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बिहार में पंचायत सचिव की नियुक्ति जन्म से 9 महीने पहले, वरीयता सूची पर उठे सवाल

पटना बिहार में पंचायती राज विभाग ने पंचायत सचिवों की वरीयता सूची जारी की है। राज्य में स्नातक उत्तीर्ण पंचायत सचिव को प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी बनाया जाएगा। यह सूची राज्य में कार्यरत पंचायत सचिवों का एक अप्रैल 2026 के आधार पर जारी की गई है। विभाग के संयुक्त सचिव मो. वसीम अहमद ने जिलों के डीएम और जिला पंचायत राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) को पत्र भेजा है। इस सूची में एक ऐसी गड़बड़ी सामने आई है जिसे जानकर कोई भी हैरान हो जाएगा। सूची में दी गई सूचना को सही मानें तो एक पंचायत सचिव को जन्म से 9 माह पहले ही नौकरी मिल गई। पंचायती राज विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा है कि वरीयता सूची में किसी सेवानिवृत्त, मृत या त्याग पत्र दिये हुए पंचायत सचिव का नाम हो या किसी पंचायत सचिव का नाम छूट गया हो तो डीपीआरओ पूर्ण विवरण के साथ विभाग को सूची उपलब्ध करायेंगे। वरीयता सूची में दावा और आपत्ति साक्ष्य के साथ 30 दिनों के अंदर उपलब्ध कराना होगा। इस अवधि में दावा या आपत्ति नहीं मिलने पर माना जायेगा कि औपबंधिक वरीयता सूची में कोई त्रुटि नहीं है। इसके बाद अंतिम रूप से वरीयता सूची का प्रकाशन कर दिया जायेगा। इस तरह पंचायत सचिवों की लंबी मांग पूरी हो जाएगी। इसे लेकर पंचायत सचिवों ने हड़ताल भी की थी। सूची में कई खामियां: संघ बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा है कि इस लिस्ट में अन्य कई खामियां हैं। वरीयता सूची में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त दर्जन भर से अधिक स्नातक उत्तीर्ण पंचायत सचिवों का नाम नहीं है। सूची में कई प्रकार की गलतियां हैं। जन्म के 9 माह पहले ही मिल गई नौकरी औपबंधिक वरीयता सूची को देख आप चौक जायेंगे। इस सूची में सारण जिला के पंचायत सचिव सुदर्शन राम को उनके उनके जन्म के पहले ही नौकरी मिल गई है। सुदर्शन राम की जन्म तिथि 19 नवंबर 1969 अंकित है। जबकि इनकी पंचायत सचिव पद पर नियुक्ति तिथि 28 जनवरी 1969 अंकित है।

प्रमाण पत्र जारी करने में लापरवाही पड़ी भारी, गोंडा के पंचायत सचिवों पर कार्रवाई तय

गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में ग्राम पंचायत सचिवालयों से आमजन को मिलने वाली सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले ग्राम पंचायत सचिवों पर अब कार्रवाई तय मानी जा रही है। डीपीआरओ लालजी दूबे ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी करते हुए सभी सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) और ग्राम पंचायत सचिवों को पंचायत भवनों से नियमित रूप से प्रमाण पत्र जारी कराने के निर्देश दिए हैं। डीपीआरओ ने चेतावनी दी है कि लापरवारी पर मई माह का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि शासन के निर्देशों के बावजूद जिले की कई ग्राम पंचायतों में सीएससी के माध्यम से प्रमाण पत्र जारी करने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। विभागीय समीक्षा में सामने आया कि जिले की कुल 1192 ग्राम पंचायतों में से वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक केवल 431 ग्राम पंचायतों द्वारा ही प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि 761 ग्राम पंचायतों में अभी तक यह कार्य शुरू भी नहीं हो पाया है। पत्र में पंचायत सहायकों और वीएलई के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में हर माह कम से कम 100 प्रमाण पत्र जारी कराने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र शामिल हैं। विकासखंडवार समीक्षा में इटियाथोक, करनैलगंज और पंडरी कृपाल ब्लॉक की स्थिति बेहतर पाई गई, जबकि कई विकासखंडों में कार्य संतोषजनक नहीं मिला। डीपीआरओ लालजी दूबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि मई माह तक जिन ग्राम पंचायतों में प्रमाण पत्र जारी नहीं होंगे, वहां कार्यरत संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया जाएगा। काम न करने वाली कार्यकत्रियों की संविदा होगी समाप्त मनकापुर ब्लाक सभागार में बाल विकास परियोजनाधिकारी रमा सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जिस कार्यकत्री के काम में लापरवाही मिली उसे नोटिस देने के बाद संविदा समाप्त करने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। बैठक में ब्लॉक की समस्त आंगनबाडी कार्यकत्रियों के कार्यों की समीक्षा की गई। जिन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कार्यों में शिथिलता पाई गई। उन्हें कडी फटकार लगाते हुए शासन की मंशानुसार काम पूरा करके पोर्टल पर अपलोड करने की हिदायत दी गई। सीडीपीओ ने प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना की समीक्षा के दौरान सभी गांवों से लाभार्थियों का आवेदन लेकर योजना का लाभ दिलवाने का निर्देश दिया। कहा कि इस योजना में कोताही कतई बर्दास्त नहीं किया जायेगा। अपार आईडी बनवाने पर विशेष जोर देने के साथ समुदाय आधारित गतिविधियों को सम्पन्न कराने का निर्देश दिया।