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कांकेर घटना पर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान: धर्मांतरण बड़ा खतरा, कैंसर भी पीछे

रायपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज भिलाई में पंच दिवसीय हनुमंत कथा करने छत्तीसगढ़ पहुंचे. रायपुर एयर पोर्ट पर उतरते ही उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत में कैंस से बड़ा खतरा धर्मांतरण है. बता दें, भिलाई में आज से पंच दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान एक दिवसीय दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम भारत में एक संदेश देना चाहते हैं कि यदि भारत में बांगलादेश जैसी स्थिति नहीं चाहते, तो यही समया है, सही समय है. अगर हिन्दू एकजुट नहीं हुआ, तो वह दिन दूर नहीं… जो बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हुआ, वह भारत देश और छत्तीसगढ़ के चौक-चौराहों में देखा न जाए. पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कांकेर में धर्मांतरण पर मचे बवाल को लेकर भी बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कांकेर में जो हुआ, वह अच्छा नहीं हुआ. लेकिन हिंदुओं ने एकता दिखाई उसके लिए धन्यवाद !  उन्होंने आगे कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और उन्नति हो… भारत विश्व गुरु बने. अंत में उन्होंने कहा कि जबतक भारत हिन्दू राष्ट्र नहीं बन जाएगा, तब तक हम यात्रा करते रहेंगे.

धार्मिक आयोजन में बदलाव: गुरु जी ने दी आज्ञा, बागेश्वर धाम में अब नहीं होंगी VIP मुलाकातें

छतरपुर बागेश्वर धाम गढ़ा में नवरात्र साधना के समापन पर बड़ा निर्णय लिया गया है। बागेश्वर महाराज के गुरु सन्यासी बाबा ने साधना के दौरान आदेश दिया कि अब बागेश्वर धाम पर आने वाले वीआईपी से मुलाकात नहीं की जाएगी। महाराज जी केवल उन श्रद्धालुओं से मिलेंगे जो सच्चे भक्त बनकर बिना किसी सिफारिश के धाम पर दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। नवरात्र की नौ दिवसीय साधना पूर्ण होने के बाद दशमी के दिन बागेश्वर महाराज ने बुंदेलखंड की गंगा कही जाने वाली केन नदी में पहुंचकर व्रत का समापन किया। इस अवसर पर बनारस से आए आचार्यों द्वारा वेद मंत्रों के साथ व्रत पूर्ण कराया गया।   गरीबों की पीड़ा अनसुनी रह जाती है इसके पश्चात धाम पर आयोजित दिव्य दरबार में महाराज ने भक्तों को साधना का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि साधना के दौरान 11 लाख बार पंचमुखी हनुमान नाम का जप और माता रानी की आराधना कर उसे अपने आराध्य बागेश्वर बालाजी के चरणों में समर्पित किया। महाराज ने भक्तों को बताया कि साधना के दौरान उनके गुरु सन्यासी बाबा ने डांटते हुए कहा कि वीआईपी और वीवीआईपी मुलाकातों के कारण गरीब, असहाय और दूर-दराज से किराया उठाकर धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की पीड़ा अनसुनी रह जाती है। यही भक्त निराश होकर लौटते हैं, गुरु ने आदेश दिया कि अब से बागेश्वर धाम पर प्रोटोकॉल और सिफारिश वाले वीआईपी और वीवीआईपी को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। यदि वे आते हैं तो उन्हें अलग से समय दिया जाएगा, लेकिन पहले अवसर गरीब, असहाय, मरीज और सच्चे श्रद्धालुओं को ही मिलेगा। महाराज ने कहा कि कुटिया में साधना के दौरान हमने प्रण लिया कि गुरु जी की आज्ञा अब कभी नहीं टाली जाएगी। दिव्य दरबार में सुनेंगे अर्जियां बागेश्वर महाराज ने कहा की कि अब पहले की भांति दिव्य दरबार में बागेश्वर बालाजी की आज्ञा से भक्तों की अर्जियां सुनी जाएंगी और पर्चे बनाए जाएंगे। साथ पूर्व की ही भांति शाम को मरीजों के दर्शन के समय श्रद्धालुओं को सिद्ध अभिमंत्रित भभूति भी प्रदान की जाएगी। महाराज ने कहा कि यह क्रम आगे भी जारी रहेगा और प्रत्येक गुरुवार को नई नियमावली के तहत भक्तों से मुलाकात कर मंदिर प्रांगण से ही सिद्ध भभूति का वितरण किया जाएगा।