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उड़ान के साथ उछले रियल एस्टेट के दाम, नोएडा एयरपोर्ट ने बदल दी जेवर की तस्वीर

नोएडा  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आज से कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन शुरू हो रहा है, जो दिल्ली-एनसीआर और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है. आज वो 175 किसान भी सफर करेंगे, जिनकी जमीनों का इस भव्य एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अधिग्रहण किया गया था. इस शुरुआत के साथ ही अब जेवर और उसके आस-पास के इलाकों का न सिर्फ नक्शा, बल्कि भाग्य भी पूरी तरह बदलने जा रहा है।  नोएडा एयरपोर्ट बनने के ऐलान के बाद से ही इस इलाके में प्रॉपर्टी के दामों में तेजी आने लगी थी, और अब एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यहां रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी दोनों की डिमांड और तेजी से बढ़ने की संभावना है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले पांच सालों में यहां अपार्टमेंट के दामों में तीन गुना और प्लॉट की कीमत में 1.5 गुना बढ़ोतरी हुई है. अब जब रनवे से विमानों ने उड़ान भरना शुरू कर दिया है, तो यह क्रेडिबिलिटी रियल एस्टेट बाजार को एक नए स्तर पर ले जाएगी. आने वाले दिनों में यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा और जेवर के आस-पास निवेश की एक नई लहर देखने को मिलेगी।  रियल एस्टेट सेक्टर पर क्या असर हवाई अड्डे का चालू होना सिर्फ हवाई यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक गतिविधियों का एक बहुत बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. एयरपोर्ट के चलते होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल और ऑफिस स्पेस की मांग में भारी इजाफा होगा. विदेशी और राष्ट्रीय कंपनियां इस इलाके में अपने ऑफिस खोलने को प्राथमिकता देंगी।  इसके साथ ही, जेवर एयरपोर्ट के पास 'कार्गो टर्मिनल' होने की वजह से यह पूरा बेल्ट एक ग्लोबल लॉजिस्टिक्स हब में तब्दील हो रहा है. इससे इंडस्ट्रियल प्लॉट्स की कीमतें आसमान छूने लगी हैं. दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के कामकाजी लोग और हाई-नेट-वर्थ इंडिजुअल्स अब यमुना एक्सप्रेसवे के आस-पास विला और प्रीमियम अपार्टमेंट्स में निवेश कर रहे हैं, जिससे रेजिडेंशियल मार्केट को भी नए पंख मिल गए हैं।  इस इलाके के रियल एस्टेट में उछाल आने की एक बड़ी वजह इसकी बेजोड़ कनेक्टिविटी योजनाएं हैं. एयरपोर्ट को फिल्म सिटी और ग्रेटर नोएडा से जोड़ने के लिए पोड टैक्सी और मेट्रो नेटवर्क पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे भविष्य में यात्रियों की राह आसान होगी और आस-पास के कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की वैल्यू बढ़ेगी।  इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे दिल्ली, आगरा और मथुरा को सीधे जोड़ता है, जिससे लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म दोनों को भारी बढ़ावा मिल रहा है. वहीं दूसरी ओर, दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का एक स्टॉप जेवर एयरपोर्ट पर होने की वजह से इस पूरे बेल्ट की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की कीमत कई गुना बढ़ने का अनुमान है। 

नोएडा एयरपोर्ट: लखनऊ की पहली उड़ान, टिकट बुकिंग शुरू और किराया जानें

 ग्रेटर नोएडा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR के करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत की आधिकारिक तारीख और रूट फाइनल हो गया है. IndiGo आज से अपनी उड़ानों के लिए टिकटों की बिक्री शुरू करने जा रही है।  एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट 15 जून को उड़ान भरेगी. यह न सिर्फ जेवर एयरपोर्ट के लिए बल्कि देश के एविएशन सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर होगा. इंडिगो इस एयरपोर्ट से ऑपरेशन शुरू करने वाली पहली एयरलाइन बन गई है।  लखनऊ-नोएडा के बीच पहला रूट शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान लखनऊ से नोएडा के लिए संचालित की जाएगी. यह रूट उत्तर प्रदेश की राजधानी और उभरते हुए औद्योगिक हब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी को कई गुना मजबूत कर देगा. किराए की बात करें तो 10 हजार रुपये से शुरू होगा।  15 जून की स्पेशल फ्लाइट्स डिटेल:-  लखनऊ से नोएडा, नोएडा से लखनऊ नोएडा से बेंगलुरु, बेंगलुरु से नोएडा 16 जून से नोएडा से लखनऊ के अलावा जम्मू, श्रीनगर, धर्मशाला सहित 16 मंजिलों के लिए फ्लाइट्स चलेंगी।  1 जुलाई से उड़ानों के शेड्यूल का विस्तार होगा. दरअसल, 1 जुलाई से नोएडा पर हर दिन लगभग 28 उड़ानें उतरेंगी और उड़ान भरेंगी. इसके अलावा, कुछ स्पेशल डेस्टिनेशन के लिए स्पेशल उड़ानें भी होंगी।  बिजनेस और टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट जेवर एयरपोर्ट को भारत के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है.  इसके शुरू होने से दिल्ली-NCR और पश्चिमी यूपी के यात्रियों को अब फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली (IGI) एयरपोर्ट जाने की मजबूरी नहीं होगी।  इसके अलावा, एयर कनेक्टिविटी मजबूत होने से इलाके में नए इन्वेस्टमेंट और व्यापारिक अवसरों के द्वार खुलेंगे. साथ ही आगरा और मथुरा जैसे पर्यटन केंद्रों के करीब होने के कारण विदेशी पर्यटकों के लिए भी यह पसंदीदा विकल्प बनेगा।