samacharsecretary.com

खाड़ी तनाव का असर झारखंड तक, कुड़ू में तेल की भारी किल्लत और लंबी कतारें

कुड़ू खाड़ी देशों में उत्पन्न तनावपूर्ण हालात का असर अब झारखंड के लोहरदगा जिले तक दिखाई देने लगा है. कुड़ू प्रखंड में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत शुरू हो गई है. स्थिति यह है कि तीन पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद हो चुके हैं, जबकि एकमात्र चालू पंप पर भी सीमित मात्रा में तेल दिया जा रहा है. वाहन चालकों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है और कई लोग बिना तेल लिए वापस लौट रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नियमित रूप से नहीं हो पा रही है. कहीं तीन दिनों में तो कहीं एक सप्ताह के अंतराल पर तेल पहुंच रहा है. इससे आम जनजीवन पर सीधा असर पड़ने लगा है. भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल पंप बंद जानकारी के मुताबिक भारत पेट्रोलियम का नीचे स्टैंड स्थित पेट्रोल पंप सोमवार शाम करीब चार बजे तेल समाप्त होने के कारण बंद हो गया. वहीं कुंदों स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप में भी तेल खत्म होने के बाद पंप बंद कर दिया गया है. टिको स्थित इंडियन ऑयल पंप भी पिछले दो दिनों से बंद पड़ा हुआ है. बताया जा रहा है कि भारत पेट्रोलियम पंप में तीन दिनों बाद तेल पहुंचा था, लेकिन 24 से 25 घंटे के भीतर ही पूरा स्टॉक समाप्त हो गया. इसके बाद सोमवार दोपहर पंप परिसर में पोस्टर चस्पा कर लोगों को सूचित किया गया कि तेल उपलब्ध नहीं है. पेट्रोल पंप बंद होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं. कई वाहन चालकों को दूसरे इलाकों में जाकर तेल भरवाना पड़ रहा है. रिलायंस पंप पर सीमित मात्रा में मिल रहा तेल फिलहाल कुड़ू में केवल रिलायंस पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है, लेकिन यहां भी तेल किस्तों में दिया जा रहा है. प्रशासन के निर्देश का हवाला देते हुए वाहन मालिकों के लिए मात्रा और समय दोनों तय कर दिए गए हैं. पंप में कार और छोटे वाहनों को अधिकतम एक हजार रुपये तक का तेल दिया जा रहा है. लंबी दूरी तय करने वाले यात्री और मालवाहक वाहनों को अधिकतम दो हजार रुपये तक डीजल मिल रहा है. ट्रैक्टर में एक हजार रुपये, बाइक में दो सौ रुपये और बुलेट बाइक में अधिकतम तीन सौ रुपये तक का पेट्रोल दिया जा रहा है. स्थिति यह है कि एक घंटे तक तेल वितरण करने के बाद पंप बंद कर दिया जाता है. इसके बाद कुछ समय बाद फिर वितरण शुरू होता है. इससे वाहन चालकों की परेशानी और बढ़ गई है. तपती गर्मी में घंटों लाइन में खड़े लोग तेल की कमी के कारण रिलायंस पेट्रोल पंप में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतार लग रही है. मंगलवार को सुबह दस बजे से दोपहर बारह बजे तक डीजल वितरण बंद रहने के कारण एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टर लाइन में खड़े रहे. इसी तरह बाइक चालकों को भी तपती गर्मी में खुले आसमान के नीचे आधे घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा. कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि तेल की कमी से रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है, लेकिन पंप संचालक स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहे हैं. हालांकि पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारी इस मामले में खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. प्रशासन ने बुलाई बैठक स्थिति बिगड़ने के बाद कुड़ू थाना प्रभारी अजीत कुमार ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों और उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. बैठक में लोगों की परेशानी कम करने और तेल वितरण को व्यवस्थित करने पर चर्चा की गई. थाना प्रभारी ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कमी का थोड़ा असर जरूर पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि पंप संचालकों को लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बनने देने के निर्देश दिए गए हैं. खेती, परिवहन और सरकारी कामकाज प्रभावित पेट्रोल-डीजल संकट का असर अब आम लोगों की जिंदगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है. पिछले दिनों हुई बारिश के बाद किसान धान की खेती की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन डीजल की कमी के कारण ट्रैक्टर पर्याप्त समय तक नहीं चल पा रहे हैं. ट्रैक्टर मालिकों ने खेत जुताई का किराया भी बढ़ा दिया है. पहले जहां ट्रैक्टर पूरे दिन चलते थे, वहीं अब दिनभर में केवल दो से तीन घंटे ही काम हो पा रहा है. मालवाहक वाहन मालिकों ने बढ़ाया किराया मालवाहक वाहन मालिकों ने भी किराया बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर बाजार और आम लोगों पर पड़ रहा है. प्रखंड और अंचल कार्यालय के अधिकारियों के क्षेत्र भ्रमण पर भी असर पड़ा है. सीओ संतोष उरांव ने बताया कि डीजल की कमी के कारण नियमित क्षेत्र भ्रमण नहीं हो पा रहा है. वहीं कुड़ू थाना में भी डीजल आपूर्ति प्रभावित होने से पुलिस गश्ती और अन्य सरकारी कार्यों पर असर दिखाई देने लगा है.

पेट्रोल पर लगी लिमिट, बाइक चालकों को मिल रहा सिर्फ 100-200 रुपये का तेल

 रांची  राजधानी रांची में पेट्रोल-डीजल की किल्लत लगातार गहराती जा रही है। शहर के 50 प्रतिशत से अधिक पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल उपलब्ध नहीं होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जो पंप खुले हैं, वहां भी सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है। कहीं बाइक चालकों को 100 रुपये का पेट्रोल मिल रहा है तो कहीं 200 रुपये तक ही तेल दिया जा रहा है। कोकर स्थित एक पेट्रोल पंप पर बाइक सवारों को केवल 100 रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि सिरमटोली क्षेत्र के पंपों पर 200 रुपये तक की सीमा तय कर दी गई है। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की भारी किल्लत ऐसे में लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बूटी मोड़ से कोकर तक 4 पेट्रोल पंप में से एक भी पेट्रोल पंप पर सोमवार को पेट्रोल नहीं मिला। स्थिति केवल शहर तक सीमित नहीं है। हाईवे और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल की भारी किल्लत बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों के लोग अब पेट्रोल लेने के लिए शहर का रुख कर रहे हैं, जिससे शहर के पंपों पर और अधिक दबाव बढ़ गया है। इधर, प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद कुछ पेट्रोल पंपों पर डब्बा और गैलन में पेट्रोल-डीजल दिए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है। नो हेलमेट, नो पेट्रोल नियम की उड़ रही धज्जियां वहीं “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” नियम भी केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पहने वाहन चालकों को भी खुलेआम पेट्रोल दिया जा रहा है। नियमों की अनदेखी को लेकर लोगों ने प्रशासन से सख्ती बढ़ाने की मांग की है।  

रांची में ईंधन की भारी किल्लत: लंबी कतारें, सीमित पेट्रोल-डीजल और बढ़ी कालाबाजारी

 रांची शहर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत अब गंभीर रूप लेती जा रही है। रविवार को शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिली, जबकि करीब 60 प्रतिशत पेट्रोल पंप बंद रहे। हालात ऐसे हो गए कि कई पंपों पर उपभोक्ताओं को केवल 200 रुपये तक का पेट्रोल और अधिकतम 2000 रुपये तक का डीजल ही दिया गया। इससे आम लोगों के साथ-साथ व्यावसायिक वाहनों के चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं पेट्रोल पंप बंद होने के कारण शहर में बढ़ते पेट्रोल-डीज की कीमतों को लोगों में असर नहीं पड़ रहा है। लोग बढ़े हुए कीमत पर चर्चा तक नहीं कर रहे है पेट्रोल पंप संचालकों की बड़ी भूमिका वहीं ब्लैक में पेट्रोल चौक-चौराहों पर लगभग 115 से 120 रुपये लीटर बिक रहा है, जबकि रांची में पेट्रोल की कीमत 100.86 रुपये है। वहीं डीजल की कालाबाजारी औद्योगिक क्षेत्रों में जारी है, शहर में पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी को बढ़ावा देने में सबसे बड़ी भूमिका पेट्रोल पंप संचालकों की है। शहर के पेट्रोल पंप संचालक ही दलालों को डब्बा व गैलन में पेट्रोल-डीजल भर-भर कर दे रहे है। चौक-चौराहों पर खुलेआम ब्लैक में बिक रहा पेट्रोल शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर बोतलों और गैलनों में पेट्रोल-डीजल खुलेआम ब्लैक में बिकता नजर आया। कई जगहों पर सामान्य कीमत से अधिक दर पर ईंधन बेचा जा रहा है। ईंधन संकट का फायदा उठाकर कई लोग पेट्रोल और डीजल को पहले से जमा कर अब अधिक कीमत पर बेच रहे हैं। सामान्य दिनों में जहां पेट्रोल निर्धारित दर पर मिलता है, वहीं संकट के बीच बोतल में भरकर 20 से 40 रुपये प्रति लीटर तक अतिरिक्त वसूली की जा रही है। मजबूरी में लोग अधिक कीमत देकर भी पेट्रोल खरीदने को विवश हैं। इधर पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने बताया कि पेट्रोल डिपो से नहीं मिलने के कारण शहर में तेजी से अधिकांश पेट्रोल पंप ड्राई हो रहे है। दोपहर बाद सूने पड़ गए कई पेट्रोल पंप सुबह के समय शहर के कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ रही, लेकिन दोपहर बाद अधिकांश पंपों में या तो स्टॉक खत्म हो गया या फिर भीड़ कम हो गई। शाम होते-होते कई पंप निर्धारित समय से पहले ही बंद कर दिए गए। इससे देर शाम यात्रा करने वाले लोगों को और अधिक परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय दुकानदारों और वाहन चालकों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते कालाबाजारी पर रोक नहीं लगाता है तो स्थिति और बिगड़ सकती है। लोगों ने जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग से मांग की है कि पेट्रोल-डीजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।  

झारखंड में पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, रांची और हाईवे पंपों पर सप्लाई ठप

रांची  राजधानी रांची सहित आसपास के इलाकों में पेट्रोल और डीजल की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। शहर के आधे से अधिक पेट्रोल पंपों पर ईंधन की सप्लाई प्रभावित होने से आम लोगों के साथ-साथ ट्रक चालकों और लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि कुछ जगहों पर सीमित मात्रा में ही तेल दिया जा रहा है। रांची से हजारीबाग और उत्तर प्रदेश तक ट्रक चलाने वाले चालक एमडी लल्लू ने बताया कि झारखंड में स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन झारखंड में तीन डिपो होने के बावजूद हाईवे के अधिकांश पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं। उनका कहना है कि अब झारखंड की सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है और वाहन चालकों को गैलन में डीजल लेकर चलना पड़ सकता है। वहीं ट्रक चालक करण यादव ने बताया कि झारखंड से ओडिशा और अन्य राज्यों तक यात्रा के दौरान उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि हाईवे पर अधिकांश पेट्रोल पंप बंद थे, जिसके कारण उनका ट्रक चंदवे के पास बंद हो गया। बाद में एडवांस पैसे लेकर उन्होंने एक पेट्रोल पंप से मात्र दो हजार रुपये का डीजल प्राप्त किया। शहर के कई पंपों पर लंबी कतारें शहर में नामकुम से रिंग रोड, कोकर से नेवरी चौक और अरगोड़ा से दलादली चौक तक कई पेट्रोल पंपों पर मंगलवार को सप्लाई प्रभावित रही। नामकुम स्थित उरांव पेट्रोल पंप और कांटाटोली चौक के पास फ्रेंड्स पेट्रोल पंप पर पिछले कई दिनों से पेट्रोल और डीजल की किल्लत बनी हुई है। मौलाना आजाद कॉलोनी के पास स्थित पेट्रोल पंप पर तेल भराने के लिए वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। शहर के अन्य पेट्रोल पंपों पर भी इसी तरह की स्थिति बनी रही। गैलन में तेल स्टोर करने लगे लोग ईंधन संकट की आशंका को देखते हुए लोग अब गैलन में भी पेट्रोल और डीजल स्टोर करने लगे हैं। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि डिपो से नियमित आपूर्ति नहीं मिलने के कारण परेशानी बढ़ रही है। यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।