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राजस्थान में आम जनता पर महंगाई की मार, गैस के बाद अब पेट्रोल-डीजल महंगा

जयपुर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है. एक ही हफ्ते के भीतर दूसरी बार तेल कंपनियों ने दामों में बढ़ोतरी की है. मंगलवार (19 मई) सुबह नए रेट जारी होने के बाद जयपुर में पेट्रोल 109 रुपये के करीब पहुंच गया है. जबकि डीजल की कीमतें 94 रुपये के पार हो गई है. पेट्रोल 94 पैसे बढ़कर 108.94 और डीजल 91 पैसे बढ़कर 94.17 रुपये प्रति लीटर पहुंच गए है.   4 साल बाद पेट्रोल-डीजल ने फिर बढ़ाई चिंता करीब 4 साल बाद तेल की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. इससे पहले अप्रैल 2022 में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे. मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले ₹2 की कटौती के चलते राहत भी मिली थी. लेकिन अब खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है, जिसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दिख रहा है. शुक्रवार (15 मई) को जयपुर में पेट्रोल 3.25 रुपए और डीजल 3.02 रुपए महंगा हुआ था. गैस के बाद तेल के भाव से भी बिगाड़ेगा बजट तेल कंपनियों की ओर से लगातार बढ़ाए जा रहे दामों का असर सीधे आम लोगों के बजट पर पड़ रहा है. इससे पहले 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे. मई के शुरुआत में 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी 993 रुपए बढ़ाए गए थे. इसके बाद से राजस्थान में कमर्शियल सिलेंडर का भाव 3099 रुपये पहुंच गया है.

ईंधन संकट की आशंका से रांची में हड़कंप, लोग भरवा रहे टंकियां फुल

रांची पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई को लेकर फैली अफवाहों के बाद राजधानी रांची के कई पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार को अफरा-तफरी जैसे हालात देखने को मिले। शहर के हरमू स्थित दुलारी पंप, बिरसा चौक, कोकर समेत कई इलाकों में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतार लगी रही। लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल खरीदते नजर आए। कई लोग डब्बों में तेल भरवाते दिखे, जबकि कई वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाईं। तीन अंकों में पहुंची कीमत नई दरें लागू होने के बाद रांची में पेट्रोल की कीमत 97.86 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 100.86 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल 92.62 रुपये से बढ़कर 95.76 रुपये प्रति लीटर हो गया है। शुक्रवार सुबह से ही नई कीमतों पर बिक्री शुरू कर दी गई। प्रशासन की अपील, अफवाहों पर ध्यान न दें स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लोगों से केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदने को कहा गया है। मांग और सप्लाई में बड़ा अंतर सूत्रों के मुताबिक रांची में रोजाना मांग और सप्लाई के बीच करीब एक लाख लीटर का अंतर बना हुआ है, जिसके कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल रहा है। वहीं कई जगहों से निर्धारित दर से अधिक कीमत पर तेल बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं। आम लोगों की बढ़ी चिंता ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला है। खासकर रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोग और परिवहन व्यवसाय से जुड़े कारोबारी बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर पेट्रोलियम कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत समेत कई देशों में ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है। आगे और बढ़ सकते हैं दाम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इसी तरह तेजी बनी रही, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।  

महंगाई की मार: गैस संकट के साथ पेट्रोल के दाम बढ़े, पंजाब में नई दरें लागू

चंडीगढ़. LPG की किल्लत से जूझ रहे आम लोगों के लिए अब पेट्रोल की बढ़ती कीमतें भी चिंता का कारण बन गई हैं। तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम में लगभग ₹2.30 प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है, जो 20 मार्च 2026 से लागू हो गया है। इसका असर खासतौर पर उन लोगों पर होगा, जो हाई-ऑक्टेन पेट्रोल इस्तेमाल करते हैं। कंपनियों ने आधिकारिक वजह नहीं बताई, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, US-ईरान विवाद और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव इसका बड़ा कारण हो सकता है। वैश्विक स्तर पर भी ईंधन महंगा हो रहा है। वियतनाम में 95-ऑक्टेन पेट्रोल 20% और डीजल 34% महंगा हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है, जिसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान और खाड़ी देशों में ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के बाद सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर खासतौर पर एशियाई देशों पर पड़ रहा है। कुल मिलाकर, अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।