकारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई। संवादात्मक चर्चाओं, व्यावहारिक केस स्टडी और अनुभव-साझाकरण सत्रों ने मूल्यवान सीखने के अवसर प्रदान किए और समकालीन खरीद प्रथाओं, प्रभावी अनुबंध प्रबंधन और साइबर सुरक्षा के संबंध में प्रतिभागियों की समझ को मेंऔर मजबूत किया।  दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम एनएमडीसी सतर्कता विभाग के संगठन में जागरूकता बढ़ाने, क्षमता को मजबूत करने और पारदर्शिता, अखंडता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा था। यह अभियान सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 और पूरे अभियान अवधि के दौरान विभिन्न जागरूकता और क्षमता-निर्माण पहलों के साथ जारी रहेगा।

एनएमडीसी की परिक्षेत्र विकास निधि बैठक संपन्न, विकास कार्यों की प्रगति पर हुई समीक्षा

एनएमडीसी की परिक्षेत्र विकास निधि की बैठक सम्पन्न रायपुर, मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम परिक्षेत्र विकास निधि की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने एनएमडीसी परिक्षेत्र विकास निधि के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए है।           बैठक में एनएमडीसी सीएसआर मद के अंतर्गत बस्तर संभाग के 6 जिले दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, बस्तर, कोण्डागांव एवं नारायणपुर से प्राप्त 49 करोड़ 95 लाख 65 हजार रुपए की प्रस्तुत कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सीएसआर मद के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु नवीन कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्रस्तावित कार्यों में पोषण आहार, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, सांस्कृतिक एवं अन्य निर्माण कार्यों को स्वीकृत किया गया। इसमें बस्तर जिले के 29, कोण्डागांव के 18, नारायणपुर के 14, दंतेवाड़ा के 17, बीजापुर के 86, सुकमा के 106 कार्य शामिल है।            बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री एवं खनिज विकास विभाग के सचिव पी.दयानंद, एनएमडीसी के सीएमडी सहित खनिज विभाग के अन्य अधिकारी एवं दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, बस्तर, कोण्डागांव एवं नारायणपुर जिले के कलेक्टर शामिल हुए।

एनएमडीसी के शीर्ष नेतृत्व ने दंतेवाड़ा के पंचायत प्रमुखों से मुलाकात की, जल, बिजली और सड़कों पर कार्रवाई का दिलाया भरोसा

छत्तीसगढ़   समावेशी विकास की दिशा में एक सक्रिय कदम के रूप में, एनएमडीसी लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री अमिताभ मुखर्जी ने वरिष्ठ नेतृत्व के साथ दंतेवाड़ा में एनएमडीसी की परियोजनाओं के आसपास के गांवों के पंचायत प्रमुखों के साथ एक बैठक की। बातचीत में जमीनी स्तर की समस्याओं को दूर करने और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। गुमीयापाल, समालवार, कालेपाल, चोलनार, कदम्पाल, हिरोली, बेनपाल, कोडेनार, मदकामिरस और कुट्रेम गांवों सहित एक दर्जन से अधिक सरपंचों और उनके प्रतिनिधियों ने पेयजल, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य देखभाल, स्ट्रीट लाइटिंग, खेल सुविधाओं और समग्र ग्रामीण बुनियादी ढांचे से संबंधित रोजमर्रा की चुनौतियों के बारे में बात की। बैठक में श्री कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक) के साथ-साथ परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी के. श्रीधर कोडाली, मुख्य महाप्रबंधक (खनन), बचेली कॉम्प्लेक्स और श्री रबीन्द्र नारायण, अधिशासी निदेशक, किरंदुल कॉम्प्लेक्स शामिल हुए।सभा को संबोधित करते हुए सीएमडी ने इस बात पर बल दिया कि एनएमडीसी न केवल एक प्रमुख खनन संगठन बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के एक जिम्मेदार उद्यम की भी भूमिका निभा रहा है जो क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को समृद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कंपनी की ताकत उन समुदायों के विश्वास में निहित है जिनकी वह सेवा करती है, और उनकी चिंताएं एनएमडीसी के कार्यों का मार्गदर्शन करती हैं। साथ ही, समुदायों की प्रगति एनएमडीसी की  सफलता को परिभाषित करती है। उन्होंने कहा, "हम इन गांवों के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बस्तियों में बदला जा सके जो विकसित भारत की भावना को दर्शाती हैं।“ एनएमडीसी की बैलाडीला खदानों के आस-पास के ग्रामीणों ने बेहतर पानी, सड़कों और स्वास्थ्य देखभाल जैसी सुविधाओं पर हुई चर्चा पर प्रसन्नता व्यक्त की। स्थानीय पंचायत के एक प्रतिनिधि ने कहा, "वरिष्ठ निदेशकों ने हमसे आमने-सामने बातचीत की और वास्तव में हमारी परेशानियों को सुना।“ कंपनी के वरिष्ठ निदेशकों की इस प्रत्यक्ष पहुंच ने ठोस बदलाव के लिए नई उम्मीद जगाई है। श्री कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक) ने आश्वासन दिया कि एनएमडीसी स्थानीय समुदायों के साथ निरंतर संवाद करता रहेगा और इस बातचीत में साझा की गई समस्याओं से आगामी विकास पहलों को दिशा मिलेगी। बैलाडीला में 1968 में परिचालन शुरू करने के बाद से, एनएमडीसी ने अपने बचेली और किरंदुल परिसरों के माध्यम से औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय प्रगति दोनों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन वर्षों में कंपनी दंतेवाड़ा में आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास के उत्प्रेरक के रूप में उभरी है। भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक के रूप में एनएमडीसी का दंतेवाड़ा में 68 वर्षों से गहन विश्वास सहज रूप से पनपा है। एनएमडीसी ने पेयजल परियोजनाएं, सड़कें, खेल के मैदान, क्लीनिक जैसे बड़े बदलाव किए हैं। आज जमीनी स्तर पर हुई बातचीत और आदिवासियों की मूलभूत समस्याओं के आलोक में कमियों को दूर करते हुए इन कार्यों को और आगे बढ़ाया जाएगा।

एनएमडीसी ने पीआरएसआई राष्ट्रीय सम्मेलन 2025 में 7 प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते

हैदराबाद भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक और एक जिम्मेदार खनन कंपनी, एनएमडीसी ने पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) द्वारा आयोजित 47वें अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन 2025 में सात प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किए। तीन दिनों तक चले इस सम्मेलन का विषय “सशक्त विकास, जड़ों का संरक्षण” रहा, जिसमें जनसंपर्क और रणनीतिक संचार में उत्कृष्टता का उत्सव मनाया गया। कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण पहल, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), अनुसंधान एवं विकास, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच तथा कॉर्पोरेट संचार जैसे विविध क्षेत्रों में प्रभावशाली योगदान के लिए एनएमडीसी की उपलब्धियों को सम्मानित किया गया, जो सतत विकास और राष्ट्र-निर्माण के प्रति संगठन के एकीकृत दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तराखंड के वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल, उत्तराखंड के जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री गणेश जोशी, सांसद श्री नरेश बंसल तथा स्वामी चिदानंद जी सरस्वती महाराज सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पुरस्कार मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा, उत्तराखंड के वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति में प्रदान किए गए। कार्यक्रम में डॉ. प्रसाद गौरीनेनी सहित उद्योग जगत की अन्य विशिष्ट हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। एनएमडीसी की ओर से श्री च. श्रीनिवास राव, उप महाप्रबंधक (कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस) ने संगठन की ओर से सम्मान ग्रहण किया। एनएमडीसी को सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) द्वारा सर्वश्रेष्ठ कौशल विकास कार्यक्रम, वार्षिक रिपोर्ट तथा गृह पत्रिका (हिंदी) के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने हेतु सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान एवं विकास प्रयास तथा महिला विकास के लिए सर्वश्रेष्ठ सीएसआर परियोजना के लिए द्वितीय पुरस्कार, जबकि सीएसआर परियोजनाओं के कार्यान्वयन में सर्वश्रेष्ठ पीएसयू और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली उत्कृष्ट पहलों के लिए तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। टीम को बधाई देते हुए सुश्री जी. प्रियदर्शिनी, निदेशक (कार्मिक) ने कहा, “ये सम्मान इस विश्वास की पुनः पुष्टि करते हैं कि सार्थक प्रगति तब हासिल होती है जब प्रदर्शन उद्देश्य से निर्देशित हो और स्पष्टता के साथ संप्रेषित किया जाए। हमारी यात्रा खनन से आगे बढ़कर समुदायों को सशक्त बनाने, कौशल को पोषित करने, नवाचार को आगे बढ़ाने और राष्ट्र के विकास में जिम्मेदारीपूर्वक योगदान देने तक विस्तृत है। ये पुरस्कार हमारी टीम की उस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसके माध्यम से वे एनएमडीसी के इतिहास को प्रामाणिकता, प्रभाव और गर्व के साथ प्रस्तुत करते हुए सभी हितधारकों के साथ विश्वास को सुदृढ़ कर रहे हैं।”  अपने नेतृत्व को और मजबूत करते हुए, एनएमडीसी पीआरएसआई द्वारा मान्यता प्राप्त सभी क्षेत्रों में व्यापक पहलों को आगे बढ़ा रहा है। संरचित कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से एनएमडीसी भविष्य के लिए प्रतिभाओं का निर्माण कर रहा है तथा युवाओं में रोजगार क्षमता को बढ़ा रहा है।