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पीएम सूर्यघर योजना में यूपी का दमदार प्रदर्शन, राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में मिला सम्मान

पीएम सूर्यघर योजना पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश का लहराया परचम, देश में बना सौर ऊर्जा का अग्रणी राज्य लाखों परिवारों के बिजली बिल हुए कम, उत्तर प्रदेश ने हासिल किए चार राष्ट्रीय प्रथम पुरस्कार योगी सरकार के प्रयासों से यूपी में अब तक 5.64 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना लखनऊ  भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अग्रणी पहचान स्थापित की है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उत्तर प्रदेश को कई महत्वपूर्ण श्रेणियों में सम्मानित किया गया। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व के कारण संभव हो पाया है।    मंत्रालय द्वारा जारी पुरस्कार सूची के अनुसार सौर ऊर्जा माह (मई 2026) में उच्च स्तरीय उपभोक्ता आधार श्रेणी में उत्तर प्रदेश ने सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन (1,02,035), सर्वाधिक सौर संयंत्र स्थापना (64,734) तथा सर्वाधिक विक्रेता पंजीकरण (779) के लिए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त डिस्कॉम निरीक्षणों की श्रेणी में राज्य को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त जनपद लखनऊ ने देश में कुल रूफटॉप स्थापना (1 लाख से अधिक) में प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में अब तक 5.64 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना हो चुकी है, जिससे राज्य देश के अग्रणी सौर ऊर्जा राज्यों में शामिल हो गया है। यह उपलब्धि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा जनभागीदारी का परिणाम है। योगी सरकार के प्रयासों से योजना का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है। लाखों परिवारों के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आई है और अनेक उपभोक्ता अपनी आवश्यकता की बिजली स्वयं उत्पन्न कर रहे हैं। इससे घरेलू बचत बढ़ी है, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है तथा स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में तेजी आई है। योगी सरकार द्वारा अपनाए गए विकेन्द्रीकृत क्रियान्वयन एवं केंद्रीकृत निगरानी मॉडल, जिला स्तर पर प्रभावी समन्वय, डिस्कॉम की सक्रिय भागीदारी तथा व्यापक जनजागरूकता अभियानों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऊर्जा सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार मानते हुए उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। नई दिल्ली में प्राप्त यह राष्ट्रीय सम्मान राज्य की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि विकसित भारत और ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय संकल्प को भी नई गति प्रदान करती है।

“Month of Solar” अभियान में बेहतर प्रदर्शन के लिए मिलेगा पीएम सूर्यघर एक्सीलेंस अवार्ड

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आयोजित “Month of Solar” अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना राज्य के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का प्रमाण है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मध्यम उपभोक्ता आधार वाले राज्यों की श्रेणी में सर्वाधिक वेंडर रजिस्ट्रेशन के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है, जिसके लिए राज्य का चयन पीएम सूर्यघर एक्सीलेंस अवार्ड हेतु किया गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की सक्रियता, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनसहभागिता का सकारात्मक परिणाम है। मुख्यमंत्री  साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए ऊर्जा विभाग, क्रेडा, विद्युत वितरण कंपनियों, सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सहयोगी संस्थाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि टीमवर्क, प्रतिबद्धता और बेहतर समन्वय के कारण छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार ऊर्जा आत्मनिर्भर, पर्यावरण अनुकूल और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले ऐसे प्रयास प्रदेश के नागरिकों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ स्वच्छ एवं सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना से जगमगा रहे मध्यप्रदेश के करीब 1.30 लाख घर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 'पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना' भारत को अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रही है। आत्मनिर्भर ऊर्जा के साथ सशक्त भारत की दिशा में केन्द्र सरकार के बढ़ते कदमों का ही सुपरिणाम है कि आज देश के 40 लाख घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित हो गए हैं। इनमें मध्यप्रदेश के 1 लाख 29 हजार 971 घर शामिल हैं। ये सभी घर-परिवार अब बिजली बिल की चिंता से हमेशा के लिए मुक्त होकर स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा से रौशन हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में स्थापित इन सोलर संयंत्रों से 456 मेगावॉट से अधिक स्वच्छ सौर ऊर्जा का उत्पादन भी हो रहा है। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा संचालित पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के नेशनल पोर्टल के अनुसार इस योजना से अब तक प्रदेश के 1 लाख 34 हजार 436 परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। प्रदेश के पीएम सूर्य घर योजना हितग्राहियों को अब तक 901.92 करोड़ रुपये की अनुदान (सब्सिडी) राशि रिलीज की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा प्रदेश में 6 लाख घरों को 'पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना' के तहत सौर ऊर्जा से रौशन करने का लक्ष्य लिया गया है। लक्ष्य प्राप्ति के लिए तेजी से काम जारी है। विभाग को अब तक 2 लाख 4 हजार 601 आवेदन मिल चुके हैं।    

पीएम सूर्य घर योजना से बड़ी राहत! 39,975 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची ₹311 करोड़ से ज्यादा सब्सिडी

पीएम सूर्य घर योजना में 39 हजार 975 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 311 करोड़ से अधिक की सब्सिडी योजना में तीन किलोवॉट के सौर संयंत्र लगाने पर मिल रही 78 हजार की सब्सिडी भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत आने 16 जिलों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत अब तक कुल 39 हजार 975 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इनके खातों में 311 करोड़ 64 लाख से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उपरांत विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। पीएम सूर्य घर योजना में एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवॉट सोलर संयंत्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है। कहां करें आवेदन पीएम सूर्य घर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in अथवा उपाय ऐप, वॉट्स ऐप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है। कंपनी से प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है।  

पीएम सूर्य घर योजना से बदली अरूना की जिंदगी, अब सूरज की रोशनी से जगमगाता है घर

पीएम सूर्य घर योजना -अरूना के घर अब सूरज की रोशनी से रोशन, बिजली बिल की चिंता से मिली मुक्ति 3 किलोवाट के सोलर प्लांट ने बदली राजपुर निवासी अरूना की जिंदगी, बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश रायपुर   प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करना और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इस योजना का लाभ उठाकर कोई भी अपने घर में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा सुनिश्चित कर सकता है।  बढ़ती महंगाई के दौर में बिजली का भारी-भरकम बिल किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार के लिए चिंता का विषय हो सकता है। लेकिन बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड की श्रीमती अरूना कश्यप ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को अपनाकर अरूना न केवल अपना बिजली बिल शून्य करने की ओर बढ़ रही हैं, बल्कि वे क्षेत्र के अन्य परिवारों के लिए भी एक मिसाल बन गई हैं। बढ़ते खर्चों के बीच सोलर बना सहारा       अरूनाकश्यप साझा करती हैं कि बढ़ती जरूरतों के साथ हर महीने आने वाला भारी बिजली बिल उनके घरेलू बजट को बिगाड़ देता था। वे कहती हैं, पहले बिजली का खर्च लगातार बढ़ रहा था, जिससे घर का तालमेल बिठाना मुश्किल हो रहा था। लेकिन जब मुझे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और उस पर मिलने वाली केंद्र व राज्य सरकार की सब्सिडी के बारे में पता चला, तो लगा कि यह हमारे लिए सबसे अच्छा समाधान है। 3 किलोवाट का प्लांट राहत की नई किरण        अरूना ने विभागीय सहयोग से अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगवाया है। शुरुआत में उन्हें लगा था कि यह प्रक्रिया जटिल होगी, लेकिन शासन की सहायता और मार्गदर्शन से यह काम आसान हो गया। लगने के बाद बिजली बिल में भारी गिरावट आई है। अब घर के सभी जरूरी उपकरण बिना किसी तनाव के सौर ऊर्जा से चल रहे हैं। अरूना का मानना है कि सौर ऊर्जा न केवल पैसों की बचत है, बल्कि यह पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में भी एक बड़ा योगदान है। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम           श्रीमती अरूना ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम परिवारों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने का सबसे सशक्त माध्यम है। सब्सिडी के प्रावधान ने इस तकनीक को आम आदमी की पहुँच में ला दिया है। श्रीमती अरूना कश्यप कहती हैं कि अगर हर घर सौर ऊर्जा अपनाए, तो न केवल बिजली की बचत होगी बल्कि हमारा पर्यावरण भी प्रदूषण मुक्त रहेगा। योजना का लाभ        प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को सोलर प्लांट की स्थापना पर आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। इससे आम नागरिक अपनी छत का उपयोग कर स्वयं बिजली पैदा कर सकते हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं।