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PTRI में दो दिवसीय प्रशिक्षण

भोपाल सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात की नवीन तकनीकों से परिचय कराने तथा वाहन दुर्घटनाओं में पीडितों को शासकीय योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता, केशलेस उपचार सहायता उपलब्ध कराने के लिये ELECTRONIC ENFORCEMENT IN MP& TIME BOUND INVESTIGATION FOR ROAD ACCIDENT & GOVT SCHEMES विषय पर आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  मोहम्मद शाहिद अबरार के निर्देशानुसार पुलिस परिवहन शोध संस्थान (पीटीआरआई) भोपाल में किया गया। प्रशिक्षण सत्र में मध्यप्रदेश में सड़क पर होने वाली वाहन दुर्घटनाओ एवं दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाने के उद्देश्य से एवं वाहन दुर्घटनाओं में पीडितों को शासकीय योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता, केशलेस उपचार सहायता उपलब्ध कराने के लिये उप पुलिस अधीक्षक से आरक्षक स्तर के अधिकारियों/ कर्मचारियों को दो दिवसीय आफलाइन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण सत्र में शासकीय योजनाओं PM RAHAT योजना, RAHVEER योजना, हिंट एंड रन (पीड़ित प्रतिकर योजना 2022) का व्यापक प्रयोग एवं प्रचार प्रसार करने पर बल दिया गया। साथ ही यातायात प्रवर्तन की नवीन तकनीकों, आधुनिक यातायात उपकरणों, नवीन टेक्नोलॉजी की जानकारी POS, ITMS, E-CHALLAN इन्टरसेप्टर व्हीकल, स्पीड रडार गन, ब्रीथ एनालाइजर आदि जैसे नव प्रयोगों के बारे में व्यापक रूप से विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। सड़क सुरक्षा प्रबंधन का उददेश्य सड़क उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराना है, जिसमें पदयात्रियों तथा साइकिल, वाहन चालकों को प्राथमिकता दी गयी है। भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या एवं सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाने के लक्ष्य को प्राप्त करना रखा गया है। प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ पर उप पुलिस महानिरीक्षक पीटीआरआई  टी. के. विद्यार्थी द्वारा वाहन दुघटनाओं का विश्लेषण करना उनकी रोकथाम करने के संबंध में कार्य योजना तैयार करना तथा शासकीय योजनाओं पी. एम. राहत योजना, राहवीर योजना, आदि योजनाओं के बारे में तथा सहायक पुलिस महानिरीक्षक  अभिनीत कुमार रंजन के द्वारा शासकीय योजना हिट एण्ड रन योजना (पीडित प्रतिकर योजना 2022), cctns एवं E DAR में एंट्री एवं भिन्नता की स्थिति में सुधार करना व FAR/IAR/DAR विषय पर विस्तृत रूप से जानकारी दी जाकर योजनाओं का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार करने के लिये प्रशिक्षित किया गया। व्याख्याता  एस.एस. लल्ली से.नि. अति.पु.अधी. द्वारा TIME BOUND INVESTIGTION FOR ROAD ACCIDENT एवं  आशीष शर्मा, 108 हेड भोपाल द्वारा FIRST AID एवं CPR, BLS CONCERN OF ROAD SAFETY, HANDLING & CARING OF ROAD ACCIDENT VICTIM विषय पर प्रशिक्षणर्थियों को जानकारी देकर प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान पीटीआरआई के समनि  राजेश मिश्रा, समनि  मनोज कुमार शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक  मनोज खत्री, उप पुलिस अधीक्षक  हिमांशु कार्तिकेय एवं प्रशिक्षण टीम के अधिकारी भी उपस्थित रहे। कोर्स के समापन के दौरान प्रशिक्षणार्थियों की पीटीआरआई द्वारा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रमाण-पत्र दिया गया।  

सड़क दुर्घटनाओं में पीएम राहत योजना से मिलेगी डेढ़ लाख तक की मुफ्त चिकित्सा सुविधा, जबलपुर के 92 अस्पताल होंगे शामिल

जबलपुर  सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अब सरकारी और निजी अस्पतालों में तुरंत और मुफ्त इलाज मिलेगा. एक्सीडेंट के बाद तुरंत अस्पताल पहुंचने पर शुरुआती डेढ़ लाख का खर्चा सरकार वहन करेगी. यह खर्च प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दिया जाएगा. इलाज सरकार के द्वारा सूचीबद्ध अस्पतालों में ही होगा. जबलपुर में 92 अस्पतालों को इम्पैनल किया गया |  मरीज की जान बचाना पहली प्राथमिकता एक्सीडेंट होने के बाद शुरुआती समय किसी भी मरीज को बचाने में सबसे महत्वपूर्ण होता है. यदि एक्सीडेंट के तुरंत बाद इलाज शुरू हो जाए तो मरीज को बचाया जा सकता है. लेकिन ऐसा नहीं हो पता क्योंकि निजी अस्पताल इस बात से डरते हैं कि यदि उन्होंने इलाज शुरू कर दिया तो इसका बिल कौन देगा. कई बार मरीज की कोई जानकारी नहीं होती तो वहीं दूसरी समस्या पुलिस की ओर से होती है कि जब तक पुलिस जांच ना कर ले तब तक इलाज शुरू नहीं हो पाता. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा |  एक्सीडेंट में घायल व्यक्तियों के लिए पीएम राहत योजना जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि "इन्हीं समस्याओं को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पीएम राहत योजना शुरू की गई है. इसके तहत एक्सीडेंट के तुरंत बाद जब एंबुलेंस से कोई मरीज किसी अस्पताल पहुंचेगा तो इसी शुरुआती गोल्डन ऑवर में अस्पताल को मरीज को इलाज देना होगा. एक्सीडेंट के मामले में शुरुआती डेढ़ लाख का खर्चा सरकार उठाएगी. इलाज कैशलेस होगा |  जबलपुर के 92 अस्पताल शामिल इस योजना में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों को भी शामिल किया गया है. जबलपुर में ऐसे 92 अस्पतालों को इम्पैनल किया गया है, जहां एक्सीडेंट के तुरंत बाद घायल का इलाज शुरू हो जाएगा. इसमें किसी को भी इस बात की चिंता नहीं करनी होगी कि इसका पैसा कौन देगा. कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का कहना है कि "भले ही घायल आयुष्मान कार्ड धारी है या नहीं है, इसका भी इस योजना पर कोई असर नहीं पड़ेगा और यह पैसा पीएम राहत के माध्यम से भुगतान करवाया जाएगा |  पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का कहना है कि "यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी ताकि पुलिस को भी इस मामले की जानकारी हो और यदि पुलिस को कोई कार्रवाई करनी है तो वह भी साथ में होती रहे लेकिन किसी भी स्थिति में घायल का इलाज नहीं रुकेगा |  कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का कहना है कि "रोड एक्सीडेंट के मामले में वाहनों का इंश्योरेंस होता है और शासन जो पैसा खर्च करेगा वह पैसा इंश्योरेंस के माध्यम से वसूला जाएगा. वहीं कुछ ऐसे वाहन जिनका बीमा नहीं होता है और यदि वे एक्सीडेंट करते हैं तो इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी लेकिन इसकी वसूली का काम शासन का होगा |  घायलों के लिए अच्छा कदम जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि "यह बहुत ही अच्छा कदम है आम आदमी को यदि इसकी जानकारी होगी तो बहुत सारे घायलों को बचाया जा सकता है. क्योंकि एक्सीडेंट के मामले में अक्सर लोग मरीजों की मदद करने में डरते हैं कई बार पुलिस परेशान करती है तो कई बार लोगों के पास मदद करने लायक पैसा नहीं होता यदि यह दोनों ही सहूलियत हो जाए तो सड़क पर मरने वालों की संख्या घट सकती है |     

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ली वर्चुअल बैठक

रायपुर परिवहन मंत्री  केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल बैठक में हुए शामिल केंद्रीय परिवहन मंत्री  नितिन गडकरी ने आज सभी राज्यों के परिवहन और स्वास्थ्य मत्रियों के साथ पीएम राहत योजना की बैठक ली। इस बैठक में परिवहन मंत्री  केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल वर्चुअल रूप से शामिल हुए और अपने सुझावों को रखा। बैठक में बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम राहत योजना के अंतर्गत अब दुर्घटना पीड़ितों को “गोल्डन ऑवर” में त्वरित और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे के भीतर यदि पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया जाए तो मृत्यु की संभावना 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की गई है। इस योजना के तहत भारत में कहीं भी मोटर वाहन से संबंधित सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ित को तत्काल निकटतम सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। यह उपचार आयुष्मान भारत (एबी-पीएम-जेएवाई) के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों में उपलब्ध होगा। पीड़ित या उसके परिजनों से किसी प्रकार का अग्रिम भुगतान नहीं लिया जाएगा। अस्पताल में प्रवेश एवं पंजीकरण पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल द्वारा पीड़ित की पहचान सत्यापित कर 24 घंटे के भीतर उसे टीएमएस (Transaction Management System) 2.0 पोर्टल पर पंजीकृत किया जाता है। उपचार की व्यवस्था बैठक में केंद्रीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों तक ट्रॉमा/पॉलीट्रॉमा पैकेज के अंतर्गत 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। रिपोर्टिंग एवं सत्यापन अस्पताल द्वारा 24 घंटे के भीतर स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाती है तथा दुर्घटना का विवरण इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट  (EDAR)  प्रणाली में दर्ज किया जाता है। दावा प्रसंस्करण एवं भुगतान अस्पताल द्वारा दावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पोर्टल पर प्रस्तुत किया जाता है। स्वीकृत राशि का भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) से किया जाता है। योजना के मुख्य बिंदु परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने बताया कि प्रति पीड़ित, प्रति दुर्घटना अधिकतम 7 दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक की सहायता, मोटर वाहन से जुड़ी सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी तथा पूर्णतः कैशलेस सुविधा और प्रदेश में योजना के सुचारु क्रियान्वयन हेतु सभी 33 जिलों के कलेक्टरों के लिए रिजर्व बैंक में खाते खोले जा चुके हैं तथा टीएमएस और पीएफएमएस (Public Financial Management System) के माध्यम से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। यह योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और उनकी जान बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर परिवहन सचिव  एस. प्रकाश भी उपस्थित रहे।