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जशपुर के खरीदी केंद्र से 7 करोड़ की 20,586 क्विंटल धान गायब

जशपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के धान खरीदी केंद्र में खरीफ विपणन साल 2024-25 के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई है। जहां करीब 6 करोड़ 55 लाख रुपए की आर्थिक गड़बड़ी पाई गई है। जब अपेक्स बैंक के नोडल अधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया तो मामले का खुलासा हुआ। मामला आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोनपारा (पंजीयन क्रमांक 128) के अंदर संचालित धान खरीदी उपकेंद्र का है। यहां पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ने धान खरीदी के रिकॉर्ड में हेराफेरी की है। शुरुआती जांच और संयुक्त जांच दल की ओर से किए गए भौतिक सत्यापन में 20,586.88 क्विंटल धान कम पाया गया। नोडल अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला तुमला थाना क्षेत्र का है। कोनपारा धान खरीदी उपकेंद्र में 6 करोड़ 55 लाख रुपए की आर्थिक गड़बड़ी पाई गई। जांच के दौरान खरीदी केंद्र से 20,586.88 क्विंटल धान की कमी पाई गई है। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, 2 जनवरी को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) जशपुर के नोडल अधिकारी राम कुमार यादव (61) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार धान खरीदी उपकेंद्र कोनपारा में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलीभगत कर धान खरीदी में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की। 20,586 क्विंटल धान गायब मामले की जांच की गई तो सामने आया कि खरीफ वर्ष 2024-25 में कंप्यूटर रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र में कुल 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी। जबकि मिलों और संग्रहण केंद्रों को केवल 1,40,663.12 क्विंटल धान ही भेजा गया। इस तरह कुल 20,586.88 क्विंटल धान की कमी पाई गई। 6.55 करोड़ रुपए का नुकसान गायब धान की कीमत 3,100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 6 करोड़ 38 लाख 19 हजार 328 रुपए आंकी गई है। इसके अलावा धान की पैकिंग में उपयोग किए गए 4,898 नग बारदाने (नए-पुराने) की कीमत 17 लाख 7 हजार 651 रुपए बताई गई है। इस प्रकार शासन को कुल 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपए के आर्थिक नुकसान का अनुमान है। 6 आरोपियों पर FIR अपेक्स बैंक जशपुर के नोडल अधिकारी राम कुमार यादव (61) की रिपोर्ट पर समिति स्तर पर पदस्थ 6 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 320, 336, 338 और 61 के तहत केस दर्ज किया गया है। प्राधिकृत अधिकारी (खरीदी केंद्र) भुनेश्वर यादव, समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू, फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र साय, सहायक फड़ प्रभारी अविनाश अवस्थी और उप सहायक फड़ प्रभारी चंद्र कुमार यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी फरार SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव (39), निवासी ग्राम झारमुंडा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। जांच के दौरान यदि और तथ्य या संलिप्तता सामने आती है तो और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

धान खरीदी घोटाले पर कार्रवाई, लापरवाह पाए गए 2 पटवारी सस्पेंड

बलरामपुर धान खरीदी कार्य में लापरवाही करने वाले 2 पटवारियों के खिलाफ बलरामपुर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है. कलेक्टर ने तहसील रामचंद्रपुर में पदस्थ पटवारी बंधन राम और तहसील रामानुजगंज में पदस्थ पटवारी विजय यादव को निलंबित कर दिया है. जारी आदेश में बताया गया है कि धान खरीदी वर्ष 2025–26 के दौरान संबंधित पटवारियों द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती गई, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियमों के विपरीत है. इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों पटवारियों को निलंबित किया है. निलंबन अवधि में पटवारी बंधन राम का मुख्यालय तहसील कार्यालय कुसमी तथा पटवारी विजय यादव का मुख्यालय तहसील कार्यालय शंकरगढ़ निर्धारित किया गया है. आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.

पारदर्शिता से बदली धान खरीदी की तस्वीर, किसान पिंकू कुजूर बोले– अब प्रक्रिया आसान और भरोसेमंद

अंबिकापुर, जिले में संचालित धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी एवं किसान-हितैषी व्यवस्था का लाभ अब किसानों को मिल रहा है। टोकन प्रणाली, समयबद्ध खरीदी, त्वरित नमी परीक्षण तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के चलते धान विक्रय की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सहज हो गई है। किसानों को अब धान बेचने के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत श्रीगढ़ निवासी किसान पिंकू केरकेट्टा ने बताया कि इस वर्ष उनकी धान की फसल अच्छी हुई है। उन्होंने कुल 59.60 क्विंटल धान का रकबा है, जिसे उन्होंने खैरबार धान उपार्जन केन्द्र में विक्रय किया है। किसान श्री केरकेट्टा ने बताया कि टोकन कटाने की प्रक्रिया पूरी तरह से व्यवस्थित रही और इसमें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि खैरबार उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट पास जारी किया गया, इसके बाद धान की नमी परीक्षण कर तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज रही, जिससे कम समय में धान की तौल और खरीदी पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि उन्हें धान विक्रय के दौरान किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं हुई। किसान केरकेट्टा ने बताया कि उपार्जन केन्द्र में किसानों के लिए बैठने एवं पीने के स्वच्छ पानी की पर्याप्त व्यवस्था है, उन्होंने कहा कि पहले धान बेचने में पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब सीमित समय में कार्य पूर्ण हो जाता है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है, जिससे किसानों को फसल का उचित दाम मिला है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। फसल विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग किसान केरकेट्टा रबी सीजन में गेहूं, सरसों एवं विभिन्न सब्जी फसलों की खेती में कर रहे हैं। इससे बहुफसली खेती को बढ़ावा मिल रहा है और किसानों की आय के स्रोत भी बढ़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान और बेहतर व्यवस्था के कारण किसान अब अपनी आगे की खेती की योजना आसानी से बना पा रहे हैं। किसान  केरकेट्टा ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था किसानों के हित में है उन्होंने किसानों के लिए की गई धान खरीदी व्यवस्थाओं हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

हाथियों ने मचाया तांडव: धान खरीदी केंद्र से रात में 15 बोरी धान बरबाद

रायगढ़  जिले के बंगुरसिया धान खरीदी केंद्र में इन दिनों हाथियों का आतंक किसानों और कर्मचारियों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन गया है। बीते दो दिनों के भीतर हाथियों के एक दल ने खरीदी केंद्र में रखी करीब 15 बोरी धान खा ली, जबकि कई अन्य बोरियों को फैलाकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इस घटना से न सिर्फ किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि धान खरीदी व्यवस्था की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। रात के अंधेरे में केंद्र में घुसे हाथी जानकारी के अनुसार, देर रात हाथियों का एक झुंड धान खरीदी केंद्र परिसर में दाखिल हुआ। खुले में रखे धान को देखकर हाथी केंद्र के भीतर पहुंच गए और बोरियों को उठाकर धान खाने लगे। हाथियों की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। सीसीटीवी वीडियो वायरल पूरी घटना धान खरीदी केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, वहीं कुछ ग्रामीणों ने मोबाइल से भी हाथियों के उत्पात का वीडियो रिकॉर्ड किया। ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें साफ देखा जा सकता है कि हाथी बेखौफ होकर धान की बोरियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। धान खरीदी शुरू होते ही बढ़ी हाथियों की आवाजाही ग्रामीणों का कहना है कि धान खरीदी शुरू होने के बाद से ही इलाके में हाथियों की आवाजाही बढ़ गई है। केंद्र के आसपास वन क्षेत्र होने के कारण हाथी आसानी से यहां तक पहुंच जाते हैं। रात के समय हाथियों के आने से किसानों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल बना हुआ है, जिससे कई लोग रात में केंद्र की ओर जाने से भी कतरा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल धान खरीदी केंद्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से किसानों में नाराजगी देखी जा रही है। न तो केंद्र के चारों ओर पर्याप्त बाड़ है और न ही हाथियों को रोकने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था। खुले में रखे धान की वजह से हाथियों को आकर्षित होने का मौका मिल रहा है। किसानों ने की सुरक्षा उपायों की मांग ग्रामीणों और किसानों ने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांग है कि धान खरीदी केंद्र के चारों ओर बिजली की बाड़, रात के समय पहरेदारों की तैनाती, हाथियों की निगरानी के लिए वन अमले की नियमित गश्त और धान के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था जल्द की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में न केवल धान का नुकसान बढ़ेगा, बल्कि किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में प्रशासन और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई ही किसानों को राहत दिला सकती है।

धान खरीदी पर ब्रेक के हालात, बफर से ज्यादा स्टॉक, मिलर नहीं उठा रहे धान

गरियाबंद देवभोग के 10 और गोहरापदर ब्रांच के 17 समेत कुल 27 खरीदी केंद्रों में बफर लिमिट से ढाई गुना ज्यादा धान खरीदी हो गई. वहीं दूसरी ओर मिलरों भी धान उठाने से कतरा रहे हैं. स्थिति को देखते हुए शाखा प्रबंधकों ने उच्च कार्यालय को पत्र लिखकर उठाव की मांग करते हुए धान खरीदी बंद होने की आशंकाओं से अवगत करा दिया है. धान उठाव के लिए जिला विपणन अधिकारी को भेजे गए मांग पत्र के मुताबिक देवभोग के 10 खरीदी केंद्र में खरीदी की बफर लिमिट 1 लाख 2000 तय थी, पर यहां 2 लाख 41546 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है. इसी तरह गोहरापदर ब्रांच के 17 खरीदी केंद्र की बफर लिमिट 1 लाख 69200 क्विंटल की है, लेकिन यहां 3 लाख 45214 क्विंटल धान की खरीदी हो गई है. केंद्रों में अब रखरखाव की समस्या आ रही है. देवभोग केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी कुंज बिहारी बेहरा ने कहा कि तय लिमिट से कई गुना ज्यादा खरीदी होने से धान की रख-रखाव में समस्या आ रही है. खरीदी सुचारु रूप से चलता रहे उसके लिए उठाव की नितान्त आवश्यकता है. इस हफ्ते उठाव नहीं हुआ तो आने वाले सप्ताह से कई केंद्रों में खरीदी बंद करने की नौबत आ जाएगी. देवभोग बीएम अमरसिंह ठाकुर और गोहरापदर बीएम दुष्यन्त इंग्ले ने धान की मात्रा बफर लिमिट से पार होने की पुष्टि किया है. दोनों ब्रांच अफसरों ने बताया कि जिला विपणन और अपने नोडल को पत्र लिख कर समस्या से अवगत कराने की बात कही है. करोड़ों का भुगतान अटका, मिलर भी पीछे हट रहे संग्रहण केंद्र के अलावा डीओ के जरिए मिलरों से उठाव होता था. जिले में लगभग 60 मिलर थे, इनमें से अब तक 24 ने अनुबंध कराया. 22 ऐसे हैं, जिन्हें अपात्र श्रेणी में रख मॉड्यूल से ही लॉक कर दिया गया है. इसके अलावा फोर्टीफाइड चावल की राशि, पिछले साल हुए परिवहन चार्ज, कस्टम मिलिंग की बिलिंग का करोड़ों रुपए का भुगतान शासन से लंबित है, इसलिए कई मिलर धान उठाव के लिए अनुबंध करने में रुचि नहीं ले रहे हैं. सोमवार से शुरू होगी उठाव – डीएमओ जिला विपणन अधिकारी किशोर चंद्रा ने कहा कि ट्रांसपोर्टर से अनुबंध के बाद राज्य कमेटी के एप्रूवल की प्रकिया हो रही थी, लेकिन अब पूरी हो गई है. कुछ जगहों पर उठाव शुरू हो चुकी थी. सोमवार से देवभोग क्षेत्र से उठाव करेंगे. मिलरो की संख्या कम है. मौजूद 56 में से 24 ने ही अनुबंध कराया है. ऐसे में पड़ोसी जिले के मिलर से भी जल्द अनुबंध कराया जाएगा, ताकि उठाव प्रकिया तेजी से बढ़ सके. गरियाबंद में कुछ मिलर्स के भौतिक सत्यापन के दौरान कस्टम मिलिंग के लिए दिए गए धान की मात्रा में कमी पाई गई थी, ऐसे में वे अपात्र की श्रेणी में हैं.

धान किसानों को 4500 करोड़ से अधिक का भुगतान

धान खरीद (2025-26) : 3.15 लाख से अधिक किसानों से हुई 19.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद  योगी आदित्यनाथ सरकार का किसानों की ‘आर्थिक समृद्धि’ पर जोर  धान किसानों को 4500 करोड़ से अधिक का भुगतान  धान खरीद सत्र में पंजीकृत हुए 7.83 लाख से अधिक किसान  धान बिक्री के लिए पूरे प्रदेश में स्थापित किए जा चुके हैं 4645 धान क्रय केंद्र  35 हजार से अधिक किसानों से हुई बाजरा खरीद, 421.39 करोड़ रुपये हुआ भुगतान  लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार का अन्नदाता किसानों की ‘आर्थिक समृद्धि’ पर विशेष जोर है। योगी सरकार एक तरफ न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बिक्री के लिए 4645 क्रय केंद्र स्थापित कर सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है तो वहीं दूसरी ओर डीबीटी के माध्यम से किसानों को सीधे अकाउंट में पैसे भी भेज रही है। आंकड़ों पर ध्यान दें तो 3.15 लाख से अधिक किसानों से 19.14 लाख मीट्रिक टन धान खरीद हो चुकी है। इसके एवज में किसानों को 4500 करोड़ से अधिक का भुगतान भी किया जा चुका है। यही नहीं, बाजरा बिक्री करने वाले 35 हजार से अधिक किसानों को 421.39 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में ‘श्रीअन्न’ की खरीद पहली अक्टूबर से हो रही है। पहली अक्टूबर से पश्चिम उत्तर प्रदेश व पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान खरीद हो रही है।  पिछले सत्र से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण  योगी सरकार साल दर साल अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 13 दिसंबर तक 6.70 लाख किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया था, जबकि 2025-26 में अब तक यह आंकड़ा 7.83 लाख से अधिक है। बाजरा बिक्री के लिए पिछले वर्ष इस अवधि तक 21630 किसानों का पंजीकरण हुआ था, जो इस वर्ष में 80 हजार से अधिक हो गया है। वहीं ज्वार व मक्का में भी पंजीकरण बढ़ गया। ज्वार बिक्री के लिए पिछले साल 12 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया था, इस साल 16 हजार से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है। बाजरा खरीद 33 व ज्वार खरीद 11 जनपदों में हो रही है।  धान किसानों को 4500 व बाजरा किसानों को 421 करोड़ से अधिक का भुगतान खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धान की बिक्री, किसानों को भुगतान, क्रय केंद्र की व्यवस्था आदि को लेकर निरंतर समीक्षा बैठक कर रहे हैं। उन्होंने किसानों को समय से भुगतान करने का निर्देश दिया है। शनिवार दोपहर 12 बजे तक 3.15 लाख किसानों से 19.14 लाख मीट्रिक टन धान खरीद हो चुकी है। इस एवज में यूपी के किसानों को 4541.94 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अब तक 4645 क्रय केंद्र भी स्थापित हो चुके हैं। वहीं ‘श्रीअन्न’ की बात करें तो बाजरा किसानों को 421.39 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है, पिछले वर्ष इस अवधि तक 187.98 करोड़ रुपये भुगतान हुआ था। सीएम योगी की मॉनीटरिंग से इस वर्ष किसानों को तेजी से भुगतान किया जा रहा है।  31 दिसंबर तक होगी ‘श्रीअन्न’ की खरीद  ‘श्रीअन्न’ की खरीद पहली अक्टूबर से शुरू हुई थी, जो 31 दिसंबर तक चलेगी। श्रीअन्न के अंतर्गत बाजरा 33, मक्का 25 व ज्वार खरीद 11 जनपदों में हो रही है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी व पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी तक धान खरीद होगी। धान (कॉमन) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 व (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। ज्वार का न्यूनतम समर्थन मूल्य (मालदांडी) 3749, ज्वार (हाईब्रिड) 3699 रुपये प्रति कुंतल, बाजरा का 2775 व मक्का का 2400 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।

आज से शीतकालीन सत्र: छात्रवृत्ति-धान खरीद जैसे मुद्दों पर हेमंत सरकार घिरीगी बीजेपी के सवालों से

रांची  झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली JMM सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है।BJP ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में छात्रवृत्ति और धान खरीद की देरी जैसे मुद्दे उठाने की बात कही है. झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज (8 दिसंबर) पहला दिन है. पहले ही दिन BJP ने साफ कर दिया है कि वह झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने और किसानों के धान खरीद की प्रक्रिया शुरू न होने पर सरकार से जवाब मांगेगी. यह मुद्दा रांची में बीजेपी विधायक दल की बैठक में तय हुआ, जिसकी अध्यक्षता विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने की. सत्र 6 दिसंबर से 11 दिसंबर तक चलेगा .पार्टी नेताओं ने बैठक में कहा कि हजारों छात्रों को अब तक छात्रवृत्ति न मिलना शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है. इसी तरह धान खरीद केंद्र न खुलने से किसानों को अपनी उपज औने-पौने दाम पर बिचौलियों को बेचने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है. BJP के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के विधायकों ने निर्णय लिया है कि वे सरकार को इन “ज्वलंत मुद्दों” पर कठघरे में खड़ा करेंगे. जायसवाल ने कहा कि धान खरीद में देरी से खेतिहर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और यह स्थिति बताती है कि सरकार किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के कारण बिचौलियों का दबदबा बढ़ गया है. सत्र के पहले दिन विपक्ष ने साफ संकेत दे दिए कि वह सरकार को हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए बाध्य करेगा. भाजपा नेताओं का कहना है कि छात्रों और किसानों से जुड़े ये सवाल केवल राजनीतिक नहीं बल्कि जनजीवन से सीधे जुड़े हैं.पार्टी ने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरी हुआ तो वह सत्र के भीतर विरोध के अलग-अलग तरीके अपनाएगी.

धान की खरीद में पारदर्शिता और बढ़ी सुविधा : भागीरथी साहू

रायपुर, तकनीक.आधारित सुशासन का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है, जिससे धान जैसी फसलों की खरीद में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ी है। श्तुंहर टोकन, ऐप जैसी पहलों से घर बैठे टोकन मिल रहा है, जिससे समितियों के चक्कर लगाने और समय बर्बाद होने की समस्या खत्म हो गई है। धमतरी जिले के भटगांव के किसान भागीरथी साहू इसका जीवंत उदाहरण हैं। पहले जहाँ धान विक्रय के दौरान घंटों लंबी कतारों में लगना पड़ता था, वहीं इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए “टोकन तुहर हाथ” मोबाइल एप ने पूरी प्रक्रिया ही बदल दी है। खेती-किसानी को बेहतर बनाने में करेंगे प्राप्त धन राशि का उपयोग साहू ने अपने घर से ही कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया। न भीड़ का तनाव, न इंतज़ार, सिर्फ मोबाइल पर कुछ क्लिक और टोकन तुरंत उपलब्ध। वे बताते हैं “व्यवस्था पूरी तरह सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक है। टोकन भी आसानी से कट गया और धान बेचने में बिल्कुल भी परेशानी नहीं हुई।”  इस वर्ष उन्होंने सहकारी समिति केंद्र सोरम में 20 क्विंटल 60 किलो धान विक्रय किया। वे बताते हैं कि पिछले वर्ष भी उन्होंने लगभग इतनी ही मात्रा में धान बेचा था। प्राप्त धनराशि का उपयोग वे परिवार की आवश्यकताओं और खेती-किसानी को बेहतर बनाने में करते हैं। किसान को सुविधा अनुसार तारीख और समय चुनने का अधिकार राज्य सरकार का उद्देश्य तकनीक की मदद से किसानों के समय, ऊर्जा और संसाधनों की बचत सुनिश्चित करना है। ऐप के माध्यम से टोकन लेने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, किसान स्वयं अपनी सुविधा के अनुसार तारीख और समय चुन सकते हैं। इससे केन्द्रों में होने वाली अनावश्यक भीड़ पूरी तरह खत्म हो गई है। ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव साहू जैसे किसान न केवल इस व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं, बल्कि गाँव के अन्य किसानों को भी ऐप का उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आधुनिक तकनीक और पारदर्शी प्रशासन का यह समन्वय ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। सरकारी नवाचारों की ऐसी सफल पहल यह सिद्ध करती है कि सही दिशा में उठाया गया एक कदम, किसान की पूरी व्यवस्था को अधिक सरल, सुरक्षित और सुगम बना सकता है।

रायपुर : धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी विशेष व्यवस्था

रायपुर : धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी विशेष व्यवस्था धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी विशेष व्यवस्था खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी तक होगा धान खरीदी रायपुर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू एवं पारदर्शी रूप से संचालित करने के लिए राज्य शासन द्वारा धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। लगभग 50 कार्य दिवसों में खरीदी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों की सुविधा के लिए पूर्व की भांति इस वर्ष भी टोकन जारी कर धान खरीदी की जा रही है। टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन उपलब्ध राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार किसानों की भूमि धारिता के आधार पर टोकन जारी किए जा रहे हैं। 2 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एक टोकन, 2 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को अधिकतम  2 टोकन और 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम 3 टोकन जारी किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि किसान टोकन उपार्जन केंद्र से सीधे प्राप्त कर सकते हैं अथवा टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं भी टोकन ले सकते हैं। यह मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है। शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर इसके अलावा धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा कॉल सेंटर का गठन किया गया है, जो धान की रीसाइक्लिंग पर रोक, कोचियों/बिचौलियों की गतिविधियों की निगरानी और धान के उठाव एवं परिवहन की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर रहा है।  प्रशासन ने अपील की है कि उपार्जन केंद्र में धान लाते समय किसान-धान को अच्छी तरह सुखाकर लाएं, जिसमें नमी 17 प्रतिशत से अधिक न हो, धान साफ-सुथरा एवं अशुद्धियों से मुक्त हो। साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका एवं आधार कार्ड अवश्य रखें। जिला प्रशासन ने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुए समय पर धान विक्रय करें, जिससे खरीदी कार्य सुचारू एवं बाधारहित पूर्ण किया जा सके।

बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारु रूप से जारी

आज तीसरे दिन धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में 411 क्विंटल एवं कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई रायपुर, राज्य शासन के विशेष प्राथमिकता वाले समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक जारी है। जिले के कृषक उन्हें जारी किए गए टोकन के अनुसार प्रतिदिन धान खरीदी केन्द्रों में सुबह से पहुँचकर अपने धान की बिक्री की प्रक्रिया को पूरा करने के उपरांत अपनी धान की बिक्री कर रहे हैं। धान खरीदी के तीसरे दिन भी आज 18 नवंबर को सुबह से ही जिले के धान खरीदी केन्द्रों में कृषकों की चहल कदमी शुरू हो गयी थी। इसके अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के कोचेरा में आज तीसरे दिन 411 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई। जिसमें 272.80 क्विंटल पतला एवं 138.4 क्विंटल मोटा धान शामिल है। धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में आज ग्राम दुपेचरा के कृषक श्री चोवाराम ने 18 क्विंटल मोटा धान, ग्राम कोचेरा के कृषक श्री दौलतराम ने 254 क्विंटल पतला, श्री दिलीप कुमार 110 क्विंटल पतला, जाम बाई ने 58 क्विंटल पतला, मुरली राम ने 125 विक्ंटल पतला, तानुराम ने 135 विक्ंटल पतला एवं नरोत्तम कुमार ने 30 क्विंटल मोटा, कुमेश्वर कुमार ने 100 क्विंटल पतला धान की बिक्री की। इसी तरह धान खरीदी केन्द्र कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान की खरीदी की गई। जिसमें से 316 क्विंटल मोटा एवं 44 क्विंटल पतला धान शामिल है। धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु आज सुबह से ही नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने प्रभार वाले धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग की गई है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचने वाले किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए शुद्ध पेजयल, छांव, बैठक इत्यादि के अलावा शौचालय आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देंशानुसार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा खाद्य, सहकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं।