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नोवाक जोकोविच ने रचा इतिहास, फ्रेंच ओपन के पहले मैच में फेडरर का रिकॉर्ड टूटा

पेरिस   टेनिस का बड़ा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट 'फ्रेंच ओपन' 24 मई को पहले राउंड के मैचों के साथ शुरू हो गया. सर्बिया के स्टार खिलाड़ी नोवाक जोकोविच पहले राउंड में अपना पहला सेट गंवाने के बाद शानदार वापसी की. उन्होंने फ्रांसीसी खिलाड़ी जियोवानी एम्पेटशी पेरिकार्ड के खिलाफ 5-7, 7-5, 6-1 और 6-4 से शानदार जीत दर्ज की।  जोकोविच 2016, 2021 और 2023 में फ्रेंच ओपन जीतने के बाद अब अपना चौथा फ्रेंच ओपन खिताब जीतने का लक्ष्य बना रहे हैं. गौरतलब है कि 2023 यूएस ओपन के बाद से उन्होंने कोई बड़ा खिताब नहीं जीता है, लेकिन वे सेमीफाइनल और फाइनल तक पहुंचने में कामयाब रहे हैं।  जोकोविच ने मैच जीतने से पहले ही कोर्ट पर उतरकर इतिहास रच दिया था. 39 साल के इस खिलाड़ी ने रोजर फेडरर का रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास की किताबों में अपना नाम दर्ज करा लिया. 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता जोकोविच ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में 82वीं बार हिस्सा ले रहे है, जो की एक रिकॉर्ड उपस्थिति है. जबकि फ्रेंच ओपन में यह उनकी 22वीं उपस्थिति है।  जोकोविच ने रचा इतिहास सर्बियाई टेनिस स्टार ने अब पुरुषों की श्रेणी में किसी ग्रैंड स्लैम के 'मेन ड्रॉ' में सबसे ज्यादा बार हिस्सा लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. पुरुषों के सिंगल्स खिलाड़ियों में, उन्होंने ग्रैंड स्लैम के राउंड ऑफ 128, राउंड ऑफ 64, राउंड ऑफ 32, राउंड ऑफ 16, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में सबसे ज्यादा बार खेला है. जोकोविच के नाम अब ग्रैंड स्लैम के मेन ड्रॉ में 82 बार हिस्सा लेने का रिकॉर्ड है, जबकि फेडरर के नाम 81 बार हिस्सा लेने का रिकॉर्ड दर्ज है।  जोकोविच का फ्रेंच ओपन में नया कीर्तिमान इसके अलावा जोकोविच अब रोलांड गैरोस (फ्रेंच ओपन) में सबसे ज्यादा बार हिस्सा लेकर संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गए हैं. इससे पहले इस नंबर पर फ्रेंच स्टार रिचर्ड गैस्केट थे. जिन्हों 22 बार रोलांड गैरोस टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुके हैं. अब जोकोविच भी 22 बार इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।  सर्बियाई खिलाड़ी के नाम पहले से ही रोलांड गैरोस में सबसे ज्यादा पुरुषों के सिंगल्स मैच खेलने का रिकॉर्ड है, उन्होंने 119 मैच खेले हैं. उन्होंने 2025 के टूर्नामेंट के दौरान राफेल नडाल के रिकॉर्ड (116) को पीछे छोड़ दिया. इस टूर्नामेंट में उनका सफर सेमीफाइनल में जानिक सिनर से हार के साथ खत्म हुआ था। 

नोवाक जोकोविच ने विराट कोहली को लेकर किया बड़ा खुलासा, ‘विराट की वजह से ही क्रिकेट देखता हूं’

मुंबई  विराट कोहली और नोवाक जोकोविच। मौजूदा दौर में खेल की दुनिया के दो सबसे बड़े सितारे। एक क्रिकेट की दुनिया का किंग तो एक टेनिस जगत का बेताज बादशाह। दोनों अपने-अपने खेल के महानतम खिलाड़ियों में से एक। दोनों में दोस्ती भी है और एक दूसरे के लिए इज्जत भी। टेनिस आइकन नोवाक जोकोविच के देश सर्बिया में क्रिकेट बहुत लोकप्रिय नहीं है लेकिन ये टेनिस स्टार क्रिकेट को फॉलो करता है। वजह सिर्फ एक हैं- विराट कोहली। खेल की दुनिया का ऑस्कर कहे जाने वाले 'लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स' से इतर एक भारतीय न्यूज चैनल से बातचीत में जोकोविच ने किंग कोहली की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनकी वजह से ही उन्होंने क्रिकेट को फॉलो करना शुरू किया। उन्होंने साथ में ये उम्मीद भी जताई कि जब भी वह कभी भारत जाएंगे तो कोहली उनके साथ जरूर रहेंगे। जोकोविच ने जल्द ही भारत आने की भी बात कही। नोवाक जोकोविच ने टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में कहा, 'विराट कोहली मेरे दोस्त हैं और ऐसे शख्स हैं जिनका मैं सम्मान करता हूं, प्रशंसा करता हूं। ईमानदारी से कहें तो उनकी वजह से ही मैंने क्रिकेट को फॉलो करना शुरू किया। मैंने पहले भी इसे फॉलो किया लेकिन उनके जरिये और ज्यादा फॉलो करने शुरू किया। हम संपर्क में रहते हैं और उम्मीद करता हूं कि मैं जब भी आऊंगा (भारत), मैं कहना तो नहीं चाहता, लेकिन मैं जब भी भारत आऊंगा, वह मेरे साथ हो सकते हैं। हम थोड़ा बहुत टेनिस खेलेंगे और थोड़ा बहुत क्रिकेट। मस्ती करेंगे और स्पोर्ट का आनंद लेते हुए पॉजिटिव, गुड वाइब्स फैलाएंगे।' नोकाव जोकोविच ने खुद को भारत का फैन बताया। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही भारत आने का भी प्लान कर रहे हैं, जिसका वह लंबे समय से फैन रहे हैं। नोवाक जोकोविच टेनिस की दुनिया के बेताज बादशाह हैं। उन्होंने 24 बार ग्रैंड स्लैम जीता है। वह सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने के मामले में मार्गरेट कोर्ट के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। कोर्ट ने महिला टेनिस में ये कमाल किया था। नोवाक जोकोविच ने कहा, 'मुझे व्यक्तिगत तौर पर भारतीय टेनिस और दुनियाभर के खेलप्रेमियों से सालों से जो सपोर्ट मिलता रहा है उस पर मेरा हमेशा प्यार, सम्मान और तारीफ का संदेश रहेगा। मेरा संदेश यह भी होगा- 'बहुत जल्द आपसे भारत में मिलेंगे' क्योंकि मुझे वहां जाने की जरूरत है। मैं पिछले कुछ सालों से भारत जाने की अच्छा रखता हूं। उम्मीद करता हूं कि मैं भारत जाऊंगा, मैच खेलूंगा या कुछ हो सकता है, बस जाऊंगा। मैं खुद को भारतीय लोगों के बहुत करीब पाता हूं।' लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स 2026 की बात करें तो मैड्रिड में हुए इस भव्य समारोह में टेनिस का दबदबा रहा। कार्लोस अल्काराज और एरिना सबालेंका को क्रमशः स्पोर्ट्समैन और स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर के सम्मान से नवाजा गया।

Djokovic ने बनाए इतिहास, Australian Open में 400वीं जीत से फेडरर का रिकॉर्ड छिन्न-भिन्न

मेलबर्न  मेलबर्न पार्क के नीले कोर्ट पर टेनिस लेजेंड नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र उनके लिए महज एक संख्या है। ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के तीसरे दौर के मुकाबले में नीदरलैंड के बोटिक वैन डी जैंडशुल्प को सीधे सेटों में हराकर जोकोविच ने अपने करियर की 400वीं ग्रैंड स्लैम जीत दर्ज की। जोकोविच ने हासिल की बड़ी उपलब्धि  इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ उन्होंने महान रोजर फेडरर के सर्वकालिक रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया है। जोकोविच अब ग्रैंड स्लैम इतिहास में 400 जीत का आंकड़ा छूने वाले इकलौते खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने रोजर फेडरर (369 जीत) के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। अब वे उनसे 31 जीत आगे निकल चुके हैं। 38 वर्षीय जोकोविच के लिए यह टूर्नामेंट रिकॉर्ड्स की झड़ी लेकर आया है। इसी हफ्ते उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन में अपनी 100वीं जीत भी पूरी की। जोकोविच ने दमदार प्रदर्शन कर हासिल की जीत तीसरे दौर के मुकाबले में जोकोविच ने वैन डी जैंडशुल्प को 6-3, 6-4, 7-6(4) से मात दी। हालांकि तीसरे सेट में डच खिलाड़ी ने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन जोकोविच ने टाई-ब्रेकर में अपने अनुभव का परिचय देते हुए जीत सुनिश्चित की। टूर्नामेंट के पहले हफ्ते में जोकोविच की फॉर्म का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अब तक एक भी सेट नहीं गंवाया है। जीत के बाद कही दिल जीतने वाली बात कार्लोस अल्कराज और यानिक सिनर जैसे युवा खिलाड़ियों के उभार के बीच जोकोविच की निरंतरता खेल विशेषज्ञों को हैरान कर रही है। अपनी लंबी उम्र और फिटनेस पर बात करते हुए जोकोविच ने कहा कि जब मैं शारीरिक और मानसिक रूप से अच्छा महसूस कर रहा होता हूं तो मुझे विश्वास होता है कि मैं दुनिया के किसी भी खिलाड़ी को हरा सकता हूं।