samacharsecretary.com

जशपुर जिले में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था सुचारु

रायपुर राज्य सरकार प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सुनिश्चत करने मॉनिटरिंग कर रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जिले में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। जशपुर जिले में भी पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सामान्य एवं सुचारु रूप से जारी है। जिले में कुल 61 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें इंडियन ऑयल के 28, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के 24 तथा भारत पेट्रोलियम के 9 पेट्रोल पंप शामिल हैं। प्री-मानसून वर्षा के उपरांत खरीफ फसल की तैयारियों के कारण कृषि कार्यों में डीजल की मांग बढ़ी है। इसी क्रम में 23 जून 2026 को जशपुर जिले के कोतबा क्षेत्र स्थित दो पेट्रोल पंपों में डीजल स्टॉक समाप्त होने से अस्थायी स्थिति उत्पन्न हुई थी। किसानों एवं आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निकटवर्ती पेट्रोल पंपों से वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की गई। वर्तमान में कोतबा क्षेत्र के सभी चार पेट्रोल पंपों में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा ईंधन वितरण नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। जिला एवं राज्य स्तर पर तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर मांग के अनुरूप पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कृषि कार्यों के कारण बढ़ी मांग को देखते हुए जिन पेट्रोल पंपों में स्टॉक समाप्त होने की संभावना है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध कराने हेतु तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया है।

बढ़ती ईंधन कीमतों पर लगाम: Italy ने पेट्रोल-डीजल टैक्स कम कर दी बड़ी राहत

मुंबई ग्लोबल लेवल पर बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच इटली सरकार ने आम नागरिकों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों से बढ़ते दबाव को कम करने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी में कटौती की घोषणा की है। यह फैसला मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण बढ़ी ऊर्जा लागत के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। फ्यूल महंगा होने पर सरकार का एक्शन इटली के उप प्रधानमंत्री माटेओ साल्विनी ने बताया कि हाल के हफ्तों में ग्लोबल ऑयल प्राइस में आई तेजी का सीधा असर देश के नागरिकों पर पड़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कर में राहत देने का फैसला किया है, ताकि आम लोगों के खर्च का बोझ कम किया जा सके। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है , जब ऊर्जा कीमतों में उछाल ने पूरे यूरोप में महंगाई को बढ़ा दिया है। कैबिनेट बैठक में राहत पैकेज पर चर्चा प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सैकड़ों करोड़ यूरो के राहत पैकेज पर विचार किया गया। यह पैकेज सीमित समय के लिए लागू किया जाएगा और इसका मकसद परिवारों और उपभोक्ताओं को ऊर्जा लागत के झटके से बचाना है। सरकार का मानना है कि यह कदम घरेलू खर्च को नियंत्रित करने और आर्थिक दबाव को कम करने में मदद करेगा। तेल कंपनियों से कीमतें नियंत्रित रखने की अपील सरकार ने कर कटौती के साथ-साथ तेल कंपनियों से भी सहयोग मांगा है। उप प्रधानमंत्री साल्विनी ने बताया कि सरकार ने डीजल के लिए अधिकतम कीमत करीब 1.90 यूरो (करीब ₹203.28) प्रति लीटर तय करने का सुझाव दिया है, ताकि बाजार में अनियंत्रित बढ़ोतरी को रोका जा सके। इसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कर राहत का फायदा सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचे। ईंधन कीमतों में क्यों आया उछाल? मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी आई है। इटली के उद्योग मंत्रालय के अनुसार यहां डीजल की औसत कीमत 2.10 यूरो प्रति लीटर और पेट्रोल 1.87 यूरो प्रति लीटर पर पहुंच गया है। यह स्तर आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। निगरानी और सट्टेबाजी पर नजर सरकार ने फ्यूल सप्लाई चेन पर निगरानी भी तेज कर दी है। एनी एसपीए और तमोइल इटालिया जैसी प्रमुख तेल कंपनियों के साथ बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि कीमतों में बढ़ोतरी का कारण वास्तविक लागत हो, न कि सट्टेबाजी। इसके साथ ही सरकार कीमतों की नियमित समीक्षा कर रही है, ताकि किसी तरह की अनियमितता को रोका जा सके। अतिरिक्त मुनाफे पर टैक्स की तैयारी सरकार ऊर्जा कंपनियों के अतिरिक्त मुनाफे पर टैक्स लगाने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। हालांकि, फिलहाल उम्मीद जताई जा रही है कि स्थिति नियंत्रण में रहेगी और इस कदम की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्यों ज्यादा प्रभावित है इटली? इटली यूरोप के उन देशों में शामिल है जहां फ्यूल पर टैक्स पहले से ही ज्यादा है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो इसका असर यहां ज्यादा तेजी से दिखता है। यही वजह है कि सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। कुल मिलाकर, इटली सरकार का यह फैसला बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच आम लोगों को राहत देने की दिशा में अहम कदम है। वैश्विक तनाव और महंगे तेल के दौर में ऐसे उपाय अन्य देशों के लिए भी उदाहरण बन सकते हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह कदम महंगाई को काबू में रखने में सफल होता है या नहीं।

इन शहरों में तेल की कीमतों ने लगाई बढ़ोतरी की रफ्तार, चंडीगढ़ भी शामिल

चंडीगढ़  वाहन चालकों के लिए बेहद ही खास खबर सामने आई है। दरअसल, भारत के कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ गई हैं। अगर आप भी वाहन में पेट्रोल भरवाने के लिए जा रहे हैं तो अपने शहर के ताजा रेट जान लें। आपको बता दें कि, चंडीगढ़ सहित कई शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम पड़ गए हैं। पेट्रोल की कीमतें (प्रति लीटर) चंडीगढ़:  94.30 रुपए नई दिल्ली: 94.77 रुपए हैदराबाद:  107.46 रुपए जयपुर: 104.72 रुपए लखनऊ:  94.69 रुपए पटना:  105.58 रुपए कोलकाता: 105.41 रुपए मुंबई: 103.50 रुपए गुड़गांव: 95.50 रुपए नोएडा: 94.77 रुपए बैंगलोर: 102.92 रुपए डीजल की कीमतें (प्रति लीटर) चंडीगढ़:  82.45 रुपए नई दिल्ली:  87.67 रुपए हैदराबाद:  95.70 रुपए जयपुर:  90.21 रुपए लखनऊ: 87.81 रुपए पटना: 91.81 रुपए कोलकाता: 92.02 रुपए मुंबई:  90.03 रुपए गुड़गांव: 87.97 रुपए नोएडा: 87.89 रुपए बैंगलोर: 90.99 रुपए