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0-2 की शर्मनाक हार के बाद PCB का बड़ा एक्शन, यूनुस खान बन सकते हैं नए टेस्ट कोच

नई दिल्ली बांग्लादेश के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में 0-2 की शर्मनाक हार ने पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल ला दिया है. जिस टीम के खिलाफ जीत की उम्मीद की जा रही थी, उसी के हाथों क्लीन स्वीप होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अब बड़े बदलावों की तैयारी में जुट गया है़. हालात ऐसे हैं कि टेस्ट कप्तान शान मसूद और मुख्य कोच सरफराज अहमद दोनों की कुर्सी खतरे में बताई जा रही है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी इस हार से बेहद नाराज हैं और टेस्ट टीम में व्यापक बदलाव चाहते हैं. बोर्ड अब सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा नहीं कर रहा, बल्कि टीम की पूरी नेतृत्व व्यवस्था में बदलाव पर विचार कर रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पूर्व कप्तान यूनुस खान और मोहम्मद हफीज से संपर्क किया है. दोनों से राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारियां संभालने को लेकर बातचीत की गई है. सूत्रों के मुताबिक पीसीबी के भीतर यह प्रस्ताव रखा गया है कि सरफराज अहमद को टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से हटाकर फिर से अंडर-19 और पाकिस्तान 'ए' टीम की जिम्मेदारी दी जाए. सरफराज को बांग्लादेश दौरे से ठीक पहले टेस्ट टीम का कोच बनाया गया था, लेकिन टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका. एक सूत्र ने बताया, 'यूनुस खान और मोहम्मद हफीज दोनों की पीसीबी अधिकारियों से बातचीत हुई है. हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. …तो ये दिग्गज बनेगा नया टेस्ट कोच! पाकिस्तान के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल यूनुस खान को टेस्ट टीम का अगला कोच बनाने की तैयारी है. हालांकि बताया जा रहा है कि उन्होंने पीसीबी के सामने कुछ स्पष्ट शर्तें रखी हैं और जब तक उन पर सहमति नहीं बनती, कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होगी. पीसीबी का मानना है कि टीम को फिर से मजबूत टेस्ट यूनिट बनाने के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जिसके पास अनुभव भी हो और खिलाड़ियों पर प्रभाव भी. सिर्फ कोच सरफराज अहमद ही नहीं, कप्तान शान मसूद का भविष्य भी अधर में लटका हुआ है. बांग्लादेश के खिलाफ मिली हार के बाद उनकी कप्तानी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि मसूद ने आगामी वेस्टइंडीज और इंग्लैंड सीरीज तक खुद को मौका देने की अपील की है, लेकिन बोर्ड के भीतर बदलाव की मांग लगातार मजबूत होती जा रही है. ऐसे में उनकी कप्तानी पर फैसला जल्द लिया जा सकता है. पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज को मुख्य चयनकर्ता और इंटरनेशनल क्रिकेट डिपार्टमेंट का प्रमुख बनाने पर भी विचार किया जा रहा है. हालांकि पीसीबी के कुछ अधिकारी इस फैसले को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. दरअसल, हफीज पिछले कुछ महीनों में टीम और बोर्ड की नीतियों पर खुलकर सवाल उठाते रहे हैं. ऐसे में उनके बोर्ड से जुड़ने पर नई बहस छिड़ सकती है. बोर्ड ने इस बीच राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में 49 खिलाड़ियों के लिए रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल कैम्प का भी ऐलान किया है. पीसीबी का कहना है कि यह कैम्प आने वाली अंतरराष्ट्रीय और घरेलू चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. खिलाड़ियों को फिटनेस, तकनीक और मानसिक मजबूती पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. साथ ही कोचों और मेडिकल स्टाफ के साथ व्यक्तिगत सत्र भी आयोजित किए जाएंगे.

क्या ‘ग्लोबल पीस’ की वजह से खाली हैं पाकिस्तान के स्टेडियम, इस्लामाबाद यूनाइटेड के मालिक का चौंकाने वाला दावा

इस्लामाबाद PSL 2026 में खाली स्टेडियम को लेकर विवाद बढ़ गया है. इस्लामाबाद यूनाइटेड के मालिक अली नक़वी ने इसे पाकिस्तान की ग्लोबल पीस की कोशिशों से जोड़ा, जबकि PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने फ्यूल संकट को वजह बताया था. दोनों बयानों में विरोधाभास से आलोचना तेज हो गई है और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं. पाकिस्तान सुपर लीग (Pakistan Super League) 2026 में खाली स्टेडियम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. इस्लामाबाद यूनाइटेड (Islamabad United) के मालिक अली नकवी के बयान ने बहस को नया मोड़ दे दिया है, जिसमें उन्होंने दर्शकों की गैरमौजूदगी को पाकिस्तान की 'ग्लोबल पीस' में भूमिका से जोड़ दिया. अली नकवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि रावलपिंडी में मैच न कराना एक रणनीतिक फैसला था, क्योंकि इस दौरान इस्लामाबाद में संवेदनशील युद्धविराम से जुड़ी बातचीत हो रही थी. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को लेकर पूरी लचीलापन जरूरी था. नकवी ने यह भी जोड़ा कि अगर मनोरंजन और वैश्विक शांति में से चुनना पड़े, तो हर पाकिस्तानी यही फैसला करता. हालांकि, यह बयान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के आधिकारिक रुख से अलग है. बोर्ड के चेयरमैन मोहस‍िन नकवी ने पहले साफ कहा था कि दर्शकों की एंट्री पर रोक का कारण फ्यूल संकट है. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निर्देश पर लोगों की आवाजाही सीमित की गई थी, जिसके चलते मैच बिना दर्शकों के कराने का फैसला लिया गया.      इन दो अलग-अलग बयानों ने पूरे मामले को विवादास्पद बना दिया है. आलोचकों का कहना है कि एक साधारण प्रशासनिक समस्या जैसे ईंधन की कमी और लॉजिस्टिक्स को ‘ग्लोबल पीस’ जैसे बड़े नैरेटिव से जोड़ना वास्तविकता से दूर लगता है. PSL जैसे बड़े टूर्नामेंट में खाली स्टेडियम पहले ही चिंता का विषय थे, और अब इस पर विरोधाभासी बयान सामने आने से पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

करारी हार से बौखलाया पाकिस्तान, पूर्व दिग्गज का बयान—‘भारत कभी हमसे डरता था’

नई दिल्ली टी20 विश्व कप में भारत से हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में रार मची हुई है। पहले पूर्व क्रिकेटरों ने मौजूदा टीम और मौजूदा क्रिकेटरों की आलोचना की। उन्हें कमतर बताया। जवाब में मौजूदा टीम के अहम सदस्य शादाब खान ने शेखी बघारी कि हमने तो कम से कम एक बार वर्ल्ड कप में भारत को हराया भी है, आप तो एक बार भी नहीं जीते। अब पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने शादाब को नसीहत देते हुए पूर्व क्रिकेटरों के कद का अपने अंदाज में जिक्र किया है। वहीं वर्ल्ड कप में भारत के हाथों हार के बाद मोहम्मद आमिर ने कहा है कि एक दौर था जब भारत हमसे खौफ खाता था। अब तो वे हमें गंभीरता से लेते तक नहीं। मोहम्मद आमिर ने हाल ही में पाकिस्तान की मौजूदा क्रिकेट टीम और 1990 के दशक की टीम से तुलना की। उन्होंने दावा किया कि एक दौर में पाकिस्तानी टीम को जो इज्जत मिलती थी, अब वह कम हो गई है। तब भारत हमसे खौफ खाता था: आमिर आमिर ने एक टीवी शो पर कहा, '90 के दशक की पाकिस्तान टीम और मौजूदा टीम में फर्क है। भारत तब हमसे खौफ खाता था, अब तो वे हमें गंभीरता से लेते तक नहीं। अब वे हमारे विकेट लेने और यहां तक कि मैच जीतने के बाद भी जश्न तक नहीं मनाते।' आमिर ने ये बातें टी20 वर्ल्ड कप में भारत के हाथों पाकिस्तान को 61 रनों से मिली हार के बाद कही थी। उस मैच के बाद पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी तो इतना भड़क गए थे कि टीम में बदाव की मांग कर दी। उन्होंने अपने दामाद शाहीन शाह अफरीदी तक को नहीं बख्शा। अफरीदी ने शाहीन, बाबर आजम और शादाब को टीम से बाहर करने की मांग कर दी। उन्होंने कहा कि अगर उनके हाथ में होता तो वे इन तीनों को ड्रॉप कर देते। सकलैन मुश्ताक की जेब में 10 शादाब खान आ जाएं: बासित शाहिद अफरीदी के बयान पर शादाब खान का पलटवार पूर्व क्रिकेटर बासित अली को तनिक भी रास नहीं आया। उन्होंने खान को नसीहत देते हुए कहा है, 'मेरी राय में शादाब खान को इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए। सकलैन मुश्ताक तो ऐसा गेंदबाज था कि उनकी जेब में 10 शादाब आ जाएं।' बासित अली ने उसके बाद एक घटना का जिक्र करते हुए शादाब के 'बचकानेपन' का किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, ‘मैं अब एक ऐसी चीज का खुलासा करने जा रहा हूं जिसके बारे में कोई नहीं जानता है। मैं पाकिस्तान ए टीम को लेकर इंग्लैंड गया था। वह (शादाब) हर समय फोन पर ही लगा रहता था। मुझे उसके दोनों फोन छीनने पड़े थे।’ शादाब खान ने आखिर कहा क्या था? शाहिद अफरीदी की तल्ख टिप्पणी से शादाब खान को मिर्ची तो बहुत लगी लेकिन उन्होंने तत्काल कोई जवाब नहीं दिया। बाद में बुधवार को नामीबिया के खिलाफ मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने अफरीदी को बहुत ही तीखा जवाब दिया। मैच में पाकिस्तान ने नामीबिया को एकतरफा हराया। शादाब खान ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। 36 रन बनाए और तीन विकेट भी झटके। नामीबिया के खिलाफ जीत के बाद शादाब खान ने शाहिद अफरीदी को टारगेट करते हुए कहा, ‘हमारे पूर्व क्रिकेटरों की अपनी राय है। उन्होंने पाकिस्तान के लिए अच्छा किया और यह भी सही है कि आखिरकार उन्होंने भारत को विश्व कप में कभी नहीं हराया।’ शादाब खान ने आगे कहा था, 'हम ही थे जिन्होंने 2021 के वर्ल्ड कप में भारत को हराया था। वर्ल्ड कप में हमने भारत को सिर्फ एक बार ही हराया है। हां, वे (पूर्व क्रिकेटर) दिग्गज हैं लेकिन उन्होंने वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ कुछ भी खास नहीं किया है।'