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प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में योजना लागू , 1.33 लाख से अधिक आवेदन स्वीकृत

गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकायों पर राहत, अब तक 72.96 करोड़ रुपये की वसूली करदाताओं को तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा, 15 दिसंबर तक उठा सकेंगे लाभ लखनऊ योगी सरकार द्वारा नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और करदाताओं को पुराने बकायों के निस्तारण में राहत देने के लिए संचालित एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में लागू इस योजना के तहत अब तक 1,71,166 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1,33,589 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 34,801 आवेदन प्रक्रिया में हैं। योगी सरकार की इस योजना के माध्यम से पात्र करदाताओं को लंबित गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकायों के निस्तारण में राहत दी जा रही है। योजना के तहत 312.94 करोड़ रुपये की मांग के सापेक्ष अब तक 72.96 करोड़ रुपये की वसूली हुई है, जबकि पात्र लाभार्थियों को 116.43 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की गई है। इससे 1,33,589 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। आवासीय संपत्तियों के आवेदनों की संख्या सबसे अधिक प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों में संचालित योजना के तहत प्राप्त आवेदनों में आवासीय संपत्तियों की हिस्सेदारी सर्वाधिक है। अब तक 1,42,274 आवेदन आवासीय संपत्तियों से संबंधित हैं। वहीं, 15,999 आवेदन व्यावसायिक संपत्तियों और 12,889 आवेदन अन्य श्रेणी की संपत्तियों के हैं। योजना के तहत प्रति लाभार्थी औसतन लगभग 8,715.37 रुपये की राहत मिली है। तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा करदाताओं की सुविधा के लिए योगी सरकार ने योजना के अंतर्गत बकाया राशि का भुगतान अधिकतम तीन किस्तों में करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया है। इससे एकमुश्त भुगतान करने में कठिनाई महसूस करने वाले करदाताओं को अपने पुराने बकायों का निस्तारण करने में सहूलियत मिल रही है। योजना 15 अगस्त 2026 से संचालित है और पात्र करदाता 15 दिसंबर 2026 तक इसका लाभ उठा सकते हैं। विशेष शिविरों के जरिए लोगों को किया जा रहा जागरूक नगर विकास विभाग की ओर से विभिन्न नगरीय निकायों में विशेष शिविर आयोजित कर नागरिकों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाली राहत की जानकारी दी जा रही है। आवेदन और निस्तारण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग ने पात्र करदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित कर बकायों का निस्तारण कराएं। सरकार की इस पहल से जहां नागरिकों को राहत मिल रही है, वहीं नगरीय निकायों के राजस्व में वृद्धि और उनकी वित्तीय आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है। योजना की जानकारी और आवेदन के लिए विभागीय पोर्टल upulbots.in का उपयोग किया जा सकता है।

हाउस टैक्स नहीं भरा तो अभी मौका, 15 दिसंबर तक OTS योजना का उठा सकते हैं लाभ

लखनऊ यूपी में हाउस टैक्स के बकाएदारों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के 17 नगर निगमों में सालों से फंसे हाउस टैक्स की वसूली के लिए अब ओटीएस योजना पर निगाहें टिक गई हैं। नगर निगमों के पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक मुरादाबाद में ही 71,612 गृहकर बकायेदार हैं, जिन पर 126.53 करोड़ रुपये हाउस टैक्स बकाया है। इसके अलावा इन बकायेदारों पर 64.02 करोड़ रुपये ब्याज-सरचार्ज भी चढ़ चुका है। ओटीएस योजना के तहत निर्धारित अवधि में बकाया जमा करने पर ब्याज-सरचार्ज में राहत दी जाएगी। OTS योजना के तहत ब्याज और सरचार्ज में छूट निगमों में पुराने गृहकर की वसूली को गति देने के लिए लागू की गई ओटीएस योजना 15 दिसंबर तक चलेगी। शासन की इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से चल रहे बकाये को एकमुश्त जमा कराकर नगर निकायों की आय बढ़ाना और बकायेदारों को ब्याज-सरचार्ज के बोझ से राहत देना है। आंकड़ों के मुताबिक मुरादाबाद नगर निगम के 71,612 बकायेदारों पर 126.53 करोड़ रुपये मूल कर फंसा है। मूल धनराशि के अलावा 64.02 करोड़ रुपये ब्याज-सरचार्ज की देनदारी है। ऐसे में ओटीएस के जरिए यदि बड़ी संख्या में बकायेदार भुगतान करते हैं तो नगर निगम के राजस्व में करोड़ों रुपये की सीधी बढ़ोतरी हो सकती है। लखनऊ में 2.43 लाख, गोरखपुर में 1.44 लाख बकाएदार लखनऊ में करीब 2.43 लाख और गोरखपुर में करीब 1.44 लाख गृहकर बकायेदार बताए गए हैं। अब नगर निगमों की कोशिश अधिक से अधिक बकायेदारों को ओटीएस का लाभ दिलाना है। नगरायुक्त दिव्यांशु पटेल के निर्देश पर मुरादाबाद नगर निगम द्वारा वार्डवार कैंप लगाकर बकायेदारों को ओटीएस की जानकारी दी जा रही है। मौके पर आवेदन लेकर भुगतान कराया जा रहा है। एक सितंबर को लगाए गए कैंप में 16 आवेदनों से 40,670 रुपये जमा कराए गए। 15 दिसंबर के बाद सख्ती की तैयारी ओटीएस की अवधि खत्म होने के बाद बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम सख्ती बढ़ाएगा। इसलिए निगम अधिकारियों का जोर फिलहाल बकायेदारों को योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने पर है। योजना से जहां करदाताओं को ब्याज-सरचार्ज में राहत मिलेगी, वहीं नगर निगमों को वर्षों से अटके गृहकर की वसूली का मौका मिलेगा। वहीं इस मामले पर नगरायुक्त नगर निगम, मुरादाबाद दिव्यांशु पटेल ने बताया कि शासन की इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से चल रहे बकाये को एकमुश्त जमा कराकर नगर निकायों की आय बढ़ाना और बकायेदारों को ब्याज-सरचार्ज के बोझ से राहत देना है। वार्ड वाइज कैंप लगाए जा रहे हैं। ओटीएस का प्रचार-प्रसार भी कराया जारहा है, जिससे अधिक से अधिक बकाएदार योजना का लाभ ले सकें। किस नगर निगम का कितना बकाया? लखनऊ बकायेदार- 2,43,479 कुल बकाया- 650.15 करोड़ कुल बकाया- 258.47 करोड़ बकाया- 100 करोड़ से अधिक बकाया- 301 करोड़ बकाया- 400 करोड़ मुरादाबाद बकायेदार- 71,612 बकाया- 126.53 करोड़ गाजियाबाद बकायेदार- 60,000+ बकाया- 1,100 करोड़ सहारनपुर बकायेदार- 1,33,172 बकाया- 25.47 करोड़