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आईपीएल सट्टेबाजी में वकील समेत कई गिरफ्तार, 100 करोड़ के लेनदेन का शक

 कानपुर  आईपीएल में सट्टा और प्रतिबंधित ऑनलाइन गेम खिलाने वाला गिरोह बेहद चालाक था। वे पकड़े न जाएं, इसलिए चलती कैब में आईपीएल सट्टा खिलाते और उसका लेनदेन करते थे। सोमवार को जेल गए आठ आरोपितों में एक वकील तो दूसरा वकील का बेटा है। वकील के बेटे ने इस काम के लिए खुद दो कारें खरीदकर कैब में लगा रखी थी। वहीं इस गिरोह के 15 आरोपित भागे हुए हैं, जिनमें से दो आरोपितों के नंबर की लोकेशन ट्रेस हुई है। उनकी तलाश में टीम लखनऊ और प्रयागराज पहुंची है। वहीं, आरोपितों के 150 बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये के लेनदेन होने की संभावना है। बैंक खुलने पर उसकी जानकारी मांगी जाएगी। प्रतिबंधित ऑनलाइन गेम लोटस 365, रेड्डी बुक, कार्तिके, दुबई ईएक्सएच आदि गेम व आईपीएल सट्टा खेलने के लिए क्लोन वेबसाइट बनाई गई है। इसमें दुबई में बैठे मास्टर माइंड ने बनवाई है। उसने देश के सभी राज्यों और जिलों में अपने गिरोह के हजारों सदस्यों को शामिल कर रहा है। शहर में इस गिरोह का मुख्य सदस्य मोहित और उसकी मानिटरिंग करने वाला लखनऊ का विमल है। बर्रा थाने की पुलिस ने साइबर व सर्विलांस टीम की मदद से मोहित के भाई बर्रा धर्मेंद्र नगर निवासी अभिषेक वर्मा, नेहरू नगर के वकील हितेश निगम, गुजैनी एफ ब्लाक निवासी सत्यम तिवारी, बर्रा पांच के अनमाेल विश्वकर्मा, साकेत नगर के नितिन गुप्ता, कैंट के बनिया बाजार निवासी स्नेहिल बजाज, हंसपुरम आवास विकास निवासी सुल्तान अहमद, नौशाद को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेजा गया था, जबकि मोहित, विमल समेत 15 आरोपित भागे हुए हैं। बर्रा थाना प्रभारी रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दुबई में बैठा मास्टर माइंड राज्यों व जिलों के अलग-अलग ब्रांच कोड आवंटित किए हैं, जिसकी जिम्मेदरी उस जिले के प्रमुख व्यक्ति को दी जाती है और उसे व उसके साथ काम करने वाले कर्मचारियों 50 हजार से एक लाख रुपये तक का वेतन दिया जाता है। कानपुर का ब्रांच 24 कोड आवंटित है। इन लोगों का काम सिर्फ इतना होता है कि जो भी वयक्ति सट्टा या गेम खेल रहा है और रुपये जीतता है तो उसकी आइडी के अकाउंट में बताई गई रकम ट्रांसफर करनी होती है। इस गिरोह के पास जो खाते हैं। उसमें मास्टर माइंड साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराता है। ऐसे में पुलिस से बचने के लिए गिरोह चलती कैब में लोगों को रुपये ट्रांसफर करते हैं, जिससे वे पकड़े न जाएं। थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों के 26 मोबाइल फोन पर 52 खातों में 52 लाख अभी फ्रीज की प्रक्रिया की गई है, जबकि एक करोड़ रुपये तक होने की संभावना है। बैंक खुलने पर उसकी भी प्रक्रिया की जाएगी। मंगलवार को बैंक बंद होने से बरामद बैंक खातों व मोबाइल एप में लिंक खातों की जानकारी नहीं मिल सकी है। बुधवार को जानकारी मिलने की संभावना है।

ग्वालियर और कटनी में ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़

भोपाल  प्रदेश में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही है। इसी क्रम में ग्वालियर एवं कटनी जिलों में पुलिस ने अलग-अलग प्रकरणों 10 लाख 1 हजार रूपए नगद, एटीएम कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेक बुक सहित लगभग 13 लाख 98 हजार रुपये की संपत्ति जप्त की हैं। दोनों मामलों में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के माध्यम से बड़े पैमाने पर 3 करोड़ 29लाख रूपएका आर्थिक लेन-देन का भी खुलासा हुआ है। ग्वालियर जिले में क्राइम ब्रांच पुलिसने थाना महाराजपुरा क्षेत्र स्थित आदर्श कॉलोनी पिंटोपार्क के एक मकान पर प्राप्त मुखबिर सूचना के आधार पर दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान कमरे में 03 व्यक्ति मोबाइल एवं लैपटॉप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित करते पाए गए, जिन्हें मौके से गिरफ्तार किया गया। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में विभिन्न ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों पर सक्रिय आईडी, ट्रांजेक्शन डाटा, यूपीआई क्यूआर कोड, बैंक खातों से संबंधित विवरण तथा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से निर्देश प्राप्त होने संबंधी डिजिटल साक्ष्य मिले है। प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी कमीशन के आधार पर कार्य करते हुए लोगों को गेमिंग एप में जीत का प्रलोभन देकर रकम निवेश करवाते थे तथा म्यूल बैंक खातों के माध्यम से राशि का ट्रांसफर कराते थे। अवैध लाभ का हिस्सा नगद एवं विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया जाता था, साथ ही प्रत्येक लेन-देन के लिए अलग-अलग खाते उपयोग किए जाते थे जिससे ट्रैकिंग कठिन हो सके। आरोपियों के कब्जे से 4लाख 49 हजार रूपएनगद, 03 लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, एक बैग सहित 8 लाख 69 हजार रूपए की सामग्री जप्त की गई। इसी प्रकार कटनी जिले के थाना माधवनगर क्षेत्र में कर्मचारियों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के माध्यम से करोड़ों रुपये के अवैध ट्रांजेक्शन किए जाने का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पाया गया कि बंधन बैंक,एचडीएफसी बैंकएवं आईडीबीआई बैंकके खातों के माध्यम से लगभग 3करोड़ 29लाख रूपए का लेन-देन किया गया। आरोपियों के कब्जे से 5 लाख 52 हजार रूपएनगद, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल फोन एवं अन्य दस्तावेज जप्त किए हैं। प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की तलाश एवं विस्तृत जांच की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस राज्य में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी एवं साइबर आधारित आर्थिक अपराधों के विरुद्धजीरो टॉलरेंसकी नीति अपनाते हुए निरंतर सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इन अपराधों में संलिप्त संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके नेटवर्क, बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट्स तथा तकनीकी संसाधनों को चिन्हित कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।