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केंद्र सरकार की मंजूरी से MP और CG में बनेंगे 2.88 लाख नए घर, महिलाओं को मिलेगा अहम हिस्सा

भोपाल /रायपुर  केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत शहरी गरीबों के लिए आवास की सुविधा को विस्तार देते हुए सोमवार को लगभग 2.88 लाख और घरों के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा दी गई इस नवीनतम स्वीकृति के तहत कुल 2,87,618 घरों का निर्माण किया जाएगा। इस नए निर्णय के साथ ही पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत स्वीकृत घरों की कुल संख्या अब 13.61 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। महिलाओं और वंचित वर्गों को प्राथमिकता मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस परियोजना में सामाजिक न्याय और समावेशिता का विशेष ध्यान रखा गया है। स्वीकृत घरों में से 1.60 लाख से अधिक घर महिलाओं को आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, 22,581 घर वरिष्ठ नागरिकों के लिए और 8 घर ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए स्वीकृत किए गए हैं। श्रेणीवार विवरण देखें तो इसमें ओबीसी वर्ग के लिए 82,190 घर, एससी (SC) लाभार्थियों के लिए 35,525 और एसटी (ST) वर्ग के लिए 9,773 घर आरक्षित किए गए हैं। 16 राज्यों में अलग-अलग श्रेणियों के तहत होगा निर्माण यह महत्वपूर्ण निर्णय मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कटिकीथला की अध्यक्षता में आयोजित 'केंद्रीय स्वीकृति और निगरानी समिति' की बैठक में लिया गया। योजना के तहत नए घर 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बनाए जाएंगे, जिनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश और बंगाल जैसे प्रमुख राज्य शामिल हैं। निर्माण की श्रेणियों को तीन हिस्सों में बांटा गया है।     लाभार्थी आधारित निर्माण: 1.66 लाख घर।     भागीदारी में किफायती आवास: 1.09 लाख घर।     किफायती किराये के आवास: 12,846 घर। 'डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स' को हरी झंडी परियोजना में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने छत्तीसगढ़, पुडुचेरी और राजस्थान में तीन 'डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स' (डीएचपी) को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य आधुनिक और लागत-कुशल निर्माण तकनीकों का प्रदर्शन करना है। प्रत्येक डीएचपी परियोजना में 40 आवास इकाइयां शामिल होंगी, जो भविष्य के शहरी आवास निर्माण के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य करेंगी।  

PM आवास में नंबर वन जिला बना बिलासपुर

बिलासपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन में जिले ने राज्य स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है. कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले ने 40 हजार से अधिक आवास पूर्ण कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. 12,337 तथा तखतपुर में 7,930 आवास पूर्ण हुए हैं. वतर्मान में 30,983 आवास निर्माणाधीन हैं, जिन्हें समय-सीमा में पूर्ण कराने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के उद्देश्य से 12 फरवरी 2026 को जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष महाअभियान चलाया गया. बिहान केडर की दीदियों सहित एफएलसीआरपी /आरसी, सक्रिय महिला, पशु सखी, कृषि सखी, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, आवास मित्र एवं पंचायत सचिवों द्वारा घर-घर संपर्क कर हितग्राहियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने हेतु प्रेरित किया गया. इस अभियान में नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी ने निर्माण कार्य को नई गति प्रदान की है. जिला प्रशासन द्वारा सभी अपूर्ण आवासों को 30 जून 2026 तक पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

असुरक्षा और भय के जीवन से मिली मुक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना से

रायपुर कभी नक्सल गतिविधियों से जुड़े रहे ग्राम पंचायत एलमागुंडा निवासी श्री सोड़ी हुंगा का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना आखिरकार पूरा हो गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में गृह विभाग से प्राप्त सूची के आधार पर ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’’ (विशेष परियोजना नियद नेल्लानार योजना) के अंतर्गत उनका नाम चयनित किया गया। कलेक्टर बीजापुर के मार्गदर्शन में आवास प्लस ऐप सर्वे और प्राथमिकता क्रम मं  लक्ष्य आवंटन के बाद उनका आवास स्वीकृत हुआ।            पूर्व में नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे श्री हुंगा ने लगातार असुरक्षा और भय से जीवन व्यतीत किया। शासन-प्रशासन पर विश्वास जताते हुए उन्होंने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें प्रोत्साहन राशि और अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता से पक्का मकान मिला। एलमागुंडा ग्राम पंचायत दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है। सीमित परिवहन सुविधाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्री हुंगा ने परिवार के सहयोग से अपने घर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया।          प्रधानमंत्री आवास योजना की प्राप्ति से श्री सोड़ी हुंगा ने भावुक होकर कहा कि पहले नक्सल गतिविधियों में जीवन हमेशा खतरे में रहता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।          प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और नियद नेल्ला नार योजना न केवल आवासीय सुविधा उपलब्ध करा रही है, बल्कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उनका पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि श्री सोड़ी हुंगा जैसे हितग्राहियों की सफलता की कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि योजनाएँ सही दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रही हैं।