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लहरागागा के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में ओपीडी और आईपीडी सेवाओं की शुरुआत

लहरागागा  पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह और बरिंदर कुमार गोयल द्वारा लहरागागा में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के पंजाब सरकार के ऐतिहासिक फैसले की दिशा में पहला कदम उठाते हुए, यहां के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं सहित ओपीडी और आईपीडी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। लहरागागा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि ये मेडिकल सेवाएं जनहित ट्रस्ट के यूनिट आचार्य विद्यानंद जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च द्वारा प्रदान की जाएंगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि इस संस्था को किसी भी रूप में निजी हाथों में नहीं दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना है, और इसी उद्देश्य से इसे जनहित ट्रस्ट को सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के प्रयासों से बंद पड़े बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के रूप में पुनः शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले इस क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी थी, लेकिन अब सरकार इस क्षेत्र में विशेष ध्यान दे रही है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि अगले साल से मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग की कक्षाएं शुरू होंगी, साथ ही एमडी और एमएस की पढ़ाई भी शुरू की जाएगी। इससे क्षेत्र के योग्य छात्रों को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले आपातकालीन सेवाओं की कमी के कारण मरीजों को संगरूर या पटियाला जाना पड़ता था, जिससे कई बार समय पर इलाज न मिलने के कारण जान का नुकसान हो जाता था। अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर औरo आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होंगी। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश और सीटों का वितरण राज्य सरकार के नियमों के अनुसार किया जाएगा। सभी श्रेणियों के लिए फीस भी सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही ली जाएगी। इस मेडिकल कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीटों की क्षमता और कम से कम 440 बेड होंगे।  

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहल: झारखंड स्वास्थ्य मंत्री खुद पहुँचे OPD में

रांची  झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारीइन दिनों एक्शन मोड में है और राज्य के अलग-अलग अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं और ओपीडी वार्ड में खुद ही बैठकर मरीजों का भी इलाज कर रहे हैं।        आज जमशेदपुर में OPD का लेंगे जायजा डॉक्टर अंसारी ने आज कहा कि आज मैं जमशेदपुर में रहूंगा। ओपीडी की सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करूंगा और यह सुनिश्चित करूँगा कि किसी भी मरीज को इलाज में ज़रा भी परेशानी न हो। मैं स्वयं स्थल पर मौजूद रहकर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को पूरा सहयोग दूंगा। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ जनता तक पहुँचाना-इसी मिशन के लिए हम पूरी तरह संकल्पित हैं।' स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि नई उम्मीद, नया विश्वास – जनता से मिले संकल्प को जिला स्वास्थ्य व्यवस्था के ज़मीनी स्तर तक ले जाना हमारा प्रमुख लक्ष्य है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरद्दष्टि और निष्ठा का परिणाम है कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था आज नई दिशा में आगे बढ़ रही है।

घर बैठे इलाज का समाधान: E-Sanjeevani से गांवों को कैसे मिल रहा फायदा?

भोपाल  भोपाल से ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के उपमहानिदेशक (प्रशासन) जगदीश राजेश ने सोमवार को भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) में तीन नई पहलों की शुरुआत की। इसमें सबसे अहम रही ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत, जिससे दमोह, सिंगरौली और मंडला के मरीजों को अब विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे ऑनलाइन परामर्श मिल सकेगा। क्या है ई-संजीवनी सेवा और कैसे मिलेगा फायदा? ई-संजीवनी सेवा एक ऑनलाइन टेलीपरामर्श सुविधा है, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से शुरू की गई है। इस सेवा के तहत अब इन जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत डॉक्टर, भोपाल स्थित BMHRC के विशेषज्ञों से सीधे सलाह ले सकेंगे। विशेषज्ञ डॉक्टरों में शामिल होंगे     जनरल मेडिसिन     स्त्री रोग     गैस्ट्रो मेडिसिन     क्रिटिकल केयर इससे मरीजों को भोपाल या जिला अस्पताल तक बार-बार आने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी। ग्रामीण मरीजों के लिए क्यों है ये सेवा उपयोगी? BMHRC की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव के अनुसार, यह सेवा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद लाभकारी होगी। इससे दूरदराज के मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और इलाज की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। साथ ही, यह सेवा स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ, सस्ती और तेज बनाएगी। नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग और हिंदी टाइपिंग का शुभारंभ ICMR उपमहानिदेशक ने BMHRC में दो अन्य पहलों का भी उद्घाटन किया 1. ओरिएंटेशन प्रोग्राम     यह प्रशिक्षण ICMR के नवनियुक्त तकनीकी कर्मचारियों के लिए है।     इसमें प्रशासनिक कौशल, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों पर फोकस किया गया। 2. हिंदी टाइपिंग प्रशिक्षण     4 से 8 अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में 15 कर्मचारियों को राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी प्रशासनिक कार्यों में दक्ष बनाया जाएगा।     प्रशिक्षण का नेतृत्व श्री घनश्याम नामदेव करेंगे।