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पीएम मोदी से ‘परीक्षा पर चर्चा’ में सवाल पूछेंगी चंडीगढ़ की अनन्या शर्मा

चंडीगढ़. शहर के सरकारी स्कूल की होनहार छात्रा को इस बार परीक्षा पे चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी से अपने मन की बात रखने का मौका मिलेगा। सेक्टर-20डी स्थित गवर्नमेंट माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल(जीएमएसएसएस) में 9वीं क्लास की छात्रा अनन्या शशर्मा का चयन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बोर्ड परीक्षाओं से पहले परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लिए किया गया है। देश भर से बच्चों के इस खास कार्यक्रम के लिए 4.5 करोड़ युवाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था।  सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से सिर्फ 36 विद्यार्थियों का प्रधानमंत्री से सीधे बातचीत लिए चयन हुआ है। दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में अनन्या ने कहा कि वह पिछले तीन चार वर्ष से प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम में चयन को लेकर लगातार कोशिश कर रही थी। पीएम मोदी के बोर्ड परीक्षाओं से पहले बच्चों के बीच तनाव को दूर करने के लिए खास तौर पर परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस खास कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए चंडीगढ़ से सरकारी स्कूल की इस प्रतिभाशाली छात्रा का चयन हुआ है। इन्हें अब परीक्षाओं को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से सीधे बात करने का मौका मिलेगा। जानकारी अनुसार आगामी छह फरवरी को मोदी के इस कार्यक्रम का देश भर में प्रसारण होने की उम्मीद है। इससे पहले भी चंडीगढ़ के स्कूली होनहारों का परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में चयन हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लिए अनन्या शर्मा को चयन की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है। शहर के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों से आवेदन और स्क्रूटनी के बाद 10 विद्यार्थियों का चयन किया गया । फिर मिनिस्ट्री के एक्सपर्ट पैनल के समक्ष शार्टलिस्ट विद्यार्थियों को अपनी बात रखने का मौका मिलता है। प्रत्येक राज्य या यूटी से एक स्टूडेंट का अंतिम लिस्ट में चयन होता है। चंडीगढ़ से अनन्या इस बार की सौभाग्यशाली बेटी बनी हैं। अनन्या बताती हैं कि उनका परीक्षा पे चर्चा के लिए चयन होने में सबसे अधिक योगदान उनके स्कूल टीचर्स और अभिभावकों का रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल टीचर ज्योत्सना हमेशा ही उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। स्कूल टीचर हरजीत कौर,जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल शर्मा,डाृयरेक्टर स्कूल एजुकेशन नितिन सिंगला और शिक्षा सचिव ने उन्हें इस बड़े मंच तक आने के लिए काफी प्रेरित किया। अनन्या के पिता सचिन शर्मा मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और मां अंजली शर्मा एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर आप्रेशंस मैनेजर हैं।

परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं, श्रीमती सारिका घारू ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के लिए किया आह्वान

परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं, ‘परीक्षा पे चर्चा’ के लिए तैयार रहें : श्रीमती सारिका घारू दूरदर्शन मध्यप्रदेश पर विद्यार्थियों से पूर्व-परीक्षा लाइव संवाद भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित किए जाने वाले ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम से पूर्व दूरदर्शन मध्यप्रदेश पर नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक श्रीमती सारिका घारू ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से लाइव संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को परीक्षा तनाव से मुक्त रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और तकनीक के संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा को बोझ न मानकर अपने ज्ञान और क्षमता को परखने का अवसर समझना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं और पूरे आत्मविश्वास के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ में भाग लें। परीक्षा से पहले मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर लक्ष्य पर फोकस रखने की बात पर जोर देते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी आज के समय में एक बड़ा अवसर है, लेकिन इसका सही उपयोग आवश्यक है। तकनीक को परीक्षा की तैयारी और सीखने के लिए एक टूल बनाएं, न कि ध्यान भटकाने का माध्यम। श्रीमती सारिका घारू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी से इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी कर प्रधानमंत्री के अनुभवों से सीख लेने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार देखने को मिला और उन्हें आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करने का संदेश दिया गया। यह लाइव टेलिकास्ट स्कूल शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश की अनुशंसा पर आयोजित किया गया, जिसमें श्रीमती सारिका को विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम का संचालन कृतिका चौबे ने किया, जबकि निर्देशन दूरदर्शन के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी श्री महेंद्र परिहार के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम के दौरान प्रदेशभर से जुड़े छात्रों ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं, जिनका समाधान सारिका ने सहज और प्रेरक तरीके से किया।  

“परीक्षा पे चर्चा 2026” में पालकों की भागीदारी में छत्तीसगढ़ रहा प्रथम

रायपुर. पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा को तनावमुक्त उत्सव के रूप में मनाने की पहल “परीक्षा पे चर्चा 2026” में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने पालकों की भागीदारी में प्रथम स्थान हासिल कर पूरे देश में उदाहरण प्रस्तुत किया है। अब तक छत्तीसगढ़ से 25.16 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन किया है, जिनमें 22.75 लाख विद्यार्थी, 1.55 लाख शिक्षक और 81,533 पालक शामिल हैं। यह उपलब्धि राज्य में परीक्षा प्रबंधन, समय प्रबंधन, पालकों को अपने बच्चों को परीक्षा में अधिक अंक लाने हेतु अनावश्यक दबाव देने से बचने तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए किए जा रहे सुनियोजित प्रयासों को दर्शाती है। 'परीक्षा पे चर्चा' में पालकों की भागीदारी के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। कुल पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है। बलोदाबाजार जिले में 14,658 तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 9,952 पालकों द्वारा पंजीयन किया गया है, जो इस अभियान के प्रति अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता, सहभागिता और विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है। यह उपलब्धि केवल संख्यात्मक सफलता नहीं है, बल्कि यह परीक्षा के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव का भी संकेत देती है। इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे राज्य में अपनाई गई नवाचारपूर्ण रणनीतियाँ महत्वपूर्ण रही हैं। जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की गई, शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर ऑन-साइट पंजीयन की व्यवस्था की गई तथा युवा क्लब और “अंगना म शिक्षा कार्यक्रम” के माध्यम से समुदाय को बड़े पैमाने पर जोड़ा गया। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” से एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन दर्ज हुए, जबकि इससे पहले प्रतिदिन औसत पंजीयन लगभग 1500 के आसपास था। पिछले प्रयासों के रूप में आयोजित शिक्षक-पालक सम्मेलन और मेगा पीटीएम ने भी अभिभावकों की सजगता और सहभागिता को नई दिशा दी है। परीक्षा पे चर्चा से जुड़े प्रेरक अनुभव भी लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले वर्ष इस कार्यक्रम में शामिल हुई कु. युक्तामुखी ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस वर्ष अधिक से अधिक विद्यार्थियों से पंजीयन कर अपने प्रश्न पूछने की अपील की है। उनका प्रेरक संदेश विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मविश्वास और सक्रिय सहभागिता की भावना जागृत कर रहा है। इसी प्रकार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शीतकालीन अवकाश के दौरान आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” में सभी विद्यालयों, समुदाय, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की और इस आयोजन के परिणामस्वरूप एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन हुए। इस सफलता से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी परीक्षा पे चर्चा मेलों का आयोजन किया जा रहा है और लोग उत्साहपूर्वक इस अभियान से जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में परीक्षा पे चर्चा में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण स्थलों पर ही पंजीयन की व्यवस्था की गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को पंजीयन प्रक्रिया विस्तारपूर्वक समझाई गई और वहीं पर पंजीयन कराने में सहयोग दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षकों द्वारा बहुत बड़ी संख्या में पंजीयन किया गया। पंजीयन प्रक्रिया 11 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी और इस बात की पूरी संभावना है कि छत्तीसगढ़ में 30 लाख से अधिक पंजीयन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि “परीक्षा पे चर्चा” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का वार्षिक संवाद कार्यक्रम है, जिसमें वे विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों से सीधे संवाद करते हैं। इस संवाद में परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों, तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास बढ़ाने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया जाता है तथा पालकों को यह संदेश भी दिया जाता है कि वे अधिक अंक लाने के लिए अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि बच्चों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाएँ। यह पहल अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है और परीक्षा को तनाव का विषय न मानकर उत्सव के रूप में मनाने की व्यापक सामाजिक चेतना विकसित कर रही है। सामूहिक प्रयास का परिणाम – “परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ द्वारा प्राप्त की गई यह उपलब्धि पूरे राज्य के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा परीक्षा को तनाव नहीं बल्कि उत्सव के रूप में मनाने का जो संदेश दिया गया है, उसे छत्तीसगढ़ ने दिल से अपनाया है। कुल पंजीयन में देश में चौथा स्थान और पालक सहभागिता में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि हमारे यहां अभिभावकों में भी जागरूकता बढ़ी है और वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इसी उत्साह के साथ हम 30 लाख से अधिक पंजीयन के लक्ष्य को भी प्राप्त करेंगे और परीक्षा को तनावमुक्त बनाने के इस अभियान को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाते रहेंगे।” – विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री